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सिर्फ 5,999 रुपये में आप को मिलेगा ये शानदार फोन

भारतीय स्मार्टफोन बाजार में चीनी कंपनी Itel ने अपना नया मोबाइल पेश किया है. कंपनी ने अपने नए स्मार्टफोन को Itel A44 Power नाम से लौन्च किया है. फोन की खासियतों की अगर बात करें तो फोन को पावर देने के लिए इसमें 4,000mAh की बैटरी दी गई है.

इसके अलावा, यह स्मार्टफोन ड्यूल रियर कैमरा सेटअप, सेल्फी फ्लैश, 18:9 डिस्प्ले और फेस अनलौक फीचर्स से लैस है. यह फोन एंड्रॉयड 8.1 ओरियो (गो एडिशन) पर रन करता है.

Itel A44 Power की भारत में कीमत

भारत में आईटेल ए44 पावर की कीमत 5,999 रुपये रखी गई है. कंपनी ने जानकारी दी है कि Itel A44 Power की बिक्री 19 नवंबर से की जाएगी. इस फोन को एक्वा ब्लू, शैंपेन गोल्ड और डीप ग्रे रंग में उपलब्ध कराया गया है.

Itel A44 Power स्पेसिफिकेशन

आईटेल ए44 पावर में 5.45 इंच का एफडब्ल्यूजीए+ (480×960 पिक्सल) डिस्प्ले है. इसका आस्पेक्ट रेशियो 18:9 है. इसमें 64 बिट क्वाड कोर प्रोसेसर का इस्तेमाल हुआ है जिसकी क्लॉक स्पीड 1.4 गीगाहर्ट्ज है. फोन में 1 जीबी की रैम मौजूद है. ड्यूल सिम आईटेल ए44 पावर एंड्रॉयड 8.1 ओरियो (गो एडिशन) पर चलता है. Itel के इस फोन की इनबिल्ट स्टोरेज 8 जीबी है. फोन के स्टोरेज को 32 जीबी तक का माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से बढ़ाया जा सकता है.

Itel A44 Power

आईटेल ए44 पावर में ड्यूल रियर कैमरा सेटअप है. प्राइमरी कैमरा 5 मेगापिक्सल का है और सेकेंडरी कैमरा 0.3 मेगापिक्सल का. रियर कैमरा सेटअप के साथ फ्लैश मौड्यूल भी है. फ्रंट पैनल पर 2 मेगापिक्सल का कैमरा है और यह भी फ्लैश मौड्यूल के साथ आता है.

कनेक्टिविटी फीचर के लिए 4जी वीओएलटीई और वीआईएलटीई मौजूद हैं. इस फोन की बैटरी 4000 एमएएच की है. इसके बारे में 3 दिन के बैटरी बैकअप का दावा है. यह फोन ओटीजी पावर बैंक क्षमता के साथ आता है. इसका मतलब है कि इस फोन का इस्तेमाल पावरबैंक के तौर पर हो सकता है.

‘योयो टेस्ट’ और हार्दिक पंड्या की सिगरेट

हमारे देश में क्रिकेटरों के लिए वही सम्मान है जो घर आए नएनवेले जमाई का होता है. लोग उन्हें सिर आंखों पर बैठा लेते हैं. और जब वही जमाई अपनी कमियां दिखाने लगता है तो बहुत दुख होता है.

अभी हाल ही में हमारे लाडले महेंद्र सिंह धोनी की खूबसूरत पत्नी साक्षी का जन्मदिन था. लिहाजा, पार्टी तो बनती थी. पर चूंकि अभी भारतीय क्रिकेट टीम औस्ट्रेलिया के लिए कूच कर चुकी है इसलिए उस पार्टी में बस हार्दिक पंड्या ही नजर आए. वे भी इसलिए कि चोट लगने की वजह से वे कंगारुओं के देश न जा सके थे और धोनी भाई को ट्वेंटी20 की टीम में न्योता नहीं मिला था इसलिए वे भी यहीं रह गए.

बात चूंकि साक्षी के जन्मदिन की पार्टी की चल रही थी तो उस में स्टार क्रिकेटर के नाम पर हमारे सिक्स पैक एब्स वाले हार्दिक पंड्या जी अपने अजीबोगरीब डिजाइन के कोट-पैंट में नजर आए. पर वहां एक बात और अटपटी लगी कि जब केक कटिंग सेरेमनी हो रही थी तो सब से छिप कर, थोड़ा सा झुक कर हार्दिक ने सिगरेट का एक कश लिया था और हल्के से धुआं उड़ा दिया था. और शायद सिगरेट भी फेंक कर बुझा दी थी. चूंकि यह सब किसी के बनाए गए वीडियो में कैद हो गया था इसलिए वायरल होना तो बनता था.

यह वीडियो देख कर खबर साक्षी के जन्मदिन से ज्यादा हार्दिक के सिगरेट पीने की बन गई. हो भी क्यों न, जब कोई सांवले रंग का बांका जवान क्रिकेटर मैदान पर अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी, घातक गेंदबाजी और बेहतरीन फील्डिंग के लिए मशहूर हो तो फिर उस के हाथ में सिगरेट को कैसे बरदाश्त किया जा सकता है.

हालांकि हार्दिक पंड्या ऐसे पहले क्रिकेटर नहीं हैं जिन के हाथ में यह नन्ही सी मौत नजर आई हो. कभी भारत के विस्फोटक बल्लेबाज रहे कृष्णामाचारी श्रीकांत तो चेन स्मोकर बताए जाते थे. ऐसा कई बार होता था जब भारतीय टीम जीत का जश्न मना रही होती थी तब वे हाथ में सिगरेट थामे दिखाई देते थे.

हम किसी क्रिकेटर या दूसरे खेल के किसी खिलाड़ी के हाथ में सिगरेट या शराब का जाम देख कर हैरान क्यों रह जाते हैं जबकि हमारे देश में जश्न तो छोड़िए किसी के मातम पर भी बोतलें खुल जाती हैं?

एक हिंदी वेब सीरीज ‘इनसाइड एज’ जो आईपीएल जैसे खेल टूर्नामेंट पर आधारित थी, में ज्यादातर खिलाड़ी जश्न के नाम पर इन्हीं दो नशों का इस्तेमाल करते दिखाए गए थे. इस वेब सीरीज में धाकड़ बल्लेबाज बने खिलाड़ी ने तो ड्रग्स को भी खूब आजमाया था. उन का कोच तक अपनी सिगरेट पीने की आदत से परेशान था.

बात हार्दिक पंड्या या दूसरे ऐसे खिलाड़ियों की करें जो सिगरेट पीते हैं तो दिमाग में एक सवाल जरूर उभरता है कि फील्ड में ये बेहतरीन प्रदर्शन कैसे कर लेते हैं क्योंकि ऐसे नशे से तो इन का स्टेमिना ही शक के दायरे में आ जाता है? फिर ये बीसीसीआई के उस ‘योयो टेस्ट’ को कैसे पास कर लेते हैं जिस में हर खिलाडी की फिटनेस को बारीकी से परखा जाता है? यह टेस्ट इतना मुश्किल होता है कि आम आदमी तो सपने में भी इस में पास नहीं हो सकता. इस टेस्ट में खिलाड़ी को खुद को अव्वल दर्जे का एथलीट साबित करना होता है चाहे वह कितना ही गजब का क्रिकेट क्यों न खेलता हो. याद रखिए, इस ‘योयो टेस्ट’ में कभी युवराज सिंह और सुरेश रैना जैसे खिलाड़ी भी फेल हो चुके हैं क्योंकि भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल होने के लिए यह टेस्ट पास करना अनिवार्य होता है.

हो सकता है कुछ खिलाड़ी अपनी स्मोकिंग या ड्रिंकिंग जैसी बुरी आदत को बनाए रख कर भी काफी फिट रहते हों पर जब भी हम किसी अपने चहेते खिलाड़ी को इस तरह किसी बुरी लत का शिकार देखते हैं तो अफसोस होता है क्योंकि भारत में क्रिकेट का दर्जा आसमान को छूता है और जब कोई क्रिकेटर अपनी कमी को जगजाहिर कर देता है तो उस के फैंस पर बुरा असर पड़ता है खासकर बच्चों पर.

रिटेलर्स को किनारे लगा रहीं है एमेजोन इंडिया और फ्लिपकार्ट

जीएसटी और नोटबंदी की मार से हैरानपरेशान देश के व्यापारी खासकर फुटकर कारोबारी एक और मार झेलने को मजबूर हैं. यह मार सरकार की नहीं, बल्कि देशविदेश की ई-कौमर्स कंपनियों की तरफ से उन पर पड़ रही है. ये कंपनियां एमेजोन इंडिया और फ्लिपकार्ट हैं, जो भारत सरकार के नियमों की अनदेखी कर रही हैं.

मालूम हो की एमेजोन और फ्लिपकार्ट को फौरेन फंडिंग हासिल है, ये औनलाइन मार्किटप्लेस की तरह औपरेट करती हैं. इन्हें इन्वेंटरी रखने या अपनी वेबसाइट पर बेचे जाने वाले प्रोडक्ट्स की कीमत को प्रभावित करने की इजाजत नहीं है.

देश के प्रवर्तन निदेशालय यानी एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) इस बात की जांच कर रहा है कि ई-कौमर्स कंपनियों एमेजोन इंडिया और फ्लिपकार्ट ने देश विदेश फौरेन एक्सचेंज रेगुलेशंस यानी विदेशी विनिमय दिशानिर्देश का उल्लंघन किया है या नहीं.

ईडी ने इस बात का खुलासा दिल्ली उच्च न्यायालय में  एक जनहित याचिका के जवाब में किया है. यह याचिका देश के 2 बड़े औनलाइन रिटेल प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ दाखिल की गयी थी. आरोप लगाया गया है कि इन दोनों ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश यानी फौरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) के नियमों की अनदेखी की है. ईडी को एमेजोन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ मोबाइल हैंडसेट निर्माताओं के एक लौबी से भी शिकायत मिली है.

ईडी ने फौरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा) 1999 के प्रावधानों के तहत फ्लिपकार्ट और एमेजोन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन दोनों ने इस कानून के किसी प्रावधान या फेमा के तहत जारी किसी नियम, नोटिफिकेशन, निर्देश या आदेश का उल्लंघन किया है या नहीं.

एक एनजीओ टेलीकौम वाचडौग ने यह आरोप लगाते हुए जनहित याचिका दाखिल की थी कि इन कौमर्स कंपनियों ने प्रॉक्सी विक्रेताओं के जरिए पोपुलर (जनप्रिय) प्रोडक्ट्स को सस्ती दरों पर औफर कर प्राइसिंग (कीमतों) के बारे में एफडीआई नियमों का उल्लंघन किया और छोटे कारोबारियों व औफलाइन रिटेलर्स को इस बिजनेस में किनारे धकेला.

एनजीओ ने आरोप लगाया कि एमेजोन और फ्लिपकार्ट का इन विक्रेताओं के ज़रिए अपने प्लेटफार्म पर बेचीं जाने वाली वस्तुओं की कीमतों पर पूरा नियंत्रण है. इन ई-कौमर्स कंपनियों ने मैन्युफैक्चरर्स से ज्यादा डिस्काउंट पर थोक पर ब्रांडेड सामान खरीदकर छोटे विक्रेताओं के लिए कारोबार करना मुश्किल बना दिया है.

इधर, फ्लिपकार्ट के एक उच्च अधिकारी का कहना है, ‘भारत सरकार ने ई-कौमर्स मार्केटप्लेस मौडल में 100 फीसदी एफडीआई की इजाजत दी है और हम एफडीआई कानूनों का पूरी तरह पालन करते हैं.’

वहीं, मोबाइल हैंडसेट मेकर्स के लौबी ग्रुप इंडियन सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने दावा किया है कि पिछले सालभर में फ्लिपकार्ट और एमेजोन पर दिए जाने वाले डिस्काउंटस के चलते मोबाइल फोन रिटेल सेगमेंट में रोजगार के लाखों अवसर खत्म हो गए हैं.

आईसीईए की मांग है कि एफडीआई नियमों का उल्लंघन कर औफलाइन रिटेल मार्किट को प्रभावित करने के लिए एमेजोन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ कार्यवाही की जाए.

प्यार किसी का, लुटा आशियाना किसी का : भाग 2

‘‘बिलकुल ठीक कहा शशि, आओ हम उस पेड़ के नीचे बैठ कर बातें करते हैं.’’ कहते हुए एहसान शशि के साथ पेड़ की छांव में जा बैठा और बातें करने लगा. दोनों ने एकदूसरे को विस्तार से अपनेअपने परिवारों के बारे में बताया.

एहसान ने कहा, ‘‘जिंदगी हमारी है, इसलिए अपनी जिंदगी के बारे में सिर्फ हम ही निर्णय ले सकते हैं. तुम मुझ से मिलने के लिए रोज यहीं आना. यहां लोगों की नजर हम पर नहीं पड़ेगी. बोलो, आओगी न?’’

‘‘हां एहसान, मैं जरूर आऊंगी. तुम मेरा इंतजार करना.’’ शशि ने कहा और वहां से अपने घर की ओर चल दी.

शशि आज ऐसे खुश थी, मानो कोई बड़ा खजाना मिल गया हो. वह एहसान की यादों में इतनी खो गई थी कि कब सवेरा हुआ और कब वह उस के पास पहुंच गई, उसे पता ही नहीं चला. एहसान भी उसी पेड़ की छांव में उस का बेसब्री से इंतजार कर रहा था. दोनों एकदूसरे से मिल कर काफी खुश हुए. एहसान शशि से रोमांटिक बातें करने लगा तो शशि शरमा गई, लेकिन बोली कुछ नहीं. तब एहसान ने पूछा, ‘‘शशि, तुम्हें पता है कि तुम कितनी सुंदर हो?’’

‘‘हां, मुझे पता है, पर इस में मेरा क्या कुसूर है?’’ शशि ने पूछा.

‘‘इस में तुम्हारा कोई कुसूर नहीं है. कुसूर है तो सिर्फ तुम्हारी सुंदरता का, जिस ने मेरा दिल चुरा लिया है. मेरे इस दिल को अपने पास संभाल कर रखना. इसे कभी तोड़ना नहीं.’’ एहसान ने मुसकराते हुए कहा.

‘‘यह कैसी बातें कर रहे हो? मैं भला तुम्हारा दिल कैसे तोड़ सकती हूं? हमारा मिलन तो जन्मजन्मांतर का है. तुम्हें देख कर मुझे पहली ही नजर में ऐसा लगा जैसे तुम मेरे हो और मैं तुम्हारे पास खिंची चली आई.’’ शशि ने अपनी भावना व्यक्त करते हुए कहा.

‘‘मैं कितना खुशकिस्मत हूं कि तुम मुझे यज्ञ में अनायास ही मिल गई. शायद मेरे नसीब में लिखा था तुम्हें पाना.’’ कहते हुए एहसान ने शशि के हाथ को चूमा तो वह शरमा गई.

उन दोनों का प्यार दिनोंदिन परवान चढ़ने लगा. लेकिन गांव का माहौल कुछ ऐसा होता है कि अधिक दिनों तक कोई भी बात किसी से छिपी नहीं रह सकती. एहसान और शशि के प्रेमिल संबंध भी लोगों से छिपे नहीं रह सके.

लालजी को पता चला तो उस ने शशि की खूब पिटाई की और उसे सख्त हिदायत दी कि वह आज के बाद एहसान से मिलने की भूल कर भी कोशिश न करे, नहीं तो उस से बुरा कोई नहीं होगा. उस के घर से निकलने पर भी पाबंदी लगा दी गई. लालजी अब जल्द से जल्द शशि के हाथ पीले कर देना चाहता था. शशि के कारण पूरे गांव में उस की बदनामी हो रही थी. मिश्रिख थानाक्षेत्र के ही अमजदपुर गांव में रामप्रसाद अपने परिवार के साथ रहते थे और खेतीकिसानी करते थे. परिवार में पत्नी रामकली के अलावा 3 बेटियां श्रीकांती, महिमा व सरिता थीं और 2 बेटे बबलू और सोनू.

रामप्रसाद अपनी 2 बेटियों का विवाह कर चुके थे. उन्होंने बड़े बेटे बबलू का भी विवाह कर दिया था. बबलू लखनऊ में रह कर ड्राइवरी करता था. जबकि सोनू अभी अविवाहित था. सोनू पिता के साथ खेती में हाथ बंटाता था.

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लालजी को एक रिश्तेदार के माध्यम से सोनू और उस के परिवार के बारे में पता चला तो वह सोनू के पिता रामप्रसाद से जा कर मिले. बात आगे बढ़ी और जल्द ही शशि का रिश्ता सोनू के साथ तय हो गया. शशि ने लाख विरोध किया लेकिन उस की एक नहीं चली.

प्यार में अड़ंगा, शशि हुई परेशान

इसी साल 9 मार्च को धूमधाम से शशि और सोनू का विवाह हो गया. शशि को न चाहते हुए भी विवाह कर के ससुराल जाना पड़ा. वह एहसान के साथ जिंदगी गुजारने का सपना देख रही थी, लेकिन उस के घर वालों ने उस के सपनों को तोड़ दिया था.

पगफेरे की रस्म के लिए जब शशि अपने मायके गई तो वह एहसान से मिली और उस के गले लग कर बिलखबिलख कर रोई. एहसान की भी आंखें गीली हो आईं. वह शशि की हालत देख कर बेचैन हो उठा. उस ने सांत्वना दे कर किसी तरह शशि को शांत किया. फिर उस से कहा कि हम कभी अलग नहीं होंगे, कोई भी हमें जुदा नहीं कर सकता.

शशि जब तक मायके में रही, एहसान से मिलती रही. वहां से वापस ससुराल आई तो मोबाइल पर चोरीछिपे एहसान से बातें करने लगी.

30 मार्च को सोनू शशि को बाइक पर बैठा कर अपनी ससुराल गया, जो उस के गांव से महज 12 किलोमीटर की दूरी पर थी. एक दिन रुक कर उसे अकेले 31 मार्च को वापस घर आना था, लेकिन शशि की मौसी ने उस दिन आने नहीं दिया. 1 अप्रैल को शाम 4 बजे सोनू बाइक से अपनी ससुराल से घर जाने के लिए चल दिया. अभी वह साढ़े 4 बजे के करीब सहादतनगर गांव के पास पहुंचा ही था कि पीछे से आए बाइक पर बैठे 2 अज्ञात युवकों ने सोनू की कनपटी पर तमंचे से फायर कर दिया. गोली लगते ही सोनू बाइक समेत जमीन पर गिर पड़ा. कुछ पल छटपटाने के बाद उस ने दम तोड़ दिया.

कुछ लोगों ने काफी दूर से घटना होते देखी थी. जब तक वे वहां पहुंचे, तब तक हत्यारे फरार हो चुके थे. उन में से किसी ने इस की सूचना मिश्रिख कोतवाली को दे दी.

सूचना पा कर इंसपेक्टर अशोक सिंह पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए. लाश का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने मृतक की शिनाख्त कराई तो उस की शिनाख्त सोनू के रूप में हो गई.

इंसपेक्टर अशोक सिंह ने सोनू के परिजनों को घटना की सूचना भेज दी. कुछ ही देर में सोनू के परिजन वहां पहुंच गए और लाश को देख कर रोनेबिलखने लगे. इंसपेक्टर अशोक सिंह ने सोनू के घर वालों से कुछ आवश्यक पूछताछ की, फिर लाश को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया.

इस के बाद कोतवाली आ कर उन्होंने सोनू के भाई बबलू की लिखित तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध भादंवि की धारा 302 और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया.

इंसपेक्टर अशोक सिंह ने इस मामले की जांच शुरू की तो उन्हें सोनू की पत्नी शशि पर शक हो गया. विवाह को एक माह भी नहीं बीता था और ससुराल से आते वक्त ही सोनू की हत्या हो गई थी. सोनू के साथ ही उन्होंने शशि के मोबाइल की भी काल डिटेल्स निकलवाई.

प्रेमी बना हत्यारा

सोनू के ससुराल से निकलने के पहले और बाद में भी शशि के नंबर से एक नंबर पर काल की गई थी. उस नंबर पर उस से पहले भी हर रोज कई बार काल की गई थी. उस नंबर की जानकारी की गई तो वह नंबर कोहरावां गांव निवासी एहसान का निकला. इस का मतलब था कि सोनू की हत्या में शशि का भी हाथ था.

12 अप्रैल को इंसपेक्टर अशोक सिंह ने शशि को अपनी हिरासत में ले लिया और महिला सिपाही की उपस्थिति में उस से कड़ाई से पूछताछ की. घबरा कर उस ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए सोनू की हत्या करने वाले अपने प्रेमी एहसान और उस के दोस्त रामशंकर का नाम भी बता दिया. इस के बाद दोनों को उसी दिन बढ़ैया गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया गया.

विवाह के कुछ दिन में ही शशि की हरकतों से सोनू को शक हो गया था कि शशि चोरीछिपे किसी से बात करती है. उस ने इस का कई बार विरोध भी किया था. प्रेमी से मिलना तो दूर, बात करना भी मुश्किल होने लगा तो शशि तड़प उठी.  उस ने अपने प्रेमी एहसान से पूरी बात बताई. इस के बाद दोनों ने तय किया कि वे सोनू को रास्ते से हटा देंगे. क्योंकि उस को हटाए बिना वे कभी एक नहीं हो सकते. शशि के हाथों की मेहंदी भी नहीं छूटी थी कि उस ने अपनी मांग का सिंदूर मिटाने का फैसला कर लिया.

एहसान ने अपने दोस्त रामशंकर उर्फ छोटू निवासी परागपुर थाना मिश्रिख को सोनू की हत्या करने के लिए अपने साथ मिला लिया था. 1 अप्रैल को एहसान अपने दोस्त के साथ रास्ते में खड़ा हो कर सोनू के आने का इंतजार करने लगा. सोनू का दोपहर डेढ़ बजे ससुराल से निकलने का प्रोग्राम था, इसलिए एहसान पहले से ही आ कर उस के आने का इंतजार कर रहा था. लेकिन सोनू ससुराल से 4 बजे के करीब निकला. उस के निकलते ही शशि ने एहसान को फोन कर के बता दिया.

जैसे ही सोनू सामने से आता दिखा, रामशंकर ने बाइक स्टार्ट की. एहसान उस के पीछे बैठ गया. रामशंकर ने गाड़ी को स्पीड दे दी. सोनू की बाइक के करीब पहुंचते ही एहसान ने सोनू की कनपटी पर फायर कर दिया. गोली लगने से सोनू की मौत हो गई. गोली मारने के बाद दोनों वहां से फरार हो गया.

लेकिन उन का गुनाह छिप न सका. पुलिस ने उन के पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा, 2 कारतूस, एक कारतूस का खोखा और 4 मोबाइल बरामद किए. साथ ही हत्या में प्रयुक्त बाइक नंबर यूपी34 एन5189 भी बरामद कर ली गई. यह बाइक एहसान के भाई सलमान की थी. आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तीनों अभियुक्तों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.

– कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित

चंद्रशेखर राव : हवन और यज्ञ के सहारे जीत का सपना

चुनावों में जीत के लिए नेताओं द्वारा तरहतरह के धार्मिक हथकंडे अपनाए जा रहे हैं. जाति, धर्म, वर्ग विशेष के लोगों को लुभाने के वादे तो हैं ही, धार्मिक स्थलों और धर्मगुरुओं के मठों, आश्रमों और मंदिरों की परिक्रमा के ढोंग भी खूब देखे जा रहे हैं.

आंध्रप्रदेश से अलग हो कर अस्तित्व में आए नए राज्य तेलंगाना के मुख्यमंत्री एवं तेलंगाना राष्ट्र समिति के मुखिया कल्वाकुंतला चंद्रशेखर राव का धर्म प्रेम जगजाहिर है. राज्यों के मुख्यमंत्रियों में तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव धार्मिक कर्मकांड कराने वाले नेताओं में सब से अग्रणी माने जाते हैं. वह सरकारी खर्च पर कभी प्रदेश की तरक्की के लिए तो कभी सुखशांति के लिए हवनयज्ञ कराने के लिए खबरों में रहते हैं.

इस बार चंद्रशेखर राव ने चुनाव जीतने के लिए देश भर के पंडितों को बुला कर 2 दिन का यज्ञ करवाया है. वह दूसरी बार फिर राज्य की सत्ता में आना चाहते हैं. सिद्दिपेट जिले के ईरावल्ली स्थित चंद्रशेखर राव के फार्महाउस में राजा श्यामला महायज्ञ, चंडी यज्ञ और अन्य धार्मिक कर्मकांड कराए गए.

इस काम के लिए राव का परिवार ही नहीं, पूरा कैबिनेट जुटा. यज्ञ विशाखा के शारदापीठाधीश स्वरूपानंद सरस्वती से कराया गया. कहा गया है कि चंद्रशेखर राव ने यज्ञ के लिए अलगअलग राज्यों से 75 पंडितों को बुलाया. इस यज्ञ के बाद राव चुनाव प्रचार के लिए निकलेंगे. टीआरएस नेताओं का कहना है कि तेलंगाना राज्य की समृद्घि, लोगों के कल्याण और विभिन्न विकास योजनाओं को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के लिए किया गया है.

फार्महाउस में यज्ञ के लिए वेदियां बनाई गई हैं. राव खुद यज्ञ में परिवार सहित उपस्थित रहे. यज्ञ के दौरान राव ने पत्नी के साथ गाय को फूलमाला पहनाई और अपने हाथों से खाना खिलाया. उस समय उन के सिक्युरिटी गार्ड भी उन के साथ रहे.

राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ के साथसाथ तेलंगाना में भी विधानसभा के चुनाव हो रहे हैं. कहा गया कि राव को एक दिन ‘अलौकिक आभास’ हुआ कि उन्हें विधानसभा भंग कर नए चुनाव करवा लेने चाहिए ताकि वह फिर से राजगद्दी पर विराजमान हो सकें. उन्होंने ऐसा ही किया. समय से पहले विधानसभा भंग कराने का ऐलान करा दिया.

राव ज्योतिष, वास्तुशास्त्र, शकुनअपशकुन और कर्मकांडों में गहरी आस्था रखते हैं. पुरोहितों से पूछे बिना वह कोई काम नहीं करते. विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव भी उन्होंने पंडितों से ग्रह, नक्षत्र दिखा कर कराया था लेकिन चुनाव आयोग ने जब राज्य में  मतदान की तारीख 7 दिसंबर तय की तो पंडितों ने कहा कि इस दिन अमावस्या है औैर अशुभ दिन है इसलिए यह राव के लिए चिंता का कारण बन गया. उन्होंने पंडितों ने राय ली तो जीत के लिए उपाय के तौर पर यज्ञ कराने की सलाह दी गई.

चंद्रशेखर राव ने इस से पहले भी राज्य में चंडी महायज्ञ कराया था जिस में भयंकर आग लगने से करोड़ों का पंडाल जल कर राख हो गया. पंडितों को यज्ञ बीच में छोड़ कर भागना पड़ा था. उस समय आग घी के डिब्बों में लग गई. यज्ञ स्थल के पास दर्जनों देसी घी के डिब्बे पड़े थे. आग हवनकुंडों से होती हुई डिब्बों तक जा पहुंची और देखते ही देखते समूचे पंडाल को चपेट में ले लिया. मुख्यमंत्री चंद्रशेखर को परिवार, अपने मंत्रिमंडल और मेहमानों समेत भागना पड़ा था.

विश्वशांति और लोकहित के लिए कराए गए इस यज्ञ के लिए उत्तरप्रदेश सहित कई राज्यों के लगभग 2 हजार ब्राह्मणों को बुलाया गया था. मेहमानों के भोजन के लिए 400 रसोइए रखे गए थे. यज्ञ में तब के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी समेत कई राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों को बुलाया गया था. आग इतनी भयंकर थी कि यज्ञ वेदी पर मंत्र पढते छोड़ कर भाग रहे कुछ पंडितों की धोतियां भी जल गई थीं.

राज्य के 31 जिलों की कुल 119 सीटें हैं. अभी चंद्रशेखर राव की पार्टी के पास 90 सीटें हैं. कांग्रेस के पास 13 और अन्य के पास 16 सीटें हैं. राज्य में कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल है.

छोटे घर को बड़ा दिखाने के लिए आजमाएं ये 9 आसान टिप्स

अगर आपका घर छोटा है तो इस बात से आप निराश न रहें. घर को बड़ा दिखाने के चक्कर में आप ज्यादा पैसे खर्च करने लगते हैं तो इससे बचें. अगर घर को थोड़ा बड़ा और खूबसूरत बनाना चाहती हैं तो नीचे दिए हुए सुझावों का इस्तेमाल करें.

आज हम आपको बताते हैं छोटे घरों को बड़ा कैसे दिखा सकती हैं-

  • घर के दीवारों पर हल्के रंग से पुताई कराएं. पुताई के दौरान ऐसे हल्के रंगों का चयन करें जिससे इनका संयोजन अच्छा लगे.
  • भारी कालीन के बजाय हल्के रंग का खूबसूरत डिजाइन वाला गलीचा बिछाएं.
  • छोटे फूलों के प्रिंट वाले हल्के रंग के बेड शीट, पर्दे इस्तेमाल करें, जिससे घर में खुलापन लगे. गहरे रंग के पर्दे, कालीन से कमरा क्लॉग हो जाएगा और घुटन जैसा महसूस होगा.
  • घर को थोड़ा बड़ा दिखाने के लिए कम से कम फर्नीचर रखें, इससे घर थोड़ा खुला-खुला नजर आएगा और देखने में अच्छा लगेगा.
  • सामान से भरे छोटे कमरे में सोफा के बजाय खूबसूरत डिजाइन वाली कुर्सियां लगाएं, इससे आपके घर को सुंदर और अलग लुक मिलेगा.
  • बैठक कमरे में जमीन पर आरामदायक गद्दा बिछा दें और इसके साथ बढ़िया कुशन और ट्यूब पिलो रखें.
  • फर्श पर ज्यादा सामान की भीड़ से बचने के लिए वाल दीवार में आसानी से फिट हो जाने वाले रैक लगाएं. इससे काफी स्पेस मिलेगा.
  • छोटे कमरों में बेड पर अनावश्यक सामान नहीं रखें. अगर आप कम्फर्टर या रजाई इस्तेमाल में ला रही हैं तो उसके साथ दो तकिए रखें और अतिरिक्त कुशन के इस्तेमाल से बचें.
  • ज्यादा जगह घेरने वाले भारी फर्नीचर के बजाय कम जगह लेने वाले फर्नीचर, मेज का इस्तेमाल करें.

अब पीठ के मुंहासो से मिलेगा छुटकारा

पिंपल और मुंहासे चेहरे के साथ ही कई बार हमारे सीने, गले तथा पीठ पर भी अपनी जगह बना लेते हैं. इनके होने के पीछे का कारण हार्मोन है, जो ज्‍यादा सीबम पैदा करते हैं और पिंपल बनाते हैं. अगर आप भी चाहती हैं कि आपकी पीठ बिल्‍कुल साफ और बेदाग दिखे, तो हम आपके लिए लेकर आएं हैं इससे छुटकारा पाने का घरेलू नुस्खा. इनकी मदद से आप पीठ पर होने वाले मुंहासे से ना सिर्फ छुटकारा पा सकेंगी बल्कि सुंदर व बेदाग पीठ भी पा सकेंगी.

हल्‍दी

तीन चम्‍मच हल्‍दी और पानी मिला कर गाढ़ा पेस्‍ट तैयार करके रात में उसे पीठ पर लगाएं. सुबह गरम पानी और मेडिकेटेड सोप से नहाएं. इसको दो हफ्ते लगातार करें, असर जरुर होगा.

ऐलो वेरा

नहाने के बाद ऐलो वेरा को अपनी पीठ पर लगाएं. इससे पीठ पर पड़े चकत्‍ते, दाग-धब्‍बे और मुंहासों की वजह से पड़ी सूजन दूर हो जाएगी.

मुल्‍तानी मिट्टी पैक

पेस्‍ट तैयार करें, जिसमें एक चम्‍मच मुल्‍तानी मिट्टी, गुलाब जल और एक चम्‍मच चंदन पाउडर मिला हो. इस पेस्‍ट को अपनी पूरी पीठ पर लगाएं और सूखने के बाद ठंडे पानी से नहा लें. गर्मी के मौसम में इस पैक को हर दूसरे दिन में प्रयोग करना चाहिये.

लेवेंडर तेल

पिंपल से राहत पाने के लिए हर दूसरे दिन अपनी पीठ की मालिश, लेवेंडर के तेल से करें. यह एक प्राकृति एंटीसेप्‍टिक है, जो कोशिकाओं को साफ करता है.

बेकिंग सोडा

बेकिंग सोडा, गुलाब जल, शहद को मिला कर एक पेस्‍ट तैयार करें. इस पेस्‍ट को लूफा पर रखें और फिर उससे अपनी पीठ को स्‍क्रब हल्‍के से स्‍क्रब करें और गरम पानी से धो लें. अगले छे घंटे तक पीठ पर साबुन का प्रयोग बिल्‍कुल न करें. इस विधि को अगले 10-12 दिनों तक रोजाना आजमाएं.

टी ट्री औयल

पिंपल वाली त्‍वचा पर टी ट्री औयल लगाएं, क्‍योंकि यह एक्‍ने के बैक्‍टीरिया को और भी ज्‍यादा फैलने से रोकता है.

सर्दियों के मौसम में घर में ही गर्माहट दिलाएंगे ये 5 शानदार टिप्स

ठंड के मौसम ने दस्तक दे दी है, और इस मौसम में आपको कपड़ो की ज्यादा जरुरत होती हैं.पर चाहे आप कितना भी कपड़े क्यों न पहन लें, लेकिन अगर आपके घर में गर्माहट नहीं है तो आपको लगातार ठंड लगती रहेगी. ऐसे में हो सकता है कि ठंड के कारण आप बीमार भी हो जाएं. आइए आपको बताते हैं, ठंड के मौसम में आप अपने घर को कैसे गर्म रख सकती हैं.

  • आप ठंडे फर्श पर नहीं चलें. फर्श पर रंगीन, खबूसूरत कालीन या दरी बिछाएं, जो न सिर्फ आपके पैरों को गर्म रखेंगे, बल्कि घर की खूबसूरती भी बढ़ाएंगे. आप चाहें तो स्टाइलिश, रंगीन कौर्पेट का चयन कर सकती हैं.
  • इस मौसम में अपने घर को गर्म रखने के लिए चमकीले, चटख रंग के कुशन इस्तेमाल आप कर सकती हैं.
  • आप मोमबत्तियां जला सकती हैं. इससे भी आपको गर्माहट का अहसास होगा.
  • सर्दियों में दीवारों को चटख गर्म रंगों जैसे लाल, पीला, भूरा रंग से पेंट कराएं. इससे आपके घर को नया और स्टाइलिश लुक भी मिलेगा.
  • चमकीले और आरामदायक, स्पौन्जी टेक्सटाइल के इस्तेमाल के लिए सर्दी सबसे उपयुक्त मौसम है. ऊन, फौक्स फर के कुशन को इस्तेमाल में लाएं.

इन गलतियों से बचेंगी, तो चेहरे पर कभी नहीं पड़ेंगी झुर्रियां

क्या आप भी यही सोचती हैं कि झुर्रियां केवल बुढ़ापे की वजह से होती हैं. पर यह पुरानी धारणाएं हैं जो बिल्कुल गलत है. क्‍या आप जानती हैं कि झुर्री पड़ने के पीछे कई ऐसे गहरे कारण हैं, जिनसे हम आज तक रुबरु ही नहीं हुए. आपने अभी तक अपनी स्‍किन के साथ जो-जो अत्‍याचार किया है, वह झुर्रियां बन कर ही चेहरे पर सामने आती हैं. झुर्रियों से बचने के लिए कुछ ऐसी गलत आदते हैं, जिनको आप तुरंत ही पहचान कर छोड़ सकती हैं.

नींद पूरी न करना

कई लोग पूरे हफ्ते काम के चक्‍कर में अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते, जिससे चेहरे पर झुर्रियां साफ दिखने लगती हैं. झुर्रियों को दूर करने के लिए अपनी ब्‍यूटी स्‍लीप जरुर लेनी चाहिये.

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क्रीम लगाने का तरीका

कई औरते सोंचती हैं कि नाइट क्रीम लगाने से झुर्रियां चली जाएंगी. पर केवल क्रीम लगाना ही काफी नहीं है बल्कि उसको लगाने का ढंग भी आपको आना चाहिये. घ्‍यान रखें कि, जब कभी भी आप क्रीम लगाएं तो आपके हाथ नीचे से ऊपर की ओर जाने चाहिये. अगर आप अपनी त्‍वचा को नीचे की ओर घसीटेंगी, तो झुर्रियां पड़ेंगी.

आंखों को मलना

न केवल यह करना आपकी आंखों के लिए ही खराब है बल्कि यह आंखों के किनारे की त्‍वचा को भी खराब कर देता है. अगर आंखों में खुजली हो भी रही हो, तो उसे पानी की छींट मार कर सही कर दें. इस प्रकार से आप आंखों के किनारे, नाजुक त्‍वचा को झुर्रियों से बचा सकती हैं.

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पेट के बल सोना

रात को पेट के बल सोना बहुत ही आरामदायक स्‍थती हाती है, पर इससे आपके चेहरे की त्‍वचा तकिये से घिसती है. इससे आपकी उम्र कई गुना बढ़ी लगेगी, इसलिए हमेशा पीठ के बल ही सोएं.

सूरज की धूप

जब भी धूप में जाएं, तो धूप का चशमा जरुर लगाएं. इससे आपकी आंखों के किनारे रेखाएं नहीं पड़ेंगी. धूप ज्‍यादा होने पर हम अपनी आंखों को कस के सिकोड़ लेते हैं, जिससे झुर्रियां पड़ जाती हैं.

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तुरंत वजन में कमी आना

हम जल्‍द से जल्‍द अपने बढ़े हुए वजन को कम कर लेना चाहते हैं. पर अगर आप बड़ी जल्‍दी वेट लौस करती हैं, तो झुर्रियां पड़ेंगी. स्‍किन लचीली होती है और वह जल्‍द अपने आपको किसी भी स्‍थती में डाल नहीं पाती. इसलिए धीरे-धीरे वजन को कम करना चाहिये.

बगीचे के लिए घर पर खुद से खाद बनाने की ये है बेहतरीन विधि

आप अपने बगीचे के लिए खुद से खाद बना सकती हैं. ये खाद आपके बगीचे के लिए और पर्यावरण के हिसाब से खास उपयोगी साबित होगी. खुद से बनाई गई खाद से आप अपने बजट को भी आसान कर सकती हैं. आप केमिकल रहित खाद बना सकती हैं, इसके लिए आपको सामान भी खरीदने की आवश्यकता नहीं है. बस आपको एक काम करना होगा कि आपके घर का जितना भी कूडा-कबाड़ा हो उसे बाहर न फेंके, यह आपके बागीचे में काम आ सकता है.

चलिए आपको बता दें, खाद बनाने की विधि-

-इस खाद को बनाने के दौरान कोई भी प्‍लास्‍टिक का सामान इसमें न मिले. अगर किचन का कूड़ा निकले तो पहले उसे देख लें कि कहीं उसमें प्‍लास्टिक बैग वगैरह न हों. अगर आपके घर में पालतू जानवर हैं और वह बीमार हैं तो उनके मल को खाद के लिए प्रयोग करें.

-अब सवाल यह उठता है कि इस खाद को आप अपने घर में कहां रखेगीं? अगर आपके घर के पीछे या बागीचे में थोड़ी सी जगह है तो आप वहां पर गढ्ढा खोद कर उसमें खाद को रख सकते हैं.

-ध्‍यान रखें, खाद तभी तैयार होगी जब उसके अंदर गर्मी पहुंचेगी और यह गर्मी संकोचन से पैदा होगी. इसलिए जितना हो सके उतना कूड़ा जमा करें. इससे खाद पर दबाव पड़ेगा और काम जल्‍दी होगा.

-अपने घर के बागीचे के लिए संपूर्ण पौष्टिक वाला खाद बनाने के लिए आप जितना हो सके गाय के गोबर, किचन से निकली सड़ी सब्जियों, अंडे के छिलकों का भरपूर प्रयोग कर सकती हैं.

-गढ्ढे पर ध्‍यान दें की कहीं वह सूख न गया हो अगर ऐसा होता है तो उसे समय समय पर गीला करते रहें. अगर वह सूखा हुआ है तो खाद बनने की विधी अपने आप ही रुक जाएगी.

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