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मैं 21 साल की हूं. मेरे स्तनों का आकार लगातार बढ़ता जा रहा है. मेरे निप्पल का आकार भी ठीक नहीं है. बताएं क्या करूं.

सवाल
मैं 21 वर्षीय अविवाहिता हूं. मेरे स्तनों का आकार लगातार बढ़ता जा रहा है. मेरे निप्पल का आकार भी ठीक नहीं है. इस कारण मैं हीनभावना से ग्रस्त रहती हूं. मेरा वजन 52 किलोग्राम और लंबाई 5 फुट 6 इंच है. बताएं क्या करूं?

जवाब
घबराने की जरूरत नहीं है. शादी के बाद जब बच्चा होगा और आप उसे फीडिंग कराएंगी तब निप्पल ठीक हो जाएंगे.

बादशाहो : ऐसी फिल्में तो सत्तर और अस्सी के दशक में बनती थी

आपातकाल की पृष्ठभूमि में प्यार, धोखा, गुस्सा, नफरत, बदले की कहानी व एक्शन से भरपूर मिलन लूथरिया की फिल्म ‘‘बादशाहो’’ बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं डालती. सत्तर व अस्सी के दशक में इस तरह की कहानी पर तमाम मसाला फिल्में बन चुकी हैं. सिर्फ आपातकाल की पृष्ठभूमि बताने से कहानी असरदार नहीं बनती.

फिल्म ‘‘बादशाहो’’ की कहानी शुरू होती है 1973 में जयपुर की महारानी गीतांजली के महल में चल रही एक पार्टी से. इस पार्टी में शासक दल के बड़े नेता संजीव (प्रियांशु चटर्जी) भी मौजूद हैं, जो कि महारानी से नाराज होकर महल से बाहर निकलते हैं. दो साल बाद आपातकाल लगने पर संजीव सेना को आदेश देते हैं कि अब महाराज नहीं रहे, इसलिए जयपुर के राजमहल की तलाशी लेकर महारानी गीतांजली के पास मौजूद सारा सोना जब्त करके दिल्ली के सरकारी खजाने में जमा किया जाए.

सेना का अफसर सैन्य बल के साथ राजमहल पहुंचता है. उसे जो कुछ मिलता है, उसकी जानकारी वह संजीव को देता रहता है. सोना मिलने के बाद महारानी को जेल भेज दिया जाता है. जेल के बाहर महारानी को छुड़ाने के लिए हंगामा होता है. इसी हंगामे में बदमाश भवानी सिंह (अजय देवगन) गिरफ्तार होकर जेल के अंदर पहुंचते हैं, जहां महारानी गीतांजली उनसे अपना सोना सरकारी खजाने तक पहुंचने से पहले वापस लाकर देने के लिए कहती हैं. पता चलता है कि भवानी सिंह कभी राजमहल में ही रहा करता था. वह महाराजा का अतिविश्वासपात्र था. महाराजा की मौत के बाद महारानी ने उस पर विश्वास किया था. दोनों के बीच कुछ ज्यादा ही अच्छे संबंध रहे हैं. पर एक गांव के जलाए जाने पर भवानी सिंह को अहसास हुआ था कि महारानी ने अपने चेहरे पर कई मुखौटे ओढ़ रखे हैं. तब वह महल से दूर चला गया था. पर अब वह महारानी की मदद के लिए तैयार है.

महारानी की सेक्रटरी संजना (ईशा गुप्ता) भी भवानी सिंह के साथ हैं. इसके अलावा भवानी सिंह ने महारानी के सोने को सरकारी खजाने में पहुंचने से पहले ही लूट लेने के मकसद से अपने सहयोगी दलिया (इमरान हाशमी) तथा ताला खोलने में माहिर तिकला (संजय मिश्रा) को बुला लिया है.

सरकार ने जब्त सोने आर्मी ट्रक में भरकर दिल्ली लाने की जिम्मेदारी सैन्य अधिकारी व कमांडो सहर (विद्युत जामवाल) को दी है. यह ट्रक व सैन्य अधिकारी चलते हैं. रास्ते में भवानी सिंह अपने साथियों के साथ सभी को हराकर ट्रक पर कब्जा कर भागते हैं. रास्ते में एक पुलिस अफसर (शरद केलकर) उनका पीछा करता है. अंततः एक जंगल में जाकर भवानी सिंह व उसके साथी सारा सोना पिघलाकर उसे ऊंटो पर लादकर चल देते हैं. इधर पता चलता है कि कमांडो सहर तो महारानी गीतांजली से मिला हुआ है.

अंततः सारा सोना उस गांव में जाकर बंट जाता है, जिस गांव को जलाने का आदेश कभी महारानी गीतांजली ने दिया था. खैर, अब आर्मी कहां गयी, महारानी कहां गयी, कुछ स्पष्ट नहीं होता. पर एक खंडहर में भवानी सिंह व उसके साथी आपस में बातें करते हुए नजर आते हैं.

अस्वाभाविक दृश्यों से भरपूर तितर बितर व अति कमजोर  पटकथा से युक्त फिल्म ‘‘बादशाहो’’ में आकर्षण वाला कोई मामला नही है. किरदारों का चरित्र चित्रण भी गड़बड़ है. अति कमजोर कहानी व पटकथा वाली यह फिल्म बोर ही करती है. संजीव के किरदार को संजय गांधी जैसा लुक दिया गया जिसकी वजह महज फिल्म को आपातकाल की पृष्ठभूमि से जोड़ना रहा या कुछ और यह फिल्मकार ही बेहतर जानते होंगे.

फिल्म की लोकेशन अच्छी है. कैमरामैन ने कुछ अच्छे दृश्य कैमरे में कैद किए हैं. जहां गीत संगीत का सवाल है, तो फिल्म का एक गाना ‘‘मेरे रश्के  कमर..’ ही ठीक है. जहां तक अभिनय का सवाल है, तो अजय देवगन कुछ कमाल नहीं दिखा पाए. इमरान हाशमी निराश करते हैं. ईलियाना डिक्रूजा जरुर अच्छी लगी हैं. विद्युत जामवाल का अभिनय भी ठीक ही है. संजय मिश्रा के हिस्से कुछ संवाद अच्छे आ गए हैं और उनकी परफार्मेंस भी अच्छी है.

दो घंटे तीस मिनट की अवधि वाली फिल्म का निर्माण मिलन लूथरिया, भूषण कुमार व किशन कुमार ने किया है. फिल्म के लेखक रजत अरोड़ा, निर्देशक मिलन लूथरिया, संगीतकार तनिष्क बागची व अंकित तिवारी तथा कलाकार हैं-अजय देवगन, इमरान हाशमी, ईलियाना डिक्रूजा, शरद केलकर, संजय मिश्रा, ईशा गुप्ता व अन्य.

बायोपिक के लिए किसी ने लिए 1 रुपये, तो किसी ने 60 करोड़

बौलीवुड में इन दिनों बायोपिक का दौर चल रहा है. असल जिंदगी के लोगों की कहानी और संघर्ष को बड़े परदे पर फिल्म के माध्यम से दिखाना अब एक ट्रेंड बन गया है. अब दर्शक भी अपनी पसंद बदल कर असली जिंदगी के हीरो के बारे में अधिक जानना चाहते हैं. इसलिए बौलीवुड के एक्टर्स भी इस तरह के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं.

वो अपनी फिल्मों के जरिये उन लोगो के जीवन के सच और संघर्ष लोगों को दिखाने की कोशिश कर रहे हैं जो काल्पनिक नहीं है. ये बायोपिक फिल्में ज़्यादातर खिलाड़ियों के जीवन पर बनी हैं. लेकिन अगर हम आपसे पूछे की क्या आप जानते हैं, इनमें से कुछ खिलाडियों ने अपनी जीवन पर फिल्म बनाने के लिए पैसों की मांग भी की है. वहीं कुछ ने तो एक भी पैसा नहीं वसूला.

भाग मिल्खा भाग

मिल्खा सिंह एक ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने 1958 में भारत को कौमनवेल्थ खेल में गोल्ड मैडल दिला कर विश्व भर में भारत का नाम रोशन किया है. उनकी इस उपलब्धि और संघर्ष को डायरेक्टर ओम प्रकाश मेहरा ने बड़े परदे पर फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ के रूप में उतार दिया था. मिल्खा सिंह ने इसके लिए उनसे सिर्फ 1 रुपये चार्ज किये थे. मिल्खा सिंह की कहानी को बहुत पसंद किया गया और फिल्म ने अच्छा कारोबार भी किया था. इस फिल्म के लिए फरहान अख्तर को बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर और आईफा अवार्ड से सम्मानित किया गया था.

मैरी कौम

बौक्सर मैरी कौम पर बनी ये फिल्म अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि थी. उनके ऊपर फिल्म बनाये जाने के लिए इन्हें 25 लाख रुपये दिए गये थे. फिल्म में मैरी कौम का किरदार प्रियंका चोपड़ा ने निभाया था. इस फिल्म ने 100 करोड़ से ज़्यादा की कमाई की थी.

एम.एस.धोनी : द अनटोल्ङ स्टोरी

जब इस फिल्म का ऐलान हुआ था उसके बाद से लोग इस फिल्म को देखने के लिए पागल हो गये थे और हो भी क्यों न, इंडियन क्रिकेट टीम के सबसे पौपुलर खिलाड़ी के ऊपर फिल्म बनने वाली थी. फिल्म में सुशांत सिंह राजपूत ने धोनी का किरदार निभाया था. इस फिल्म में दिशा पटानी के साथ अन्य कई कलाकारों ने काम किया था जिसे लोगों ने खूब पसंद किया. फिल्म ने अच्छी कमाई भी की. लेकिन क्या आप जानते हैं इस फिल्म को बनाए जाने के लिए धोनी ने 60 करोड़ जैसी बड़ी रकम की मांग की थी.

पान सिंह तोमर

सेना के जवान रहते हुए इंटरनेशनल एथलीट और फिर बागी बने पान सिंह तोमर की जिंदगी पर बनी इस फिल्म ने नाम और पैसा खूब कमाया था. इस फिल्म में पान सिंह का किरदार इरफान खान ने बखूबी निभाया था. पान सिंह का असल किरदार परदे पर दिखाने के लिए उनके परिवार को 15 लाख की रकम दी गई थी.

सचिन, ए बिलियन ड्रीम

जब हम क्रिकेट के बारे में सोचते हैं तो एक नाम सबसे ऊपर आता है, वो हैं क्रिकेट के भगवान, मास्टर ब्लास्टर कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर. सचिन पर कोई फिल्म हो और उनके फैंस देखने न जाए ऐसा होना थोड़ा मुश्किल है. यही वजह रही होगी कि फिल्म ‘सचिन: ए बिलियन ड्रीम्स’ ने केवल दो दिन में 17 करोड़ से अधिक की कमायी कर ली थी. ये फिल्म कोई फीचर फिल्म नहीं बल्कि एक डौक्यूमेंट्री थी. ऐसी खबर थी कि सचिन ने इस डौक्यूमेंट्री को बनाये जाने के फिल्म मेकर्स से 40 करोड़ की बड़ी रकम मांगी थी.

अजहर

फिल्म अज़हर पौपुलर क्रिकेटर मोहम्मद अजरुद्दीन के जीवन पर आधारित थी. फिल्म बौक्स औफिस पर कोई कमाल नहीं कर पाई थी. इस फिल्म के लिए अजरुद्दीन ने एक भी पैसा नहीं लिया था. उनका मकसद अपनी असली कहानी को दर्शकों तक पहुंचना था. क्योंकि आज भी उनका नाम मैच फिक्सिंग जैसे मामले में जोड़ा जाता है.

दंगल

फिल्म दंगल एक ऐसे पिता और बेटियों की असल कहानी थी, जिसे लोग परदे पर देख कर अपने घर की कहानी से जोड़ने लगे थे. हरियाणा के रहने वाले पहलवान महावीर फोगाट के किरदार को आमिर खान ने इस कदर निभाया था कि फिल्म ने अभी तक के सारे रिकौर्ड तोड़ दिए हैं. इस फिल्म के लिए महावीर फोगाट को 80 लाख के करीब दिए गए थे.

कपिल शर्मा के शो पर लगा ब्रेक, जानें इसकी वजह

इन दिनों बुरे दौर से गुजर रहे कपिल शर्मा के फैंस के लिए एक और बुरी खबर है. सोनी चैनल की ओर से कपिल शर्मा के ‘द कपिल शर्मा शो’ को बंद करने का फैसला किया गया है. चैनल का यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब कपिल शर्मा की तबीयत खराब होने के चलते शो की शूटिंग बार-बार कैंसिल हो रही थी.

कपिल शर्मा की तबीयत उनके लिए मुश्किल बनती जा रही है. खराब तबीयत का असर उनके शो पर साफ दिख रहा है. अब सोनी चैनल के औफिशल प्रवक्ता ने कहा है कि कपिल काफी समय से बीमार चल रहे हैं, ऐसे में हमने निर्णय लिया है कि शो को कुछ समय के लिए रोक दिया जाए. जैसे ही कपिल ठीक होते हैं, हम फिर से शूटिंग शुरू कर देंगे.

उन्होंने कहा कि हम कपिल के साथ अपने रिश्ते की इज्जत करते हैं और हम कामना करते हैं कि कपिल जल्द से जल्द ठीक हो जाएं और दोबार काम पर लौट सकें. बता दें कि कपिल ने खराब तबीयत के चलते शाहरुख खान जैसे सितारों के साथ शूटिंग करने में असमर्थता जताई थी.

सूत्रों के मुताबिक, कपिल के शो की टाइमिंग में भी बदलाव किया गया है. अब यह शो 9 बजे की बजाय शाम 8 बजे आएगा. 9 बजे से कृष्णा अभिषेक का नया शो ड्रामा कंपनी आएगा. जब तक कपिल के शो के लिए नए एपिसोड की शूटिंग नहीं होती, तब तक पुराने एपिसोड को फिर से दिखाया जाएगा.

कंगना रनोट ने तल्ख लहजे में की ऋतिक से माफी की मांग

देखा जाए तो कंगना रनोट और ऋतिक रोशन के बीच हुए विवाद को लंबा अरसा हो गया है और दोनों ही अपने अपने करियर को लेकर आगे बढ़ चुके हैं, लेकिन एक बार फिर कंगना ने इस मुद्दे पर अपनी राय रखी. हाल ही में एक टीवी शो में महमान बनीं कंगना ने इंटरव्‍यू के दौरान तल्ख लहजे में ऋतिक से पब्लिकली माफी की मांग की है. कंगना ने हाल ही में दो अलग-अलग जगहों पर अपने इंटरव्‍यू में ऋतिक रोशन और उनके पिता के साथ हुए विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

कंगना ने अपने को-स्‍टार रहे ऋतिक के साथ हुए ई-मेल के विवाद पर कहा, मेरे नाम पर घटिया और वाहियात मेल रिलीज किए गए जिन्हें आज भी लोग गूगल कर पढ़ते और चटकारे लेते हैं.  ईमेल लीक होने की वजह से मुझे तनाव हुआ, मेंटल और इमोशनल ट्रामा हुआ. रातों तक मैं रोती थी और मुझे नींद भी नहीं आती थी. मैंने जितनी बेइज्जती सही है उसका कोई हिसाब नहीं है. इस बदतमीजी के लिए मुझे उनसे माफी चाहिए.

एक वीडियो में कंगना कह रही हैं, ‘मैं उनसे बहुत प्यार करती थी. जो कविता मैंने उनके लिए लिखी थी उन्होंने उसका इस्तेमाल मेरी इमेज को खराब करने के लिए किया. यह किसी दूसरी मौत से कम नहीं है.’

बता दें कि कंगना और ऋतिक के बीच यह विवाद तब शुरू हुआ जब ऋतिक रोशन ने फिल्‍म प्रमोशन के दौरान दिए एक इंटरव्‍यू में उन्‍हें ‘सिली एक्‍स’ कह कर पुकारा था. जिसके बाद कंगना ने भी ऋतिक को लीगल नोटिस भेजा था.

आपको बता दें कि फिल्म ‘काइट्स’ के दौरान ऋतिक रोशन और कंगना की मुलाकात हुई थी. जिसके बाद यह जोड़ी ‘कृष-3’ में भी साथ नजर आई. कंगना अब जल्‍द ही फिल्‍म ‘सिमरन’ में और फिल्‍म ‘मणिकर्णिका: द क्‍वीन आफ झांसी’ में नजर आने वाली हैं.

म्युचुअल फंड के बदले भी आप ले सकते हैं लोन, जानिए कैसे

शेयर बाजार में निवेश करने का सबसे सरल तरीका म्युचुअल फंड में निवेश करना होता है. वैसे म्युचुअल फंड के जरिए सिर्फ इक्विटी या शेयर बाजार में ही नहीं, बल्कि डेट, गोल्ड और कमोडिटी में भी पैसे लगाए जा सकते हैं.

लेकिन अगर आपको शेयर बाजार की ज्यादा समझ नहीं है या आप इसमें लगाए गए अपने पैसे की देखरेख के लिए वक्त नहीं निकाल सकते, तो म्युचुअल फंड निश्चित तौर पर आपके लिए बेहतर माध्यम है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि म्युचुअल फंड में निवेश की गई राशि पर आप लोन भी ले सकते हैं.

बैंक और कई एनबीएफसी कंपनियां आपको म्युचुअल फंड में निवेश किए गए पैसों पर लोन देने का औफर देते हैं. अगर ऐसे में आप लोन लेकर घर का रेनोवेशन, नए घर की बुकिंग या फिर कार लोन लेने की योजना बना रहे हैं तो यह आपके काम आ सकता है.

कैसे मिलता है म्युचुअल फंड पर लोन

म्युचुअल फंड में किए गए निवेश के बदले अधिकतर बैंक और एनबीएफसी कंपनियां लोन देती हैं. रिजर्व बैंक औफ इंडिया (आरबीआई) की गाइडलाइंस के अनुसार, आपको इस प्रकार का लोन लेने के लिए बैंक या फाइनेंस कंपनी के पास अपनी म्युचुअल फंड यूनिट्स को गिरवी रखना पड़ेगा. यूनिट्स के एनएवी के आधार पर आपको लोन मिलेगा. इसके लिए बैंक या कंपनी आपके द्वारा लिए गए यूनिट्स पर लिन मार्क कर देगी. बैंक या कंपनी आपको एक साल तक के लिए लोन देगा, जो आपको इसी पीरियड में चुकाना होगा.

कितना लोन मिल सकता है

आपको लोन के रूप में मिलने वाली कर्ज राशि आपकी म्यूचुअल फंड यूनिट की मार्केट वैल्यू से हमेशा कम होती है. यह मार्जिन कहलाता है. इक्विटी म्युचुअल फंड के लिए मार्जिन हमेशा डेट म्युचुअल फंड से ज्यादा होता है. इसलिए इक्विटी म्युचुअल फंड के मामले में मार्जिन 40 से 50 फीसद तक हो सकता है, जबकि डेट म्युचुअल फंड के लिए यह रेंज 10 से 20 फीसद की होती है. लोन की राशि पूरी तरह से फाइनेंसर पर निर्भर करती है, लेकिन ये 10 से 12 फीसद तक हो सकती है ताकि पैसे को सुरक्षित रखा जा सके.

कितना लगता है इंटरेस्ट

अगर आप पर्सनल लोन की बजाए इक्विटी म्युचुअल फंड पर लोन लेती हैं तो वे आपसे पर्सनल लोन से बहुत कम इंटरेस्ट चार्ज करते हैं. सेबी और आरबीआई की गाइडलाइंस के अनुसार बैंक आपसे 10-18 फीसदी के बीच इंटरेस्ट चार्ज कर सकते हैं. बैंक और एनबीएफसी कंपनियां लोन अमाउंट, फंड में मौजूद यूनिट्स की एनएवी और आपके द्वारा पहले लिए गए किसी लोन की रिपेमेंट हिस्टरी को देखकर इंटरेस्ट लेती हैं.

किनके लिए फायदेमंद

कई बार ऐसा होता है कि निवेशकों को छोटी अवधि के लिए जैसे कि तीन महीनों के लिए तत्काल पैसों की दरकार होती है. ऐसे में वो अपनी म्युचुअल फंड यूनिट को गिरवी रख लोन लेकर अपनी जरूरतों को पूरा कर सकते हैं.

एक मच्छर आपका ट्विटर अकाउंट बंद करवा सकता है

अगर आप कभी किसी मच्छर को मारें तो उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट न करें नहीं तो आपका अकाउंट बैन हो सकता है. यह मजाक नहीं है. जापान के एक ट्विटर यूजर का अकाउंट इसी कारण बैन किया जा चुका है.

एक व्यक्ति को मच्छर मारने की चौंकाने वाली सजा मिली है. जी हां ये सच है और अगर आप ट्विटर प्रेमी हैं तो यह गलती कतई न करें वरना हो सकता है कि आपको भी ऐसी कोई सजा मिल जाए जैसा कि जापान के इस शख्‍स के साथ किया गया है. ट्विटर ने उस पर बैन लगा दिया है और इसकी वजह एक मच्‍छर की तस्‍वीर पोस्‍ट करना है, जिसे उसने मारा था.

दरअसल बात यह है कि वह शख्‍स एक दिन टीवी देख रहा था, तभी एक मच्‍छर उसे परेशान करने लग गया. इस पर उसने मच्‍छर को मार दिया और उसकी तस्‍वीर खींच ट्विटर पर पोस्‍ट कर दी. फिर क्‍या, इसके बाद ट्विटर से उसके पास मैसेज आ गया कि उसका अकाउंट फ्रीज कर दिया गया है और दोबारा एक्टिवेट नहीं किया जाएगा.

क्या था ट्वीट

@nemuismywife नामक ट्विटर हैंडल से 20 अगस्त को एक ट्वीट किया गया. यूजर ने एक मरे हुए मच्छर की फोटो के साथ लिखा- जब मैं आराम से टीवी देखने की कोशिश कर रहा हूं तो तुम कहां से मुझे काटने आ गए? मरो! (असल में तुम पहले ही मर चुके हो.)

इसके बाद शख्‍स ने @DaydreamMatcha नाम से एक नया ट्विटर अकाउंट बनाया और ट्वीट कर बताया कि उसका पहला अकाउंट @nemuismywife हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है, क्‍योंकि उसने एक मच्‍छर को मारने की बात कही थी. शख्‍स ने गुस्‍से में यह सवाल किया कि क्‍या मच्‍छर को मारना एक हिंसा है. उसके इस ट्वीट को हजारों लोगों ने री‍ट्वीट किया है.

आईफोन खरीदने का है मन, तो ये काम करना कभी न भूलें

आईफोन 7 के बाद अब ऐपल कंपनी बाजार मे जल्द ही आइफोन 8 बाजार मे उतारने वाली है. ऐसे में अगर आप भी इस फोन को खरीदने का मन बना चुके हैं, तो यह खबर आपके ही काम की है. जो लोग पहले आईफोन का इस्तेमाल कर चुके हैं, उन्हें इनमें से काफी सारी बातें पता होंगी, लेकिन जो लोग पहली बार आईफोन का इस्तेमाल करने जा रहे हैं. उन्हें इस फोन से जुड़ी ये बातें पता होनी चाहिए.

आईफोन खरीदने के बाद आपको कौन से 10 काम सबसे पहले करने चाहिए.

 सबसे पहले ऐपल आईडी बनाएं

आईफोन खरीदने के बाद सबसे पहला और जरूरी काम होता है ऐपल आईडी बनाना. यह ऐपल के इकोसिस्टम में आने के लिए और फोन का इस्तेमाल करने वाले लोगों की लिस्ट में शामिल होने के लिए जरूरी है.

ऐपल आईडी के साथ आप ऐपल स्टोर से ऐप डाउनलोड और खरीद सकते हैं. आप इसकी मदद से म्यूजिक खरीद सकते हैं और iTunes से मूवी खरीद सकते हैं.

आईट्यून्स को इन्स्टौल करना जरूरी

अगर आपने ऐपल डिवाइस खरीदा है तो आपके लिए अपने कंप्यूटर पर आईट्यून्स इन्स्टौल करना जरूरी है. यह आपके कंप्यूटर से आपके फोन को जोड़ने के लिए जरूरी है. ये आपके म्यूजिक और वीडियो के डेटा को सेव करके रखता है. साथ ही आपको विकल्प देता है कि आप इस्तेमाल में न आने वाले म्यूजिक, वीडियो या फिर एप्स को डिलीट कर दें और अपने फोन मैमोरी को मैनेज करे.

अपने फोन को एक्टिवेट करें

ये शुरुआती दो स्टेप फौलो करने के बाद आपको अपने फोन को एक्टिवेट करने की जरुरत होती है. इसलिए आपको फंडामेंटल सेटिंग विकल्प की मदद से बेसिक सेटअप प्रोसेस को एक्टिवेट करना होगा, ताकि आप फेसटाइम, फाइंड माई आईफोन, आईमैसेज और अन्य फीचर्स का आसानी से इस्तेमाल कर पाएं.

सिंक्रोनाइज करें अपने डिवाइस को

ऐपल आईडी और आईट्यून इन्स्टौल करने के बाद आप इसमें कंटेट लोडिंग शुरू करें. इसके लिए अपने फोन को अपने कंप्यूटर के साथ जोड़ना होगा. जैसे ही आप केबल को प्लग करेंगे, आपका फोन सिंक होना शुरू हो जाएगा.

फाइंड माई आईफोन औप्शन को सेटअप करें

किसी सूरत में आप अगर अपना फोन खो देते हैं तो इस फीचर के जरिये अपने फोन की लोकेशन को ट्रैक कर सकते हैं. आप आईक्लाउड से फाइंड माई आईफोन फीचर को ढूंढ सकते हैं. यह आपके आईफोन में जीपीएस नेटवर्क बनाने में मदद करता है. ताकि खोने की सूरत में आप मैप के जरिये इसे ट्रैक कर पाएं.

आईक्लाउड को कन्फीगर करें

यह आपके ऐपल डिवाइस में डाटा सेव करने, सिंक करने और अपडेट करने के कई तरीकों में से एक है. यह फीचर ऐपल सर्वर पर आपके डेटा को सेव करने में मददगार होता है.

आईफोन खरीदने के बाद इन बातों का ध्यान रखकर आप अपने फोन का बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं.

भारतीय क्रिकेट टीम के इस खिलाड़ी ने बुजुर्ग से की हाथापाई

भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी अंबाती रायडू इन दिनों फिर से चर्चा में है. सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह एक बुजुर्ग के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई करते नजर आ रहे हैं.

आरोप है कि टीम इंडिया की ओर से वनडे खेल चुके रायडू तेज गति से कार चला रहे थे. तभी सुबह सैर पर निकले कुछ वरिष्ठ नागरिकों को उनकी कार से धक्का लगा. विरोध जताने पर रायुडू अपनी काली रंग की कार से बाहर निकले और बुजुर्ग से हाथापाई करने पर उतर गए. वहां मौजूद लोगों ने बचाव कर मामले को शांत किया. हालांकि इस मामले की शिकायत पुलिस से कर दी गई है.

न्यूज एजेंसी एएनआई ने यह वीडियो जारी किया है. एएनआई ने फिलहाल वीडियो की प्रमाणिकता का दावा नहीं किया है. वीडियो में अंबाती की गाड़ी दिख रही है. वीडियो देखकर ऐसा लग रहा है कि बुजुर्ग ने क्रिकेटर की रैश ड्राइविंग का विरोध किया था. जिससे नाराज होकर अंबाती हाथापाई करने पर उतारू हो गये.

यह पहली बार नहीं है जब विवादों के साथ अंबाती का नाम जुड़ा है, इससे पहले भी वह अपने साथी क्रिकेटर के साथ भी उलझ चुके हैं. मई 2016 में आईपीएल के दौरान अंबाती रायुडू और हरभजन सिंह की भिड़ंत हो गई थी. खास बात यह है कि दोनों एक ही टीम (मुंबई इंडियंस) का हिस्सा हैं.

2005 में भी रणजी मैच के दौरान पिच पर रायडू की अर्जुन यादव नाम के एक क्रिकेटर ले लड़ाई हो गई थी. दोनों के बीच यह लड़ाई आंध्र प्रदेश में हुई थी. अर्जुन आंध्र क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव शिवपाल यादव के बेटे हैं.

अंबाती रायडू ने भारत के लिए 34 वनडे इंटरनेशनल मैच खेले हैं और 1055 रन बनाए हैं. उन्होंने अपना आखिरी वनडे मैच जिम्बावे के खिलाफ खेला था. आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) में वह मुंबई इंडियंस की तरफ से खेलते हैं.

किसानों को बड़ी राहत, 2100 करोड़ रुपये का बोनस देगी सरकार

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के किसानों को धान की फसल का बोनस देने का फैसला किया है. किसानों को दीवाली से पहले 2,100 करोड़ रुपए का बोनस दिया जाएगा. मुख्यमंत्री रमन सिंह ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ स्थित भाजपा कार्यालय में एक प्रेस वार्ता सम्मेलन में इस बात की घोषणा की. रमन सिंह ने बताया कि इस फैसले में केन्द्र सरकार की सहमति है और वो भी इस फैसले के पक्ष में हैं.

रमन सिंह ने इस बात की चर्चा भी केन्द्र सरकार के समक्ष की कि किस प्रकार छत्तीसगढ़ सूखे की मार झेल रहा है. चर्चा में बताया गया कि छत्तीसगढ़ के 50 से ज्यादा विकासखंड सूखे की मार झेल रहे हैं. वर्षा नहीं होने की वजह से पेयजल का संकट होगा, तथा वहां के किसानों की स्थिति ठीक नहीं है.

रमन सिंह ने बताया कि केन्द्र सरकार ने धान की खरीद का बोनस देने का फैसला किया है. रमन सिंह ने बताया कि आज शाम तक किसानों को बोनस देने के संबंध में राज्य सरकार के द्वारा आदेश जारी कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस फैसले से किसानों के जीवन में खुशी आएगी.

इससे पहले भी राज्य सरकार ने वर्ष 2013-14 में किसानों को 2,374 करोड़ रुपये बोनस राशि दी थी. इससे पहले मुख्यमंत्री रमन सिंह ने गुरुवार को राज्य के​ विधायकों, सांसदों तथा पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की और उन्हें किसानों को बोनस देने के फैसले की जानकारी दी. बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी अनिल जैन तथा महासचिव सरोज पांडेय समेत कई नेता मौजूद थे.

आपको बता दे की छत्तीसगढ़ में 80 प्रतिशत लोग खेती बाड़ी का काम कर अपना जीवन यापन करते है, तथा यहां की मुख्य फसल धान है. आये दिन सूखे तथा आपदा की मार झेल रहे किसानो के लिये यह एक अहम फैसला माना जा रहा है. इससे किसानों को उनके फसलो का उचित दाम मिल सकेगा और इस फैसले से उनका मनोबल भी बढ़ेगा.

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