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अभिनेता सुरेंद्र पाल को उनके ड्रायवर ने लगाया चूना

‘‘स्टार प्लस’’ पर प्रसारित हो रहे सीरियल ‘‘सिया के राम’’ में लंकेश रावण के पिता का किरदार निभा रहे अभिनेता सुरेंद्र पाल को लोग पिछले 27 वर्षों से ‘‘महाभारत’’ के द्रोणाचार्य के रूप में पहचानते आए हैं. बौलीवुड व टीवी इंडस्ट्री में सुरेंद्र पाल की गिनती ऐसे कलाकारों में होती है, जो कि कभी विवादों में नहीं रहते और हर कलाकार व तकनीशियन की मदद के लिए तैयार रहते हैं. मगर उनके अपने ड्रायवर मोहन कुमार साव ने ही उन्हे तीस हजार रूपए का चूना लगा दिया.

सूत्रों के अनुसार सुरेंद्र पाल के सेंट्रल बैंक के डेबिट व क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर एटीएम से दस दस हजार कर तीन बार यानी कि कुल तीस हजार रूपए निकाले गए. जब यह घटना तीन बार घट गयी, तो सुरेंद्र पाल ने इसकी शिकायत 20 अगस्त को पुलिस व सायबर सेल से की. वर्सोवा पुलिस स्टेशन, मुंबई के पीएसआई अतुल सनप ने जांच पड़ताल शुरू की और इस चोरी के लिए सुरेंद्र पाल के 28 वर्षीय ड्रायवर मोहन कुमार साव को गिरफ्तार कर उसके पास से तीस हजार रूपए भी बरामद कर लिए.

मोहन कुमार साव पिछले साढ़े तीन वर्षों से सुरेंद्र पाल के साथ काम कर रहा था. मोहन कुमार साव ने पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि जब सुरेंद्र पाल खरीददारी किया करते थे, तो कई बार वह उनके साथ होता था. खरीददारी के बाद डेबिट कार्ड से भुगतान करते समय जब सुरेंद्र पाल अपने कार्ड का पिन नंबर मिलाते थे, तो वह पीछे खड़े रहकर वह नंबर देखता रहता था और उसे यह पिन नंबर याद हो गया था. एक दिन जब सुरेंद्र पाल गाड़ी में अपना सारा सामान उसके भरोसे छोड़कर हेल्थ क्लब चले गए, तो उसने सामान की तलाशी कर डेबिट कार्ड लेकर एटीएम से तीन बार पैसे निकाले. चौथी बार उसने कोशिश की, तो पता चला कि कार्ड ब्लाक हो गया. क्योंकि एक ही दिन एक ही एटीएम से इस कार्ड पर सिर्फ तीन बार ही रकम निकाली जा सकती थी. उसके बाद उसने वह डेबिट कार्ड यथास्थान रख दिया.

मगर मोहन कुमार यह भूल गया था कि एटीएम में लगे कैमरे में उसका चेहरा कैद हो चुका है, जिसकी मदद से पुलिस ने उसे पकड़ा. पुलिस ने मोहन कुमार को दफा 419, 420, 66(क) और 66(ड) के तहत गिरफ्तार किया. जब पुलिस ने मोहन कुमार को मेट्रोपोलीटीन मजिस्ट्रेट की अदालत में 23 अगस्त को पेश किया, तो जज ने उसे चार दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.

सोनम का गुस्सा..किससे और क्यों?

19 फरवरी को प्रदर्शित फिल्म ‘‘नीरजा’’ में बेहतरीन परफार्मेंस देने के बावजूद सोनम कपूर के पास एक भी फिल्म नहीं है. यह एक दुखद बात ही है कि एक सफल चर्चित फिल्म ‘नीरजा’ में अभिनय करने के बावजूद सोनम कपूर को किसी फिल्मकार ने अपनी फिल्म का आफर नहीं दिया. आखिरकार सोनम कपूर की बहन रिया कपूर ने फिल्म ‘‘वीरे दी वेडिंग’’ बनाने की घोषणा की, जिसमें सोनम कपूर के साथ करीना कपूर व स्वरा भास्कर भी हैं. अब यदि यह बात छपने लगे कि करीना कपूर ने ‘वीरे दी वेडिंग’ छोड़ दी है, तो सोनम को गुस्सा आना स्वाभाविक है.

इस फिल्म पर सवालिया निशान खड़े होने से सोनम के करियर पर भी असर पड़ना स्वाभाविक है. ऐसे में सोनम का सामने आकर सफाई देना जरुरी बनता है. यही वजह है कि इस तरह की खबरों के छपने के बाद सोनम कपूर ने मुंबई में ‘आई एम सी महिला विभाग’ के एक कार्यक्रम में पितृसत्तात्मक समाज पर हमला बोलते हुए कहा कि, ‘‘जो भी खबरें छप रही हैं. वह गलत है. करीना कपूर ने फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ नहीं छोड़ी है. वह मां बनने के बाद अप्रैल 2017 में हमारी फिल्म की शूटिंग करेंगी.’’

पर सोनम कपूर ने मीडिया को कोसने से पहले यह नहीं सोचा कि करीना कपूर ने मीडिया से जो कुछ कहा, उसी वजह से मीडिया में यह चर्चा शुरू हुई. इसी समारोह में सोनम कपूर ने आगे कहा-‘‘हमारा पितृसत्तात्मक समाज है. हम अभिनेत्रियां, स्पोर्टस वूमन ही नहीं मीडिया में काम करने वाली औरतों को भी अजीब तरह की रूकावटों का सामना करना पड़ता है. लोग हमारा आकलन हम किस तरह से दिखाई देते हैं और हम गर्भवती हैं या नहीं, के आधार पर करते हैं. हमें मुद्दों के आधार पर आंका जाता है. हमें सक्षम या सशक्त औरत के रूप में नहीं देखा जाता. यह माना जाता है कि औरतें बहुत से काम नही कर सकती. यह अन्याय है. पर मैं आशावादी इंसान हूं. मुझे लगता है कि चीजे बेहतर हो जाएंगी. देखिए, अभी ओलंपिक में पी वी सिंधू ने जो कमाल किया है, उसे पूरी दुनिया नमन कर रही है. हम महिलाओं की मदद करते हैं, तो हमारा समाज बेहतर हो सकता है.’’

एक गैर फिल्मी मंच से अपनी फिल्म ‘‘वीरे दी वेडिंग’’ को लेकर सोनम ने जो कुछ कहा, यदि उसे सच माना जाए, तो यह तय है कि यदि इस फिल्म में करीना कपूर बनी रहती हैं, तो यह फिल्म अप्रैल 2017 के पहले शुरू नहीं होगी. तो दूसरी तरफ बौलीवुड से जुड़े तमाम लोग रिया कपूर व सोनम कपूर के बयान से सहमत नजर नही आ रहे हैं.

दिलीप ट्रॉफी: बल्लेबाजों पर भारी पड़ी गुलाबी गेंद

दिलीप ट्रॉफी की हिस्ट्री में पहली बार खेले जा रहे डे-नाइट मैच के पहले दिन बॉलर्स का बोलबाला रहा. इंडिया रेड और इंडिया ग्रीन के बीच हो रहे मैच के पहले दिन कुल 17 विकेट गिरे. ऐसा लगा जैसे बैट्समैन पिंक बॉल का सामना करने में कम्फर्ट महसूस नहीं कर रहे थे.

इंडिया रेड की टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाई और 161 रन पर ढेर हो गई. जवाब में इंडिया ग्रीन की पारी भी लड़खड़ा गई. खेल खत्म होने तक 116 रन जोड़ने में उसने सात विकेट गंवा दिए.

फ्लड लाइट ने कराई किरकिरी

पहली बार पिंक बॉल से चैलेंजर्स ट्रॉफी फॉर्मेट में खेली जा रही दिलीप ट्रॉफी में तीन टीमें हिस्सा ले रही हैं. इससे पहले देश के पांचों जोनों की टीमें हिस्सा लेती रही हैं. यह पहला मौका है जब यह टूर्नामेंट फ्लड लाइट्स के बीच खेला जा रहा है.

मैच के ऑर्गनाइजर्स को उस बड़ी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा जब मैच के दौरान दो बार फ्लड लाइट बंद हो गई. मैच शुरू होने से पहले ही फ्लड लाइट ने धोखा दे दिया, जिसकी वजह से मैच करीब 17 मिनट की देरी से शुरू हुआ.

डिनर ब्रेक के बाद मैच करीब सात बजे शुरू होना था लेकिन फ्लड लाइट के बल्ब ही खराब हो गए. इन्हें दोबारा ठीक किया गया. इस बारे में यूपी क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) के एक अधिकारी ने कहा "बिजली ट्रिप कर गई थी जिससे समस्या हुई और मैच में कुछ देरी हुई."

मैच के बीच में दो बार फ्लड लाइट बंद होने के कारण रात नौ बजे खत्म होने वाला मैच रात साढ़े दस बजे तक चला.

पहले दिन बॉलर्स का रहा बोलबाला

इंडिया रेड के कप्तान युवराज सिंह ने टॉस जीता और पहले बैटिंग करने का फैसला किया. मुकुंद (77 रन) के अलावा अनुरीत (32) और ईश्वर पांडे (17) बेस्ट स्कोरर रहे.

कप्तान युवराज ने निराश किया और वे 9 बॉल पर एक चौका लगाकर चार रन ही बना सके. वहीं टीम के केवल चार बैट्समैन ही डबल डिजिट तक पहुंच सके. पहले ही दिन 17 विकेट गिरे.

इंडिया ग्रीन के लिए सौरभ तिवारी 27 और अशोक डिंडा 8 रन बनाकर क्रीज पर हैं. पहले दिन इंडिया ग्रीन के लिए संदीप शर्मा ने 4, प्रज्ञान ओझा ने 3 और अंकित राजपूत ने 2 विकेट लिए.

वहीं इंडिया रेड के लिए नत्थू सिंह, कुलदीप यादव ने 3-3 विकेट झटके.

कब हुआ था पिंक बॉल से पहला मैच

इंटरनेशनल क्रिकेट में पहला डे-नाइट टेस्ट मैच 27 नवंबर 2015 से ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड ओवल मैदान पर खेला गया था. यह मैच ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड के बीच हुआ था. इसमें ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को तीन विकेट से हराया था.

भारत में कब हुआ पहली बार इस्तेमाल

इस साल जून में सुपर लीग के फाइनल के दौरान ईडन गार्डन मैदान भारत में पहली बार पिंक बॉल से कोई टेस्ट मैच खेला गया. इस मैच में मोहन बागान और भवानीपुर क्लब के बीच मुकाबला हुआ था.

इस साल भारत भी खेलेगा पिंक बॉल से पहला डे-नाइट टेस्ट

क्रिकेट मैचों के दौरान स्टेडियम में लगातार कम हो रही दर्शक संख्या को देखते हुए बीसीसीआई ने अब टेस्ट मैच को भी डे-नाइट कराने का फैसला किया है. इस साल अप्रैल में मुंबई में हुई बीसीसीआई की बैठक में इस बारे में फैसला लिया गया था.

टीम इंडिया इस साल अक्टूबर में न्यूजीलैंड टीम के इंडिया दौड़े के वक्त एक डे-नाइट टेस्ट मैच खेलेगी. इंडिया-न्यूजीलैंड के बीच होने वाले इसी टेस्ट मैच की रिहर्सल दिलीप ट्रॉफी के दौरान की जा रही है. रिहर्सल करने का मकसद आर्टिफिशल लाइट्स में पिंक बॉल के बिहैवियर को चेक करना है.

अब वेंडिंग मशीन से मिलेंगी दवायें

आम आदमी मोहल्‍ला क्लिनिक पर अब मेडिसिन ऑटोमेटेड वेंडिंग मशीन (एमवीएम) से दवाएं मिलेंगी. राजेंद्रनगर स्थित मोहल्‍ला क्लिनिक देश की पहली एमवीएम का उद्घाटन किया गया. इस मशीन से 50 तरह की प्रेसक्‍्राइब्‍ड दवाएं प्राप्‍त की जा सकेंगी, टेबलेट से लेकर बोतल तक शामिल हैं. इसे डवलेप करने वाली संस्‍था का दावा है कि देश में यह इस तरह की पहली मशीन है.

9 और मोहल्‍ला क्लिनिक पर लगेंगी मशीनें

मशीन का उद्घाटन यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसऐड) इंडिया मिशन डायरेक्‍टर एम्‍बेसेडर जोनाथन एडल्‍टन और एएएमसी की प्रोजेक्‍ट डायरेक्‍टर डॉ. नूतन मुंदेजा ने किया. इस मौके पर वाधवानी इनीसिएटीव फॉर सस्‍टेनेबल हेल्‍थकेयर(विश) के फाउंडर सुनील वाधवानी भी मौजूद रहे. यूएसऐड और विश ने ही स्‍केल प्रोजेक्‍ट के तहत इस वेंडिंग मशीन को भेंट किया है. इस तरह की वेंडिंग मशीन 9 और आम आदमी मोहल्‍ला क्लिनिक पर लगाई जाएंगी. बता दें कि एएएमसी दिल्‍ली सरकार की पहल पर शुरू किए गए हैं जिनकी संख्‍या इस समय 100 हो गई है.

सेंसर टेक्‍नोलॉजी पर काम करेगी मशीन

एमवीएम को विश संस्‍था और टेली चिकित्‍सा ने मिलकर डेवलप किया है. यह दवाओं को डिस्‍पेंस करने में सेंसर तकनीक पर काम करेगी. जो कि डॉक्‍टर द्वारा प्रेसक्रिप्‍शन पर आधारित होगी. इस मौके पर डॉ. नूतन ने कहा कि इस तरह की मशीन की शुरूआत से यह समझा जा सकता है कि अब कितनी आसानी से और माडर्न तकनीक से दवाओं को प्राप्‍त किया जा सकेगा. यूएसऐड जोनाथन एडेल्‍टन ने कहा कि  संस्‍‍था कई सालों से भारत सरकार के साथ काम करके मेडिकल सेवाओं को आसान करने में लगा हुआ है. विश के फाउंडर सुनील वाधवानी ने कहा कि इस मशीन से कई बातें आसान हो जाएंगी मसलन एएएमसी में फुल टाईम फार्मासिस्‍ट की भी जरूरत नहीं होगी.

भारत को पछाड़ पाक बना नम्बर 1

पाकिस्तान पहली बार टेस्ट रैकिंग में नंबर एक पर पहुंचा है. इससे पहले उसकी सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग नंबर दो की थी जो उसने हाल के दिनों के अलावा नवंबर 2015 में यूएई में इंग्लैंड पर 2-0 से जीत के बाद हासिल की थी. वैसे पाकिस्तान को शीर्ष पर बने रहने के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा. वैसे भी इस साल नंबर वन की रैंकिंग इधर से उधर होती रही है.

पाकिस्तान टेस्ट रैंकिंग में टॉप पोजिशन हासिल कर दुनिया की बेस्ट टेस्ट क्रिकेट टीम बन गई है. साल 2014 से टीम के कुछ बेहतरीन प्रदर्शन के चलते पाकिस्तान को यह मुकाम हासिल हो सका है. पाक ने छह सीरीज खेलीं, जिसमें से उसने 4 सीरीज अपने नाम कीं. पिछले 17 टेस्ट मैचों में से महज 4 में हार कर उसने 10 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि तीन मैच ड्रॉ कराने में सफल रहा.

पाकिस्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला 2-2 से बराबर की थी. उसे श्रीलंका की ऑस्ट्रेलिया पर जीत से फायदा मिला और वह 111 अंक लेकर दूसरे स्थान पर पहुंच गया. भारत ने वेस्ट इंडीज को सेंट लूसिया टेस्ट मैच में हराया और वह नंबर एक पर पहुंच गया. चौथे टेस्ट मैच से पूर्व भारत के 112 अंक थे, लेकिन यह मैच ड्रॉ होने से उसके 110 अंक रह गए और वह दूसरे स्थान पर खिसक गया.

कौन से थे ये 10 बेहतरीन मैच जिसने पाक को अव्वल बनाया

विपक्षी टीम: ऑस्ट्रेलिया

जुल्फिकार बाबर का कमाल

साल 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए इस मैच में यूं तो यूनुस खान ही छाए रहे जिन्होंने दोनों ही पारियों में शतक ठोंका. हालांकि ऑस्ट्रेलिया की तरफ से डेविड वॉर्नर ने भी बेहतरीन जवाब देते हुए अपना शतक पूरा किया, लेकिन जुल्फिकार बाबर के बेहतरीन प्रदर्शन ने इस पूरे मैच का रुख ही पलट कर रख दिया.

जुल्फिकार ने दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के पांच विकेट चटका दिए और पाकिस्तान यह मैच 221 रन के बड़े अंतर से जीत गया.

विपक्षी टीम: ऑस्ट्रेलिया

मिस्बाह का शानदार प्रदर्शन

साल 2014 में ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान का प्रदर्शन वाकई काबिले तारीफ था. सीरीज के दूसरे मैच में भी यूं तो वही चेहरे खास रहे जिन्होंने पहले मैच में अपनी धाक जमाई थी, फिर चाहे वह जुल्फिकार बाबर हों जिन्होंने इस मैच में भी पांच विकेट चटकाए, या फिर युनुस खान जिन्होंने एक बार फिर शतक ठोंक दिया.

लेकिन यह मैच मिस्बाह के शानदार प्रदर्शन के लिए याद किया जाएगा, जिन्होंने 56 गेंदों पर शतक ठोंक कर विवियन रिचर्ड्स के रेकॉर्ड की बराबरी कर ली. मिस्बाह ने दूसरी पारी में भी शतक (नाबाद 101 रन) जमाया. पाकिस्तान यह मैच 356 रन से जीता.

विपक्षी टीम: न्यूजीलैण्ड

अहमद शहजाद का धांसू शतक

ऑस्ट्रेलिया को धराशायी करने के बाद अब अगला नंबर न्यूजीलैण्ड का था. तीन मैचों की सीरीज के पहले मैच में अहमद शहजाद के शानदार 176 रन की बदौलत पाकिस्तान ने न्यूजीलैण्ड को 248 रनो के अंतर से मात दे दी.

हालांकि इसमें राहत अली की भी बड़ी भूमिका रही, जिन्होंने कुल छह विकेट चटकाए.

विपक्षी टीम: बांग्लादेश

अजहर अली का दोहरा शतक

ढाका में खेले गए इस मैच में अजहर अली ने 428 गेंदों पर 20 चौकों और दो छक्कों की मदद से शानदार 226 रन बनाए थे. दो मैचों की सीरीज के इस दूसरे मैच में पाकिस्तान ने 328 रनों के विशाल अंतर से जीत दर्ज की थी.

विपक्षी टीम: श्रीलंका

यासिर शाह का कमाल

पिछले दस सालों के भीतर पाकिस्तान की श्रीलंका में यह पहली टेस्ट जीत थी. सरफराज अहमद के 96 और असद शफीक के शतक की बदौलत टीम ने 117 रनों की लीड ले रखी थी.

हालांकि यह कोई बहुत बड़ा अंतर नहीं है, लेकिन पाकिस्तान के लेग स्पिनर यासिर शाह की फिरकी में श्रीलंकाई बैट्समैन फंसते चले गए और इस अंतर को पाट नहीं सके. शाह ने इस मैच में कुल 76 रन देकर 7 विकेट चटकाए थे.

विपक्षी टीम: श्रीलंका

युनुस खान एक बार उभरे

पाकिस्तान के टेस्ट क्रिकेट इतिहास में घरेलू मैदान से बाहर यह शायद सबसे बड़ा चेज था, जो कि युनुस खान के शानदार 173 रनों की बदौलत मुमकिन हो सका. युनुस ने 18 बाउंड्री की बदौलत 271 गेंदों पर यह स्कोर बनाया था.

पाकिस्तान ने न सिर्फ इस मैच में जीत दर्ज की, बल्कि सीरीज में 2-1 से अपने नाम कर ली.

विपक्षी टीम: इंग्लैण्ड

मिस्बाह का उम्दा परफॉर्मेंस

मिस्बाह उल हक की बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत पाकिस्तान ने इंग्लैण्ड के खिलाफ 491 रनों का पहाड़ सा स्कोर खड़ा कर दिया, जिसके जवाब में पांचवें दिन तक इंग्लैण्ड 178 रनों के अंतर से पीछे रह गया.

मिस्बाह ने पहली इनिंग्स में 102 जबकि दूसरी में 87 रनों की उम्दा पारी खेली.

विपक्षी टीम: इंग्लैण्ड

हफीज का बेहतरीन 151

पाकिस्तान के शारजाह में खेले गए दो मैचों की सीरीज के दूसरे मैच में हफीज ने शानदार 151 रनों की पारी खेली थी. इस मैच को जीतने के साथ ही पाकिस्तान ने यह सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली थी.

विपक्षी टीम: इंग्लैण्ड

लॉर्ड्स में यासिर का कमाल

एक बार फिर यासिर शाह ने पाकिस्तान को जीत का गौरव दिलाया. एशिया के बाहर खेले गए मैचों में यह उनका पहला निर्णायक प्रदर्शन था, जिसमें उन्होंने 10 विकेट चटकाए.

लगभग हाथ से निकल चुके इस मैच में पाकिस्तान की इस जीत ने क्रिकेट प्रेमियों को वाकई चौंका दिया था.

विपक्षी टीम: इंग्लैण्ड

युनुस के शानदार 218 रन

टेस्ट मैचों में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे युनुस खान पर ऐसा लगता था कि उम्र का कोई असर ही नहीं है. उन्होंने एक बार फिर बेहतरीन बैटिंग का मुजायरा करते हुए पाकिस्तान की डूबती नैया को पार लगा दिया.

31 चौकों और 4 छक्कों की मदद से उन्होंने 308 गेंदों पर अपना छठा दोहरा शतक पूरा किया. युनुस ने 218 रन बनाए थे. हालांकि यह मैच ड्रॉ रहा, लेकिन इससे पाकिस्तान की हार का खतरा टल गया.

अखिलेश यादव का भाजपा पर पलटवार

भाजपा सहित दूसरे दल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अधूरा मुख्यमंत्री कहते आरोप लगाते थे कि प्रदेश में पांच और साढे पांच मुख्यमंत्री काम करते है. भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तक इस तरह के बयान मंच से दे चुके है. अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर पलटवार करते कहा है कि भाजपा में हिम्मत है तो वह अपने एक मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी का नाम घोषित कर चुनाव मैदान में उतरे. अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा बाते बनाने में माहिर है यह लोग धर्म के नाम पर सबको लड़ाने का काम करते हैं. भाजपा विकास के नाम पर चुनाव नहीं लड़ना चाहती.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के लोग कहते थे कि उत्तर प्रदेश में पांच और साढे पांच मुख्यमंत्री काम करते हैं. मेरा जबाव है कि वह चुनाव में अपने एक मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा कर मुकाबला करे. उनको सच्चाई पता चल जायेगी. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा आरोप लगाती थी कि मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश की स्टेयरिग मेरे हाथ में नहीं है. सोचों की जब मैं अनुभवी नहीं था तब प्रदेश का इतना विकास कर दिया. अब तो मुझे प्रदेश सरकार चलाने का अनुभव हो गया है. अब मैं कितना अच्छा काम कर सकता हूं.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा मेरी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है. चुनाव में जो वादा किया वो पूरा किया. भाजपा बताये कि उसने लोकसभा चुनाव में जो वादे किये उसमें से कितने पूरे किये. भाजपा विकास की बात करती है और काम लड़ाने का करती है. प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी सरकार के कामकाज पर चुनाव लड़ना चाहते है. वह चाहते है कि लोग उनके कामकाज को समझे और उस पर वोट दे.

अखिलेश यादव ने भाजपा की कमजोर नस पर दबाव बढ़ा दिया है. भाजपा उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में अपने मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी की घोषणा से बचना चाहती है. भाजपा में मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी के नाम को लेकर गुटबाजी चल रही है. कई नेता अपने अपने नाम को आगे लाना चाहते हैं. ऐसे में भाजपा इस विवाद को चुनावों तक टालना चाहती है. केन्द्र से लेकर प्रदेश स्तर तक भाजपा के कई नेताओं के नाम चलते हैं, बंद होते रहे हैं. अब अखिलेश यादव भाजपा की कमजोर नस को दबाना चाहते हैं. जिससे भाजपा में फैली गुटबाजी सामने आ सके.

भाजपा कई प्रदेशों में अपने मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी की घोषणा कर चुकी है. उसमें बहुत सारे परिणाम उसके हक में नहीं रहे हैं. ऐसे में उत्तर प्रदेश में वह अपनी रणनीति साफ नहीं कर पा रही कि वह मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी का नाम घोषित करे या नहीं. अखिलेश भाजपा की इस उहापोह का लाभ लेना चाहते हैं. अब देखना है कि भाजपा इसका जवाब कैसे और कब देती है?  

करीना कपूर नहीं करेंगी ‘वीरे दी वेडिंग’

आखिरकार ‘सरिता’ की ही खबर सच साबित होने वाली है. 4 जुलाई को ‘‘सरिता’’ ने इसी जगह ‘‘करीना कपूर और ऐश्वर्या रायः एक ही पथ के राही’’ शीर्षक के तहत अपने पाठकों को बताया था कि करीना कपूर का करियर किस तरह ऐश्वर्या राय के ही पद चिन्हों पर चल रहा है. हमने इस लेख में यह भी लिखा था कि करीना कपूर और फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ की निर्माता रिया कपूर के आश्वस्त करने के बावजूद फिल्म ‘‘वीरे दी वेडिंग’’ में करीना कपूर के अभिनय करने की कोई संभावनाएं नहीं हैं. और लगभग दो माह पहले लिखी गयी हमारी बात सच साबित हो रही है. अब यह  लगभग साफ हो चुका है कि फिल्म ‘‘वीरे दी वेडिंग’’ से करीना कपूर बाहर हो चुकी हैं. मगर बौलीवुड के सूत्रों के अनुसार कुछ निजी मजबूरियों के चलते रिया कपूर इसे स्वीकार नहीं कर रही हैं.

वास्तव में दिसंबर माह में करीना कपूर मां बनने वाली हैं. इसी के चलते अब उनका शरीर इस बात को खुलेआम बताने लगा है. इसे अब किसी तरह से भी छिपाना संभव नहीं है, और कैमरे की आंख तो आम इंसानों की आंख से कई गुना ज्यादा तेज होती है. इसी के चलते करीना कपूर के अति नजदीकी सूत्र दावा कर रहे हैं कि करीना कपूर ने स्वयं फिल्म ‘‘वीरे दी वेडिंग’’ की निर्माता से कह दिया है कि वह उनकी फिल्म नहीं कर पाएंगी. और वह अपनी फिल्म के लिए उनकी जगह दूसरी अभिनेत्री की तलाश कर लें. वैसे करीना कपूर ने यह भी साफ कर दिया है कि वह रोहित शेट्टी की फिल्म ‘‘गोलमाल 4’’ में स्पेशल गाना नहीं कर रही हैं, जैसा कि रोहित शेट्टी की तरफ से दावा किया जा रहा है.

यूं तो करीना कपूर भी अभी खुलकर कुछ नहीं कह रही हैं. लेकिन हाल ही में एक इंवेंट के दौरान करीना कपूर ने जो कुछ कहा, उसके मायने तो यही निकलते हैं. वास्तव में दो दिन पहले एक इंवेंट में जब पत्रकारों ने करीना कपूर से फिल्म ‘‘वीरे दी वेडिंग’’ को लेकर सवाल किया, तो करीना कपूर ने कहा- ‘‘फिल्म को लेकर अभी हम लोग काम कर रहे हैं. मैं तब काम करना शुरू करुंगी, जब मैं खुद को बेहतर महसूस करुंगी. वैसे मैं एक काम काजी औरत की तरह काम करती रहूंगी. मैं चाहे जो काम करुं, मगर मैं कुछ भी छिपाने का प्रयास नहीं करुंगी. क्योंकि मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है. मैं जिस तरह दिखाई दे रही हूं, उसी रूप में फिल्मकार मुझे अपनी फिल्म में दिखाना चाहें, तो ठीक है.’’

करीना कपूर के नजदीकी सूत्रों का दावा है कि अभी भी करीना कपूर सुबह थकान महसूस करती हैं. कुछ दिनों बाद उनके लिए बिस्तर से उठना भी समस्या होगी. इसके अलावा करीना को लगता है कि जब फिल्म की शूटिंग शुरू होगी, तब शायद वह खुद को पूरी तरह से स्वस्थ महसूस न कर सकें. इसी के चलते करीना कपूर ने रिया कपूर से बात करके बता दिया है कि वह ‘वीरे दी वेडिंग’ नहीं कर पाएंगी. करीना कपूर अपनी तरफ से फिल्म की निर्माता को अंधेरे में नहीं रखना चाहतीं. 

जी हां! जून माह के अंतिम दिनों में जब करीना कपूर के गर्भवती होने की खबर उजागर हुई थी, तब फिल्म ‘‘वीरे दी वेडिंग’’ की निर्माता रिया कपूर ने दावा किया था कि उनकी फिल्म ‘‘वीरे दी वेडिंग’’ की शूटिंग अगस्त माह के प्रथम सप्ताह से शुरू होगी और अगस्त माह में करीना कपूर की शूटिंग पूरी हो जाएगी. जी हां! ‘‘वीरे दी वेडिंग’’ की शूटिंग अगस्त माह में बैंकाक में होनी थी. लेकिन अगस्त माह खत्म होने जा रहा है और इस फिल्म की शूटिंग के शुरू होने की कोई संभावनाएं नजर नहीं आ रही है. रिया के अति नजदीकी सूत्रों की माने तो अभी तक इस फिल्म की पटकथा का ही काम पूरा नहीं हुआ और इस फिल्म की शूटिंग अक्टूबर माह से पहले शुरू होने की संभावनाएं नहीं है. ऐसे हालात में सभी अंदाजा लगा सकते हैं कि करीना कपूर अक्टूबर माह में कैसे शूटिंग करेंगी. शायद इसी के चलते करीना कपूर ने स्वयं खुद को इस फिल्म से अलग करने का फैसला लिया है.

मगर रिया कपूर कहती हैं-‘‘जो भी चर्चाएं हो रही हैं, वह गलत है. करीना कपूर हमारी फिल्म ‘वीरे दी वेडिंग’ का हिस्सा हैं. हम करीना कपूर के साथ अक्टूबर माह में कुछ दिन शूटिंग करेंगे. बाकी शूटिंग हम 2017 में करेंगे.’’

चलिए, न घोड़ा दूर न मैदान..बहुत जल्द सच सामने आ ही जाएगा..

तिरंगे पर भारी लघु शंका

भारतीय जनता पार्टी की तिरंगा यात्रा देश भर मे अपने देश प्रेम की वजह से कम बल्कि तिरंगे के अपमान के चलते ज्यादा चर्चाओं में बनी हुई है. एक मंत्री ने मोटर साइकल पर बिना हेलमेट पहने तिरंगा यात्रा मे शिरकत की, इस पर बवाल अभी थमा नहीं था कि मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले की बिजावर तहसील मे तिरंगा यात्रा के दौरान एक भाजपा नेता पवन जैन का देश प्रेम पेट के दबाव के आगे छू हो गया और वे तिरंगा हाथ मे पकड़े ही सड़क किनारे पेट हल्का करने खड़े हो गये.

इन नेता जी को राजनीति का अभी इतना तजुर्बा नहीं है कि इसमे खतरा विरोधियों से कम अपने वालों से ही ज्यादा रहता है. इनके साथियों ने यह प्राकृतिक क्रिया न केवल केमरे मे कैद की बल्कि उसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया. अब कांग्रेसी हल्ला मचा रहे हैं कि हाथ मे तिरंगा लेकर सरेआम पेशाब करने वाले इस नेता के खिलाफ कार्रवाई की जाये.

मामला दिलचस्प होने के साथ साथ गम्भीर भी है, जिसे लेकर अब ये नेता जी दिक्कत मे पड़ गये हैं कि क्या करें. बेहतर होता अगर भाजपा इस यात्रा की योजना बनाते वक्त अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग देती कि वे कम खाकर और कम पीकर इसमे शामिल हों और इस पर भी बर्दाश्त न हो तो हाजत पर जाने के पहले झंडा किसी साथी को पकड़ा जायें.

उर्जित पटेल के लिए ये हैं 5 सबसे बड़ी चुनौतियां

पिछले हफ्ते रिजर्व बैंक के नए गवर्नर के पद पर उर्जित पटेल की नियुक्ति की घोषणा के बाद पिछले 3 महीने से चल रही अटकलों पर विराम लग गया. लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से ग्रेजुएट और येल यूनिवर्सिटी से पीएचडी उर्जित पिछले साढ़े तीन साल से वो आरबीआई के डिप्टी गर्वनर की जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. राजन के कार्यकाल में जिन प्रमुख बदलावों की शुरुआत हुई उसमें उर्जित की भूमिका सबसे महत्‍वपूर्ण थी. उर्जित उस समिति के अध्यक्ष रहे हैं, जिसने थोक मूल्यों की जगह खुदरा मूल्यों को महंगाई का नया मानक बनाए जाने सहित कई अहम बदलाव किए. अब तक पर्दे के पीछे रहे पटेल के सामने सरकार को साथ लेकर भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था को दिशा देने की जिम्‍मेदारी है.

ब्याज दरों को काबू में रखना

आरबीआई गवर्नर की कुर्सी संभालते ही पटेल के सामने सबसे बड़ी चुनौती ब्‍याज दरों पर नियंत्रण स्‍थापित करने की होगी. पटेल को नए तरीके खोजने पड़ेंगे जिससे कि ब्याज दरों पर काबू रखा जा सके. पटेल के लिए ये सबसे मुश्किल काम भी यही है क्योंकि ब्याज दर में कटौती और महंगाई पर काबू करने के दौरान उन्हें केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं को भी ध्यान में रखना होगा.

बैंकों का बढ़ाता एनपीए

उर्जित पटेल को राजन की विरासत में बैंकों का भारी भरकम एनपीए भी मिला है. हालांकि इस जंग का बिगुल राजन पहले ही फूंक चुके हैं. लेकिन अभी भी लंबी लड़ाई बाकी है. अपने कार्यकाल में रघुराम राजन ने बैंकिंग सिस्टम में दोबारा जान फूंकने का काम किया, अब उर्जित पटेल को भी इसे आगे ले जाना होगा. इसके अलावा बैंकों की बैलेंस शीट सुधारते हुए बैड डेब्ट को कम करने के लिए पटेल को प्‍लान तैयार करना होगा.

महंगाई पर काबू पाना

लगातार बढ़ती महंगाई के चलते आम जनता से लेकर सरकार तक आरबीआई की ओर उम्‍मीद भरी नजरों से देख रही है. उर्जित पर यह जिम्‍मेदारी इस लिए भी बड़ी है क्‍योंकि उर्जित उस समिति के अध्यक्ष रहे हैं, जिसने थोक मूल्यों की जगह खुदरा मूल्यों को महंगाई का नया मानक बनाए जाने सहित कई अहम बदलाव किए. वहीं सरकार की भी कोशिश है कि सरकार की कोशिश है कि महंगाई को जनवरी 2017 तक 5 फीसदी के दर पर लाया जाए और इसे 2% से 6% के बीच ही रखा जाए.

मौद्रिक नीति की उलझन

उर्जित के सामने चुनौती सरकार की अपेक्षाओं को साथ रखते हुए देश की अर्थव्‍यवस्‍था और मौद्रिक नीति को सही दिशा देना होगा. बतौर नए गर्वनर उर्जित पटेल को अपनी पॉलिसी मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी के फ्रेमवर्क में ही तय करना होगा. जिसमें उन्‍हें सरकार खासतौर पर वित्‍त मंत्री की उम्‍मीदों को भी पूरा करना होगा. हालांकि ऐसा करने में उन्हें दिक्कत नहीं आएगी क्योंकि वो पीएम मोदी के करीबी हैं.

सरकार के साथ तालमेल बैठाना

मौजूदा आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन भले ही कई बार सरकार की राय के विरुद्ध जाते दिखे हों, लेकिन ज्‍यादातर मामलों में उनके संबंध मधुर ही रहे. सिर्फ राजन ही नहीं उनसे पहले के गवर्नर वाईबी रेड्डी और सुब्‍बाराव ने भी सरकार से समझदारीपूर्वक संबंध बनाए रखे. मौजूदा हालातों के साथ अब इसी परंपरा को निभाने की जिम्‍मेदारी पटेल पर भी होगी.

ये ऐप हैं आपके स्मार्टफोन की बैटरी के लिए खतरनाक

आज के समय में हर हाथ में एक स्मार्टफोन जरूर मिल जाएगा. स्मार्टफोन की बैटरी का जल्दी खत्म हो जाना यूजर्स के लिए हमेशा ही बड़ी परेशानी रही है. आज हम आपको ऐसे ऐप्स के बारे में बता रहे हैं जो जाने अनजाने आप अपने स्मार्टफोन में रखते हैं और इससे आपके स्मार्टफोन को काफी नुकसान पहुंचता है. अगर आप इस सबसे बचना चाहते हैं तो अपने फोन पर नजर दौड़ाएं और अगर इनमें से कोई ऐप आपके फोन में है तो जल्द से जल्द उसे अनइंस्टॉल कर दें .

बैटरी सेवर या रैम क्लीनिंग ऐप

इस लिस्ट का सबसे पहला ऐप बैटरी सेवर या रैम क्लीनिंग ऐप है, ये वो ऐप है जो तब भी आपके फोन में चलता रहता है जब आप फोन पर कोई काम नहीं कर रहे होते हैं.

फेसबुक ऐप

एक ऐप जो तकरीबन हम सभी के फोन में होगा वो है फेसबुक का ऐप. ये सबसे ज्यादा पॉपुलर स्मार्टफोन ऐप तो है, पर साथ ही साथ ये सबसे ज्यादा बैटरी लेने वाले ऐप्स में से भी एक है.

एंटी वायरस ऐप्स

एंटी वायरस ऐप्स सुरक्षा की नजर से तो अच्छे होते हैं, कुछ एंटी वायरस ऐप्स जैसे कि बैटरी सेवर या रैम मैनेजमेंट ऐप समय-समय पर फोन में चलते रहते हैं और स्मार्टफोन को स्कैन करने के अलावा पोटेंशियल थ्रेट से भी बचाते हैं पर इनसे बैटरी भी ज्यादा खर्च होती है.

फोटो एडिटिंग ऐप

अगर आप फोटो के शौकीन हैं और हर वक्त फोटो लेते हैं उनको एडिट करते हैं और सोशल माडिया पर भी शेयर करते हैं तो इनके ऐप्स भी काफी बैटरी खर्च करने वाले होते हैं. ये भी आपके फोन की बैटरी लाइफ को कम करते हैं. कोशिश करें कि ऐसे ऐप ना रखें.

एक्स्ट्रा ब्राउजर ऐप्स

आप डिफॉल्ट ब्राउजर ऐप्स के अलावा इंस्टॉल किये गये एक्स्ट्रा ब्राउजर ऐप्स को हटा सकते हैं ये आपके फोन के लिए काफी हद तक बेहतर साबित हो सकता है.

गेमिंग ऐप्स

इन सबके अलावा गेमिंग ऐप्स जैसे कि हाल ही में खासा लोकप्रिय रहा पोकेमोन गो जैसे गेम भी काफी हद तक फोन की बैटरी लाइफ को कम करते हैं, इसलिए इन्हें अनइंस्टॉल किया जाना ही सही होता है.

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