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‘फितूर’ का दूसरा गाना दिल्ली के लोधी गार्डन में होगा लांच

फिल्म निर्देशक अभिषेक कपूर दिल्ली और कश्मीर में फिल्मायी गयी अपनी नई फिल्म ‘‘फितूर’’ का दूसरा गाना ‘‘पश्मीना’’ को बहुत जल्द फिल्म के मुख्य कलाकारों आदित्य राय कपूर और कटरीना कैफ के साथ दिल्ली के लोधी गार्डन में लांच करने वाले हैं. दिल्ली के लोधी गार्डन को रोमांटिक जगह माना जाता है.

18 नहीं, अब सिर्फ 6 करोड़ फीस ले रहें हैं सैफ अली खान

वक्त की मार बड़ी कठोर होती है. वक्त तो अच्छे भले इंसान को अपने इरादे बदलने पर मजबूर कर देता है. इन दिनों जिस तरह से बड़े बड़े स्टार कलाकारों की फिल्में बाक्स आफिस पर दम तोड़ रही हैं, उससे हड़कंप मचा हुआ है. अब कई कलाकारों ने अपनी पारिश्रमिक राशि कम करने की बात कहना शुरू कर दिया है. मगर बालीवुड से जुड़े सूत्रों की माने तो अभिनेता सैफ अली खान को तो अपनी पारिश्रमिक राशि एक तिहाई करनी पड़ी है.

जी हां! सूत्रों के अनुसार सैफ अली खान ने तीन साल पहले निर्माता सुनील क्षेत्रपाल की अनाम फिल्म को अठारह करोड़ रूपए की पारिश्रमिक राशि में साइन किया था. पर कुछ वजहों से इस फिल्म का निर्माण टलता रहा. सैफ अली खान ओर असीम क्षेत्रपाल किसी एक विषय पर सहमत नही हो पा रहे थे. तो दूसरी तरफ पिछले तीन साल के दौरान सैफ अली खान की ‘‘गो गोवा गान’’, ‘‘बुलेट राजा’’, ‘‘हमशकल्स’’, ‘‘हैप्पी एंडिग’’ के साथ साथ ‘‘फैंटम’’ बुरी तरह से बाक्स आफिस पर असफल हो गयी.

इतना ही नही बतौर निर्माता भी वह बुरी तरह से असफल रहे है. सूत्रों पर यकीन किया जाए तो फिल्म निर्माण में सैफ अली खान के भागीदार दिनेया विजन से भी उनकी अनबन चल रही है. दिनेष विजन ने अपनी एक अलग कंपनी बनाकर भी फिल्म निर्माण करना शुरू कर दिया है. तो तीसरी तरफ सैफ अली खान के पास कोई काम नही है. इसी के चलते सूत्रो के अनुसार इस बार सैफ अली खानने एक अच्छी कहानी के मिलते ही निर्माता सुनील क्षेत्रपाल की फिल्म में अभिनय करने के लिए हामी भर दी है. मगर इसके लिए उन्हे अपनी फीस एक तिहाई करनी पड़ी है. यानी कि अब वह सुनील क्षेत्रपाल की इस फिल्म को अठारह करोड़ रूपए की बजाय महज छह करोड़ रूपए में करने वाले हैं.

इसके अलावा फिल्म को जो लाभ हेागा उसमे भी सैफ अली खान की पैंतीस प्रतिशत हिस्सेदारी होगी. इतना ही नहीं सैफ अली व सुनील क्षेत्रपाल के बीच इस बात पर भी सहमति हुई है कि फिल्म के निर्माण व प्रचार आदि का सारा खर्च चालीस करोड़ के उपर नहीं जाएगा. सूत्रों के अनुसार अब सुनील क्षेत्रपाल, सैफ अलीखान के साथ नवंबर 2015 में रिलीज हुई कमल हासन की तमिल फिल्म ‘‘थूंगावनम’’ को हिंदी में बनाएंगे. यह फिल्म 2017 मे रिलीज होगी.

डिविलियर्स ने कहा, रिटायरमेंट की अफवाहों में थोड़ी सच्चाई

हाशिम अमला के कप्तानी से हटने के बाद दक्षिण अफ्रीका की टेस्ट टीम के भी कप्तान बने एबी डिविलियर्स इंग्लैंड के खिलाफ आगामी दो टेस्ट मैचों में अपनी इस नई भूमिका के साथ पूरा न्याय करने के लिये प्रतिबद्ध हैं लेकिन उन्होंने इसके साथ ही पुष्टि की कि इन अफवाहों में थोड़ी सच्चाई भी थी कि वह संन्यास पर विचार कर रहे हैं.

डिविलियर्स ने कहा, ‘पिछले दो तीन वर्षों से कुछ कम क्रिकेट खेलने के लिये सही जवाब खोज रहा था ताकि मैं तरोताजा बना रहूं और अपने खेल का मजा लेता रहूं.’ उन्होंने कहा, ‘इसके बाद मैंने पाया कि मुझे अपने खेल का जितना आनंद उठाना चाहिए उतना नहीं उठा पा रहा हूं. मैंने कुछ लोगों से बात की और यह बात लीक हो गयी.’ डिविलियर्स इंग्लैंड के खिलाफ कल से वांडर्स में शुरू होने वाले तीसरे टेस्ट मैच से पूर्व पत्रकारों से बात कर रहे थे.

एक स्थानीय समाचार पत्र में यह रिपोर्ट आने के बाद कि डिविलियर्स संन्यास पर विचार कर रहे हैं, वह पहली बार पत्रकारों से रू-ब-रू हुए. उन्होंने कहा, ‘मैं अब भी अपने काम के प्रति प्रतिबद्ध हूं. मैं अभी इन दो टेस्ट मैचों पर ध्यान दे रहा हूं. हमें अगली टेस्ट श्रृंखला खेलने से पहले छह महीने का विश्राम मिलेगा. इससे पहले काफी चीजें हो सकती हैं. लेकिन अभी मैं वचनबद्ध हूं क्योंकि मैं टीम को इन दो टेस्ट मैचों में सफलता दिलाने के लिये बेताब हूं.’

डिविलियर्स ने कहा कि विश्व भर में मोटी धनराशि देने वाले टी20 टूर्नामेंट की भरमार खिलाड़ियों को आकषिर्त कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘मेरे विचार में यह आईसीसी के लिये चिंता का विषय बनने जा रहा है. उसे सभी खिलाड़ियों को तरोताजा बनाये रखने के लिये कोई तरीका ढूंढना होगा. आप अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट विशेषकर टेस्ट क्रिकेट में खेलना चाहते हो.’

डिविलियर्स ने कहा, ‘विश्व भर में कई बड़े टूर्नामेंट हो रहे हैं और इनमें आप कुछ को नजरअंदाज नहीं कर सकते हो क्योंकि वित्तीय रूप से ये हमारी जिंदगी में बड़ा अंतर पैदा करते हैं. लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पहले आता है.’ उन्होंने उम्मीद जतायी कि वह टीम में कुछ नयी उर्जा डालने की कोशिश करेंगे लेकिन पिछले सप्ताह अमला के इस्तीफे के बाद भी टीम पहले जैसी ही सामान्य है. डिविलियर्स ने कहा, ‘मैं काफी उत्साहित हूं लेकिन हमारी टीम संस्कृति बहुत मजबूत है और इसलिए टीम में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं होगा.’

आरोपों से घिरे जेरोम वाल्के को फीफा ने किया बर्खास्त

फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. फीफा अध्यक्ष सेप ब्लाटर और यूरोपीय फुटबॉल संघ के प्रमुख माइकल प्लातिनी को आठ साल के लिए प्रतिबंधित किए जाने के बाद फीफा ने महासचिव जेरोम वाल्के को उनके पद से बर्खास्त कर दिया.

ब्लाटर के करीबी माने जाने वाले वाल्के पर विश्व कप के टिकटों की बिक्री में कालाबाजारी का आरोप है और मामले की जांच चल रही है. ज्यूरिख स्थित फीफा मुख्यालय ने बुधवार को कहा, "फीफा आपात समिति की नौ जनवरी को हुई बैठक में वाल्के को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटाने का फैसला किया था." वाल्के की फुटबॉल जगत की सबसे ताकतवर शख्सियतों में गिनती होती है और उन्हीं की निगरानी में पिछले दो विश्व कप (दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील) की तैयारियां और खेल का आयोजन हुआ था.

भ्रष्टाचार और टिकटों की बिक्री में अनियमितता का मामला सामने आने के बाद वाल्के को पिछले साल सितंबर में 90 दिनों के लिए निलंबित किया गया था. छह जनवरी को उनके निलंबन को 45 दिनों के लिए बढ़ाते हुए फुटबॉल की सभी गतिविधियों पर रोक लगा दी थी. हालांकि वह अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते रहे हैं. वाल्के के खिलाफ जांच कर रही फीफा की एथिक्स समिति ने अपनी रिपोर्ट में उन पर नौ साल का प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की थी. पिछले सप्ताह फीफा जज ने भ्रष्टाचार के इस मामले में उनके खिलाफ औपचारिक कार्रवाई शुरू करने की घोषणा भी की थी.

जेरोम वाल्के का विवादों से पुराना नाता रहा है और उन्हें पहले भी एक बार फीफा बर्खास्त कर चुका है. 2003 में वह मार्केटिंग निदेशक के तौर पर फीफा से जुड़े थे. करीब तीन साल बाद दिसंबर, 2006 में उनको पद से बर्खास्त कर दिया गया था. ग्वाटेमाला पुलिस ने मंगलवार को राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के पूर्व अध्यक्ष ब्रायन जिमेनेज को फीफा से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया है. ब्रायन पर घूस लेने का आरोप है. फीफा मामले की जांच कर रहे अमेरिकी अधिकारियों की सूची में ब्रायन का नाम भी शामिल है.

 

अमिताभ मुफ्त में करेंगे अब्बास मस्तान की फिल्म

निर्देशक अब्बास मस्तान ने 1985 में गुजराती कलाकारों नरेश कनोडिया और स्नेहलता को लेकर फिल्म ‘‘साजन तारा संभरना’’ नामक गुजराती फिल्म के निर्देशन के साथ फिल्मों में कदम रखा था और 1990 में उन्होने राज बब्बर, जीतेंद्र और माधवी को लेकर ‘अग्निकाल’ जैसी हिंदी फिल्म निर्देशित की थी, तब से वह अब तक 20 फिल्में निर्देशित करचुके हैं. उनकी ज्यादातर फिल्में बाक्स आफिस पर सफल भी हुई हैं.

अब्बास मस्तान ने बालीवुड के लगभग सभी बड़े कलाकारों के साथ काम किया, पर अमिताभ बच्चन को निर्देशित करने का अवसर उन्हे अब तक नहीं मिला. सूत्रों की माने तो 2012 में प्रदर्शित फिल्म ‘‘प्लेयर्स’’ में अभिषेक बच्चन को निर्देशित करने के बाद अब्बास मस्तान, अमिताभ बच्चन के साथ भी एक फिल्म करने वाले थे. लेकिन‘प्लेयर्स’ की असफलता के चलते मामला गड़बड़ा गया था. सूत्रों की माने तो गतवर्ष प्रदर्षित अब्बास मस्तान के निर्देशन में बनी फिल्म ‘‘किस किस को प्यार करूं’’ की सफलता ने अब्बास मस्तान की तकदीर के दरवाजे ऐसे खोले कि अब अमिताभ बच्चन उनके निर्देशन में एक सस्पेंस थ्रिलर फिल्म में अभिनय करने जा रहे हैं और वह भी बिना किसी पारिश्रमिक राशि के.

जी हां! बालीवुड में चर्चा है कि अब्बास मस्तान की इस फिल्म में अभिनय करने के एवज मे अमिताभ फीस नही लेंगे, लेकिन फिल्म के मुनाफें में उनकी बराबरी की हिस्सेदारी होगी. इसलिए इस फिल्म का निर्माण अमिताभ बच्चन की अपनी फिल्म निर्माण कंपनी और अब्बास मस्तान मिलकर करेंगे. इतना ही नहीं यह भी तय हुआ है कि फिल्म का सारा बजट 22 करोड़ के उपर नहीं जाएगा. चैंकाने वाली खबर तो यह है कि फिल्म का निर्माण शुरू होने से पहले ही अमिताभ बच्चन ने इस फिल्म के सेटेलाइट राइट्स किसी चैनल को 15 करोड़ रूपए में बेचने की बात भी पक्की कर ली है.

सूत्र दावा कर रहे हैं कि यह फिल्म 2017 की शुरूआत में ही रिलीज होगी. मगर इस खबर की पुष्टि कहीं से भी अब तक नहीं हो पायी है.

सानिया-हिंगिस ने बनाया रिकॉर्ड, अब खिताब पर नजर

भारत की सानिया मिर्जा और स्विटजरलैंड की उनकी जोड़ीदार मार्टिना हिंगिस ने बुधवार को लागतार 28वीं जीत दर्ज करते हुए सिडनी इंटरनेशनल के सेमीफाइनल में जगह बना ली है.

सानिया-हिंगिस की जोड़ी ने महिला युगल में चीन की चेन लिआंग और शुआई पेंग को सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई. यह इस जोड़ी की लगातार 28वीं जीत है. इस जीत के साथ ही इस जोड़ी ने गिगी फर्नांडिस और नताशा ज्वेरेवा के लगातार 28 जीत के विश्व रिकार्ड की बराबरी कर ली है.

गिगी और नताशा की जोड़ी ने 1994 के सत्र में लगातार 28 जीत हासिल की थी. सानिया-हिंगिस को पहला सेट जीतने में कोई परेशानी नहीं हुई. दूसरे सेट में इस जोड़ी को थोड़ी मेहनत जरूर करनी पड़ी लेकिन फिर भी यह जोड़ी दूसरे सेट में भी चीन की जोड़ी पर हावी रही.

महिला युगल में शीर्ष वरीयता प्राप्त सानिया-हिंगिस की जोड़ी ने 10 खिताब अपने नाम किए हैं. इस साल के शुरुआत में ब्रिस्बेन इंटरनेशनल का खिताब जीत कर इस जोड़ी ने साल का शानदार आगाज किया था. अब शीर्ष वरीयता प्राप्त इस जोड़ी की नजर सिडनी इंटरनेशनल खिताब पर है. 

जब चुनें थर्मल वियर, तो याद रखें ये बातें

सर्दी के मौसम में सर्द हवाओं से खुद को बचाने के लिए आप ने स्टाइलिश वूलन ड्रैसेज तो ले लीं, पर क्या आप ने अपने अंदर की सुरक्षा के बारे में सोचा? सर्द मौसम में शरीर को सही तरह से गरम बनाए रखने के लिए थर्मल वियर बौडी वौर्मर पहनना जरूरी है. इस का चुनाव कैसे करें, यह हम से जानिए:

फैब्रिक

मार्केट में कई तरह के फैब्रिक के थर्मल वियर मौजूद हैं पर आप हमेशा ब्रैंडेड थर्मल वियर का ही चुनाव करें, जिस की भीतरी परत सौफ्ट कौटन की और ऊपरी परत वूलन हो. ऐसे थर्मल वियर की भीतरी परत नमी दूर करती है और बाहरी परत गरमी बरकरार रखती है. इस से आप की त्वचा आसानी से सांस ले सकती है और रैशेज होने का खतरा भी नहीं रहता. ये सौफ्ट, कंफर्टेबल और स्किन फ्रैंडली भी होते हैं.

हो ड्रैस के अनुसार

आप थर्मल वियर का चुनाव अपनी ड्रैस की आवश्यकतानुसार कर सकती हैं. आजकल टू पीस थर्मल वियर अलगअलग डिजाइनों में उपलब्ध हैं. अपर पार्ट के डिजाइन में स्लीवलैस, हाफ स्लीव्स, फुल स्लीव्स के साथ डीप राउंड नैक, वी नैक के अलावा स्पैगिटी स्टाइल भी चलन में है. और बौटम में लैगिंग, पैंट स्टाइल व कैप्री स्टाइल का चलन है, जिन्हें आप अपनी ड्रैस के अनुसार आसानी से कैरी कर सकती हैं और स्टाइलिश दिख सकती हैं.

ऐसे काम करता है थर्मल वियर

बौडी वार्मर दरअसल इंसुलेशन तकनीक से काम करता है. इस में इस्तेमाल होने वाला फैब्रिक शरीर की नमी का थोड़ा सा हिस्सा सोख कर उसे सुखा देता है और शरीर व कपड़े के बीच की इंसुलेटिंग लेयर में हवा का जरूरी प्रवाह बनाए रखता है.

इस के साथसाथ यह इतनी अच्छी तरह से बुना होता है कि शरीर की प्राकृतिक गरमी को अंदर ही बनाए रखता है. वूलन थर्मल वियर की एक खासीयत यह भी है कि यह थोड़ी नमी सोखने के बाद भी शरीर की गरमी बनाए रखता है.

कैसे करें वाश

थर्मल वियर की सफाई पर विशेष ध्यान दें क्योंकि यह सीधे आप की बौडी से टच होता है. इस की सफाई के लिए मार्केट में उपलब्ध वूलन डिटर्जेंट लिक्विड का ही इस्तेमाल करें. गरम पानी में धोने से थर्मल वियर के लूज हो जाने का खतरा रहता है. इसे कुछ देर वूलन लिक्विड डिटर्जेंट वाले ठंडे पानी में डिप कर के रखें. फिर हाथों से रब कर पानी से अच्छी तरह से धो लें, जिस से डिटर्जैंट पूरी तरह से निकल जाए. फिर इसे एक बार ऐंटीसैप्टिक ड्रौप वाले पानी में डिप कर के निकालें. इस से यह कीटाणुरहित हो जाएगा. वाशिंग मशीन के ड्रायर में सुखाने के बाद इसे धूप जरूर दिखाएं, जिस से इस की नमी पूरी तरह से निकल जाए.

साल नया फैशन नया: आजमाएं ये आसान से टिप्स

नए साल में सिर्फ नए कैलेंडर की शुरुआत ही नहीं होती, बल्कि नए फैशन, नए ट्रैंड्स भी आते हैं, जिन्हें फौलो कर आप ट्रैंडी व स्मार्ट दिख सकती हैं. अगर आप को फैशनेबल दिखना अच्छा लगता है, तो यह नया साल आप के लिए खास रहेगा, क्योंकि इस साल फैशन ट्रैंड्स में कई नई ड्रैसेज, कलर व पैटर्न शामिल हो रहे हैं, जो आप की पर्सनैलिटी को स्मार्ट लुक देंगे.

ऐथनिक आउटफिट

ऐथनिक वियर रंगरीति के सिद्धार्थ बिंद्रा कहते हैं कि इन फैशन की ड्रैस पहनने से ज्यादा जरूरी है कि आप उस में अपना खुद का स्टाइल क्रिएट करें. फैशन ट्रैंड के अनुसार तो कपड़े सभी पहनते हैं, लेकिन सब की नजर उस पर पड़ती है जिस का स्टाइल थोड़ा हट कर होता है.

– ऐथनिक में इस साल अनारकली सूट आउट औफ फैशन होगा. इसलिए अगर आप इस बार भी पार्टी में अनारकली सूट पहनने की सोच रही हैं, तो उस में थोड़ा बदलाव कर के इस के फैशन को बरकरार रखा जा सकता है. वैसे अनारकली की जगह फ्लोर लैंथ सूट फैशन में आएगा, जिसे गाउन की तरह भी पहना जा सकता है और सूट की तरह भी. सूट में इस बार स्ट्रेट सूट, जैकेट स्टाइल सूट इन होगा. चूड़ीदार और सिंपल पाजामी की जगह पर प्लाजो,

शरारा व पैंट का फैशन आएगा.

– साड़ी से आप ऐथनिक लुक पाना चाहती हैं, तो साड़ी में प्रिंटेड साड़ी का फैशन इन रहेगा और ब्लाउज की जगह क्रौप टौप का जादू चलेगा. इस क्रौप टौप को साड़ी, प्लाजो, पैंट, स्कर्ट के साथ भी कैरी किया जा सकता है.

– ऐथनिक में तो वैसे हमेशा डार्क कलर ही फैशन में रहता है, लेकिन इस बार पीच कलर भी इन है. पीच कलर से आप सोबर लुक पा सकती हैं.

– आजकल मिक्स ऐंड मैच का जमाना है. आप मिक्स ऐंड मैच करने के लिए कुरती के साथ डैनिम, वैस्टर्न टौप के साथ ए लाइन स्कर्ट या प्लाजो का मिक्स ऐंड मैच कर सकती है. आजकल कुरती के साथ स्कर्ट का फैशन भी इन है.

– ऐथनिक ड्रैसेज में हमेशा उन के फैब्रिक का ध्यान रखें. फैब्रिक इस तरह का होना चाहिए जो सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करे. जब आप ऐथनिक ड्रैस पहन रही हों, तो कोशिश करें कि आप की ऐक्सैसरीज व फुटवियर भी ऐथनिक ही हो. अगर आप ने ऐथनिक कुरती पहनी है और उस के साथ फौरमल जूती पहन ली तो आप का लुक अट्रैक्टिव नहीं लगेगा.

वैस्टर्न आउटफिट

– स्टूडियो डी रौयल के फैशन डिजाइनर पुनीत अग्रवाल के अनुसार, अगर वैस्टर्न आप की पहली पसंद है, तो मिडी या मैक्सी स्कर्ट के साथ ट्यूनिक टौप पहन कर इस सीजन आप हौट दिख सकती हैं.

– इस साल भी वैस्टर्न ड्रैसेज में वनपीस, मैक्सी और लौंग गाउन फैशन में इन रहेगा. साथ ही माइक्रो प्लीटिंग भी ट्रैंड में फिर से शामिल होगी.

– वैस्टर्न फैशन में कलर की बात  की जाए तो कोरल, पिंक, और्किड और ऐक्वा कलर इन होगा और हमेशा की तरह ग्रीन और रैड कलर फैशन में बने रहेंगे. इस साल की खास बात यह है कि इस बार एक नया कलर डार्क बरगंडी शामिल हो रहा है. इस कलर की खास बात यह है कि यह हर स्किनटोन के साथ मैच करता है.

– स्टाइल में फ्रंट जिप, हुड व पौकेट स्टाइल ड्रैसेज इन रहेंगी. इंडोवैस्टर्न भी फैशन ट्रैंड में शामिल होगा, जिस में ए लाइन कुरती के साथ पैंट का फैशन खास रहेगा.

– अगर आप के पास फ्लोरल प्रिंट वाली ड्रैसेज हैं तो बिना टैंशन लिए इस साल भी आप उन्हें कैरी कर सकती हैं, क्योंकि इस बार भी फ्लोरल का जादू बरकरार रहेगा.

फौर्मल ड्रैसिंग

फैशन डिजाइनर रोहिणी गुगवानी बताती हैं कि फौर्मल ड्रैसिंग में वैसे तो फैशन हमेशा एक सा ही रहता है, लेकिन ब्लैक व ब्लू के डिफरैंट शैड्स पहने जा सकते हैं. बस इस बात का ध्यान रखें कि प्रिंट व डिजाइन बड़े और बोल्ड न हों.

– इस बार पैंट के अलावा बौटमवियर में स्कर्ट और ड्रैसेज का फैशन इन है. अगर आप की ड्रैस फौर्मल के हिसाब से छोटी है, तो टाइट्स या लैगिंग्स के साथ पहनें. आप को स्मार्ट लुक मिलेगा.

– बेशक स्किनी जींस आप की पर्सनैलिटी पर फबती हो पर चलन में वाइड लैग ट्राउजर्स और प्लाजो पैंट है. यह आप को स्टाइलिश लुक देगी और इसे कैरी करना भी आसान है.

औफिस ड्रैसिंग

– फौरमल के साथ कभी हैंगिंग व कलरफुल इयररिंग्स न पहनें. कई बार ऐसा भी देखा जाता है कि कुछ महिलाएं जिस कलर की ड्रैस पहनती हैं उसी कलर के इयररिंग्स और नेलपेंट भी लगाती हैं. औफिस में यह अच्छा नहीं लगता.

– अगर आप औफिस के गैटटुगैदर में बैकलैस ड्रैस पहन रही हैं तो ट्रांसपेरैंट स्ट्रैप्स ब्रा पहनें. अगर रफल्स और फ्रिल वाली ड्रैस है तो उसे छोटा ही रखें. बड़ी फ्रिल्स और रफल्स औफिस में अच्छे नहीं लगते.

– ज्यादातर महिलाएं एक ही तरह की ब्रा का चुनाव करती हैं. यह सही नहीं है. हर ड्रैस के साथ एक ही तरह की ब्रा न पहनें. कुछ ड्रैसेज ऐसी होती हैं जिन के साथ पैडेड ब्रा सही लगती है, तो कुछ के साथ बिकनी शेप वाली. इसलिए ड्रैस के साथसाथ अपनी ब्रा के चयन का भी ध्यान रखें.

स्मार्ट सेल्सगर्ल बनने के ये हैं कुछ आसान टिप्स

फैशन और ग्लैमर से जुड़े क्षेत्र ऐसे हैं जहां लड़की का रूप व आकर्षण उस की शैक्षणिक योग्यता से अधिक माने रखता है. किंतु सांवले या गोरे रंग के आधार पर वहां किसी लड़की के सौंदर्य को नहीं आंका जाता.

व्यापारिक प्रतिष्ठानों की कामयाबी का पूरा दारोमदार उन के सेल्स पर्सन्स पर ही निर्भर करता है. ये सेल्सपर्सन्स या कहें कि सेल्सगर्ल्स उपभोक्ताओं के समक्ष अपनी कंपनी का प्रतिनिधित्व करती हैं. अत: स्पष्ट है कि एक बेहतरीन सेल्सगर्ल न केवल अपनी कंपनी की छवि को बना सकती है, बल्कि बिगाड़ भी सकती है.

यह सही है कि हर व्यक्ति अच्छा सेल्सपर्सन नहीं बन सकता. इस क्षेत्र के एक गुट का मानना है कि कुछ व्यक्तियों में बेचने की कला जन्मजात होती है, जबकि दूसरे गुट का मानना है कि कुछ विशेष प्रबंधन के नियमों व सिद्धांतों को सीख कर कोई भी व्यक्ति इस कला में माहिर हो सकता है.

एक अच्छी सेल्सगर्ल बनने के गुण जन्मजात नहीं अपितु बाजारवाद के कुछ मूलभूत नियमों जैसेकि अपने किए गए वादों पर खरा उतरने की कला और बेचने की कला में पूर्ण व्यावसायिकता के सिद्धांतों के पालन पर निर्धारित होते हैं.

‘सेल्स ऐंड डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमैंट’ नामक पुस्तक में लेखक तपन पांडा तथा सुनील सहदेव बताते हैं कि एक अच्छे सेल्सपर्सन में अपनी बात दूसरों तक पहुंचाने की कला, दूसरे की बात को ध्यानपूर्वक सुनने की कला, वादविवाद को हल करने की प्रतिभा, समस्याओं का हल ढूंढ़ने की कला, कंपनी के लिए अधिक से अधिक बिजनैस लाने की कला और ग्राहकों के साथ तोलमोल की कला आदि गुण होने चाहिए.

आप चाहे गोरी हों या सांवली आप का व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली होना चाहिए कि वह ग्राहक पर सकारात्मक प्रभाव डाले. आप के एक भी शब्द बोले बिना ही वह आप का कायल हो जाए. यही कारण है कि किसी भी सेल्सगर्ल को ग्राहक से मिलते समय पहनावे आदि का खास ध्यान रखना चाहिए. कोई भी ग्राहक पहली ही नजर में आप के कपड़ों, बाल बनाने के ढंग, आप के आचारव्यवहार से आप की योग्यता और व्यावसायिकता के विषय में एक राय बना लेता है.

यही वह मुख्य घटक है, जो किसी सेल्सगर्ल के रंगरूप व सौंदर्य को ले कर सारी धारणाओं का जन्मदाता बनता है. यहीं से सारी गलतफहमियों की शुरुआत होती है. ध्यान रहे, कोई भी कंपनी अयोग्य और अनुभवहीन गोरी और स्मार्ट लड़कियों को मात्र इसलिए नौकरी नहीं दे देती कि वे पहली ही नजर में ग्राहक को लुभा कर कंपनी के लिए अधिक मुनाफा कमाने वाली साबित होंगी, क्योंकि काठ की हांड़ी बारबार नहीं चढ़ती है. दीर्घकालीन व्यापारिक संबंधों के लिए कोई भी ग्राहक किसी सेल्सगर्ल में कुछ खास गुणों को परखता है और वे हैं अनुभव और ज्ञान.

उदाहरण के तौर पर यदि आप एक डायरी बेच रही हैं, तो जानें कि ग्राहक के लिए डायरी क्या महत्त्व रखती है. उसे किस प्रकार की डायरी की जरूरत है, बजट क्या है और वह साल भर में कितनी डायरियां खरीदता है. पहले से ही एकत्र कर ली गई इस प्रकार की जानकारी ग्राहक पर बहुत अच्छा प्रभाव डालती है.

डिलिवरी के बाद माल खराब निकलने या कमज्यादा होने अथवा कोई और समस्या होने पर उसे सुलझाने में सेल्सगर्ल समर्थ है या नहीं, यह भी ग्राहक देखता है. अत: किसी भी सेल्सगर्ल का आत्मविश्वास व योग्यता ही उस समय काम आती है न कि उस का रंगरूप.

एक सफल सेल्सगर्ल को अपने प्रैजेंटेशन की पूरी तैयारी पहले से ही कर लेनी चाहिए. ‘हाई ट्रस्ट सैलिंग’ नामक पुस्तक में लेखक टाड डंकन कहते हैं कि ग्राहक के सम्मुख सेल्सगर्ल की परफौर्मैंस स्टेज पर किए जाने वाले नाटक जैसी होती है. उस में फिल्मों की तरह रीटेक का समय नहीं होता. सेल्स एक लाइव परफौर्मैंस है. अत: आप की छोटी सी गलती भी पकड़ में आ जाती है. एक गलत कदम सारी मेहनत पर पानी फेर सकता है, इसलिए अपने उत्पाद से जुड़ी हर बात का विस्तृत ब्योरा सेल्सगर्ल के पास होना जरूरी है.

एक अच्छी व सफल सेल्सगर्ल बनने के लिए निम्न बातों पर ध्यान दें:

– क्या आप को ग्राहक से बातचीत करने में कठिनाई होती है?

– क्या आप ग्राहक की जिज्ञासा तथा सवालों के जवाब देने के लिए हमेशा मानसिक तौर पर तैयार रहती हैं तथा पूछी या मांगी गई कोई भी जानकारी देने के लिए सदा तैयार रहती हैं?

– फोन पर सुचारु एवं प्रभावशाली ढंग से मीटिंग का समय निर्धारित करने में क्या आप को कठिनाई होती है?

– क्या आप को निर्धारित की गई मीटिंगों को समय से निबटाने में कठिनाई होती है?

– जब आप किसी ग्राहक से व्यापारिक समझौता कर रही होती हैं, तो आप के दिमाग में क्या चलता है- उस सौदे से मिलने वाले कमीशन या ग्राहक के साथ अच्छे व दीर्घकालीन संबंध?

– क्या आप को पता रहता है कि प्रैजेंटेशन देते समय आप को कितना व क्या बोलना है?

– जब आप को कोई नकारात्मक टिप्पणी सुनने को मिलती है, तो आप की प्रतिक्रिया क्या और कैसी होगी?

– क्या आप को ग्राहक की न को हां में बदलने की कला आती है?

–  क्या आप के भीतर पर्याप्त आत्मविश्वास है कि आप एक अच्छी सेल्सगर्ल बन सकती हैं?

अपने भीतर इन प्रश्नों को टटोलें, कमियों को दूर करें तथा खूबियों को निखारें.

यह कोई मुश्किल काम नहीं है.

कोई भी बिजनैस गुरु या मार्केटिंग ऐक्सपर्ट एक अच्छी सेल्सगर्ल के गुणों को परिभाषित करते समय त्वचा के रंग की बात कदापि नहीं करता. इतना ही नहीं, समाज में त्वचा के रंग को ले कर भ्रांतियां फैलाने के विरुद्ध हाल ही में ऐडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड कौंसिल औफ इंडिया ने भी एक दिशानिर्देश जारी किया है.

भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भी उस दिशानिर्देश को मान्यता देते हुए साफ आदेश जारी किया है कि सांवले रंग को अनाकर्षक, पराजय, दुख, निराशा आदि का कारण नहीं माना जा सकता. साथ ही यह भी कहा गया है कि टीवी पर प्रसारित होने वाले किसी भी विज्ञापन में शिक्षा, विवाह अथवा रोजगार के लिए गोरे रंग को उच्च व सांवले रंग को निम्न स्तरीय नहीं दिखाया जा सकता.

आकर्षक व्यक्तित्व पाने के लिए चेहरे पर झलकता आत्मविश्वास ही सब से बड़ा मेकओवर है. उस के बाद आप का ढंग से तैयार होना, व्यवस्थित ढंग से बाल बनाना, व्यावसायिक ड्रैस कोड का महत्त्व समझना, चेहरे के हावभाव, मुसकराहट, बोलचाल, उठनेबैठने का ढंग इत्यादि बातों पर ध्यान देना अतिआवश्यक है.

स्वस्थ त्वचा है खूबसूरती का राज

अगर आप की त्वचा कांतिहीन है, तो आप के नैननक्श व रंगरूप चाहे जैसा भी हो आप हरगिज खूबसूरत नहीं कहला सकतीं. साफ, स्वस्थ दमकती त्वचा चेहरे की खूबसूरती में चार चांद लगा देती है. इस के लिए खूब पानी पीएं, ताजे फलों और सब्जियों का नियमित सेवन करें. त्वचा के प्रकार के हिसाब से मेकअप करें. आईब्रोज को उचित आकार दें. हाथों व पैरों की त्वचा को भी नजरअंदाज न करें. नाखून लंबे हों या छोटे, सदा साफ व हलके रंग से पेंट किए हों. सनस्क्रीन क्रीम तथा रात को सोते समय नाइट क्रीम का प्रयोग करें.

बाल बनाना भी एक कला है: बालों का स्वस्थ व चमकदार होना भी सौंदर्य के लिए उतना ही आवश्यक है जितना कि त्वचा का स्वस्थ होना. अपने बालों की समुचित देखभाल करें. चेहरे के हिसाब से बालों को टौप नौट, फ्रैंचरोल, पोनीटेल या सादे जूड़े में बांधें. कटे तथा छोटे बालों को पिनअप करें तथा सुंदर हेयरस्टाइल बनाएं.

मेकअप है मेकओवर की जान

मेकअप का प्रयोग बेहद सावधानी से करें. आप को मीटिंग में जाना है शादी या पार्टी में नहीं. अत: मेकअप के लिए हलके रंगों का प्रयोग करें. कंसीलर युक्त फाउंडेशन का सीमित प्रयोग करें. लिपस्टिक त्वचा से मेल खाती हो, भड़काऊ नहीं. आईलाइनर या काजल का सलीके से किया गया प्रयोग आंखों के सौंदर्य को उभारेगा.

ड्रैस कोड

ऐसे कपड़े पहनें जो आप के प्रोफैशनल लुक को उभारें. तीखे रंगों व तड़कभड़क वाले कपड़े न पहनें. कपड़े मौसम और आप की कदकाठी के हिसाब से हों. वे फैशनेबल नहीं ट्रैंडी हों. उन का कट शालीन व उचित नाप का हो. बहुत अधिक डीप नैक या बैकलैस ड्रैस हरगिज न पहनें.

बौडी लैंग्वेज

आप की बौडी लैंग्वेज बिना बोले ही दूसरों पर आप के व्यक्तित्व के आधे से ज्यादा राज खोल देती है. आप के चलनेफिरने का ढंग आप का आत्मविश्वास दिखाता है. आप कमरे में कैसे प्रवेश करती हैं, कैसे हाथ मिलाती हैं, यह सब आप के भीतर का डर दिखा जाता है. आंखों व चेहरे की भंगिमाएं बहुत कुछ कह जाती हैं. अत: इन सब बातों का ज्ञान एक सफल सेल्सगर्ल के लिए जरूरी है.

मुसकान व दांत

एक सौम्य मुसकराता चेहरा सभी को आकर्षक लगता है. मधुर मुसकान पाने के लिए शीशे के सामने खड़ी हो कर अभ्यास करें. दांत भले मोतियों जैसे सुंदर न हों पर पीले कदापि न हों. चमकदार दांत मुसकान को और आकर्षक बना देते हैं. मुंह से आती दुर्गंध पर विशेष ध्यान दें.

इन सब बातों पर अमल करने पर आप को एक स्मार्ट, अपटूडेट, इंटैलिजैंट, प्रोफैशनल सेल्ससगर्ल बनने से कोई नहीं रोक सकता. 

यूपी चुनाव से पहले संगठन सुधारने में जुटी भाजपा

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में अभी समय है. विधानसभा के चुनाव 2017 में होने वाले है. भाजपा के लिये यह चुनाव जियो और मरो वाले होगे. उत्तर प्रदेश के विधनसभा चुनाव ही 2019 के लोकसभा चुनावों का भविष्य तय करेगे. 2014 के लोकसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश से भाजपा गठबंधन को 73 सांसद मिले थे. इस प्रदर्शन की उम्मीद 2019 में नहीं की जा रही है.

भाजपा चाहती है कि अगर 2017 के विधानसभा में उत्तर प्रदेश की सत्ता उसके हाथ आ जाये तो 2019 में केन्द्र सरकार बनाने का रास्ता सरल हो जायेगा. भाजपा ने इसके लिये जाति और धर्म दोनो का सहारा लेने की योजना बनाई है.

2016 में भाजपा राम मंदिर के एजेंडें पर आगे बढेगी. जातीय संतुलन में भाजपा पिछडे वर्ग को आगे लानाचाहती है.भाजपा नेता और राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह के जन्मदिन पर उमडी भीड को देखकर यह लगता था कि कल्याण सिंह को उत्तर प्रदेश में बडी जिम्मेदारी मिल सकती है.अयोध्या मसले से जुडी उनकी पहचान और जाति से पिछडा होने का पफैक्टर काम दे सकता है.

जातीय संतुलन साधने के लिये भाजपा ने संगठन में पिछडों को आगे करने का काम शुरू किया है. भाजपा ने शुरूआत में 51 जिलों में जिलाअध्यक्ष के नामों की घोषणा की तो उसमें 22 अध्यक्ष पिछडी जाति के रखे. इनमें केवल यादव और कुर्मी ही नहीं है, बल्कि लोहार, कुशवाहा, मौर्या, कहार और नाई जाति के लोगों को भी मौका दिया जा रहा है. राजधनी लखनउ में भाजपा ने मुकेश वर्मा को अपना जिला अध्यक्ष बनाया है. मुकेश वर्मा पार्टी के लोगों के लिये पूरी तरह से नया चेहरा है. बिहार में हार के बाद भाजपा अपने जातीय समीकरण को खूब मजबूत करना चाह रही है.

पिछडों को पार्टी से जोडने की एक प्रमुख वजह यह भी है कि यह लोग तेजी के साथ पैसे वाले हुये है. यह धर्म और पूजापाठ के नाम पर ज्यादा ही कर्मकांड करने लगे हैं. अगडी जातियों से मुकाबला करने के लिये पिछडे अब बिना कुछ सोंचे समझे भाजपा और पूजापाठ को अपनाने लगे है. भाजपाइसे अपने पक्ष में देखकर पिछडो को अपने जनाधर से जोडने में लग गई है.भाजपा को लगता है कि दलितों के जोडने में कठिनाई है ऐसे में पिछडो को जोडना सरल है. उत्तर प्रदेश में अभी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पद पर ब्राहमण जाति के डॉक्टर लक्ष्मीकांत वाजपेई हैं.

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी इस बात के संकेत दे चुके है कि पार्टी पिछडे नेताओं आगे बढाने का काम करेगी. उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है. नये सिरे से चुनाव होने है. प्रदेश अध्यक्ष पद के लिये पिछडे वर्ग के नेताओं का नाम ज्यादा चल रहा है. भाजपा इस सोंच में है कि प्रदेश अध्यक्ष और मुख्यमंत्री पद पर क्या जातीय समीकरण बनाया जाये. प्रदेश अध्यक्ष के लिये जो नाम दौड में सबसे आगे हैं उनमें केन्द्रीय मंत्री रामशंकर कठेरिया, स्वतंत्रा देव सिंह, डाक्टर दिनेश शर्मा, धर्मपालसिंह और मनोज सिन्हा का नाम सबसे आगे है.

भाजपा बारबार इस बात को भी जताने की कोशिश कर रही है कि उसने ही पहली बार नरेन्द्र मोदी के रूप में पिछडी जाति का प्रधनमंत्री दिया. उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव भाजपा के लिये बहुत खास है. ऐसे में वह कोई भी कोरकसर छोडने वालीनहीं है. 2016 का साल इस लिहाज से बहुत अहम होने वाला है.

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