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मेकअप टिप्स फार औयली स्किन

क्‍या आप की स्‍किन औयली है अगर हां तो आज की ये खबर हम खास आपको लिए लेकर आए हैं. इस खबर में हम आपको औयली स्‍किन पर मेकअप करने के कुछ टिप्‍स एंड ट्रिक्‍स बताएंगे, जिससे आपको मेकअप करने में आसानी होगी. आइये जानते हैं कि औयली स्‍किन के लिये किस तरह के मेकअप प्रोडक्‍ट का इस्‍तमाल करें

चेहरे को धोएं और स्‍क्रब करें

मेकअप करने का यह पहला और महत्‍वपूर्ण स्‍टेप है. अपने चेहरे को धोएं, उसके बाद उसे क्‍लींजर से साफ करें और फिर स्‍क्रब करें.

त्‍वचा को तैयार करें

मेकअप लगाने से पहले अपने चेहरे को एल्‍कोहल फ्री टोनर से साफ करें. इसे क्‍लींजर से चेहरा साफ करने के 5 मिनट बाद ही लगाएं. यह तेल को सोख लेता है और त्‍वचा को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचाता.

मौइस्‍चराइजर

अपनी स्‍किन को मेंटेन करने के लिये इस पर अच्‍छा मौइस्‍चराइजर लगाएं. इसको लगाने से मेकअप ज्‍यादा देर तक टिका रहता है और लुक भी अच्‍छा आता है. हमेशा औयल फ्री या वाटर बेस मौइस्‍चराइजर का प्रयोग करें.

औइल फ्री फाउंडेशन

अपने चेहरे के लिये अच्‍छी क्‍वालिटी का औयल फ्री फाउंडेशन चुने. यह त्‍वचा के रोम छिद्रों को पूरी तरह से ढंक देता है और चेहरे पर अच्‍छी तरह से लग भी जाता है. अच्‍छे रिजल्‍ट के लिये इसे थोड़े से मौइस्‍चराइजर के साथ मिक्‍स करें और चेहरे पर उंगलियों या ब्रश की मदद से लगाएं.

ट्रांसलूसेंट पाउडर

फाउंडेशन लगाने के बाद ट्रांसलूसेंट पाउडर लगाना चाहिये. इसे फाउंडेशन लगाने के 10 मिनट बाद लगाएं और ध्‍यान दे कर गालों, माथा और नाक को हाईलाइट करें. ट्रांसलूसेंट पाउडर हमेशा लाइट कलर का होना चाहिये.

फूलगोभी मटर कीमा

सामग्री

– 1 कप फूलगोभी कद्दूकस की हुई

– 1/2 कप हरी मटर के दाने

– 1/4 कप कौर्न उबले

– 1 तेजपत्ता

–  2 लौंग

–  मेथीदाना (1/2 छोटा चम्मच)

– प्याज बारीक कटा (2 बड़े चम्मच)

–  लहसुन कलियां (4 कटी हुई)

–  अदरक और हरी मिर्च (1 छोटा चम्मच)

–  गरममसाला पाउडर (1/4 छोटा चम्मच)

–  सरसों का तेल (1 बड़ा चम्मच)

–  थोड़ी सी धनियापत्ती (कटी हुई)

–  नमक स्वादानुसार

बनाने की विधि

–  एक नौनस्टिक कड़ाही में तेल गरम कर के मेथीदाने का तड़का लगाएं.

–  तेजपत्ता व लौंग डालें कर प्याज, लहसुन व अदरक भूनें.

–  इस में मटर के दाने और कद्दूकस की हुई फूलगोभी डालें.

–  5 मिनट धीमी आंच पर पकाएं.

–  उबले कौर्न व सभी मसाले डालें.

–  फूलगोभी कीमा तैयार है.

–  अब इसे परांठे या रोटी के साथ सर्व करें.

स्पाइसी चाइनीज पकौड़ा रेसिपी

सामग्री

– 1 कप पत्तागोभी (बारीक कटी हुई)

– 1 कप हरा प्याज (बारीक कटी हुई)

– थोड़ी सी ब्रोकली

– 1 बड़ा चम्मच गाजर(कद्दूकस की हुई)

– 2 छोटे चम्मच सोया सौस

– 1 छोटा चम्मच टोमैटो सौस

– 1/2 कप मैदा

– 1/4 कप कौर्नफ्लोर

– 1 छोटा चम्मच औरिगैनो

– पकौड़ा सेंकने के लिए रिफाइंड औयल

– नमक स्वादानुसार

बनाने की विधि

– मैदा और कौर्नफ्लोर को मिक्स करें.

– इस में एकचौथाई कप पानी डालें.

– साथ ही सभी सब्जियां, नमक, सोया सौस आदि डाल कर मिक्स करें.

– थोड़ा-थोड़ा मिश्रण ले कर गरम तेल में डीप फ्राई करें.

– टेस्टी पकोड़े तैयार हैं.

– आप इसे सौस के साथ सर्व करें.

अमेरिका में भारतीय सिख पर हमला, अलग धार्मिक पहचान से बढ़ता हेट क्राइम

हेट क्राइम कम होने का नाम नहीं ले रहा. दुनिया भर में धार्मिक अपराध के आंकड़े बढते जा रहे हैं. धार्मिक पूर्वाग्रह के चलते एक और भारतीय सिख को अमेरिका में बुरी तरह पीट दिया गया. अमेरिका के औरिगन में एक स्टोर पर काम करने वाले हरविंदर सिंह डोड पर 24 वर्षीय एंड्रयू रैमजे ने हमला कर दिया. हरविंदर सिंह की दाढी नोच ली, मुंह पर मुक्के मारे और नीचे गिरा कर लातों से पीटा. उस की पगड़ी उतार कर फेंक दी.

एंड्रयू सिगरेट के रोलिंग पेपर खरीदने आया था पर उस के पास पहचान पत्र नहीं था. हरविंदर सिंह ने उसे बिना पहचान पत्र के जाने को कह दिया. इस पर रैमजे ने उसे मारनापीटना शुरू कर दिया.

एंड्रयू पर हेट क्राइम का मामला दर्ज किया गया है. अदालत में दायर दस्तावेजों के अनुसार श्वेत एंड्रयू के मन में हरविंदर के धर्म को ले कर पूर्वाग्रह थे जिस के चलते उस ने उस पर हमला किया गया.  इस से पहले अगस्त 2018 में भी दो सिखों पर हमला किया गया था.

दुनिया भर में धार्मिक, नस्लीय अपराध बढ़ रहे हैं. फेडरल ब्यूरो औफ इंवेस्टिगेशन के अनुसार आरेगन में 2016 से 2017 के दौरान 40 प्रतिशत घृणा अपराध बढ़े हैं. 2017 की वार्षिक रिपोर्ट बताती है कि इस वर्ष 7,175 धार्मिक, नस्लीय भेदभावपूर्ण हिंसा के मामले दर्ज किए गए. इन में 8,493 लोगों को शिकार बनाया गया.

2016 में 6,121 हेट क्राइम के मामले दर्ज हुए. 2015 में 5,850 केस दर्ज किए गए. यानी हर साल यह अपराध बढ़ रहा है. इन में धार्मिक, नस्लीय, लैंगिक, समलैंगिकों के साथ हिंसा के अपराध भी शामिल हैं.

नेशनल क्राइम विक्टिमाइजेशन सर्वे के मुताबिक 2005 से 2015 के बीच 2,50,000 घृणा के मामले हुए. इन के अलावा ऐसे कितने ही मामले हिंसा के भय और मामला उजागर होने के डर से दर्ज ही नहीं कराए गए.

अमेरिका में घृणा अपराध का पुराना इतिहास रहा है. 200 साल पहले अश्वेतों को श्वेतों की नफरत का शिकार होना पड़ा था. अफ्रीकीअमेरिकनों के साथ दोयम दर्ज का व्यहार किया जाता था. यह उसी तरह था जैसे भारत में वर्णव्यवस्था के चलते दलितों, शूद्रों के साथ हुआ.

1950 और 1960 के दशक के दौरान अश्वेतों के खिलाफ हिंसा आम थी. मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने नागरिक अधिकार आंदोलन शुरू किया. उन्होंने समानता के अधिकार के लिए कड़ा संघर्ष किया. अश्वेतों को वोट के अधिकार के साथ दूसरे समानता के अधिकार मिलने शुरू हुए.

असल में भारतीय लोग विदेशों में धर्म की गठरी अपने साथ ले कर गए. वे वहां अपनी अलग धार्मिक पहचान बना कर रखते हैं. इन लोगों ने वहां अपने अलग धर्मस्थल बना लिए. अलग धार्मिक पहचान रखनी शुरू कर दी. हिंदू लोग भले ही सूटटाई लगाते हों पर कई ऐसे हैं जो चोटी, तिलक लगाने में शर्म महसूस नहीं करते. सिख तो दाढी और पगड़ी पहनते ही हैं.

ये लोग अपने धर्म, अपनी संस्कृति पर गर्व करते हैं और इस का सार्वजनिक तौर भी इजहार करने से भी नहीं चूकते. बस यही धार्मिक पहचान दूसरे धर्म, संस्कृति वाले लोगों के मन में घृणा के भाव जगाती है.

मूल विदेशियों के मन में इन्हें अलग रखने के विचार उस वक्त और मजबूत बनते हैं जब ये लोग उन के सांस्कृतिक, धार्मिक कार्यक्रमों में खुद को शामिल नहीं करते. खुद के धर्म को दूसरों से श्रेष्ठ साबित करने की चेष्ठा करते हैं.

हर धर्म अपने अनुयायियों की अलग पहचान बना कर रखता है. बिना धार्मिक पहचान के कई रूप हैं. नाम, पहनावा, धार्मिक चिन्ह धारण कर के रखना जैसे विविध तरीके हैं. मुस्लिम जालीदार टोपी और दाढी, ईसाई गले में क्रास लटका कर रखते हैं. यह सब स्वार्थी लोगों द्वारा अपनीअपनी धार्मिक दुकानदारी चलाने के लिए होता है.

हेट क्राइम लोगों की धार्मिक, नस्लीय पहचान की वजह से होते हैं. आंकड़े इस बात के गवाह हैं. नेशनल क्राइम विक्टिमाइजेशन सर्वे के अनुसार 60 प्रतिशत मामलों में नस्लीय, धार्मिक पहचान बनाए रखने वाले लोग हिंसा के शिकार हुए.

धार्मिक पहचान समाज को विभाजित करती है. लोग जिस देश में रहते हैं उस के अनुरूप बगैर धार्मिक पहचान के क्यों नहीं रह सकते. अगर हरविंदर सिंह दाढी और पगड़ी नहीं पहने होते तो निश्चित ही उस पर हमला नहीं होता. यह अलग धार्मिक पहचान ही नफरत का कारण बन रही है.

धोनी भाई, किवीलैंड में कर दो यह कारनामा

औस्ट्रेलिया में मेजबान देश को वनडे और टैस्ट सीरीज में मात देने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के हौसले सातवें आसमान पर हैं. अब जबकि यह टीम न्यूजीलैंड की धरती पर उतर चुकी है तो आने वाले कुछ दिन क्रिकेट के रोमांच से लबरेज होंगे, ऐसा साफ दिख रहा है.

विराट कोहली और केन विलियमसन और गेंद की इस लड़ाई में कौन बाजी मारेगा, यह इस बात पर भी निर्भर करेगा कि कौन-कौन से दूसरे खिलाड़ी मैदान पर अपना बेस्ट देंगे. भारत में तो इस समय सब से बड़ा दांव महेंद्र सिंह धौनी पर लगा हुआ है. पिछले 3 वनडे मैचों में लगातार 3 हाफ सेंचुरी लगा कर माही ने जता दिया है कि अभी वे चुके नहीं हैं. यह कारनामा उन्होंने तब किया है जब हर जगह से उन की बल्लेबाजी की आलोचना हो रही थी.

वैसे न्यूजीलैंड में जब महेंद्र सिंह धौनी वनडे सीरीज में खेलने के लिए उतरेंगे, तो उन की निगाहें अच्छा प्रदर्शन करने के साथसाथ सचिन तेंदुलकर का एक रिकौर्ड तोड़ने पर भी होंगी.  दरअसल, न्यूजीलैंड में धौनी ने अब तक 10 वनडे मैच खेल कर 456 रन बनाए हैं और वे वनडे क्रिकेट में यहां सब से ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की लिस्ट में फिलहाल तीसरे नंबर पर हैं. अगर 5 वनडे मैचों की इस सीरीज में धौनी ने 197 रन बनाए लिए तो वे सचिन तेंदुलकर को पछाड़ कर पहले नंबर पर आ जाएंगे.

सचिन तेंदुलकर ने न्यूजीलैंड 18 वनडे मैच खेल कर भारतीय बल्लेबाजों में सब से ज्यादा 652 रन बनाए हैं. दूसरे नंबर पर बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग हैं, जिन्होंने यहां 12 मैच खेल कर 598 रन बटोरे हैं. अब महेंद्र सिंह धौनी चूंकि अपनी लय में आ चुके हैं तो उन से उम्मीद की जा सकती है कि वे न्यूजीलैंड में नया इतिहास बनाएंगे.

याद रहे कि टीम इंडिया ने जब पिछली बार साल 2014 में न्यूजीलैंड का दौरा किया था तब महेंद्र सिंह धौनी टीम के कप्तान थे. तब हमें 5 मैचों की सीरीज में 0-4 से करारी हार झेलनी पड़ी थी. लेकिन धौनी ने उस सीरीज में 68 की औसत से शानदार 272 रन बनाए थे.

अनचाहा सा अपना

उसके लिए ज़िदगी

खुला आसमान

बे-छोर, बे-बंधन, बे-छत, बे-दीवार

खेलो-खाओ, पियो-जियो

मेरे लिए ज़िदगी

कल्पना नहीं, नशा नहीं, स्वप्न नहीं

सिर्फ हकीकत

मुश्किलों का सामना करती

जूझती, लड़ती , आगे बढ़ती

बंधनों के साथ, दायरों के साथ

वो समझौतों से परे, मैं समझौतों के साथ

दोनों विपरीत, दोनों भिन्न

ख़याल भिन्न, व्यवहार भिन्न, परिस्थितियां भिन्न

फिर भी

साथ चलने की धुन

तो

नफरत – मोहब्बत

धमकी – चुंबन

विश्वास – अविश्वास

दूरी – नजदीकी

सपने – हकीकत

सब एक साथ

भर लिए

विवाह रूपी बोतल में

और चल पड़े साथ

लेकिन कितनी दूर ?

कितनी देर ?

अचानक एक रात

हो गया विस्फोट

छन्न से टूटी बोतल

बिखर गईं किरचें

हैरान

अवाक

मैं भी, वो भी

न संभाल पाने का गुस्सा

टूटने का दुख लिए

ख़ामोशी से

वह उड़ गया सिगरेट के  धुएं सा

और मैं

सिमट गई अपने दायरे में

इससे पहले के बिखरी किरचें गड़  जाएं

घायल कर दें पूरा वजूद

बटोरी किरचें

फेंकी और साफ़ कर दी

दिल की ज़मी

पर एक किरच

शायद गड़ गई है कहीं

दिखती नहीं लेकिन

रात की तन्हाई में

बार बार चुभती है

तकलीफ देती है

रुलाती है

आंसू बन कर

गालों पर बहते हुए

हर रात

उसकी नमकीन यादों से

होंठों को नम कर जाती है

कर्नाटक में छल, कपट से सत्ता का अमृत हथियाने का प्रयास

धर्म में छल, कपट के सहारे सत्ता हथियाने की सीख लेने वाली भाजपा का दांव कर्नाटक में सफल नहीं हो पाया. विधायकों की बाड़ेबंदी और खरीदफरोख्त का खेल नाकाम हो गया. राज्य में कांग्रेसजेडीएस गठबंधन सरकार फिलहाल बच भले ही गई हो, पर खतरा अभी बरकरार है.

दरअसल सरकार के 4 विधायकों के बगावत की खबरें आई तो कहा गया कि इन विधायकों को भाजपा द्वारा खरीदने का प्रयास किया गया है. खतरा भांप कर कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्घरमैया बैंगलुरू शहर के बाहर एक रिसौर्ट में अपने विधायकों को ले गए.

उधर कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने भी अपने विधायकों की बाड़ेबंदी कर दी. पार्टी के 104 विधायकों को गुरुग्राम के एक रिसोर्ट में ले जाया गया. दोनों ओर से खरीदफरोख्त के आरोपप्रत्यारोप लगाए गए. जेडीएस विधायकों का आरोप है कि भाजपा ने 60 करोड़ रुपए और मंत्रिपद का औफर दिया था. कांग्रेस के करीब 8 विधायकों ने पाला बदलने का वादा किया था.

कांग्रेस नेता सिद्घरमैया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह गठबंधन सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं क्योंकि उन्हें आगामी लोकसभा चुनावों में तीन या चार सीटें ही मिलने का डर है.

दरअसल 7 महीने पहले कर्नाटक में कांग्रेसजेडीएस की गठबंधन सरकार बनी थी. मई 2018 में हुए चुनाव में भाजपा को 104 सीटें मिली थीं. वह सब से बड़ी पार्टी बन कर आई. राज्यपाल वजूभाई ने भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था. बहुमत के लिए जरूरी 112 सीटों का आंकड़ा न होने के बावजूद येदियुरप्पा सरकार बन गई थी.

राज्यपाल ने 15 दिन में बहुमत सिद्घ करने का मौका दिया था पर सुप्रीम कोर्ट ने एक ही दिन का मौका दिया. 80 सीटों वाली कांग्रेस ने 37 सीटों वाले जेडीएस के नेता एचडी कुमारस्वामी को समर्थन दे कर मुख्यमंत्री बना दिया.

224 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 112 सीटें जरूरी हैं. भाजपा के पास 104 सीटें हैं. ऐसे में बहुमत से थोड़ी दूर बैठी सत्ता के लिए जीभ लपलपा रही भाजपा कांग्रेसजेडीएस गठबंधन सरकार कभी भी गिरा सकती है.

कर्नाटक में विधायकों की इस खरीदफरोख्त कर सरकार गिराने के प्रयासों के बाद मध्यप्रदेश और राजस्थान में भी कांग्रेस के सामने खतरा मंडराने लगा है. इन दोनों राज्यों में कांग्रेस सरकारें बहुमत के किनारे पर हैं. यहां की सरकारें सतर्क हो गई हैं.

असल में राजनीतिक दलों को ऐनकेन प्रकारेण सत्ता प्राप्ति के लिए कोई भी अनैतिक काम करने की प्रेरणा पुरानी कहानियों  से मिलती रही है. पुराणों में समुद्र मंथन से अमृत कलश निकलने की कथा है. कहा गया है कि इस अमृत में अमरता के गुण थे. लिहाजा इसे पाने के लिए देवताओं और असुरों में छीनाझपट्टी हुई. बाद में अमृत हासिल करने के लिए देवताओं ने छल, कपट की सीमाएं लांघ दी थी.

हमारे नेता इन पुरानी कथाओं को जबतब उद्घृत करते रहते हैं और इसे हमारी महानता के साथ जोड़ कर गर्व से इठलाते नजर आते हैं.

सवाल इस देश की जनता का है. नेता वोट ले कर अपने स्वार्थ के लिए पाला बदल लेते हैं पर उस जनता के बारे में सोचने की जहमत नहीं उठाते जिन्होंने उसे अपना नुमाइंदा बनाया है उस के प्रति उस की कोई जिम्मेदारी है. जिम्मेदारी और जवाबदेही की सीख धर्म नहीं, लोकतांत्रिक संविधान सिखाता है पर अफसोस हमारे नेता लोकतांत्रिक संविधान से सर्वोपरि धर्म को मानते हैं.

बालों की ग्रोथ के लिये खास टिप्स

लंबे, घने और मजबूत बाल किसे पसंद नहीं होते. लेकिन कुछ ही लड़कियों की यह चाहत पूरी हो पाती है. लेकिन अगर आपके बाल लंबे नहीं हैं या फिर उनमें जान नहीं है तो इसके लिये कोई और नहीं बल्कि आप ही जिम्‍मेदार हैं. क्योंकि हमारी और आपकी जीवनशैली ऐसी हो गई है कि हम अपने स्वास्थ्य और बालों पर बिल्‍कुल भी ध्‍यान नहीं दे पाते. ना तो बालों में तेल लगाते हैं और न ही उनकी मालिश करते हैं और फिर सोचते हैं कि बालों की ग्रोथ क्यों नही हो रही है? बाल रूखे और बेजान क्यों हैं? तो अगर आपको अपने बाल लंबे और अच्छे चाहिए तो उनकी नियमित रूप से देखभाल भी करनी ही पड़ेगी. तो आइये जानते हैं कुछ बेहतरीन तरीके बाल बढ़ाने के.

  • कई लोग दिन में दो बार बाल झाड़ते हैं लेकिन अगर आप अपने बालों को दिन में 6 से 7 बार झाड़ेगें तो आपके बाल जल्‍दी उगना शुरु हो जाएंगे. इसके अलावा जब आप बालों को ब्रश से सुलझा रही हों तब सिर पर थोड़ा प्रेशर लगाइये. इससे ब्‍लड सर्कुलेशन सही होगा और बाल जल्‍दी बढ़ेंगे.
  • हफ्ते में एक बार बालों में तेल लगाइये. बालों में तेल लगाने से सिर को पोषण मिलता है. बालों में बादाम का तेल लगाइये, अपनी डाइट में विटामिन ‘ई’ वाले फूड जैसे बादाम और अखराट आदि शामिल कीजिये और बालों को हमेशा साफ सुथरा रखिये. ऐसा करने से कुछ ही दिनों में आपके बाल बढ़ने लगेगें.
  • बाल उगाने के लिये आपको प्राकृतिक चीजो कि आवश्‍यकता पड़ती है. कुछ गुडहल की कलियों को गरम नारियल तेल में रातभर के लिये भिगो दें. फिर इस तेल को अपने बालों में मालिश करने के लिये प्रयोग करें. इससे बाल तेजी से बढ़ेंगे और मोटे उगेंगे.
  • बाल बांध कर सोएं जब भी सोने के लिये जाएं तब अपने बालों में चोटी करें. इससे बाल घिस घिस कर टूटेगें नहीं.
  • बालों को गरम पानी से न धोएं गरम पानी बालों को खराब कर देते हैं. गरम पानी सिर की त्‍वचा के रोम छिद्र खोल देते हैं जिससे बाल गिरना शुरु हो जाते हैं.
  • बालों को साफ रखें बालों में तेल लगाना जितना जरुरी है उतना ही शैंपू से बाल को साफ रखना भी आवश्‍यक है. बाल साफ होने से उनकी ग्रोथ तेजी से होती है. हफ्ते में तीन बार बालों को माइल्‍ड शैंपू से धोना चाहिये.

बेसन लगाएं सौंदर्य लाभ पाएं

बेसन हर घर में इस्तेमाल किया जाता है. आप बेसन को अपनी त्वचा पर लगाकर सौंदर्य लाभ ले सकती हैं. जी हां ये सच है. अगर चेहरे पर मुंहासे हैं या फिर चेहरा ड्राई या औयली है तो आप बेसन का उपयोग कर के उसे सही कर सकती हैं. गर्दन और बगल अगर काली है तो भी बेसन पैक लगा कर उसे साफ किया जा सकता है. आइये जानते हैं बेसन के कुछ सौंदर्य लाभ.

फेस पैक

अगर आपकी स्‍किन औयली है तो आप दही, रोज वाटर और बेसन का पेस्‍ट लगा सकती हैं. इससे त्‍वचा से सारी गंदगी साफ हो जाएगी और वह कोमल हो जाएगी. अगर आपकी स्‍किन ड्राई है तो बेसन फेस पैक आपकी त्‍वचा को नमी पहुंचाएगी. बेसन, शहद, 1 चुटकी हल्‍दी और थोड़ा सा दूध मिला कर पेस्‍ट बनाइये और चेहरे पर 20 मिनट तक लगा रहने के बाद धो लीजिये.

टैन रिमूवर

इस पैक को बनाने के लिये 4 बादाम पाउडर, 1 चम्‍मच दूध, नींब रस और बेसन मिलाइये और चेहरे पर 30 मिनट तक लगाइये और बाद में चेहरा धो लीजिये. यह सन टैन को हटाने में बहुत लाभदायक है और त्‍वचा भी चमकाता है.

मुंहासों से छुटकारा दिलाए

अगर आपकी त्‍वचा पर पिंपल बहुत होते हैं तो चिंता मत कीजिये. बेसन के साथ चंदन पाउडर, हल्‍दी और दूध मिलाइये और चेहरे पर 20 मिनट तक लगा रहने के बाद धो लीजिये. इसे हफ्ते में कम से कम 3 बार लगाएं.

डार्क आर्म और गले के लिये

कई महिलाएं अपनी बगलों और गर्दन को साफ करने पर ध्‍यान नहीं देती. लेकिन उसे साफ और गोरा रखने के लिये बेसन, दही और हल्‍दी साथ में मिलाएं और उस जगह पर लगाएं. 30 मिनट बाद धो कर तिल के तेल से मसाज करें.

खराब बालों के लिये

बेसन बालों के लिये भी अच्‍छा होता है. बेसन और दही मिला कर बालों में लगाएं और चमकते और मजबूत बाल पाएं. इससे रूसी की समस्‍या भी दूर होती है.

इमली वाली आलू चाट

सामग्री :

– छोटे आलू (500 ग्राम उबले हुए)

– 3 टे.स्पून इमली का पेस्ट

– 2 टे.स्पून तेल

– 1 टे.स्पून चीनी

– 1 टे.स्पून जीरा

– 1 टे.स्पून अदरक

– 3 टे.स्पून दही

– 4 टे.स्पून हरा धनिया

– 1 टे.स्पून नमकीन भुजिया

– 1 टे.स्पून चाट मसाला

– 2 टे स्पून भुनी हुई मूंगफली

बनाने की विधि :

– आलुओं को छीलकर, एक पैन में तेल गरम करें और आलुओं को गोल्डन ब्राउन होने तक फ्राई करें.

– अब एक दूसरे पैन में इमली का गूदा (पल्प) डालकर उसमें चौथाई कम पानी मिला दें.

– अब उसमें चीनी, जीरा पाउडर और अदरक डाल दें.

– धीमी आंच पर 4-5 मिनट तक पकायें.

– आंच से उतारकर उसमें करारे तले हुए आलू डालकर मिला दें.

– ऊपर से दही, मूंगफली, चाट मसाला, नमकीन भुजिया और बारीक कटे हरे धनिये से  सजाकर सर्व करें.

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