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हांगकांग: ऑलराउंडर इरफान ढाई साल के लिए निलंबित

क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने हांगकांग के ऑलराउंडर इरफान अहमद को ढाई साल के लिए निलंबित कर दिया. अहमद पर संहिता के उल्लंघन का आरोप लगा था और 4 नवंबर, 2015 को आईसीसी ने उनको अस्थायी रूप से निलंबित किया था. दूसरी ओर खुद अहमद ने भी यह बात स्वीकार की थी कि उन्होंने आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधी संहिता का उल्लंघन किया था.

इसके बाद आगे की जांच आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधी इकाई (एसीयू) द्वारा की गई थी. एसीयू ने अपने बयान में कहा कि भले ही अहमद पर भ्रष्टाचार में शामिल होने के कोई सबूत नहीं मिले, लेकिन जनवरी, 2012 से जनवरी, 2014 के दौरान भ्रष्टाचार में शामिल होने के लिए जिन्होंने उनसे संपर्क किया या जिन्होंने उन्हें पेशकश की, उनके बारे में वह पूरी जानकारी देने में नाकाम रहे.

इसके बाद अहमद को ढाई साल के लिए निलंबित कर दिया गया. उन्होंने यह सजा स्वीकार कर ली है और इस तरह वह इस फैसले के खिलाफ अपील नहीं कर सकते हैं.

फेसबुक आ रहा है इस नये और खास फीचर के साथ

सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक अपने एंड्रायड एप में यूजर्स के लिए जल्द ही एक 'न्यूज सेक्शन' शामिल करेगा, जो देखने में एकदम फेसबुक पेपर एप की तरह लगेगा.

हालांकि फेसबुक ने अभी इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है. टेक वेबसाइट 'मैशेबल' द्वारा फेसबुक ने पुष्टि की है कि वह एक नए न्यूज सेक्शन की जांच कर रहे हैं, जो वर्तमान स्वरूप के अतिरिक्त कार्य करेगा.

फेसबुक का ये नया फीचर्स यूजर्स को अन्य जानकारियां, न्यूज भी देगा. इसी को ध्यान में रखते हुए फेसबुक नया फीचर पेश करने जा रही है. 'मैशेबल' ने फेसबुक के प्रवक्ता के हवाले से कहा है कि लोगों ने हमें बताया कि वे फेसबुक पर अपने पसंद के अन्य विषयों की भी जानकारी हासिल करना चाहते हैं. इसलिए हम कुछ नई फीड्स की जांच कर रहे हैं, ताकि लोगों को अलग-अलग विषयों पर फेसबुक पेज और लोगों से विभिन्न सूचनाएं मिल सकें.

1000 से ज्यादा मकानों पर लगेगा ताला…!

ग्रेटर नोएडा में अनियमितता के आरोपों से घिरे बिल्डरों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है. इसी कड़ी में निर्माण में नियमों का उल्लंघन करने पर ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने सुपरटेक के 1,009 फ्लैट्स और विला सील करने के आदेश दिए हैं. अथॉरिटी का कहना है कि इनके निर्माण में नियमों का उल्लंघन किया गया है.

सुपरटेक बिल्डर को अवैध रूप से बनाए गए टावरों के लिए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने नोटिस दिया है. नोटिस में अथॉरिटी ने सेक्टर ओमीक्रॉन में बन रहे C-ZAR प्रोजक्ट के अवैध टावरों को तीस दिन में सील करने के आदेश दिए हैं.अथॉरिटी का

कहना है कि कंपनी को जार कॉम्पलेक्स में 844 हाउसिंग यूनिट्स की अनुमति दी गई थी, लेकिन कंपनी ने 20 एकड़ की टाउनशिप में 1,853 यूनिट्स का निर्माण किया है. हालांकि, सुपरटेक ने नियमों के उल्लंघन से इनकार किया है.

अब अथॉरिटी ने नोटिस जारी कर 844 के अलावा बने फ्लैट्स को सील करने का आदेश दिया है. ग्रेटर नॉएडा अथॉरिटी ने सुपर टेक को नोटिस भेजने के साथ-साथ ये भी कहा कि अगर तीस दिनों के अंदर संतोष जनक जबाब नहीं मिला तो फलैट्स सील करके आगे की कार्रवाई की जाएगी.

यहां पर याद दिला दें कि अभी इन फ्लैटों में कोई रहता नहीं है. इसी परिसर में रहने वाले अन्य परिवारों ने कंपनी द्वारा नियमों के उल्लंघन की शिकायत की थी. शिकायत के बाद अथॉरिटी ने 11 अप्रैल को कंपनी को नोटिस दिया था और कंपनी से 30 दिन के अंदर इन यूनिट्स को सील करने का आदेश दिया है.

 

1 रुपए में लैपटॉप, जारी है ‘बैक टू स्कूल’ सीजन

आईटी कंपनी डेल ने का प्रोग्राम 'बैक टू स्कूल' जारी है. यह प्रोग्राम 22 मार्च से 31 मई तक जारी रहेगा. इस प्रोग्राम के चलते डेल यूजर्स डेल इंस्पायरॉन डेस्कटॉप, या इंस्पायरॉन 3000 सीरीज का लैपटॉप खरीद सकते हैं वो भी केवल एक रुपए में. इसके बाद लैपटॉप की अतिरिक्त राशि इंस्टालमेंट में दी जा सकती है.

जो उपभोक्ता इंस्पायर डेस्कटॉप लैपटॉप की खरीद में 999 रुपए अतिरिक्त देंगे उन्हें इसके साथ दो साल की वारंटी भी मिलेगी और बाटा का एक शॉपिंग वाउचर भी मिलेगा.

जबकि इंस्पायरॉन 3000 सीरीज का लैपटॉप खरीदने पर 999 रुपए अतिरिक्त देने पर उपभोक्ताओं को दो साल की वारंटी मिलेगी.

बैक टू स्कूल ऑफर ऑफर पूरे देश में वैलिड है. आप भारत में कहीं से भी इस स्कीम के अंतर्गत लैपटॉप खरीद सकते हैं.

दिल्ली में ओला शटल देगी फ्री सर्विस…!

दिल्ली में ऑड-इवन के तहत 22 और 29 अप्रैल को मुफ्त सेवा देगी ओला शटल. देश भर में मोबाइल ऐप के जरिये टैक्सी सेवा मुहैया कराने वाली कंपनी ओला कैब दिल्‍ली में अपनी निशुल्‍क सेवा देने जा रही है.

हालांकि यह सर्विस बस दो दिन के लिए दी जाएगी. यह निशुल्‍क सेवा ऑड इवन नियम के तहत 22 और 29 अप्रैल को राजधानी में उपलब्‍ध रहेगी.

ऐप के जरिए टैक्सी बुकिंग सेवा देने वाली कंपनी ओला के उपाध्यक्ष संदीप साहनी ने ओला की खास स्‍कीम के बारे में जानकारी दी है.दिल्ली में हर दिन हजारों लोग ओला शटल का इस्तेमाल करते हैं.

ओला वर्तमान में दिल्ली एनसीआर में 120 रूटों पर 500 से अधिक शटल बसें चलाती है. जिसके आधार पर ओला कैब कंपनी ने जिसमें कल 22 अप्रैल शुक्रवार को और 29 अप्रैल शुक्रवार को यह सर्विस दिल्‍ली में निशुल्‍क रहेगी.

कैशबैक मिलेगा

हालांकि इस दौरान यात्रियों को कूपन कोड ऑड इवन का इस्‍तेमाल करना होगा. इससे उन्हें अपनी यात्रा के लिए 100 प्रतिशत कैशबैक मिलेगा. हाल ही में ओला कैब को अपने किराए में बढ़ोत्‍तरी पर कड़ा विरोध झेलना पड़ा था.

दिल्ली सरकार की कड़ी आलोचना से ओला कैब को कई फैसले बदलने पड़े. हाल ही में राज्‍य सरकार ने अधिक किराया वसूलने के लिए ओला कैब कंपनी को परमिट रद्द करने की धमकी दी. हालांकि इसके बाद ओला कैब कंपनी ने किराए बढ़ोत्‍तरी पर रोक लगा दी है.

 

गूगल की ऑटो ड्राइविंग कार का एक्सिडेंट

गूगल को टेक्नोलॉजी की दुनिया में नए-नए प्रयोगों के लिए जाना जाता है और जब इस कंपनी ने खुद चलने वाली कार पर काम करना शुरू किया था, तो सबको विश्वास था कि गूगल का प्रयोग सफल जरूर होगा. हुआ भी कुछ ऐसा ही. गूगल की खुद चलने वाली कारें सड़क पर दौड़ने लगीं और सबसे अच्छी बात यह थी कि इससे पहले तक उनकी वजह से कोई एक्सिडेंट नहीं हुआ था.

कार ने बस को मारी टक्कर

मगर अब हालात बदल चुके हैं. कैलिफोर्निया डीएमवी की एक फाइलिंग (जिसे पहली बार मार्क हैरिस ने रिपोर्ट किया था) के अनुसार गूगल की एक खुद चलने वाली कार लेक्सस एसयूवी ने एक बस को साइड से टक्कर मार दी.

टक्कर के वक्त गूगल की कार की स्पीड थी सिर्फ 3 किलोमीटर प्रति घंटा

प्राप्त सूचनाओं के अनुसार गूगल लेक्सस कार जब बस से टकराई, तो उस वक्त उसकी स्पीड तीन किलोमीटर प्रति घंटा की थी, जबकि बस की रफ्तार 24 किलोमीटर प्रति घंटा थी. गूगल की कार में बैठे व्यक्ति का कहना है कि उसे ऐसा महसूस हुआ था कि बस गूगल की कार को निकलने देगी, इसलिए उसने लेक्सस कार के सेल्फ ड्राइविंग कंप्यूटर को कंट्रोल करने की कोशिश नहीं की. मगर बस की रफ्तार कम नहीं हुई और वह गूगल की कार से जा टकराई.

क्या ड्राइवर-रहित सुरक्षित कार का सपना कभी होगा सच

गूगल की खुद चलने वाली कार की टेस्ट ड्राइव के दौरान हुई इस दुर्घटना में किसी को चोट नहीं आई है. लेकिन बेहद कम गति पर चलने पर भी कार का दुर्घटनाग्रस्त हो जाना एक खतरनाक संकेत तो है ही. यदि तेज गति पर कार इस तरह बस से भिड़ जाती, तो यह जानलेवा भी हो सकता था. गूगल की खुद चलने वाली कार की दुर्घटना ने इस सवाल को फिर से उठा दिया है कि क्या ड्राइवर-रहित सुरक्षित वाहन का सपना कभी सच हो सकेगा?

दालों की जमाखोरी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई

भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक देश है. इसके बावजूद भी घरेलू मांग उत्पादन से अधिक होने के कारण दालों की भरपाई आयात से की जाती है.

केंद्र सरकार का कहना है कि राज्य दालों की जमाखोरी करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें. जिससे दालों की कीमतों पर नियंत्रण रखा जा सके. वहीं केंद्र सरकार दालों की कीमतों पर निगरानी रखे हुए है.

हालांकि दालों की कीमत पिछले साल के 200 रूपए तक प्रति किलो के स्तर से काफी नीचे है लेकिन फिर भी देश के अधिकांश भागों में इसके भाव 83-177 रूपए प्रति किलो तक ऊंचे बने हुए हैं.

पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कहा, हम इस बार दालों की कीमतों पर निगरानी रख रहे हैं. राज्य सरकारों से जमाखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई को कहा गया है. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने दालों के क्षेत्र में ज्यादा काम नहीं किया और राजग सरकार ने अब दालों की खेती को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं बनाई हैं.

आंकड़ों के अनुसार ज्यादातर खुदरा बाजारों में उड़द दाल के भाव 177 रूपए प्रति किलो, तूअर 163 रूपए, मूंग दाल 122 रूपए, मसूर दाल 98 रूपए व चना दाल 74 रूपए प्रति किलो हैं. सरकार घरेलू बाजारों में दालों की आपूर्ति बढ़ाने तथा बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए कई कदम उठा रही है

रियो ओलंपिक के लिए नेमार ने छोड़ा कोपा अमेरिका

बार्सिलोना के ब्राजीली फुटबॉल स्टार नेमार जून में अमेरिका में कोपा अमेरिका टूर्नामेंट नहीं खेलेंगे ताकि वह अगस्त में रियो ओलंपिक में अपनी राष्ट्रीय टीम के लिए खेल सकें.

क्लब ने एक बयान में कहा कि एफसी बार्सिलोना ब्राजीली फुटबॉल महासंघ और उसके अध्यक्ष मार्को पोलो डेल नीरो को धन्यवाद देना चाहता है जिन्होंने क्लब का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया कि नेमार 2016 में सिर्फ ओलंपिक में खेलेगें जो तीन से 21 अगस्त तक होने हैं.

उन्होनें कहा कि इस तरह से वे कोपा अमेरिका खेलने से मुक्त हो गए जो अमेरिका में तीन से 26 जून तक खेला जाएगा. ब्राजीली कोच डुंगा को उम्मीद थी कि नेमार दोनों टूर्नामेंट खेलेंगे लेकिन बार्सिलोना ने कहा कि नेमार को ओलंपिक से पहले पर्याप्त आराम मिल जाएगा.

कमाई में ओबामा नंबर 4, तो नंबर 1 कौन?

पिछले दिनों खबर आई कि अमेरिकी राष्‍ट्रपति बराक ओबामा की सैलरी में करीब 10 प्रतिशत की कमी आई है. इसके बाद से हर कोई यह जानना चाहता था कि आखिर अमेरिका के राष्‍ट्रपति के तौर पर बराक ओबामा को कितनी सैलरी मिलती है?

क्‍या उनकी सैलरी दुनिया के बाकी राष्‍ट्राध्‍यक्षों से सबसे ज्‍यादा है? तो हम आपको बता दें कि राष्‍ट्रपति ओबामा सैलरी के लिहाज से दुनिया के चौथे नेता है. अगर वह नंबर वन नहीं हैं तो फिर दुनिया किस नेता को सबसे ज्‍यादा सैलरी मिलती है. इसका जवाब है कि सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली हाइसेन लूंग. आइए आपको बताते हैं कि दुनिया के कौन से नेता को कितनी सैलरी मिलती है और वह किस पायदान पर हैं.

किसकी कितनी सैलरी

1. ली हाइसेन लूंग

सिंगापुर के प्रधानमंत्री लूंग को 2.4 मिलियन सिंगापुर डॉलर प्रति वर्ष सैलरी के तौर पर मिलते हैं. अगर हम अमेरिकी डॉलर में इन्‍हें तब्‍दील करें तो यह रकम करीब 1.76 मिलियन डॉलर है. हूंग पिछले 11 वर्षों से सिंगापुर के प्रधानमंत्री हैं.

2. ल्यूंग चुन यिंग

हांगकांग के चीफ एग्जिक्‍यूटिव ल्‍यूंग चुन यिंग को प्रतिवर्ष सैलरी के तौर पर करीब 5,76,000 अमेरिकी डॉलर मिलते हैं. वह पिछले तीन वर्षों से इस पद की जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं.

3. जोहानन स्‍नाइडर अम्‍माननन

स्विट्जरलैंड के राष्‍ट्रपति जोहानन स्‍नाइडर अम्‍माननन की एनुअल इंकम 460,000 अमेरिकी डॉलर है. हालांकि उन्‍हें अभी पद की जिम्‍मेदारी लिए हुए दो माह ही हुए हैं.

4. बराक ओबामा

सबसे ताकतवर देश अमेरिका के राष्‍ट्रपति बराक ओबामा इस पायदान पर चौथे नंबर पर हैं. उन्‍हें हर वर्ष 4,00,000 अमेरिकी डॉलर बतौर सैलरी हासिल होते हैं. ओबामा पिछले सात वर्षों से भी ज्‍यादा समय से इस पद पर हैं.

5. मैलकम टर्नबुल

ऑस्‍ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैलकम टर्नबुल, जिन्‍होंने पिछले वर्ष ऑस्‍ट्रेलिया के प्रधानमंत्री पद की जिम्‍मेदारी संभाली है उनकी सैलरी 3,96,000 अमेरिकी डॉलर है.

6. वेर्नर फेमैन

सेंट्रल यूरोप के देश ऑस्ट्रिया के चासंलर वेर्नर फेमैन को हर वर्ष 3,43,000 अमेरिकी डॉलर सैलरी के रूप में मिलते हैं. वह पिछले सात वर्षों और तीन माह से ऑस्ट्रिया के चांसलर पद पर हैं.

7. जैवियर बेट्टल

लक्‍जमबर्ग के प्रधानमंत्री 43 वर्षीय जैवियर बेट्टल सैलरी के लिहाज से सातवें नंबर पर आते हैं. दो वर्षों से भी ज्‍यादा समय से वह इस देश के प्रधानमंत्री हैं और उन्‍हें हर वर्ष 2,55,000 अमेरिकी डॉलर सैलरी मिलती है.

8. जस्टिन ट्रूड्यू

कनाडा के युवा और लो‍कप्रिय नेता और अब इस देश के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रड्यू को हर वर्ष 2,53,000 अमेरिकी डॉलर की सैलरी हासिल होती है.

9. एंजेला मार्केल

जर्मन चांसलर और दुनिया की सबसे ताकतवर महिला एंजेला मार्केल को हर वर्ष 2,44,000 अमेरिकी डॉलर की सैलरी मिलती है. मार्केल पिछले 10 वर्षों से जर्मन की चांसलर हैं.

10. चार्ल्‍स मिशेल

यूरोपियन यूनियन की राजधानी बेल्जियम के प्रधानमंत्री चार्ल्‍स मिशेल को करीब 2,39,000 अमेरिकी डॉलर सैलरी मिलती है. वह पिछले एक वर्ष से इस पद पर अपनी जिम्‍मेदारियों को अंजाम दे रहे हैं.

11. स्‍टीफन लोफेन

स्‍वीडन के प्रधानमंत्री स्‍टीफन लोफेन को 2,35,000 अमेरिकी डॉलर की सैलरी हर वर्ष मिलती है. वह वर्ष 2014 से स्‍वीडन के पीएम हैं.

12. लार्स लोक्‍के

रैसम्‍यूसेन डेनमार्क के प्रधानमंत्री हैं लार्स लोक्‍के और उन्‍हें हर वर्ष 2,22,000 अमेरिकी डॉलर की सैलरी मिलती है.

13. एंडा केनी

आयरलैंड के प्रधानमंत्री एंडा केनी को हर वर्ष 2,09,000 अमेरिकी डॉलर सैलरी के तौर पर हासिल होते हैं. वह पिछले पांच वर्षों से इस आयरिश देश के पीएम हैं.

14. डेविड कैमरुन

ब्रिटिश पीएम डेविड कैमरुन को हर वर्ष 1,42,500 पौंड यानी 2,06,000 अमेरिकी डॉलर की सैलरी मिलती है. कैमरुन पिछले पांच वर्षों से ब्रिटेन के पीएम हैं और पिछले वर्ष उन्‍हें चुनावों में बड़ी जीत हासिल हुई थी.

15. मार्क रूट्टे

नीदरलैंड के पीएम मार्क को हर वर्ष सैलरी के तौर पर 2,04,000 अमेरिकी डॉलर मिलते हैं.

लोढा कमेटी की सिफारिश, राहुल जौहरी BCCI के पहले CEO

बीसीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट से नियुक्त जस्टिस लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों पर अमल करते हुए राहुल जौहरी को अपना पहला सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) नियुक्त किया है. जौहरी 1 जून 2016 से अपना पदभार संभालेंगे. बुधवार को बीसीसीआई के अधिकारियों ने मुंबई में हुई बैठक में यह फैसला लिया.

कौन हैं राहुल जौहरी?

राहुल जौहरी डिस्कवरी के साथ लंबे समय से जुड़े हुए थे.  यहां ये डिस्कवरी नेटवर्क साउथ एशिया के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसि‍डेंट और जनरल मैनेजर के पद पर थे. जौहरी करीब 15 साल तक डिस्कवी से जुड़े रहे.

BCCI के मुंबई दफ्तर को संभालेंगे जौहरी

बीसीसीआई की ओर से घोषणा की गई है कि राहुल जौहरी सीधे बीसीसीआई के सचिव अनुराग ठाकुर को रिपोर्ट करेंगे और ये मुंबई स्थित बीसीसीआई के दफ्तर में बैठेंगे. जौहरी की नियुक्ति का ऐलान करते हुए BCCI ने कहा कि क्रिकेट को बेहतर तरीके से लोगों तक पहुंचाने के लिए रणनीति तैयार करने में जौहरी की अहम भूमिका होगी. साथ ही उनके नये अनुभवों का इस्तेमाल किया जाएगा.

जौहरी के अनुभव का बोर्ड को मिलेगा फायदा

वहीं बीसीसीआई के अध्यक्ष शशांक मनोहर ने कहा कि उन्हें खुशी है कि राहुल जौहरी जैसे अनुभवी और टेलेंटेड शख्स बोर्ड के साथ जुड़े. उन्होंने कहा कि राहुल जौहरी के पास लंबा अनुभव है और उम्मीद है कि वे इंडियन स्पोटर्स को एक नया आयाम देंगे.

BCCI से जुड़कर जौहरी खुश

इस मौके पर राहुल जौहरी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि करोड़ों भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए कुछ करने का मौका मिला है. मीडिया इंडस्ट्री में 20 साल के अनुभव के अलावा राहुल जौहरी डिस्कवरी नेटवर्क के साथ 15 साल तक काम कर चुके हैं.

लोढ़ा कमेटी की रिपोर्ट में सिफारिश

गौरतलब है कि जस्टिस लोढ़ा कमेटी ने सिफारिश की थी कि क्रिकेट से हटकर मैनेजमेंट को देखने के लिए एक सीईओ की नियुक्ति जरूरी है. लोढ़ा कमेटी ने सीईओ की नियुक्ति की सिफारिश के साथ ही उसे पांच साल का अनुबंध देने की सिफारिश भी की थी लेकिन बीसीसीआई ने जौहरी के कार्यकाल को लेकर अभी कोई जानकारी नहीं दी है. इसके अलावा रिटायर्ड जस्टिस आर एम लोढ़ा की अगुवाई वाले तीन सदस्यीय समिति ने BCCI में सुधार के लिए कई सुझाव दिए थे. समिति ने BCCI के प्रशासनिक ढांचे के भी पुनर्गठन का सुझाव दिया और सीईओ के पद का प्रस्ताव रखा था जो 9 सदस्यीय शीर्ष परिषद के प्रति जवाबदेह होगा. सुप्रीम कोर्ट ने भी बीसीसीआई को दो टूक कह दिया था कि लोढ़ा कमेटी की रिपोर्ट को लागू करना ही होगा.

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