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“मैं 41 साल की उम्र तक खेलना चाहता हूं”

पुर्तगाली सुपरस्टार क्रीस्टीयानो रोनाल्डो ने कहा कि वह 41 साल की उम्र तक फुटबॉल खेलते रहना चाहते हैं. स्पेन के क्लब रियल मेड्रिड के लिए खेलने वाले रोनाल्डो अभी 31 साल के हैं और अगले 10 साल तक मैदान में सक्रिय रहना चाहते हैं.

रोनाल्डो ने रियल के साथ 2021 तक अपना करार रिन्यू करने के बाद यह बात कही. 2021 में रोनाल्डो 36 साल के हो जाएंगे. रोनाल्डो ने क्लब के साथ नया करार करते हुए क्लब और प्रशंसकों को धन्यवाद दिया और कहा कि यह उनके जीवन का एक अहम दिन है.

रोनाल्डो ने कहा, ‘मैंने अपने करार का नवीकरण किया है, लेकिन यह अंतिम नवीकरण नहीं है. मैं 41 साल की उम्र तक खेलते रहना चाहता हूं. पांच साल काफी लंबा अरसा होता है और इस दौरान मैं अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा.’

AUSvsSA: ऑस्ट्रेलिया को मिली करारी हार

ऑस्ट्रेलियाई टीम से हार का साया उठने का नाम नहीं ले रहा है. हाल ही में दक्षिण अफ्रीका में खेली गई वनडे सीरीज में प्रोटियाज से ही 5-0 से वनडे सीरीज में हारने के बाद अब अपने ही घर में 3 टेस्ट मैचों की सीरीज के पर्थ में खेले गए पहले ही टेस्ट में उसे दक्षिण अफ्रीका के हाथों बुरी पराजय का सामना करना पड़ा.

वह प्रोटियाज से सीरीज में 0-1 से पीछे हो गई है. पूरे मैच में पहले दिन के खेल को छोड़ दें, तो ऑस्ट्रेलियाई टीम हर मामले में प्रोटियाज से पीछे ही रही. दक्षिण अफ्रीका ने उसे 177 रनों से मात दी. ऑस्ट्रेलियाई टीम 539 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 361 रन पर सिमट गई.

प्रोटियाज के लिए मैच की उपलब्धि पहला टेस्ट खेल रहे केशव महारज रहे, जिन्होंने मैच में 4 विकेट चटकाए और दूसरी पारी में 41 रनों की तेज और नाबाद पारी खेली. इस प्रकार उन्होंने ऑलराउंड प्रदर्शन से सबको प्रभावित किया. हालांकि मैन ऑफ द मैच का खिताब मैच में 7 विकेट लेने वाले कागिसो रबाडा को मिला.

दक्षिण अफ्रीका के लिए गेंदबाजी में जहां कागिसो रबाडा ने दूसरी पारी में 5 विकेट झटके, वहीं बल्लेबाजी में डीन एल्गर ने 127, तो जेपी डुमिनी ने 141 रनों की पारी खेली और टीम को बेहद मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया.

क्विंटन डिकॉक ने पहली पारी में 84, तो दूसरी में 64 रनों का योगदान दिया. ऑस्ट्रेलिया की ओर से पहली पारी में डेविड वॉर्नर ने 97 रन, तो दूसरी पारी में उस्मान ख्वाजा ने भी 97 रन बनाए, लेकिन उनकी यह कोशिश टीम को हार से नहीं बचा सकी.

वाका टेस्ट के पांचवें दिन ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 539 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए चौथे दिन के स्कोर 4 विकेट पर 169 रन से पारी को आगे बढ़ाया, लेकिन कागिसो रबाडा और फिलेंडर की तेज गेंदबाजी के आगे उसके बल्लेबाज नतमस्तक हो गए. केवल उस्मान ख्वाजा (97) और पीटर नेविल (60) ही संघर्ष का जज्बा दिखा सके.

ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए चौथे दिन शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन दोनों सलामी बल्लेबाजों के लगातार अंतराल पर पैवेलियन लौटने से टीम दबाव में आ गई. 52 रनों की साझेदारी करने के बाद डेविड वार्नर (35) रन पैवेलियन लौट गए. शॉन मार्श (15) भी इसी ओवर में इसी स्कोर पर आउट हो गए.

उस्मान ख्वाजा ने इसके बाद कप्तान स्टीवन स्मिथ (34) के साथ पारी को आगे बढ़ाया. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 92 रन जोड़े, लेकिन तभी कागिसो रबाडा ने 144 के स्कोर पर स्मिथ को विकेट के पीछे क्विंटन डी कॉक के हाथों कैच आउट करवा दिया. ऑस्ट्रेलिया इस झटके से अभी उबर भी नहीं सका था कि रबाडा ने अपने अगले ही ओवर में एडम वोग्स (1) को भी चलता कर दिया.

इससे पहले, छह विकेट पर 390 रनों से आगे खेलने उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम को डी कॉक (64) और वर्नन फिलेंडर (73) ने सधे अंदाज में पारी आगे बढ़ाई. दोनों ने सातवें विकेट के लिए 116 रनों की साझेदारी निभाई. दिन के पहले सत्र में डी कॉक के रूप में एकमात्र विकेट गिरा.

लंच तक दक्षिण अफ्रीका ने 7 विकेट खोकर 508 रन बना लिए थे. लंच के बाद दक्षिण अफ्रीकी टीम ने सिर्फ 3.1 ओवर खेले और फिलेंडर का विकेट गिरते ही 8 विकेट पर 540 के स्कोर पर अपनी दूसरी पारी घोषित कर दी.

मात्र 3 रुपए में बुक करिए रेल टिकट

त्यौहारी सीजन तो चला गया पर शादी का सीजन आने वाला है और इसमें भी रेलवे टिकट के लिए मारा-मारी होती है. रेलवे टिकट बुक कराने के लिए यात्रियों को या तो इंटरनेट का सहारा लेना पड़ता है या फिर वो काउंटर पर जाकर लाइन में लगकर टिकट पाने की कोशिश करते हैं. हालांकि भारतीय रेलवे अपनी सेवा को दिनोंदिन बेहतर करता जा रहा है. रेलवे की ऐसी ही एक सुविधा है जिसके जरिए अब आपको अपना रेलवे टिकट लेने के लिए न तो काउंटर पर जाने की जरूरत होगी और न ही इंटरनेट की. अब यह काम सिर्फ तीन रुपए में संभव है.

क्या है प्रोसेस?

सबसे पहले मोबाइल के इन बॉक्स में जाकर 139 पर BOOK <Travel Date (DDMM) > (upto 6 passengers ) (अपनी पूरी डिटेल्स के साथ) मैसेज करें.

इसके बाद आपके पास एक मैसेज आएगा जिसमें ट्रांजेक्शन आईडी, टिकट अमाउंट और सीट के बारे में जानकारी होगी. टिकट का मोबाइल पेमेंट करते समय IMPS तरीका इस्तेमाल कर सकते हैं. इसमें IRCTC यूजर आईडी ही आपका IRCTC यूजर नेम होगा. डिटेल वेरिफाइ होने के बाद आपका टिकट बुक हो जाएगा. अंत में आपके पास कन्फर्मेशन मैसेज आ जाएगा. इसके जरिए एक बार में 6 यात्रियों की टिकट बुक कराई जा सकती है.

क्या है कैंसल करने का तरीका:

139 नंबर पर CAN भेजकर टिकट कैंसल की जा सकती है. इसके साथ में PNR नंबर और IRCTC यूजर आईडी भी देना होगा. यात्रा के दौरान मोबाइल में SMS होना चाहिए. इसके प्रिंट आउट आवश्यक नहीं है. ध्यान रहे मोबाइल से टिकट बुक कराने के लिए आपके पास IRCTC अकाउंट और ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधा होनी चाहिए.

टिकट बुक करने से पहले यह चेक करना जरूरी है कि आपका बैंक IMPS (इमीडिएट पेमेंट सर्विस) सपोर्ट करता है या नहीं. अगर बैंक इसे सपोर्ट नहीं करता है तो रिक्वेस्ट भेजकर शुरू करवा लीजिए. साथ ही बैंक से मिलें MMID (मोबाइल मनी आइडिएंटीफाइर) और वन टाइम पासवर्ड यानी ओटीपी को सेव करकें रख लें. इनके जरिए ही टिकट बुक होती है.

आईटी सेक्टर में नौकरी पाना मुश्किल

आईटी सेक्टर में नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए एक बुरी खबर है. सितंबर में समाप्त तिमाही के दौरान देश की चार दिग्गज आईटी कंपनियों की हायरिंग में बीते साल के मुकाबले 43 पर्सेंट की गिरावट आई है. जुलाई-सितंबर तिमाही में इन कंपनियों ने 14,421 एंप्लॉयीज की भर्ती की. एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनियों की ग्रोथ में स्लोडाउन के चलते यह बड़ी गिरावट आई है.

कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज ने अपने एक रिसर्च नोट में कहा, 'सितंबर में तिमाही में चार टॉप आईटी कंपनियों ने 14,421 लोगों को नौकरी दी. बीते साल के मुकाबले यह 43 पर्सेंट कम है. इससे पहले इस साल की पहली छमाही में कुल 29,686 लोगों को हायर किया गया, जो बीते वर्ष के मुकाबले 24 पर्सेंट कम था.' 

हालांकि रिपोर्ट में यह कहा गया है कि हायरिंग में यह कमी आश्चर्य की बात नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, 'भारतीय आईटी कंपनियों की ओर से प्रॉडक्टिविटी में लगातार गिरावट के चलते स्लोडाउन का माहौल बना है. हायरिंग में यह कमी भी उसी का नतीजा है.'

रिपोर्ट के मुताबिक इस साल की दूसरी तिमाही के जो नतीजे आए थे, वह बीते कुछ अरसे में आईटी सेक्टर के लिए सबसे कमजोर रहे हैं. आईटी कंपनियों की परफॉर्मेंस में इस तरह की गिरावट समग्र इकॉनमी में स्लोडाउन के माहौल के चलते है.

अब बिना चश्मे के देखें 3D वीडियो

जल्द ही आप बगैर किसी विशेष आईवेयर के अपने स्मार्टफोन पर 3D विडियो देख पाएंगे. वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जिससे छोटी स्क्रीन वाली डिवाइस पर 2D और 3D फोटो और विडियो देखे जा सकते हैं. बगैर चश्मे के 3D विडियो देखने के लिए स्क्रीन के पीछे इमेज के पिक्सल और ऑप्टिक्स को स्टीरियोस्कोपिक इफेक्ट बनाने के लिए एक ही लेयर में रखा जाता है.

दृष्टिभ्रम के इस इफेक्ट को दो आधारभूत तरीकों से तैयार किया जा सकता है. इसके लिए इमेज के सामने उसके एंगल के हिसाब से अपियरेंस के लिए माइक्रो लेंसेस जिन्हें लेंटिक्युर लेंस भी कहते हैं, को एक क्रम में रखकर या माइक्रो-फिल्टर्स जिन्हें पैरालैक्स बैरियर कहते हैं, को लगाया जाता है.

इसका सबसे आसान उदाहरण हमें मूवी पोस्टर में देखने को मिलता है जो आपको ऐंगल के हिसाब से बदलते दिखाई देते हैं. इसमें दो या इससे ज्यादा इमेजेस को बंधे हुए खांचे में बने प्लास्टिक लेयर के पीछे लगाया जाता है. 2D और 3D दोनों इमेज के लिए कन्वर्टिबल स्क्रीन के मामले में इन लेयर्स को ऐक्टिव रखा जाता है ताकि यह ऑन और ऑफ हो सकें.

दक्षिण कोरिया की सोल नैशनल यूनिवर्सिटी के प्रफेसर सिन-डू-ली और उनके सहयोगियों ने एक मोनोलिथिक स्ट्रक्चर बनाया है जिसमें एक ही पैनल में ऐक्टिव पैरालैक्स बैरियर, पोलराइजिंग शीट और एक इमेज लेयर लगाया गया है. दो अलग इमेज और बैरियर पैनल की जगह उन्होंने इमेज लेयर के सीधे कॉन्टैक्ट पोलराइजिंग इंटरलेयर का इस्तेमाल किया है जबकि इसके दूसरी तरफ पैरालैक्स बैरियर की लिक्विड क्रिस्टल लेयर का इस्तेमाल किया गया है. इससे छोटे स्क्रीन पर नजदीक से देखने पर इमेज में 3D इफैक्ट दिखाई देता है.

ली ने कहा, 'हमारी तकनीक से उन कंपनियों को बहुत फायदा होगा जो मोबाइल ऐप्लिकेशन के लिए लाइट वेट 2D-3D कन्वर्टिबल स्क्रीन बनाते हैं. यह कॉन्सेप्ट LC बेस्ड डिस्प्ले के साथ-साथ OLED डिस्प्ले में भी प्रयोग किया जा सकता है.'

मैं अपनी फिल्मों से रोमांस कर रही हूं: श्रद्धा कपूर

‘आशिकी 2’ से चर्चित होने वाली अभिनेत्री श्रद्धा कपूर आज शीर्ष अभिनेत्रियों में मानी जाती हैं. वह हर फिल्म को कामयाब देखना चाहती हैं पर कई बार उनकी सोच और फिल्म का चयन गलत हो जाता है. वह हर फिल्म को चुनौती समझती हैं और उसे करने में अपनी पूरी मेहनत लगाती हैं. इन दिनों वह ‘रॉक ऑन 2’ के प्रमोशन पर हैं. बहुत ही सहज अंदाज में वह सामने आईं, आइये जाने क्या कहा श्रद्धा ने अपनी बातचीत में.

प्र. इस फिल्म के ज़रिये आप एक गायिका के रूप में उभर रही हैं, कितनी खुश हैं?

यह अचानक हुआ कि मुझे एक सिंगर की भूमिका मिली. चरित्र और स्क्रिप्ट की मांग थी कि मैं फिल्म के सारे गाने खुद गाऊं. वह मैंने गाए. इसके अलावा मेरा सपना भी था, क्योंकि मैंने पहली फिल्म रॉक ऑन अपने माता-पिता और भाई के साथ देखी थी. उस समय फ़िल्मी अंदाज़ में कहा था कि इसके सीक्वल में मैं ही काम करुंगी. पिता ने कहा था कि ठीक है अगर बनी तो तुम काम करना. वैसा ही हुआ और मैं बहुत खुश हूं.

प्र. फरहान के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?

फरहान एक अच्छे कलाकार हैं, उनके साथ काम करने का अच्छा अनुभव रहा. उनके साथ काम करते हुए बहुत सारी अभिनय की बारीकियां मैंने सीखी हैं.

प्र. इस फिल्म को करने के लिए क्या-क्या तैयारियां की हैं?

मैंने कई लाइव शो देखे. उसमें कैसे लोग गाना गाते हैं, उसे समझने की कोशिश की. मैंने ‘फरहान लाइव शो’ में फरहान की परफोर्मेंस देखी थी. स्टेज पर वे जिस तरह से परफॉर्म करते हैं वह देखने लायक था. पूरी भीड़ को वे बहुत ही आसानी से अपने साथ जोड़ लेते हैं. इसके अलावा ‘समंथा एड्वोर्ड’ जो एक वोकल कोच हैं उनके साथ ट्रेनिंग ली. बहुत सारी ब्रीदिंग एक्सरसाइज की. मेरी आवाज में थोड़ा ‘बेस’ आ गया है. इसके अलावा मैं ‘बियोंसे’ की लाइव परफोर्मेंस करते देखना चाहती हूं. मैंने उनकी जितनी भी वीडियोज देखी है, वह कमाल की है.

प्र. गाने का शौक आपको कैसे पैदा हुआ?

बचपन में मैंने अपने दादाजी पंढरीनाथ कोल्हापुरे से थोड़ी ट्रेनिग ली थी. लेकिन मुझे अधिक समय नहीं मिला, क्योंकि वे अब नहीं रहे. इसके अलावा मेरी मां बहुत अच्छा गाती है. मेरी इन्फ्लुएंस लता मंगेशकर भी है. मेरी दोनों मासी गाती हैं. इसलिए कही न कही संगीत से जुड़ाव रहा है.

प्र. अपनी अब तक की यात्रा को कैसे देखती हैं?

अब तक मैंने 7 फिल्में की हैं और ‘रॉक ऑन 2’ मेरी आठवीं फिल्म है. ’तीन पत्ती’ और ‘लव का द एंड’ अधिक नहीं चली. कई बार आप नहीं समझ सकते हैं कि फिल्म सफल होगी या नहीं. कहानी ठीक होते हुए भी फिल्म दर्शकों को प्रभावित नहीं करती. मैं फिल्म करते वक़्त पहले स्क्रिप्ट पढ़ती हूं और अगर अंदर से लगे कि यह फिल्म करनी है, तो मै कर लेती हूं. मैं अपनी लाइफ में केवल फिल्में ही करती हूं. मैं परिवार के साथ रहना अधिक पसंद करती हूं, इसके अलावा मैं अधिक बाहर नहीं जाती. सुबह जल्दी उठती हूं, रात को जल्दी सो जाती हूं. इस साल मैंने 4 फिल्मों के लिए शूटिंग पूरी की है, अगले साल भी कई रिलीज हैं तो मैं उसमें व्यस्त हूं. ये मेरे लिए एक अच्छा फेज है.

प्र. आपने हर फिल्म में अलग भूमिका निभाई है, कुछ और अलग करने की इच्छा रखती हैं?

मेरे लिए स्क्रिप्ट सबसे जरुरी है. किसी भी तरह के फिल्म की अगर स्क्रिप्ट अच्छी हो, तो मैं काम करना चाहूंगी. एक अच्छी कहानी बताने के लिए आवश्यक है एक अच्छी स्क्रिप्ट का होना. इसके बाद निर्देशक का नाम आता है.

प्र. आपकी दोस्ती अलिया भट्ट और परिणिति चोपड़ा से है, इंडस्ट्री में ये दोस्ती रियल है या फ़िल्मी?

दोस्ती हमेशा अच्छी होती है. इंडस्ट्री में लड़कियों में दोस्ती अधिक होती है. ये गलत ‘इम्प्रैशन’ है कि लड़कियां झगड़ती है. जब हम मिलते है तो अच्छी बातचीत करते हैं. मेरे बचपन का दोस्त वरुण धवन है.

प्र. काम के अलावा कुछ चैरिटी करती हैं?

मेरी इच्छा है कि मैं थोड़ा समय निकालकर जरुरतमंदों के लिए काम करुं. इससे आपको संतुष्टि मिलती है. मेरे परिवार ने मुझे सबकुछ दिया है और मुझे भी उन्हें कुछ हद तक लौटाने की जरुरत है. ‘गिविंग’ से मन को ख़ुशी मिलती है. समय मिले तो खाना देना चाहूंगी, क्योंकि हमारे देश में काफी लोग भूख से तड़पते हैं. इसका समाधान होना जरुरी है.

प्र. आप अपने आप को कैसे एक्सप्लेन करेंगी?

मैं एक जिज्ञासु लड़की हूं. हर चीज को जानने की इच्छा होती है.

प्र. क्या ‘स्टारडम’ के लिए कुछ खोना पड़ा?

मुझे कुछ खोना नहीं पड़ा. घर में मैं आम लड़की की तरह हूं और पहले की तरह वही सारी हरकते करती हूं. हम चार मिलकर खूब शोरगुल मचाते हैं.

प्र. आपका नाम फरहान के साथ जुड़ा, ऐसी बातें आपको कितना परेशान करती हैं?

मुझे पता नहीं ये अफवाह कहां से आती है. जबकि इसमें कुछ भी सच्चाई नहीं. हम मेहनत से काम करते हैं. मीडिया को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए. उनकी वजह से हमें सफाई देनी पड़ती है. में सिंगल हूं और फिल्मों से रोमांस कर रही हूं.

मनीष पॉल से प्रेरित हुए रितिक रोशन

झलक दिखला जा को होस्ट कर  रहे अभिनेता मनीष पॉल ने फिल्म प्रमोशन के लिए सेट पर पहुंचे  बॉलीवुड सेलेब्रिटी के साथ अपने बहुत  ही अच्छे संबंध बना लिए हैं, हर कोई उनकी होस्टिंग की तारीफों के पुल बांधते हुए नज़र आता है. 

हाल ही में अभिनेता रितिक रोशन अपनी आगामी फिल्म के प्रमोशन के लिए झलक दिखला जा के सेट पर पहुंचे, वे शो और मनीष की होस्टिंग को एन्जॉय कर ही रहे थे, साथ ही साथ उन्हें मनीष का हेयर स्टाइल भी काफी पसंद आया.

सूत्रों का मानना है  की रितिक मनीष की  होस्टिंग और शो को एन्जॉय कर ही रहे थे पर उन्हें मनीष की हेयर स्टाइल इतनी पसंद आयी  की उन्होंने अपने हेयर स्टायलिस को ही कह डाला की उन्हें मनीष से और भी बेहतर  हेयर स्टाइल चाहिए.

गुरमीत चौधरी जबलपुर में खोलेंगे अभिनय स्कूल

धारावाहिक ‘‘रामायण’’ में राम का किरदार निभाने के बाद ‘पुनर्विवाह’, ‘पति पत्नी और वह’, ‘गीत हुई सबसे पराई’ सहित कई धारावाहिकों व कुछ रियालिटी शो में अभिनय करने के बाद भट्ट कैंप की फिल्म ‘‘खामोशियां’’ से बौलीवुड में कदम रखने वाले अभिनेता गुरमीत चैधरी एक तरफ अपनी नई फिल्म ‘‘वजह तुम हो’’ को लेकर चर्चा में हैं, तो दूसरी तरफ चर्चाएं गर्म हैं कि वह जबलपुर में स्कूल खोलने वाले हैं.

जब हाल ही में मुलाकात होने पर हमने गुरमीत चौधरी से बात की तो ‘‘सरिता’’ पत्रिका से इस स्कूल के संदर्भ में गुरमीत चौधरी ने कहा-‘‘मैं आर्मी पृष्ठभूमि से हूं. मेरे पिता आर्मी में थे. तो मेरी शिक्षा जबलपुर के आर्मी स्कूल में हुई है. जबलपुर में मेरे चालीस दोस्तों का एक समूह है. जबलपुर छोटा मगर प्यारा शहर है. हममें से कई लड़के फिल्मों से जुड़ना चाहते थे. मगर हममें से किसी को रास्ता ही नहीं पता था. डाक्टर या इंजीनियर बनने के लिए हर लड़के को पता होता है कि उसे दसवीं के बाद किस विषय को लेकर पढ़ाई करनी है. पर फिल्मों में अभिनय करना है. इसको लेकर किसी को कुछ नहीं पता. हिंदुस्तान में प्रतिभाओं की कमी नही है. मगर अभिनेता बनने के लिए क्या करना है, इसकी तथ्य परक जानकारी मिलनी मुश्किल होती है. इन प्रतिभाओं को रास्ता ही नहीं होता. मैं खुद को लकी मानता हूं कि मैं मुंबई आया और संघर्ष करते हुए इस मुकाम तक पहुंच गया हूं. इसलिए मैं चाहता हूं कि मैं जबलपुर जाकर वहां की प्रतिभाओं को रास्ता बता सकूं. उन्हे इस बात की जानकारी देना चाहता हूं कि अभिनेता बनने के लिए यह यह रास्ते हैं. आप क्या करें कि आगे बढ़ सकते हैं. मसलन-मैं उन्हे समझाने वाला हूं कि उन्हे सबसे पहले अच्छे फोटोग्राफर से अपना एक पोर्टफोलियो तैयार करवाना है. फिर उन्हे कहां कहां जाना है, क्या करना है, वगैरह वगैरह..बाकी उनकी तकदीर..’’

तो आप अभिनय स्कूल खोलने जा रहे हैं? इस सवाल पर गुरमीत ने कहा-‘‘जी हां! यह अभिनय स्कूल होगा, पर पैसे के लिए नहीं होगा. हमारी कोशिश है कि हम यह स्कूल निःशुल्क चलाएं. हम मुंबई से कई थिएटर और कुछ फिल्मों के कलाकारों लेकर जाएंगे, जो वहां की प्रतिभाओं का मार्गदर्शन करेंगी. मेरा मकसद पैसा कमाना कदापि नहीं है. मैं अपने कुछ सह कलाकारों व कैमरामैन को भी लेकर जाऊंगा. हम जबलपुर के प्रतिभाशाली लोगों एक संगठन बनाना चाहते हैं. पैसा कमाने के लिए वहां जाकर काम करने के लिए मेरे पास वक्त नहीं है. मैं मुफ्त में अपनी सेवाएं इस स्कूल के माध्यम से देना चाहता हूं. हो सकता है कि हम अपने इस स्कूल के लिए कोई जगह किराए पर लें. वहां जो थिएटर ग्रुप है, उन्हे एकजुट करना चाहता हूं. हमने काफी तैयारी कर ली है. मैं अभी अपनी फिल्म ‘वजह तुम हो’ के प्रमोशन के लिए जबलपुर जाने वाला हूं, उस वक्त इस गतिविधि की शुरुआत कर सकता हूं.’’

टीम इंडिया को मिल सकता है दूसरा धोनी!

झारखंड जैसे छोटे राज्य ने भारतीय क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी जैसा खिलाड़ी देकर अहम योगदान दिया है. अब इसी राज्य से एक और खिलाड़ी क्रिकेट परिदृश्य में जगह बना रहा है. वैसे तो उनके नाम के चर्चे अंडर-19 वर्ल्ड कप के पहले से हैं, लेकिन उन्होंने एक बार फिर अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा है. इस युवा सितारे का नाम है ईशान किशन, जो एमएस धोनी की ही तरह विकेटकीपर बल्लेबाज हैं.

ईशान किशन ने हाल ही में रणजी में जबर्दस्त खेल दिखाते हुए झारखंड की ओर से वह कारनामा कर दिया, जो धोनी जैसे दिग्गज भी नहीं कर सके थे. उन्होंने थुंबा में खेले जा रहे झारखंड और दिल्ली के रणजी ट्रॉफी ग्रुप बी मैच में शानदार दोहरा शतक लगाया.

यह झारखंड की ओर से खेली गई अब तक की सबसे लंबी पारी है. इसके साथ ही उन्होंने छक्के लगाने के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली. हम आपको भारतीय क्रिकेट के इस उभरते हुए सितारे से परिचित करा रहे हैं, जो एमएस धोनी की तरह उम्मीद जगा रहा है.

रणजी में छक्कों के रिकॉर्ड की बराबरी

किशन ने रणजी मैच में छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 336 गेंदों का सामना किया और 273 रन ठोक दिए. खास बात यह कि उन्होंने एमएस धोनी की तरह ही लंबे-लंबे छक्के भी लगाए. उन्होंने अपनी पारी में कुल 14 छक्के उड़ाए और 21 चौके भी लगाए. किशन ने रणजी मैच की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली. इससे पहले हिमाचल प्रदेश के क्रिकेटर शक्ति सिंह ने 1990 में 128 रन की पारी में 14 छक्के लगाए थे.

जबर्दस्त टर्निंग विकेट पर जडेजा की भी कर चुके हैं पिटाई

ईशान किशन ने ऐसी पारी पहली बार नहीं खेली है. वह अक्टूबर, 2015 में सौराष्ट्र के खिलाफ खेले गए रणजी मैच में राजकोट की पिच पर भी बेहतरीन पारी खेली थी. राजकोट की पिच पर पहली ही गेंद से धूल उड़ रही थी और गेंद काफी घूम रही थी.

ईशान ने ओपनिंग करते हुए स्पिनरों के खिलाफ जबर्दस्त तकनीक का प्रदर्शन किया था और 69 गेंदों में 87 रन की पारी खेली थी, जिसमें उन्होंने 8 छक्के और 4 चौके लगाए थे, जबकि इसी पिच पर सौराष्ट्र के आगे त्रिपुरा की टीम नतमस्तक हो गई थी. इस मैच में किशन ने टीम इंडिया के ऐसी पिचों पर बेहद खतरनाक माने जाने वाले स्पिनर रवींद्र जडेजा का भी बखूबी सामना किया और उनकी गेंदों की भी पिटाई की थी.

किसी भी पोजिशन पर खेलने में सक्षम

ईशान आमतौर पर मध्यक्रम में खेलते हैं, लेकिन वह झारखंड के लिए ओपनिंग भी कर चुके हैं, हालांकि उन्हें किसी भी पोजिशन पर खेलने में कोई भी परेशानी नहीं होती. अंडर-19 के कोच राहुल द्रविड़ उन्हें ओपनिंग के साथ-साथ मध्यक्रम में भी आजमा चुके हैं.

ईशान को झारखंड की सीनियर टीम में लाने वाले टीम इंडिया के पूर्व गेंदबाज सुब्रतो बैनर्जी ने एक अखबार से बातचीत में कहा था कि उन्होंने ईशान को पहली बार झारखंड टीम की नेट प्रैक्टिस के दौरान कई सीनियर गेंदबाजों की पिटाई करते हुए देखा था. उनके अनुसार ईशान जिस तरह से खेल रहे थे, उससे वे आश्चर्यचकित रह गए थे. बिल्कुल धोनी की ही तरह वे भी गेंदबाज के स्तर को नहीं देखते, बल्कि गेंद को देखते हैं और उसे सही अंजाम देते हैं.

अंडर-19 वर्ल्ड कप में रहे कप्तान

18 जुलाई 1998 को जन्मे ईशान ने रणजी ट्रॉफी में झारखंड की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए अपने पदार्पण मैच में ही 60 रनों की बेहतरीन पारी खेली. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. अंडर-19 टीम के कोच और टीम इंडिया के दिग्गज ब्लेबाज रहे राहुल द्रविड़ अंडर-19 वर्ल्ड कप से पहले टीम के खिलाड़ियों को भलीभांति परख लेना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने रोटेशन पॉलिसी अपनाई और न केवल खिलाड़ियों को रोटेट किया बल्कि कप्तान भी बदले.

द्रविड़ ने बांग्लादेश और अफगानिस्तान के साथ खेली गई त्रिकोणीय सीरीज में जहां विराट सिंह और रिकी भुई को कप्तान के रूप में मौका दिया, वहीं हाल ही में भारत, श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच खेली गई सीरीज में ऋषभ पंत और ईशान किशन को कप्तान के रूप में परखा. वे ईशान किशन की नेतृत्व क्षमता और खेल से प्रभावित हुए और संभवत: उनकी ही रिपोर्ट पर वेंकटेश प्रसाद की अध्यक्षता वाली जूनियर चयन समिति ने ईशान को अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए कप्तान चुन लिया. उनकी कप्तानी में भारतीय टीम फाइनल तक पहुंची थी. हालांकि खिताब से वह वंचित रह गई.

क्रिकेट के कारण स्कूल से निकाला गया

ईशान किशन पटना के दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढ़ते थे. धीरे-धीरे क्रिकेट से उन्हें इतना लगाव हो गया कि वह पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते थे. उनके क्रिकेट के प्रति जुनून को इसी से समझा जा सकता है कि इसके कारण उन्हें स्कूल से निष्कासित तक कर दिया गया था, फिर भी उन्होंने क्रिकेट खेलना नहीं छोड़ा.

इसमें उनके भाई राज किशन ने भरपूर साथ दिया. उन्हीं की बदौलत ईशान आज यहां तक पहुंचे हैं. ईशान पटना से तीन साल पहले क्रिकेट खेलने झारखंड की राजधानी रांची चले गए. यहां उन्होंने स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) की ओर से खेलना शुरू किया और धीरे-धीरे क्रिकेट की बारीकियों को सीखते हुए 17 दिसंबर 2014 को प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण किया.

वर्ल्ड कप के बाद मिले कई करार

ईशान ने फरवरी, 2016 में टायर बनाने वाली कंपनी सिएट के साथ तीन साल का करार किया था. इस करार के मुताबिक अब ईशान क्रिकेट के सभी फॉर्मेट में सिएट लिखे बल्ले से खेलेंगे. खबरों के मुताबिक ईशान और सिएट के बीच एक करोड़ रुपये में करार हुआ था.

ईशान किशन को अपने आदर्श महेंद्र सिंह धोनी के साथ विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने का मौका मिल चुका है. वह आईपीएल में सुरेश रैना की टीम गुजरात लॉयन्स में हैं. ईशान ने फॉर्स्ट क्लास क्रिकेट के 14 मैचों में 926 रन बनाए हैं, जिसमें 2 शतक और 5 हाफ-सेंचुरी शामिल है.

लीक हो गए IPhone 8 के फीचर्स

ऐपल के अगले साल आने वाले iPhone 8 के बारे में अफवाहें थमने का नाम नहीं ले रही हैं. ताजा अफवाहों में कहा जा रहा है कि 2017 में लॉन्च होने वाले iPhone8 वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करेगा. ऐसा भी कहा जा रहा है कि फॉक्सकॉन ने इस फोन के जरूरी कॉम्पोनेंट बनाने शुरू भी कर दिए हैं.  

एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस फोन में वायरलेस चार्जिंग की सुविधा केवल प्रीमियम वैरिएंट में ही उपलब्ध होगी. इसके साथ ही इस फोन का समय पर आना इस पर भी निर्भर करेगा कि फॉक्सकॉन समय से कॉम्पोनेंट की सप्लाई कर पाता है या नहीं. ऐसा भी कहा जा रहा है कि ऐपल लॉन्ग डिस्टेंस वायरलेस चार्जिंग टेक्नॉलजी पर भी काम कर रहा है लेकिन यह नहीं पता चला है कि वह इसमें इतना सफल हो भी सका है कि उसे 2017 के iPhone में दे सके.

इससे पहले इस फोन के बारे में ऐसी सूचनाएं आईं थीं कि इसके तीन वैरिएंट पेश किए जाएंगे जिसमें प्रीमियम वैरिएंट में OLED डिस्प्ले पैनल आएगा. जबकि बाकी के दो वैरिएंट में LTPS डिस्प्ले दिया जाएगा. इसके अलावा iPhone 8 में ऐज टू ऐज बैजल डिस्प्ले के साथ आएगा. साथ ही, इस फोन से होम बटन हटाकर टच आईडी लगाया जा सकता है. पहले ही यह खबर भी आ चुकी है कि ऐपल का नया फोन मेटल की जगह फुल ग्लास बॉडी में आएगा.

गौरतलब है कि साल 2017 में ऐपल अपने इस सफल फोन के लॉन्चिंग की दसवीं सालगिरह मानाएगा. इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि अगले साल ऐपल iPhone के दमदार अपग्रेड के साथ बाजार में आएगा.

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