Download App

मोबाइल सेवाप्रदाता कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी

आम भारतीय के लिए बाजार में सर्वाधिक प्रतिस्पर्धा मोबाइल फोन सेवाप्रदाताओं के बीच है और इस का सीधा फायदा देश के जनसामान्य को मिल रहा है. आम आदमी को मोबाइल सेवा का यह लाभ दिलाने का सेहरा रिलायंस समूह के मुकेश अंबानी के सिर बंध रहा है. पहले उन्होंने कौलदरों में कमी कर के बाजार को प्रतिस्पर्धी बनाया और मिस्डकौल के आदी बने कई लोगों को अत्यधिक कम दाम पर सेवा उपलब्ध कराई. इस के चलते बाजार की सभी सेवाप्रदाता कंपनियां प्रतिस्पर्धा में आ गईं. अब मोबाइल का प्रचलन बढ़ा है तो इंटरनैट की दर बहुत ज्यादा थी.

पिछले वर्ष जिओ रिलायंस ने इंटरनैट निशुक्ल जारी किया तो लोग फ्री इंटरनैट की सुविधा पाने के लिए रिलायंस जिओ की तरफ भागने लगे. अपना ग्राहक आधार कम होते देख सभी प्रमुख कंपनियों ने इंटरनैट की दरें घटानी शुरू कर दीं. बाजार में जबरदस्त प्रतिस्पर्धा हो गई लेकिन जिओ की बाजार हिस्सेदारी जून तक चौथे स्थान पर है.

एअरटेल 23.65 फीसदी हिस्सेदारी के साथ पहले, वोडाफोन 17.86 दूसरे तथा 16.54 फीसदी के साथ आइडिया तीसरे स्थान पर है. सरकारी क्षेत्र की बीएसएनएल 8.78 प्रतिशत के साथ 5वें स्थान पर है. उस के बाद एअरसेल, रिलायंस टैलीविक्स, टाटा, सिस्टेम हैं. सरकारी क्षेत्र का एमटीएनएल 0.31 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ सब से निचले स्तर पर है. एमटीएनएल सार्वजनिक क्षेत्र का सफेद हाथी है. दूसरी सेवाएं उपभोक्ता को रुलाती हैं, नखरे यह कि वे अभी 100 रुपए में आधा जीबी डाटा दे रही हैं. इसी तरह से बीएसएनएल भी उम्मीद से बहुत कम है. बीएसएनएल की सेवाएं एमटीएनएल से कई गुना अच्छी हैं. बिना प्रतिस्पर्धा का एमटीएनएल खुद को घाटे में बताता है जबकि भारती एअरसेल जबरदस्त प्रतिस्पर्धा के बावजूद पहले स्थान पर है और वह भी अच्छे अंतर के साथ इस स्थान पर है.

खाना बनाना हुआ महंगा, फिर बढ़े गैस सिलेंडरों के दाम

तेल बांटने वाली सबसे बड़ी कंपनी इंडियन औयल कौर्पोरेशन के मुताबिक अब दिल्ली में सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलेंडर 491.13 रुपये में मिलेगा, जबकि बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर का मूल्य 649 रुपये हो गया है. वहीं मुंबई में सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर 493.80 रुपये, कोलकाता में 493.83 रुपये और चेन्नई में 479.11 रुपये हो गया है.

रसोई गैस पर सब्सिडी खत्म करने की दिशा में बढ़ रही सरकार ने एक बार फिर गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिये हैं. सब्सिडी वाले सिलेंडर में डेढ़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जबकि बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर का दामों में 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. इससे पहले 1 सितंबर को भी गैस सिलेंडर के दाम सात रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ाये गये थे.

इसके साथ ही रविवार को विमान ईंधन की कीमतों में भी 6 फीसदी यानि 3,025 रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है. अब दिल्ली में विमान ईंधन की कीमत 53,045 रुपये प्रति एक हजार लीटर हो गई है. वहीं मुंबई में इसकी कीमत 52,318 रुपये, चेन्नई में 55,770 रुपये और कोलकाता में 57,337 रुपये प्रति एक हजार लीटर हो गया है. बता दें कि अगस्त के बाद से विमान ईंधन की कीमतों में ये लगातार तीसरी बार बढ़ोतरी की गई है.

कंपनी का कहना है कि वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी होने के कारण तेल और विमान ईंधन की कीमतों में ये वृद्धि की गई है. बता दें कि तेल विपणन कंपनियां हर महीने की 1 तारीख को रसोई गैस और विमान ईंधन की कीमतों की समीक्षा करती हैं, उसके बाद ही तेल की ईंधन की कीमतें बढ़ाई या घटाई जाती हैं.

दरअसल सरकार ने अगस्त महीने में सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत अगले साल मार्च तक हर महीने चार रुपये बढ़ाने की घोषणा की थी. सरकार का कहना है कि इसका मकसद मार्च 2018 तक घरेलू सिलेंडरों पर मिलने वाली छूट को खत्‍म करना है, इसलिये सिलेंडरों के दामों में बढ़ोतरी की जा रही है.

यूट्यूब के ये शार्टकट्स बना देंगे आपके काम को और भी आसान

आज म्यूजिक सुनना हो, फिल्म या कोई और वीडियो देखना हो, यूट्यूब वीडियो स्ट्रीमिंग का सबसे आसान माध्यम है. लोग घंटों इस साइट पर वीडियो देखने में समय बिताते हैं. परंतु क्या आपको मालूम है कि आपके कंप्यूटर या लैपटाप के कीबोर्ड में कई ऐसे शार्टकट्स होते हैं, जिनकी मदद से आप बिना माउस को हाथ लगाए ही यूट्यूब वीडियो को कंट्रोल कर सकते हैं. इतना ही नहीं, ये शार्टकट्स वक्त बचाने में भी सहायक हैं. अपने लैपटाप या डेस्कटाप के कीबोर्ड शार्टकट्स से ही आप वीडियो को पौज, फौरवर्ड, रिवर्स सहित कई अन्य कार्यों को कर सकते हैं. आइए जानते हैं यूट्यूब के शार्टकट्स के बारे में.

टैब से कंट्रोल करें

यूट्यूब में आप टैब बटन का इस्तेमाल कर सकते हैं. टैब बटन का इस्तेमाल आप किसी फीचर को सलेक्ट करने के लिए कर सकते हैं. जैसे- प्ले, पौज, वौल्यूम, फूल स्क्रीन, शेयर, लाइक और कमेंट, एक-एक कर आप सभी फीचर्स पर जा सकते हैं. यदि आप पीछे के फीचर्स को सलेक्ट करना चाहते हैं तो टैब का उपयोग शिफ्ट बटन के साथ करें.

फौरवर्ड और बैक करना

कीबोर्ड पर बने ‘J’ और ‘L’ बटन का इस्तेमाल करके आप वीडियो को फौरवर्ड और बैक कर सकते हैं. ‘J’ बटन से आप वीडियो को बैक कर सकते हैं. जबकि ‘L’ बटन से आप वीडियो को फौरवर्ड कर सकते हैं.

यूट्यूब वीडियो को 5 सेकेंड फौरवर्ड व बैक करना चाहते हैं तो कीबोर्ड पर ऐरो बटन आपकी मदद कर सकता है. पीछे करने के लिए बाएं ऐरो और आगे करने के लिए दाएं ऐरो का इस्तेमाल कर सकते हैं.

एक ही बार में करें ज्यादा फौरवर्ड और बैक

अगर आप वीडियो को देखते समय काफी आगे या काफी पीछे पहुंच गए हैं तो इसके लिए आप कीबोर्ड के नंबर ‘1’ का इस्तेमाल कर सकते हैं. जबकि नंबर ‘9’ को क्लिक करके आप 90 फीसदी तक आगे आ सकते हैं.

प्ले/पौज

जब भी हम यूट्यूब पर कोई वीडियो देखते हैं तो उसे बीच में रोकने के लिए हम स्पेस को क्सिक करते हैं लेकिन आपको शायद ही पता होगा कि कि आप ‘K’ बटन को क्लिक करके भी वीडियो को प्ले या पौज कर सकते हैं.

स्लो मोशन

अगर आप किसी वीडियो को स्लो मोशन में देखना चाहते हैं तो इसके लिए आप ‘K’ बटन का इस्तेमाल कर सकते हैं.

रिस्टार्ट करने के लिए

वीडियो को रिस्टार्ट करने के लिए आप ‘0’ बटन का इस्तेमाल कर सकते हैं.

कैप्शन बंद करने के लिए

कैप्शन बंद करने के लिए आप ‘B’ बटन का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसी तरह कैप्शन के फौन्ट को घटाने या बढ़ाने के लिए “—” या “+” का उपयोग किया जा सकता है.

वाल्यूम कंट्रोल करने के लिए

कीबोर्ड के ऐरो का अप और डाउन बटन को प्रेस कर वाल्यूम को कंट्रोल कर सकते हैं. इसी तरह म्यूट करने के लिए “M” बटन का इस्तेमाल कर सकते हैं.

फुल स्क्रीन

वीडियो को फुल मोड में देखने के लिए आप कीबोर्ड के स्केप बटन का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसी तरह एक्जिट के लिए भी स्केप बटन ही काम करेगा.

पाक के खिलाफ मैच में इस बौलर ने तोड़ा कपिल देव का रिकार्ड

श्रीलंका के बांये हाथ के स्पिनर रंगना हेराथ ने पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में 6 विकेट झटककर टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट हासिल कर ली है. इसकी बदौलत श्रीलंका ने सोमवार (2 अक्टूबर) को आबूधाबी में खेले गए पहले टेस्ट में पाकिस्तान को 21 रन हरा दिया.

हेराथ ने 43 रन में छह विकेट हासिल किए. इस तरह वह टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट झटकने वाले श्रीलंका के दूसरे गेंदबाज बन गए. पांचवें दिन पाकिस्तान की टीम जीत के लिये 136 रन के आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए दूसरी पारी में महज 114 रन पर सिमट गई.

इस जीत में रंगना हेराथ का सबसे बड़ा हाथ रहा. रंगना ने इसके अलावा एक और रिकौर्ड बनाते हुए कपिल देव का रिकौर्ड तोड़ दिया. इस मैच में लिए गए छह विकेटों की मदद से रंगना हेराथ ने पाकिस्तान के खिलाफ अब तक कुल 101 विकेट लिए हैं. इस तरह दुनिया में पाकिस्तान के खिलाफ सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की श्रेणी में वह पहले नंबर पर आ गए हैं.

इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकौर्ड भारत के महान औलराउंडर कपिल देव के नाम पर था. कपिल ने पाकिस्तान के खिलाफ पूरे करिअर में कुल 99 विकेट लिए थे. कपिल के बाद इस लिस्ट में औस्ट्रेलिया के जादुई स्पिनर शेन वौर्न का नाम आता है. शेन वौर्न ने पाकिस्तान के खिलाफ 90 विकेट लिए. भारत के सर्वश्रेष्ठ लेग स्पिनर अनिल कुंबले ने अपने करिअर में 81 विकेट लिए. इसमें कुंबले की वह पारी भी शामिल है, जिसमें उन्होंने एक ही पारी में पाकिस्तान के 10 खिलाड़ियों को आउट किया था.

एक इतिहास की सेवानिवृत्ति

देश के सब से वरिष्ठ और विवादित अधिवक्ता राम जेठमलानी ने वकालत से संन्यास लेने की घोषणा कर दी लेकिन कोई हाहाकार नहीं मचा. हाहाकार मचाने के लिए उन्होंने यह ऐलान किया है कि वे अब नेताओं की नाक में दम करेंगे. अपने इस ऐलान का विमोचन करते उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनावी वादे पूरे न करने के बाबत पत्र भी लिख दिया है. बहाव के विपरीत चलने वाले 94 वर्षीय इस दिग्गज वकील के नाम कई रिकौर्ड दर्ज हैं. मसलन, उन्होंने महज 17 साल की उम्र में ही एलएलबी की डिगरी ले ली थी और जितनी आजकल मनुष्य की औसत आयु होती है उस से कहीं ज्यादा उन्हें वकालत करने का तजरबा है.

जेठमलानी की कुछ सनकों को छोड़ दें तो बिलाशक वे एक कामयाब और नायाब वकील रहे हैं जिन के तर्कों और प्रतिभा के आगे अदालतें भी सिर झुकाती थीं. अब देखना दिलचस्प होगा कि वे मोदी की नाक में कितना दम कर पाते हैं. इंदिरा गांधी के हत्यारों की पैरवी से ले कर हालिया जेटली-केजरी विवाद तक सुर्खियों में रहने वाले जेठमलानी से एक सबक यह भी लिया जा सकता है कि उम्र को हावी न होने दिया जाए तो आप खुद की उपयोगिता बनाए रख सकते हैं.

संग्रहालय का स्यापा

इंदिरा गांधी वाले आपातकाल में अच्छेअच्छे वक्ताओं की घिग्घी बंध गई थी. इंदिरा गांधी की तानाशाही पर बिना डरे जिन्होंने विरोध दर्ज कराया था, दुष्यंत कुमार त्यागी उन में से एक थे. दुष्यंत कुमार को हिंदी गजलों का गालिब कहा जाता है. उस दौर में उन्होंने जो गजलें कहीं वे आज भी गजलप्रेमियों के जेहन में संग्रहित हैं. इन दिनों जाने क्यों कइयों ने दोबारा उन की गजलों को याद करना शुरू कर दिया है.

दुष्यंत भोपाल के जिस सरकारी मकान में रहते थे उसे, स्मार्ट सिटी बनाने के लिए, प्रदेश सरकार ने जमींदोज कर दिया और दुष्यंत कुमार पांडुलिपि संग्रहालय को तोड़ने के लिए सरकार भी आमादा हो आई तो साहित्यकार, कलाकार, पत्रकार और बुद्धिजीवी तिलमिलाते सड़कों पर आ गए. और संग्रहालय न तोड़ने की मांग करने लगे. इन्हें कौन समझाए कि इन संग्रहालयों, धरोहरों, मूर्तियों और स्मारकों में झांकने भी कोई नहीं जाता.

हानि के बाद ग्लानि

रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की ग्लानि और अपराधबोध आखिरकार दिल चीर कर जबां तक आ ही गए. उन्होंने देर से ही सही, सरेआम कह दिया कि नोटबंदी का सरकार का फैसला देशहित का नहीं था. यह बात राजन गोलमोल कर गए कि अगर वे सरकार के इस फैसले से सहमत नहीं थे तो क्यों उन्होंने इस मूर्खतापूर्ण फैसले का वक्त रहते विरोध नहीं किया. निसंदेह राजन ने इस्तीफा दे कर अपने स्वाभिमान की रक्षा कर ली थी पर उन की तब की तटस्थता की कीमत अब देश चुका रहा है.

नोटबंदी एक अहम घटना थी जिस के दीर्घकालिक नतीजे जब तक आएंगे तब तक लोग राजन को भूल चुके होंगे पर नरेंद्र मोदी को माफ कर पाएंगे, ऐसा कहने की कोई वजह नहीं.

अब त्रिशूल दीक्षा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन दिनों बेहद परेशान हैं जिस की वजह आरएसएस और उस के आनुषंगिक संगठन बजरंग दल व विश्व हिंदू परिषद हैं. कोलकाता के एक कार्यक्रम में ममता ने संघ प्रमुख मोहन भागवत को नहीं आने दिया तो उन्होंने ममता को सबक सिखाने का जिम्मा इन संगठनों को सौंप दिया. ये संगठन हिंदुत्व के नाम पर हुल्लड़ मचाने के तकनीकी और मैदानी विशेषज्ञ हैं. अपने आकाओं का इशारा मिलते ही इन संगठनों ने घोषणा कर दी कि इस दशहरे पर पूरे पश्चिम बंगाल में त्रिशूल दीक्षा का आयोजन किया जाएगा.

पूरी उम्मीद या आशंका है कि इस साल पश्चिम बंगाल का प्रसिद्ध दशहरा कुछ ज्यादा ही धूमधाम से मनेगा जिस से निबटने के लिए ममता को प्रस्तावित त्रिशूल दीक्षा का दायरा समेटने के लिए कुछ न कुछ तो करना पड़ेगा वरना वैचारिकता के नाम पर जिस धार्मिक हिंसा की भूमिका लिखी जा रही है वह बंगाल को कंगाल बना कर ही छोड़ेगी.

इन्हें आजमाइए

– अपने व्यक्तित्व को आकर्षक व बेहतर बनाना चाहते हैं तो झूठ न बोलें, किसी को नीचा न दिखाएं और जिस चीज के बारे में जानकारी न हो उस के बारे में अपनी अज्ञानता प्रकट कर दें क्योंकि ओवर स्मार्टनैस में गलत बात बोल कर आप बेवजह अपनी छवि खराब कर लेंगे.

– किसी भी काम में हम तभी सफल होते हैं जब हम उसे योजनाबद्ध तरीके से करते हैं. इसलिए जरूरी है कि आप लक्ष्य तय करने के बाद प्लान बना लें. ध्यान रखें प्लान बनाने में न तो जल्दबाजी करनी चाहिए और न ही बहुत देर करनी चाहिए.

– परिस्थिति चाहे कितनी भी नकारात्मक क्यों न हो जाए अगर आप अपना आपा नहीं खोते हैं तो आप का व्यक्तित्व दूसरों से अलग निखर कर सामने आएगा.

– गर्भावस्था के दौरान धीमा, मधुर और अच्छा संगीत सुनें. यह आप को तनावमुक्त रखेगा और आप के मूड को फ्रैश करेगा.

– अगर आप को दिल से संबंधित बीमारी है, ब्लडप्रैशर है या शुगर है तो आप को अंडे का पीला हिस्सा नहीं खाना चाहिए.

– प्याज खाने से दिल की धमनियों में खून के थक्के नहीं जमते, यह दिल की सुरक्षा करता है

ऐसा भी होता है

मेरे देवर को दिल्ली से कानपुर जाना था. उस ने देरशाम की रेलगाड़ी पकड़ी जो सुबह कानपुर सैंट्रल पहुंचती थी. कानपुर नगर के निकट पहुंचते ही गाड़ी छोटेछोटे पनकी, गोविंदपुरी नामक स्टेशनों पर थोड़ीथोड़ी देर रुक कर आगे जाती थी. निकट इलाके में रहने वाले यात्री कानपुर सैंट्रल स्टेशन न जा कर वहीं उतर जाते. मेरे देवर को गोविंदनगर जाना था. सो, वह भी अन्य यात्रियों के साथ भाग कर रेल से नीचे उतर गया.

रात के 3 बजे थे, अंधेरा था. वह घर जाने के लिए स्टेशन से बाहर निकला. उस के हाथ में एक छोटा सा सूटकेस था. रिकशा पकड़ने के लिए वह इधरउधर देख रहा था कि उस का ध्यान एक नुक्कड़ पर खड़े 3 साधारण लड़कों पर गया. वह अपनी ही धुन में उन्हें छोड़ कर आगे निकल गया.

अचानक उस ने अपनी गरदन पर पिछली तरफ दबाव अनुभव किया. उस ने मुड़ कर पीछे देखा, तीनों उसे घेर कर खड़े हैं. एक ने आ कर कमीज का कौलर पकड़ कर मुंह पर कस कर मुक्का मारा. बाकी दोनों ने उस का सूटकेस, घड़ी और मोबाइल फोन छीन लिया. जेब में जितने रुपए थे, वे भी निकाल लिए. सूटकेस में देवर की पैंट, कमीज ही थे. जबकि बदमाशों ने रुपयों से भरा सूटकेस समझ कर हमला किया था. हां, देवर की जान बच गई.

कैलाश भदौरिया

*

शुक्रवार को दोपहर 12 बजे टैक्सी कर  के हम लोगों ने मुंबई के ताज पैलेस होटल में गए. 2 दिन खूब मस्ती की- खाना, पीना, घूमना. शनिवार की रात को 11 बजे टैक्सी कर के वापस घर आ गए. इतने थक चुके थे कि आ कर सो गए. सुबह उठने पर पता चला, मेरी नातिन का बैग गाड़ी में ही रह गया. अब क्या करें? मैं ने अपने पति से कहा, ‘‘आप नीचे जा कर चौकीदार से पूछो. उस ने रात को जो टैक्सी आई थी उस का नंबर लिखा होगा.’’ नीचे जा कर पति ने चौकीदार से पूछा तो पता चला एक टैक्सी वाला रात को 1 बजे कपड़ों का बैग दे गया है. साथ ही, वह हम लोगों से मिलना चाहता था. रात के 1 बजे चौकीदार ने हम लोगों को जगाना ठीक नहीं समझा.

सो, टैक्सी वाला अपना मोबाइल नंबर दे कर चला गया. ऐसे लोग आज भी हैं इस दुनिया में.

शशी चतुर्वेदी

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें