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बालों की देखभाल के लिए टिप्स

कुछ लोगों के बाल, पैदाईशी सुनहरे होते हैं और कुछ लोग ऐसे बाल पाने के लिए कलर करवाते हैं. कलर किए हुए सुनहरे बालों की केयर सबसे ज्‍यादा करनी पड़ती है क्‍योंकि कलर में मिला हुआ ब्‍लीच बालों पर खराब प्रभाव डालता है. यहां सुनहरे बालों से संबंधित कुछ टिप्‍स दिए जा रहे हैं, जिसे अपनाकर आप भी अपने बालों की खास देखभाल कर सकती हैं और खुद को सुंदर व आकर्षक दिखा सकती हैं.

नियमित रूप से धुलें : सुनहरें बालों की देखभाल के लिए सबसे ज्‍यादा जरूरी है कि आप अपने बालों को नियमित रूप से धुलें. कई लोग ऐसा मानते हैं कि नियमित रूप से बाल धुलने पर वह रूखे और बेजान हो जाते है. लेकिन ऐसा कतई नहीं है, आप बाल धुलने से आधा घंटे पहले हौट औयल से हेड मसाज करें. इसके बाद बालों को ड्राई शैम्‍पू से धुलें और कंडीशनर करें, बाल मुलायम रहेंगे और उनमें चमक भी आएगी.

ड्राई शैम्‍पू : सुनहरे बाल अक्‍सर ड्राई होते हैं, इसलिए आपको ड्राई बालों के लिए आने वाले स्‍पेशल शैम्‍पू का इस्‍तेमाल करना चाहिए. इससे बाल मुलायम होंगे और उनमें चमक आएगी.

बालों को ट्रिम करवाएं : सुनहरे बाल बहुत जल्‍दी दो मुंहे हो जाते है और चटकने लगते है. ऐसे में आप अपने सुनहरे बालों को समय – समय पर ट्रिम करवाती रहें. इससे बालों की ग्रोथ अच्‍छी होगी और उनका लुक भी अच्‍छा लगेगा.

स्‍कार्फ या हैट पहनें : अगर आप ज्‍यादा समय तक घर से बाहर रहने वाली हैं या सूर्य की रोशनी में रूकेंगी तो अपने बालों पर कोई रूमाल या स्‍कार्फ बांध लें, आप चाहें तो हैट भी पहन सकती हैं. इससे आपके बालों की सुरक्षा बनी रहेगी और यूवी किरणों से भी उनका बचाव होगा.

हीट प्रोटेक्‍शन और शाइन स्‍प्रे : अपने सुनहरे बालों के रख – रखाव के लिए हीट प्रोटेक्‍शन और शाइन स्‍प्रे का इस्‍तेमाल करें. जब आप ब्‍लो ड्रायर या स्‍ट्रेटर और कर्लर का इस्‍तेमाल करें तो इस तरीके को विशेष रूप से इस्‍तेमाल करें.

क्‍लेरिफाइंग शैम्‍पू का प्रयोग करें : अगर आप स्‍वीमिंग करती है तो आपके बालों में क्‍लोरिनेटेड पानी से भीगना स्‍वाभाविक है. ऐसे में आप अपने बालों को सप्‍ताह में कम से कम एक बार क्‍लेरिफाइंग शैम्‍पू से जरूर धुलें. इससे बालों पर क्‍लोरीन का असर खत्‍म हो जाएगा और वह मुलायम बनेंगे.

ग्‍लौस ट्रीटमेंट : अगर आपके बाल कई तरीकों के बाद भी तांबे रंग में बदल जाते है और टूटते है तो बालों में रिच ग्‍लॉस ट्रीटमेंट करवाएं. इससे बाल अच्‍छे हो जाएंगे.

पालक पूरी रेसिपी

सामग्री :

– पालक (01 पाव)

– आटा (04 कप)

– रवा  (03 बड़े चम्मच)

– हरी मिर्च (04)

– जीरा पाउडर (01 छोटा चम्मच)

– धनिया पाउडर (01 छोटा चम्मच)

– हल्दी पाउडर (1/4 छोटा चम्मच)

– तेल ( 03 छोटे चम्मच एवं तलने के लिए आवश्यकतानुसार)

– नमक (स्वादानुसार)

पालक पूरी बनाने की विधि :

– सबसे पहले पालक को अच्छी तरह से धो लें.

– इसके बाद पालक को बारीक-बारीक काट लें.

–  कटी हुई पालक में आटा डाल कर आवश्यकतानुसार पानी का प्रयोग करते हुए थोड़ा सख्त आटा   गूंथ     लें.

– आटा गूंथने के बाद तलने के लिए रखे गये तेल को छोड़कर सारी सामग्री आटे में मिला लें और उसे एक     बार फिर से गूंथ को एकसार कर लें.

– गुंथा हुआ आटा आधा घंटे के लिए रख दें.

– उसके बाद मनचाहे आकार की पूरियां बेलें और उन्हें तल लें.

– अब आपकी पालक पूरी तैयार हैं. इसे चटपटी सब्जी के साथ ये पूरियां गर्मा-गरम परोसें और परिवार के   साथ स्वयं भी आनंद लें.

कांग्रेस का दलित कार्ड है शिल्पा शिंदे

अपनी निजी जिंदगी में शिल्पा शिंदे कतई बोड़म नहीं हैं, जैसा कि भाबी जी घर में हैं टीवी सीरियल में उनका नल्ला आशिक पड़ोसी विभु यानि विभूति नारायण मिश्रा उन्हें कहता रहता है. मनोविज्ञान की छात्रा रही शिल्पा ने कांग्रेस जौइन करते वक्त यह बेवजह नहीं कहा था कि कांग्रेस पार्टी धर्म और जाति की राजनीति नहीं करती और वह भी कभी जाति की राजनीति नहीं करेंगी.

गौर करने लायक बात यह है कि शिल्पा ने बार बार जाति का जिक्र खासतौर से ऐसे किया मानो वह राजनीति में सफल हुई तो देश से जात पात का कहर और जहर खत्म कर देगी. सोचना स्वभाविक है कि आखिर वह क्यों जाति को लेकर इतनी गंभीर और आक्रामक हैं. इस भूतपूर्व  अंगूरी भाभी के अधिकांश प्रशंसक भी नहीं जानते कि वह दलित समुदाय से ताल्लुक रखती हैं. हालांकि शिल्पा के पिता हाईकोर्ट के जज रहे हैं, इस नाते वह संपन्न पारिवारिक प्रष्ठभूमि की है लेकिन जाति को लेकर उसका पूर्वाग्रह या अनुभव कुछ भी कह लें अगर झलक रहा है तो जाहिर है कांग्रेस के ही जरिये राजनीति में आने का उसका फैसला बेहद परिपक्व उसे साबित करता है.

महाराष्ट्र की राजनीति में दलित हमेशा से ही बड़ा फेक्टर रहे हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने दलित नेता रामदास अठावले को न केवल अपने साथ मिला लिया था, बल्कि उन्हें केंद्र में मंत्री भी बना दिया था लेकिन जब तब उनका दर्द फूट ही पड़ता है. अब 2019 में अठावले भाजपा के साथ जाएंगे या नहीं यह अभी कोई नहीं कह सकता क्योंकि शिवसेना ने अपने पत्ते पूरी तरह खोले नहीं हैं और कांग्रेस एनसीपी गठबंधन परवान चढ़ चुका है.

ऐसे में जब पूर्व गृहमंत्री दलित समुदाय के ही सुशील कुमार शिंदे बढ़ती उम्र के चलते दलित वोटर पर से अपनी पकड़ खो रहे हैं तब शिल्पा का कांग्रेस में जाना नए दलित नेतृत्व की ही तरफ इशारा कर रहा है. शिल्पा खूबसूरत हैं चर्चित हैं लिहाजा कांग्रेस को फायदा ही पहुंचाएंगी, एवज में उसे किसी दलित बाहुल्य सीट से कांग्रेस मौका भी दे सकती है जिसके पास खासतौर से मुंबई में जिताऊ चेहरों का टोटा है.

अपने शुरुआती बयानों से ही शिल्पा ने दलितों को लुभाने की कवायद कर दी है और राहुल प्रियंका गांधी में निष्ठा जताते खुद की योग्यता भी साबित कर दी है. लोकसभा चुनाव में अब गिने चुने दिन बचे हैं और फिल्मी सितारों की राजनैतिक महत्वाकांक्षाएं भी अंगड़ाइया लेने लगीं हैं. हाल ही में हिंदी और बंगला फिल्मों की मशहूर अभिनेत्री मौसमी चटर्जी ने भाजपा का दामन थामा है. तय है भाजपा उन्हें चुनावी मैदान में उतारेगी, हालांकि मौसमी अब बूढ़ी हो चली हैं और नई पीढ़ी उन्हें उतना नहीं जानती जितना कि शिल्पा शिंदे जैसी टीवी एक्ट्रेस को जानती है.

देखना दिलचस्प होगा कि शिल्पा ने कांग्रेस को सही पकड़ा है या गलत. एक वक्त में जब उन्हें भाबी जी ….. सीरियल से बेइज्जत कर बाहर निकाला गया था तो उन्होंने आसमान सर पर उठा लिया था. अब भाभी जी कांग्रेस में हैं और जात पात से राजनीति का श्रीगणेश कर रहीं हैं तो साफ दिख रहा है कि उनकी नई भूमिका की स्क्रिप्ट और डायलोग कांग्रेसी स्टूडियो में लिखे जा रहे होंगे.

औफिस का खाना कर रहा है आपको बीमार

हाल में आई एक रिपोर्ट सामने आई है जिससे ये स्पष्ट हुआ है कि औफिस का खाना लोगों की सेहत के लिए काफी हानिकारक होता है. कैंटीन का खाना लोगों के मोटापे का प्रमुख कारण बन रहा है. जानकारों की माने तो औफिस में मिलने वाले खाना समान्यत: सेहत के लिए काफी नुकसानदायक है.

अमेरिका में लोगों के खाने पर हुए एक सर्वे में ये सारी बातें सामने आईं. इस स्टडी में पाया गया है कि औफिस की कैंटीन के खाने में ज्यादा कैलोरी, नमक, शुगर और फैट होता है.

आपको बता दें कि कैंटीन में लोग जो खाना खाते हैं उसमें जंक फूड की मात्रा काफी अधिक होती है. इसमें प्रमुखता से सौफ्ट ड्रिंक्स, कुकीज, ब्राउनी, पिज्जा, बर्गर जैसी चीजें शामिल हैं. इस मामले पर प्रकाशित एक जर्नल में ये बात सामने आई है कि हर हफ्ते औसतन इन खाद्य पदार्थों से लोगों की डाइट में 1300 कैलोरी जुड़ती है.

शोध में शामिल एक जानकार ने ये भी बताया कि इनमें से सबसे ज्यादा नुकसानदायक खाना सोशल इवेंट्स और मीटिंग्स में फ्री में मिलने वाला खाना होता है.

स्टडी के नतीजें 2012-13 में हुए एक सर्वे पर आधारित हैं जिसमें 5200 कर्मचारियों को शामिल किया गया था. इस सर्वे में लोगों से उनके एक सप्ताह के खान-पान की जानकारी ली गई थी.

इस स्टडी में पाया गया कि 23 फीसदी लोग औफिस की कैंटीन में ही खआना खाते हैं. सबसे अधिक कैलोरी के लिए सौफ्ट ड्रिंक्स, चिप्स, सैंडविच, पेस्ट्री जैसी चीजें शामिल हैं.

मोटापा बढ़ा रहा है कैंसर का खतरा

मोटापा शरीर की एक विषेश अवस्था होती है. इसमें लोगों को कई तरह की परेशानियों से जूझना पड़ता है. इससे शरीर को काफी नुकसान होता है. एक स्वस्थ व्यक्ति के मुकाबले मोटे व्यक्ति को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. मोटापे से ग्रस्त लोगों को कई तरह की गंभीर बीमारी के होने का खतरा रहता है. आपको बता दें कि ऐसे लोगों को सांस लेने में भी खासा परेशानी होती है और उनके शरीर के मोटाबौलिक एक्टिविटी को भी कमजोर हो जाती हैं. इससे उनके शरीर में सूजन आ जाती है और हार्मोन का संतुलन भी बिगड़ जाता है. इससे कैंसर का खतरा भी अधिक हो जाता है.

हाल में हुई एक हेल्थ स्टडी में ये बात सामने आई है कि कुछ वर्षों से मोटापे के कारण लोगों में कैंसर की शिकायत 40 फीसदी बढ़ी है. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि मोटापे के कारण लोगों को 13 तरह के अलग अलग कैंसर हो रहे हैं.

अमेरिका में हुई एक स्टडी की माने तो लगभग 60,000 कैंसर से पीड़ित लोगों में मोटापा एक बड़ी वजह देखी गई है. इन लोगों में पाए जाने वाले कैंसर के प्रकार में ब्रेन, ऐसोफागस, लिवर, पैंक्रियाज, कोलोन, यूटेरस आदि कैंसर शामिल थे. मोटापे के अलावा इन लोगों में कैंसर का कारण धुम्रपान था.

पर मोटापा के अलावा भी कई कारणों से कैंसर हो सकता है. तंबाकू, प्रोसेस्ड फूड का सेवन करने से भी कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की माने तो हेल्दी लाइफस्टाइल फौलो करने और रोजाना एक्सरसाइज करने से मोटापे और कैंसर की समस्या से सुरक्षित रहा जा सकता है.

चिल्ली चिकन रेसिपी

सामग्री

– बोनलेस चिकन  500 ग्राम (छोटे छोटे टुकड़े)

– कार्न फ्लोर (04 चम्‍मच)

– हरी मिर्च (2 हरी मिर्च बारीक काटें, दो को लम्बाई में काट लें)

– सोया सौस (04 चम्‍मच)

– टोमैटो सौस  (2 चम्‍मच)

– प्‍याज 02 नग (कटी हुई)

– लहसुन 04 कली (बारीक कटी हुई)

– हरी प्‍याज का रस (04 छोटे चम्मच)

– शिमला मिर्च  01 पीस (कटी हुई)

– अदरक लहुसन पेस्ट (02 छोटे चम्मच)

– औलिव औयल ( 04 बड़े चम्‍मच)

– नमक (स्‍वादानुसार)

चिल्ली चिकन बनाने की विधि

– सबसे पहले चिकन पीस को अच्‍छी तरह से धो लें.

– इसके बाद अदरक-लहसुन पेस्‍ट और नमक लेकर चिकन पीसेस में लगा दें और 30 मिनट के लिए रख   दें.

– अब एक बड़े बाउल में थोड़ा सा पानी लेकर उसमें कार्न फ्लोर घोल लें.

– घोल में बारीक कटी हरी मिर्च डालें और फिर उसमें चिकन के पीस डुबा दें और 30 मिनट के लिये रख दें.

– अब एक गहरा पैन लेकर उसमें तेल गरम करें.

– तेल गर्म होने पर उसकी आंच मीडियम कर दें और उसमें चिकन पीस डाल कर अच्छी तरह से फ्राई कर   लें.

– चिकन फ्राई होने के बाद उन्हें निकाल कर अलग रख दें.

– अब बचे हुए तेल में थोड़ा सा तेल और डालें और फिर प्याज फ्राई करें.

– प्याज भुनने के बाद पैन में हरी प्‍याज का पानी और शिमला मिर्च डाल कर 2 मिनट भून लें.

– फिर बची हुई हरी मिर्च डालें और अच्‍छी तरह से चला लें.

– पैन में टोमैटो सौस और सोया सौस डालें और उसके बाद चिकन पीस और नमक डालकर मिला लें.

– अब पैन में 1 कप पानी डालें और चलाकर ढक्‍कन बंद करें.

– गैस की आंच हल्की कर दें और चिकन को पकने दें.

– 10 मिनट बाद ढक्कर खोल कर देखें.

पोहा बनाने की आसान रेसिपी

सामग्री

– पोहा/चिवड़ा (150 ग्राम)

– बेसन के सेंव ( 01 छोटी कटोरी)

– शक्कर (01 बडा चम्मच)

– करी पत्ता (07 नग)

– हरी मिर्च 2 (बारीक कटी हुई)

– मटर के दाने ( 02 बड़े चम्मच)

– मूंगफली के दाने (02 बडे चम्मच)

– नींबू का रस (02 छोटे चम्मच)

– हरा धनिया  01 बड़ चम्मच (बारीक कटा हुआ)

– राई (आधा छोटा चम्मच)

– तेल ( 01 बड़ा चम्मच)

– हल्दी पाउडर (1/2 छोटा चम्मच से कम)

– नमक (स्वादानुसार)

पोहा बनाने की विधि

– सबसे पहले पोहा को साफ कर लें.

– अब पोहा को एक बड़े बर्तन में रख कर उसे पानी से एक बार हल्का सा धो लें.

– धुलने के बाद पोहे में एक कप पानी डाल दें और उसमें नमक तथा शक्कर डालकर 15 मिनट के लिए       ढ़क कर रख दें.

– अब कढ़ाई को गैस पर रख कर उसमें तेल डालें और गरम करें.

– तेल गरम होने पर उसमें राई के दाने डाल दें.

– राई के भुन जाने पर उसमें करी पत्ता डालें.

– इसके बाद हरी मिर्च, हल्दी पाउडर और मटर के दाने भी डालें और भून लें.

– फिर भीगा हुआ पोहा कढ़ाई में डालें और चलाते हुए 2 मिनट तक पकाएं और गैस बंद कर दें.

– लीजिए आपकी पोहा बनाने की विधि कम्‍प्‍लीट हुई.

अब आपका कांदा पोहा तैयार है, बस इसमें नींबू का रस डालें और हरी धनिया तथा सेंव से गार्निश करके सर्व करें.

टीनेजर्स ऐसे करें अपनी त्वचा की देखभाल

टीनेज में त्वचा को खास देखभाल की जरूरत होती है. ऐसा इसलिए क्योंकि टीनेज हमारी जिंदगी का वह दौर होता है जब हमारे शरीर में कई आंतरिक बदलाव होते हैं. इस उम्र में अक्सर चेहरे पर कील-मुहांसों सहित कई समस्याएं पैदा हो जाती हैं. अपनी त्वचा को स्वस्थ और सुंदर बनाएं रखने के लिए जरूरी है कि आप पौष्टिक आहार लें और फिटनेस पर भी ध्यान दें. इसके अलावा भी कुछ उपाय आप अपना सकते हैं आइए जानते हैं इसके बारे में.

अपने स्किन को जानें

किसी भी तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट या घरेलू उपचार से पहले यह जरूर जान लें कि आपकी त्वचा किस प्रकार की है. अगर आपकी त्वचा औयली है, तो इसे साधारण साबुन से ही साफ करें. त्वचा पर जमे तेल और गंदगी को हटाने के लिए डीप क्लेंजर से स्क्रब करें.

त्वचा पर एसपीएफ लगाएं

टीनेजर्स के साथ होता यह है कि वे स्कूल के बाद खेलने-कूदने में लग जाते हैं. इससे उनकी त्वचा पर सीधे सूरज की रोशनी पड़ती है. ऐसे में जरूरी है कि आप सूरज की रोशनी से बचने के लिए एसपीएफ युक्त स्किन क्रीम का इस्तेमाल करें. यह वाटर प्रूफ होता है, जिससे इसपर पसीने का असर नहीं पड़ता है और यह खतरनाक यूवी से बचाता है.

एक्सफोलीएटिंग मास्क और फ्रूट फेसियल

टीनेज लड़कों के लिए फेसियल मास्क और फ्रुट स्क्रब बेहद जरूरी है. इसके लिए पपीता, संतरे का छिलका या रस, ऐवकाडो, पाइनएप्पल, स्ट्राबेरी आदि फलों का इस्तेमाल करें. इसके साथ-साथ त्वचा को तरोताजा दिखाने और डिटौक्स के लिए शहद को भी प्रयोग में लाएं.

मुहांसे को सावधानी से फोड़ें

ज्यादातर टीनेज को ब्रेकआउट का सामना नियमित रूप से करना पड़ता है. कई बार तमाम दवाइयों के बावजूद भी इन कष्टदायक मुहांसों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. जब आप इसे फोड़ने के बारे में सोचें तो इसके बाद होने वाली जलन और निशान से बचने के लिए सावधानी बरतें. ऐसा करते समय जरूरी है कि आपका हाथ साफ हो. साथ ही उस जगह को क्लेंजर से साफ भी जरूर कर लें.

खानपान

अपनी त्वचा को सुंदर और स्वस्थ बनाए रखने के लिए पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है. जहां तक हो सके औयली फूड खाने से बचें. पिज्जा और बर्गर खाने के बजाए अपने आहार में साग-सब्जी, फल, नट्स, ग्रेंस आदि को शामिल करें. त्वचा को प्राकृतिक रूप से साफ करने और खूबसूरत बनाने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप फल, नट्स और ऐवकाडो, डार्क बेरी, अंगूर व बीटरूट का सेवन करें.

ज्यादा पानी पीएं

टीनेज लड़के अपने व्यस्त दिनचर्या में पानी पीने को ज्यादा तवज्जो नहीं देते हैं. वास्तव में पानी सबसे शक्तिशाली प्राकृतिक डिटौक्सीफाइंग एजेंट है, जिसे अधिकतर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. अपको अपने पसीने की भरपाई के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए. इससे शरीर और त्वचा में मौजूद गंदगी भी बाहर आ जाएगी.

बगल की बदबू से पाएं छुटकारा

एक बार जरा सोचकर देखिए आपके पास कोई बैठा है और उसने अपने हाथों को जैसे ही ऊपर उठाया, एक भयंकर बदबू ने आपका मन खराब कर दिया. हो सकता है कि ऐसी ही बदबू आपकी बगलों से भी आती हो. ये कोई चिंता वाली बात नहीं है लेकिन आपको बदबू को दूर भागने के उपाय के बारे में अवश्‍य सोचना चाहिए. वरना इस तरह से आपको त्‍वचा की बीमारी होने का खतरा भी बढ़ जाता है. आइए जाने कि कैसे बगल की बदबू से छुटकारा पाया जा सकता है.

प्‍याज, लहसून आदि कच्‍चा न खाएं

प्‍याज, लहसून आदि को कच्‍चा खाने से पसीने में इनकी बदबू ज्‍यादा आती है. यहां तक कि कैफीनेटेड ड्रिंक पीने से भी पसीना आता है और बगलों से बदबू आनी शुरू हो जाती है.

प्रतिदिन नहाएं

शरीर को साफ रखें, हर दिन नहाएं. बगलों पर हर दिन साबुन लगाकर स्‍नान करें. प्रतिदिन सफाई से नहाने पर आपके शरीर में पसीना कम आएगा और बदबू भी नहीं आएगी.

साफ कपड़े पहनें

अंडरगारमेंट हमेशा साफ और धुले हुए पहनें. गंदे कपड़े आपकी बौडी में इंफेक्‍शन पैदा कर सकते है और आपके शरीर से बदबू आने लग सकती है. अंडरगारमेंट ही नहीं बल्कि शरीर पर पहना जाने वाला हर कपड़ा साफ होना चाहिए.

कौटन सा लिनेन के कपड़े पहनें

अगर आपको ज्‍यादा पसीना आता है तो कोशिश करें कि कौटन या मलमल के कपड़े पहनें. कौटन या लिनने के कपड़े पसीने को सोख लेते है और बदबू भी नहीं आती. ये कपड़े बगलों को सूखा बनाएं रखते है और शरीर को ठंडक पहुंचाते है.

एंटीपरस्‍प्रेस्‍ंट स्‍प्रे

एंटीपरस्‍प्रेस्‍ंट स्‍प्रे, बौडी से पसीने की बदबू तुंरत दूर भागने के लिए सबसे कारगर उपाय होते है. एंटीपरस्‍प्रेस्‍ंट स्‍प्रे में जो स्‍प्रे, आर्मपिट पर रोल करने वाले आते है वह बगलों से पसीने को आने से रोक देते है और शरीर को सुगंध देते है लेकिन इनका यूज बहुत ज्‍यादा नहीं करना चाहिए. तुंरत लाभ के लिए इनका उपयोग सबसे अच्‍छा और कारगर होता है.

बालों को शेव या वैक्‍स करें

बगलों के बालों को बड़ा न होने दें. इन्‍हे वीक में एक बार शेव या महीने में एक बार वैक्‍स जरूर करवाएं. अगर बगलों के बाल लम्‍बे होगें तो बदबू आएगी, क्‍योंकि पसीना जमा हो जाएगा.

बेंकिग सोडा

यह एक प्रसिद्ध घरेलू उपाय है जिससे बगलों की बदबू दूर भाग जाती है. कई लोगों ने इसे आजमाया भी है. अगर आप नहाने के बाद बगलों में बेकिंग सोडा को लगाएं तो बगलों से बदबू नहीं आएगी.

एंटीपरस्‍प्रेंट टेल्‍क

एंटीपरस्‍प्रेंट टेल्‍क, बगलों में पसीने को आने से रोकता है. अगर आप कही बाहर जा रहे है तो इसका इस्‍तेमाल करें. एंटीपरस्‍प्रेंट टेल्‍क को बगलों में अच्‍छे से छिड़क लें और मिला लें. इससे बगलों में पसीना नहीं आता है और भीनी – भीनी महक भी आती है.

कौटन पैड्स

जिन लोगों को बगलों में बहुत ज्‍यादा पसीना आता है वह मार्केट में मिलने वाले कौटन पैड्स का इस्‍तेमाल कर सकते है. आजकल मार्केट में इनकी बिक्री काफी तेजी से हो रही है. यह पैड्स बगलों में जमा होने वाले बैक्‍टीरिया और बदबू को दूर भगा देते है.

सिरका

सिरका लगाने से बगलों से बदबू कम आती है. यह एक घरेलू नुस्‍खा है. अगर आप कौटन में हल्‍का सा सिरका लेकर बगलों पर लगा लें तो बगलों से बदबू आना बंद हो जाएगी. इससे कई घंटो तक आराम मिलती है.

रोहित ने फैलाया रायता

बुधवार, 6 फरवरी को वेलिंग्टन में खेले गए पहले ट्वेंटी20 मैच में भारत के कप्तान रोहित शर्मा के सारे दांव उलटे पड़ गए. भारत ने टौस जीतने के अलावा सबकुछ गंवा दिया.

जब मेजबान न्यूजीलैंड टीम बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरी तो लगा कि हाल ही में हारी वनडे सीरीज का उस पर दबाव होगा पर ऐसा कुछ दिखा नहीं. हां, इस के उलट न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों की भरपूर धुनाई की.

ओपनर बल्लेबाजों में टिम सेफर्ट ने तो कहर मचा दिया. उन्होंने 6 छक्कों और 7 चौकों की मदद से 43 गेंदों पर 84 रनों की बेमिसाल पारी खेली और ट्वेंटी20 इंटरनेशनल कैरियर की पहली फिफ्टी जड़ी. बाकी के ज्यादातर बल्लेबाजों ने भी कम गेंदों पर ज्यादा रन बटोर कर टीम का कुल स्कोर 219 तक पहुंचा दिया.
दूसरे ओपनर बल्लेबाज कोलिन मुनरो ने 34 रन बनाए तो कप्तान के. विलियमसन ने भी इतने ही रन बनाए थे. बाद में रौस टेलर और एस. कग्गेलेइजन ने भी तेजी से अहम रन बटोरे.

20 ओवरों में 220 रन बनाने की चुनौती भारत तभी हार गया था जब भारत के कप्तान रोहित शर्मा ने 5 गेंदों पर 1 ही रन बनाया और आउट हो कर डग आउट में लौट गए.
उस के बाद शिखर धवन और वी. शंकर ने थोड़ा पारी को संभाला और 18-18 गेंदों पर 29 और 27 रन बटोरे पर उस के बाद के खिलाड़ी बल्लेबाज नकारा साबित हुए.

महेंद्र सिंह धौनी ने 31 गेंदों पर जरूर 39 रन बनाए पर वे 220 के टारगेट तक टीम को पहुंचाने में नाकाम ही रहे. नतीजतन, भारत की टीम 19.2 ओवरों में सिर्फ 139 रन ही बना सकी और 80 रनों से हार गई.
इस मैच में मिली हार से भारतीय टीम के साथ एक ऐसा रिकौर्ड जुड़ गया जो किसी को भी भारतीय दर्शक को पसंद नहीं आएगा क्योंकि यह ट्वेंटी20 इंटरनेशनल मैच में भारत की सब से बड़ी हार है.

3 मैचों की इस सीरीज में फिलहाल भारत 0-1 से पिछड़ गया है और रोहित शर्मा और उन की टीम ने जो यह हार का रायता फैलाया है उसे अगले मैच में जीत के साथ समेटना होगा नहीं तो यह सीरीज गई हाथ से.

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