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बौलीवुड का आईक्यू

फिल्मी कलाकारों के समान्य ज्ञान पर अकसर जम कर चुटकी ली जाती है. अभिनेत्री आलिया भट्ट तो कमजोर जानकारी के चलते मजाक का पात्र भी बनी हैं. हालांकि संजीदा अभिनेता नसीरुद्दीन शाह इस विषय पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कहते हैं कि फिल्मों और थिएटर के लोगों के लिए आवश्यक है कि वे फिल्मों के अलावा दुनियादारी के और भी विषयों को समझें. वरना संकुचित विचार वाले माने जाएंगे. उन का कहना है कि यह काफी शर्म की बात है कि आलिया जैसे बौलीवुड के सितारों को जब बौद्धिक रूप से चुनौती दी जाती है और वे खुद से परे जा कर चर्चा करने में खुद को असमर्थ पाते हैं. नसीर का कहना सही है, फिल्मी कलाकार अपने सामाजिक सरोकारों से दूर भागते हैं, सिर्फ नाचगा कर करोड़ों रुपए कमा लेना काफी नहीं है. उन्हें बौद्धिक रूप से सचेत हो कर सामाजिक प्रतिबद्धता भी निभानी आनी चाहिए.

चैनलों की तानाशाही

टीवी पर चैनलों की तानाशाही कुछ इस कदर बढ़ गई है कि लंबेलंबे कौंट्रैक्ट की आड़ में कलाकारों को बंधुआ मजदूर सरीखा बनाया जा रहा है. कलाकारों पर इस तरह का दबाव डाला जाता है कि वे जिस चैनल और प्रोग्राम से जुड़े हैं, उसे छोड़ कर किसी और चैनल में न जाएं और न ही काम करें. पिछले दिनों टीवी सीरियल ‘भाभी जी घर पर हैं’ में एक कलाकार को उत्पीडि़त किया गया. इसी तरह कपिल शर्मा को कलर्स ने बाहर का रास्ता दिखा दिया. कपिल ने दूसरे चैनल पर शो शुरू किया तो उन के शो पर मीका सिंह चले गए तो उन्हें भी बाहर कर दिया गया है. इस तरह से कलाकारों में गुटबंदी होती है. चैनल्स को तो सिर्फ मुनाफा दिखता है.

मोटापे और गुमशुदगी का मजाक

फरदीन खान करीब एक दशक के फिल्मी कैरियर के बाद अचानक से लापता हो गए. पार्टी और अवार्ड से भी नदारद रहे. इस वजह से दर्शक भी उन्हें लगभग भूल चुके थे. लेकिन एक दिन अचानक उन की व्यक्तिगत तसवीर लीक हो गई और जनाब हो गए सोशल मीडिया ट्रोलिंग के शिकार. दरअसल, एक समय चौकलेटी लगने वाले फरदीन खान अब बेहद मोटे हो गए हैं, जिस के चलते उन्हें काफी आलोचनाएं झेलनी पड़ रही हैं. उन्होंने अपने स्टाइल में फेसबुक के जरिए जवाब देते हुए कहा कि इन आलोचनाओं से न तो वे शर्मिंदा हैं, न ही नाराज हैं और न ही अवसाद में हैं बल्कि अपने जीवन का सुखद आनंद ले रहे हैं. अगर किसी को इस तरह मजाक उड़ाने से अच्छा महसूस होता है तो उसे गंभीरता से अपने भविष्य के बारे में सोचना चाहिए.

टैगोर के उपन्यास पर फिल्म

रवींद्रनाथ टैगोर ने 1914 में एक उपन्यास ‘घारे बायरे’ लिखा था, जिस पर 1984 में इसी नाम से सत्यजीत रे ने एक बंगाली फिल्म का निर्माण किया था. जो कि एक चर्चित फिल्म थी. अब उसी उपन्यास पर हिंदी और बंगाली 2 भाषाओं में संगीत प्रधान फिल्म ‘अर्धांगनी-एक अर्ध सत्य’ नामक फिल्म का निर्माण रिचा मुखर्जी ने किया है, जिस में सुबोध भावे, सुब्रत दत्ता, वर्षा उसगांवकर और श्रीलेखा मित्रा ने अभिनय किया है. फिल्म की निर्माता व निर्देशक रिचा मुखर्जी कहती हैं, ‘यह ऐसी फिल्म है जो धीरेधीरे आगे बढ़ती है और लंबे समय तक दर्शकों के दिलों में बसी रहेगी.’

गोवा क्रिकेट संघ के तीन अधिकारी गिरफ्तार

गोवा क्रिकेट संघ (जीसीए) के तीन शीर्ष अधिकारियों को कथित रूप से धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार अधिकारियों में जीसीए के अध्यक्ष चेतन देसाई, सचिव विनोद फड़के और कोषाध्यक्ष अकबर मुल्ला शामिल हैं.

गोवा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के एक अधिकारी ने बताया कि इन तीनों को पूछताछ के लिए बुलाया गया गया है. जीसीए के आजीवन सदस्य विलास देसाई ने इन तीनों के खिलाफ चार जून को 3.13 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई थी.

उन्होंने तीनों अधिकारियों पर जाली हस्ताक्षर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन्होंने संघ की धनराशि बेईमानी से निकालने के लिए बैंक खाते खोले. पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.

ऐसे करें इंटरनल मेमोरी खाली

यूजर द्वारा इंस्टॉल किए गए सभी ऐप्स फोन की इंटरनल मेमोरी में इन्स्टॉल होती है, जिसके चलते फोन का मेमोरी स्पेस कम हो जाता है. ऐसे में यूजर्स को नई ऐप्स इन्स्टॉल करने के लिए पुरानी ऐप्स डिलीट करनी पड़ती है. इस समस्या से निपटने के लिए हम आपको बता रहे हैं 5 ऐप्स के बारे में जिनसे आप इंस्टॉल्ड ऐप्स को मेमोरी कार्ड में मूव करके इंटरनल मेमोरी खाली कर सकते हैं. ये ऐप्स खाली करेंगे फोन की इंटरनल मेमोरी…

1. AppMgr III (App 2 SD)

– ये फ्री ऐप है.

– इसे इन्स्टॉल करने के बाद यूजर आसानी से फोन मेमोरी में मौजूद ऐप्स को SD मेमोरी कार्ड में मूव कर सकते हैं.

– ये यूजर्स को ऐप्स हाइड और फ्रीज करने की भी सुविधा देता है.

– वहीं, जब स्मार्टफोन की बैटरी डिस्चार्ज हो जाएगी तो ये ऐप्स को फ्रीज यानी रोक देता है. ताकि ज्यादा बैटरी खर्च न हो.

नोट: ये ऐप्स अलग-अलग डिवाइस पर अलग-अलग तरीके से काम करते हैं.

 2. Move apps to SD card

– ये ऐप यूजर को आसानी से फोन मेमोरी में मौजूद ऐप्स को SD मेमोरी कार्ड में मूव करने की सुविधा देता है.

– ऐप्स को SD कार्ड से वापस फोन में मूव भी किया जा सकता है.

– ये ऐप्स को मूवेबल, नाम, साइज, टाइम के हिसाब से अलग-अलग कैटेगरी में भी दिखाता है.

– इतना ही नहीं, ये आपको फोन में इंस्टॉल्ड ऐप्स की साइज, इंस्टॉल टाइम, पैकेज जैसी सभी जानकारी देता है.

– इसकी साइज 2.8 MB है. अगर आप इसे इंस्टॉल कर यूज करना चाहते हैं तो आपके फोन में 2.2 या उससे ज्यादा का एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम होना जरूरी है.

3. Link2SD

– ये ऐप आपके SD मेमोरी कार्ड का सेकंडरी पार्टिशन इस्तेमाल करता है.

– इसका मतलब है आप जिन ऐप्स को फोन की मेमोरी से मूव करेंगे वो SD कार्ड के सेकंडरी पार्टिशन में जाएंगे.

– ऐप्स मूव करने के साथ इसमें cache क्लियर करने का ऑप्शन भी है.

– ये 40 से ज्यादा लैंग्वेज सपोर्ट करता है.

– इसकी साइज 4.0 MB है. इसे यूज करने के लिए आपके फोन में 2.1 या उससे ज्यादा का एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम होना जरूरी है.

4. Send to SD card

– ये ऐप आपको फोन की इंटरनल मेमोरी में इन्स्टॉल ऐप्स को सेंड और शेयर करने की सुविधा भी देता है.

– यानी ऐप्स को SD मेमोरी कार्ड में ट्रांसफर करने के साथ आप शेयर और सेंड भी कर सकते हैं.

– इसके साथ, ये फोटो और फाइल को भी मैनेज करने में मदद करता है.

– इसकी साइज 59 MB है. इसे यूज करने के लिए आपके फोन में 2.2 या उससे ज्यादा का एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम होना जरूरी है.

5. DS Super App2SD Lite

– ये भी अन्य ऐप्स की तरह यूजर्स को फोन मेमोरी से SD मेमोरी कार्ड में ऐप्स को मूव करने की सुविधा देता है।

– ये ऐप्स आपको सभी मूवेबल ऐप्स की लिस्ट दिखाता है। जिससे आपका काम और भी आसान हो जाएगा।

– इस ऐप से आप फोन में इंस्टॉल्ड ऐप्स को अनइन्स्टॉल भी कर सकते हैं।

– इसकी साइज 572K है। इसे यूज करने के लिए आपके फोन में 2.2 या उससे ज्यादा का एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम होना जरूरी है।

आखिर कहां चूके कैप्टन कूल

 

भारतीय टीम के वनडे और टी20 कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपने कॅरियर में हर मुकाम हासिल कर लिया है और वो हर मौके पर अपने आलोचकों का अपनी बल्लेबाजी के दम पर मुंह बंद करते आए हैं. आज लेकिन हम आपको धोनी से जुड़े हुए ऐसे आंकड़ों के बारे में बताने जा रहे है जिसे सुनकर आपका यकीन कर पाना बेहद मुश्किल होगा.

वनडे मैचों में मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतने के मामले में कप्तान धोनी भारतीय टीम के कई धुरंधर खिलाडियों से पीछे हैं. जिनमें भारतीय टीम के टेस्ट कप्तान विराट कोहली और युवराज सिंह समेत क्रिकेट के कई दिग्गज खिलाड़ियों के नाम शामिल हैं.

सचिन तेंदुलकर

भारतीय टीम के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर इस मामले में दुनिया के सभी खिलाड़ियों से कहीं आगे हैं. वो इस मामले में पहले पायदान पर हैं. सचिन ने 463 वनडे मुकाबले खेले हैं. जिसमें सचिन को 62 बार मैन ऑफ द मैच के पुरस्कार से नवाजा गया है.

सौरव गांगुली

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से वनडे मैचों में पुरस्कार जीतने के मामले में कहीं आगे हैं. दादा ने 311 मैचों में 31 बार मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता है.

युवराज सिंह

भारतीय टीम के बाएं हाथ के बल्लेबाज युवराज सिंह को हमेशा बड़े मैचों का खिलाड़ी समझा जाता है उन्होंने इस बात को हर मौके पर साबित करके भी दिखाया है. युवी ने 293 मुकाबले खेलें है जिसमें उन्हें 25 बार मैन ऑफ द मैच के पुरस्कार से नवाजा गया है.

वीरेंद्र सहवाग

बात करें नजफगढ़ के आक्रामक बल्लेबाज वीरू की जिनके नाम से आज भी गेंदबाज खौफ खाते हैं. उन्होंने 251 वनडे मैच खेले हैं. जिसमें उन्हें 23 बार मैन ऑफ द मैच के पुरस्कार से नवाजा गया है.

विराट कोहली

वहीं भारतीय टीम के टेस्ट कप्तान विराट इस मामले में महेंद्र सिंह धोनी से सिर्फ एक नंबर आगे है उन्होंने 171 एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैचों में 21 बार मैन ऑफ द मैच के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.

एमएस धोनी

भारतीय टीम के वनडे और टी20 कप्तान धोनी ने अभी तक 277 वनडे मैच खेले हैं जिसमें उन्हें मात्र 20 बार ही मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्राप्त हुआ है.

अब नहीं मिलेगा ‘बाय वन गेट वन’ फ्री ऑफर

'बाय वन गेट वन' स्कीम का जलवा गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के लागू होने पर कम हो सकता है. मॉडल जीएसटी लॉ में एक प्रोविजन है, जिससे एक सामान खरीदने पर मिलने वाले मुफ्त माल पर टैक्स लग सकता है. इस प्रोविजन से 'पॉपुलर सेल्स स्कीम' पर बुरा असर पड़ेगा. उन्होंने इस प्रोविजन पर तस्वीर साफ करने की मांग की है क्योंकि इसके मुताबिक बिजनेस प्रमोशन के लिए दिए जाने वाले फ्री सैंपल्स भी जीएसटी के दायरे में आएंगे.

पीडब्ल्यूसी में नेशनल इनडायरेक्ट टैक्स लीडर प्रतीक जैन ने बताया, 'बिना पैसे के दिए जाने वाले सामान को जीएसटी मॉडल लॉ में टैक्सेबल बनाया गया है.' इसका मतलब यह है कि फ्री मिलने वाले सामान पर बायर को जीएसटी देना होगा.

जैन ने कहा, 'फ्री सप्लाइज पर किसी डायरेक्ट या इनडायरेक्ट जीएसटी से कंपनियों के सेल्स एंड मार्केटिंग एक्सपेंडिचर पर बड़ा असर पड़ सकता है. खासतौर पर कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स कंपनियों पर.'यह प्रोविजन मौजूदा एक्साइज ड्यूटी नियमों के मुताबिक है. इसमें फ्री प्रॉडक्ट पर भी टैक्स लगता है.

सरकार जीएसटी के जरिये पूरे देश को सिंगल मार्केट में बदलना चाहती है. यह इनडायरेक्ट टैक्स का नया सिस्टम होगा, जो अभी मौजूद सभी टैक्स की जगह लेगा. ड्राफ्ट जीएसटी लॉ में जीएसटी क्रेडिट के रिवर्सल के बारे में कहा गया है. इसका मतलब यह है कि जिन चीजों को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स के दायरे से बाहर रखा जाएगा, उन पर ड्यूटी रिफंड की जाएगी. हालांकि, इसमें यह नहीं बताया गया है कि फ्री गुड्स एंड सप्लाइज इस दायरे में आएंगे या नहीं.

 

TRY करें ‘TRAI’ का ये ऐप

अनचाहे कॉल, एसएमएस से बचने के लिए भारत की टेलीकॉम नियामक ट्राई ने अपना एंड्राइड ऐप लॉन्च किया है.

ट्राई को उम्मीद है कि इस ऐप की मदद से लोगों को अनचाहे एसएमएस से बचने में मदद मिलेगी.

अनचाहे कॉल, एसएमएस के खिलाफ अपनी लड़ाई को ट्राई अब ऐप के जरिए लड़ना चाहता है. ट्राई के मौजूदा कानूनों के बावजूद अनचाहे एसएमएस को बंद नहीं किया जा सका है.

स्पैम के खिलाफ ट्राई ने तरह-तरह की कोशिश की है. लेकिन वो सफल नहीं रहा है. ट्राई के वेबसाइट पर जाकर शिकायत करना हमेशा संभव नहीं होता है. कई बार शिकायत करने वालों को ये भी बोल दिया जाता है कि मैसेज में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं था.

अगर आप अनचाहे एसएमएस से परेशान हैं तो अपनी शिकायत ट्राई के पास जरूर दर्ज कीजिए क्योंकि कई बार लोग ऐसा नहीं करते हैं. इससे ट्राई को अनचाहे एसएमएस भेजने वालों के बारे में हमेशा पूरी जानकारी नहीं होती है.

और भी हैं विकल्प

आपकी शिकायत सिर्फ इसी ऐप के जरिए हो ये जरूरी नहीं है. इसके अलावा भी आपके पास विकल्प है.

इंडिया अगेंस्ट स्पैम

ये ऐप पहले से ही काम कर रहा है.

ये आपके इनबॉक्स से स्पैम एसएमएस चुनने में मदद करता है. ऐसा होने के कारण, जो भी ये ऐप इस्तेमाल करता है उसके लिए उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने में आसानी होती है.

इस ऐप के जरिए किसी भी कॉल ये मैसेज को आप स्पैम के रूप में चुन सकते हैं. एक बार आपने किसी नंबर को स्पैम के रूप में चुन लिया उसके बाद उस नंबर से आपको दुबारा कॉल या मैसेज नहीं मिलेगा.

ट्रूकॉलर

इसने भी हाल ही में अपने सर्विस में एंटी स्पैम फीचर शुरू किया है. इस ऐप में आपको कई और विकल्प दिए गए हैं. आप चुने हुए नंबर की सीरीज के सभी कॉल ब्लॉक कर सकते हैं. अगर किसी जाने-माने नंबर से हमेशा कॉल आती है तो 'डू नॉट आन्सर' के फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं.

करीब दस करोड़ ट्रूकॉलर इस्तेमाल करने वालों के लिए स्पैम कॉलर की लिस्ट में रोज नए नंबर भी जोड़े जाते हैं.

बढ़िया एंटी स्पैम वाले ऐप में आपको शब्दों के हिसाब से भी मैसेज को ब्लॉक करने का फीचर होता है. ऐसा करने से अनजाने नंबर से आने वाले मैसेज से भी बचा जा सकता है.

शिकायत करने के पहले आपको 'नेशनल डू नॉट कॉल' में अपने नंबर को रजिस्टर कराना पड़ेगा.

अगर आप सभी मैसेज से दूर रहना चाहते हैं तो उसी अनुसार अपनी पसंद रजिस्टर कर दीजिए. कोई भी शिकायत होने पर 1909 पर कॉल करके भी अपनी शिकायत दर्ज की जा सकती है.

भारतीय क्रिकेट टीम के त्रिदेव करेंगे कोच की खोज

भारतीय क्रिकेट टीम के कोच पद के लिए BCCI को मिली 57 आवेदन में से सिर्फ 21 को ही योग्‍य माना गया है. टीम इंडिया के लिए बेस्‍ट कोच चुनने के लिए बीसीसीआई ने तीन महान क्रिकेटर्स- सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्‍मण की एक सलाह समिति बनाई है, जो संजय जगदाले के साथ मिलकर कोच का चुनाव करेगी.

संजय जगदाले के साथ मिलकर कमेटी सभी एप्लिकेशंस की जांच करेगी, इंटरव्‍यू लेगी और उम्‍मीदवारों से प्रेजेंटेंशन के आधार पर उनका आंकलन करेगी. सारी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कमेटी BCCI सचिव के जरिए अध्‍यक्ष अनुराग ठाकुर से कोच के नाम की सिफारिश करेगी. कमेटी 22 जून तक अपनी रिपोर्ट बीसीसीआई सेक्रट्री को सौंप देगी.

समिति की सहायता पूर्व सचिव और राष्ट्रीय चयनकर्ता संजय जगदाले करेंगे जो इसके समन्वयक होंगे और 22 जून को सचिव अजय शिर्के के जरिये बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को इसकी रिपोर्ट सौंपेंगे. बीसीसीआई ने एक मीडिया विज्ञप्ति जारी कर कहा कि सचिन तेंदुलकर इस समय इंग्लैंड में छुट्टियां मनाने गये हुए हैं तो वह वीडिया कांफ्रेंस के जरिये उपलब्ध होंगे.

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