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मोदी जी, काला धन का ये है काला सच

चलन में 1000 और 500 के नोट हों, तो दस-बीस लाख कौन कहे, करोड़ों रुपये भी छुपाना आसान हो जाता है. छुपायी जानेवाली रकम अक्सर कमाई के अवैध जरियों से आती है. ये अवैध जरिये बड़े जाने-पहचाने हैं- मादक-द्रव्यों या हथियारों की गैरकानूनी खरीद-फरोख्त, सरकारी दफ्तरों में किसी सेवा-सुविधा के लिए बाबू को दी गयी रिश्वत से लेकर मकान मालिक को चेक की जगह नकदी के रूप में किया गया किराया-भुगतान या फिर संतान को मेडिकल की सीट दिलवाने के लिए किसी पिता द्वारा प्राइवेट मेडिकल कॉलेज को किया गया लाखों का बिना लिखत-पढ़त का भुगतान, सभी इसके रूप हैं.

देश में कालेधन के परिणाम के बारे में ठीक-ठीक जानकारी सार्वजनिक रूप से मौजूद नहीं है. बस, छापों और जब्ती की खबरों से अनुमान लगाया जा सकता है कि बड़े नोटों की शक्ल में कितनी अवैध कमाई लोगों ने छुपा रखी होगी. दो साल पहले (27 अगस्त, 2014) अंगरेजी के एक प्रसिद्ध अखबार में छपा कि मुंबई के वसई-विरार इलाके में तीन छुटभैये बिल्डरों के दफ्तर पर आयकर विभाग ने छापा मारा और हजार-पांच सौ के नोटों की शक्ल में कुल 390 करोड़ रुपये बरामद किये.

ऐसी काली कमाई करनेवाले बीते मंगलवार की रात लगाये गये प्रधानमंत्री के मास्टर स्ट्रोक से सकते में होंगे. काली कमाई कर उसे 1000 और 500 रुपये की शक्ल में अपने घर-दफ्तर में छुपानेवाले लोग सोच रहे होंगे कि आखिर अब करें क्या! उनकी करोड़ों की रकम की कीमत फिलहाल कौड़ी भर भी नहीं रह गयी है. 

बेशक, उनके पास विकल्प है कि वे इस रकम को बैंकों में जमा करा दें, लेकिन ऐसे में उन्हें कमाई का स्रोत बताना होगा, जिसका सच-झूठ तहकीकात के जरिये पकड़ा जा सकेगा और तब काली कमाई करनेवाले कानून की गिरफ्त में आ जायेंगे. सो, हजार-पांच सौ रुपये के मौजूदा नोटों को बेकार करने की घोषणा पहली नजर में भ्रष्टाचार पर अंकुश की दिशा में एक सार्थक और बड़ी पहल जान पड़ती है.

लेकिन, काले धंधे के जरिये जमा किये गये 1000 या 500 के नोट कुल कालाधन का एक छोटा-सा हिस्सा हैं, इसे कालाधन का पर्याय नहीं माना जा सकता. मोटी काली कमाई करनेवाला तबका अपनी रकम बेनामी संपत्ति (मकान, जमीन आदि) के रूप में रखता है, हवाला के जरिये लेन-देन करता है और विदेशी खातों के भरोसे धनउगाही का धंधा जारी रखता है. इस तबके पर अंकुश लगाना बड़ी कीमत के नोटों को तात्कालिक तौर पर चलन से बाहर करने भर से मुश्किल है.

इस फैसले के बाद देश में मौजूद वैधानिक मुद्रा की मात्रा तात्कालिक रूप से सिकुड़ गयी है. 2000 और 500 रुपये की कीमतवाले नये नोटों के आने तक सौ रुपये या इससे कम कीमत के नोटों के सहारे ही लोगों को रोजमर्रा की खरीद-फरोख्त करनी होगी. इसका असर अर्थव्यवस्था पर नजर आयेगा.

भुगतान की क्षमता का किन्हीं अर्थों में घटना अर्थव्यवस्था की बढ़वार के लिए सकारात्मक संकेत नहीं, खासकर भारत जैसे देश में, जहां नकदी के लेन-देन  पर आधारित अनौपचारिक क्षेत्र का आकार बहुत बड़ा है. कृषि-मंडी में अपनी उपज  की कीमत पाने की आशा लिये पहुंचा किसान, निर्माण-स्थलों पर काम करके दिहाड़ी की आशा लगाये बैठा मजदूर और हाट-बाजार में ठेले पर फल-सब्जी आदि  बेच कर जीविका चलानेवाले तबके को मुद्रा का आकार तात्कालिक तौर पर सिकुड़ने  से किसी-न-किसी रूप में परेशानी का सामना तो करना पड़ेगा ही. इस तबके के बारे में यह नहीं सोचा जा सकता है कि डिजिटल होते भारत में अब सेवा-सामान का ऑनलाइन भुगतान होता है और सवा अरब आबादी वाले हिंदुस्तान में करीब एक अरब सिमकार्ड मौजूद हैं, इसलिए लोग रोजमर्रा की लेन-देन ‘पेपरलेस मनी’ के रूप में कर लेंगे. पेपरलेस मनी का चलन सूचना प्रौद्योगिकी की जिस सुदृढ़ और सुचारु ढांचे की मांग करता है, अपना देश अभी उससे कोसों दूर  है. 

हमें यह बात भी ध्यान में रखनी होगी कि करीब एक चौथाई गरीब आबादीवाले इस  देश में हरेक के पास न तो बैंक खाता है और न ही आबादी के साढ़े चार फीसदी स्नातकों के बूते यह देश फिलहाल यह मान कर चल सकता है कि सारे बैंक खाताधारक ऑनलाइन भुगतान की स्थिति में हैं. देश में करीब 32 फीसदी लोगों की शिक्षा प्राथमिक स्तर की भी नहीं है. ये लोग खाताधारक होने की स्थिति में भी ऑनलाइन भुगतान नहीं कर सकते.

कालेधन पर रोक के लिए राजनीतिक दलों को मिल रहे चंदे के बारे में भी सोचना होगा. राजनीतिक दलों को बड़े व्यावसायिक  घरानों के हितों की तरफदार बनानेवाली सबसे मजबूत कड़ी है उन्हें हासिल होनेवाला चंदा. राजनीतिक दल अपनी कमाई का स्रोत बताने से कतराते  हैं, जो सूचना का अधिकार कानून के दायरे में आने के उनके इनकार से स्पष्ट है. इसलिए, कालेधन पर अंकुश के लिए 1000-500 के नोट चलन से बाहर करने जैसे तात्कालिक उपाय के साथ-साथ एक बहुमुखी और लंबी अवधि की योजना पर अमल की भी जरूरत है.

फ्लिपकार्ट पर ‘कैश ऑन डिलीवरी’ बंद

500, 1000 के नोट मंगलवार रात 12 बजे के बाद 'कागज का टुकड़ा' बनकर रह गए हैं. नोटों के बंद होने का फायदा ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स, मोबाइल ऐप आधारित उन कंपनियों को मिल रहा है, जो पेमेंट और वॉलिट सुविधा देती हैं. फ्लिपकार्ट, ऐमजॉन जैसी लीडिंग ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट्स ने कैश ऑन डिलिवरी की सुविधा फिलहाल खत्म कर दी है. फ्लिपकार्ट यूजर्स 2000 रुपए से ज्यादा के ऑर्डर्स पर कैश ऑन डिलिवरी का फायदा नहीं उठा पाएंगे.

प्रधानमंत्री ने मंगलवार की शाम 500 और 1000 रुपए के नोट को बंद कर सबको चौंका दिया. हालांकि, नोट बंद करने का फैसला रातों-रात नहीं हुआ, बल्कि यह योजना छह महीने पहले बननी शुरू हुई थी. खबर है कि फ्रीचार्ज को ही आम दिनों से कई गुना ज्यादा लोगों ने इस्तेमाल किया है.

पेटीएम, ऑक्सिजन, मोबीक्विक जैसी दूसरी कंपनियां इसका भरपूर फायदा उठा रही हैं. सरकार की ओर से 500 और 1000 के नोट बंद करने की घोषणा होने के कुछ देर बाद ही पेटीएम ने ग्राहकों को नोटिफिकेशन भेजना शुरू कर दिया था कि वे परेशान होने के बजाय पेटीएम वॉलिट का इस्तेमाल करें और 500-1000 के नोटों की मुश्किल से छुटकारा पाएं.

शुरुआती कुछ दिनों में एटीएम से सिर्फ 2000 रुपए निकाले जा सकेंगे. बाद में यह लिमिट बढ़ाकर 4000 रुपए तक जा सकती है. बैंकों में जाकर लोग एक दिन में 10000 रुपए और एक सप्ताह में अधिकतम 20000 रुपए निकाल पाएंगे. यह व्यवस्था शुरुआती कुछ दिनों के लिए लागू होगी.

क्रिकेट के बाद छोटे पर्दे पर धूम मचाएंगे टर्बनेटर

क्रिकेट जगत में धूम मचाने के बाद हरभजन सिंह अब छोटे पर्दे पर धमाल मचाने को तैयार हैं. जी हां, क्रिकेटर हरभजन सिंह जल्द ही फेमस रियलिटी शो 'रोडीज' में नजर आएंगे. हरभजन, रोडीज के आगामी सत्र के जज होंगे.

कार्यक्रम के 14वें संस्करण 'रोडीज राइजिंग' में ऑफ स्पिनर क्रिकेटर अभिनेत्री नेहा धूपिया के साथ गैंग लीडर के तौर पर नजर आएंगे.

हरभजन ने एक बयान में कहा 'रोडीज साहस, ताकत और कड़ी मेहनत का पर्याय है और रोडीज राइजिंग के इस संस्करण का हिस्सा बनने को लेकर मेरी उत्सुकता के लिए यह कारण काफी है.'

उन्होंने कहा, ‘मैं भारत के युवा वर्ग के विचारों का अनुभव करने की प्रतीक्षा कर रहा हूं. मुझे जब कभी खेल से फुर्सत मिलती थी, मैं यह कार्यक्रम देखता था. मेरे पसंदीदा प्रतिभागी रणविजय हैं जो हमेशा रहेंगे.’

नेहा ने कहा, 'रोडिज का हिस्सा होना बेहतरीन निजी और पेशेवर एडवेंचर है, जो मैंने कभी नहीं किया है. मैं नए संस्करण में अपने साथी गैंग लीडर्स के साथ वापसी करने को लेकर रोमांचित हूं.'

शनिवार और रविवार को भी खुले रहेंगे बैंक

केंद्र सरकार की ओर से अमान्य घोषित किए गए 500 और 1000 रुपये के नोटों को बदलने के लिए आरबीआई ने विशेष व्यवस्था की है. आरबीआई ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि जनता के लिए सभी बैंक शनिवार, 12 नवंबर और रविवार, 13 नवंबर को भी खुले रहेंगे. आरबीआई की ओर से यह व्यवस्था सिर्फ इसी शनिवार और रविवार के लिए है.

केंद्रीय बैंक के चीफ जनरल मैनेजर राजिंदर कुमार की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 'आम लोगों की बैंकिंग लेनदेन की जरूरत को देखते हुए शनिवार और रविवार को भी बैंक खुले रहेंगे.' बयान के मुताबिक बैंकों को कहा गया है कि वह अन्य कार्य दिवसों की तरह ही शनिवार और रविवार को भी पूरे ड्यूटी आवर्स में काम करें. इसके अलावा उन्हें सभी तरह के ट्रांजैक्शंस को चालू रखने के लिए कहा गया है. बैंकों की ओर से भी इस बारे में आम लोगों को जानकारी देने को कहा गया है.

रात 8 बजे तक खुलेंगी ICICI बैंक की शाखाएं

आईसीआईसीआई बैंक ने 500 और 1000 रुपये के मौजूदा नोटों को बदलने की सुविधा के लिए 10 और 11 नवंबर को सभी शाखाओं को दो घंटे अधिक तक खोलने का आदेश दिया है. यही नहीं बड़े शहरों में बैंक की शाखाएं सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक खुली रहेंगी.

PBL: विदेशी खिलाड़ियों ने मारी बाजी, मारिन सबसे महंगी

रियो ओलंपिक में रजत पदक जीतकर इतिहास बनाने वाली स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू को प्रीमियर बैडमिंटन लीग (पीबीएल) के दूसरे संस्करण के लिए हुई नीलामी में आश्चर्यजनक रूप से 39 लाख रूपये की कम कीमत मिली, जबकि ओलंपिक स्वर्ण विजेता स्पेन की कैरोलीना मारिन 61.5 लाख रूपये की कीमत के साथ सबसे महंगी खिलाड़ी बन गयी.

पीबीएल के दूसरे सत्र की नीलामी में भारत के शीर्ष पुरूष खिलाड़ी किदाम्बी श्रीकांत को 51 लाख रूपये की कीमत मिली जबकि रियो में पहले दौर में बाहर होने वाली सायना नेहवाल को 33 लाख रूपये की कीमत मिली. सूंग जी ह्यून को 60 लाख रूपये और जान ओ जोर्गेनसन को 59 लाख रूपये मिले.

हमारे लिए खेल अधिक मायने रखता है कीमत नहीं: सिंधू

सिंधू को चेन्नई स्मैशर्स ने लगातार दूसरे सत्र में अपनी टीम में बरकरार रखा. नीलामी के बाद संवाददाता सम्मेलन में सबसे बड़ा सवाल यही था कि ओलंपिक रजत पदक विजेता होने के बावजूद सिंधू को इतनी कम कीमत कैसे मिली. इस परसिंधू ने कहा 'हमारे लिए खेल अधिक मायने रखता है कीमत नहीं.'

जब तक सिंधू तक नीलामी पहुंचती कई टीमों का पर्स हो चुका था खाली

दूसरी तरफ टीम मालिकों ने माना कि सिंधू देश की सबसे बड़ी आइकन खिलाड़ी हैं. लेकिन 39 लाख की कीमत पर कुछ टीम मालिकों का कहना था 'दरअसल यह नीलामी की प्रक्रिया है. इसमें सिंधू का नाम सबसे पीछे था और जब तक सिंधू तक नीलामी पहुंचती कई टीमों का पर्स काफी खत्म हो चुका था. शायद यही वजह है कि सिंधू को यह कीमत मिली.'

जनवरी से हैदराबाद में शुरू होगा पीबीएल का दूसरा सत्र

पीबीएल का दूसरा सत्र एक जनवरी से हैदराबाद में शुरू होगा और इसका फाइनल 14 जनवरी को होगा. नीलामी में हर टीम के पास 1.93 करोड़ रूपये का पर्स था और हर टीम को 10 खिलाड़यों को खरीदना था. हर टीम में एक आइकन खिलाड़ी और अधिकतम छह विदेशी खिलाड़ी रखे जाने थे. लीग में कुल छह करोड़ रूपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी जिसमें विजेता को तीन करोड़ और उपविजेता को डेढ़ करोड़ रूपये मिलेंगे.

किसी भी फ्रेंचाइजी ने नहीं खरीदा सायना को

पीबीएल के पिछले सत्र में सायना नेहवाल आयकन खिलाड़ी थीं, लेकिन रियो ओलंपिक के उनके खराब प्रदर्शन और घुटने की चोट के बाद उनकी सर्जरी को देखते हुए नीलामी के पहले दौर में किसी भी फ्रेंचाइजी ने सायना को नहीं खरीदा. सायना को दोबारा नीलामी में लाया गया और अवध वारियर्स ने उन्हें 33 लाख रूपये की कीमत पर खरीदा.

स्पेन की विश्व चैंपियन और ओलंपिक चैंपियन मारिन की लगी ऊंची कीमत

नीलामी में स्पेन की विश्व चैंपियन और ओलंपिक चैंपियन मारिन का कोई जवाब नहीं था. हैदराबाद हंटर्स ने उन्हें 61.5 लाख रूपये की सबसे बड़ी कीमत पर खरीद लिया. सूंग जी ह्यून को मुंबई रॉकेट्स ने 60 लाख रूपये में, जोर्गेनसन को दिल्ली एसर्स ने 59 लाख रूपये में और श्रीकांत को अवध वारियर्स ने 51 लाख रूपये में खरीदा.

सिर्फ एक चीनी खिलाड़ी ही मैदान

पीबीएल के दूसरे सत्र के लिए सिर्फ एक चीनी खिलाड़ी ही मैदान में था. इस बार कुल 16 ओलंपियन पीबीएल के दूसरे सत्र में अपनी चुनौती पेश करेंगे. टूर्नामेंट में पांच मैचों के मुकाबले रखे गये हैं, जिसमें दो पुरूष एकल, एक महिला एकल, एक पुरूष युगल और एक मिश्रित युगल के मैच होंगे. गेम 11 अंकों का होगा और पिछली बार की तरह ट्रंप मैच को इस बार भी बरकरार रखा गया है.

इस तरह रही भारतीय खिलाड़ियों की कीमत

भारतीय खिलाड़ियों में अश्विनी पोनप्पा को 15 लाख, ज्वाला गुट्टा को 10 लाख, सौरभ वर्मा को 13 लाख, अजय जयराम को 19 लाख, एच एस प्रणय को 22 लाख, बी साई प्रणीत को 21 लाख, समीर वर्मा को 11.5 लाख, परूपल्ली कश्यप को आठ लाख, प्रणव चोपड़ा को 10 लाख और अक्षय देवालकर को सात लाख रूपये की कीमत मिली.

विक्टर एक्सेलसन, यू सियोंग और सोन वान हो को 39-39 लाख रूपये की कीमत मिलीं जबकि टॉमी सुगियार्तो को 26 लाख और वी कियोंग को 33 लाख रूपये की कीमत मिली.

राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद ने नीलामी के बाद कहा 'दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ी इस लीग में हिस्सा लेने भारत आ रहे हैं. हमारा ओलंपिक में प्रदर्शन काफी शानदार रहा था और ओलंपिक फाइनल की तरह लीग में भी सभी र्को सिंधू और मारिन के मुकाबले का इंतजार रहेगा. इस लीग में 16 ओलंपिक पदक विजेताओं को देखना सुखद अनुभव होगा.'

अपनी कम कीमत से बेपरवाह सिंधू ने कहा 'मुझे सीजन दो के लिए काफी खुशी है और इस बात की भी ज्यादा खुशी है कि मैं चेन्नई की टीम के लिए फिर खेलूंगी. टूर्नामेंट में ओलंपियन खेलेंगे. अच्छे मुकाबले होंगे और मुझे मारिन के साथ एक और मैच का बेसब्री से इंतजार रहेगा.'

श्रीकांत ने कहा 'मुझे एक बार फिर अवध वारियर्स की टीम में लौटने की खुशी है. इस लीग का स्तर काफी ऊंचा हो गया है, ढेर सारे ओलंपियन मौजूद रहेंगे और दिलचस्प मुकाबले देखने को मिलेंगे.'

हमारे यहां भी अरब देशों जैसा कानून बने: सना खान

दक्षिण भारत की कई सफलतम फिल्मों मे अभिनय करने के अलावा ‘बिग बास 8’ की वजह से चर्चा में रही ओर फिर सलमान खान के साथ फिल्म ‘‘जय हो’’ में मंत्री की बेटी का किरदार निभाने के अलावा बहुत जल्द प्रदर्शित होने वाली इरोटिक फिल्म ‘‘वजह तुम हो’’ की हीरोईन सना खान सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं. वह सोशल मीडिया पर लड़कियों को जागरुक करने के लिए काफी कुछ ट्वीट करती रहती हैं.

हाल ही में जब सना खान से हमारी बात हुई, तो हमने उनसे लड़कियों से जुड़े मुद्दों पर उनकी राय पूछी, तो सना खान का अंदर का गुस्सा बाहर आ गया. उन्होंने कहा- ‘‘सोशल मीडिया बहुत बड़ा माध्यम है. मैं इस पर बहुत कुछ करती रहती हूं. मैं फेसबुक, ट्वीटर, इंस्टाग्राम सब जगह हूं. मैं बहुत ट्वीट करती हूं. देखिए, मैं एक दकियानूसी मुस्लिम परिवार से हूं. तो मुझे पता है कि हमारी जैसी आम लड़की की क्या स्थिति होती है. हमारे पास बहुत कम जानकारी होती है. इसलिए मैं हर चीज को सोशल मीडिया पर प्रमोट करती हूं. लड़कियों को अपने बाल कैसे ठीक रखने चाहिएं? मेकअप में क्या करना चाहिए? मैं क्या मेकअप के लिए उपयोग करती हूं? कौन सा परफ्यूम उपयोग करना चाहिए? मैं लड़कियों में जागरुकता पैदा करना चाहती हूं. जिससे वह गलत चीजें उपयोग करने से बचें. इसके अलावा हर मुद्दे पर लिखती हूं. लड़कियों के साथ हो रहे शोषण बलात्कार आदि पर भी लिखती हूं.’’

आपको सोशल मीडिया पर किस तरह की प्रतिकियाएं मिलती हैं? इस सवाल पर सना खान ने कहा-‘‘सोशल मीडिया पर मेरी फालोअर्स लड़कों की बजाय लड़कियों ज्यादा हैं. मेरी नजर में इस देश में लड़कियों से जुडे़ बहुत सारे मुद्दे हैं, जिन पर हम लोग बड़े बड़े बयान जारी करते हैं. पर असल में होता कुछ नहीं है. लड़कियों की असुरक्षा, उनके साथ छेड़खानी, बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं. यह घटनाएं मुझे बहुत परेशान करती हैं. मैं तो अपनी तरफ से लड़कियों व लड़कों के बीच जागरुकता पैदा करने की पूरी कोशिश कर रही हूं. मगर यह सारी बुराइयां तब तक खत्म नहीं होगी, जब तक सरकार नहीं चाहेगी. हम सब नागरिक आपस में चाहे जितना प्रयास कर लें, उससे कोई बदलाव नहीं आएगा. सरकार के कानून का डर सबसे बड़ा डर होता है. सरकार को बहुत कठोर कानून बनाना पड़ेगा, तभी हमारे देश की लड़कियां सुरक्षित हो सकती हैं.’’

सना खान ने आगे कहा-‘‘निर्भया कांड होने के बाद जो कुछ हुआ और जो निर्णय आया, वह देखकर मुझे रोना आ गया. हमारी सरकार कहती है कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ.’ इस पर निर्भया के पिता ने कहा था कि, ‘जब बेटी बचेगी ही नहीं, तो उसे पढ़ाएंगे कहां से?’ उसके बाद जब एक सरकार ने एक ऐसा कदम उठाया कि मुझे लगा कि उसे जाकर थप्पड मारूं. अदालत ने कुछ समय बाद नाबालिग/जुवेनाइल कहकर ‘निर्भया कांड’ के एक आरोपी को जेल से बाहर कर दिया. और दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने उसे सिलाई मशीन दी. जो लड़का एक लड़की का बलात्कार करता है, उसके शरीर के अंग काट देता है, उसका यूट्रस निकाल देता है. मैं तो अल्लाह से कहती हूं कि ऐसा दुश्मन के साथ भी ना हो. मेरी नजर में तो ऐसा लड़का जुवेनाइल/नाबालिग हो ही नहीं सकता.

आपने एक लडकी का यूट्रस निकाल दिया और आप नाबालिग हैं, यह कैसे हो सकता हैं. ऐसा लड़का तो बीमार है, पागल है, उसे जेल से बाहर निकलने ही नही देना चाहिए था. यह सब देखकर दिमाग में सवाल उठता है कि हम किस देश में रह रहें हैं. आखिर हमारी सरकार लड़कियों की सुरक्षा के लिए क्या कर रही है? आपका कानून इतना लचर है कि छोटी छोटी लड़कियों के बलात्कार होते हैं और अपराधी बच जाता है. आज जरूरत है कि हमारे देश में भी सख्त कानून बने. बलात्कार एक ऐसा जुर्म है, जिसके लिए अपराधी को तुरंत मृत्युदंड दिया जाना चाहिए. इसके लिए हमारे देश में भी अरब देशों की तरह सख्त कानून होना चाहिए. यदि आप ऐसा नहीं करते हैं, तो लड़कियों की सुरक्षा कैसे होगी?’’

जब हमने सना खान का ध्यान इस बात की ओर दिलाया कि ‘निर्भया कांड’ के बाद कैंडल मार्च निकाए गए थे. तो सना खान ने कहा-‘‘कैंडल मार्च तो अपना गुस्सा दिखाने का जरिया है. इससे अधिक आम जनता क्या कर सकती है? दूसरी बात पीड़ित परिवार को इससे इस बात का संतोष होता है कि उसके साथ इतने लोग हैं. हमारे देश में जिस तरह के कानून हैं और सरकारें जिस तरह के कदम उठा रही हैं, उससे लड़कों का तो मनोबल बढ़ रहा है. लड़के सोचते हैं कि अपराध करो, बलात्कार करो और सिलाई मशीन पा जाओ. जब आप कहते हैं कि आप देश या राज्य संभाल रहे हैं, तो आपकी पहली जिम्मेदारी लोगों की सुरक्षा करना होता है. हमारा संविधान भी कहता है कि समय के अनुसार कानून बदलने चाहिए. हमारी सरकारें या नेता किसानों की तरफ भी ध्यान नहीं देती. बल्कि हाथी की मूर्तियां बनाने में पैसा खर्च कर देती हैं. एक बार सरकार ने किसानों के नाम पर आम लोगों से एक एक रूपए मांगा था, वह पैसा कहां गया? हमारे देश के सैनिक परिवारों के साथ क्या होता है? मौत के बाद जिंदगी वापस नही ला सकते. पर एक शहीद सैनिक के परिवार को इतना कम पैसा देकर लज्जित तो मत करो? हमारे किसान कितनी तकलीफ में हैं, सरकार उनके लिए कोई कदम क्यों नहीं उठा रही है.’’

ऐसे बचायें खुद को अपने स्मार्टफोन से

स्मार्टफोन का इस्तेमाल आज लगभग हर कोई करता है. जो लोग काफी लम्बे समय से मोबाइल फोन का प्रयोग कर रहे हैं वो तो शायद ही अपने फोन के बिना एक पल भी रहते हों. समय के साथ साथ फोन बेहद जरुरी भी हो गया है, इसलिए भी लोग फोन के बिना नहीं रह पाते हैं. जरुरत तक तो ठीक है लेकिन यदि इसकी लत लग जाए तो सही नहीं है.

वो कहावत तो आपने सुनी ही होगी कि लत किसी भी चीज की अच्छी नहीं होती. स्मार्टफोन पर भी यह बात सटीक बैठती है. हर वक़्त फोन अपने पास रखना, दिनभर उस पर चैटिंग करना या फिर ब्राउज़िंग करते रहना ठीक नहीं है.

सबसे पहले करें ये काम

अक्सर रात में हम सोते समय फोन को अपने आस-पास रख कर सोते हैं, जो कि बिलकुल सही नहीं है. आप जब भी सोएं फोन को खुद से दूर रख कर सोएं.

24 घंटे फोन पर चिपकें

फोन का इस्तेमाल भले ही जरुरी है, लेकिन यह जरुरी नहीं कि उसे 24 घंटे अपने से चिपका कर रखा जाए. फोन को जितना हो सके शरीर से दूर रखें.

लाउडस्पीकर से रिंग सुने

जब भी हम किसी का नंबर डायल करते हैं, तो तुरंत फोन को कान पर लगा लेते हैं, ऐसा करना हानिकारक हो सकता है. इसलिए डायल करते ही स्ट्रेच करें और लाउडस्पीकर से रिंग सुने.

ड्राइविंग करते हुए न करें फोन का यूज़

चलते वाहन में जब आप ड्राइविंग कर रहे हों तो फोन का इस्तेमाल बिल्कुल न करें.

वीक सिग्नल हों तो न करें फोन का इस्तेमाल

जब हमारे फोन में सिग्नल वीक होते हैं तो हम बार-बार कॉल करने की कोशिश करते रहते हैं, जबकि ऐसे में फोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

रात में फ्लाइट मोड

जब भी फोन का कम इस्तेमाल हो या जैसे रात में फोन का इस्तेमाल नहीं होता है तो उसे फ्लाइट मोड पर रख दें.

सेफ फोन केस

इन दिनों कई तरह के फोन केस उपलब्ध हैं, लेकिन यह केस कितने सेफ हैं या कितने हानिकारक ये देखना भी जरुरी है. बाजार में नार्मल केस के साथ ही कुछ सेफ फोन केस भी आते हैं, चाहे तो उन्हें इस्तेमाल कर सकते हैं.

स्पीकर्स का इस्तेमाल

स्मार्टफोन में म्यूजिक सुनना सभी को पसंद होता है लेकिन इसके लिए जो हेडसेट हम इस्तेमाल करते हैं जरुरी नहीं कि वह सेफ हो हो सके तो सेफ हेडसेट यूज करें नहीं तो स्पीकर्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.

मैसेज करें

हम छोटी छोटी बातों के लिए भी दोस्तों या अन्य को कॉल करते हैं, हो सकते तो कॉल कम करें व उसकी बजाय मैसेज करें.

एसएआर कम रखें

फोन खरीदते समय ध्यान रखें कि आपके फोन की एसएआर कम हो.

डिलीट हो गई पसंदीदा फोटो, ऐसे करें रिकवर

फोटो खींचना सभी को पसंद होता है फिर चाहे वो फोन कैमरा से खीचीं जाए या डीएसएलआर जैसे कैमरा से. हर कोई फोटो को काफी सहेज कर रखता है. लेकिन कभी-कभी छोटी सी गलती या लापरवाही के चलते ये सभी फोटो डिलीट हो जाती हैं.

अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है तो हम आपकी इस परेशानी का हल लाएं हैं. हम आपको ऐसा तरीका बताने जा रहे हैं जिसके जरिए आप महज 5 स्टेप में फोन से ऐसे डिलीट हुए फोटो रिकवर कर सकते हैं.

कैसे करें डिलीटेड फोटो को रिकवर

इसके लिए सबसे पहले आपको अपने पीसी पर रिकवरी मैनेजर सॉफ्टवेयर डाउनलोड करना होगा. आपको बता दें कि हर सॉफ्टवेयर अलग-अलग डिवाइस को सपोर्ट करता है. ऐसे में सॉफ्टवेयर डाउनलोड करने से पहले आप किसी एक्सपर्ट से सलाह ले सकते हैं.

जब सॉफ्टवेयर डाउनलोड हो जाए तो इसे इंस्टॉल कर रजिस्टर करें. इसके बाद फोन को यूएसबी केबल के जरिए कंप्यूटर से कनेक्ट कर दें.

फिर USB Debugging को ऑन करें. इसके लिए आपको अपने फोन की सेटिंग्स में जाना होगा. यहां आपको Developer option में ये विकल्प मिलेगा. इसके ऑन होते ही आपका फोन कंप्यूटर से कनेक्ट हो जाएगा.

इसके बाद आपको आपकी डिलीट हुई फाइल्स दिखाई देगी. आप जिस भी फाइल को रिकवर करना चाहते हैं उसपर क्लिक कर दें और फिर नेक्सट पर टैप कर दें. यहां आपको दो ऑप्शन भी नजर आएंगे जिसमें से आपको स्कैन फॉर deleted files का चुनाव करना है.

फिर आपको अपने पीसी की स्क्रीन पर फोटो के बॉक्स दिखाई देंगे. इन्हें आप रिकवर कर लें. ये सभी फोटोज आपकी पीसी में सेव हो जाएंगे. जिसके बाद इन्हें आप फोन में ट्रांसफर कर सकते हैं.

बैंक में ऐसे बदलें 500, 1000 के नोट

मंगलवार आधी रात से 1,000 रुपये और 500 रुपये के बैंक नोटों को अवैध करने की सरकार की अप्रत्याशित घोषणा के बाद मौद्रिक अधिकारियों ने इस कदम के पीछे तर्क देते हुए 25 बिंदुओं की एक विस्तृत प्रश्नोत्तरी जारी की है.

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि इस प्रतिबंध के पीछे सबसे महत्वपूर्ण कारण अधिक मूल्य के जाली नोटों का बढ़ना और व्यवस्था में अधिक कालाधन का होना है. आरबीआई ने जनता को यह आश्वासन भी दिया कि एक व्यक्ति जितने अधिक मूल्य की नकदी बदलता है, उसे उतने ही मूल्य के नोट मिलेंगे. मसलन 500 रुपये के एक नोट के बदले उसे 100-100 रुपये के पांच नोट मिलेंगे.

रिजर्व बैंक ने कहा, ‘एक व्यक्ति को नकदी में 4,000 रुपये तक ही मिलेंगे और इससे ऊपर की रकम उसके खाते में जमा कर दिए जाएंगे और वह पूरी की पूरी रकम नकदी में नहीं पा सकता. पुराने नोटों को आरबीआई के 19 कार्यालयों में से किसी पर भी और किसी बैंक शाखा या किसी प्रधान डाकघर या उप डाकघर में बदले जा सकते हैं.’

जिन्हें 4,000 रुपये से अधिक की नकदी की जरूरत है, वह चेक या इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों जैसे ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल वॉलेट, आईएमपीएस, क्रेडिट/डेबिट कार्ड आदि के जरिये इसका भुगतान कर सकता है. जिनके पास कोई बैंक खाता नहीं है, वे आवश्यक केवाईसी दस्तावेजों के साथ एक खाता खोल सकते हैं.

जिस व्यक्ति के पास अपना खुद का निजी खाता नहीं है, वह रिश्तेदार या मित्र के खाते के जरिये नोटों को बदलने की सुविधा ले सकता है, बशर्ते उसे लिखित अनुमति लेनी होगी और नोट बदलते समय उसे खाताधारक द्वारा दी गई अनुमति का प्रमाण और अपना वैध पहचान प्रमाण उपलब्ध कराना होगा.

एटीएम से निकासी के मामले में आरबीआई ने कहा कि बैंकों को एटीएम में नए नोट डालने में थोड़ा समय लगेगा. एक बार एटीएम काम करना शुरू कर देंगे तब तक कोई भी व्यक्ति 18 नवंबर तक 2,000 रुपये प्रति कार्ड प्रति दिन निकाल सकता है.

इसके बाद यह सीमा बढ़ाकर प्रतिदिन प्रति कार्ड 4,000 रुपये कर दी जाएगी. इसी तरह, चेक निकासी पर्चियों के जरिये नकदी निकास में एक दिन में 10,000 रुपये निकासी की सीमा है और एक सप्ताह में 20,000 रुपये निकासी (एटीएम से निकासी सहित) की सीमा है. यह सीमा पहले पखवाड़े से 24 नवंबर तक है.

अधिक मूल्यों के नोटों की निकासी-जमा एटीएम, नकदी जमा मशीनों और नकदी रीसाइक्लर्स के जरिये की जा सकती है. हालांकि इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन बिना किसी सीमा के साथ की किया जा सकता है.

यह स्कीम 30 दिसंबर, 2016 को बंद हो जाएगी और तब तक व्यक्ति प्रतिबंधित नोटों को वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, शहरी सहकारी बैंकों, राज्य सहकारी बैंकों की शाखाओं और विशेष आरबीआई काउंटरों से बदल सकता है. ऐसा करने में विफल रहने वालों को आरबीआई के निर्धारित कार्यालयों में एक सीमित अवसर की पेशकश की जाएगी.

जो लोग देश से बाहर हैं, वे देश में किसी अन्य व्यक्ति को लिखित में अधिकृत कर नोटों को अपने खातों में जमा करवा सकते हैं. अधिक सूचना आरबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध है.

INDvsENG: कुक ने रचा इतिहास

इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टेयर कुक ने भारत के खिलाफ राजकोट टेस्ट के पहले दिन इतिहास रच दिया. भारतीय कप्तान विराट कोहली के साथ टॉस के लिए मैदान में उतरते ही कुक इंग्लैंड की तरफ से सबसे ज्यादा टेस्ट मैचों में कप्तानी करने वाले खिलाड़ी बन गए. उन्होंने माइकल आथर्टन का रिकॉर्ड तोड़ा.

कुक के कप्तानी करियर का यह 55वां टेस्ट मैच है. बांग्लादेश के खिलाफ संपन्न सीरीज के बाद इंग्लैंड की तरफ से ज्यादा टेस्ट मैचों में कप्तानी करने के मामले में कुक और आथर्टन 54-54 मैचों के साथ संयुक्त रूप से बराबरी पर थे.

आथर्टन ने 1993 से 2001 के बीच 54 टेस्ट मैचों में इंग्लैंड का नेतृत्व किया, जिसमें से 13 मैचों में टीम विजयी हुई जबकि 21 में उसे हार का सामना करना पड़ा. 20 मैच ड्रॉ रहे. कुक ने 2010 में पहली बार इंग्लैंड की कमान संभाली थी. इसके बाद से वे अभी तक 54 टेस्ट मैचों में कप्तान रहे जिनमें से 24 मैचों में जीत मिली जबकि 18 में हार झेलनी पड़ी. 12 टेस्ट ड्रॉ रहे.

इस सूची में माइकल वॉन (51 मैच) और एंड्रयू स्ट्रॉस (50 मैच) क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर है. सफलता के मामले में दूसरे क्रम पर

यदि इंग्लैंड के सफल टेस्ट कप्तानों की बात की जाए तो 24 मैच जीतते हुए एलिस्टेयर कुक संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर है. इस मामले में माइकल वॉन सबसे सफल कप्तान है. उनके नेतृत्व में टीम ने 51 टेस्ट मैचों में से 26 में जीत दर्ज की.

कुक और एंड्रयू स्ट्रॉस के नेतृत्व में इंग्लैंड 24-24 टेस्ट मैच जीत पाया है. इस तरह कुक को इस मामले में शीर्ष पर पहुंचने के लिए अपने नेतृत्व में टीम को तीन टेस्ट मैचों में और जीत दिलानी होगी.

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