मारिया की जिंदगी में कमी थी प्यार और रिश्तों की, इसलिए नौशाद का इजहारे मोहब्बत वह कुबूल कर बैठी. शादी कर वह अपना जीवन महकाना चाहती थी...

मारिया की ड्यूटी आईसीयू में थी. जब वह बैड नंबर 5 के पास पहुंची तो सुन्न रह गई. उस के पांव जैसे जमीन ने जकड़ लिए. बैड पर नौशाद था, वही चौड़ी पेशानी, गोरा रंग, घुंघराले बाल. उस का रंग पीला हो रहा था. गुलाबी होंठों पर शानदार मूंछें, बड़ीबड़ी आंखें बंद थीं. वह नींद के इंजैक्शन के असर में था.

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