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लालू और नीतीश का फार्मूला

लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार ने न केवल पटना की गद्दी पर कब्जा किया है, दिल्ली के सिंहासन को हिला भी दिया है. बेहद दंभी बन रहे नरेंद्र मोदी को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने का श्रेय लालू और नीतीश जोड़ी को ही जाएगा, क्योंकि इसी के बाद नरेंद्र मोदी को याद आया कि चाय पर चर्चा के लिए सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह को बुलाना भी जरूरी है और उन के मंत्रिमंडल में अनुभवी व सौम्य विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी हैं. लालू और नीतीश ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को भी जता दिया कि अपनी आरती का गंदा धुआं ज्यादा न फैलाओ, क्योंकि धुआं चाहे हवन का हो या रसायन फैक्ट्री का, जहरीला ही होता है.

बिहार में लालू नीतीश की जीत के बाद भारतीय जनता पार्टी को एहसास हो गया है कि देश में हर तरह के लोग हैं. पौराणिक युग के आदेशों की तरह देश परशुरामों, विश्वामित्रों, वशिष्ठों, कृष्णों के ईशारों पर नहीं चल सकता. जिस ने भगवा धारण कर लिया उस के मुंह से निकले शब्द जरूरी नहीं मरहम वाले हों, वे तेजाबी भी हो सकते हैं.

लालू और नीतीश को जयप्रकाश नारायण का सा सम्मान तो नहीं मिल रहा पर बिहार की जनता ने उन्हें भरपूर वोट दे कर देश को जहर से बचा लिया है और हालात में इस तरह सुधार हुआ है कि सम्मान वापसी की जो लंबी लाइन लगी थी वह नतीजों के बाद रातोंरात गायब हो गई. अब उस की जरूरत न रही क्योंकि लालूनीतीश सुनामी ने कट्टरपंथियों को देश की राजनीति की गद्दी से उछाल फेंका है.

ऐसा नहीं है कि यह परिवर्तन हमेशा के लिए है. समाज में क्रियाप्रतिक्रिया तो चलती रहती है और हजारों सालों से समाज पर शासन करने के आदी भगवाई सत्ता पर शासन करने के आए मौके को आसानी से फिसलने देंगे, ऐसा नहीं लगता. अगर जनता होशियार नहीं रही तो भगवाई अंधेरे के दिन फिर लौट सकते हैं.

इसलामी देशों ने इस बात को यानी कट्टरपंथ को नजरअंदाज किया था और आज न केवल पूरा पश्चिमी एशिया आग की लपटों में झुलस रहा है, बल्कि मुसलमान दुनियाभर में अपने स्वधर्मियों के कारण उस अपराध की कीमत चुकाने को मजबूर हो रहे हैं जो उन्होंने किए ही नहीं.

नरेंद्र मोदी की गंगा आरती, राजपथ पर योगासनों, धार्मिक प्रवचनों की तरह के भाषणों की तरह ही पश्चिम एशिया के शासक तेल के पैसे का उपयोग इसलाम के बहाने अपने लोगों पर राज कर शौर्टकट ढूंढ़ते रहे हैं. और लोकतंत्र, नई तार्किक शिक्षा, वैज्ञानिक विचारों को ठुकराते रहे हैं. इस का खमियाजा अब इराक, लीबिया, सीरिया, इजिप्ट, ईरान के साथ सऊदी अरब और कतर, तुर्की आदि को भुगतना पड़ रहा है. इसलाम के साथ इसलामी तेल भी संदेह की दृष्टि से देखा जाने लगा है.

भारतीय आर्थिक प्रगति भगवाई धुएं से बची है तो केवल बिहार के कारण. यदि लालूनीतीश फार्मूला और जगहों में न अपनाया गया तो जहरीला धुआं लौटने में देर न लगेगी.

10 साल के गेंदबाज ने 42 रन देकर चटकाए आठ विकेट

यह पहली बार नहीं है जब मुशीर खान सुर्खियों में हो. अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले सरफराज खान के भाई मुशीर ने स्कूल मैच में सिर्फ 42 रन देकर आठ विकेट चटकाए. अंजुमन इस्लाम के लिए खेलने वाले मुशीर ने अल बरकत मलिक मोहम्मद इस्लाम के खिलाफ हैरिस शील्ड टूर्नामेंट में यह कारनामा रचा.

मुशीर के शानदार प्रदर्शन के बावजूद उनकी टीम इस मैच में जीत नहीं सकी. उनकी टीम को दूसरी पारी में 178 रन के लक्ष्य का पीछा करना था, लेकिन अंजुमन की टीम 18 ओवर में चार विकेट पर 83 रन ही बना सकी और मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ. 

ऑस्ट्रेलिया में धूम मचाएंगे टीम इंडिया के ये 5 धुरंधर…!

ऑस्ट्रेलिया में टीम इंडिया को पांच वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है. नए साल की पहली सीरीज में टीम इंडिया के कई दिग्गजों पर फैन्स से लेकर चयनकर्ताओं की नजर होगी. हम आपको टीम इंडिया के ऐसे पांच खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो पिछले साल छोटे फॉर्मेट में अच्छा कर पाए, और नए साल में धूम मचाने को बेकरार हैं.

कप्तान धोनी का इम्तिहान
साल 2015 कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए अच्छा साबित नहीं हुआ. धोनी की कप्तानी में पिछले साल टीम इंडिया ने एक भी वनडे सीरीज़ नहीं जीती. इस बीच खिलाड़ी के तौर पर भी फिनिशर धोनी के ऊपर सवाल उठे. उन्होंने पिछले साल खेले 20 वनडे मैचों में 45.71 की औसत से 640 रन बनाए, जिसमें कोई शतक शामिल नहीं था. अर्धशतक भी सिर्फ़ चार निकले. धोनी बैटिंग ऑर्डर में ऊपर आने पर भी अड़े रहे. अब यह देखना भी दिलचस्प होगा कि नए साल में वो किस नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं. हालांकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए रवाना होने से पहले कहा था कि टेस्ट से संन्यास लेने का उन्हें फायदा हुआ है और इससे वे वनडे में बेहतर कर पाएंगे. 

विराट की फ़ॉर्म पर नज़र
टेस्ट कप्तान विराट कोहली ने बड़े फॉर्मेट में पिछले साल खूब नाम कमाया, बल्ले से रन भी निकले, लेकिन वनडे में पिछले साल नाम के मुताबिक काम नहीं कर पाए… पिछले साल 20 वनडे मैचों में विराट ने सिर्फ़ 36.64 की औसत से 623 रन बनाए, जिसमें सिर्फ़ दो शतक शामिल रहे. बैटिंग ऑर्डर की जान विराट नए साल में वनडे में बेहतर प्रदर्शन करना चाहेंगे. उनके प्रदर्शन पर टीम इंडिया बहुत निर्भर करती है.

धवन करेंगे धमाका?
शिखर धवन के सितारे गर्दिश में नज़र आ रहे हैं. कप्तान और चयनकर्ताओं का भरोसा उन पर बना हुआ है, लेकिन उनका बल्ला है जो बोलने का नाम नहीं ले रहा. पिछले साल 20 वनडे मैचों में शिखर ने सिर्फ़ 37.25 की औसत से 745 रन बनाए, जिसमें दो शतक ही शामिल रहे. विजय हजारे ट्रॉफी में भी दिल्ली के लिए शिखर कुछ खास नहीं कर पाए. नए साल में उनके प्रदर्शन पर चयनकर्ताओं की नज़र होगी.

विदेशी पिच पर अश्विन का टेस्ट
पिछले साल अश्विन ने टेस्ट मैचों में कमाल का प्रदर्शन किया, लेकिन वनडे में वो बहुत प्रभावी नहीं रहे. रैंकिंग में नंबर वन टेस्ट गेंदबाज और नंबर वन टेस्ट ऑलराउंडर अश्विन के सामने छोटे फॉर्मेट में विदेशी पिच की चुनौती है. अश्विन ने पिछले साल 13 वनडे मैच खेले और 21 विकेट लिए. टी-20 से नाम कमाकर अंतराष्ट्रीय स्तर पर आने वाले अश्विन नए साल में वनडे में अगर कमाल करते हैं तो टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया को पटखनी दे सकती है.

वापसी की राह पर शमी
मोहम्मद शमी ने पिछले साल वर्ल्ड कप के बाद से कोई भी अंतराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है. चोट के बाद वापसी करने वाले शमी नए साल में उसी धरती से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट शुरू करेंगे, जहां पर उन्होंने छोड़ा था. शमी वर्ल्ड कप वाली लय पाने की कोशिश करेंगे. शमी अगर उसी तेज़ी से निशाना लगा पाए जैसा उन्होंने वर्ल्ड कप में किया था, तो टीम इंडिया के पास नए साल में जीत से शुरुआत करने का मौका होगा.

आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में चमके अजिंक्य रहाणे

भारत के स्टार बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे आईसीसी की ताजा टेस्ट रैंकिंग में पहली बार टॉप टेन में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं. रहाणे 753 रेटिंग प्वाइंट्स के साथ टेस्ट रैंकिंग लिस्ट में भारतीय टीम की नुमाइंदगी कर रहे हैं. इस लिस्ट में भारतीय बल्लेबाजों में उनका नाम सबसे ऊपर है.

टेस्ट रैंकिंग में पहले नंबर पर ऑस्ट्रेलिया के स्टीवन स्मिथ मौजूद हैं, जिनके नाम 899 रेटिंग प्वाइंट्स हैं जबकि केन विलियम्सन (न्यूज़ीलैंड) और एबी डिविलियर्स (द.अफ़्रीका) दूसरे और तीसरे नंबर पर काबिज़ हैं.

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज़ में रहाणे ने अकेले दो शतकीय पारियां खेल कर अपना रुतबा तो ऊंचा किया ही अपनी टेस्ट रैंकिंग को भी फायदा पहुंचाया. रहाणे के अलावा टॉप 20 में तीन भारतीय बल्लेबाज- कोहली (15), मुरली विजय (17) और चेतेश्वर पुजारा (18) जगह बनाने में कामयाब रहे हैं.

आईसीसी की वनडे रैंकिंग में एबी डिविलियर्स अव्वल नंबर पर मौजूद हैं. विराट कोहली दूसरे, कप्तान एमएस धोनी छठे और शिखर धवन सातवें नंबर पर काबिज़ हैं. जबकि टी20 रैंकिंग में विराट कोहली अकेले भारतीय बल्लेबाज हैं जिन्हें टॉप टेन में जगह मिली हुई है. कोहली को टी20 रैंकिंग दूसरा स्थान हासिल है.

पर्यावरण पर विश्व सहमति

शायद 13 नवंबर को पेरिस में इसलामिक स्टेट के आतंकवादियों द्वारा लगभग 150 लोगों की जान लेने का नतीजा था कि 3 सप्ताह बाद हुए पर्यावरण शिखर सम्मेलन में 195 देशों ने सर्वसहमति से एक नियत कार्यक्रम को अमलीय जामा पहनाने का वादा कर लिया. पिछले पर्यावरण सम्मेलन विफल रहे थे क्योंकि चीन और भारत जैसे देश, जो आज पर्यावरण खराब करने वाले अग्रणी देशों में से हैं, विकसित देशों के पिछली सदियों के गुनाहों के लिए आर्थिक मुआवजा देने की मांग कर रहे थे. इस बार शायद इन 150 मौतों का डर था कि दुनिया को दिखाना जरूरी हो गया था कि चाहे मामला पर्यावरण का हो या आतंकवाद का, मानवता को बचाने के लिए विश्व एक है. विश्व आज एक ग्लोबल विलेज है जहां कुछ की बदमाशी कुछ हद तक ही मंजूर है. सीमा पार की, तो सारा गांव एक हो कर लड़ने को तैयार है पुराने गिलेशिकवे भुला कर.

इस सम्मेलन के बाद विश्व कोशिश करेगा कि ग्लोबल टैंप्रेचर, जिस के 3 प्रतिशत बढ़ने का डर है, 1.5 प्रतिशत तक ही बढ़े. यह तब ही संभव है जब जमीन से निकल रहे कार्बन ईंधन, कोयला व तेल का इस्तेमाल कम हो या इस तरह हो कि पर्यावरण पर असर न पड़े. इस का मतलब यह भी है कि विश्व सोलर एनर्जी, विंड एनर्जी, हाइड्रोइलैक्ट्रिक एनर्जी आदि का इस्तेमाल करे.

सीधे शब्दों में पश्चिमी एशिया के तेल भंडारों, जिन पर इसलामिक कट्टरवादी इतरा रहे हैं, को निरर्थक बनाना है. धुएं, प्रदूषण, पानी में घुलते जहर, प्लास्टिक कचरे से परेशान देश अब आतंकवाद के कड़वे घूंट भी पी रहे हैं और इन सब का स्रोत पश्चिमी एशिया का इसलामी साम्राज्य है. उसे कमजोर करना विश्व की पहली जरूरत बन गई है. इस पेरिस समझौते में इस क्षेत्र के तेल उत्पादक देशों ने भी विश्व की भाषा समझ ली और चुपचाप सहमति दे दी.
बदलते मौसम के मिजाज ने भारत और चीन को भी झुकने को मजबूर कर दिया. भारत अभी चेन्नई में अतिवर्षा का कहर देख चुका था और उस से पहले कश्मीर व उत्तराखंड में. उसे अब एहसास है कि प्रदूषण और कार्बन गैसों को हवा में छोड़ने की कीमत महंगी पड़ रही है. पहले ही सावधानी रखो.

पेरिस समझौता एक बार फिर यह आश्वासन देता है कि दुनिया विनाश के कगार पर नहीं बैठी. दुनिया के देशों में ऐसे नेता हैं जो कुछ खो कर बहुत पाने की आशा में आम सहमति अपनाने को तैयार हैं.

पोर्न स्टार के पैर छूता है सेंसर बोर्ड: राखी सावंत

राखी सावंत का कहना है कि सेंसर बोर्ड पोर्न स्टार के पैर छूता है. यह बात उन्होंने अपने नए वीडियो ‘पार्टी पंजाबी स्टाइल’ की लॉन्चिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए कही. उन्होंने नाम तो नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा सनी लियोनी की ओर था.

राखी ने कहा कि वे सेंसर से नाराज हैं, क्योंकि उन्होंने पोर्न स्टार की मूवी को पास कर दिया, जबकि उनका एक साफ सुथरा वीडियो रोक दिया गया. राखी ने इंडियन ऑडियंस पर नाराजगी जाहिर करते हुए आरोप लगाया कि इसने एक पोर्न स्टार (सनी लियोनी) को भगवान बना दिया है.

मीडिया ने जब राखी से कहा कि हिंदुस्तान की जनता पोर्न स्टार को पसंद कर रही है तो उन्होंने दो टूक शब्दों में, "पसंद क्या करेंगे, बगैर कपड़ों के तो हर किसी को पसंद आता है." जब उनसे बोला गया कि यह तो वे भी कर सकती हैं तो उन्होंने कहा, "नहीं मैं ऐसा नहीं कर सकती. हिंदुस्तान की संस्कृति में ऐसा नहीं कर सकते."

राखी सावंत का कहना है कि वे हिंदुस्तान की लड़कियों को बचाने के लिए एक पोर्न स्टार से मुकाबला कर रही हैं. उनके अनुसार, यह मुकाबला एक पोर्न स्टार और रॉक स्टार का है. राखी खुद को रॉक स्टार बता रही हैं. राखी के अनुसार, इस साल का उनका रेजोल्यूशन पोर्न स्टार की बैंड बजाना है. यह काम वे अपने डांस, टैलेंट और जुबान से करेंगी.

इस देश में हो सकती है ‘फास्ट एंड फ्यूरियस 8’ की शूटिंग

हॉलीवुड की लोकप्रिय फिल्म फ्रेंचाइजी ‘फास्ट एंड फ्यूरियस’ के आठवें सीक्वल की शूटिंग क्यूबा में होने की संभावना है. कई सूत्रों का कहना है कि ‘फास्ट एंड फ्यूरियस 8’ के निर्देशक एफ.गैरी ग्रे हाल में फिल्म की शूटिंग के लिए सही जगह की तलाश कर लौटे हैं और इसमें क्यूबा भी शामिल है.

सूत्रों ने बताया कि प्रोडक्शन टीम ने वहां शूटिंग करने के लिए कागजी कार्यवाही भी आगे बढ़ा दी है. एक बयान में कहा गया, ‘‘यूनिवर्सल पिक्चर्स स्टूडियो क्यूबा में ‘फास्ट एंड फ्यूरियस’ के अगले सीक्वल के हिस्से की शूटिंग के लिए फिलहाल अमेरिका और क्यूबा की सरकार से अनुमति लेने की प्रक्रिया में है.’’

अगर अनुमति मिलती है कि यह 1960 के बाद क्यूबा में फिल्माई गई पहली हॉलीवुड फिल्म होगी. सीक्वल में अभिनेता विन डीजल एक बार फिर मुख्य भूमिका में नजर आएंगे. ‘फास्ट एंड फ्यूरियस 8’ उत्तरी अमेरिका में 14 अप्रैल, 2017 को रिलीज होगी.

‘सुलतान’ में सलमान के साथ रोमांस करेंगी अनुष्का शर्मा

यश राज फिल्म्स ने अपनी आगामी फिल्म 'सुलतान' की नायिका को लेकर लगाई जा रही अटकलों को विराम लगाते हुए पुष्टि कर दी है कि इस फिल्म में सुपरस्टार सलमान खान के साथ अनुष्का शर्मा अभिनय करेंगी.

इस फिल्म से संबंधित घोषणा एक साल पहले की गई थी. इसके बाद इस फिल्म की नायिका के तौर पर कंगना रणौत, दीपिका पादुकोण, कृति सेनन और परिणीति चोपड़ा के नाम पर विचार किए जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं. इस फिल्म में अनुष्का को लिए जाने की बात कुछ महीनों पहले भी सामने आई थी लेकिन तब अभिनेत्री ने कहा था कि उन्हें इस फिल्म में काम करने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला.

अब वाईआरएफ की कास्टिंग निर्देशक शानू शर्मा ने ट्विटर पर ट्वीट किया, सुलतान में अनुष्का शर्मा अभिनेत्री होंगी. 'सुलतान' के आधिकारिक ट्विटर पेज पर भी अभिनेत्री का फिल्म में स्वागत किया गया है. ट्वीट में कहा गया है, सुलतान की मुख्य अभिनेत्री से मिलिए. इस ट्वीट के साथ अनुष्का और सलमान (50) की फोटो लगाई गई है जिसमें 27 वर्षीय अभिनेत्री सलमान से गले मिल रही हैं. अनुष्का ने भी इसी फोटो को ट्वीट किया और उसे 'सुलतान' शीर्षक दिया.

 

तो क्या कटरीना कैफ की वजह से डूबेगी ‘फितूर’…?

2003 में प्रदर्शित कैजाद गुस्ताद की फिल्म ‘‘बूम’’ से बौलीवुड में कदम रखने वाली ब्रिटेन में पली बढ़ी अदाकारा कटरीना कैफ बहुत जल्द बौलीवुड में अपने चेहरे मोहरे की वजह से छा गयीं. क्योंकि बौलीवुड में हमेशा खूबसूरत चेहरों को प्रधानता मिलती रही है.

दर्शक भी सिनेमा के परदे पर खूबसूरत चेहरे को देखता रहा है. मगर पिछले तीन चार वर्षों से सिनेमा और सिनेमा का दर्शक बदला है. अब दर्शक सिर्फ परदे पर खूबसूरत चेहरा नहीं देखना चाहता, बल्कि वह परदे पर वास्तविक पात्रों को देखना चाहता है. दर्शकों की इस नयी कसौटी पर कटरीना कैफ पूरी तरह से असफल साबित होती जा रही हैं.

इसी के चलते उनकी पिछली फिल्म ‘‘फैंटम’’ बुरी तरह से असफल हो गयी. उसके बाद से ही चर्चाएं गर्म हो गयी थीं कि अब कटरीना कैफ का करियर खत्म.

इतना ही नहीं जब से अभिषेक कपूर निर्देर्शित नई फिल्म ‘‘फितूर’’ का ट्रेलर बाजार में आया है, तब से बौलीवुड में चर्चाएं गर्म हैं कि, ‘‘क्या कटरीना कैफ अपने कैरियर के साथ साथ ‘फितूर’को भी ले डूबेंगी?’’ इस चर्चा की वजह यह है कि ‘फितूर’ के ट्रेलर में कटरीना कैफ जिस तरह ब्रिटिश लहजे वाली हिंदी में संवाद अदायगी कर रही हैं, वह वर्तमान दर्शकों को कभी नहीं रास आएगा.

वास्तव में ‘बूम’ से लेकर अब तक कटरीना कैफ लगभग हर फिल्म में उन पात्रों को निभाती रही हैं, जिनका संबंध किसी न किसी तरह से विदेश या ब्रिटिश मूल से रहा है. इस वजह से हर फिल्म में उन्हें दर्शक पसंद करते रहे हैं. लेकिन फिल्म ‘फितूर’ की पृष्ठभूमि में कश्मीर है, जिसमें कटरीना कैफ ने अय्याश, रईस और चालाक मां की बेटी का किरदार निभाया है. फिल्म में उनकी मां बनी तब्बू उर्दू मिश्रित हिंदी में बात करती हैं, जबकि बेटी बनी कटरीना कैफ ब्रिटिश लहजे वाली हिंदी में बात करती हुई नजर आ रही हैं.

मजेदार बात यह है कि अभिषेक कपूर की फिल्म ‘फितूर’का ट्रेलर रोमानी संवादों के साथ शुरू होता है. ऐसे में कटरीना का ब्रिटिश लहजा वाला संवाद सुनकर हंसी ही आती है. इसके अलावा फिल्म ‘फितूर’ में कश्मीर की पृष्ठभूमि के साथ साथ कहानी का एक क्लासिक अंदाज है.अभिषेक कपूर ने बड़ी मीठी और काव्यात्मक भाषा का उपयोग किया है. पर कटरीना कैफ की संवाद अदायगी सभी पात्रों से एकदम अलग और बचकानी नजर आ रही है.

आज का दर्शक किसी भी रूप में उन किरदारों और उन फिल्मों को पसंद नहीं करता, जो कि उन्हें वास्तविक नजर नहीं आते हैं. बौलीवुड के सूत्रों की माने तो ट्रेलर में कटरीना कैफ दाग की तरह नजर आ रही हैं. इसी लिए लोग ट्रेलर की तारीफ कर रहे हैं. पर यह शंका भी व्यक्त कर रहे हैं कि क्या कटरीना कैफ अपने कैरियर के साथ साथ ‘फितूर’को भी डुबाएंगी?

बौलीवुड में चर्चाएं गर्म हैं कि 12 साल से बौलीवुड में काम करते हुए भी कटरीना कैफ अपने हिंदी भाषा के उच्चारण को क्यों नहीं सुधार पायीं?

“प्लेबॉय मेन्शन” जैसी पार्टी करेंगे तुषार और आफताब

तुषार कपूर और आफताब शिवदासानी की आने वाली फिल्म “क्या कूल है हम 3” पिछले कुछ दिनों से काफी चर्चाओं मैं है. इस फिल्म के 3 गाने जारी हो चुके है और हर गाना अपने हॉट वीडियो के लिए प्रसिद्द हुआ है. क्या कूल है हम 3 दो हफ्ते में सिनेमाघरों में लगने वाली है. ऐसे में फिल्म का प्रचार जोरो शोरो से चल रहा है. अगले दो हफ्तों में आफताब और तुषार भारत के अलग अलग शहरों मैं जाकर अपनी फिल्म का प्रचार करने वाले हैं.

फिल्म का प्रचार बाकि सभी फिल्मों से अलग हो, इसके लिए फिल्म के निर्माताओं ने एक अनोखी योजना बनाई है. तुषार और आफताब हर शहर में Naughty Nights का आयोजन करेंगे. Naughty Nights प्लेबॉय मेंशन जैसी पार्टी होने वाली है. यह एक पूल पार्टी होगी, जहां शहर के सभी के सभी युवा वर्ग के लोग आ कर एन्जॉय कर सकेंगे.

तुषार और आफताब Naughty Nights पार्टी को लेकर काफी उत्त्साहित है. दोनों ने इन पार्टियों के लिए तैयारी भी करना चालू कर दी है साथ ही दोनों ने पार्टी मैं सुनाने के लिए डर्टी जोक्स की लिस्ट भी तैयार कर ली है. क्या कूल है हम 3, 22 जनवरी को सिनेमाघरों में लगेगी. इस फिल्म में तुषार और आफताब के साथ ईरानियन अदाकारा मंदाना करीमी भी अहम भूमिका मैं दिखेंगी. 

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