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अपूर्वी ने गोल्ड मेडल जीतने के साथ बनाया वर्ल्ड रिकार्ड

देश की स्टार महिला निशानेबाज अपूर्वी चंदेला ने विश्व रिकार्ड तोडक़र इतिहास रचते हुए स्वीडिश कप ग्रां प्री की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा का स्वर्ण जीत लिया. साव्जो में खेली गई चैंपियनशिप में चंदेला ने 211.2 अंक हासिल कर नया विश्व रिकार्ड बना दिया.

उन्होंने चीन की ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता यी सिलिंग (211) का रिकार्ड तोड़ा. स्पर्धा का रजत स्वीडन की एस्ट्रिड स्टीफेनसन (207.6) और कांस्य पदक स्टाइन नीलसन (185) ने जीता. राजस्थान की चंदेला बेहतरीन फार्म में हैं और उन्होंने गत वर्ष राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी स्वर्ण जीता था.

गत वर्ष अप्रैल में कोरिया में आयोजित आईएसएसएफ विश्वकप में कांस्य पदक जीतकर चंदेला ने ओलंपिक कोटा हासिल किया था. उन्होंने भरोसा जताया कि चैंपियनशिप में स्वर्ण मिलने से इस वर्ष रियो ओलंपिक के लिए उनकी तैयारी को मजबूती मिलेगी.

आखिर शाहिद अफरीदी को इतना गुस्सा क्यों आता है…!

पाकिस्तान के टी-20 कप्तान शाहिद अफरीदी का गुस्सा लाहौर में देखने को मिला, जब एक रिपोर्टर से बहस के दौरान यह क्रिकेटर प्रेस कांफ्रेंस के बीच से ही उठकर चले गए. अफरीदी की इस प्रतिक्रिया का विरोध करते हुए मीडिया ने इस ऑलराउंडर से माफी की मांग की है. यह घटना उस वक्त की है जब एक टीवी पत्रकार ने कप्तान अफरीदी से टी-20 विश्व कप को लेकर सवाल पूछे.

पत्रकार ने अफरीदी से पूछा 'आपकी कप्तानी में टीम का रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा. आप जिस तरह से कप्तानी करते हैं क्या उसमें बदलाव की जरूरत है.' इस सवाल को सुनते ही अफरीदी गुस्से में आ गए और सवाल को घटिया बताते हुए प्रेस कांफ्रेंस से उठ कर चले गए. अफरीदी के वहां से जाने के बाद पत्रकारों ने टीम के ड्रेसिंग रूम के बाहर जमकर विरोध किया और कप्तान से माफी की मांग भी की.

इससे पहले पाकिस्तान के टी20 कप्तान शाहिद अफरीदी ने ट्विटर पर विवादास्पद तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी का स्वागत करते हुए लिखा था कि सच बोलने के कारण उन्हें दूसरा मौका मिलना चाहिये था. आमिर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की श्रृंखला के लिये पाकिस्तानी टीम में वापसी की है. अफरीदी ने ट्विटर पर लिखा था – 'हम सभी को आगे बढ़ने की जरूरत है और मैं आमिर के साथ हूं. मुझे उम्मीद है कि वह पूरी लगन और प्रतिबद्धता से पाकिस्तान क्रिकेट की सेवा करेगा.’

वीडियो: वर्ल्ड कप से पहले ये किस तैयारी में जुटे हैं धौनी

टीम इंडिया टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारियों में जुटी हुई है. भारत की मेजबानी में मार्च से शुरू होने वाले इस महामुकाबले के लिए फैन्स की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं. हाल ही में स्टार स्पोर्ट्स ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धौनी और उनकी हेयरस्टायलिस्ट सपना भावनानी नजर आ रही हैं.

स्टार स्पोर्ट्स के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा गया है, 'अब समय आ गया है फैन्स की तैयारी का टीम इंडिया और धौनी को टी-20 वर्ल्ड कप जिताने में मदद करने के लिए. आपकी क्या तैयारी है?'

वीडियो की शुरुआत धौनी के इस डायलॉग के साथ होती है, 'विराट और जड्डू कहते हैं कि जिवा के आने के बाद से मैं बहुत बोरिंग हो गया हूं.' वीडियो में धौनी और हेयरस्टायलिस्ट उनके नए हेयरस्टाइल को डिस्कस करते नजर आ रहे हैं.

लेकिन अंत में दोनों किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाते हैं. वीडियो बहुत मजेदार है. और आपने अगर अभी तक नहीं देखा तो इसे जरूर देखिए-

शाहरूख बोले, अच्छी लगती है आराध्या-अबराम की जोड़ी

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ और किंग खान शाहरूख खान दोनों के ही घरों में नन्हें मेहमान इन दिनों चर्चा में हैं. जहां एक तरफ शाहरूख का बेटा अबराम सुर्खियां बटोर रहा है, तो वहीं महानायक की पोती (अभिषेक-ऐश्वर्या की बेटी) आराध्या भी अपनी खूबसूरती और मासूमियत से चर्चा में है. इसी क्रम में एक प्रेस मीट के दौरान किंग खान ने कहा कि उन्हें आराध्या और अबराम की जोड़ी अच्छी लगती है. उनकी इच्छा है कि दोनों बड़े होकर एक साथ किसी फिल्म में नजर आए. जिस पर शाहरूख की खास दोस्त और अभिनेत्री काजोल देवगन ने कहा था कि अबराम छोटा है, आराध्या बड़ी दोनों की जोड़ी ठीक नहीं लगेगी. इस पर शाहरूख ने कहा कि ‘प्यार की कोई उम्र नहीं होती’.

इसके बाद अब महानायक का बयान भी सामने आया है, हाल ही में फिल्म वजीर के प्रमोशन के दौरान उनसे पूछा गया कि उनका शाहरूख की इस इच्छा पर क्या कहना है, तो बिग भी ने कहा “उनके मुंह में घी-शक्कर, दूध मलाई सब हो.” अब इससे यह तो साफ है कि बिग बी भी चाहते हैं कि अबराम और आराध्या भविष्य में साथ में पर्दे पर दिखाई दें. हालांकि बिग बी की नातिन नव्या भी शाहरूख के बड़े बेटे आर्यन के साथ पढ़ती है. दोनों में गहरी दोस्ती भी है.

सोनू निगम ने लॉन्च किया इंडिया का पहला ट्रांसजेंडर बैंड

सोनू निगम ने इंडिया का पहला ट्रांसजेंडर म्यूजिक बैंड लॉन्च किया है. “6 पैक बैंड” नामक यह एल्बम वाय फिल्म्स के बैनर तले रिलीज किया जाएगा. एल्बम का पहला सॉन्ग 'हम हैं हैप्पी' सोनू निगम ने रिलीज किया. इस गाने को ग्रैमी विनर सिंगर फर्रेल्ल विलियम्स के सुपरहिट सॉन्ग 'हैप्पी' की थीम पर बनाया गया है. गाने के लिए अनुष्का शर्मा ने भी आवाज दी है. इवेंट के दौरान सोनू निगम ने बताया, "मैं इस बात से दुखी था कि उन्हें (ट्रांडजेंडर) रिस्पेक्टेबल जॉब, अच्छा बिजनेस नहीं दे सकता… हम उन्हें नॉर्मल इंसान की तरह क्यों नहीं देख पाते. सड़कों या शादियों में ही क्यों मिलते हैं. ऐसा कब तक चलता रहेगा, यह सोचकर दुखी था."

सोनू ने यह भी बताया कि बैंड के सभी मेंबर्स की एनर्जी देखकर काफी अच्छा लगा. बता दें, इस बैंड में छह ट्रांसजेंडर सिंगर हैं, जो भारतीय हिजड़ा कम्युनिटी से हैं.

ये है 6 पैक बैंड के मेंबर्स…

आशा जगताप, भाविका पाटिल, चांदनी सुवर्णकर, फ़िदा खान, कोमल जगताप और रवीना जगताप बैंड के ये मेंबर्स खुद को 6 पैक बुलाते हैं. आशीष पाटिल इसके प्रोड्यूसर हैं. निशांत नायक ने इसे डायरेक्ट किया है. एल्बम का पहला सॉन्ग 'हम हैं हैप्पी' के म्यूजिक को शमीर टंडन ने री-क्रिएट किया है. इसके कोरियोग्राफर निशांत भट्ट हैं.

विन डीजल के साथ शूटिंग के लिए तैयार हैं दीपिका पादुकोण

दीपिका पादुकोण फरवरी से अपनी हॉलीवुड फिल्म की शूटिंग करने के लिए पूरी तरह तैयार है.  'XXX- Xander Cage Return's में वे काम कर सकती हैं. इस बात की पृष्टि 'XXX- Xander Cage Return's के डायरेक्टर डी.ज. करसो ने ट्विटर पर की. उन्होंने लिखा की फिल्म की शूटिंग जनवरी में शुरू हो गई है, लेकिन बॉलीवुड ब्यूटी इसमें फरवरी में शामिल होगी. बता दें कि कुछ दिनों पहले दीपिका पादुकोण और विन डीजल की एक फोटो सोशल साइट पर पोस्ट की गई थी जिसके बाद से ये अफवाएं उड़ने लगी थी कि वह हॉलीवुड में डेब्यू करने वाली है. बीते दिन दीपिका ने अपना 30वां बर्थडे सेलिब्रेट किया है.

दीपिका का पिछला साल यानी 2015 काफी व्यस्त रहा. उन्होंने पीकू, तमाशा और बाजीराव मस्तानी जैसी तीन बैक टू बैक हिट फिल्में की है. अब दीपिका जल्द ही विन डीजल के साथ अपनी पहली हॉलीवुड फिल्म की शूटिंग में जुट जाएंगी.

फिल्म हुई फ्लॉप, तो इन सुपरस्टार्स ने लौटा दी अपनी फीस

रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण की जोड़ी वाकई लाजवाब है. लेकिन प्रोफेशनल लेवेल पर उनके नए कदम की जितनी तारीफ की जाए कम है. गौरतलब है कि रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण की हालिया रिलीज़ फिल्म तमाशा, भारत की आधी से ज़्यादा जनता को ना समझ आई ना पसंद. लेकिन इस फिल्म के लिए साजिद नाडियाडवाला ने रणबीर और दीपिका को काफी मोटी रकम दी थी. इसी वजह से फिल्म का बजट भी बढ़ गया था लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं टिकी. और फिर खबरें बाहर आने लगीं कि रणबीर ने फिल्म के लिए 38 करोड़ रूपये लिए थे.

तमाशा बॉक्स ऑफिस पर एवरेज थी, लेकिन फिल्म को उस तरह का ऑडियंस नहीं मिला जैसी रणबीर दीपिका की पेयरिंग से उम्मीद की जा रही थी. बस इसी को ध्यान में रखते हुए रणबीर दीपिका ने वो किया जो ज़्यादातर लोग कभी नहीं करेंगे. अगर खबरों की मानें तो रणबीर ने अपनी फीस से 10 करोड़ और दीपिका ने 5 करोड़ प्रोड्यूसर को वापस कर दिए हैं, क्योंकि फिल्म फ्लॉप होने की ज़िम्मेदारी सबकी होती है. दोनों के ही इस प्रोफेशनल एटीट्यूड की तारीफ करना तो बनता है.

साल की पहली हिट फिल्म साबित हो सकती है ‘वजीर’…!

बिजॉय नाम्बियार के निर्देशन में बनी फिल्म 'वजीर' 8 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह से तैयार है. फरहान अख्तर और अमिताभ बच्चन स्टारर यह फिल्म महीनों से सुर्खियां बटोर रही है और हर प्रमोशन के साथ दर्शकों का उत्साह बढ़ा रही है.

वजीर की कहानी है पंडित ओंकारनाथ धर (अमिताभ बच्चन), दानिश अली (फरहान अख्तर), रूहाना अली (अदिति राव हैदरी) और वजीर (नील नितिन मुकेश) की. वजीर इस साल की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक है. खासकर एक साथ इतने स्टार्स का होना फिल्म को काफी पॉपुलर कर रहा है.

इंडस्ट्री के ट्रेड एनालिस्ट की मानें तो 'वजीर' की ओपनिंग एवरेज हो सकती है, लेकिन मेट्रो शहरों के मल्टीप्लेक्सेस में अच्छी ओपनिंग होगी. फिल्म की कुल बजट है लगभग 90 करोड़, लेकिन काफी कम उम्मीद है कि पहले वीकेंड में फिल्म अपना बजट निकाल पाएगी.

ओपनिंग

वजीर मेट्रो शहरों की मल्टीप्लेक्सेस में अच्छी कमाई कर सकती है. लेकिन बाकी शहरों में फिल्म शायद ज्यादा अच्छा व्यापार नहीं कर पाएगी. एनालिस्ट्स  की मानें तो 20% ओपनिंग की उम्मीद की जा रही है.

स्क्रीन रिलीज

फिल्म भारत में लगभग 2000 स्क्रीन पर रिलीज की जाएगी. कमाई के हिसाब से देखी जाए तो यह काफी है. लेकिन विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म के हिसाब से काफी कम है.

बॉक्स ऑफिस

ट्रेड एनालिस्टों की बात मानें तो वजीर ओपनिंग डे पर 5-6 करोड़ की कमाई कर सकती है. इसके बाद फिल्म का कलेक्शन word of mouth पर निर्भर करेगी.

फर्स्ट वीकेंड

यदि फिल्म की Word Of Mouth अच्छी रही तो पहले वीकेंड पर फिल्म 20 करोड़ तक का बिजनेस कर सकती है. वहीं, अगर लोगों को फिल्म पसंद नहीं आई तो फिल्म की कमाई 15 करोड़ तक सिमट सकती है.

लाइफटाइम कलेक्शन

अगर फिल्म दर्शकों को पसंद आई तो फिल्म का लाइमटाइम कलेक्शन 70 करोड़ से ज्यादा माना जा रहा है. यदि फिल्म एवरेज गई, तो यह 50-55 करोड़ तक में रूक सकता है. यानि की फिल्म हो जाएगी सुपरफ्लॉप.

पॉजिटिव बातें

फिल्म के साथ अच्छी बातें यह है कि यह नए साल की पहली फिल्म है. और तीन हफ्तों के लंबे गैप के बाद रिलीज हो रही है. वहीं, फिल्म के साथ फरहान अख्तर और अमिताभ बच्चन जैसे सितारों के नाम भी जुड़े हैं.

पठानकोट पर आतंकी हमला

पठानकोट में एअरबेस पर आतंकवादी हमला एक बार फिर यह साबित कर गया कि देश में कोई भी, कहीं भी सुरक्षित नहीं है और आतंकवादियों ने आत्मघाती हमलों का जो पाठ पढ़ लिया है उस का मुकाबला करना आसान नहीं. पाकिस्तान की सरकार और उस की सेना को कोसना आसान है पर यह बात साफ है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि उन के काबू में नहीं रहे. उन के लिए अब इस जिन को बोतल में वापस डालना आसान नहीं.

दुनियाभर में जो आतंकवाद फैल रहा है वह जमीन या पैसे पर नियंत्रण पाने के लिए नहीं है, वह दिमाग पर कंट्रोल करने के लिए है और इस में सब से बड़ा हथियार भी दिमाग पर कंट्रोल है. धर्म के नाम पर निहत्थे, निर्दोषों को मारना और खुद मर जाने का पाठ पढ़ाना बहुत कठिन है. सेनाएं अपने सैनिकों को मरने के लिए तैयार करती हैं पर साथ ही यह भी बताती हैं कि उन को बचाने की पूरी तरह तैयारी कर ली गई है और मरेगा दुश्मन ही.

आतंकवादियों को पाठ पढ़ाया जाता है कि तुम्हें मारना ही है और धर्म की खातिर दुश्मन यानी विधर्मियों के ज्यादा से ज्यादा लोगों को मारना है. आतंकवादी जानता है कि आखिरकार वह मरेगा ही और उसे याद भी नहीं किया जाएगा. उस के मातापिता को न पैसा मिलेगा, न सम्मान. कोई जा कर बस यह कह देगा कि धर्म की खातिर उन के बेटे ने कुरबानी दे दी है. जब इतनी सी कीमत से काम चल जाए तो आतंकवाद पर काबू कैसे पाया जा सकेगा.

दुनियाभर की सरकारें आतंकवादियों के केंद्रों पर हमला कर रही हैं पर ये तो जंगली पौधे हैं जो हर जगह उग सकते हैं. धर्म के प्रचारक चप्पेचप्पे पर मौजूद हैं. और बचपन में ही मातापिता की मेहरबानी से युवा भारी संख्या में धर्म के नाम पर खुद को अर्पित कर देते हैं.

भारत में जो राधे मां, आसाराम बापू, रामरहीम जैसे सैकड़ों संत का बिल्ला लगाए घूम रहे हैं और जिन के आश्रमों व मठों में युवा, प्रौढ़ व वृद्ध कतारें लगाए दिखते हैं, असल में वे आतंकवाद के जहरीले पौधों की खेती करवाने वाले हैं. सरकारों की हिम्मत नहीं है कि वे इन पर कंट्रोल कर सकें.

इसलामाबाद को कोसना आसान है पर गुनाह तो दिल्ली, वाशिंगटन, लंदन, पेरिस, बीजिंग सब जगह हो रहा है. और सभी जगह की सरकारें धर्म की खेती करने वालों को छूट दे रही हैं.

मामला चाहे नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे के बनारस की गंगा आरती का हो, पुतिन का चर्चों में जाना, आबूधाबी में विशाल मसजिद बनवाने का या पोप को कई देशों के प्रधानों से भी बढ़ कर स्थान पाने का, सब में एक बात समान है, सब उस जमीन को खादपानी दे रहे हैं जिस में आतंकवाद की जहरीली खेती होती है.

सभ्य समाज होहल्ला मचा रहा है पर धर्म की रक्षा में लगा रहता है. दोनों साथ नहीं चल सकते. हर धर्म ने आतंकवादी पैदा किए हैं या कर रहा है. और जब तक धर्म को आदर, सम्मान, पैसा व सेवक मिलेंगे, आतंकवादी पनपते व बढ़ते रहेंगे और पठानकोट जैसी क्रूर घटनाएं घटती रहेंगी.

फर्जी फाइनैंस कंपनियां और लालच में लुटते लोग

रामनाथ ने नया घर खरीदने के लिए जिस फाइनैंस कंपनी में पेट काट कर तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए 50 हजार रुपए की रकम जमा कराई थी, वहां अब अलीगढ़ी ताला झूल रहा था. जबकि फाइनैंस कंपनी ने तो यही कहा था कि कुछ ही समय में उस का पैसा दोगुना कर वापस लौटा दिया जाएगा. वह समय आज तक नहीं आया और शायद आएगा भी नहीं.

जानकारी के मुताबिक, राजस्थान के कई शहरों खासकर जयपुर, जोधपुर, कोटा, भीलवाड़ा व उदयपुर में कई फाइनैंस कंपनियों की धोखाधड़ी के सैकड़ों मामले दर्ज हुए हैं.

जेवीजी फाइनैंस कंपनी, हीलियस ग्रुप, राप्ती ग्रुप, फर्स्ट ग्रुप, यंग फौर्मर कंपनी, स्वर्ण भूमि फाइनैंस कंपनी, लोक विकास फाइनैंस कंपनी, चंबल वित्त विकास, अनंज ग्रुप, नौर्थसाउथ ग्रुप फाइनैंस कंपनी, फौरैस्ट इंडिया फाइनैंस कंपनी वगैरह कंपनियों में लाखों लोगों की पूंजी फंसी हुई है.

जयपुर के पास ही सांगानेर इलाके में स्वर्ण भूमि फाइनैंस कंपनी के ताला लगे दफ्तर की तरफ देखते हुए सांगानेर में किराना स्टोर की दुकान चला रहे अशोक कुमार से जब पूछा गया कि स्वर्ण भूमि फाइनैंस कंपनी का क्या मतलब है? तो उस ने एक फीकी मुसकान के साथ जवाब दिया, ‘‘स्वर्ण कमाओ और भूमिगत हो जाओ.’’

लोक विकास कंपनी से गुस्साए देवेंद्र का कहना है, ‘‘मेरी सारी बचत लुट गई. रोजाना पैसा जमा करने का खाता खोला था. अपने जमा 16 हजार रुपए और ब्याज लेना था. इस से पहले ही कंपनी रफूचक्कर हो गई.’’

दुकानदार कन्नूलाल का कहना था, ‘‘यह एक छूत की बीमारी की तरह था. हम ने उम्मीद लगाई थी कि शायद हम भी कुछ दिनों में अमीर हो जाएंगे, इसलिए एक लाख रुपए की पूंजी सावधि खाते में लगा दी. पर होश तब आया, जब फूटी कौड़ी भी नहीं मिली.’’

गणेश प्रजापत ने रिटायरमैंट के बाद पहले तो कोई छोटामोटा धंधा करने का मन बनाया, लेकिन बाद में पता नहीं क्या सूझा कि लोक विकास कंपनी में पैसा लगा बैठे. अब न तो कंपनी का पता है और न ही रकम का.

फर्जी गैरबैंकिंग कंपनियों का निवेशकों की रकम ले कर छूमंतर होने का सिलसिला पिछले 10-15 सालों में ज्यादा बढ़ा है. हैरान करने वाली बात यह है कि गैरबैंकिंग फाइनैंस कंपनियों ने एजेंटों का जाल फैला कर उन के बूते अपना गोरखधंधा जमाया और रकम बटोरते ही उड़ गए.

लेकिन सब से ज्यादा बुरी गत तो एजेंटों की हुई. इन में से कुछ ने तो खुदकुशी कर ली, तो कई एजेंट भाग गए और जो लोकल इलाके में अपनी साख बनाए हुए थे, उन्हें अपना घरमकान तक बेचना पड़ा.

कदमकदम पर ठगी
कार फाइनैंस के बहाने रकम उड़ाने वाले जालसाज दिनेश शर्मा ने नौकरी दिलाने के नाम पर भी लोगों से लाखों रुपए की ठगी की. उस ने खुद को एक जानीमानी फाइनैंस कंपनी का रिकवरी एजेंट बताते हुए एक लोकल अखबार में इश्तिहार दिया कि दोपहिया और चौपहिया गाड़ी के लिए लोन लेने वाले मिलें. मिलने के लिए उस ने एक मोबाइल नंबर दिया था.

जयपुर की लालकोठी कालोनी में विधानसभा भवन के पीछे रहने वाले नरेंद्र अवस्थी ने दिनेश शर्मा से एक कार खरीदने के लिए फाइनैंस कराने के लिए कहा. सवा 2 लाख रुपए की पुरानी कार के लिए नरेंद्र अवस्थी के पास एक लाख, 20 हजार रुपए थे. एक लाख रुपए फाइनैंस कराने की बात तय हुई.

दिनेश शर्मा के कहने पर 1 सितंबर, 2015 को नरेंद्र अवस्थी रुपए ले कर आईसीआईसीआई बैंक पहुंचा. दिनेश शर्मा ने उसे रिसैप्शन पर बैठा दिया और रुपए खाते में जमा कराने के बहाने ले कर चला गया. जब वह काफी देर तक नहीं लौटा, तो नरेंद्र अवस्थी ने उसे काफी खोजा. इस के बाद उस ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई.

दूसरी घटना में सूर्य नगर, जयपुर के रहने वाले दांतों के डाक्टर सुमित कुमार ने बजाज नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई. रिपोर्ट के मुताबिक, जगतपुरा रोड पर रहने वाले श्रवण लाल जांगिड़ ने उन के मकान को जयपुर डवलपमैंट अथौरिटी में कराने के लिए 40 हजार रुपए ले लिए. बदले में फर्जी कागजात थमा दिए.

आनेजाने के दौरान सुमित कुमार की बीवी की नौकरी और इनकम टैक्स दफ्तर में फाइल खुलवाने के लिए अगस्त महीने में 50 हजार रुपए और ले लिए. वे कागजात जयपुर डवलपमैंट अथौरिटी में दिखाने पर श्रवण लाल जांगिड़ की पोल खुली.

जयपुर में एक कंपनी ने अपनी चेन स्कीम में लुभावने ख्वाब दिखा कर दौसा जिले के हजारों लोगों को सदस्य बनाया और 13 करोड़ रुपए ठग कर उस के कर्ताधर्ता फरार हो गए. परेशान लोगों ने थाने में रिपोर्ट लिखाई. केस की जांच चल रही है.

दरअसल, आम आदमी की कमाई को अगर कोई ठगता है, तो इस में कुसूर उन लोगों का भी है, जिन्हें अपने पैसे को हिफाजत से रखने का सलीका नहीं है. चढ़ावे के नाम पर पंडेपुजारी, पार्टी के नाम पर नेता व टैक्सों के नाम पर सरकारें आम जनता की जेब हलकी करती हैं. ऐसे में अगर बोगस कंपनियां भी बहती गंगा में हाथ धो लें, तो हैरत कैसी?

यह बात दीगर है कि हमारे देश में धर्म, जाति व मजहब के नाम पर दाढ़ीचोटी वाले सदियों से भोलेभाले गरीबों को चूस रहे हैं, तभी तो मठमंदिरों, बाबाओं के पास अपार धनदौलत है.

बचत करना और उस को संभाल कर रखना जरूरी है, ताकि रकम के डूबने की नौबत न आए. हिफाजत के लिहाज से बैंक, पोस्ट औफिस व सरकारी स्कीमों को बेहतर माना जाता है.

कई बैंकों में ऐसा हो चुका है कि बैंक के मुलाजिमों ने अपने रिकौर्ड से खाताधारकों के दस्तखत देख कर फर्जी दस्तखत किए और मीआद खत्म होने से पहले खुद ही उस की फर्जी अर्जी लगा कर रकम निकाल ली. एटीएम से दूसरों का पैसा निकाल लेना तो अब मामूली बात है.

बरतें चौकसी
गौरतलब है कि हमारे देश के कारपोरेट जगत में गड़बड़ी व धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. हालांकि सरकार ने कंपनियों के लिए कारोबार के सही हालात दिखाना कानूनन जरूरी किया हुआ है. सेबी, यूटीआई व आईसीआईसीआई बैंक वगैरह कई संस्थाएं व संगठन भी इश्तिहार देते रहते हैं. लेकिन ज्यादातर लोग उन पर ध्यान ही नहीं देते. वे इस बात की परवाह नहीं करते कि कहीं भी पैसा लगाने का फैसला करने से पहले जागरूक होना बेहद जरूरी है.

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