देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और नए खिलाड़ियों को पहचान-सम्मान दिलाने के मकसद से भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) की टीम एटलेटिको दे कोलकाता के सह-मालिक संजीव गोयनका ने मिलकर एक नई पहल की है. यह दोनों मिलकर देश के बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को स्कालरशिप और अवार्ड देकर सम्मानित करेंगे. यह कार्य विराट कोहली फाउंडेशन (वीकेएफ) और आरपी संजीव गोयनका ग्रुप के द्वारा किया जाएगा. वीकेएफ इस पहल में सालाना दो करोड़ रुपये की मदद देगा.

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान कोहली ने आरपीएसजी इंडियन स्पोर्ट्स आनर्स अवार्ड लान्च के दौरान युवाओं को घर से बाहर निकलकर खेलने की सलाह दी. उन्होंने कहा, हमारे समय में गैजेट्स नहीं होते थे. आजकल तो लोग आईफोन और आईपैड पर व्यस्त हैं. हमारे समय में अगर किसी के पास अच्छा विडियो गेम होता था तो हम उसके घर जाकर उसे खेलने की योजनाएं बनाते थे. मैंने अपना बचपन सड़क और मैदान पर अलग-अलग खेल खेलते हुए बिताया है और मैं युवाओं से अपील करुंगा कि वे भी बाहर जाकर खेलें और किसी ना किसी खेल से जुड़ने का प्रयास करें.

उन्होंने कहा, काफी सारे लोगों को तो यह भी नहीं पता कि हम रोजाना कितनी मेहनत करते हैं. मैंने कभी नहीं देखा कि 70 फीसदी ट्रेनिंग करने के बाद थकान होने पर कोई खिलाड़ी बीच में ही कह दे कि बस अब मेरा काम पूरा हो गया. हम काम पूरा करने के लिए पूरा जोर लगाते हैं. मैं भी यही करने की कोशिश करता हूं. मैं अंतिम समय तक प्रदर्शन करना चाहता हूं क्योंकि मेरे अंदर प्रदर्शन की भूख कभी खत्म नहीं होती. मेरे अंदर कम से कम 8 साल का क्रिकेट बचा है और अगर मैं अपनी फिटनेस और कड़ी ट्रेनिंग करूं, तो 10 साल तक खेल सकता हूं. छोटी चीजें मेरे लिए काफी मायने रखती हैं इसलिए मैं रोज नई शुरआत करता हूं.

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