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राजपुरोहित है अफसरशाही : इस देश में नामुमकिन है अफसरशाही से उलझना

अफसरशाही को साधना हर नेता के बस का नहीं है. अरविंद केजरीवाल तो इस मामले में एकदम निखट्टू साबित हो रहे हैं. दिल्ली में बहुत भारी बहुमत से विधानसभा चुनाव जीतने के बाद भी उन का ज्यादा समय अफसरों और उन के सरगना उपराज्यपाल से जूझने में बीतता है. हद तो हाल में हो गई जब रात को एक मीटिंग में आम आदमी पार्टी के विधायकों की मुख्य सचिव से हाथापाई तक हो गई.

ऐसे मामलों में दूसरे राज्यों में मुख्यमंत्री बीचबचाव कर के मामला ठंडा कर देते हैं. पर अरविंद केजरीवाल ठहरे अक्खड़ नेता और उन्होंने पूरी अफसरशाही से बिगड़ना शुरू कर दिया है.

हमारे देश में अफसरशाही का ढांचा बहुत मजबूत है. यह हमारे शास्त्रों के ब्राह्मणों के रुतबे और हकों की तरह का बना हुआ है जो सत्ता में सीधे न होते हुए भी हर काम में अपनी टांग अड़ाए ही नहीं रखते, हर काम अपनी मरजी से ही कराते हैं. पुराने राजाओं को जैसे राजपुरोहित अपनी उंगलियों पर नचाते थे वैसे ही ये अफसर नेताओं को नचाते हैं.

अरविंद केजरीवाल समझ रहे हैं कि ये अफसर राजपुरोहित नहीं हैं और यह उन की भूल है. राजपुरोहित अपने अपमान का बदला लेने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं और यही वे अब केजरीवाल के साथ कर रहे हैं. केजरीवाल अपनी राजनीतिक सफलता के बल पर अपने को जनता का हितैषी मान रहे हैं जबकि सच यह है कि बिना अफसरशाही की रजामंदी के वे एक पत्ता भी बदल नहीं सकते.

मुख्य सचिव का उदाहरण तो एक सबक है जो सरकार के लिए जानलेवा भी हो सकता है. अगर ‘पद्मावत’ फिल्म देखी है तो उस में राजपुरोहित को पद्मावती व रावल रतन सिंह से नाराज हो कर अलाउद्दीन खिलजी को भड़काने और चित्तौड़ पर विधर्मी के हमले व कब्जे का पूरा किस्सा दर्शाया गया है. यह बारबार हुआ है. 1947 के बाद भी हुआ?है. आज भी हो रहा है.

अरविंद केजरीवाल को समझना चाहिए था कि वे अपनी ताकत जनता के हितों में लगाएं, अफसरशाही को साध कर, नाराज कर के नहीं. अफसरशाही से उलझना इस देश में तो नामुमकिन है.

अफसरशाही अपनेआप को देश का स्टील फ्रेम कहती है और मानती है कि उसी की बदौलत देश एक है. यह चाहे सच न भी हो तो भी उस से उलझना गलत है.

मैं अपना शत प्रतिशत दे रहा हूं : बी.शांतनु

थिएटर में बीस साल की लंबी पारी खेलने के बाद फिल्मों में अपनी पारी शुरू कर चुके अभिनेता बी शांतनु फिल्म ‘‘रईस’’ में रईस यानी कि अभिनेता शाहरुख खान को पकड़ने के लिए जाल बिछाने वाले तथा फिल्म ‘‘मौम’’ में सीबीआई प्रमुख के किरदार में नजर आ चुके हैं. अब बी.शांतनु 23 मार्च को प्रदर्शित हो रही फिल्म ‘‘बा बा ब्लैकशिप’’ में मुख्य खलनायक के किरदार में नजर आने वाले हैं.

यूं तो थिएटर में काम करते समय भी बी.शांतनु ने नाटक ‘‘छलिया’’ में अपने दमदार नकारात्मक किरदार से दर्शकों को चकित किया था, अब ऐसा ही कारनामा उन्होंने फिल्म ‘बा बा ब्लैकशिप’ में किया है. मगर दोनों किरदारों में जमीन आसमान का अंतर है. खुद बी.शांतनु बताते हैं- ‘‘मैंने नाटक ‘छलिया’ में शिवराज का निगेटिव किरदार निभाया था, जो कि अपनी अंधी पत्नी व लेखिका के लिखे उपन्यासों को अपने नाम से छपवाता रहता है.

अपने नाम पर छपी किताब पत्नी को लाकर देता है और कहता है कि ‘जान देखो, तुम्हारी नई किताब छप कर आ गयी. ’वह अपनी पत्नी को घर से बाहर नही निकलने देता और न ही किसी से मिलने देता है. वह पूरी तरह से छलने का काम करता है, सामाजिक तौर पर नगेटिव किरदार है, कहीं मारता पीटता नहीं. जबकि फिल्म ‘बा बा ब्लैकशिप’ में मैने कमाल का किरदार निभाया है, जो कि राजनेताओं के इशारे पर हत्याएं करवाता है. यानी कि कमाल राजनेताओं के इशारे पर गलत काम करता है.’’

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नाटक ‘‘छलिया’’ और फिल्म ‘‘बा बा ब्लैक शिप’’ दोनों नकारात्मक चरित्र होते हुए भी बहुत अलग है और वर्तमान समय में यह दोनों तरह के नकारात्मक चरित्र हमारे समाज का हिस्सा हैं. इस बात पर जोर देते हुए बी.शांतनु कहते हैं – ‘‘दोनो ही तरह के नगेटिव इंसान इस संसार का हिस्सा हैं. छलिया का शिवराज आपको बड़े स्तर पर मिल जाएंगे. शिवराज उस वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है, जहां पाखंड ही पाखंड है. ‘हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और’ वाला मसला है. जबक ‘बाबा ब्लैकशिप’ के कमाल जैसे किरदार हर राजनेता के पास मिल जाएंगे. हर राजनेता अपने लिए काम करने वाले ऐसे लोगों को पालते हैं. पर फिल्म की कहानी अद्भुत है.’’

थिएटर की ही तरह बी.शांतनु फिल्मों में भी अपनी सार्थक उपस्थिति तेजी से दर्ज कराते जा रहे हैं. वह ‘बा बा ब्लैकशिप’ के अलावा प्राची देसाई के संग ‘‘कोषा’’ के अलावा कई दूसरी फिल्में कर रहे हैं. इतना ही नहीं वह चार वेब सीरीज का भी हिस्सा हैं. मगर उन्हें इस बात का मलाल है कि वर्तमान समय का हर फिल्मकार अपनी फिल्मों के लिए खुद कलाकार की तलाश करने की बजाय कास्टिंग डायरेक्टरों पर निर्भर हो गए हैं और यह कास्टिंग डायरेक्टर अपने असली काम को भूलकर हवा में उड़ रहे हैं. खुद बी. शांतनु कहते हैं- ‘‘सच कहूं तो बहुत कम कास्टिंग डायरेक्टर वास्तव में काबिल हैं. हर कास्टिंग डायरेक्टर समझता है कि उनके पास सौ कलाकारों का नंबर है, तो वह काबिल हैं. एक किरदार के लिए पचास कलाकारों का औडीशन लेकर निर्देशक के पास भेजकर वह अपनी काबिलियत साबित करते हैं. कास्टिंग डायरेक्टर निर्माता निर्देशक की नजर में अपनी छवि बनाने में लगा हुआ है. कास्टिंग डायरेक्टर का असली काम यह है कि वह एक किरदार के लिए 3 ऐसे कलाकारों का औडीशन लेकर भेजे कि निर्देशक के सामने मुश्किल हो जाए कि वह तीन में से किसे चुने? मगर कास्टिंग डायरेक्टर अपने इस काम को भूलकर बाकी सब कुछ कर रहे हैं. जिसके परिणाम स्वरुप कास्टिंग डायरेक्टर एक नवोदित कलाकार और पच्चीस वर्ष के अनुभवी कलाकार के बीच अंतर नही कर पाता है. 25 साल के अनुभवी कलाकार की 25 साल की जो यात्रा है, वह कास्टिंग डायरेक्टर को नजर नहीं आती. जहां चेहरा देखकर तिलक लगाने की प्रथा हो, वहां अनुभव बेमानी हो जाता है.’’

25 वर्ष तक ‘खामोश अदालत जारी है’, ‘मिट्टी की गाड़ी, ‘राशोमन’, ‘थ्री सिस्टर्स’, ‘रायल हंट औफ द सन सीगल’, ‘हनीमून’, ‘कहां हो फकीरचंद’, ‘झूठ’, ‘बुद्धं शरणं गच्छामि’ और ‘साजिश’ जैसे एक से बढ़कर एक नाटक कर इज्जत बटोरने वाले बी.शांतनु अब फिल्म व सीरियल करते हुए काफी खुश हैं. वह कहते हैं-‘‘अब मुझे बडे़ और छोटे परदे पर काम करते हुए आनंद आने लगा है. अब मैं यहां अपना शत प्रतिशत देना चाहता हूं. मैं तो चाहता हूं कि अच्छा काम मिले, दर्शकों का प्यार मिले. मैं फिल्मों के साथ ही वेब सीरीज कर रहा हूं. वहीं ‘स्टार भारत’ के सीरियल ‘आजाद’ में क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के गुरू का किरदार कर रह हूं.’’

अभिनेता रोहित भारद्वाज बने निर्माता

इन दिनों बौलीवुड और टीवी इंडस्ट्री के कलाकारों के बीच फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कूदने की होड़ सी लगी हुई है. कोई फीचर फिल्म बना रहा है, तो कोई लघु फिल्म बना रहा है, तो कोई वेब सीरीज बना रहा है. ऐसे में भारतीय टीवी और इंडोनेशियन टीवी के चर्चित अभिनेता रोहित भारद्वाज कैसे पीछे रह जाते. वह भी अब निर्माता बन गए हैं.

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सिद्धार्थ कुमार तिवारी के टीवी सीरियल ‘‘महाभारत’’ में युधिष्ठिर का किरदार निभाकर सर्वाधिक शोहरत बटोरने वाले रोहित भारद्वाज ने अब अपनी प्रोडक्शन कंपनी ‘‘विस्तार फिल्मस एंड इंटरटेनमेंट’’ बनाकर वेब सीरीज ‘‘मायोपियाः सब माया है’’ का निर्माण कर रहे हैं. जिसकी कहानी आगरा के ताजमहल के इर्द गिर्द घूमती है.

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अभिनय करते करते निर्माण के क्षेत्र में कूदने के सवाल पर रोहित भारद्वाज कहते हैं- ‘‘इंडोनेशिया के टीवी पर काम करने के बाद वहां से लौटने पर मैंने दो बातें महसूस की. पहली बात तो मैं एक ही तरह के सीरियलों में अभिनय करते करते उब चुका हूं और दूसरा यह अनुभव किया कि वेब सीरीज काफी पसंद की जा रही है. इनका एक दर्शक वर्ग है.

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विदेशो में वेब सीरीज की काफी मांग है. मैं उन सीरियलों में अभिनय करना चाहता हूं, जिनमें अभिनय करने से मेरे अंदर की अभिनय प्रतिभा को विकसित होने का अवसर मिले. तो मुझे लगा कि अब मुझे खुद ही अपनी तरफ से कोई ठोस कदम उठाना चाहिए. तब मैने इस दिशा में सोचना शुरू किया. यह उस वक्त की बात है, जब नोटबंदी हुई थी. इसी के चलते मेरी वेब सीरीज को कोई निर्माता नहीं मिला. तब मैने अपने भाई के साथ मिलकर प्रोडक्शन कंपनी खोली, जिसे नाम दिया- ‘‘विस्तार फिल्मस एंड इंटरटेनमेंट’’उसके बाद कुंवर शिव सिंह को लेखक और दक्षिण भारत के मशहूर निर्देशक अजय भुयान को लेकर अपनी वेब सीरीज ‘मोपियाः सब माया है’का निर्माण कर रहा हूं. मैं इसमें मुख्य भूमिका निभा रहा हूं.’’

चोरी हुआ फेसबुक डाटा, ऐसे करें अपना बचाव

सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक विवादों में घिर रही है. फेसबुक से लोगों का डेटा चोरी हो गया है. इस पर कंपनी ने सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने भी अपनी चुप्पी तोड़ दी है. जुकरबर्ग ने कैम्ब्रिज एनालिटिका के मामले में अपनी गलती को कबूला है. दरअसल, फेसबुक को आलोचना का सामना इसलिए करना पड़ रहा है, क्योंकि एक ब्रिटिश कन्सल्टिंग कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका (Cambridge Analytica) पर आरोप लगा है कि उसने पांच करोड़ फेसबुक यूजरों का डेटा बिना अनुमति के जमा किया और उस डेटा का इस्तेमाल राजनेताओं की मदद करने के लिए किया, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का चुनावी कैंपेन तथा ब्रेक्जिट आंदोलन शामिल हैं.

ऐसे सुरक्षित कर सकते हैं अपना फेसबुक डेटा

  • सबसे पहले अपने फेसबुक अकाउंट में वेबसाइट या मोबाइल ऐप से लौगिन करें.
  • लौगिन करने के बाद सबसे ऊपर नीली पट्टी पर राइट साइड में आ रहे तीर के निशान पर क्लिक करें. क्लिक करने के बाद कई औप्शन आएंगे, यहां सेटिंग्स में जाएं.
  • सेटिंग्स में जाने के बाद लेफ्ट साइड में काफी औप्शन दिखाई देंगे. यहां सबसे नीचे एक कौलम है. इसमें पांच औप्शन हैं, इनमें सबसे पहले ऐप्स के औप्शन पर क्लिक करें.
  • इस पर क्लिक करने के बाद 3 औप्शन आएंगे.

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इनमें सबसे पहले औप्शन Apps, Websites and Plug-ins (ऐप्स वेबसाइट एंड प्लगइन्स) के साथ आ रहे Edit (एडिट) पर क्लिक करें. इसपर क्लिक करने के बाद एक पौप अप विंडो खुल जाएगी. इसमें Disable Platform पर क्लिक कर दें. ऐसा करने के बाद यह होगा कि आप फेसबुक पर थर्ड पार्टी की साइटों का उपयोग करने में सक्षम नहीं होंगे.

  • इसके अलावा आप यह भी लिमिट लगा सकते हैं कि कौन सी इन्फोर्मेशन आपकी फेसबुक पर दिखाई देगी और कौन सी नहीं. जैसे बर्थ, फैमिली, धर्म, पोस्ट औन टाइमलाइन आदि.
  • इसके लिए आपको Apps के ही दूसरे औप्शन Apps others use में जाना होगा. इसके बाद इसमें आ रहे औप्शन के सामने बौक्स आ रहा होगा. अब आपको सिर्फ उसी के सामने वाले बौक्स में टिक करना है जिसे आप पब्लिक करना चाहते हो.

आपके पीएफ अकाउंट में कितना है पैसा, बस मिस कौल से करें पता

नौकरी करते समय नियमानुसार, हर कर्मचारी और कंपनी को पीएफ की राशि ईपीएफओ के पास जमा करानी होती है. हर महीने सैलरी से कटने वाली रकम ज्यादातर कर्मचारी रिटायर होने के बाद लेते हैं. लेकिन, नौकरी बदलते वक्त या पीएफ का पैसा ट्रांसफर कराते वक्त लोगों को नहीं पता होता कि उनके खाते में पैसा कितना है. नौकरी करते समय या उसके बाद अपने पीएफ की राशि जानना बहुत आसान है. इसके कई तरीके हैं. इनमें एक तरीका है मिस कौल. इसके लिए ईपीएफओ ने नंबर जारी किया हुआ है. इसके अलावा औनलाइन या एसएमएस से भी पीएफ राशि का पता लगाया जा सकता है.

ऐसे चेक करें ईपीएफ बैलेंस और पासबुक औनलाइन

1- ईपीएफओ ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ईपीएफ बैलेंस चेक करने की सुविधा दी है. ई पासबुक का लिंक आपको वेबसाइट के ऊपरी दाएं हिस्से में मिल जाएगा.

2- इसके बाद व्यक्ति को यूएएन नंबर और उसका पासवर्ड डालना होगा.

3- वेबसाइट पर यूएएन नंबर और पासवर्ड डालने के बाद आपको व्यू पासबुक बटन पर क्लिक करना होगा और वहां आपको बैलेंस पता चल जाएगा.

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ऐप से कर सकते हैं बैलेंस चेक

इसके अलावा पीएफ बैलेंस का पता ईपीएफओ की ऐप से भी लगा सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले मेंबर पर क्लिक करें और उसके बाद यूएएन नंबर और पासवर्ड डालें.

मिस कौल से पता करें पीएफ बैलेंस

जिसे अपना पीएफ बैलेंस के बारे में जानना है तो वह एक मिस कौल कर के भी पता कर सकता है. ईपीएफओ ने एक बयान में बताया है कि रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 011-22901406 पर मिस कौल करनी होगी. इसके बाद मैसेज के जरिए पता चल जाएगा कि आपके अकाउंट में कितना पीएफ का बैलेंस है.

मैसेज मिस्‍ड कौल के तुरंत बाद ही एक मैसेज भी आपको मिलता है यह मैसेज AM-EPFOHO की ओर से आता है. EPFO के द्वारा यह मैसेज भेजा जाता है. इस मैसेज में आपके अकाउंट की सारी जानकारी रहती है साथ ही कुछ और डिटेल जैसे कि: मेंबर आइडी, पीएफ नम्‍बर, नाम, जन्‍मतिथि, ईपीएफ बैलेंस, अंतिम योगदान.

अगर आपकी कंपनी कोई प्राइवेट ट्रस्‍ट है तो आपको बैलेंस डिटेल नहीं मिलेगा. आपको अपनी कंपनी से इसके लिए संपर्क करना होगा.

मिस्‍ड कौल क्यों पसंद है?

मिस्‍ड कौल की विधि सबको इसलिए पसंद है क्‍योंकि ईपीएफ बैलेंस जानने कि यह सबसे अच्‍छी विधि है. यह किसी मोबाइल ऐप और एसएमएस सर्विस से कहीं बेहतर है. इसके लिए किसी स्‍मार्टफोन की भी जरुरत नहीं है. किसी भी फोन से आप मिस कौल दे सकते हैं और न ही किसी ऐप की आवश्यकता है. मिस कौल करना मैसेज करने से ज्‍यादा सरल है. इसके लिए आपको पैसे भी देने की जरुरत नहीं होती.

जमा होती है तय राशि

पीएफ में पैसा जमा कराने के लिए एक राशि तय है. कर्मचारी और कंपनी को हर महीने बैसिक सैलरी और डीए (यदि है तो) का 12 फीसदी देना होता है. 12 फीसदी का 8.33% राशि ईपीएफ किटी में जाती है. वहीं, 3.67 फीसदी हिस्सा ईपीएफ में जमा होता है.

आईबीएम ने पेश किया दुनिया का सबसे छोटा कंप्यूटर, जानें फीचर्स

आईबीएम (इंटरनेशनल बिजनेस मशीन कौर्पोरेशन) ने अपने एक प्रोग्राम में एक माइक्रो कंप्यूटर को सबके सामने रखा. आईबीएम का दावा है कि यह दुनिया का सबसे छोटा कंप्यूटर है. कंपनी का कहना है कि इस डिवाइस में एक चिप लगी है. इसके अंदर प्रोसेसर, मेमोरी और स्टोरेज सहित पूरा कंप्यूटर सिस्टम मौजूद है. इस कंप्यूटर का आकार नमक के दाने के बराबर है.

एंटी फ्रौड डिवाइस

कंपनी का दावा है कि माइक्रो कंप्यूटर यानी ये डिवाइस एक एंटी फ्रौड डिवाइस है. जिससे डिजिटल फिंगरप्रिंट से रोजमर्रा की वस्तुओं में एम्बेडेड किया जा सकता है. इसका मकसद ऐसी तकनीक विकसित करना है, जिससे उत्पाद पर तकनीक की मदद से वाटर मार्क लगाया जा सके. इससे चोरी और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी.

क्रिप्टो एंकर प्रोग्राम डिवाइस

वन स्वायर मिलीमीटर साइज की इस डिवाइस को आईबीएम ने “क्रिप्टो एंकर प्रोग्राम” के तहत तैयार किया है. यही वजह है कि इसे एंटी फ्रौड डिवाइस का नाम दिया गया है. कंपनी का दावा है कि इस डिवाइस की मदद से फैक्ट्री से निकलने से लेकर उपभोक्ता तक पहुंचने के बीच में प्रोडक्ट से होने वाली छेड़छाड़ को रोका जा सकता है. इस डिवाइस की मदद से काला बाजारी और खाद्य समस्याओं से निपटने के लिए उत्पाद में क्रिप्टोग्राफिक्स एंकर लगाए जा सकते हैं. जिससे सप्लाई चेन में होने वाली गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सकता है.

1 लाख ट्रांजिस्टर मौजूद

आइबीएम की इस डिवाइस में छोटी सी रेंडम एक्सेस मेमोरी, एलईडी, फोटो डिटेक्टर, फोटोवोल्टिक सेल के साथ 1 लाख ट्रांजिस्टर हैं. ये कंप्यूटर इतना छोटा और सस्ता है कि इसे कभी भी और कहीं भी रखा जा सकता है. कंपनी ने कहा कि इसे असिस्टेंट कंपनियों को लक्ष्य कर पेश किया गया है ताकि वे अपने ब्रांड की विश्वसनीयता को विस्तृत कर सकें और उपभोक्ताओं के अनुभव को बेहतर कर सकें.

कीमत सिर्फ 7 रुपए

इतने छोटे साइज के इस कंप्यूटर को क्रिप्टो एंकर प्रोग्राम के तहत बनाया गया है. कंपनी का दावा है कि अगले 5 साल में यह बाजार में आ जाएगा और इसकी कीमत सिर्फ 7 रुपए होगी.

क्या है क्रिप्टो एंकर तकनीक?

अपने ब्लौग के जरिए आईबीएम के रिसर्चर अरविंद खन्ना ने कहा कि क्रिप्टो एंकर एक ऐसी तकनीक है जो नए समाधानों का मार्ग प्रशस्त करती है. इसके जरिए नकली वस्तुओं की पहचान,  खाद्य सुरक्षा और इनकी प्रामाणिकता का पता लगाया जा सकता है. साथ ही आईबीएम इस तकनीक के अलावा लेटिस क्रिप्टोग्राफिक एंकर, एआई पावर रोबोट माइक्रोस्कोप और क्वांटम कंप्यूटर जैसी दूसरी तकनीक भी ला रहा है. जिससे पर्यावरण प्रदूषण, पानी की कमी और बढ़ते तापमान की समस्याओं को कम किया जा सकता है.

युवतियों का है ये टशन : कम कपड़ों में सैल्फी

सैक्सी व अट्रैक्टिव फिगर की मलिका होना हर युवती की दिली ख्वाहिश होती है और उन का हक भी है. इस ख्वाहिश को पूरा करने के लिए युवतियों को हर मौके का फायदा उठाने को तैयार रहना चाहिए. जब से स्मार्टफोन का चलन बढ़ा है तब से युवतियों को अपनी सैक्सी फिगर दिखाने का एक नया औप्शन मिल गया है. हाथों में स्मार्टफोन थामे कम कपड़ों में अपने यौवन और गठीले बदन का प्रदर्शन करती ये युवतियां अपने बौयफ्रैंड व मित्रमंडली के साथ मौल, पार्कों, मैट्रो स्टेशनों और खंडहरों में सैल्फी लेती दिख जाएंगी. महानगरों से ले कर गांवों तक की युवतियों में सैल्फी लेने का शौक सिर चढ़ कर बोल रहा है.

बौयफ्रैंड के गालों से गाल सटाए, उस के गले में बांहें डाले ये युवतियां जम कर सैल्फी लेती हैं और इन्हें फेसबुक पर अपलोड कर उन्हें तब तक अपार खुशी का एहसास नहीं होता जब तक कि दोस्तों के लाइक व सैक्सी कमैंट्स नहीं मिल जाते. जैसे, ‘यार, शौर्ट्स में तो किसी हीरोइन जैसी दिख रही है’, ‘यार, अच्छा होता तू टौप पहनती ही नहीं,’  अरे, तू तो पटाखा लग रही है.’ आज की पीढ़ी ने मौडर्निज्म से जो कट्टरपंथी लबादा ओढ़ा था उतार दिया है. हां, कम कपड़ों में वे खतरों को दावत भी दे रही हैं. कम कपड़ों में सैल्फी लेने का शौक कई बार इन के लिए गले की फांस भी बन जाता है. तब इन्हें डर का एहसास होता है, पर तब तक काफी देर हो चुकी होती है.

रश्मि को अपने बौयफ्रैंड के साथ सैल्फी लेने का बहुत शौक था. जब भी वह रमेश के साथ किसी मौल या फूड कोर्ट में जाती तो वहां सैल्फी जरूर लेती. एक दिन रमेश ने उसे अपने घर बुलाया. घर पर रमेश के सिवा और कोई नहीं था. रश्मि ने उस दिन खासतौर से माइक्रो मिनी स्कर्ट पहनी थी, जिस में उस की खूबसूरत मांसल टांगें और यौवन झलक रहा था. रमेश ने उसे देखते ही बांहों में भर लिया. रश्मि को भी लगा जैसे उस की मुराद पूरी हो गई हो और फिर शुरू हुआ सैल्फी का सैशन. दोनों ने जम कर सैल्फी लीं और साथ के साथ उन्हें फेसबुक पर भी अपलोड कर दिया. इन सैल्फीज को उन के मित्रों द्वारा खूब लाइक मिले.

कुछ दिन बाद अचानक रश्मि और रमेश में अनबन हो गई, क्योंकि अब रश्मि का दिल मोहित पर आ गया था, मोहित अमीर घर का युवक था. रमेश को यह बरदाश्त नहीं हुआ कि उस की गर्लफ्रैंड किसी और की गर्लफ्रैंड बने. बस, उस ने रश्मि से बदला लेने की ठान ली. उस ने रश्मि की सैल्फीज किसी तरह उस के पेरैंट्स तक पहुंचा दीं. रश्मि पर तो जैसे पहाड़ टूट पड़ा हो. बिंदास नेचर की रश्मि पर उस के पेरैंट्स ने पहरा लगा दिया और दोस्तों के साथ मिलनेजुलने पर पाबंदी लगा दी.

इसी तरह का वाकेआ नेहा के साथ भी हुआ. उसे भी कम कपड़ों में सैल्फी लेने का बहुत शौक था. उस की शादी तय हो गई थी और सगाई भी हो गई थी. शादी में करीब एक महीने का समय बाकी था कि लड़के वालों का फोन आया कि वह अपने बेटे की शादी नेहा से नहीं कर सकते. नेहा के पेरैंट्स ने जब इस की वजह जाननी चाही तो लड़के वालों ने उस की कम कपड़ों में खिंची सैल्फी उन्हें दिखा दी और कहा कि हम इतने मौडर्न विचारों के लोग नहीं हैं. नेहा हमारे घर की बहू बनने लायक नहीं है. इस में विलेन की भूमिका नरेश ने निभाई थी जो कभी नेहा का बौयफ्रैंड था और जिस ने उस के साथ जीने मरने की कसमें खाई थीं, पर पिछले कुछ समय से दोनों के संबंधों में खटास पैदा हो गई थी.

इस तरह के षड्यंत्र का शिकार वे तमाम युवतियां हो सकती हैं जिन्हें कम कपड़ों में सैक्सी अदा दिखाते हुए सैल्फी लेने का बहुत क्रेज है. सच तो यह है कि दोस्तों के साथ सैल्फी लेने में कोई हर्ज नहीं है. इस से आपस में एकदूसरे के साथ दोस्ताना संबंध कायम होते हैं जो आज की फास्ट लाइफ में ऐंजौय करने के लिए जरूरी हैं, पर युवतियों को सैल्फी लेते समय सीमाओं का उल्लंघन नहीं करना चाहिए वरना सिवा पछतावे के कुछ हाथ नहीं लगता.

सैल्फी लेते समय कुछ खास बातों का रखें खयाल

कम कपड़ों से करें तोबा

आप की ड्रैस आप के चरित्र को दर्शाती है. हालांकि मौडर्न युवतियां इस से उलटी सोच रखती हैं. उन का मानना है जिस में वे हौट लगें वही ड्रैस पहननी चाहिए. पर ऐसी ड्रैस का क्या फायदा जिस में आप के शरीर के अंगों की बनावट झलके. कम कपड़ों में सैल्फी न ही खींचे तो अच्छा है, क्योंकि यह शौक आप के गले की हड्डी बन सकता है.

एकांत में सैल्फी ध्यान से लें

अकसर युवतियां अपने कथित बौयफ्रैंड्स के साथ एकांत स्थान जैसे ऐतिहासिक इमारतों के खंडहरों व पार्कों में सैल्फी ले लेती हैं. सैल्फी लेते वक्त शारीरिक स्पर्श तो होना लाजिमी है. ऐसे में कब हदें पार हो जाएं, पता नहीं और बाद में आप का बौयफ्रैंड इन सैल्फीज को ले कर आप को ब्लैकमेल नहीं करेगा, इस की भी कोई गारंटी नहीं है. इसलिए बौयफ्रैंड के साथ सैल्फी लेते समय एकांत स्थानों को प्रिफरैंस न दें और न ही कम कपड़े पहनें.

जरूरत से ज्यादा यकीन ठीक नहीं

अकसर युवतियों को अपने बौयफ्रैंड पर जरूरत से ज्यादा यकीन होता है. उन्हें उन की हर बात सच नजर आती है. वह धोखा भी दे सकता है, ऐसा वे सोच भी नहीं पातीं. तभी तो उस से लिपटलिपट कर कम कपड़ों में सैल्फी लेने में उन्हें अपूर्व आनंद की अनुभूति होती है, पर देखा यह गया है कि अकसर मीठीमीठी बातें कर के अपना उल्लू सीधा करने वाले बौयफ्रैंड सीरियस नहीं होते. वे कभी भी धोखा दे कर आप को खतरे में डाल सकते हैं. बौयफ्रैंड अवश्य बनाइए, पर उस पर यकीन कर उस के सामने पूरी तरह बिछें नहीं वरना आप को पछताना ही पड़ेगा.

सैल्फी अपने स्मार्टफोन से ही लें

अगर आप को कम वस्त्रों में सैल्फी लेने का शौक है तो ध्यान रहे कि इस के लिए बौयफ्रैंड का स्मार्टफोन इस्तेमाल न करें, बल्कि अपने फोन से ही सैल्फी खींचें. बौयफ्रैंड को सैल्फी व्हाट्सऐप न करें. कहीं ऐसा न हो कि वह आप की सैल्फी वायरल कर दे और आप मुंह दिखाने लायक न रहें. अगर वह व्हाट्सऐप पर सैल्फी मांगता है तो मुसकराते हुए कह दें, ‘भेज दूंगी न यार, जल्दी क्या है.’ इस तरह आप का शौक भी पूरा हो जाएगा और बदनामी होने की गुंजाइश भी नहीं रहेगी.

पेरैंट्स या सीनियर दोस्तों से शेयर करें

आप क्या कर रही हैं? आप का बौयफ्रैंड कौन है? उस के साथ कहां घूमने जा रही हैं? किस के साथ सैल्फी ले रही हैं, इस की जानकारी पेरैंट्स को देना फायदेमंद रहता है, क्योंकि उन्हें आप के अच्छेबुरे का पूरा ध्यान रहता है. वे आप को सही सलाह दे सकते हैं. यदि आप किसी मुसीबत में पड़ गई हैं तो वे आप को उस मुसीबत से निकाल सकते हैं. वे यह भी बता सकते हैं कि आप को सैल्फी खिंचवाते समय कैसी ड्रैस पहननी चाहिए. इसलिए अपने पेरैंट्स से हर बात शेयर करें.

31 मार्च के बाद नहीं चलेंगे इन बैंकों के चेक

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एक बार फिर अपने ग्राहकों को याद दिलाया है कि उनके एसोसिएट बैंकों की चेक बुक 31 मार्च के बाद नहीं चलेगी. इसलिए वे सभी ग्राहक अपना चेक बुक बदल कर एस.बी.आई. से नया चेक इश्यू करवा लें. एसबीआई ने ग्राहकों से कहा है कि नई चेक बुक के लिए इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम या फिर शाखा में जाकर तुरंत आवेदन कर लें.

इन 6 बैंकों का हुआ था SBI में विलय

जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल 5 एसोसिएट बैंकों का एस.बी.आई. में विलय किया गया है. अप्रैल, 2017 में स्टेट बैंक आफ बीकानेर एंड जयपुर (SBBJ), स्टेट बैंक आफ हैदराबाद (SBH), स्टेट बैंक आफ मैसूर (SBM), स्टेट बैंक आफ पटियाला (SBP), स्टेट बैंक आफ त्रावणकोर (SBT) और भारतीय महिला बैंक का एस.बी.आई. में विलय कर दिया गया है. स्टेट बैंक आफ मैसूर में एसबीआई का 90 पर्सेंट हिस्सा था जबकि बीकानेर एंड जयपुर में 75.07 पर्सेंट था. त्रवणकोर में एसबीआई की हिस्सेदारी 79.09 पर्सेंट है.

3 बार बढ़ा चुकी हैं तारीख

आपको बता दें कि बैंक अपने नए ग्राहकों की सहूलियत के लिए इस काम की तारीख पहले भी 3 बार बढ़ा चुका है. सबसे पहले 30 सितंबर तक का समय दिया था. इसके बाद इस समय सीमा को बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दिया गया था. हालांकि, ग्राहकों की परेशानी को देखते हुए इसे 31 मार्च कर दिया गया था. अब अगर आप 31 मार्च के बाद भी नई चे‍क बुक नहीं लेते हैं, तो आपके लिए वित्तीय लेन-देन करना मुश्क‍िल हो जाएगा. इससे आपके बैंक से जुड़े काम निपटाने में दिक्कतें पेश आ सकती हैं.

ऐसे करें चेक बुक के लिए आवेदन

ज्ञात हो कि बैंक की तरफ से ग्राहकों से अनुरोध किया गया था कि 31 मार्च से पहले नई चेक बुक के लिए आवेदन करना जरूरी है. अगर आपने अब तक नई चेक बुक के लिए आवेदन नहीं किया है तो आप इंटरनैट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग या ATM से आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा आप संबंधित शाखा में जाकर भी नई चेक बुक के लिए आवेदन कर सकते हैं.

खुद मोहम्मद भाई को जानती थीं हसीन जहां, जानें क्या है पूरा सच?

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां ने बीते दिनों अपने पति पर फिक्सिंग के गंभीर आरोप लगाए थे. उनके बीच चल रहे इस विवाद में मोहम्मद भाई का नाम बार-बार सामने आ रहा था. हसीन जहां ने मोहम्मद भाई नामक एक शख्स के साथ शमी के पैसों के लेन-देन को लेकर उनपर मैच फिक्सिंग करने का आरोप लगाया था. हालांकि शमी खुद इस बात से कई बार इनकार कर चुके हैं लेकिन अब मोहम्मद भाई ने खुद सामने आकर इन आरोपों को खारिज किया है.

एक हिन्दी चैनल से बात करते हुए खुद मोहम्मद हानस्लाट उर्फ मोहम्मद भाई ने बताया कि वह लंदन में अपना बिजनेस चलाते हैं. उनका कहना है कि वह मोहम्मद शमी और हसीन जहां से लंदन में मिल चुके हैं. एक मैच के दौरान उनकी मुलाकात हुई थी और धीरे-धीरे उनकी दोस्ती होती चली गई. हसीन जहां उन्हें भाई कहती थीं. वह हसीन को लंदन घुमाते थे. साथ ही मोहम्मद भाई का ये भी कहना है कि शमी पर लगा मैच फिक्सिंग का आरोप गलत है. उन्होंने कभी शमी को पैसे नहीं दिए हैं.

शमी और हसीन जहां के पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तानी लड़की अलिश्बा का नाम भी कई बार सामने आया. हसीन जहां से आरोप लगाया था कि अलिश्बा, शमी और मोहम्मद भाई के बीच आपस में संबंध रहे हैं. शमी ने अलिश्बा के जरिए मोहम्मद भाई से पैसे लिए हैं. हालांकि मोहम्मद भाई ने इन आरोपों से इनकार किया. उन्होंने कहा कि वह अलिश्बा को जानते भी नहीं हैं. उन्होंने पाकिस्तानी लड़की अलिश्बा का नाम पहली बार सुना है.

हालांकि इससे पहले अलिश्बा ने भी एक चैनल से बात करते हुए कहा था कि उनकी शमी से बतौर फैन पहली मुलाकात देर रात एयरपोर्ट पर हुई थी. अगली सुबह वह शमी से मिलने उनके होटल में गईं, जहां उन्होंने शमी के साथ तकरीबन एक घंटे का वक्त बिताया. इस दौरान उन्होंने शमी के साथ नाश्ता किया. अलिश्बा का कहना है कि उनकी बहन शारजाह में रहती हैं, ऐसे में उनका दुबई अना-जाना लगा रहता है. पाकिस्तानी मॉडल के अनुसार, मुलाकात के दौरान पैसों को लेकर किसी भी तरह की बातचीत नहीं हुई थी.

मोहम्मद भाई का कहना है कि जांच एजेंसियों को मदद करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार हूं. चाहे वह लाई डिटेक्टर टेस्ट हो या फिर नार्को वह इसके लिए तैयार हैं. अगर जांच एजेंसियां इसके लिए लंदन आना चाहें तो वह खुद उन्हें रिसीव करने एयरपोर्ट जाएंगे.’

बता दें कि मोहम्मद भाई को लेकर हसीन जहां के आरोप भी लगातार बदलते रहे हैं. हसीन ने पहली बार उन्हें एक अच्छा इंसान बताया था. वहीं दूसरी बार हसीन ने उन्हें मैच फिक्सिंग में लिप्त करार दिया था.

गलती से डिलीट हुए एसएमएस को वापस पाने के लिए अपनाएं ये उपाय

हर व्यक्ति मोबाइल पर आने वाले जरूरी एसएमएस को बेहद संभाल कर रखता है. लेकिन कई बार हमारी थोड़ी सी गलती के चलते वह एसएमएस डिलीट हो जाता है, जिसके चलते हमें कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है. अगर आपने भी गलती से एसएमएस डिलीट कर दिया है, जिसमें कोई जरूरी जानकारी थी तो अब आपको ज्यादा परेशान होने की आवश्यकता नहीं है. क्योंकि अब आप अपने स्मार्टफोन पर डिलीट किए हुए एसएमएस को भी वापस पा सकते हैं. हालांकि ऐसी गारंटी नहीं है कि आपका मैसेज वापस मिल ही जाएगा लेकिन आप कोशिश करके देख सकते हैं.

आपको तो मालूम ही होगा कि जब आप कंप्यूटर पर कोई फाइल डिलीट करते हैं तो वो एक ट्रैश कैन में चला जाता है. ठीक वैसे ही एंड्रौयड स्मार्टफोन पर भी होता है. एंड्रौयड स्मार्टफोन पर जो फाइल या मैसेज आप डिलीट करते हैं वो थोड़े समय के लिए फोन में डिलीट होने के बाद भी रहता है.

मैसेज वापस पाने के लिए आप डेटा रिकवरी साफ्टवेयर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. ऐसे सौफ्टवेयर आपके फोन को स्कैन करके जो भी कंटेंट डिलीट हो गया है उसको ढूंढ निकालते हैं. एंड्रौयड डेटा रिकवरी, डा. फोन, फोन पा, एंड्रौयड डेटा रिकवरी जैसे ऐप आपके काम आ सकते हैं.

सभी फोन कंपनियों के लिए आपके मैसेज स्टोर करना कानूनन जरूरी है इसलिए अगर ऐसा कोई भी मैसेज है जिसकी आपको कानूनन जरूरत है, तो उसे आप फोन कंपनी से भी मांग सकते हैं. लेकिन इसके लिए आपको उन्हें कुछ कागजात देने पड़ सकते हैं जो ये दिखाए कि आपको अदालत में उसे पेश करना है. पुलिस या दूसरी कानूनी एजेंसी अगर मांगें तो ऐसी जानकारी देना इन कंपनियों के लिए जरूरी होता है.

वैसे आपके स्मार्टफोन के लिए एसएमएस बैकअप का भी एक ऐप आता है जिसे आप बिना किसी परेशानी के इस्तेमाल कर सकते हैं. इसको आप अपने स्मार्टफोन पर प्ले स्टोर से बेहद ही आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं वो भी फ्री में.

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