Sarita - The flagship magazine of the group that best embodies its ideology of fighting against religious obscurantism and political authoritarianism. Since its launch, Sarita has maintained a bold stance on issues of national importance and has been at the forefront of a crusade against the fetters that hinder the progress of our society.

अग्रलेख
सामाजिक
जजों की नियुक्ति : कानून नहीं सिस्टम बदलना होगा
भारत भूषण श्रीवास्तव | 1 September 2014
वक्त के साथ बदलती सरकारें सियासी स्वार्थ और वाहवाही लूटने के चक्कर में न्यायालयों पर नए कानून, संशोधनों का जाल बुनती रहती हैं...
Web Exclusive
जयललिता: निडरता ही विशेषता
परेशनाथ | 1 September 2014
‘अम्मां...अम्मां.’ न न ये आवाजें न तो बच्चों की हैं, न बहुओं की जिन्हें हर समय अम्मांजी का गुणगान करना होता है...
Web Exclusive
पानी क्यों है जरूरी
डा. अंजलि साल्वी | 1 September 2014
शरीर में पानी की 1% कमी भी आप की जान को जोखिम में डाल सकती है. जानिए कैसे...
Web Exclusive
डा. आंचल खुराना
गरिमा पंकज | 1 September 2014
‘‘जब आप हवा में बिना पैराशूट के तैर रहे हों तो लगता है कि बस जिंदगी यही है. मुझे यह एहसास इतना रोमांचक लगा कि मैं ने स्काईडाइविंग को अपना कैरियर बना लिया...
  • 15 August 2014
    नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने से पहले, उम्मीद में देश का शेयर बाजार बहुत ऊंचा हुआ था. उस के बाद कभी ऊंचा होता है तो कभी गिरता है...
  • 15 August 2014
    घर पर खाली बैठने और वक्त की बरबादी करने से बेहतर है कि कुछ ऐसा किया जाए जिस से...
  • आलोक सक्सेना  | 15 August 2014
    चुनाव से पहले देश की जनता अच्छे दिनों की आस में मन ही मन लड्डू फोड़े जा रही थी. अच्छे दिन आ भी गए लेकिन कम्बख्त अच्छे दिन जनता के नहीं, बल्कि किसी और के आए थे.
  • 15 August 2014
    किक 2009 में इसी शीर्षक से बनी तेलुगू फिल्म की रीमेक है.
  • 15 August 2014
    ऐसी उलझन जिस से निकल पाना आसान नहीं. हालात ऐसे कि एक ओर खाई तो दूसरी ओर कुआं.