पिछले साल 14 मार्च तक कोरोना की मुकम्मल चर्चा होने लगी थी कि यह कैसी महामारी है और कैसे कैसे फ़ैल सकती है लेकिन तब आम लोगों को इसकी भयावहता का अंदाजा नहीं था . इस दिन तक कोरोना से मरने बालों की तादाद उँगलियों पर गिनी जाने लायक थी और इसकी चपेट में आने बालों का आंकड़ा भी सौ के पार नहीं गया था . सरकारी तौर पर कोरोना से केवल 96 लोग संक्रमित हुए थे और 2 की मौत कोरोना से हुई थी .

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