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इंग्लैंड के इस बल्लेबाज का अजीबोगरीब शौट देख हैरान रह जाएंगे आप

टी20 क्रिकेट की शुरुआत के बाद दुनिया भर में बल्लेबाज तेजी से रन जुटाने के लिए नए और नौन क्रिकेटिंग शौट्स इजाद कर रहे हैं. क्रिकेट की दुनिया में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके नाम कुछ खास शौट्स के साथ जुड़े हैं. जैसे श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान का मशहूर दिलस्कूप, इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन की स्विच हिट और महेंद्र सिंह धोनी का हेलिकाप्टर शौट. ये सभी खिलाड़ी इन शौट्स को खेलने के लिए जाने जाते हैं.

लेकिन अगर हम कहें कि एक ऐसा खिलाड़ी है जिसने एक ही गेंद पर ये तीनों शौट खेले तो, आप भी कहेंगे कि ऐसा करना मुश्किल है. हां एक गेंद पर ये तीनों शौट खेलना जरूर मुश्किल है लेकिन कम से कोशिश तो की ही जा सकती है और कुछ ऐसा ही किया इस बल्लेबाज ने. ऐसा ही एक शौट इस समय सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जिसे ‘हेलिस्कूप’ का नाम दिया गया है.

तबरेज शेख नाम के ट्विटर यूजर ने अपने अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें एक बल्लेबाज कुछ अजीबोगरीब शौट खेलता नजर आ रहा है. पहले तो खिलाड़ी ने अपना बल्ला हेलिकाप्टर शौट खेलने के लिए घुमाया और फिर स्विच हिट खेलने के लिए तैयार हो गया लेकिन जैसे ही गेंद उसकी तरफ आई बल्लेबाज ने पैडल स्कूप खेलकर फाइन लेग की तरफ चौका लगा दिया.

वीडियो देखकर समझ नहीं आ रहा है कि गेंदबाज ज्यादा कनफ्यूज है या बल्लेबाज. ट्विटर पर इस शौट के नामकरण का सिलसिला भी शुरू हो गया. क्रिकेट फैंस ने इसे दिलस्कूप और हेलिकाप्टर शौट का मेल बताया और इसका नाम हेलिस्कूप रखा.

यह मैच कब और कहां का है सोशल मीडिया पर इस बात की जानकारी नहीं दी गई है लेकिन शौट खेलने वाले बल्लेबाज का नाम ह्यूगो हैमंड बताया जा रहा है जो कि इंग्लैंड के क्रिकेटर हैं. वह इंग्लैंड फिजिकल डिसेबिलिटी टीम के साथ हैमशायर डिसेबिलिटी टीम के लिए भी खेल चुके हैं.

फोन में ये एप डाउनलोड कर आप कर सकते हैं पैसों की बचत

अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि उनसे सेविंग्स नहीं हो पाती. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वे आमदनी का सही से हिसाब नहीं रख पाते. वैसे हिसाब रखना आसान काम भी नहीं है, तो जाहिर है मुश्किलें तो होंगी लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी ये मुश्किल आपका स्मार्टफोन हल कर सकता है. इसके लिए आपको अपने स्मार्टफोन में कुछ पर्सनल फाइनेंस एप डाउन लोड करने होंगे. ये एप मनी मैनेजमेंट से जुड़े एप होंगे जो खर्च कंट्रोल करने में आपकी मदद तो करेंगे ही साथ ही आपको इन्वेस्टमेंट की अच्छी सलाह भी देंगे.

अगर आप इन्‍वेस्‍टमेंट कर रहे हैं तो ये एप आपकी मदद करते हैं और अपने बजट के सीमा के भीतर रहने के लिए ये एप सचेत करते रहते हैं. ऐप आपको बताते हैं कि आपके बिल की तारीख क्‍या है, आप पर कितना कर्ज है और आप कितना कर्ज चुका सकते हैं. एप आपको पेमेंट्स का रिमाइंडर भी भेजता है, ताकि आपको लेट फीस न चुकानी पड़ जाए. इन सबके अलावा आपको फ्री क्रेडिट स्‍कोर भी मिलता है.

मिंट एप

अब आपको अलग-अलग साइटों पर जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि इंट्यूट इंक की फ्री में मिलने वाली मिंट एप आपकी बजट बनाने, अपने खर्च पर नजर रखने और पैसे का स्‍मार्ट तरीके से उपयोग करना सिखाता है. इस ऐप से आप अपने सभी बैंक और क्रेडिट कार्ड अकाउंट्स के साथ मंथली बिल्‍स भी जोड़ सकते हैं. इस तरह आपकी सभी फाइनेंशियल एक्टिविटीज एक प्‍लेटफार्म पर आ जाती हैं.

मनी मैनेजर एप

इसके जरिए आप देख सकते हैं कि आपका पैसा कहां जा रहा है. बाकी ऐप में आप सिर्फ नंबर ही पढ़ पाते हैं, हालांकि प्रो वर्जन के लिए आपको 3.99 डालर चुकाने होंगे.

मोनफाइ एप

मोनफाइ भी इस समय फ्री में उपलब्‍ध सबसे सिंपल पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट एप्‍स में एक है. इस पर नए डेटा आसानी और तेजी से डाले जा सकते हैं. आप इसका फ्री वर्जन भी ले सकते हैं, हालांकि इसके प्रो वर्जन के लिए आपको 2.50 डालर चुकाने पड़ेंगे.

गुडबजट एप

बजट बनाने के मामले में गुडबजट एप बेहद सिंपल और लोगों में काफी लोकप्रिय है. आप इसे एंड्रायड या आईओएस प्ले स्टोर से फ्री डाउनलोड कर सकते हैं. इसके जरिए आप खर्च और इनकम दोनों की ट्रैकिंग कर सकते हैं.

इंटरनेट टिकट बुकिंग पर दस लाख का बीमा, जानिये कैसे

रेल यात्रियों को आरक्षित टिकट पर मिलने वाली बीमा कवरेज सुविधा में एक विसंगति सामने आई है. बढ़ते रेल हादसों के बीच इंटरनेट से टिकट बुक करने वालों को रेलवे मुफ्त (0 रुपए प्रीमियम) में बीमा कंपनियों से 10 लाख रुपए तक का बीमा दिलवा रही है. वहीं खिड़की से मैन्यूली टिकट बुक कराने वालों को कोई कवरेज नहीं मिल रहा.

अगर दुर्घटना होती है तो यात्री के परिजनों को केवल सरकारी मुआवजा ही मिलेगा. खास बात यह है कि 45 फीसदी से अधिक यात्री अब भी विंडो से ही टिकट ले रहे हैं. उत्कल और कैफियत एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद एक बार फिर रेलवे मैन्यूल टिकट पर भी इसे लागू कर सकती है. हालांकि रेल अधिकारी इसे रेलवे मंत्रालय और बोर्ड स्तर का मामला बता रहे हैं.

बता दें कि एयरवेज के अलावा सड़क मार्ग से शासकीय बसों में भी यात्री बीमा अनिवार्य कर दिया गया है. इसके बावजूद रेलवे अभी भी यात्री की जोखिम व सुरक्षा मापदंड में पीछे है. बीते साल ई-टिकट पर बीमा सुविधा लागू की गई थी. तब इसका शुल्क बहुत कम था मगर हाल ही यात्रियों को यह सुविधा 0 रुपए पर मुहैया कराई जाने लगी है. टिकट बुक करने के बाद यात्रियों के मोबाइल नंबर पौलिसी नंबर और बीमा कंपनी से जुड़ी तमाम जानकारियां भी भेजी जा रही हैं.

 ई-टिकट का बढता चलन

वर्ष 2011-12 में ई-टिकट पर यात्रा करने वालों का प्रतिशत 20 फीसदी ही था.

वर्ष 2013-14 में यह बढ़कर करीब 40 फीसदी तक पहुंच गया है.

जबकि वर्ष 2016-17 तथा इसके बाद अब यह आंकड़ा 55 सज 60 फीसदी के पास पहुंच गया है.

ई-टिकट कवरेज

यात्रा के दौरान दुर्घटना में मृत्यु होने पर 10 लाख रुपए.

ट्रेन दुर्घटना में स्थायी तौर पर पूरी तरह निशक्त होने पर 10 लाख रुपए.

दुर्घटना में स्थायी तौर पर आंशिक रूप से निशक्त होने पर 7.50 लाख रुपए.

ई-टिकट पर बीमा-बौक्स

आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर टिकट बुकिंग के दौरान यात्रियों को यह विकल्प मिलता है. आईआरसीटीसी रेलवे का उपक्रम होकर यात्रियों और बीमा कंपनियों के बीच लिंक का काम करती है. टिकट बुक होने के बाद पीएनआर के साथ बीमा कंपनी की सभी जानकारियां और पौलिसी नंबर यात्रियों को मैसेज व ई-मेल पर किया जाता है. दुर्घटना की स्थिति में संबंधित कंपनी यात्री के नौमिनी को बीमा राशि देती है. यह सुविधा मैन्यूल टिकट में नहीं है. मैन्यूल टिकट लेकर यात्रा करने और दुर्घटना हो जाने पर सरकार द्वारा घोषित मुआवजा ही मिलता है. जबकि ई-टिकट पर मुआवजे के साथ बीमा राशि भी मिलती है.

बढ़ावा देना चाहता है रेलवे

काउंटर संचालन में कर्मचारियों की सीमित संख्या तथा स्टेशनरी खर्च बचाने के लिए रेलवे अब ई-टिकट को बढ़ावा देने में जुटा है. इसके उलट रेल मंडल तथा मंडल मुख्यालय में अधिकांश यात्री अभी भी इंटरनेट का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं. वेटिंग की मारामारी तथा बर्थ कंफर्म नहीं होने पर टिकट निरस्त होने जैसी झंझट भी है. इसके चलते लोगों का रूझान रिजर्वेशन कार्यालय से कम नहीं हुआ है.

नए खिलाड़ियों को पहचान दिलाने के लिए साथ आए विराट और संजीव गोयनका

देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और नए खिलाड़ियों को पहचान-सम्मान दिलाने के मकसद से भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की टीम एटलेटिको दे कोलकाता के सह-मालिक संजीव गोयनका ने मिलकर एक नई पहल की है. यह दोनों मिलकर देश के बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को स्कालरशिप और अवार्ड देकर सम्मानित करेंगे. यह कार्य विराट कोहली फाउंडेशन (वीकेएफ) और आरपी संजीव गोयनका ग्रुप के द्वारा किया जाएगा. वीकेएफ इस पहल में सालाना दो करोड़ रुपये की मदद देगा.

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान कोहली ने आरपीएसजी इंडियन स्पोर्ट्स आनर्स अवार्ड लान्च के दौरान युवाओं को घर से बाहर निकलकर खेलने की सलाह दी. उन्होंने कहा, हमारे समय में गैजेट्स नहीं होते थे. आजकल तो लोग आईफोन और आईपैड पर व्यस्त हैं. हमारे समय में अगर किसी के पास अच्छा विडियो गेम होता था तो हम उसके घर जाकर उसे खेलने की योजनाएं बनाते थे. मैंने अपना बचपन सड़क और मैदान पर अलग-अलग खेल खेलते हुए बिताया है और मैं युवाओं से अपील करुंगा कि वे भी बाहर जाकर खेलें और किसी ना किसी खेल से जुड़ने का प्रयास करें.

उन्होंने कहा, काफी सारे लोगों को तो यह भी नहीं पता कि हम रोजाना कितनी मेहनत करते हैं. मैंने कभी नहीं देखा कि 70 फीसदी ट्रेनिंग करने के बाद थकान होने पर कोई खिलाड़ी बीच में ही कह दे कि बस अब मेरा काम पूरा हो गया. हम काम पूरा करने के लिए पूरा जोर लगाते हैं. मैं भी यही करने की कोशिश करता हूं. मैं अंतिम समय तक प्रदर्शन करना चाहता हूं क्योंकि मेरे अंदर प्रदर्शन की भूख कभी खत्म नहीं होती. मेरे अंदर कम से कम 8 साल का क्रिकेट बचा है और अगर मैं अपनी फिटनेस और कड़ी ट्रेनिंग करूं, तो 10 साल तक खेल सकता हूं. छोटी चीजें मेरे लिए काफी मायने रखती हैं इसलिए मैं रोज नई शुरआत करता हूं.

अपनी बेहतरीन फिटनेस के लिए भी मशहूर विराट कोहली ने हाल ही में श्री लंका के खिलाफ संपन्न वनडे सीरीज में शतक जड़कर आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पान्टिंग के 30 शतक की बराबरी की. इस सीरीज के दौरान वे महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर (49 शतक) के बाद सर्वाधिक शतक की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंचे. कोहली ने इस साल 6 शतक और 7 अर्धशतक की मदद से 1639 अंतरराष्ट्रीय रन बनाया. कोहली ने पिछले कुछ समय में कई रिकार्ड अपने नाम किए और कई अन्य रिकार्ड उनके निशाने पर हैं.

ये हैं WWE के वो खिलाड़ी, जो दूसरे खेलों में भी हैं उस्ताद

बात करे डब्ल्यूडब्ल्यूई के रेसलर्स के बारे में तो वो टैलेंटेड एथलीटों में गिने जाते हैं. आज हम आपको उन रेसलरों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने सिर्फ रेसलिंग में ही नहीं बल्कि दूसरे अन्य खेलों में भी सफलता हासिल की है.

स्टोन कोल्ड

स्टोन कोल्ड एक ऐसे नाम हैं जिन्होंने कई अन्य स्पोर्ट्स में अपने हाथ अजमाए और उनमें जीत हासिल की. सबसे पहले शुरुआत करते हैं फुटबौल से, जब वे अपने स्कूल में थे तब उन्होंने कई चैंपियनशिप जीती थी. वे एक प्रोफेशनल बेसबौलर भी रह चुके हैं पर उनका फुटबौल करियर काफी अच्छा रहा. साल 1986 में उन्होंने ग्रीन मीन टीम की तरफ से खेलते हुए अपनी टीम को टूर्नामेंट जिताया था.

द रौक

रौक रेसलिंग करियर बनाने से पहले वे रग्बी खेलने के लिए जाने जाते थे. वे अपनी टीम के डिफेंडर हुआ करते थे. वे सिर्फ रग्बी ही नहीं बल्कि फुटबौल की काफी अच्छा खेलते थे. कौलेज के दिनों में वे अपनी फुटबाल टीम के कप्तान हुआ करते थे. साल 1995 में रेसलिंग में डेब्यू करने से पहले वे फुटबौल करियर के लिए पहचाने जाते थे.

बौबी लैश्ली

बौबी को लोग ज्यादातर डब्ल्यूडब्ल्यूई करियर के लिए जानते हैं पर उनके पास कई अन्य स्पोर्ट्स खेलने का भी एक्सपीरियंस हैं. साल 1997 और 1998 में लगातार दो साल तक नेशनल अमैच्युर रेसलिंग चैंपियनशिप जीती, वे यही पर नहीं रुके. उन्होंने UFC में भी अपने हाथ अजमाए और वहां भी अपने टैलेंट को दिखाते हुए नाम कमाया.

बिल गोल्डबर्ग

कौलेज दिनों में वे जौर्जिया बुलडौग की तरफ से फुटबौल खेला करते थे. वे सिर्फ फुटबौल खेलते ही नहीं खेलते दिखे बल्कि उन्होंने UFC के लिए कमेंटरी तक की है. रही बात उनके डब्ल्यूडब्ल्यूई करियर की तो उसके बारे में सब जानते हैं कि वे रेसलिंग की दुनिया में बड़े नाम हैं और आगे भी रहेंगे.

ब्रोक लेसनर

ब्रोक लेसनर हमारी लिस्ट में टौप पर आते हैं. उन्होंने अपने जीवन में बहुत सारे स्पोर्ट्स में हिस्सा लिया है और उनमे जीते भी हैं. शुरुआत करते हैं उनके प्रो-रेसलिंग से, वे उसमे हाथ अजमाए दिखे और वह अपनी फाइटिंग स्किल्स से सबका दिल जीत लिया.

वे एक प्रोफेशनल फुटबौलर भी हैं, वे यहीं तक नहीं रुके, उन्होंने यूएफसी में भी अपना दमदार करियर बनाया और अब बात करते हैं डब्ल्यूडब्ल्यूई करियर की तो उसके बारे में ज्यादा बताना सही नहीं रहेगा, वे अभी डब्ल्यूडब्ल्यूई यूनिवर्सल चैंपियन हैं.

इस तरह की प्लानिंग कर रिटायरमेंट के बाद भी आप रह सकते हैं चिंता मुक्त

आज कोई भी व्यक्ति अपने प्रोफेशन में कितने भी अच्छे पद पर क्यों न हो, लेकिन हर किसी को रिटायरमेंट के बाद की चिंता सताती है. सभी सोचते हैं कि अगर रिटायरमेंट के बाद उनके परिवार ने उनकी फाइनेंशियल हेल्प नहीं की तो क्या होगा. अगर आपके अंदर भी इस तरह प्रश्न उठ रहा है तो 50 साल की उम्र से ही आपको रिटायरमेंट के लिए प्लानिंग कर लेनी चाहिए, ताकि आगे परेशानी न हो.

रिटायरमेंट के बाद चिंतामुक्त रहने के लिए आफ कर सकते हैं इस तरह की प्लानिंग.

फालतू खर्चों पर करें कंट्रोल

खर्च दो तरह के होते हैं. पहला है मैंडेटरी खर्च. इसमें रोज उपयोग होने वाले सामान अनाज आदि शामिल हैं. घर में काम करने वाले स्टाफ की सैलरी और दवाई भी इसी में आती है. इस तरह के खर्च को आप होने से नहीं रोक सकते हैं, लेकिन एक दूसरे तरह का खर्च भी होता है जिनको आप रोक सकते हैं. इसमें बाहर का खाना, घूमने जाना, बाहर ज्यादा फिल्में देखने जैसे खर्च ज्यादा होते हैं.

सबसे पहले तो आप अपने घरेलू खर्चों पर नियंत्रण करें. कई सारे सामान ऐसे होते हैं जिन पर ज्यादा पैसा लगाना बेकार है. जैसे कि कार, एसी, फ्रिज आदि. इन सब का दाम आगे जाकर गिर जाता है. इन पर सोच समझकर पैसे खर्च करें. इस बात का ध्यान रखें कि रिटायरमेंट के बाद पैसा आना तो बंद हो जाता है, लेकिन खर्च होना बंद नहीं होता है. ऐसे में आपको खुद पर कंट्रोल करते हुए बहुत सारी इच्छाओं को मारना होगा.

कम उम्र से पैसा बचाना शुरू करें

कम उम्र से अगर आप अपना पैसा बचाना शुरु करते हैं, तो ये आपके लिए सबसे बेहतर उपाय है क्योंकि जल्दी पैसा जमा करेंगे तो उन पर मिलने वाला ब्याज भी ज्यादा होगा. इससे आपको काफी फायदा मिलेगा. उदाहरण के तौर पर अगर आपने 10 हजार रुपये बैंक में जमा किये है तो 30 साल बाद 8 फीसदी ब्याज के हिसाब से ये पैसा 1 लाख रुपये हो सकता है.

रिटायरमेंट के पहले चुका लें सारे लोन

कोशिश करें कि 50 वर्ष की उम्र के बाद ऐसे बड़े खर्चे न करें जिनके चलते आपको रिटायरमेंट के बाद भी अपना पैसा बैंक को देना पड़े. इसलिए जरूरी है कि रिटायरमेंट के पहले ही आप सभी कर्जों से मुक्त हो लें.

रिटायरमेंट के पहले करें ऐसेट एलोकेशन

महत्वपूर्ण बात यह है कि आपको रिटायरमेंट के पहले बचाया हुआ पैसा आपको कुछ भागों में बांट लेना चाहिए. जैसे कि 30 फीसदी पैसा आपको प्रापटी में, 30 फीसदी इक्विटी और 30 फीसदी पैसा बैंक में फिक्स जमा करा लेना चाहिए. साथ ही 10 फीसदी पैसा गोल्ड पर भी लगाना चाहिए.

रिटायर होने के बाद भी करे कुछ काम

रिटायरमेंट के बाद खाली न बैठे, बल्कि कोई दूसरा जौब देख लें. ये बेहद ही खराब सोच है कि रिटायरमेंट के बाद घर बैठकर आराम किया जाएं. बहुत से लोग सोचते हैं कि रिटायरमेंट के बाद उनके घर वाले या फिर दोस्त मदद के लिए आएंगें. लेकिन आज के दौर में किसी से भी मदद की उम्मीद करना गलत होगा. ऐसा करने से आप अपने सारे संपर्क और क्रिएटिविटी को खत्म कर देंगे. आप चाहें तो रिटायरमेंट के बाद अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं. इसके साथ ही किसी कालेज या स्कूल में जाकर पढ़ा सकते हैं.

फेसबुक पर कभी ब्लौक नहीं होते ये लोग

फेसबुक एक ऐसा सोशल मीडिया प्लेटफार्म है जहां आप दुनिया भर के लोगों से भी संपर्क साध सकते हैं साथ ही एक दूसरे के साथ अपने अनुभव साझा कर सकते हैं. लेकिन अगर इस माध्यम का कोई गलत इस्तेमाल करता है तो फेसबुक उन्हें ब्लौक करने का भी विकल्प देता है.

अगर कोई व्यक्ति फेसबुक पर गलत चीजों को बढ़ावा देता है, या असामाजिक व्यवहार करता है और फेसबुक के नियमों का उल्लंघन करता है तो उसकी प्रोफाइल को ब्लौक कर दिया जाता है.

किसी विवाद के कारण अगर आप अपने फेसबुक फ्रेंड को ब्‍लौक करना चाहते हैं तो आपको आधे मिनट से ज्‍यादा नहीं लगेगा. मगर ये काम इतना भी आसान नहीं अगर आप फेसबुक के फाउंडर यानि मार्क जकरबर्ग को ब्लौक करना चाहें. जी हां, ये बिलकुल सही है. फेसबुक के फाउंडर मार्क जकरबर्ग और उनकी वाइफ प्रिस्किला चान को आप चाह कर भी फेसबुक पर ब्लौक नहीं कर सकते.

अगर आपको ये लग रहा है कि फेसबुक को मार्क जकरबर्ग ने बनाया और उन्होंने अपने ईगो के चलते अन्य फेसबुक के यूजर्स को यह सुविधा नहीं दी है, तो शायद आप गलत हैं. फेसबुक पर अगर आप किसी साधारण व्यक्ति को ब्लौक करने की कोशिश करते हैं तो आप से फाइनल कन्फर्मेशन मांगा जाएगा.

इसके बाद आप फाइनली उस व्यक्ति को ब्लौक कर सकते हैं लेकिन अगर आप इन दोनों की प्रोफाइल पर ब्लौक का बटन दबाते हैं तो आपको एक ‘ब्लौक इरर’ का संदेश मिलेगा जिसका मतलब यह है कि जकरबर्ग और प्रिस्किला को ब्लौक करने में समस्या आ रही है, इसलिए आप दोबारा प्रयास करें.

फेसबुक की कुछ नियमों के अनुसार किसी व्यक्ति का फेसबुक अकाउंट सिर्फ एक सीमा तक ब्लौक किया जा सकता है. जैसा कि हम जानते हैं, फेसबुक के फाउंडर विश्व में एक जानी-मानी हस्ती हैं, जिनका अकाउंट पहले से कई बार ब्लौक किया जा चुका है इसलिए अब वह किसी अन्य व्यक्ति द्वारा ब्लौक नहीं किया जा सकता है.

बस यही कारण है कि आप फेसबुक के फाउंडर और उनकी पत्नी को ब्लौक नहीं कर पाएंगे.

500 विकेट ले इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन ने रचा इतिहास

इंग्लैंड के अनुभवी तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन टेस्ट क्रिकेट में पांच सौ विकेट लेने वाले गेंदबाजों के क्लब में शामिल हो गए हैं. टेस्ट क्रिकेट में एंडरसन 500 विकेटों का आंकड़ा छूने वाले इंग्लैंड के पहले गेंदबाज बन गए हैं. उन्होंने ये मुकाम वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन क्रेग ब्रेथवेट को आउट कर हासिल किया.

पहली पारी में दो विकेट लेकर एंडरसन ने अपने विकेटों की संख्या 499 पर पहुंचाई थी और दूसरी पारी की शुरुआत में ही क्रेग ब्रेथवेट को बोल्ड करके 500वें विकेट का इंतजार लंबा नहीं खिंचने दिया. एंडरसन ने संयोग से 2003 में अपना टेस्ट करियर जिम्बाब्वे के खिलाफ शुरू लार्ड्स से ही शुरू किया था और अब उन्होंने इसी मैदान पर अपने 500 टेस्ट विकेट पूरे करने का कारनामा भी किया. 21 साल की उम्र में अपना टेस्ट डेब्यू करने वाले एंडरसन ने अपने पहले ही मैच में 5 विकेट लिए थे.

साल 2015 में एंडरसन ने अपना 100वां टेस्ट खेलते हुए सर इयान बाथम के 383 विकेटों का रिकार्ड तोड़ा था. वनडे में भी एंडरसन इंग्लैंड के सबसे कामयाब गेंदबाज हैं. उनके नाम 269 वनडे विकेट दर्ज हैं. अब एंडरसन से आगे सिर्फ ग्लेन मैक्ग्रा और कर्टनी वाल्श ही हैं, जिनके नाम क्रमशः 563 और 519 विकेट दर्ज हैं.

उनसे पहले श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन (800 विकेट), आस्ट्रेलिया के शेन वार्न (708), भारत के अनिल कुंबले (619), आस्ट्रेलिया के ग्लेन मैकग्रा (563) और वेस्टइंडीज के कर्टनी वाल्श (519) ने टेस्ट मैचों में 500 से अधिक विकेट लिए हैं. लेकिन इनमें से सिर्फ वाल्श, मैकग्रा और अब एंडरसन ही टेस्ट क्रिकेट में 500 विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज हैं.

मेरी बेटी के चेहरे पर ब्लैकहैड्स हैं, जो बार बार हो जाते हैं. क्या ब्लैकहैड्स को हटाने का कोई घरेलू उपाय है.

सवाल
मेरी 14 वर्षीय बेटी के चेहरे पर ब्लैकहैड्स हैं, जो हटवाने के बाद भी बार बार हो जाते हैं. क्या ब्लैकहैड्स को हमेशा के लिए हटाने का कोई घरेलू उपाय है?

जवाब
ब्लैकहैड्स औयली स्किन पर अधिक होते हैं, क्योंकि औयली स्किन धूलमिट्टी, प्रदूषण को अपनी ओर अधिक आकर्षित करती है, इसलिए औयली स्किन वाली धूलमिट्टी व प्रदूषण के संपर्क में आने से बचें और पानी अधिक से अधिक पीएं. बाहर से घर आने पर त्वचा की अच्छी तरह क्लींजिंग अवश्य करें, साथ ही क्रीमी व औयल बेस्ड फेशियल प्रोडक्ट्स का प्रयोग बंद कर दें.

ब्लैकहैड्स को हटाने के लिए आप थोड़े से बेसन में चुटकी भर हलदी व दूध डाल कर पेस्ट बनाएं. अगर त्वचा औयली है तो गुलाबजल भी मिलाएं. फिर इस पैक को चेहरे पर लगा कर हलके से मसाज करते हुए चेहरे को पानी से धो लें.

टीवी के कृष्ण बनेंगे दिल्ली की रामलीला में राम

गत वर्ष दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली रामलीला में राम व लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले कलाकारों को कुमार विकल निर्देशित भोजपुरी फिल्म में अभिनय करने का अवसर मिला था. इस बार कुछ टीवी व फिल्मी सितारे दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘रामलीला’ में अभिनय करते हुए नजर आने वाले हैं.

टीवी के रियालिटी शो ‘रोडीज’ से करियर शुरू कर टीवी सीरियल ‘‘द्वारिकाधीश : भगवान श्री कृष्ण’’ में भगवान श्री कृष्ण का किरदार निभा चुके अभिनेता विशाल करवाल इस बार स्टेज पर राम का किरदार निभाने वाले हैं.

दिल्ली के रामलीला मैदान में हर वर्ष दस दिवसीय ‘रामलीला’ का मंचन होता है. इस बार 20 सितंबर को आयोजित होने वाली इस रामलीला में ‘विशाल करवाल’ भगवान राम के किरदार में नजर आएंगे. जबकि सीता के किरदार में भोजपुरी फिल्मों की चर्चित अदाकारा शुभी शर्मा तथा रावण के किरदार में फिल्म अभिनेता मुकेश ऋषि नजर आएंगे.

अब यह समझने की जरुरत यह है कि स्टेज पर होने वाली ‘‘रामलीला’’ में भीड़ जुटाने के लिए टीवी व अन्य फिल्मों के चर्चित चेहरों की जरुरत पड़ी है या स्टेज पर ओाजित होने वाली इस रामलीला में इतना पैसा मिलने लगा है कि फिल्म व टीवी कलाकार इस तरफ आकर्षित हो रहे हैं?

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