देश के सब से वरिष्ठ और विवादित अधिवक्ता राम जेठमलानी ने वकालत से संन्यास लेने की घोषणा कर दी लेकिन कोई हाहाकार नहीं मचा. हाहाकार मचाने के लिए उन्होंने यह ऐलान किया है कि वे अब नेताओं की नाक में दम करेंगे. अपने इस ऐलान का विमोचन करते उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनावी वादे पूरे न करने के बाबत पत्र भी लिख दिया है. बहाव के विपरीत चलने वाले 94 वर्षीय इस दिग्गज वकील के नाम कई रिकौर्ड दर्ज हैं. मसलन, उन्होंने महज 17 साल की उम्र में ही एलएलबी की डिगरी ले ली थी और जितनी आजकल मनुष्य की औसत आयु होती है उस से कहीं ज्यादा उन्हें वकालत करने का तजरबा है.

जेठमलानी की कुछ सनकों को छोड़ दें तो बिलाशक वे एक कामयाब और नायाब वकील रहे हैं जिन के तर्कों और प्रतिभा के आगे अदालतें भी सिर झुकाती थीं. अब देखना दिलचस्प होगा कि वे मोदी की नाक में कितना दम कर पाते हैं. इंदिरा गांधी के हत्यारों की पैरवी से ले कर हालिया जेटली-केजरी विवाद तक सुर्खियों में रहने वाले जेठमलानी से एक सबक यह भी लिया जा सकता है कि उम्र को हावी न होने दिया जाए तो आप खुद की उपयोगिता बनाए रख सकते हैं.

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