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HSBC बैंक के खिलाफ मुकदमा करेगा भारत

भारतीय इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट ने विदेशी बैंकों के खाते में कालेधन की जांच के सिलसिले में प्रमुख वैश्विक बैंक एचएसबीसी को नोटिस जारी किया है. टैक्‍स अधिकारियों ने चार भारतीयों तथा उनके परिवार के सदस्यों को टैक्‍स चोरी के लिए प्रोत्साहित करने को लेकर ब्रिटेन के इस बैंक की स्विट्जरलैंड और दुबई ब्रांच के खिलाफ मुकदमा चलाने की चेतावनी दी है. अधिकारियों ने कहा है कि उनके पास बैंक के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं.

एचएसबीसी ने विभिन्न देशों के टैक्‍स विभागों द्वारा उसकी जिनेवा शाखा के कथित सहयोग से की गई टैक्‍स चोरी और मनी लांड्रिंग को लेकर जारी जांच की जानकारी सार्वजनिक की है. उसने कहा है कि वह संबद्ध  देशों के अधिकारियों के साथ जांच में सहयोग कर रहा है. बैंक ने कहा है कि इन मामलों की जांच से उस पर बड़ा वित्तीय प्रभाव पड़ सकता है. एचएसबीसी की जिनेवा शाखा में सैकड़ों भारतीय खाताधारकों की सूची लीक होने और उसके भारतीय टैक्‍स अधिकारियों तक पहुंचने के बाद से भारतीय अधिकारी इस बैंक की पड़ताल में लगे हुए हैं. इसी प्रकार, अन्य देशों से जुड़ी सूची भी संबंधित कर विभागों तक पहुंची, जिसके बाद बैंक के खिलाफ जांच शुरू हुई है.

भारत सरकार ने हाल के वर्षों में स्विट्जरलैंड में कथित रूप से रखे कालेधन के खिलाफ कार्रवाई तेजी की है और ऐसी आशंका है कि तथाकथित अवैध धन दुबई जैसे अन्य जगहों पर ले जाया जा सकता है. एचएसबीसी ने उसकी स्विस या दुबई शाखाओं के जरिये कथित टैक्‍स चोरी में शामिल भारतीयों के नामों का खुलासा किए बिना कहा कि उसे सबसे पहले भारतीय टैक्‍स प्राधिकरणों से फरवरी 2015 में सम्मन जारी हुआ था, जबकि ताजा नोटिस अगस्त और उसके बाद नवंबर में जारी किए गए.

बैंक ने अपने वित्तीय नतीजे की भी घोषणा की. बैंक को भारतीय परिचालन से 2015 में 1.84 अरब डॉलर का राजस्व प्राप्त हुआ, जो 2014 में 1.74 अरब डॉलर था. उसका लाभ भारतीय परिचालन से 60.6 करोड़ डॉलर रहा. बैंक के अनुसार उसके खिलाफ अर्जेन्टीना, बेल्जिम और फ्रांस जैसे देशों में भी टैक्‍स चोरी या टैक्‍स धोखाधड़ी, मनी लांड्रिंग आदि का मामला चल रहा है.

ये हैं 5000 रुपए से कम कीमत वाले 4जी स्मार्टफोन

3जी के बाद भारत में 4जी का नेटवर्क बढ़ता जा रहा है. सभी मोबाइल निर्माता कंपनियां अपने अपने 4जी मॉडल्स को पेश करने में लगी हुईं है. शुरुआती दौर में 4जी स्मार्टफोन काफी महंगे हुआ करते थे. लेकिन तकनीक और बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते कंपनियां सस्ते और कम कीमत में स्मार्टफोन पेश कर रही हैं.

हम आपके लिए लाए हैं बाजार में मौजूद 5000 रुपए से कम कीमत के ऐसे 4जी स्मार्टफोन की जानकारी, जो तकनीक के मामले में हाइएंड फोन से कतई पीछे नहीं हैं.

लेनोवो ए2010
ए2010 में 4.5-इंच का डिसप्ले है. लेनोवो का यह कम रेंज का 4जी फोन लेनोवो ए2010 के नाम से फ्लिपकार्ट से 4,990 रुपए की कीमत में लिया जा सकता है. इसमें 1GHz क्वॉडकोर प्रोसेसर है. साथ ही इसमें 1जीबी रैम और 8जीबी इंटरनल मैमोरी है. यह 5.1 लॉलीपॉप एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है. फोटोग्राफी के लिए इस फोन में 5-मेगापिक्सल रियर और 2-मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया है. ये स्मार्टफोन 4जी एलटीई तकनीक से लैस है. कनेक्टिविटी के लिए इसमें ब्लूटूथ और वाईफाई दिए गए हैं.

इंटेक्स क्लाउड 4जी स्मार्ट
भारतीय मोबाइल फोन निर्माता कंपनी इंटेक्स ने कम पैसों में 4जी तकनीक से लैस स्मार्टफोन पेश किया है. इसकी कीमत 4,999 रुपए है. फोन में 5-इंच का टीएफटी डिसप्ले स्क्रीन है जिसका रेजल्यूशन 854×480 पिक्सल है. इसमें 1.5GHz क्वॉडकोर प्रोसेसर है और 1जीबी रैम है. इसमें 8जीबी की इंटरनल मैमोरी है. फोटोग्राफी के लिए इसमें 5-मेगापिक्सल रियर और 2-मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा दिया गया है.

इंटेक्स एक्वा विंग
इंटेक्स ने हाल ही में सबसे कम कीमत का 4जी फोन पेश किया है जिसका नाम एक्वा विंग है. फोन की कीमत 4,599 रुपए है. इस फोन में 4-इंच का डिसप्ले स्क्रीन दिया गया है. फोटोग्राफी के लिए 5-मेगापिक्सल रियर कैमरा और वीजीए रेजल्यूशन का फ्रंट कैमरा दिया गया है. इसमें 1जीबी रैम और 8जीबी इंटरनल मैमोरी है.

जेडटीई ब्लेड क्यूलक्स
पिछले साल भी इस कंपनी ने कम बजट का 4जी फोन लॉन्च किया था. मौजूदा समय में यह सबसे कम कीमत के 4जी फोन में से एक है. ई कॉमर्स साइट फ्लिपकार्ट पर इसकी कीमत 3,924 रुपए है. ये फोन 5.0 लॉलीपॉप एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है. इसमें 4.5 इंच की डिस्प्ले स्क्रीन दी गई है जिसका रेजल्यूशन 854×400 पिक्सल है. साथ ही 8-मेगापिक्सल का रियर कैमरा है और 5-मेगापिक्सल सेल्फी कैमरा दिया गया है. इसमें 1.3GHz का क्वॉडकोर प्रोसेसर है और 1जीबी रैम है. फोन 8 जीबी की इंटरनल मैमोरी और ये कार्ड सपोर्ट भी करता है.

फीकॉम एनर्जी 653 4जी
चीन की स्मार्टफोन निर्माता कंपनी फीकॉम का एनर्जी 653 4जी मॉडल है. कम रेंज का यह स्मार्टफोन फोन बेहतरीन फीचर्स से लैस है. इसमें 5 इंच की आईपीएस स्क्रीन है और यह एंडरॉयड 5.1 लॉलीपॉप ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है. इस फोन में 1जीबी रैम और 8 जीबी इंटरनल मैमोरी है. माइक्रोएसडी कार्ड की मदद से इसकी मेमोरी को 64जीबी तक बढ़ाया जा सकता है. इस फोन में क्वॉडकोर प्रोसेसर है. फोटोग्राफी के लिए इसमें 8-मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 2-मेगापिक्सल का सेल्फी कैमरा है.

पार्थ सम्थानः टीवी से फिल्म की ओर

टीवी सीरियल ‘‘कैसी यह यारियां’’ में माणिक का किरदार निभाकर लड़कियों के बीच लोकप्रिय अभिनेता पार्थ सम्थान कुछ माह पहले तक विकास गुप्ता के साथ होमोसेक्सुअल संबंधों को लेकर विवादों से घिरे हुए थे. मगर इस विवाद ने उन्हे छोटे परदे से बड़े परदे तक पहुंचा दिया. जी हां! पार्थ सम्थान अब अभिनेत्री कटरीना कैफ के पूर्व मेकअप मैने सुभाष सिंह द्वारा बनायी जा रही अनाम फिल्म में अभिनय करने के साथ ही गीत भी गा रहे हैं.

सूत्रों की माने तो पार्थ सम्थान मधुर व कर्णप्रिय आवाज के मालिक हैं. पार्थ ने शास्त्रीय संगीत की तालीम ले रखी है और वह अक्सर शौकिया गाते रहे हैं. उनकी आवाज के कायल फिल्म निर्माता सुभाष सिंह ने उन्हे अपनी फिल्म में पाकिस्तानी माडल व अभिनेत्री सोहई अली अब्रो के संग अभिनय करने का मौका देने के साथ साथ हाल ही में उनकी आवाज में फिल्म का प्रमोशनल सांग भी रिकार्ड करवाया.

सुभाष सिंह का दावा है कि पाकिस्तानी अदाकारा सोहई अली अब्रो पहले से ही सीरियल ‘‘कैसी यह यारियां’’ देखकर पार्थ की फैन बन चुकी थीं और उन्हें फिल्म की पटकथा भी पसंद आयी, तो वहीं पार्थ भी सोहई के प्रशंसक हैं.

अभिनय व गायन के साथ बालीवुड में कदम रखने की चर्चा चलने पर पार्थ सम्थान ने कहा- ‘‘अभिनय व गायन दोनों में बहुत अंतर है. मैं शौकिया गाता रहता हूं. इसलिए जब मुझे इस फिल्म के प्रमोशनल गीत को अपनी आवाज में रिकार्ड करना था, तो मैं बहुत नर्वस था. पर सब कुछ सही ढंग से हो गया. वास्तव में अभिनय में हमें पता चलता रहता है कि हम कहां गलत जा रहे हैं. पर गायन का मामला बहुत अलग है. लेकिन मैंने एक प्रयोग किया है. अब मुझे दर्शकों व अपने प्रशंसकों की राय का बेसब्री से इंतजार है.’’

न्यू साउथ वेल्स टीम में शामिल हुआ यह भारतीय क्रिकेटर

कैनबरा में जन्मे भारतीय मूल के युवा ऑफ स्पिनर अर्जुन नायर को साउथ आस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी शैफील्ड शील्ड मैच के लिए न्यू साउथ वेल्स (एनएसडब्ल्यू) क्रिकेट टीम में शामिल किया गया है. 17 वर्षीय नायर ‘दूसरा’ फेंकने में माहिर है. उनका एक्शन वेस्टइंडीज के स्पिनर सुनील नरेन की तरह है.

न्यू साउथ वेल्स के कोच ट्रेंट जॉनस्टन ने सत्र से पहले मीडिया से कहा था- ‘अर्जुन नायर काफी प्रतिभाशाली है और उस पर हमारी नजर है. मैंने उसे क्वींसलैंड की स्कूली टीम के खिलाफ खेलते हुए देखा था और एनएसडब्ल्यू के टेलेंट मैनेजर डेविड फ्रीमैन से कहा था कि यह खिलाड़ी एनएसडब्ल्यू की अंडर-19 टीम में खेलेगा. यदि यह कुछ वर्षों बाद राष्ट्रीय टीम के साथ अभ्यास करेगा तो मुझे हैरत नहीं होगी.

सिडनी थंडर्स के नायर ने 15 वर्ष की उम्र में हाकेसबरी के लिए प्रथम श्रेणी में पदार्पण किया. उसने न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के खिलाफ अंडर-19 त्रिकोणीय सीरीज में भी उम्दा प्रदर्शन किया. पिछले एक वर्ष से गेंद और बल्ले के साथ उनका प्रदर्शन जोरदार रहा है. नायर ने फ्यूचर्स लीग मैच में एसीटी के खिलाफ 39.5 ओवर्स में 75 रन देकर 9 विकेट लिए थे. उसने ग्रेड मैच में 31 रनों पर 4 विकेट झटके.

नाथन लियोन इस समय ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ न्यूजीलैंड में है और स्टीफन ओ'कैफी की उंगली में चोट है. इसके चलते भारतीय मूल के अर्जुन को विल सोमरविले के स्टैंड बाय के रूप में शामिल किया गया है. विल का भी चोट के कारण खेलना संदिग्ध है.

विजेंदर का भारत में प्रो बॉक्सिंग का मुकाबला 11 जून को

भारत के स्टार मुक्केबाज विजेंदर सिंह का पहला पेशेवर खिताबी मुकाबला 11 जून को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में हो सकता है और इसे मंजूरी देने वाली संस्था विश्व मुक्केबाजी संगठन ने वादा किया है कि यह ऐतिहासिक होगा.

पेशेवर सर्किटक में विजेंदर ने अब तक केवल तीन मुकाबले लड़े हैं लेकिन तीनों में उन्होंने नॉकआउट में जीत दर्ज की. वह डब्ल्यूबीओ मिडिलवेट या सुपर मिडिलवेट खिताब के लिए लड़ेंगे. उनके प्रतिद्वंद्वी पर फैसला अगले कुछ सप्ताहों में किया जाएगा.

विजेंदर के ब्रिटिश स्थित प्रमोटर्स फ्रांसिस वारेन ने कहा कि यह उसके लिए अपने पहले खिताब के लिए लड़ने का सही समय है. असल में यह निश्चित तौर पर वित्तीय रूप से सभी सही समय है क्योंकि हमारा मानना है कि उसके लिए भारत में लड़ना बहुत बड़ी बात होगी. जून के मुकाबले से पहले उसे ब्रिटेन में तीन फाइट करनी हैं.

इनमें से पहली 12 मार्च को लिवरपूल फिर दो अप्रैल और 30 अप्रैल को होगी. कुछ समय के विश्राम के बाद वह या तो डब्ल्यूबीओ मिडिलवेट या सुपर मिडिलवेट खिताब के लिए लड़ेगा.

उन्होंने कहा कि विजेंदर पिछले कुछ समय से घर से बाहर है और इसलिए यह उसके लिए अच्छा होगा कि वह अपने लोगों के साथ रहे और समय भी बहुत अच्छा है क्योंकि जुलाई अगस्त में ब्रिटेन में बहुत अधिक मुक्केबाजी नहीं होती है.

विजेंदर के भारतीय प्रमोटर आईओएस के प्रबंध निदेशक नीरव तोमर ने कहा, आईजी स्टेडियम से बेहतर कुछ नहीं हो सकता. हम 15 से 20 हजार दर्शकों की उम्मीद कर सकते हैं और यह मुकाबले के लिए आदर्श स्टेडियम होगा. यह इस तरह के बड़े मुकाबले के आयोजन के लिए पूरी तरह से तैयार है.

VIDEO: जब प्रैक्टिस के दौरान भिड़ गए धवन और भज्जी

टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जिन पर परिस्थितियों का कुछ असर नहीं होता है, वे हर परिस्थिति में मस्तमौला रहते हैं. ट्‍वेंटी-20 विश्व कप से ठीक पहले टीम इंडिया एशिया कप के लिए बांग्लादेश में है.

सोमवार को कप्तान धोनी की पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव आ गया और उनका इस टूर्नामेंट में खेलना संदिग्ध हो गया, इसके बावजूद दो खिलाड़ी शिखर धवन और हरभजन सिंह मैदान में आर्म रेसलिंग (पंजा कुश्ती) का मुकाबला करते नजर आए.

बीसीसीआई द्वारा जारी वीडियो में इन दो दिग्गज क्रिकेटर्स के बीच हुए पंजा कुश्ती के मुकाबले को देखा जा सकता है. क्रिकेटर्स को चोट लगना आम बात है, लेकिन एक छोटी सी चोट खिलाड़ी को बड़े टूर्नामेंट से बाहर कर देती है, इसके बावजूद इन दोनों क्रिकेटर्स का इस तरह पंजा लड़ाना कहां तक उचित हैं.

वैसे इस आर्म रेसलिंग के मुकाबले में धवन का पलड़ा भारी नजर आ रहा था, लेकिन भज्जी हार नहीं मान रहे थे. इस मुकाबले में कौन जीता, कौन हारा यह साफ नहीं हो पाया.

 

नीरजाः असाधारण साहस की भावना प्रधान कहानी

फिल्म ‘‘नीरजा’’ पैन एम एअर फ्लाइट की हेड एअर होस्टेस स्व. नीरजा भानोट की बायोपिक फिल्म है. इस तरह के विषय पर फिल्म का बनना सुखद अहसास देता है. मगर सबसे बड़ा सवाल यही है कि वैवाहिक जीवन की निजी समस्याओं से जूझ रही, निडर, बहादुर, मौत की परवाह किए बगैर फ्लाइट के यात्रियों की देखभाल करने के अपने कर्तब्य पर अडिग रहने वाली तथा छोटे छोटे बच्चों की जिंदगी बचाते हुए अपना 24वां जन्मदिन मनाने से ठीक एक दिन पहले विमान अपहरणकर्ताओं की गोली से मौत की नींद सो जाने वाली नीरजा भानोत के किरदार को सोनम कपूर परदे पर उतारने में कितना सफल हैं? इसका जवाब  दर्शक शायद बेहतर दे सकेंगे.

फिल्म की कहानी नीरजा भानोट की जिंदगी के अंतिम दो साल की है. हिंदुस्तान टाइम्स अखबार के पत्रकार हरीश (योगेंद्र टिक्कू) और गृहिणी रमा (शबाना आजमी) की बेटी नीरजा भानोट (सोनम कपूर) बचपन से ही खुशमिजाज व सांस्कृतिक गतिविधियों में लिप्त रही है. वह एक सफल माडल और एअर होस्टेस है. उसके पिता ने उसकी शादी अच्छे परिवार में की थी. पर नीरजा के पति ने नीरजा को सताया और नीरजा, पति का घर छोड़कर वापस मुंबई अपने माता पिता के पास रहने आ जाती है. वह माडलिंग करने के साथ साथ ‘पैन एम एअरलाइन्स’ में एअर होस्टेस है. इसी दौरान जयदीप (शेखर रावजियानी) से उसकी मुलाकात होती है. 5 सितंबर 1986 को वह ‘‘पैन एम फ्लाइट 73’’ में पहली बार हेड स्टाफ/हेड एअरहोस्टेस के रूप में जाती है. इस फ्लाइट में 361 यात्री व 19 स्टाफ है. जब यह फ्लाइट मुंबई से कराची पहुंचती है तभी एयरपोर्ट पर ही इसमें अपहरणकर्ता घुस जाते हैं. हर यात्री के चेहरे पर मौत का डर छा जाता है. पर नीरजा निडरता के साथ उन अपहरण कर्ताओं से कहती है कि वह अपना काम कर रहे हैं और उसे अपना काम/कर्तव्य निभाने दे. नीरजा अपनी तरफ से हर यात्री को आश्वस्त करने का प्रयास करती रहती है कि सब कुछ ठीक हो जाएगा. किसी को नुकसान नहीं पहुंचेगा. इस बीच रेडियो इंजीनियर इमरान सहित एक दो लोगों को अहरणकर्ता मौत की नींद सुलाकर अपनी मांगों को मानने के लिए दबाव बनाने की कोशिश करते हैं. उधर अठारह घंटे बीत जाने पर भी पाकिस्तान सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं ले पाती है. पर नीरजा कभी हंसती है, कभी रोती है, कभी डरती है, फिर भी निडर होकर अपने कर्तव्य का निर्वाह करती रहती है.

वह किसी तरह आपातकालीन दरवाजा खोलने में सफल हो जाती है. धीर धीरे यात्रियों को निकालना शुरू करती है. तभी पाकिस्तानी सैनिक भी आ जाते हैं. फिर अजीब सा माहौल हो जाता है. अपहरणकर्ता अंधाधुंध गोलियां बरसाने लगते हैं. इधर यात्रियों का प्लेन से बाहर निकलना जारी रहता है. सभी एअरहोस्टेस बाहर निकल जाती हैं. वह चाहती हैं कि नीरजा भी बाहर आ जाए. पर नीरजा अपनी जान बचाने की बचाय तीन छोटे बच्चों की जिंदगी बचाने का निर्णय लेती है. तीनों बच्चे बच जाते हैं. पर एक अहरणकर्ता नीरजा को गोली मार देता है और नीरजा की मौत हो जाती है. बाद में भारत सरकार ने नीरजा की इस बहादुरी को सम्मानित करने के लिए नीरजा को मरणोपरांत अशोक चक्र से नवाजा. पाकिस्तान के अलावा अमेरिकन सरकार ने भी नीरजा भानोट को मरणोपरांत पुरस्कृत किया.

निर्देशक राम माधवानी की यह दूसरी फिल्म है. फिल्म में अपहरणकर्ताओं की क्रूरता, डर का माहौल, हिंसा के दृश्यों  को निर्देशक ने बडें प्रभावशाली तरीके से फिल्म के परदे पर उतारा है. फिल्म के कुछ सीन भावनात्मक स्तर पर दर्शकों के दिल को छूने वाले हैं. फिल्म में गाने की जरुरत नहीं थी, मगर मुंबईया फिल्मकार राम माधवानी इससे खुद को बचा नहीं सके, जो कि फिल्म के लिए घातक बन गया.

फ्लाइट के लिए रवाना होते समय नीरजा के भाई का कहना कि वह इन किताबों को पढ़े बिना मर नहीं सकती या एअरपोर्ट पर नीरजा को छोड़ते समय जयदीप द्वारा उसकी लंबी उम्र की कामना करना जैसे सीन की कोई जरुरत नहीं थी. यह सीन फिल्म को कमजोर बनाते हैं. इसके अलावा इस फिल्म की सबसे बड़ी कमी है कि ‘पैन एम फ्लाइट 73’ में सौ से ज्यादा भारतीय यात्रियों को होने के बावजूद भारत सरकार की किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया को न दिखाना. इससे यह भी परिलक्षित होता है कि निर्देशक रमा माधवानी व लेखकीय टीम का शोधकार्य कमजोर रहा.

जहां तक अभिनय का सवाल है तो माता पिता के किरदार में शबाना आजमी और टिक्कू ने बेहतरीन काम किया है. फिल्म के कथानक में नीरजा के दोनों भाईयों को कोई अहमियत नहीं दी गयी. सोनम कपूर के लिए यह परफार्मेंस ओरिएंटेड किरदार है. यदि इक्का दुक्का सीन को नजरंदाज कर जाएं तो सोनम कपूर ने एक बार फिर इस परफार्मेंस प्रधान किरदार में जान डाली है.

अतुल कस्बेकर निर्मित तथा राम माधवानी निर्देशित फिल्म ‘‘नीरजा’’ के लेखक सायवान क्वाड्स, संयुक्ता चावला शेख, संगीतकार विशाल खुराना, कैमरामैन मितेश मीरचंदानी हैं.

पीके का मौका

तमाम राजनीतिक दल इन दिनों एक नई परेशानी से जूझ रहे हैं कि उन के पास जमीनी कार्यकर्ताओं का टोटा है. कोई अब न तंबू गाड़ने में अपना हाथ बंटाना चाहता है, न गलीगली जा कर झंडे लगाने में यकीन कर रहा. अब ये काम ठेके पर होने लगे हैं.

पीके के नाम से मशहूर हो चले राजनीतिक सलाहकार प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की जद (यू) का काम संभाला था. उस में बौद्धिकता भी शामिल थी मसलन, कहां कैसे नारे लिखे जाने हैं, किस का भाषण कहां और कैसा होगा. जबरदस्त सफलता और लोकप्रियता मिली तो हर कोई इस पीके की तरफ दौड़ने लगा. इस पीके ने चुनाव प्रबंधन को खासा रोजगार बना डाला है. इन दिनों वे पंजाब में कांग्रेस की तरफ से बतौर सीएम पेश किए गए कैप्टन अमरिंदर सिंह का अभियान संभाल रहे हैं. इस में भी सफल हो गए तो तय है कि गलीगली में पीके और उन की एजेंसियां दिखाई देंगी जिन्हें राजनीतिक प्रतिबद्धता से कम, पैसे से ज्यादा मतलब होगा.

 

किसानों को याद है पीएम मोदी का वादा

पिछले दिनों वित्त मंत्री अरुण जेटली के साथ बजट से पहले हुई बैठक में किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से किसानों के लिए किए गए वादों को पूरा करने के लिए कहा. बैठक में किसानों ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन के लिए ऊंची आय का वादा किया था. किसानों ने कहा कि बीते 2 सालों से सूखे की वजह से काटन, चावल और कई दूसरी फसलों पर बुरा असर पड़ा है.

किसानों ने याद दिलाया कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी ने इस बात का वादा किया था कि किसानों को उत्पादन की लागत से कम से कम 50 फीसदी तक का मुनाफा हो. किसानों की मांगों को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने अगले 5 सालों में सिंचाई परियोजनाओं पर 5 सौ अरब रुपए खर्च करने का वादा किया.

किसान नेता और कृषि विशेषज्ञों ने वित्त मंत्रालय से 4 फीसदी ब्याज दर पर 5 लाख रुपए तक का कृषि ऋण देने की भी मांग जोरशोर से की.

किसानों ने यूरिया की सब्सिडी को सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजने और पिछले 3 सालों की बकाया सब्सिडी के भुगतान के लिए बजट में 50 हजार करोड़ रुपए आवंटित करने की मांग की.

कृषि विशेषज्ञों ने कृषि उत्पादक संगठनों और कृषि सहकारी संगठनों की आय को आयकर के दायरे से बाहर रखने, मिल्क पाउडर के लिए बफर स्टाक बनाने और रबर आयात पर सुरक्षात्मक शुल्क लगाने की सिफारिश की. इस मौके पर अरुण जेटली ने कहा कि भारतीय कृषि के सामने मौजूद चुनौतियों में ज्यादा उपज देने वाली व प्रतिरोधी किस्म के बीजों से जुड़ी तकनीक से फायदा उठाते हुए उत्पादकता बढ़ाने की जरूरत भी शामिल है.

जेटली ने आगे कहा कि इसी तरह पानी के सही इस्तेमाल की जरूरत पर भी ध्यान देना बेहद जरूरी है. बोआई और कटाई जैसे कामों को भी नई तकनीकों के मुताबिक ही करना मुनासिब होगा. जेटली ने कहा कि समय पर बाजार संबंधी सूचनाएं मुहैया करा कर किसानों को ज्यादा से ज्यादा लाभ कराना भी कृषि की मौजूदा चुनौतियों में शामिल है.

वित्त मंत्री ने चर्चा आगे बढ़ाते हुए कहा कि खेती से जुड़े प्रोत्साहन ढांचे में तब्दीली कर के उत्पादकता बढ़ाने, बरबादी घटाने और आमदनी बढ़ाने पर जोर देना होगा. इस के साथ ही कृषि उत्पादों के व्यापार में बेहतरी के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल करना जरूरी है. जेटली ने कृषि के क्षेत्र में और ज्यादा पैसा लगाने की जरूरत पर जोर दिया. बहरहाल, बजट से पहले की बैठक में मोदी के वादे को याद दिला कर किसानों ने सही काम किया है. लगातार 2 सालों से सूखे व अन्य कुदरती आपदाओं से तबाह किसानों ने सरकार से आगामी बजट में सिंचाई सुविधा से जुड़ी आवंटन राशि बढ़ाने की गुजारिश की है. इस के अलावा किसानों ने अपनी फसलों के खरीद मूल्यों में भी इजाफा करने की मांग की है.

अब गेंद मोदी के पाले में है. अपनी कुरसी मजबूत करने के लिए उन्हें किसानों का भला तो करना ही होगा. आने वाले चुनावों में अपना सिक्का कायम रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसानों का खयाल रखना ही होगा. 

लल्ली अब जवान हो गई: भारती

लल्ली के नाम से मशहूर अमृतसर की इस पंजाबी कुड़ी भारती सिंह के पास आज पैसा, शोहरत नाम सभी कुछ है. पंजाब से मुंबई तक के संघर्ष के सफर और जिंदगी के कुछ पलों को उन्होंने एक इवेंट के दौरान बांटा. पेश हैं, उन में से कुछ चुनिंदा पल.

लल्ली बड़ी कब हो गई?

मैंजब 2008 में अपने पहले टीवी शो में आई, तो लल्ली नाम से फेमस हुई. अधिकतर लोग तो मेरा सही नाम जानते ही नहीं थे, क्योंकि उस वक्त शोज में लोग मुझे लल्ली ही कहते थे. कौमेडी करते समय मैं आज भी इस कैरेक्टर से बेहद गहराई सेजुड़ जाती हूं क्योंकि यह कैरेक्टर मेरे दिल के काफी करीब है. लेकिन लल्ली अब समय के साथ जवान हो कर भारती बन गई है. हमेशा बच्ची थोड़े ही रहेगी.

कौमेडी का कीड़ा कब लगा आप को?

बचपन से ही मुझे इस कीड़े ने डस लिया था. मैं जब छोटी थी- तो घर पर आई चाची, बूआ, ताई वगैरह का ऐक्शन के साथ नकल उतारा करती थी. पर वह भी चोरीछिपे क्योंकि पकड़े जाने पर पिटाई का डर रहता था. घर पर सभी मेरे मजाकिया स्वभाव से परिचित थे पर कभी अपनी इस प्रतिभा को बाहर दिखाने का मौका नहीं मिला. जब स्कूल गई तो वहां भी मेरी प्रतिभा का प्रदर्शन सिर्फ मेरी क्लास तक ही सीमित रहा क्योंकि उस समय स्टैंडअप कौमेडी करना टेलैंट में शामिल नहीं था. कालेज में कभी स्टेज पर मौका नहीं मिला. पर कुछ चाहने वालों की सलाह और मां के प्रोत्साहन से मैं मुंबई पहुंची और छोटेमोटे शोज करने लगी. 2008 में मुझे पहली बार ‘द ग्रेट लाफ्टर चैंलेंज’ शो में आने का मौका मिला. इस के बाद तो आप लोगों का प्यार मिलता गया और मैं बढ़ती चली गई.

शो के दौरान आप काफी फ्लर्ट करती रहती हैं. असल जिंदगी में किसी के साथ हैं या नहीं?

देखिए, शो में मैं खट्टीमीठी कौमेडी तो करती रहती हूं, लेकिन शो के दौरान मैं किसी से फ्लर्ट नहीं करती. जबकि शो में आने वाला हर शख्स मेरे साथ फ्लर्टिंग करता है. फिर चाहे वे सलमान खान हों या शाहिद कपूर क्योंकि मैं हूं ही इतनी चार्मिंग और ब्यूटीफुल. लेकिन सच बताऊं तो अभी तक ऐसा कोई नहीं मिला है जिसे मैं मन लगा कर फ्लर्ट कर सकूं.

सपनों का राजकुमार कैसा है?

वह राजकुमारों जैसे नखरे वाला तो बिलकुल नहीं है. मैं शादी करूंगी तो बिलकुल फ्री आदमी से जिस का इस फिल्म इंड्रस्ट्री से कुछ लेनादेना न हो. क्योंकि अगर वह इस इंड्रस्ट्री से जुड़ा हुआ होगा तो पतिपत्नी सारा टाईम सिर्फ शूटिंग में ही निकल जाएगा. मैं चाहती हूं कि मेरा पति मेरे लिए बिलकुल फ्री हो. साथसाथ खाना पकाए और मेरे हर काम में एकदम देशी पति की तरह मेरी मदद करे, लेकिन मैं पालतू पति बनाने की बात नहीं कर रही हूं. वह बहुत प्यार करने वाला इनसान होना चाहिए.

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