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कलिखो पुल: तेजी से चढ़ी थी सत्ता की सीढ़ियां

अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कलिखो पुल का शव मंगलवार को उनके घर में पंखे से लटका मिला. कलिखो पुल की आत्महत्या का संदेह जताया जा रहा है.

पुलिस हालांकि दावा कर रही है कि उन्होंने सुसाइड ही किया है लेकिन अभी तक किसी सुसाइड नोट मिलने की जानकारी नहीं है. कांग्रेस में उनका कार्य काफी शोभनीय रहा. इस युवा नेता ने महज 47 वर्ष में अपने राजनीतिक रूप में बहुत उतार चढ़ाव देखे. उनकी कमी अरुणाचल की राजनीति को सदैव खलेगी.

राजनीतिक सफर

कलिखो पुल अरुणाचल प्रदेश के 9वें मुख्यमंत्री थे. 16 फरवरी 2016 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राज्य से राष्ट्रपति शासन हटाने की सिफारिश के बाद राज्यपाल जे.पी. राजखोवा ने ईटानगर में राजभवन में आयोजित समारोह में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई थी.

कलिखो वर्ष 2003 से 2007 तक मुख्यमंत्री गेगांग अपांग के मंत्रालय में राज्य वित्त मंत्री रह चुके थे. वह सबसे ज्यादा लंबे समय तक अपने राज्य के वित्त मंत्री रहे. उन्होंने 5 बार लगातार चुनाव जीते.

राजनीति संकट में कलिखो का रूप

अरुणाचल में राजनीतिक संकट की शुरुआत दिसंबर 2015 में तब हुई, जब कांग्रेस के 47 विधायकों में से 21 ने बगावत कर दी और नबाम टुकी की अगुवाई वाली कांग्रेस की सरकार अल्पमत में आ गई. जिसके बाद 26 जनवरी 2016 को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था. उस समय वर्तमान में मुख्यमंत्री कलिखो पुल के साथ कांग्रेस के 19 बागी, बीजेपी के 11 और दो निर्दलीय विधायक थे.

कांग्रेस से बगावत कर बीजेपी का थामा दामन

कलिखो ने कांग्रेस से बगावत करके बीजेपी का दामन थामा था. उन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर राज्य में सत्ता बनाई थी. बीजेपी के साथ मिलकर वह महज 6 महीने ही मुख्यमंत्री रहे, जिसके बाद जुलाई में बीजेपी ने उनसे सीएम का पद ले लिया. कहा जा रहा है इसके बाद से ही वह डिप्रेशन में चले गए थे.

खुद बताया था अपना हाल

वह पहली बार 1995 में धायक और मंत्री बने थे. सबसे कम उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करने का रिकॉर्ड है. सीएम पद छिनने के बाद उन्होंने एक समारोह में कहा था कि वो बहुत ज्‍यादा प्रेशर में हैं. सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद वो काफी डिप्रेशन में थे. बताया जाता है कि जब से वो सीएम पद से हटे थे तबसे उनका लोगों से मिलना जुलना कम हो गया था.

5 बार जीते थे विधानसभा चुनाव

कलिखो पुल 1995 के बाद से लगातार पांच बार विधानसभा चुनाव जीते थे. पांच बार 1995 से 1997 तक वे वित्त उपमंत्री रहे, उसके बाद 1997-99 तक बिजली राज्य मंत्री रह थे. जिसके बाद वह 1999-2002 तक वित्त राज्य मंत्री थे. 2002 से 2003 तक भूमि प्रबंधन के राज्य मंत्री रहे थे. वहीं, 2003 से 2005 तक पुल ने वित्त मंत्रालय संभाला था.

अब एटीएम से मिलेगा पिज्जा

पिज्जा तो आप में से कई लोगो को पसंद होगा| लेकिन ये खबर आपको जरूर चौंकाने वाली लगी होगी की एटीएम से अब कैश नहीं पिज्जा मिलेगा| लेकिन ये सच है अब एटीएम से भी पिज्जा लेकर खा सकते हैं.

पर दुःख की खबर ये है की अभी ये पिज्जा एटीएम भारत में नहीं अमेरिका में उपलब्ध है| देश में पहली बार ओहियो में जेविअर यूनिवर्सिटी कैंपस में पिज्जा एटीएम लगाया गया है.

इस एटीएम की खासियत ये है की यह 24 घंटे उपलब्ध होगा और यहां 70 तरह के पिज्जा का स्वाद लिया जा सकेगा| पिज्जा वेंडिंग मशीन में 70 तरह के 12 इंच का पिज्जा मिलेगा. ये मशीन 3 मिनट में ताजा और गर्म पिज्जा परोसती है. इसमें टच स्क्रीन द्वारा अपना मनपसंद पिज्जा चुन सकते है.

इस पिज्जा का मजा लेने के लिए 10 अमेरिकी डॉलर खर्च करने होंगे. पिज्जा वेंडिंग मशीन में टेंपरेचर कंट्रोल सिस्टम लगे रहने के कारण पिज्जा ताजा रहता है. इसके साथ पिज्जा गर्म करने के लिए कन्वेक्शन ओवन भी लगा हुआ है, जो 3 मिनट में गर्मागरम पिज्जा परोसता है.

आइये आपको बताएं आखिर एटीएम से पिज्जा आता कैसे है

यूजर के पिज्जा चयन करने के बाद एटीएम उसे ओवन में रखकर काटकर उसके टुकड़े करता है. पिज्जा के टुकड़े करने के बाद उसे गत्ते के डिब्बे में पैक करता है. उसके बाद पिज्जा मशीन से बाहर आ जाता है और आप खाकर आप उसके मजे उठा सकते हैं.

स्मार्ट सिटी का सच

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए 18 सौ करोड़ रुपए के खर्च पर 70 प्रोजैक्ट शुरू किए हैं. इन स्मार्ट शहरों के कुछ इलाकों में बढि़या मकान होंगे, पक्की साफ सड़कें होंगी, खेलने के मैदान होंगे, साइकिल सवारों के लिए अलग ट्रैक होंगे. वैसे, सरकार का 50 हजार करोड़ रुपए खर्च कर के 100 शहरों को स्मार्ट शहर बनाने का इरादा है.

इन शहरों की प्लानिंग में जो बात साफ नजर आ रही है, वह यह है कि स्मार्टनैस छोटे से इलाके में होगी बाकी शहर में नहीं. सरकार द्वारा टैक्स लगालगा कर मोटा पैसा वसूला जाएगा. अब यह टैक्स किस पर लगेगा? अंबानी, अदानी, बिड़ला पर क्या? वे तो जनता को वैसे ही धोखा दे रहे हैं. उन्होंने जनता की कमाई और बचत के जमा लाखोंकरोड़ रुपए बैंकों से उधार लिए हुए हैं और लौटाने की चिंता ही नहीं है.

यह पैसा आएगा आम आदमी से. नरेंद्र मोदी सरकार के वित्त मंत्री अरुण जेटली जनरल सेल्स टैक्स का कानून बनवाने के लिए पीछे पड़े हैं, ताकि उस से अरबों रुपए के नए टैक्स लगा सकें. जनता का कोई काम मोटा टैक्स दिए बिना न हो.

देश को जरूरत है स्मार्ट स्लमों की, जहां गरीब इज्जत की जिंदगी जी सकें. वहां पानी मिल सके. वहां धूप आती हो. वहां बच्चों को गलियों में क्रिकेट न खेलना पड़े. जहां चलने की जगह हो, जहां डाक्टर भी हो और किराने की दुकान भी. इन लोगों को सुंदर बाग, पेड़दार सड़क नहीं चाहिए, केवल सिर पर बारिश में न टपकने वाली छत चाहिए.

ऐसे स्मार्ट स्लम, स्मार्ट गांव चाहिए, जहां कानून का राज चलता हो, पुलिस और नेताओं का नहीं.

जिन शौचालयों की नरेंद्र मोदी रोज बात करते हैं, वह देश को साफ करने के लिए नहीं, गरीबों के पाखाने पर अमीरों के पैर न पड़ें, इसलिए बनवाए जा रहे हैं. स्मार्ट शौचालय के लिए पानी चाहिए, सीवर चाहिए और वे केवल स्मार्ट सिटी के इलाकों में होंगे, जहां रोल्सरौयस गाडि़यां होंगी, पैदल चलने वाले नहीं.

स्मार्ट सिटी देश को दो फाड़ करने की साजिश है. यह अंगरेजों ने भी की थी. उन के जमाने में गोरों के इलाके साफ हवादार, पेड़ों से ढके होते थे. गरीब झोंपड़ों में रहते थे. महात्मा गांधी को समझ आ गया था, पर उन्होंने इस की बात नहीं की, बस गरीब इलाकों में डेरे डाल लिए, पर थोड़े दिनों के लिए. कुछ दिखाने के लिए, कुछ राजनीति के लिए.

स्मार्ट सिटी अमीरों का गरीबों पर हमला है. इन्हें बनाएंगे गरीब जो फिर स्लमों में, गंदी मलिन बस्तियों में जा कर रहेंगे. स्मार्ट सिटी में चमचमाते शोरूम होंगे, मलिन बस्तियों में ढेर लगी दुकानें होंगी, जहां इंस्पैक्टर राज ज्यादा चलेगा, मिलावटी सामान मिलेगा, वह भी भारी टैक्स दे कर.

यह स्मार्ट राष्ट्र पुराणवादी राष्ट्र होगा, राम राज होगा, पाखंडी राज होगा, जहां शंबूक को मारा जाता है, एकलव्य का अंगूठा काटा जाता है.        

बोल्ड सीन करने से कोई ‘टाइपकास्ट’ नहीं होता: ज़रीन खान

म्यूजिक वीडियो का गाना ‘प्यार मांगा है तुम्ही से….’, में अभिनेता अली फज़ल के साथ अब तक की सबसे हॉट और बोल्ड सीन देकर चर्चा में आने वाली अभिनेत्री ज़रीन खान ने सलमान खान के साथ फिल्म ‘वीर’ से अपनी फ़िल्मी कैरियर की शुरुआत की थी. फिल्म में उनके अभिनय को काफी सराहना मिली. उन्हें बेस्ट डेब्यू का अवार्ड भी मिला. उनका चेहरा कैटरीना कैफ से मिलता हुआ बताया गया. लेकिन उसके बाद उन्हें फ़िल्मी दुनिया में अच्छी फिल्मों का दौर देखने को नहीं मिला.

उन्होंने कई पंजाबी और तमिल फिल्मों में भी भाग्य की अजमाइश की. कई विज्ञापनों और फैशन शो में भी दिखीं. पर हिंदी फिल्मों मे वह आइटम नंबर ‘कैरेक्टर ढीला’ में नज़र आई और इसके बाद उन्होंने कुछ फिल्मों में भी अभिनय कमोबेश किया. लेकिन ‘हेट स्टोरी थ्री’ में अपने बोल्ड और सेक्सी अंदाज से फिर चर्चा में आई. उन्हें अभिनय करना पसंद है चाहे वह कैसा भी हो. जो कहानी उन्हें प्रेरित करें उसे वह करना पसंद करती हैं. लोग क्या कहेंगे इस पर वह ध्यान नहीं देती. म्यूजिक वीडियो  के लौंच पर उनसे बात हुई. पेश है अंश.

प्र. आपकी इस म्यूजिक वीडियो में काम करने की वजह क्या है?

इसे स्वीकारने के पीछे मेरी पिछली फिल्म ‘हेट स्टोरी’थी जो टी सीरीज वालों की थी और ये भी उनकी है, उनके कहने पर मैं मना नहीं कर सकी. साथ ही इसमें एक कपल को दिखाया गया है जो शादी के बाद जोर्जिया जाते हैं. वहां कैसे रहते है. एक बहुत ही रोमांटिक पल को दिखाने की कोशिश की गई है और मुझे रोमांटिक अभिनय पसंद है.

प्र. आपको लगता नहीं है कि इस तरह के अभिनय से आप ‘टाइपकास्ट’ हो रही हैं?

क्या एक या दो फिल्मों या गाने से एक्टर ‘टाइपकास्ट’ हो जाता है? ऐसा मैं नहीं समझती. ऐसा नहीं है कि इसमें जो बोल्ड सीन्स दिख रहा है वह किसी और फिल्म में नहीं होता. जब मैं करती हूँ तो सबको प्रॉब्लम क्यों होती है, ये मुझे  समझ नहीं आता. लेकिन मैं इसके अलावा भी अलग तरह की फिल्में भी कर रही हूँ. बहुत जल्दी वह भी पर्दे पर आयेंगी.

प्र. ऐसे दृश्यों को फिल्माना कितना मुश्किल होता है?

ऐसे दृश्य काफी मुश्किल होते हैं, यह ‘मैकानिकल’ होता है, जैसा दर्शक देखते हैं वैसे तो कभी शूट नहीं होता. वहां  काफी लोग रहते है जो देख रहे होते है. कैमरे का एंगल होता है. ‘कोरिओग्राफी’ की जाती है. कहाँ कौन कैसे होगा. सच तो यह है कि तकनीक की दृष्टि से यह बहुत कठिन होता है, क्योंकि आपको ऐसे दृश्य करने के बाद भी एक दूसरे को सम्मान देना है. हम केवल एक्टर एक्ट्रेस होते हैं, रियल लाइफ में कुछ भी नहीं, ये समझना पड़ता है. हम दोनों की केमिष्ट्री अच्छी है अगर आगे अभिनय का मौका मिले तो अच्छी बात होगी.

प्र. आप किस तरह के गाने पसंद करती है?

यह मेरे मूड पर निर्भर करता है. मुझे स्लो रोमांटिक गाने पसंद है.

प्र. समय मिले तो क्या करती हैं?

बहुत कुछ करना पसंद करती हूँ, मैं फ्लाइंग सीखना चाहती हूँ. इसके अलावा म्यूजिकल गिटार और पियानो सीखना चाहती हूँ. आशा है आगे गाना भी गाऊँगी.

प्र. आगे कौन सी फिल्म आ रही है?

अभी मै ‘अक्सर टू’ की शूटिंग कर रही हूँ, इसके बाद मैं विक्रम भट्ट की ‘1921’ करुँगी. इस बीच एक मूवी की बात और चल रही है.

प्र. क्या कोई  ड्रीम प्रोजेक्ट है?

ड्रीम प्रोजेक्ट तो कोई नहीं है, क्योंकि मेरा ड्रीम तो अभिनय नहीं था. लेकिन मैं आ गई और अब ये अच्छा लग रहा है. मैं ‘हार्ड कोर’ रोमांटिक फिल्म करना चाहती हूँ.

प्र. किसे अपना आदर्श मानती है?

मेरे हिसाब से प्रियंका चोपड़ा मेरे लिए आदर्श हैं ,जो किसी फ़िल्मी बैकग्राउंड से नहीं हैं और एक मुकाम तक पहुँच चुकी हैं.

प्र. क्या आप अपने काम से संतुष्ट है?

जो प्रोजेक्ट मेरे पास आ रहे है, वह अगर मुझे पसंद है तो ही मैं उसमें काम करती हूँ. केवल फिल्में करनी है ऐसा सोचकर मैं काम नहीं करती. जब मैं किसी कहानी को सुनती हूँ तो उसे एक दर्शक के रूप में देखती हूँ. क्या मैं इसे देखना चाहूंगी? ऐसा सोचकर साइन करती हूँ.

प्र. क्या आपको लगता है कि आजकल हीरोइनों को ध्यान में रखकर कहानी लिखी जाती है, इसलिए उन्हें अच्छा मौका मिल रहा है?

अभी अभिनेत्रियाँ अपने भूमिका को लेकर काफी सजग है. केवल पेड़ के चारों ओर घूमकर गाने में अभिनय करना ही उनका काम नहीं है. ये अच्छी बात है. अगर मुझे मेडलिन मोनरो की बायोपिक करने का मौका मिले तो अवश्य करुँगी.

प्र.तनाव होने पर क्या करती हैं? परिवार का कितना सहयोग आपके साथ रहता है?

तनाव होने पर मैं हॉलिडे पर चली जाती हूँ या फिर सो जाती हूँ,सोने के बाद जब उठती हूँ तो तनाव को भूल जाती हूँ. मेरा परिवार मुझे बहुत सहयोग देता है. अगर वे इतना सहयोग और उत्साह नहीं बढ़ाते तो यहाँ तक आना भी कठिन था. खासकर मेरी माँ का बहुत सहयोग है.

नितीश उठाएंगे सरकार के सामने फिल्म उद्योग की समस्याएं

अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय सदस्य नितीश भारद्वाज इन दिनों फिल्म ‘‘मोहनजो दाड़ो’’ को लेकर चर्चा में हैं, जिसमें उन्होने दुर्जन नामक किसान का किरदार निभाया है. जो कि उनके भगवान श्रीकृष्ण के किरदार से काफी अलग है. तो दूसरी तरफ वह फिल्म उद्योग की समस्याओं को लेकर भी चिंतित हैं.

जब हाल ही में नितीश भारद्वाज से मुलाकात हुई तो हमने उनसे पूछा कि वह फिल्म उद्योग की समस्याओं को लेकर सरकार से कोई बात क्यों नहीं करते? तो नितीश भारद्वाज ने ‘‘सरिता’’ पत्रिका से कहा-‘‘कुछ विषय मेरे दिमाग में हैं, उनको लेकर मैं केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू से बात करने वाला हूं. मैं फिल्म सेंसर बोर्ड को लेकर भी चर्चा करने वाला हूं. मैं चाहता हूं कि ऐसी स्थिति बने, जिससे फिल्म इंडस्ट्री के साथ सेंसर बोर्ड का टकराव ना हो. पारदर्शिता रहे. पुराने नियमों को आज की बदली हुई परिस्थितियों के हिसाब से बदलना जरूरी है. फिल्मकार से यह कहना गलत है कि वह कौन सी या किस तरह की फिल्म बनाए. हम यह कह सकते हैं कि आपने यदि इस तरह की फिल्म बनायी, तो आपको यह प्रमाण पत्र मिलेगा. निर्माताओं के लिए जरूरी है कि वह सेंसर बोर्ड की गाइडलाइन्स पढ़ कर फिल्म बनाएं.’’

पूजा हेगड़े के लिए प्यार यूनिवर्सल है

तीन दक्षिण भारतीय फिल्मों में अभिनय करने के बाद आशुतोष गोवारीकर की पीरियड फिल्म ‘‘मोहनजो दाड़ो’’ में रोमांटिक किरदार निभा रही अभिनेत्री पूजा हेगड़े के लिए प्यार यूनिवर्सल है.

हाल ही में एक मुलाकात के दौरान जब हमने पूजा हेगड़े से पूछा कि आज का जो प्यार तथा ‘मोहनजो दाड़ो’’ के वक्त के प्यार में क्या अंतर पाया? तो पूजा हेगड़े ने कहा-‘‘मेरा मानना है कि प्यार यूनिवर्सल होता है. समय के साथ या सदियों के साथ प्यार नहीं बदलता. ‘मोहनजो दाड़ो’ के वक्त में जो प्यार था, वही प्यार आज भी है. 15 साल का लड़का हो या 60 साल का पुरूष, सभी एक ही तरह से प्यार करते हैं. पर उस जमाने में सब कुछ साधारण सा था. उस वक्त लड़की से मिलकर कहना पड़ता था कि मुझे आपसे प्यार है. अब तो लोग वाट्सएप और एसएमएस करके ही बात कर लेते हैं. अब तो फेसबुक पर ही सारी चीजें हो जाती हैं. उस वक्त तो यदि आपने किसी लड़की को देखा, तो वह कहां से आयी है, यह पता लगाना मुश्किल हो जाता था. हमारी फिल्म की प्रेम कहानी बहुत साधारण सी है. सरमन दूसरे गांव से मोहनजो दाड़ो आता हैं और उसे चानी से प्यार हो जाता है.’’

क्या आप जानते हैं, यूट्यूब के ये शॉर्टकट्स?

कीबोर्ड शॉर्टकट्स पहले पहले काफी मुश्किल लगते हैं लेकिन एक बार आपका हाथ सेट हो जाए तो ये मुश्किल काम बेहद आसान और मजेदार हो जाता है. साथ ही माउस का झन्झट भी ख़त्म हो जाता है. यदि आप यूट्यूब के शौक़ीन हैं और आपको यूट्यूब शॉर्टकट्स नहीं मालूम तो माउस से काम चलाना काफी परेशान करने वाला है.

यूट्यूब का अधिक इस्तेमाल करने वाले यूज़र्स के लिए आज हम लेकर आए हैं ऐसे 10 शानदार शोर्टकट्स जो आपको बना देंगे माहिर. दरअसल आप पूरे यूट्यूब को अपने कीबोर्ड से ही कंट्रोल कर सकते हैं.

1. टैब से आप यूट्यूब पर किसी फीचर को सेलेक्ट कर सकते हैं. साथ ही टैब के जरिए आप अन्य फीचर्स तक भी जा सकते हैं. सेलेक्ट करने के बाद केवल एक इंटर से ही फीचर का उपयोग किया जा सकेगा.

2. यूट्यूब पर वीडियो को प्ले और पॉज करने के लिए आप अब तक स्पेसबार का प्रयोग करते होंगे लेकिन इसके लिए आप K की का इस्तेमाल भी कर सकते हैं.

3. कीबोर्ड में K की के दाएँ और बाँए ओर J व L बटन हैं. इन कीज़ की मदद से आप वीडियो को 10 सेकंड फॉरवर्ड और 10 सेकंड बैकवर्ड कर सकते हैं.

4. कीबोर्ड में दी गई एरो कीज़ से आप वीडियो को 5 सेकंड के लिए आगे पीछे कर कर सकते हैं.

5. कीबोर्ड में न्यूमेरिक कीज़ दी गई होती हैं. इन कीज़ से आप वीडियो को ज्यादा फॉरवर्ड और बैकवर्ड कर सकते हैं. यदि आप 1 की प्रेस करेंगे तो वीडियो 10 प्रतिशत पर चला जाएगा, ऐसे ही 8 प्रेस करेंगे तो 80 प्रतिशत पर.

6. वीडियो की स्पीड बढ़ाने के लिए आप शिफ्ट के साथ > बटन को प्रेस करें. यदि आपको स्पीड कम करनी है तो आप शिफ्ट के साथ < बटन को प्रेस कर सकते हैं.

7. रीस्टार्ट करने के लिए आप न्यूमेरिक कीज़ में से 0 का चयन करें. आपका वीडियो रीस्टार्ट हो जाएगा.

8. एरो कीज़ के इस्तेमाल से आप यूट्यूब पर वॉल्यूम कंट्रोल कर सकते हैं. यदि वॉल्यूम बढ़ानी हो तो अप एरो और घटानी हो तो डाउन एरो.

9. आप और, कीज़ से यूट्यूब वीडियो को एक फ्रेम आगे पीछे कर सकते हैं. लेकिन यह तभी होगा जब आपका वीडियो पॉज होगा.

10. वीडियो को फुल स्क्रीन में देखने के लिए आप F की को प्रेस करें. फुल स्क्रीन को एग्जिट करने करने के लिए एस्केप प्रेस करें.

वक्त के साथ सोच बदल गई ईलियाना की

वक्त वक्त की बात है. आज ईलियाना डिक्रूजा अभिनेता अक्षय कुमार और निर्माता नीरज पांडे की तारीफों के पुल बांधते हुए नहीं थक रही हैं. जबकि यही ईलियाना डिक्रूजा ने कुछ वर्ष पहले अक्षय कुमार के साथ नीरज पांडे की फिल्म ‘‘स्पेशल  26’’ करने से साफ इंकार कर दिया था.

जी हां! दक्षिण भारत की 11 सफल फिल्में करने के बाद फिल्म ‘बर्फी’ से बौलीवुड में कदम रखने वाली ईलियाना डिक्रूजा फिल्म ‘‘बर्फी’’ को मिली अपार सफलता से हवा में उड़ रही थी. उसी वक्त फिल्मकार नीरज पांडे ने ईलियाना डिक्रूजा को अक्षय कुमार के साथ फिल्म ‘‘स्पेशल 26’’ करने का आफर दिया था, लेकिन कहानी सुनने के बाद ईलियाना ने मना कर दिया था. ईलियाना के मना करने के बाद ‘‘स्पेशल 26’’ में अक्षय कुमार के साथ रकाजल अग्रवाल ने अभिनय किया था.

लेकिन जब ईलियाना की फिल्म ‘‘हैप्पी एंडिंग’’ बाक्स आफिस पर असफल हो गयी और ईलियाना के पास कोई काम नही था, तब ईलियाना ने निर्माता नीरज पांडे की नवोदित निर्देशक टीनू सुरेश देसाई की फिल्म ‘रूस्तम’ करने के लिए तैयार हो गयी, जिसमें उनके हीरो अक्षय कुमार हैं. आज की तारीख में वह ‘रूस्तम’ के कारण ही सुर्खियों में हैं.

मगर ईलियाना यह नहीं मानती हैं कि उन्होंने फिल्मों की असफलता के चलते ‘रूस्तम’ अनुबंधित की. वह कहती हैं-‘‘कुछ वर्ष पहले नीरज पांडे ने ही मुझे अक्षय कुमार के साथ फिल्म ‘‘स्पेशल छब्बीस’’ का आफर दिया था. मैने इस फिल्म की कहानी सुनी थी. पर फिल्म में मेरा किरदार न सिर्फ छोटा था, बल्कि उसकी फिल्म की कहानी में कोई अहमियत नहीं थी, इसलिए मैने ‘स्पेशल छब्बीस’’ करने से मना कर दिया था. एक कलाकार के तौर पर मैं स्वार्थी जो ठहरी. मैं कुछ बड़ा करना चाहती थी.

उसके बाद जब नीरज पांडे को लगा कि ‘रूस्तम’ का किरदार मेरी पसंद का हो सकता है, तो उन्होंने मुझे फिर से याद किया. इस बार कहानी व किरदार दोनों ने मुझे प्रभावित किया. सच कह रही हूं मैं बहुत चूजी हूं. मैं महज फिल्म में अभिनय करने के लिए कोई भी फिल्म नहीं कर सकती. मैं अपने आपको भाग्यशाली मानती हूं कि मैने इंतजार किया. यदि मैं कोई दूसरी फिल्म कर लेती, तो शायद मैं ‘रूस्तम’ का हिस्सा न बन पाती.’’

फिल्म ‘‘रूस्तम’’ के अपने किरदार की चर्चा करते हुए ईलियाना कहती हैं-‘‘फिल्म की कहानी पचास के दशक की है. एक लड़की सिंथिया लंदन से मुंबई आती है, जिसकी शादी रूस्तम से हो जाती है. उसके लिए यह एक बहुत ही अलग संसार होता है. अपनी वैवाहिक जिंदगी में वह कुछ गलत कदम उठा लेती है. मुझे यह किरदार काफी चुनौतीपूर्ण लगा. फिल्म शुरू होने पर दर्शकों को अहसास होगा कि यह किरदार काफी निगेटिव है, पर अंततः वह पाजीटिव होता है. एक ऐसे किरदार को निभाना, जो नकारात्मक से सकारात्मक साबित हो जाए, सबसे बड़ी चुनौती थी.’’

इस सेल सीजन करिए जी भर के शॉपिंग

रक्षाबंधन और 15 अगस्त के मौके पर रेडीमेड गारमेंट ब्रांड हैवी डिस्काउंट दे रहे हैं. इस फेस्टिव सीजन के लिए कंपनियां 40-50% का डिस्काउंट दे रही हैं. ग्लोबस, बीबा, पैंटालून जैसे तमाम बड़े रेडीमेड गारमेंट ब्रांड डिस्काउंट दे रहे हैं. ऐसे में कस्टमर के लिए शॉपिंग करने का बेस्ट मौका है.

ई-कॉमर्स कंपनियों का बढ़ा प्रेशर

ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट के डिस्काउंट का असर रिटेल सेक्टर पर पड़ रहा है. खासकर, फैशनेबल रेडीमेड गारमेंट सेगमेंट में ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट के डिस्काउंट देने का असर रिटेल सेल पर पड़ा है. ब्रांड एक्सपर्ट हरीश बिजूर ने बताया कि ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट अमेजन, स्नैपडील, फ्लिपकार्ट, अजियो जैसे कंपनियों के डिस्काउंट देने का असर रिटेल सेल पर पड़ रहा है. पहले रिटेलर्स 25-30% का डिस्काउंट देते थे, वह अब 40-50% का डिस्काउंट दे रहे हैं.

रिटेल में सेल बढ़ाने के लिए दे रहे हैं डिस्काउंट

ग्लोबस, पैंटालून, बीबा, मैंगो, कैंटाबिल, वुडलैंड जैसे सभी बड़े ब्रांड 50% तक डिस्काउंट दे रहे हैं. कंपनी ये डिस्काउंट अपनी रिटेल शॉप्स, वेबसाइट और शॉपिंग प्लेटफॉर्म दोनों जगह दे रही है. उन्होंने कहा कि डिस्काउंट से सेल बढ़ाने में मदद मिली है.

सेल बढ़ाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का सहारा

कई बड़े ब्राड रिटेल के साथ ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट पर अपने प्रोडक्ट बेचने के बाद अपनी शॉपिंग वेबसाइट पर भी रेडीमेड गारमेंट बेच रहे हैं. बीबा, पैंटालून, ब्लैकबेरी जैसे तमाम ब्रांड अपने रेडीमेड गारमेंट अपने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर सेल कर रहे हैं. बीबा के प्रवक्ता ने बताया कि इससे ब्रांड इमेज को बेहतर करने और सेल बढ़ाने में मदद मिली है.

लड़खड़ाई टीम इंडिया, अश्विन बने संकटमोचन

तीसरे टेस्ट के पहले दिन टीम इंडिया ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसकी उम्मीद किसी को भी नहीं थी. टॉस हारने के बाद बैटिंग करने उतरी कप्तान विराट कोहली की सेना के टॉप आर्डर ने लोगों को खासा निराश किया.

भारत ने मात्र 100 रन के अंदर अपने कीमती चार विकेट खो दिये थे. एक समय तो ऐसा लग रहा था कि पूरी टीम मात्र सवा-सौ के स्कोर पर पवेलियन लौट जायेगी. लेकिन भारत की इस डूबती नैया को बचाने का काम किया संकटमोचन आर. अश्विन ने.

अश्विन के नाबाद 75 रनों और विकेटकीपर रिद्धिमान साहा के नाबाद 46 रनों के बदौलत भारतीय टीम ने तीसरे टेस्ट मैच के पहले दिन पांच विकेट पर 234 रन बना लिया है. आपको बता दें कि अश्विन ने पहले अजिंक्य रहाणे (35) के साथ 23.3 ओवरों की पार्टनरशिप कर टीम को शुरुआती झटकों से उबारा और उसके बाद रिद्धिमान साहा के साथ छठे विकेट के लिए 108 रनों की नाबाद पारी खेली और इंडिया को संकट से बाहर निकाला.

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