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चीन के खिलाफ खड़े होने से आखिर हमें हासिल क्या होगा

चीन के विरूद्ध आप खड़े हो सकते हैं. सवाल यह है, कि उससे हमें हासिल क्या होगा? हम भारत सरकार की नीतियों की ही बात करें, तो देश की मोदी सरकार भारत को एक ब्राण्ड और बाजारवादी अर्थव्यवस्था के जरिये उसे ‘आर्थिक महाशक्ति’ बनाना चाहती है. जिसके लिये उसके पास अपार जनशक्ति, प्राकृतिक संसाधन और एक बड़ा बाजार है. पूंजी निवेश के लिये वह निजी कम्पनियों को आमंत्रित कर रही है, उनके लिये वैधानिक संशोधन कर रही है, और उसका प्रचार कर रही है. ‘मेक इन चाईना’ के तर्ज पर ‘मेक इन इण्डिया’ पर काम कर रही है. यही भारत की आर्थिक प्रतिद्वंदिता और अदावत है.

राजनीतिक और कूटनीतिक रूप से भारत और चीन के बीच 1962 का युद्ध और सीमा विवाद है. भारत जिन पड़ोसी देशों में पहले वर्चस्व रखता था, आज वहां चीन का वर्चस्व है. चीन उन देशों की अर्थव्यवस्था में निर्णायक बढ़त बना चुका है. भारत इस वर्चस्व की वापसी चाहता है. नेपाल, श्रीलंका और बांग्लादेश से वह संबंध चाहता है, जिसने उसे गवां दिया है. पाकिस्तान से उसके तनावपूर्ण संबंध हैं, कश्मीर से लेकर आतंकी हमलों की गांठ पड़ी है. पहले जहां अमेरिका था, वहां पाकिस्तान में चीन भी है.

जो अदावत और प्रतिद्धंदिता भारत और चीन के बीच है, आर्थिक एवं राजनीतिक वर्चस्व की, वही प्रतिद्वंदिता और अदावत अमेरिका की है. चीनी सागर को ले कर दोनों देशों के बीच सामरिक प्रतिस्पर्द्धा है और भारत अमेरिकी खेमें में शामिल होता जा रहा है. मोदी की अमेरिकी यात्रा के बाद भारत और चीन के संबंधों में तनाव बढ़ गया है. नीतियां और तेवर भी बदल गये हैं.

यह बदलाव कितना वास्तविक है, और कितना प्रचारवादी? आम जनता नहीं समझ सकती, मगर इतना तो तय है, कि पहले पाकिस्तान के खिलाफ कूटनीकि और अघोषित लड़ाई चल रही थी, अब मोदी-ट्रम्प मुलाकात के बाद चीन निशाने पर है. भारत के विदेश नीति में अमेरिका के लिये चीन की वरीयता बढ़ गयी है. हम मानते हैं कि 1962 की स्थितियां नहीं हैं, किंतु यह कड़वी सच्चाई है, कि भारत और चीन की आर्थिक एवं सामरिक क्षमता ऐसी है, कि दोनों देशों के बीच तुलना नहीं हो सकती और यह भी तय है, कि अमेरिकी दम पर भरोसा करना आत्महत्या करने से भी बुरी स्थिति है. कूटनीतिक रूप से  भारत अपना ‘गुट निर्पेक्ष’ होने का आधार भी खो बैठेगा. जिसकी उसे खास फिक्र नहीं है.

भारत और चीन के रिश्तों को संभालने की जरूरत है. यदि भारत अपने बाजारवादी हितों के लिये मुक्त व्यापार के नये क्षेत्रों की रचना करने वाले चीन और रूस और उनके सहयोगी देशों के विरूद्ध अमेरिका, यूरोपीय देश और उनके सहयोगी देशों के हितों से जुड़ता है तो एशिया का आर्थिक एवं भू-सामरिक संतुलन का बदलना तय है. जिसकी संभावनायें नजर आ रही हैं. पिछले तीन सालों में मोदी सरकार की वरीयता भी यही रही है. यह सोचने का कोई आधार नहीं है, कि चीन एशिया, अफ्रीका एवं लातिनी अमेरिकी देशों सहित अमेरिकी एवं यूरोपीय संघ के देशों की अर्थव्यवस्था एंव बाजार में अपनी वरीयता भारत के लिये घटाने का पक्षधर होगा. भारत की वजह से चीन अपनी नीतियों में मूलभूत परिवर्तन नहीं करेगा.

चीन पिछले दो दशक से अपने को आर्थिक महाशक्ति में बदलने की नीतियों से संचालित हो रहा है. उसने अमेरिकी डॉलर से लेकर अमेरिका के भू मण्डलीय वर्चस्व के विरूद्ध वैकल्पिक व्यवस्था का निर्माण किया है. जिसके मूल में अमेरिकी एकाधिकार के विरूद्ध बहुध्रुवी विश्व की अवधारणा है. शी जिन पिंग ने ‘वन बेल्ट वन रोड़’ की अपनी महत्वकांक्षी योजना की घोषणा भी की है, भारत जिसके पक्ष में नहीं है. अमेरिका की तरह वह भी इसे चीन के वर्चस्व का पथ समझता है. भारत और चीन का मौजूदा विवाद भारत के पक्ष में नहीं है. यह दक्षिण एशिया और चीन के पक्ष में भी नहीं है. अमेरिकी सम्बद्धता हर हाल में घातक है.

दुनिया में कमाई के मामले में ये अभिनेता हैं शिखर पर, चार भारतीय भी हैं शामिल

फिल्मों की दुनिया में नाम, शोहरत के साथ पैसा भी काफी अच्छा मिलता  है. क्या आप ये जानना नहीं चाहेंगे की वो कौन से एक्टर्स हैं जिन्हें उनके काम की मोटी रकम मिलती है. इन एक्टर्स की लिस्ट में चार भारतीय भी हैं शामिल.

1 ड्वेन जोनसन: 6.45 करोड़ डौलर (432.15 करोड़ रुपए)

डबल्यू डबल्यू ई का नाम तो आपने सुना ही होगा, यह एक फाइटिंग गेम का नाम है. जहां यह कलाकार द राक के नाम से जाना जाता था. वहां से निकलने के बाद राक ने हालीवुड का रुख किया और उन्हें यहां सफलता मिली. आज राक ‘ड्वेन जोनसन’ उन रईस एक्टर्स की लिस्ट में पहले स्थान पर हैं जिनकी सालाना कमाई छप्पर फाड़ के होती है.

2 जैकी चैन: 6.1 करोड़ डौलर (408.7 करोड़ रुपए)

जैकी चैन की पहली फिल्म सन् 1976 मे आई थी. जैकी ने जब हालीवुड में अपने कदम रखे तब उन्हें काफी नजरअंदाज किया गया लेकिन जैकी का हौंसला नही टूटा, कुछ समय बाद जैकी ने हांगकांग में ब्रूस ली की फिल्म का रिकार्ड तोड नया रिकार्ड अपने नाम कर लिया. जिसके बाद जैकी को हालीवुड से भी आफर आने लगे.

3 टौम क्रूज: 5.3 करोड़ डौलर (355.1 करोड़ रुपए)

टौम क्रूज हालीवुड फिल्मों के चाकलेट ब्वाय के नाम से जाने जाते हैं. उनकी फिल्में लोगों को काफी पसंद आती हैं. अगर कमाई की बात की जाए तो टौम इस लिस्ट में तीसरे पायदान पर आते हैं.

4 जोनी डेप: 4.8 करोड़ डौलर (321.6 करोड़ रुपए)

यह कलाकार अपने फिल्मों में अजीबो गरीब गेटअप, कामेडी और अपनी एक्टिंग के लिए जाना जाता है. पाइरेट्स आफ कैरेबियन फिल्म लोगों के दिलों पर राज करती है. जिसमे जोनी एक समुद्री लुटेरे के किरदार में नजर आए थे.

5. विन डिजल: 3.5 करोड़ डौलर (234.5 करोड़ रुपए)

हाल ही में आई फिल्म फास्ट एंड फ्यूरियस में विन डीजल मुख्य किरदार में नजर आ चुके हैं. यह फिल्म दर्शकों द्वारा काफी सराही गई थी.

6. शाहरुख खान: 3.3 करोड़ डौलर (221.1 करोड़ रुपए)

अगर हिंदी सिनेमा की बात करें तो शाहरुख खान का नाम आना लाजमी है. बालीवुड के किंग खान के नाम से मशहूर इस कलाकार के एक झलक को पाने के लिए लड़कियां दीवानी हैं. कमाई के मामले में यह भारतीय कलाकार किसी हालीवुड कलाकार से कम नहीं है.

7. रोबर्ट डाउनी जूनियर: 3.3 करोड़ डौलर (221.1 करोड़ रुपए)

यह कलाकार आयरन मैन फिल्म से मशहूर हुआ और लोगों के दिलो पर राज करने लगा.  फिल्म आयरन मैन में यह एक सुपर हीरो के रुप मे नजर आए थे. जिसे बच्चा बच्चा जानता है. डाउनी एक फिल्मी बैकग्राउंड से आते हैं.

8. अक्षय कुमार: 3.15 करोड़ डौलर (211.05 करोड़ रुपए)

बालीवुड में खिलाडी के नाम से मशहूर अक्षय कुमार भी किसी से कम नही हैं. अक्षय इतने फिट हैं की साल में ये 4 से 5 फिल्में देते हैं और अगर बात कमाई की जाए तो अक्षय किसी से कम नहीं हैं. ये भी इस लिस्ट में शामिल हैं.

9. ब्रैड पिट : 3.15 करोड़ डौलर (211.05 करोड़ रुपए)

हालीवुड में मशहूर ये कलाकार हालीवुड के चार्मिंग हीरोज की लिस्ट में आता है. ब्रैड पिट इस लिस्ट में आठवें पायदान पर आते हैं.

9. सलमान खान: 2.85 करोड़ डौलर (190.95 करोड़ रुपए)

बालीवुड के भाईजान दबंग सलमान खान भी इस रेस में शामिल हैं. आपको बता दें कि सलमान फिलहाल बालीवुड के सबसे महंगे हीरो हैं.

10 अमिताभ बच्चन: 2 करोड़ डौलर (134 करोड़ रुपए)

बिग बी के नाम से मशहूर बालीवुड के अमिताभ बच्चन भी इन कलाकारों की लिस्ट में शामिल हैं. आपको बता दें कि बिग बी एक एेड के तकरीबन 7 करोड़ रुपये लेते हैं.

बर्थडे स्पेशल : आखिर कैसे सैफ को 13 साल बड़ी लड़की से हुआ प्यार

बौलीवुड के नवाब सैफ अली खान आज अपना 47वां जन्मदिन मना रहे हैं. सैफ का जन्म पटौदी के नवाब एवं पूर्व क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी और अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के घर 16 अगस्त 1970 को दिल्ली में हुआ था. सैफ ने अब तक के अपने फिल्मी करियर में कई हिट फिल्मों के साथ-साथ कई फ्लाप फिल्में भी दी हैं.

सैफ ने 1993 में आई यश चोपड़ा की फिल्म ‘परंपरा’ से बौलीवुड में अपना पहला कदम रखा था. 1993 में अपने करियर की शुरुआत करने के बावजूद भी 2004 में आई फिल्म ‘हम तुम’ में उन्होंने पहली बार किसी फिल्म में मुख्य अभिनेता की भूमिका निभाई. इतना ही नहीं इस फिल्म के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता की श्रेणी में राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला.

हालांकि, अपने करियर में कई फ्लाप फिल्में देने के बाद भी उनकों राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और 6 बार फिल्मफेयर से नवाजा जा चुका है. इतना ही नहीं उन्हें भारत सरकार की ओर से पद्मश्री अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है. सैफ अली खान ने काफी कम उम्र में ही शादी की थी.

सैफ ने साल 1991 में बौलीवुड अभिनेत्री अमृता सिंह से शादी की थी लेकिन दोनों की शादी लंबे समय तक नहीं चल पाई और शादी के लगभग 13 साल बाद दोनों अलग हो गए. क्या आप जानते हैं कि दोनों को कैसे एक-दूसरे से प्यार हुआ था और बाद में क्यों दोनों अलग हो गए?

सैफ-अमृता की मुलाकात उस समय हुई थी जब अमृता तो बौलीवुड का जाना पहचाना नाम थीं और अपने करियर की ऊंचाईयों पर थीं लेकिन सैफ उस समय बौलीवुड में स्ट्रगल कर रहे थे.

बताया जाता है कि दोनों की मुलाकात एक फिल्म के सेट पर हुई थी और सैफ अमृता को पसंद करने लगे थे. इस समय सैफ की उम्र 21 साल थी जबकि अमृता सिंह 33 साल की थीं.

अमृता से पहली बार मिलने के बाद ही सैफ उन्हें पसंद करने लगे थे और इसलिए उन्होंने अमृता से मिलने के कुछ दिन बाद उन्हें फोन कर पूछा कि क्या वो उनके साथ डिनर पर चलेंगी? अमृता ने बहुत प्यार से उन्हें इंकार करते हुए कहा कि वो डिनर पर बाहर नहीं जातीं लेकिन डिनर के लिए वो अमृता के घर आ सकते हैं.

सैफ ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब वो अमृता के घर गए उस समय अमृता अपना मेकअप उतार रही थीं और मैं उन्हें देखकर हैरान रह गया था. बाद में दोनों ने साथ में डिनर किया.

कहा जाता है कि इसी रात सैफ ने अमृता को शादी के लिए प्रपोज कर दिया था और अमृता ने भी खुशी खुशी उन्हें हां कह दिया. इसी रात दोनों ने एक-दूसरे को किस भी की थी.

लेकिन उनकी शादी आसान नहीं थी. अमृता सैफ से उम्र में 13 साल बड़ी थीं और इसी वजह से सैफ के माता पिता दोनों की शादी के सख्त खिलाफ थे.

दोनों शादी करने का फैसला कर चुके थे इसलिए 1991 में दोनों ने शादी कर ली. अमृता ने अपने करियर भूलकर अपने परिवार पर ध्यान दिया. दोनों के दो बच्चे हुए बेटी सारा खान और बेटा इब्राहिम अली खान.

सैफ और अमृता की शादी लंबे समय तक नहीं चल पाई और साल 2004 में सैफ और अमृता अलग हो गए. उनके तलाक के लिए सैफ अली खान की इटैलियन गर्लफ्रेंड रोजा को जिम्मेदार ठहराया गया. लेकिन सैफ का रिश्ता रोजा के साथ भी लंबे तक नहीं चला और दोनों अलग हो गए.

इसके बाद साल 2007 में सैफ ने अभिनेत्री करीना कपूर को डेट करना शुरू किया. दोनों ने एक-दूसरे को लगभग 5 साल तक डेट करने के बाद साल 2012 में शादी कर ली. साल 2016 में करीना ने एक बेटे को जन्म दिया जिसका नाम तैमूर अली खान है.

‘Sarahah’ ऐप से हो सकता है खतरा, जरा संभलकर करें प्रयोग

दुनियाभर में एक नया ऐप ‘Sarahah’ को लेकर लोगों मे भारी क्रेज है. इसका क्रेज इस कदर बढ़ा है कि अब तक 30 करोड़ से ज्यादा लोगों ने इसे डाउनलोड कर लिया है. इंटरनेट की दुनिया में हर पल कोई न कोई नया अपडेट आता ही रहता है. इसी कड़ी में इस समय साराह ऐप धूम मचा रहा है. जो गूगल प्ले स्टोर पर टॉप-4 ट्रेंडिग ऐप है.

पहले यह ऐप सऊदी में ट्रेंड हुआ और अब यह भारत में भी पहुंच गया है. इसे फरवरी 2017 में लॉन्च किया गया था. यह सिर्फ वेबसाइट ही थी, लेकिन बाद में इसका ऐप भी बनाया गया. इस ऐप का नाम अरबी शब्द Sarahah के नाम पर रखा गया है. जिसका मतलब है ‘ईमानदारी’. इसके जरिये आप किसी को भी मैसेज भेज सकते हैं क्योंकि यह आपको एक ऐसा प्लेटफार्म देता है जहां आपकी पहचान उजागर होने का खतरा नहीं है.

इसे सऊदी के जैन अल-अबिदिन तावफिक (Zain al-Abidin Tawfiq) ने बनाया है. वह चाहते थे कि कर्मचारियों को ऐसा प्लेटफार्म मुहैया कराया जाएं जिसके जरिये वे बिना किसी डर के बेबाक अपनी राय दे सकें या यूं कहे कि वे इसके जरिएं वो सब कह सकें जो वो सामने नहीं कह सकते. इसके जरिए मैसेज रिसीव करने वाले को यह नहीं पता लग पाएगा कि मैसेज किसने भेजा है और वो मैसेज का रिप्लाई भी नहीं कर सकेंगे.

मैसेज भेजने वाले का पता नहीं चलने के कारण कहीं इसका गलत इस्तेमाल न हो इसलिए केवल इस ऐप में प्रोफाइल को ब्लॉक या फिल्टर करने की सुविधा दी गई है.

कैसे काम करता है ये ऐप

सबसे पहले इसकी वेबसाइट या ऐप पर यूजर को रजिस्ट्रेशन करना होता है. इसके लिए ईमेल आईडी देनी होगी. रजिस्टर करने के बाद इसका लिंक फेसबुक और दूसरे सोशल नेटवर्क जैसे ट्विटर और स्नैपचैट पर पोस्ट करने का ऑप्शन मिलता है. इस लिंक को पब्लिक कर सकते हैं या प्राइवेट मैसेज के जरिए भी किसी को भेज सकते हैं. इस लिंक को क्लिक करके कोई भी आपको मैसेज भेज सकता है. लेकिन भेजे गए शख्स का नाम आपको नहीं दिखेगा. यानि कोई भी आपको जो चाहे लिख सकता है. जैसे ही लिंक के जरिए कोई आपको मैसेज भेजता है आपके सराहाह ऐप में नोटिफिकेशन मिलेगा और आप अपने सराहा एप पर आने वाले मैसेज को पढ़ सकते हैं.

जहां इसकी कुछ अच्छाइयां हैं, वहीं इसके कई खतरे भी हैं. कोई भी मैसेजिंग ऐप या सोशल मीडिया ऐप, जो खुद को अनोखा संदेश या पोस्ट को अज्ञात होकर मैसेज करने की इजाजत देता है, वह लोगों को धमकी देने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है. कहा तो यह भी जा रहा है कि अकाउंट बनाने के बाद उसे डिलीट करने के लिए सेटिंग में जाने पर अकाउंट डिलीट करने का आप्शन नहीं मिलता है. ऐसे में सवाल यह है कि क्या सीक्रेट लाइफ जीने के लिए आप अपनी प्राइवेसी को दांव पर लगाना चाहेंगे.

इसके अलावा यह भी चर्चा चल रही है कि इसे डाउनलोड करने के बाद इसके जरिये आपका डाटा चोरी भी किया जा सकता है. न्यूयॉर्क मैग्जीन के मुताबिक इस ऐप के अधिकांश यूजर्स टीनेजर्स हैं. वे इसे धड़ल्ले से डाउनलोड कर इसका प्रयोग कर रहे हैं. गौसिप्स और खासकर पहचान छुपी होने के कारण इसका खूब क्रेज है.

इन टिप्स को अपनाकर आप भी यूट्यूब से कमा सकते हैं पैसे

अगर आप वीडियो बनाने के शौकीन हैं तो यूट्यूब की मदद से आप औनलाइन पैसे कमा सकते हैं, वह भी बिना किसी इन्वेस्टमेंट के. जी हां वीडियो शेयरिंग वेबसाइट यूट्यूब में खास इसके लिए एक पार्र्टनरशिप प्रोग्राम भी है. इस प्रोग्राम का हिस्सा बन आप अपने वीडियो से पैसे कमा सकते हैं.

इन टिप्स की मदद से आप एक यूट्यूब सुपरस्टार बन खूब पैसे कमा सकते हैं.

पैसे कमान के लिए आपको सबसे पहले यूट्यूब पर अपना अकाउंट बनाना होगा इसके लिए आप www.you tube.com पर जाएं और अपना अकाउंट बनाएं.

वीडियो बनाते वक्त इन बातों का ध्यान जरूर रखें.

आपकी आवाज

यूट्यूब पर वीडियो बनने के लिए सबसे पहले ये ध्यान दें कि आपकी आवाज कैसी है. देखने वाले आवाज को ध्यान से सुनते हैं. अगर आवाज साफ और आकर्षक नहीं होगी तो वीडियो में कोई भी दिलचस्पी नहीं दिखायेगा.

आपका तरीका

सिर्फ आवाज ही नहीं वीडियो किस स्टाइल से बनाई गई है ये भी मायने रखता है. अगर लोगो को आपका वीडियो का स्टाइल पसंद आता है तभी वीडियो देखेंगे.

आपकी प्रतिभा

वीडियो के माध्यम से आप लोगों को कितना सिखा सकते हैं या कितना आकर्षित कर सकते हैं, जिससे आपकी अगली वीडियो के लिए लोग बेसब्री से इंतजार करें.

वीडियो की क्वालिटी

जो भी वीडियो आप बनाए उसकी क्वालिटी अच्छी होनी चाहिए. साफ आवाज, साफ पिक्चर और आकर्षक वीडियो ही लोगो का ध्यान खिंच पायेगी.

वीडियो मोनेटाइज कैसे करें

यूट्यूब वीडियो को मोनेटाइज करने का औप्शन देता है यानि कि वीडियो पर ऐड दिखने का औप्शन जिससे हमारी इनकम बढ़ जाती है. मोनेटाइज करने के लिए आपको गूगल ऐडसेंस अकाउंट बनना होगा और उस अकाउंट को यूट्यूब अकाउंट से जोड़ना होगा.

कमाई कैसे होती है

जब भी कोई व्यक्ति आपकी वीडियो देखेगा तो दो तरीकों से आपकी कमाई होगी.

– जब भी कोई व्यक्ति आपकी वीडियो पर दिखने वाली ऐड पर क्लिक करेगा तो $0.50-$5 तक कमाई हो सकती है.

– वीडियो को 30 सेकंड से ज्यादा देर तक देखता है तो 1000 देखने वाले होने पर आपको $1-$5 तक कमाई मिल सकती है.

पेमेंट कैसे मिलेगी

मेहनत करने के बाद ये सवाल तो दिमाग में आएगा ही कि इसकी पेमेंट हमे कैसे मिलेगी.  आपको आपकी वीडियो के जरिये कमाया गया पैसा ऐडसेंस अकाउंट के जरिये मिलेगा. ऐडसेंस के अकाउंट में जब आपका पैसा 100$ डालर हो जायेगा तब ऐडसेंस आपको पेमेंट करेगा.  ऐडसेंस के पेमेंट का तरीका अलग अलग देशो में अलग अलग है. भारत में अभी चेक के जरिये इसकी पेमेंट की जाती है या फिर इलेक्ट्रानिक फण्ड ट्रांसफर जरिये पेमेंट होती है.

टेस्ट क्रिकेट में एक नहीं, कई बार कर चुकी है भारतीय टीम ये कारनामा

24 अगस्त, 1971 को भारत को इंग्लैंड में पहली टेस्ट जीत हासिल हुई थी. टीम इंडिया ने यह मुकाबला इंग्लैंड के ओवल में जीता था, जहां अजीत वाडेकर की कप्तानी में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 4 विकेट से मात दी थी. भारत ने ऐसी टीम को मात दी थी, जो लगातार 26 टेस्ट मैचों में अजेय रही थी.

हाल ही में समपन्न हुए भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज में भारत ने श्रीलंका का सूपड़ा साफ कर दिया. तीन टेस्ट मैचों की सीरीज को भारत ने 3-0 से जीत लिया. आखिरी और तीसरे टेस्ट में टीम इंडिया ने श्रीलंका को इनिंग और 171 रन से हरा दिया. ये टेस्ट इतिहास में भारत की चौथी सबसे बड़ी जीत है. वहीं, श्रीलंका के खिलाफ विराट की टीम ने टेस्ट की सबसे बड़ी जीत दर्ज की. तीन मैचों की सीरीज के दो मैच भारतीय टीम ने पारी के अंतर से जीते.

जानें, टेस्ट मैचों में भारत की ऐसी ही 10 बड़ी जीतों के बारे में.

भारत बनाम आस्ट्रेलिया, 1959

आफ स्पिनर जसुभाइ्र पटेल ने 1955 से 1960 के मध्य महज 7 टेस्ट मैच खेले पर उन्हें इस टेस्ट के लिए हमेशा याद रखा जायेगा. इस मैच में उन्होंने रिची बर्नार्ड कप्तानी वाली आस्ट्रेलिया टीम के 14 विकेट झटक भारत को आस्ट्रेलिया पर पहली विजय दिलाई. उन्होंने पहली पारी में 9 व दूसरी पारी में 5 विकेट लेकर भारत को 119 रनो से जीत दिलाई.

भारत बनाम पाकिस्तान, 1980

1980 के दशक में भारत ने कुल 8 टेस्ट मैचों में विजय हासिल की. इनमें से पहली जीत टीम इंडिया ने जनवरी, 1980 में पाकिस्तानी टीम को 10 विकेट से परास्त कर हासिल की थी. कपिल देव ने पाक टीम के चार विकेट चटकाकर 272 रनों पर ही समेट दिया. इसके बाद उन्होंने 98 गेंदों में 84 रन की पारी भी खेली. सुनील गावस्कर ने 166 रन जड़े थे.

भारत बनाम पाकिस्तान, 1999

7 फरवरी, 1999 को दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में अनिल कुंबले पाकिस्तान के सभी 10 विकेट चटकाकर यह कारनामा करने वाले दुनिया के दूसरे गेंदबाज बन गए थे. टेस्ट सीरीज के इस दूसरे टेस्ट में जीत हासिल कर भारत के पास सीरीज ड्रॉ कराने का मौका था. पाकिस्तान के पास 420 रन का टारगेट था. आखिरी दिन पाक ने मैच ड्रॉ कराने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह असफल रहा और भारत को 19 साल बाद अपने चिर प्रतिद्वंद्वी पर जीत हासिल हुई.

भारत बनाम आस्ट्रेलिया, 2001

2001 में कोलकाता के ईडन गार्डन में आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए मैच में भारत ने पहली पारी में फालोआन खेलने के बावजूद जीत हासिल की. इस मैच को वीवीएस लक्ष्मण की 281 रन की शानदार पारी और हरभजन सिंह की हैट्रिक के लिए जाना जाता है.

भारत बनाम इंग्लैंड, 2002

हेडिंग्ले में 2002 में खेले गए मैच में भारत ने इंग्लैंड को पारी और 46 रन से मात दी. इस मुकाबले मे तिकड़ी कहे जाने वाले राहुल द्रविड़, सचिन तेंडुलकर और सौरभ गांगुली ने क्रमश: 148, 193 और 128 रन बनाए. भारत ने पहली पारी में 628 रन बनाए और इंग्लैंड की टीम इस लक्ष्य को दोनों पारियों में खेलकर भी हासिल नहीं कर सकी.

भारत बनाम आस्ट्रेलिया, 2003

2003 में एडीलेड में आस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत की जीत को विदेश धरती पर सबसे बड़ी जीतों में से एक माना जाता है. इस मुकाबले में भी राहुल द्रविड़ और लक्ष्मण की जोड़ी ने गजब का खेल दिखाया. द्रविड़ ने इस मैच में 248 रन की बड़ी पारी खेली, जबकि लक्ष्मण ने 148 रन का स्कोर बनाया. दोनों ने यह पारियां आस्ट्रेलियाई टीम के 556 रन के विशाल स्कोर के जवाब में 85 रन पर ही भारत के 4 विकेट गिरने के बाद खेली थी. दूसरी पारी में जीत के लिए भारत को 230 रन का लक्ष्य मिला था, जिसे भारत ने आसानी से हासिल कर लिया.

भारत बनाम पाकिस्तान, 2004

मार्च, 2004 में मुल्तान में पाकिस्तान को भारत ने पारी और 72 रन से परास्त किया था. इस मुकाबले में पहली पारी में भारत ने 675 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था. इसमें सहवाग की 309 रन की रिकार्ड पारी की बड़ी भूमिका थी. इस पारी के बाद ही उन्हें ‘मुल्तान का सुल्तान’ कहा जाने लगा.

भारत बनाम साउथ अफ्रीका, 2004

ईडन गार्डन में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2004 में खेले गए मैच में हरभजन की फिरकी ने एक बार फिर कमाल किया. हरभजन ने साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी में 7 विकेट चटका दिए. इसका ही कमाल था कि भारत को जीत के लिए महज 117 रन का लक्ष्य मिला, जिसे भारत ने दो विकेट गंवाकर ही हासिल कर लिया.

भारत बनाम साउथ अफ्रीका, 2008

2008 में चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में साउथ अफ्रीका को उलटफेर का शिकार होना पड़ा. इस मुकाबले में भारत ने 387 रनों का विशाल लक्ष्य हासिल कर जीत दर्ज की.

भारत बनाम आस्ट्रेलिया, 2010

2010 में मोहाली में आस्ट्रेलिया के खिलाफ वीवीएस लक्ष्मण ने एक बार फिर कमाल करते हुए 73 गेंदों पर नाबाद 79 रन की पारी खेली. उनकी इस पारी के चलते ही भारत ने इस नाटकीय उतार-चढ़ाव वाले मुकाबले मे नौवें विकेट के लिए लक्ष्मण और इशांत शर्मा के बीच हुई 81 रनों की साझेदारी ने भारत को एक विकेट से जीत दिला दी.

अब सस्ते में करें हवाई यात्रा, जानिए क्या हैं फायदे

एयर इंडिया ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘फ्रीडम सेल’  नाम की एक स्कीम की घोषणा की है. इस औफर के तहत कुछ चुनिंदा घरेलू मार्गों पर मात्र 425 रुपये में हवाई यात्रा की पेशकश की जा रही है. साथ ही अंतरराष्ट्रीय फलाइट्स पर डिस्काउंट दिया जा रहा है. इसके लिए टिकट की शुरुआती कीमत 6000 रुपये है. एयर इंडिया की फ्रीडम सेल के तहत यात्री 20 अगस्त 2017 तक अपनी टिकट बुक कर सकते हैं. घरेलू उड़ान की यात्रा पर एक तरफ का न्यूनतम किराया 425 रुपये है. एयर इंडिया एयरलाइन्स की ओर से पेश किए जा रहे औफर का फायदा उठाने के लिए यात्रियों को 16 सितंबर 2017 से 30 नवंबर 2017 और 25 जनवरी 2018 से 31 मार्च 2018 के बीच के यात्रा के समय का चुनाव करना होगा.

डिस्काउंट की स्कीम अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बिजनेस और इकोनामी क्लास दोनों पर लागू है. काठमांडू, ढाका, माले, कोलंबो और काबुल जैसे दक्षिण एशियाई शहरों के लिए इकोनोमी क्लास के फ्लाइट्स टिकट 7,000 रुपये से शुरू हो रहे हैं.

न्यूयार्क, वाशिंटन, शिकागो और सैन फ्रांसिस्को के राउंड ट्रिप का किराया 65000 रुपये है. यूरोपीय जगहों की यात्रा  के लिए जिसमें लंदन, बर्मिंघम, पेरिस, फ्रैंकफर्ट, रोम, मिलान, मैड्रिड, विएना के लिए किराया 38,000 रुपये हैं. वही दुबई, अबू धाबी, शारजाह, मस्कट, बहरीन, कुवैत और रियाद जैसे शहरों के लिए एक तरफ का  किराया 6000 रुपये रखा गया है. घरेलू स्थलों के लिए यात्रा एक फरवरी, 2018 से 20 अप्रैल, 2018 के बीच की जा सकती है. टिकट की बुकिंग कंपनी की वेबसाइट से होगी. इसके अलावा टिकट बुक करने के लिए भारत के बुकिंग औफिस या मोबाइल एप का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

देशभक्ति की भावना से परिपूर्ण कुछ चुनिंदा अमर गीत

‘सोने की चिड़िया’ कहे जाने वाले भारतवर्ष को 15 अगस्त, 1947 को अंग्रेजो के कब्जे से आजादी मिली, और तब से देश ने हर रोज नई ऊंचाइयां छुई हैं. बौलीवुड ने भी समय-समय पर देशभक्ति से जुड़ी फिल्में बनाकर देशवासियों के हृदय को झकझोरा है. इन फिल्मों की कामयाबी में आमतौर पर अभिनेताओं और पटकथाओं के साथ-साथ गीतों का अपना अलग महत्व है, क्योंकि फिल्मों के यादों से चले जाने के बावजूद गीत लंबे अरसे तक यादों में जिंदा रहते हैं. भारत के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशभक्ति की भावना से परिपूर्ण कुछ चुनिंदा अमर गीत आज हम आपके सामने प्रस्तुत कर रहे हैं, जिन्हें सुनकर आप देशभक्ति के रंग में पूरी तरह रंग जाएंगे.

आजादी के इस जश्न में सबसे ज्यादा जो धुन आपके दिलो दिमाग पर छाई रहती है वो हमारा राष्ट्रीय गीत ‘वन्दे मातरम्’  स्कूल, कौलेज या फिर औफिस हर जगह इस गीत की धुन आपको कहीं न कहीं से सुनाई दे ही जाती है. लेकिन समय के साथ इस गीत पर बौलीवुड का फ्लेवर ऐसा चढ़ा कि लोग अपने आप को धीरे-धीरे इन्ही रंग मे रंगने लगे.

सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा…

यह गीत लिखने के लिए सर्वाधिक प्रसिद्ध रहे मोहम्मद इक़बाल का जन्म 9 नवंबर, 1877 को पंजाब के सियालकोट में हुआ, हमारी पीढ़ी के हिन्दुस्तानियों के लिए फिल्म ‘भाई बहन’ (1959) का यह गीत इक़बाल की पहचान है…

जन गण मन अधिनायक जय है भारत भाग्य विधाता…

1911-12 के आसपास इस गीत को गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने रचा था. इसे 1950 में भारत के संविधान में राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया गया.

मेरे देश की धरती सोना उगले…

शायद ही कोई ऐसा हिन्दुस्तानी होगा, जिसने इस गीत को कभी न सुना होगा, या यूं कहिए, गुनगुनाया न होगा…अभिनेता मनोज कुमार की फिल्म ‘उपकार'(1967) का यह गीत गुलशन बावरा ने लिखा है, जिसे संगीतकार कल्याणजी आनंद जी ने गाया.

ऐ मेरे वतन के लोगों जरा आंख मे भर लो पानी…

भारतकोकिला कही जाने वाली लता मंगेशकर ने वर्ष 1963 के गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के रामलीला मैदान में इसे तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की उपस्थिति में गाया था…यह अमर गीत कवि प्रदीप (वास्तविक नाम – रामचंद्र द्विवेदी) ने लिखा, और भारत-चीन युद्ध में शहीद हुए भारतीय वीरों को समर्पित किया था. इस गीत को सी रामचंद्र ने संगीतबद्ध किया था. विशेष बात यह है कि इस गीत से जुड़े किसी भी कलाकार या तकनीशियन (गायक, लेखक, संगीत निर्देशक, वाद्ययंत्र बजाने वालों, रिकौर्डिंग स्टूडियो, साउंड रिकॉर्डिस्ट आदि) ने कोई पारिश्रमिक नहीं लिया था, और बाद में लेखक कवि प्रदीप ने इस गीत की रॉयल्टी भी ‘वार विडोज़ फंड’ (War Widow Fund) को दे दी थी.

मेरा रंग दे बसंती चोला…

‘भारत कुमार’ के नाम से मशहूर अभिनेता मनोज कुमार की फिल्म ‘शहीद'(1965) का यह गीत आज भी लोगो द्वारा गुनगुनाया जाता है.इस गीत को संगीतकार प्रेम धवन ने गाया था.

जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़ियां करती है बसेरा…

फिल्म सिकन्दर-ए-आज़म (1965) का यह बेहद ही खूबसूरत गीत आज हर हिन्दूस्तानी की जुबान पर है. मुझे भी यह गीत मेरे बचपन से ही कंठस्थ है…

इंसाफ की डगर पे बच्चो दिखाओ चल के…

कवि प्रदीप (वास्तविक नाम – रामचंद्र द्विवेदी) के लिखे अमर गीतों में से एक यह भी है,फिल्म गंगा जमुना (1961) का यह गीत आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है.

आओ बच्चो, तुम्हें दिखाएं झांकी हिन्दुस्तान की…

बेहद सुरीले अंदाज़ में देशवासियों की वीरता की गाथाएं नई पीढ़ी को समझाता-बताता फिल्म ‘जागृति’ (1954) यह गीत आज भी सैकड़ों-हजारों स्कूलों में प्रार्थना की तरह गाया जाता है. कवि प्रदीप द्वारा लिखे इस गीत को संगीतकार हेमंत कुमार ने बेहद ही खुबसूरती के साथ गाया है.

ऐ मेरे प्यारे वतन…

देशभक्ति के गीतों का ज़िक्र इस गीत की चर्चा किए बिना अधूरा होगा. फिल्म काबुलीवाला (1961) का यह गीत गुलज़ार साहब ने लिखा है. देश को समर्पित इस गीत को सुनकर आज भी लोगो की आंसू छलक उठता है

अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नहीं…

‘ट्रेजेडी किंग’ कहे जाने वाले सुपरस्टार दिलीप कुमार की पर्दे पर मौजूदगी ने इस देशभक्ति गीत को एक नया आयाम दिया. उस समय ही नहीं बल्कि आज भी फिल्म ‘लीडर’ (1964) का यह गीत बच्चे-बच्चे की ज़ुबान पर रहता है. गीतकार शकील बदायूंनी ने इस गीत को लिखा है.

आजादी को ग्रांटेड मानकर नहीं चलना चाहिए : आदर जैन

रणबीर कपूर के कजिन और ‘यशराज फिल्म्स’की फिल्म ‘कैदी बैंड’में एक अंडर ट्रायल कैदी की भूमिका निभा रहे अभिनेता आदर जैन फिल्म में जेल से आजाद होने की जद्दोजेहाद करते हुए नजर आने वाले हैं. उनके लिए आजादी के मायने बहुत अलग हैं.

खुद आदर जैन आजादी की चर्चा चलने पर कहते हैं, ‘‘पहले मेरे लिए आजादी का मतलब जो चाहे वह बोलना था. मैं यह मानकर चलता था कि हम आजाद देश के नागरिक हैं. हम भारत जैसे विशाल लोकतांत्रिक देश के नागरिक हैं. पर अब मेरी समझ में आ गया कि हम ऐसा करते समय कई छोटी छोटी चीजों को नजरंदाज करते रहे हैं. लेकिन फिल्म ‘कैदी बेंड’में अभिनय करते हुए मुझे आजादी का अर्थ बहुत गहराई के साथ समझ में आया. मुझे समझ में आया कि हमें अपनी बात खुलकर कहनी चाहिए. मगर सिर्फ देश या सरकार को कोसने से पहले हमें अपने अंदर झांककर भी देखना चाहिए कि हम अपने आजाद देश की आजादी को बरकरार रखने के लिए क्या कर रहे हैं. हमें सबसे पहले अपने देश से प्यार करना चाहिए. मैंने आजादी के महत्व को समझा है. अब मैंने आजादी की वैल्यू करनी शुरू की. सच कहूं तो हमारी युवा पीढ़ी के अंदर देश की आजादी को लेकर ज्यादा जोश है. आज की युवा पीढी इस बात को समझती है कि हमें हर बात को फिर चाहे वह अभिव्यक्ति की आजादी हो या कुछ और, उसे ग्रांटेड मानकर नहीं चलना चाहिए.’’

अक्षय के अनुसार ये है सच्चे देशप्रेम की पहचान

सौ से भी अधिक फिल्मों में अभिनय कर चुके तथा ‘एअरलिफ्ट’ व ‘रुस्तम’ जैसी देश भक्ति की बात करने वाली फिल्मों का हिस्सा बनने के बाद अब टायलेट के प्रति लोगों की सोच बदलने के लिए ‘‘टायलेट : एक प्रेम कथा’’ जैसी फिल्म करने वाले अभिनेता अक्षय कुमार को लोग कई नामों से पुकारने लगे हैं. कुछ लोग उन्हें संदेश वाहक की संज्ञा दे रहे हैं, तो कुछ लोगों का मानना है कि वह खुद को मनोज कुमार की तरह अपनी ईमेज देश प्रेमी की बनाना चाहते हैं. तो कुछ लोग उन्हें एक राष्ट्रप्रेमी के रूप में देखते हैं. पर खुद अक्षय कुमार ऐसा कुछ नहीं मानते. अक्षय कुमार का मानना है कि वह तो महज एक कलाकार हैं, जिनका मकसद लोगों का मनोरंजन करना है.

देशभक्ति व राष्ट्रप्रेम के संदर्भ में अक्षय कुमार कहते हैं, ‘‘मेरे लिए देशप्रेम यह है कि आप अपना काम खुद करने का प्रयास करें. हमारी सबसे बड़ी खराब आदत है कि हम सदैव सरकार को कोसते रहते हैं कि सरकार ने यह नहीं किया. सरकार यह नहीं कर रही, सरकार वह नहीं कर रही. मेरी राय में सच्चा देशप्रेमी इस तरह की बातें करने की बजाय यह सोचता है कि हमने देश के लिए क्या किया.’’

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