Sarita - The flagship magazine of the group that best embodies its ideology of fighting against religious obscurantism and political authoritarianism. Since its launch, Sarita has maintained a bold stance on issues of national importance and has been at the forefront of a crusade against the fetters that hinder the progress of our society.

अग्रलेख
राष्ट्रीय
आजादी के 67 साल फिर भी भारत बेहाल
जगदीश पंवार | 15 April 2014
नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी अपनी सरकारों के गुड गवर्नेंस के जुमले बेशर्मी से दोहराते हैं लेकिन जरा जा कर तो देखें बीमार होते देश की तसवीर.
राष्ट्रीय
दलबदल का खेल नेताओं की ‘राज’ लीला
शैलेंद्र सिंह | 15 April 2014
हवा का रुख देख सियासतदां कैसे दोस्त को दुश्मन और दुश्मन को दोस्त बना रहे हैं, पढि़ए रिपोर्ट.
धर्म
आशुतोष महाराज समाधि और संपत्ति पर विवाद
जगदीश पंवार | 15 April 2014
दुनियाभर को त्याग का पाठ पढ़ाने वाले इन धर्मगुरुओं का बुरा हश्र संपत्ति विवाद को ले कर ही क्यों होता है?
राष्ट्रीय
सियासी मैदान में अनाड़ी बनते खिलाड़ी
भारत भूषण श्रीवास्तव | 15 April 2014
सत्ता की पिच पर सियासी खिलाड़ियों का खेल कितना फ्लौप हो रहा है, आप भी जानिये.
  • 15 April 2014
    मीडिया का एकतरफा व्यवहार कुछ नया नहीं है. आमतौर पर अखबार या चैनल अपनीअपनी पसंद के नेताओं को कुछ ज्यादा सहानुभूति से दर्शाते हैं.
  • सुमन अटल | 15 April 2014
    विश्वास एक बार टूटा तो फिर जुड़ नहीं पाता. जुड़ भी जाए लेकिन दरार रह जाती है. इसलिए शीशे की तरह नाजुक विश्वास को टूटने मत दीजिए.
  • लतिका बत्रा | 1 February 2014
    एक बच्चे को गोद ले कर उसे अपना वारिस बनाने से उत्तम है हर बच्चे में प्रेम बांटना, सब को ज्ञान देना. एक को ‘मेरा’ कहने से बेहतर है सब को अपना कहना.