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आखिर किस बुरे दौर को याद कर रो पड़े सचिन तेंदुलकर

भारतीय क्रिकेट के धमाकेदार बल्लेबाज मास्टर बलास्टर सचिन तेंदुलकर ने कहा कि भारतीय टीम के लिए 2007 का विश्व कप सबसे बुरा दौर था. यह बात उन्होंने एक कार्यक्रम में कही. सचिन ने कहा कि वेस्टइंडीज में 2007 विश्व कप के पहले दौर में टीम के बाहर होने के बाद भारतीय क्रिकेट में कई सकारात्मक बदलाव आए.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रिकौर्डों के बादशाह के तौर पर जाने जाने वाले इस खिलाड़ी ने कहा,  मुझे लगता है 2006-07 का सत्र हमारे टीम के लिये सबसे बुरा था. हम विश्व कप के सुपर आठ दौर के लिए भी क्वौलीफाई नहीं कर सके थे. लेकिन हमने वहां से वापसी की, नए तरह से सोचना शुरू किया और सही दिशा में आगे बढ़ना शुरू किया.

राहुल द्रविड के नेतृत्व में उस विश्व कप में भारतीय टीम ग्रुप चरण में श्रीलंका और बांग्लादेश से हार कर बाहर हो गई थी. सचिन ने कहा विश्व कप के बाद हमें कई बदलाव करने पड़े और एक बार जब हमने यह तय कर लिया कि टीम के तौर पर हमें क्या करना है तो हम पूरी शिद्दत के साथ उसे करने के लिय प्रतिबद्ध थे, जिसके नतीजे भी आए.

शतकों का शतक लगाने वाले इस बल्लेबाज ने कहा हमें कई बदलाव करने थे. हमें यह नहीं पता था कि वह सही है या गलत. यह बदलाव एक दिन में नहीं आया. हमें नतीजों के लिए इंतजार करना पड़ा. मुझे विश्व कप की ट्रौफी को उठाने के लिए 21 वर्षों का इंतजार करना पड़ा.  महेन्द्र सिंह धोनी के नेतृत्व में 2011 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के तेंदुलकर महत्वपूर्ण सदस्य थे.

बता दें कि सचिन पहले भी 2007 के विश्वकप की बुरी यादों का जिक्र कर चुके हैं. सचिन तो यह तक कह चुके हैं कि वह इस विश्वकप के बाद संन्यास तक लेना चाहते थे. 2007 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को ग्रुप मैचों में बांग्लादेश और श्रीलंका से हार का सामना करना पड़ा था. टीम इंडिया को उस वर्ल्ड कप के ग्रुप मैच में केवल बरमुडा पर ही जीत हासिल हो सकी थी और उसे टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा. सचिन भी उस टीम के सदस्य थे और खराब बल्लेबाजी के लिए तब उनकी खूब आलोचना हुई. बांग्लादेश के साथ हुए मैच में सचिन ने 7 रन बनाए जबकि श्रीलंका के खिलाफ वह अपना खाता भी नहीं खोल सके.

सचिन ने कहा कि वह क्रिकेट से तभी संन्यास ले लेते लेकिन उनके बड़े भाई अजीत तेंदुलकर ने उन्हें ऐसा करने से रोका था. सचिन ने बताया था कि उनके बड़े भाई ने उन्हें 2011 वर्ल्ड कप तक खेलने की सलाह दी थी.

सचिन ने कहा मुझे अभी भी 2007 का वर्ल्ड कप याद है जब हम हारकर घर लौटे. मैं अपने प्रदर्शन से इतना निराश था कि संन्यास लेने के बारे में विचार करने लगा. मैंने अपने भाई अजीत को फोन किया और कहा कि मैं क्रिकेट छोड़ना चाहता हूं. अजीत ने मुझसे कहा तुम 2011 की कल्पना करो जब तुम वानखेड़े स्टेडियम में खेल रहे होगे.

सचिन ने 2011 में वर्ल्ड कप फाइनल जीतने के बाद के अहसास को साझा करते हुए कहा मैं काफी भावुक हो गया था और मेरी आंख में आंसू आ गए. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वह लम्हा बहुमूल्य था. वह कुछ ऐसा समय था जिसका सपना मैं देखा करता था.

भारत-आस्ट्रेलिया सीरीज : इन 5 भारतीय खिलाड़ियों पर होगी सबकी नजर

आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जाने वाली पांच वनडे मैचों की सीरीज के पहले तीन मैचों के लिए भारतीय टीम की घोषणा हो चुकी है. रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा को आराम दिया है. आस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम अपने पहले तीन वनडे मैच 17 सितम्बर को चेन्नई में, 21 सितम्बर को कोलकाता में और 24 सितम्बर को इंदौर में खेलेगी.

भारतीय टीम अपने पिछले सीरीज में श्रीलंका को 9-0 से हराकर आस्ट्रेलिया के रिकार्ड की बराबरी की थी. अब भारत का मुकाबला आस्ट्रेलिया के साथ है. इस सीरीज में भारतीय टीम के 5 युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर चयनकर्ताओं की पैनी नजर होगी क्योंकि इससे इनके भविष्य का भी फैसला हो जायेगा. आईए जानते हैं कौन हैं ये 5 खिलाड़ी.

मनीष पांडे

कर्नाटक का यह युवा बल्लेबाज पिछले कुछ समय से लगातार टीम से अंदर-बाहर होता रहा है. श्रीलंका के दौरे पर भी उन्हें शुरुआती मैचों में खेलने का मौका नहीं मिला पर जब मौका मिला तो उन्होंने उसे दोनों हाथों से पकड़ लिया और दो अच्छी पारियां खेली.

श्रीलंका में उनके प्रदर्शन को मद्देनजर रखा गया तो उन्हें इस सीरीज में आसानी से चौथे क्रम पर बल्लेबाजी करने का मौका मिल जायेगा.

इस सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करके पांडे के पास मौका होगा कि वह भविष्य के लिए टीम में अपनी जगह पक्की कर सके क्योंकि 2019 विश्वकप भी ज्यादा दूर नहीं है.

मनीष के वनडे करियर पर नजर डालें तो 14 मैच में उन्होंने 49.57 की औसत से 347 रन बनाए हैं. उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 104 रन है. 94.58 की स्ट्राइक रेट वाले मनीष पांडे ने 1 शतक और 2 अर्धशतक लगाए हैं.

लोकेश राहुल

राहुल लोकेश का टेस्ट क्रिकेट में आंकड़ा उनकी प्रतिभा और क्षमता को दर्शाते हैं, लेकिन वनडे में उनका प्रदर्शन उतना बेहतर नहीं रहा है. इस सीरीज में उनसे काफी उम्मीदे हैं. 10 वनडे मैचो में उन्होंने 248 रन बनाए हैं. उन्होंने 1 शतक लगाया है और उनका सर्वाधिक स्कोर भी 100 रन है.

मोहम्मद शमी

आस्ट्रेलिया सीरीज के लिए टीम में हुआ दूसरा परिवर्तन है शमी को जगह मिलना और उन्हें इस मौके का पूरा फायदा उठाना पड़ेगा. शमी में पूरी क्षमता है कि वह खेल के तीनों प्रारूपों में टीम के प्रमुख गेंदबाज बन सकते हैं लेकिन बार-बार चोटिल होने की वजह से वो टीम में स्थायी नहीं रह पाते हैं.

कोहली और टीम प्रबंधन को शमी पर हमेशा विश्वास रहा है और इस सीरीज में शमी के पास उनके विश्वास पर खड़े उतरने का सबसे बड़ा मौका भी है. शमी जहां नई गेंद से गति से साथ स्विंग हासिल करते हैं वही पुरानी गेंद से सटीक यार्कर भी मारते हैं.

शमी को अच्छे प्रदर्शन के साथ ही अपने फिटनेस का भी पूरा ध्यान रखना पड़ेगा क्योंकि आने वाले समय में टीम को उनकी गेंदबाजी और अनुभव की काफी जरूरत पड़ने वाली है.

मोहम्मद शमी ने अबतक 49 वनडे में 91 विकेट लिए हैं. उमेश की तरह उनके पास भी अपने 100 विकेट पूरा करने का सुनहरा अवसर होगा. 35 रन देकर 5 विकेट उनका सबसे बेहतर प्रदर्शन रहा है.

उमेश यादव

आस्ट्रेलिया की सीरीज के लिए टीम में जो दो परिवर्तन किये गये हैं उसमें एक उमेश यादव भी हैं. उमेश पर जिम्मेदारी होगी कि पिछले सत्र में टेस्ट मैचों में किये अपने प्रदर्शन को इस बार एकदिवसीय मैचों में भी दिखाएं.

टेस्ट मैचों में विराट कोहली के लिए उमेश सबसे कारगर हथियार रहे हैं. एकदिवसीय सीरीज में आराम के बाद वापसी कर रहे उमेश पर इस बार सभी की नजरें होगी और सभी यही उम्मीद करेंगे कि वह पूरी सीरीज में अच्छा प्रदर्शन करें और टीम को जीत दिलाने में मदद करें.

उमेश यादव ने 70 वनडे में 98 विकेट लिए हैं. 31 रन देकर 4 विकेट उनका सबसे बेहतर प्रदर्शन रहा है. उनका गेंदबाजी औसत भी 6 के नीचे है.

अक्षर पटेल

अक्षर पटेल को रविन्द्र जडेजा की जगह टीम में जगह मिली है जो इस बात की गवाही देता है कि उनमें कबिलियत है. गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी में भी अक्षर काफी उपयोगी साबित होते हैं जिस वजह से वो लम्बे समय तक टीम का साथ निभा सकते हैं. अक्षर ने 34 वनडे में 41 विकेट लिए है. उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन 34 रन देकर 3 विकेट है.

क्रिएटिव प्लेगरिज्म चालू आहे..!

29 अगस्त 2014 को अभिनेत्री, मौडल और सिंगर पूनम पांडे ने ‘ट्रिप टू भानगढ़’ फिल्म से डेब्यू किया था. अपनी तरह की इस अनूठी रियल हान्टेड थ्रिलर को काफी सराहा गया था. इस फिल्म को रिलीज हुए काफी अरसा हो गया है लेकिन इस फिल्म का आज फिर से जिक्र इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इस फिल्म का पोस्टर एक नयी शक्ल में इंटरनेट में तैर रहा है.

दरअसल इन दिनों टीवी क्वीन एकता कपूर ने रागिनी एमएमएस फ्रेंचाइजी का डिजिटल वर्जन वेब सीरीज रागिनी एमएमएस 2.2 रिलीज किया है. और यह महज संयोग नहीं हो सकता कि इस सीरीज का पोस्टर ‘ट्रिप टू भानगढ़’ फिल्म के पोस्टर से पूरी तरह से इंस्पायर हो.

ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. इस से पहले भी शाहरुख खान की फिल्म रा-वन का पोस्टर बैटमैन फिल्म से लिया गया था. फिल्म राज का पोस्टर एंटीक्राइस्ट से उड़ाया गया था. बहरहाल इसकी एक लम्बी लिस्ट है.

इस बाबत जब ऐक्ट्रेस पूनम पांडे से प्रतिक्रिया ली गई तो उन्हें भी दोनों पोस्टर्स की सिमिलैरिटी देखकर आश्चर्य हुआ. पूनम कहती हैं, यह महज संयोग भी हो सकता है. कई बार क्रिएटिव लोग एक जैसा सोच लेते हैं. कई बार कहीं से इंस्पायर भी होते हैं, लेकिन इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि रागिनी एमएमएस का पोस्टर फिल्म ट्रिप टू भानगढ़ से काफी मिलता जुलता है.

आपको बता दें कि पूनम पांडे न सिर्फ सफल मौडल व स्टेज एक्ट्रेस हैं बल्कि युवा फिल्म में भी काम कर चुकी हैं, निर्देशक जसबीर भाटी की फिल्म युवा एक गंभीर मुद्दे पर बनी थी. इसके अलावा उन्होंने कलर्स, सोनी और जी टीवी पर प्रसारित हो चुके कई सीरियल्स में काम किया है.

फिलहाल पूनम अभिनय के हर आयाम को छू रही हैं. बौलीवुड में एक खास छाप छोड़ने के बाद आप उन्हें जल्द ही गुजराती फिल्मों में अभिनय करते देखेंगे. रीजनल फिल्मों का बढ़ता चलन और गुजारी फिल्मों की देश दुनिया में बढ़ती दर्शकों की तादाद देखते हुए कहना गलत नहीं होगा कि पूनम वहां भी कामयाबी भरी पारी खेलेंगी.

फिल्में क्रिएटिविटी का सबसे बड़ा मीडियम मानी जाती हैं. एक्टर की एक्टिंग जहां मेथड होती है वहीं पब्लिसिटी भी इन्नोवेटिव स्टायल में की जाती है. जिस तरह फिक्शन नौन फिक्शन की दुनिया में प्लेगरिज्म यानी लिटरेचर की चोरी चलता है ठीक वैसे ही बौलीवुड से लेकर हौलीवुड तक प्लेगरिज्म काफी देखा गया. फिल्मों की स्टोरी कौपी करने का चलन अब काफी कम इसलिए हो गाया है क्योंकि फिल्में ग्लोबल लेवल पर रिलीज होती हैं और अगर किसी प्रोडूसर ने किसी कंट्री की फिल्म बिना परमिशन चोरी तो कापीराइट का मामला बन जाता है और फौक्स, सोनी और वार्नर्स ब्रदर्स जैसे हौलीवुड प्रोडक्शन हाउस अपनी फिल्मों के कापीराइट मोटी कीमतों पर बेच रहे हैं. इस वजह से अब ये काम आसान नहीं रहा गया है.

लेकिन इन दिनों जो काम धड़ल्ले से चल रहा है वह है पोस्टर से आइडिया उड़ाने का. किसी भी फिल्म का पोस्टर उसकी पब्लिसिटी टीम यह कहकर तैयार करती है कि ओरिजिनल कान्सेप्ट हैं लेकिन बाद में पता चलता है कि यह पोस्टर तो देखा हुआ लगता है. उम्मीद है एकता कपूर जैसे बिग बैनर्स से इस तरह की क्रिएटिव प्लेगरिज्म दोबारा देखने को नहीं मिलेगी.

बड़े काम की हैं आपको फोन की ये सेटिंग्स, आप भी करें इस्तेमाल

स्मार्टफोन आज के जमाने में सभी के पास है और इसका इस्तेमाल तो हर कोई करता है, लेकिन यह जरुरी नहीं कि फोन की हर सेटिंग के बारे में आपको अच्छे से पता हो. ऐसे में आज हम आपको तीन ऐसी सेटिंग्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिनके बारे में शायद आपको पता नहीं होगा. साथ ही इन्हें इस्तेमाल करने का तरीका भी हम आपको इस पोस्ट में बताएंगे. इनके जरिए आप अपने फोन के डाटा को हाइड कर सकते हैं. साथ ही फोन को बिना किसी पैटर्न और पासवर्ड के लौक कर सकते हैं.

फोन को कर सकते हैं लौक

आजकल स्मार्टफोन में यूजर्स अपनी निजी फोटोज, वीडियोज या डौक्यूमेंट्स संभाल कर रखते हैं. इसी के चलते कोई भी अपना फोन किसी को देना पसंद नहीं करता है. इस सेटिंग के चलते आप अपने डाटा को हाइड कर सकते हैं. इससे न तो कोई व्यक्ति आपके फोन की गैलरी खोल सकता है और न ही चैट देख सकता है.

सेटिंग कैसे करें

इसके आपको फोन की सेटिंग में जाकर यूजर औप्शन पर टैप करना होगा. इसके बाद औनर और गेस्ट लिखा हुआ दिखाई देगा यहां आपको Guest पर टैप करना है. इससे आपके फोन का पसर्नल डाटा कोई नहीं देख पाएगा. अगर आप अपना फोन किसी को देते भी हैं तो उसे केवल लिमिटेड फीचर्स का ही विकल्प मिलेगा.

स्क्रीन लौक

इस सेटिंग के जरिए आपका फोन लौक हो जाएगा और अगर आप किसी को अपना फोन देते भी हैं तो वो उतने ही फीचर्स इस्तेमाल कर पाएगा जितना उसे सामने दिखाई देगा. उदाहरण के तौर पर अगर आपने किसी को वीडियो देखने के लिए फोन दिया है तो वो वीडियो के अलावा किसी दूसरे फोल्डर में नहीं जा पाएगा.

सेटिंग कैसे करें

इसके लिए आपको फोन सेटिंग में जाकर सिक्योरिटी में जाना होगा. इसके बाद स्क्रीन प्लानिंग के विकल्प पर टैप करें. इसके बाद यूट्यूब या कोई भी फोल्डर ओपन करें. इसके बाद होमबटन के राइट में दिए औप्शन पर टैप करें यहां आपको एक पिन दिखाई देगी इस पर टैप करें. ऐसा करने से कोई भी यहां से बैक नहीं जा पाएगा.

स्क्रीन कलर एडजस्ट करें

रात में फोन इस्तेमाल करते समय आंखों पर काफी तनाव पड़ता है. लेकिन फोन में एक ऐसी सेटिंग दी गई है जो फोन के कलर को ब्लैक एंड व्हाइट में बदल देती है.

कैसे करें सेटिंग:

इसके लिए फोन सेटिंग में जाए. अब एक्सेसबिलिटी पर जाकर कलर इनवर्सन को औन कर दें.

मैं शादीशुदा युवती हूं. मेरी समस्या अजीब है. मैं चाहती हूं कि फटाफट संबंध बना कर फारिग हो सो जाएं. बताएं क्या करूं.

सवाल
मैं शादीशुदा युवती हूं. मेरी समस्या थोड़ी अजीब है. मेरे पति सहवास से पहले आलिंगन, चुंबन व स्तन मर्दन आदि काफी देर तक करते हैं. उन्हें इस में पता नहीं क्या आनंद आता है, जबकि मैं थक जाती हूं. मैं चाहती हूं कि फटाफट संबंध बना कर फारिग हो सो जाएं. बावजूद इस के वे पूरी तरह से इस में तल्लीन हो जाते हैं. बताएं मैं क्या करूं?

जवाब
आलिंगन चुंबन आदि सहवास पूर्व की रति क्रीड़ाएं हैं. इन से कामोत्तेजना बढ़ती है और सहवास का आनंद दोगुना हो जाता है. आप को पति को पूर्ण सहयोग देना चाहिए. हमबिस्तरी में तन के साथ साथ मन से भी प्रवृत्त होना चाहिए, तभी पति पत्नी दोनों को आनंदानुभूति होती है. आप को मालूम होना चाहिए कि सैक्स दांपत्य जीवन की धुरी होती है. अत: इस से विमुख न हों.

गलत चुना तो बेड़ा गर्क इसलिए संभलकर करें चुनाव

घर में आने वाली बहू को बेटे के लिए चुनने और उच्च न्यायालय में जज, मुख्यमंत्री अथवा प्रधानमंत्री चुनने में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है. एक मामले में घर की सुखशांति निर्भर रहती है, दूसरे में न्यायव्यवस्था और तीसरे में पूरे देश की शांति व उन्नति. तीनों मामलों में यदि गलत व्यक्ति चुन लिया गया तो समझो जो भी प्रभावित हो रहा है उस का बेड़ा गर्क तय है. उसे दूसरों के सामने नीचा ही नहीं देखना पड़ता, गलत निर्णयों का खमियाजा भी भुगतना पड़ता है जो कई मामलों में जानलेवा भी होता है.

मद्रास उच्च न्यायालय में नियुक्त न्यायाधीश सी एस करनान के व्यवहार पर मद्रास उच्च न्यायालय के जजों को बहुत शिकायत थी और उन्होंने उन का तबादला कोलकाता उच्च न्यायालय में करा दिया. उस पर जस्टिस करनान ने बहुत हंगामा खड़ा कर दिया जो अंतत: उन के रिटायर होने पर ही समाप्त हुआ.

यदि घर में पत्नी का उत्पात शुरू हो जाए तो पति ही नहीं, सासससुर, देवर, दौरानी, ननदें, बच्चे कितने तनाव और कठिनाइयों से जूझते हैं, यह जगजाहिर है. कितनी ही बार पति आत्महत्या कर डालते हैं, बच्चों का कैरियर खराब हो जाता है, सासससुर परेशान हो कर बीमार हो जाते हैं. घर में, छोटा हो या बड़ा, एक घुटन भर जाती है.

पत्नी के चयन के समय और जिस ने उसे खोजा था उस पर सवाल खड़े होने लगते हैं. उस समय जो मन में विचार आते हैं वे इस मामले में हाल के एक फैसले में सुप्रीम कोर्ट की निम्न राय, जो उस ने नियुक्ति के मामले में दी बहुत कुछ घरघर पर लागू होती है:

‘‘संविधान के निर्माता बड़े देशभक्त, परिपक्व और नैतिकता के उच्च मानदंडों के स्त्रीपुरुष थे. स्वाभाविक रूप से उन्होंने आशा की थी कि उच्च संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का चयन उन की योग्यता, कुशलता और विश्वसनीयता के आधार पर होगा. संविधान निर्माताओं को यह आभास था कि हर चयन सही ही हो इस की कोई गारंटी नहीं है और यह संभव है कि उच्च पद पर चयनित व्यक्ति अपने पद की गरिमा के विपरीत व्यवहार करे और पद के स्तर की अपेक्षाओं पर खरा न उतरे. इसीलिए संविधान में पद से हटाने के लिए महाभियोग का प्रावधान है और राष्ट्रपति तक पर यह लागू हो सकता है.’’

घर में हो रहे विवाद पर भी कुछ ऐसा ही हो सकता है. ऊपर के वाक्यों में संवैधानिक पद शब्दों की जगह अगर पत्नी लगा दिया जाए और महाभियोग की जगह डाइवोर्स कर दिया जाए तो ये वाक्य घरघर में लागू होते हैं. पत्नी को प्रेम के बाद चुना जाए या बिचौलियों द्वारा सुझाई गई सैकड़ों में से हर तरीके से जांचपरख कर घर में लाया जाए, अगर वह बिफर जाए तो जस्टिस करनान की तरह ही व्यवहार करती है.

जस्टिस करनान अपने दलित होने का हवाला बारबार देते रहे हैं और पत्नियां अपनेआप को कमजोर औरत होने का और कानून, पुलिस, महिला उत्पीडन का हवाला देती हैं.

पत्नी से निबटना हर घर के लिए उतना ही मुश्किल होता है जितना सुप्रीम कोर्ट के लिए जस्टिस करनान के मामले में था. इस मामले में जजों को दसियों निर्णय लेने पड़े और तब जा कर छुटकारा मिला पर अभी भी मामला चलता रहेगा.

पत्नी को निकालना आसान नहीं होना चाहिए यह ठीक है पर आमतौर पर माहौल यह होना चाहिए कि जब अनबन होने लगे तो पत्नीपति खुद फैसला करें और शांति से अलग हो जाएं. एक जिद पर अड़ जाए तो मामला बिगड़ जाता है.

सुप्रीम कोर्ट को पसीना आ गया एक जज से तलाक पाने पर लेकिन वह नहीं जानता कि लाखों पति, पत्नी व उन के घर वाले कठिन तलाक कानूनों के कारण एक जिद्दी पक्ष के कारण कराह रहे हैं और नर्क की सी जिंदगी जी रहे हैं.

काश, कोई सुप्रीम कोर्ट को बता सकता कि जो उस ने जस्टिस करनान के मामले में कहा है वह हजारों (शायद लाखों) मामलों में भुगता जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट के हाथ संविधान से बंधे थे पर वह पति या पत्नी के उत्पात से बचाने में तो अपना सहयोग दे सकता है कि परेशान घर जस्टिस करनान जैसों को वर्षों तक न सहें.

आजादी मगर समझदारी से वरना नुकसान आपका ही होगा

लड़कियां आमतौर पर अब नहीं चाहतीं कि उन्हें मोरैलिटी का उपदेश दिया जाए या टोकाटाकी की जाए. लेकिन कुछ मामले ऐसे होते हैं जो दर्शाते हैं कि लड़कियों को अपनी इज्जत नहीं, तो कम से कम हाथपैर बचाने के लिए सही हिफाजत करनी व रखनी चाहिए. दिल्ली के बेगमपुरा इलाके में एक रैस्तरां में शैफ का काम कर रही लड़की ने अपने को कुछ ज्यादा बोल्ड समझ लिया और नतीजा हुआ कि उसे 4-मंजिली बिल्डिंग से धक्का दे दिया गया.

लगता है वह लड़की कुछ ज्यादा घुलीमिली थी और तभी उस ने अपने 2 लड़के मित्रों और एक सहेली के साथ एक ही मोटरसाइकिल पर एक मौल में जाने का प्रोग्राम बना लिया. एक मोटरसाइकिल पर 4 में से जब वे लड़कियां हों तो उन की दशा क्या होगी, समझा जा सकता है. पर, यदि वह खुश थी तो साफ है कि उस की रजामंदी थी.

जब पुलिस वालों ने रोक कर 4 के एकसाथ चलने पर मोटरसाइकिल जब्त कर ली तो चारों ने एक आटोरिक्शा लिया. इस के बाद रास्ते में 2 को आटो में छोड़ कर एक लड़के  के साथ लड़की एक बन रहे मकान की चौथी मंजिल पर चली गई, जहां कोई मौजूद न था. वहां जो हुआ उसे छोडि़ए, पर थोड़ी देर में बिना कपड़ों के उसे चौथी मंजिल से धक्का दे दिया गया. तारों से उलझती हुई वह लहूलुहान हो कर सड़क पर आ गिरी.

अपने शरीर पर हर लड़की का अपना अधिकार है. समाज को या दूसरों को बोलने का हक नहीं है. सैक्स करना भी उस का अपना फैसला है. यदि वह 3 के बीच चिपक कर उमसभरी गरमी में एक ही मोटरसाइकिल पर बैठी थी तो आनंद पाने की अपेक्षा उसे थी ही. अगर वह चौथी मंजिल तक अपने मित्र के साथ गई तो कोई जबरदस्ती तो नहीं थी. यह उस का हक है कि वह क्या करे.

पर ऐसे मामलों में दूसरों को यह बताने का अधिकार है कि सार्वजनिक स्थानों पर वह न करें जो खतरनाक भी हो सकता है और दुखदायी भी. सैक्स का आनंद लेना भी हो तो सही जगह चुनें. बनते मकान को किसी भी काम के लिए चुनना गलत है.

बात नैतिकता की नहीं, व्यावहारिकता की है, जीवन के भविष्य की है, ब्लैकमेल होने के अंदेशे की है और हाथपैर तुड़वाने की है. लड़की का कहना कि वह सिर्फ बातें करने के लिए लड़के के साथ गई थी या उस की मां से मिलने गई थी तो बनते मकान की 4 मंजिलें चढ़ना आसान तो नहीं है. वह भी रात के 10 बजे.

आजादी का हक हर लड़की को है पर उसे अपनी आजादी को सूझबूझ कर इस्तेमाल करना तो सीखना ही होगा. सामाजिक वर्जनाओं और दकियानूसीपन को छोड़ भी दें तो भी दरिंदों के हाथ में अपनी आजादी का समर्पण करने का समर्थन नहीं किया जा सकता. इस लड़की का, चौथी मंजिल से गिरी या गिराए जाने के बाद, अब क्या होगा, इस बारे में अभी नहीं कहा जा सकता पर सदमा तो रहेगा और जिस आजादी की वह सोच रही थी, वह महीनों सालों गायब हो सकती है, शारीरिक कारणों से और पुलिस केस बनने से.

आपके कंप्यूटर पर हो सकता है फिरौती मांगने वाले वायरस का हमला

वायरस जब कंप्यूटर में आते हैं तो अपने साथ कई अवांछित परिवर्तन भी लेकर आते है, जिससे कंप्यूटर सिस्टम में कई समस्याएं आ जाती है. अपने कंप्यूटर को वायरस से बचाने के लिए लोग अलग अलग एंटीवायरस का उपयोग करते हैं, लेकिन क्या आपने ऐसे वायरस का नाम सुना है जो फिरौती की मांग करता है. आजकल एक अलग तरह के वायरस का कंप्यूटर पर हमला हो रहा है, जिसे रैनसमवेयर कहा जाता है.

मई 2017 में भारत सहित 100 देशों में वानाक्राई रैनसमवेयर ने दूरसंचार कम्पनियों, सरकारी एजेंसियो, अस्पतालों और आम लोगो के 2 लाख से ज्यादा कंप्यूटर सिस्टम को संक्रमित कर दिया था.

इस रैनसमवेयर ने कंप्यूटर की फाइल्स को लौक कर वापस अनलौक करने के लिए बिटकाइन में 300 से 600 डालर फिरौती की मांग की थी. इसे सबसे बड़ा साइबर हमला माना जाता है. अब खबर आ रही है कि सरकार ने रैनसमवेयर पर अलर्ट जारी किया है. यह स्पैम मेल द्वारा फैल रहा है और बताया जा रहा है की देशभर में इस रैनसमवेयर का हमला हो सकता है.

आइए जानते हैं कि रैनसमवेयर क्या है?

ये ऐसा वायरस है, जिससे हमलावर दुनिया पर साइबर अटैक कर पैसे कमाना चाहते हैं. रैनसमवेयर कंप्यूटर में सभी फाइल को एन्क्रिप्ट कर लौक कर देता है और वापस अनलौक करने के लिए कंप्यूटर डिस्प्ले पर फिरौती की मांग वाला सन्देश भेजता है, लेकिन फिरौती देने के बाद भी इस बात की कोई गारंटी नहीं होती कि फाइल्स वापस अनलौक हो जायेगी.

कैसे आता है रैनसमवेयर?

पुराने आपरेटिंग सिस्टम पर चल रहे कंप्यूटर जो समय के साथ अपडेट नहीं हुए हैं, उनपर रैनसमवेयर का खतरा ज्यादा है. विंडोज एक्सपी में चलने वाले सिस्टम आसानी से इससे प्रभावित हो चुके हैं. ज्यादातर हमले स्पैम मेल द्वारा हुए हैं, जिसमे ‘प्लीज रीड मी‘ लिखा था और इस अटैचमेंट पर क्लिक करने के बाद कंप्यूटर लौक हो गया था.

अपने कंप्यूटर सिस्टम को अपडेटेड रखें, यदि आप अभी भी विंडोज एक्सपी उपयोग कर रहे हैं, तो इसे नये वर्जन में अपग्रेड कर लें. विंडोज एक्सपी पर माइक्रोसाफ्ट ने सपोर्ट देना बंद कर दिया है.

किसी भी अनजान ईमेल में अटैचमेंट को और मेल में कोई अनजान लिंक, जिसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी है उसे न खोलें. खासकर ‘प्लीज रीड मी’ नाम वाले अटैचमेंट को, अगर गलती से किसी संक्रमित लिंक या अटैचमेंट से सिस्टम में आटोमेटिक प्रोग्राम इनस्टाल होने लग गया है, तो तुरंत कंप्यूटर का स्विच बंद कर दीजिए. नहीं तो आपका कंप्यूटर भी रैनसमवेयर से संक्रमित हो सकता है.

जल्द आ रहा है 100 का सिक्का, जानिए क्या होगा खास

आरबीआई द्वारा कई नए नोट जारी करने के बाद अब जल्द ही 100 रुपये का सिक्का लाने की तैयारी चल रही है. वित्त मंत्रालय ने 100 और 5 रुपये के नए सिक्के जारी करने के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया है. तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और दक्षिण भारत के सुपरस्टार रहे डा. एमजी रामचंद्रन की जन्म शताब्दी के उपलक्ष्य में इसे जारी किया जाएगा.

सिक्के पर एमजी रामचंद्रन की आकृति होगी और इसके नीचे ‘DR M G Ramachandran Birth Centenary’ लिखा होगा. ऊपरी हिस्से में यह देवनागरी लिपी में लिखा होगा. सिक्के के अगल हिस्से पर बीच में अशोक स्तंभ की आकृति होगी और ‘सत्यमेव जयते’ अंकित होगा.

100 रुपये के सिक्के का वजन 35 ग्राम और 5 रुपये के सिक्के का वजन 6 ग्राम होगा. 100 रुपये का सिक्का चांदी (50 फीसदी), कापर (40 फीसदी), निकेल और जिंक (5-5 फीसदी) से मिलकर बना होगा. वहीं, 5 रुपये के सिक्के में कापर (75 फीसदी), जिंक (20 फीसदी) और निकेल (5 फीसदी) का मिश्रण होगा

अभी 1, 2, 5 और 10 रुपये के सिक्के चलन में हैं. हाल ही में 200 रुपये के नोट भी जारी किए गए हैं. इसके अलावा 50, 500, 2000 रुपये सहित कई नोट बाजार में आ चुके हैं.

कौन हैं भारत रत्न एमजी रामचंद्रन

एमजी रामचंद्रन 1977 से 1987 के बीच तमिलनाडु के तीन बार मुख्यमंत्री रहे. राजनीति में आने से पहले वह दक्षिण भारतीय फिल्मों के बड़े अभिनेता और फिल्म निर्माता थे. 17 जनवरी 1917 को श्रीलंका के कैंडी में जन्मे रामचंद्रन ने ही 1972 में एआईडीएमके की स्थापना की. वर्ष 1988 में उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया. रामचंद्रन ही पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता को भी राजनीति में लेकर आए थे.

कब कब जारी हुए सिक्के

काले धन से निपटने के लिए बड़ी राशि के नोटों की जगह सिक्के जारी करने की सिफारिश होती रही है. पिछले साल महाराणा प्रताप की 476वीं जयंती पर भी 100 रुपये का सिक्का जारी किया गया था. इससे पहले 2010, 2011, 2012, 2014 और 2015 में भी 100 रुपये के सिक्के जारी किए जा चुके हैं.

आपने प्रचलन में देश में सबसे बड़ा कितनी राशि का सिक्का देखा है, 10 रुपये का न. लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि भारत में 1000 रुपये का भी सिक्का जारी हो चुका है. सरकार ने 2010 में तमिलनाडु के बेहद मशहूर एवं अति प्राचीन बृहदीश्वरा मंदिर के निर्माण के 1000 साल पूरे होने पर यह सिक्का जारी किया था.

सरकार ने 2010, 2011, 2012 और 2013 में 150 के सिक्के भी जारी किए थे. 150 रुपये के ये सिक्के 2011 में रवींद्रनाथ टैगोर की 150वीं जयंती और कैग की स्थापना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, 2012 में मोतीलाल नेहरू और मदन मोहन मालवीय की 150वीं जयंती पर तथा 2013 में स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती पर जारी किए गए थे.

2014 जवाहरलाल नेहरू की और 2015 में सर्वपल्ली राधाकृष्णन की 125वीं जयंती पर सरकार ने 125 रुपये के सिक्के जारी किए थे.

भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना के प्लेटिनम जुबिली वर्ष को सेलेब्रेट करने के लिए 2010 में 75 रुपये के सिक्के जारी किए गए थे.

देश में सिक्के ढालने वाली कोलकाता स्थित टकसाल की स्थापना के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 2012 में 60 रुपये के सिक्के जारी किए गए थे. 2014 में भी कोयर बोर्ड की स्थापना का डायमंड जुबिली वर्ष मनाने के लिए 60 रुपये का सिक्का जारी किया गया था.

यहां जानिए आईफोन 8, 8+ और X की खूबियां और कीमत

अपनी 10वीं सालगिरह के अवसर पर दिग्गज अमेरिकी टेलीकाम कंपनी ऐपल ने आईफोन 8, 8+ और X लान्च किया है. इस अवसर पर ऐपल टीवी और ऐपल स्मार्टवाच जैसे कुछ और गैजेट्स भी लान्च किए गए. ये सभी प्रौडक्ट मार्केट में 22 सितंबर से उपलब्ध होंगे. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 9 जनवरी 2007 को एपल ने अपना पहला आईफोन लान्च किया था.

जानें लान्च हुए तीनों प्रौडक्ट की खूबियां और कीमत.

आईफोन X

आईफोन X में 5.8 इंच का बिना बेजल वाला डिस्प्ले दिया गया है जिसका रिजाल्यूशन 1125×2436 पिक्सल है. कंपनी ने इसे सुपर रेटिना डिस्प्ले का नाम दिया है. खास बात यह है कि अब तक के किसी भी आईफोन में आपको ऐसा डिस्प्ले देखने को नहीं मिला है. आईफोन X को दो स्टोरेज वेरिएंट- 64 जीबी और 256 जीबी में पेश किया गया है.

आईफोन X में 12 मेगापिक्सल के दो रियर कैमरे दिए गए हैं. पहले वाले का अपर्चर f/1.8 है और दूसरे का f/2.4 है. इसके साथ ही सेल्फी के लिए 7 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है. आईफोन X में कोई होम बटन नहीं है. इसमें स्क्रीन पर नीचे से ऊपर की ओर स्वाइप कर होम पर जा सकते हैं.

आईफोन X में फेस रिकग्निशन अनलाक सिस्टम है यानी यह चेहरा पहचान कर खुद-ब-खुद आपका फोन अनलाक कर देगा. साथ ही पासकोड की सुविधा भी है. इसके टौप पर इन्फ्रारेड कैमरा है जो अंधेरे में भी यूजर का फेस डिटेक्ट कर सकता है. ऐसा दावा किया जा रहा है कि फेस आईडी, टच आईडी की तुलना में ज्यादा तेज और सुरक्षित है.

इसमें वायरलेस चार्जिंग टेक्नालजी है. आईफोन X की बैटरी आईफोन 7 से 2 घंटे ज्यादा चलेगी. आईफोन एक्स में एनिमेटेड इमोजी का भी औप्शन मौजूद है, अपने एक्सप्रेशन अब इमोजी के फार्म में भेज सकेंगे. इसे पर्लसेंट इफेक्ट के साथ सिल्वर और स्पेस ग्रे कलर में लान्च किया गया है. भारत सहित कई अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी प्री-बुकिंग 27 अक्टूबर से शुरू होगी. बिक्री के लिए 3 नवंबर से उपलब्ध होगा.

आईफोन X के 64 जीबी वेरिएंट की कीमत 999 डालर (करीब 64 हजार रुपये) है, वहीं 256 जीबी स्टोरेज वाले वेरियंट की कीमत 1,149 डालर (73,000 रुपये) है. यह फोन भारत में 89 हजार रूपये में मिलेगा.

आईफोन 8 और 8+

7000 सीरीज अल्युमिनियम, लेजर वेल्डेड स्टील और कापर स्ट्रक्चर के साथ आईफोन 8 का स्क्रीन साइज 4.7 इंच है. आईफोन 8+ का डिस्प्ले 5.5 इंच है. दोनों ही फोन में 12 मेगापिक्सल कैमरा है.

अन्य क्षमता की बात करें तो यूजर अब नए आईफोन से 240 फ्रेम प्रति सेकंड की स्पीड से 1080 पिक्सल के विडियो रिकॉर्ड कर पाएंगे. दोनों में ही ऐ11 बायोनिक प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है. ऐपल के मुताबिक इस नए आईफोन में सबसे पावरफुल और स्मार्ट चीप है. यह 70 फीसदी तेज है, 6-कोर सीपीयू है, साथ ही 30 फीसदी तेज ग्राफिक्स भी है.

आईफोन 8 और 8+ के दो स्टोरेज वेरिएंट होंगे- 64 जीबी और 256 जीबी. ये दोनों फोन ग्लास फ्रंट और बैक के साथ सिल्वर, स्पेस ग्रे, न्यू गोल्ड कलर में लॉन्च हुए हैं. नए आईफोन का ग्लास अब तक का सबसे ड्यूरेबल ग्लास है. यह भी वाटर और डस्ट रेजिस्टेंट खूबियों से लैस है. वायरलेस चार्जिंग के साथ इसमें भी 3D टच और ट्रू टोन डिस्प्ले है.

आईफोन 8 की कीमत 699 डालर से शुरू होगी जो भारत में 64 हजार रुपये में मिलेगा. आईफोन 8+ की कीमत 799 डॉलर से शुरू है जो भारत में 70 हजार रुपये के ऊपर जा सकती है.

हालांकि पहले ऐसा माना जा रहा था कि ये दोनों फोन भारत में 90 हजार और 1 लाख रुपये के आस-पास पड़ेंगे. भारत में आईफोन 8 और 8+ की प्री-बुकिंग 15 सितंबर से शुरू हो रही है. यह 29 सितंबर से बिक्री के लिए उपलब्ध होगा.

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