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“खेलों के डोनाल्ड ट्रंप हैं विराट कोहली”

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही चार टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावसकर ट्रॉफी में एक के बाद एक विवाद बढ़ते ही जा रहा है. दोनों टीमों के बीच शुरू हुई बयानबाजी रुकने का नाम नहीं ले रही है. अब ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने भारतीय कप्तान विराट कोहली की तुलना अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से कर दी है.

ऑस्ट्रेलिया की न्यूज वेबसाइट 'द डेली टेलिग्राफ' के मुताबिक जैसे अमेरिका के राष्ट्रपति अपने विवादों के लिए अक्सर मीडिया को दोषी ठहराते हैं. ठीक वैसे ही भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली करते हैं.

इससे पहले सीरीज में बढ़ रहे विवादों में ऑस्ट्रेलिया के चोटिल तेज गेंदबाज ने अश्विन को लेकर एक नए विवाद को तूल दिया. स्टार्क ने कहा कि जब अश्विन ऑस्ट्रेलिया में खेलने आएंगे, तो वह उनकी बैटिंग के दौरान उनके माथे पर बाउंसर फेंककर अश्विन को सबक सिखाएंगे. इसके कुछ घंटे बाद ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने कोहली की तुलना अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से कर दी. इससे सीरीज में एक नए विवाद को तूल मिल गया.

ऑस्ट्रेलियाई अखबार ‘द डेली टेलिग्राफ’ ने विराट कोहली द्वारा ऑस्ट्रेलियाई कैप्टन स्टीव स्मिथ पर उनकी चोट का झूठा मजाक उड़ाने के आरोप में आड़े हाथों लिया. रांची टेस्ट खत्म होने के बाद विराट ने मीडिया में बयान दिया था कि स्टीव स्मिथ ने उनके आउट होने पर अपने कंधे पर हाथ रखकर उनकी चोट का मजाक उड़ाया था. बाद में स्टीव स्मिथ से जब इस बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें बिल्कुल भी नहीं पता कि विराट किस बारे में बोल रहे थे

उन्होंने (स्मिथ) ने विराट की चोट का कोई मजाक नहीं उड़ाया. विराट के इस झूठे आरोप से उन्हें (स्मिथ को) निराशा हुई है. इसके बाद जब मीडिया ने पड़ताल की तो विडियो देखकर मालूम चला कि विराट के आउट होने के दौरान स्मिथ के कंधे पर उनका हाथ नहीं था, बल्कि उनके साथी खिलाड़ी का हाथ था. जो विराट का विकेट गिरने के दौरान बिना किसी प्लान के आ गया.

विराट ने इसी फुटेज पर स्मिथ द्वारा अपनी चोट का मजाक मान लिया. सोशल मीडिया में यह तस्वीरें इसी झूठे फैक्ट के साथ वायरल हो रही थीं, जैसे स्मिथ विराट की कंधे में लगी चोट का मजाक बना रहे हों. हालांकि भारत की पारी में ग्लेन मैक्सवेल ने फील्डिंग के दौरान विराट की चोट का मजाक जरूर उड़ाया था.

एयर इंडिया अपने प्लेन में दे सकती है वाई-फाई

हो सकता है कि आप इस साल जुलाई के बाद एयर इंडिया से सफर करते वक्त ई-मेल भेज पाएं या सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर पाएं.

खबर के मुताबिक, एयर इंडिया अपने एयरबस A-320 फ्लाइट में फ्री वाई-फाई सेवा देने की तैयारी कर रहा है. ये सेवा खास तौर पर घरेलु उड़ानों के लिए ही होगी.

एयर इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी अपने प्लेन में वाई-फाई सेवा लाने की तैयारी कर रही है. जल्द ही एयरक्राफ्ट मैनुफैक्चरर्स से वाई-फाई डिवाइसेस इंस्टाल करने के लिए संपर्क किया जाएगा. हालांकी इस सेवा को शुरू करने के लिए कोई निश्चत तारीख नहीं दी गई है. लेकिन जून या जुलाई से इसके शुरु होने की संभावना बताई जा रही है. अगर एक बार इस फ्री वाई-फाई सेवा को एयर इंडिया ने शुरू कर दिया तो बाकी एयरलाइन्स भी इसे फॉलो करेंगे.

हालांकी कंपनी ने अभी इसके स्पीड या डेटा प्लान की कीमत के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की है. वैसे सूत्रों के मुताबिक ये सेवा मुफ्त होगी, इसलिए इसकी शुरुआत फ्री बेसिक पैक से की जाएगी फिर बाद में पेड डेटा पैक पेश किए जाएंगे. फ्री बेसिक पैक से केवल मेल भेजना रिसीव करना और व्हाट्सऐप चेट ही मुमकिन हो पाएगा. बाद में यात्रियों के रिसपॉन्स के हिसाब से एयर इंडिया बड़े डेटा पैक पेश कर सकती है.

ग्लोबल एयरलाइन्स भी इसी तरह की फ्री डेटा पैक उपलब्ध कराती हैं फिर लिमिट खत्म होने के बाद यात्रियों को एक्स्ट्रा डेटा के लिए भुगतान करना होता है.

इमेज के जरिये ऐसे करें गूगल सर्च

गूगल का सर्च मैकेनिज्म यानि कि गूगल पर कुछ भी ढ़ूढ लेने वाली सुविधा वाकई काबिल-ए-तारीफ है और बहुत अच्छी बात ये है कि इसकी मदद लेने के लिए अब आपको टाइप करने की भी जरूरत नहीं है.

क्या आप जानते हैं कि आप किसी भी इमेज या फोटो को गूगल पर खोज सकते हैं. आप इस सर्च मैकेनिज्म टूल का इस्तेमाल बहुत से कामों में कर सकते हैं. गूगल इमेज सर्च करने के दो प्रकार के होते हैं :

1. अपलोड फाइल

2. ड्रैग एण्ड ड्रॉप फाइल

गूगल सर्च में अपलोड फाइल का कैसे करें इस्तेमाल : अपलोड फाइल ऑप्शन का इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले आपको images.google.com पर जाना होगा और यहां सर्च बॉक्स पर बने कैमरे वाले आइकॉन पर क्लिक करना होगा. अब इसके बाद आपको अपलोड इमेज ऑप्शन पर जाकर, ब्राउज करके अपने सिस्टम यानि कि कंप्यूटर से कोई भी इमेज फाइल ओपेन या सिलेक्ट करना होगा.

उपर दिए गए इन स्टेप्स को फॉलो करते ही आपको अपलोड की गई इमेज से संबंधित कई सारे परिणाम मिल जाएंगे.

गूगल सर्च में ड्रैग और ड्रॉप फाइल ऑप्शन का इस्तेमाल : इस ऑप्शन को इस्तेमाल करने के लिए पुन: images.google.com वेबसाइट पर जाएं और आपके डेस्कटॉप पर पड़ी किसी भी इमेज को लेकर सर्च बॉक्स में रख दीजिए. इससे गूगल आपकी इस इमेज या तस्वीर से मिलती-जुलती सभी प्रकार की इमेज और इससे संबंधित जितनी हो सके आपको जानकारी परिणाम में दिखा देगा.

इलाकाई संतुलन के लिये बने 3 मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश बड़ा प्रदेश है. उत्तराखंड विभाजन के बाद भी पूरे प्रदेश को संभालना मुश्किल काम है. ऐसे में भाजपा ने इलाकाई संतुलन को साधने के लिये एक मुख्यमंत्री और 2 उप मुख्यमंत्री बनाये हैं. संगठन स्तर पर भाजपा अब प्रदेश अध्यक्ष के रूप में एक और पावर सेंटर बनायेगी जिससे पूरे प्रदेश को 4 हिस्सों में बांट कर काम किया जा सके.

चतुराई वाली बात यह है कि भाजपा ने इलाके के साथ जातीय संतुलन को भी सामने रखा है. मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ सबसे प्रभावी रहे. उनको मुख्यमंत्री बनाकर भाजपा ने जाति, धर्म और क्षेत्र तीनों का सतुंलन बना लिया. योगी उत्तर प्रदेश के पूर्वाचंल इलाके से आते हैं. जाति से ठाकुर हैं. योगी की छवि हिन्दुत्व वाली है. जिसका भाजपा को लाभ होगा.

राममंदिर को लेकर योगी सबसे प्रभावी नेताओ में हैं. योगी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की पहली पसंद थे. कोई एक नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठ कर प्रभावी न हो सके इसलिये पावर सेंटर का विभाजन कर दिया गया है.

पहले उप मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्य को तरजीह दी गई. उनके जरीये भाजपा उत्तर प्रदेश के बुन्देलखंड इलाके में अपने प्रभाव को बनाये रखने का प्रयास करेगी. केशव मौर्य इलाहाबाद से आते हैं. इलाहाबाद की फूलपुर लोकसभा से सांसद हैं. फूलपुर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की लोकसभा सीट रह चुकी है. प्रदेश अध्यक्ष के रूप में केशव मौर्य ने भाजपा संगठन पर पकड़ बनाई है. यह पकड़ योगी या दूसरे उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा की नहीं है. जातीय समीकरण में केशव मौर्य पिछड़ी जाति से आते हैं. यादवों और कुर्मी बिरादरी के बाद उत्तर प्रदेश में सबसे प्रभावी पिछड़ी जाति है. भाजपा ने केशव मौर्य के जरीये जाति, क्षेत्र, संगठन के फैक्टर को साधने का काम किया है. सरकार और संगठन के बीच संतुलन का काम केशव मौर्य को संभालना होगा.

दूसरे उप मुख्यमंत्री के रूप में डॉक्टर दिनेश शर्मा का चुनाव मध्य उत्तर प्रदेश जिसमें राजधानी लखनऊ शामिल है उसको सामने रखकर किया गया है. दिनेश शर्मा लंबे समय से लखनऊ नगर निगम के मेयर रहे हैं. पढ़ा लिखा सौम्य चेहरा है. वह लखनऊ में शिक्षक हैं. राजधानी में रहने के कारण यहां के सभी लोगों से भलीभांति परिचित हैं.

जहां योगी और केशव मौर्य पर कई अपराधिक मुकदमें है दिनेश शर्मा की साफसुथरी छवि है. भाजपा में छात्र राजनीति से लेकर युवाओं तक में अच्छा प्रभाव है. जातीय समीकरण को देखें तो वह ब्राहमण वर्ग से हैं जो राजनीति और ब्यूरोक्रेसी में सबसे अधिक मुखर हैं.

भाजपा के इलाकाई संगठन में पश्चिम उत्तर प्रदेश और दलित बिरादरी को कोई प्रतिनिधित्व नहीं दिखा है. असल में इसके लिये भाजपा की अलग रणनीति है. केशव मौर्य के प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद नया प्रदेश अध्यक्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश से होगा और दलित बिरादरी को इसमें आगे रखा जा सकता है. असल में भाजपा छोटे राज्यों की पक्षधर रही है. उसको लगता है कि प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को चलाने के लिये छोटे राज्य जरूरी होते हैं. पिछली बार जब भाजपा की केन्द्र में सरकार थी उसी में उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ राज्य बने थे.

इस समय केन्द्र और प्रदेश दोनो में भाजपा की सरकार है. ऐसे में अगर उत्तर प्रदेश का विभाजन होता है तो कोई बाधा नहीं होगी. राज्य के नेतृत्व के हिसाब से देखें तो यह भाजपा के लिये लाभ का कदम होगा. उत्तर प्रदेश को जीतने की चुनौती खत्म हो जायेगी. भाजपा की सरकार में राज्य का पुर्नगठन होने से उसके मुख्यमंत्री नये राज्यों में बन सकेंगे. राष्ट्रीय दल के रूप में भाजपा करीब 25 साल बाद और कांग्रेस 27 साल के बाद भी उत्तर प्रदेश को जीत नहीं पाई है. ऐसे में उत्तर प्रदेश के विभाजन से ही राष्ट्रीय दलो की मुसीबत खत्म हो सकती है.

पहले प्यार, अब तकरार

अभी हाल ही में उपेन पटेल के ट्वीट ने साफ कर दिया है कि एक्टर उपेन पटेल और करिश्मा तन्ना अलग हो गए है. उपेन ने सोशल मीडिया पर एक्स-गर्लफ्रैंड करिश्मा तन्ना पर चौंकाने वाला आरोप लगाया है. उपेन के ताजा ट्वीट से साफ है कि करिश्मा को अब उनसे कोई मतलब नहीं है. वैसे टीवी पर ये कोई नई बात नहीं ऐसा तो रोज होता ही रहता है. टीवी पर काम करने वाले ऐसे बहुत से एक्स-कपल्स हैं, जिनके बीच बहुत प्यार था लेकिन अब एक-दूसरे को वे लोग देखना तक पसंद नहीं करते. 

दिव्यंका त्रिपाठी-शरद मल्होत्रा

एक्ट्रैस दिव्यंका त्रिपाठी और उनके एक्स-ब्वॉयफ्रैंड शरद मल्होत्रा को ही देख लीजिए. एक वक्त था, जब वे एक-दूसरे से इतना प्यार करते थे कि लिव इन रिलेशनशिप में तक रहने लगे थे. हालांकि, 2015 में उनका ब्रेकअप हो गया.

करण सिंह ग्रोवर-जेनिफर

करण और जेनिफर को टीवी की सबसे खूबसूरत जोड़ियों में गिना जाता था. स्टार वन के धारावाहिक “दिल मिल गए” से अपने दिलों को मिलेने वाले करण और जेनिफर ने 2012 में शादी की थी और 2014 में उनका सेपरेशन हो गया. 2015 में उनका तलाक हो गया. और करण ने बिपाशा बसु से शादी कर ली.

कुशाल टंडन-गौहर खान

कुशाल और गौहर का अफेयर 'बिग बॉस 7' के दौरान शुरू हुआ था. शो से बाहर आने के बाद कुछ समय तक दोनों साथ रहे. लेकिन बाद में अलग हो गए.

करण-काम्या पंजाबी

करण और काम्या टीवी के सबसे चर्चित कपल्स में से एक रहे हैं. 2015 में दोनों का ब्रेकअप हुआ. दरअसल, काम्या को करण से कम ही उम्मीद थी कि वे उन्हें और पहली शादी से उनकी बेटी को हमेशा के लिए अपनाएंगे.

अंकित गोर-रुपल त्यागी

अंकित और रूपल की लव स्टोरी धारावाहिक 'सपने सुहाने लड़कपन' के सेट पर शुरू हुई थी. कहा जाता है कि अंकित, रूपल त्यागी और अदा खान को एक साथ डेट कर रहे थे. हालांकि, कभी किसी ने इस फैक्ट को खुलकर स्वीकार नहीं किया. लेकिन रूपल और अंकित ने ब्रेकअप के बाद कभी एक-दूसरे से खुलकर बात नहीं की.

शालीन-दलजीत

नच बलिए 4 के विजेता शालीन और दलजीत की टीवी शो 'कुलवधू' के सेट पर शालीन और दलजीत की पहली मुलाकात हुई. दोनों की दोस्ती प्यार में बदली और 2009 में उनकी शादी हो गई. और 2015 में उनका सेपरेशन हो गया.

आईपीएल 10 से पहले ही ‘दिल्ली डेयरडेविल्स’ को लगा झटका

आईपीएल का दसवां सीजन 5 अप्रैल शुरू होने वाला है. टूर्नामेंट शुरू होने से पहले से ही आईपीएल के इस सीजन को एक और बड़ा झटका लगा है. साउथ अफ्रीकी क्रिकेटर जेपी डुमिनी ने इंडियन प्रीमियर लीग के दसवें सीजन से अपना नाम वापस ले लिया है. वे दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम के स्टार प्लेयर रहे हैं, और टीम के लिए कप्तानी भी कर चुके हैं.

क्यों वापस लिया नाम

डुमिनी ने निजी कारणों का हवाला देते हुए आईपीएल के नए सीजन से नाम वापल ले लिया. दिल्ली डेयरडेविल्स टीम की ओर से जारी स्टेटमेंट में डुमिनी ने बताया, 'अपनी फ्रेंचाइजी से मिली मदद और आपसी समझ के लिए मैं उनका आभारी हूं. इतने टैलेंटेड प्लेयर्स के साथ खेलना और उन्हें लीड करना मेरे लिए सम्मान की बात रही. मुझे उम्मीद है कि मैं आगे में एकबार फिर फ्रेंचाइजी का मेंबर बनूंगा.'

वहीं दूसरी तरफ दिल्ली डेयरडेविल्स टीम के सीईओ हेमंत दुआ ने कहा, 'हम जेपी के फैसले का सम्मान करते हैं, एक फ्रेंचाइजी के रूप में हम उनकी हालत को समझ सकते हैं. हम फिलहाल इस बात को केवल कन्फर्म कर सकते हैं.'

2016 में दिल्ली की टीम से खेलते हुए डुमिनी ने 10 मैचों में 191 रन बनाने के अलावा 2 विकेट भी लिए थे. दिल्ली की टीम ने डुमिनी की जगह पर फिलहाल किसी और प्लेयर को नहीं लिया है. 

आईपीएल में सबसे ज्यादा ‘डक आउट’ होने वाले बल्लेबाज

आईपीएल 2017 अगले महीने शुरू होने वाला है. लेकिन आईपीएल को लेकर सरगर्मियां अभी से तेज होने लगी हैं. हाल ही में किंग्स XI पंजाब ने ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल को अपनी टीम का कप्तान नियुक्त किया है और इस लिहाज से पंजाब भी उन टीमों में शुमार हो गई जिनकी टीम की कमान विदेशी खिलाड़ियों के हाथों में है.

आज हम आपको ऐसे रिकॉर्ड के बारे में बताएंगे, जो कि चौके-छक्कों का नहीं बल्कि आईपीएल के अब तक के इतिहास में सबसे ज्यादा बार डक यानी की शून्य पर आउट होने का होगा. हम आपको बताएंगे उन पांच बल्लेबाजों के बारे में जो आईपीएल में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट हुए हैं. तो आइए जानते हैं उन खिलाड़ियों के बारे में.

गौतम गंभीर

शाहरुख खान की कोलकाता नाइट राईडर्स टीम के कप्तान गौतम गंभीर बेहद ही आक्रामक बल्लेबाज हैं. उन्होंने अपनी बेहतरीन बल्लेबाजी की बदौलत टीम को कई यादगार मैच जिताए हैं. लेकिन इस दौरान उनके नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड भी दर्ज है और वह है सबसे ज्यादा शून्य पर आउट होने का. गंभीर 132 मैचों की 131 पारियों में कुल 12 बार शून्य पर आउट हुए हैं.

मनीष पांडे

इत्तेफाक की बात है कि सूची में दूसरे स्थान पर भी कोलकाता नाइट राईडर्स के ही बल्लेबाज हैं. पहले पाएदान पर कप्तान गौतम गंभीर के बाद दूसरे स्थान पर मनीष पांडे हैं. पांडे आईपीएल के 89 मैचों की 83 पारियों में कुल 11 बार शून्य पर आउट हुए हैं.

पार्थिव पटेल

भारतीय टीम में 8 साल बाद वापसी करने वाले पार्थिव पटेल का भी नाम इस सूची में है. पार्थिव पटेल ने आईपीएल के 103 मैचों की 101 पारियों में कुल 10 बार शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड बनाया है. पार्थिव ने अब तक के आईपीएल में 114.15 की स्ट्राइक रेट के साथ 1,927 रन बनाए हैं.

जैक्स कैलिस

दुनिया के सबसे धाकड़ ऑलराउंडर खिलाड़ी जैक्स कैलिस वैसे तो गेंद और बल्ले दोनों के साथ कमाल करने के लिए जाने जाते हैं. और इसी को उन्होंने आईपीएल में भी जारी रखा. लेकिन कैलिस भी इस अनचाहे रिकॉर्ड की सूची में शामिल होने से खुद को रोक नहीं पाए. कैलिस आईपीएल में 98 मैचों की 96 पारियों में कुल 9 बार शून्य पर आउट हुए हैं.

रोहित शर्मा

मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा ने वैसे तो अपने बल्ले से काफी जलवा दिखाया है और कई बड़ी और तूफानी पारियां खेली हैं. लेकिन वह इस रिकॉर्ड से खुद को पीछे नहीं रख पाए. रोहित अब तक आईपीएल में 142 मैचों में कुल 8 बार शून्य पर आउट हुए हैं. इस दौरान उन्होंने 131.72 के स्ट्राइक रेट के साथ 3,874 रन बनाए हैं.

जीएसटी की तरफ सरकार ने बढ़ाए कदम

देश में जीएसटी बिल लागु करने की तरफ तेजी से कदम बढ़ाने शुरु कर दिए हैं. जीएसटी से जुड़े 4 विधेयकों के प्रारूप को केबिनेट ने हरी झंडी दिखा दी है. जीएसटी को लेकर खिंचातानी को बहुत समय बीत गया है. पर देश की आर्थिक व्यवस्थ को सुदृढ़ करने के लिए केन्द्रीय सरकार जीएसटी पर टस से मस नहीं हो रही है.

1 जुलाई से लागु हो जाएगा जीएसटी

सरकार 1 जुलाई से जीएसटी लागु करने पर अड़ी है. सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि जीएसटी लागू होने के बाद पांच साल तक राज्यों में संभावित राजस्व नुकसान की भरपाई के प्रावधान वाले विधेयक सहित राज्यों के भीतर और बाहर वस्तुओं व सेवाओं की आपूर्ति पर शुल्क लगाने और उसकी वसूली का अधिकार देने वाले चार विधेयकों केबिनेट ने मंजूरी दे दी है.

संसद में होगा पेश

सूत्रों के मुताबिक एक सप्ताह के अंदर ही इन 4 विधेयकों को संसद में पेश किया जाएगा. राज्यों को राजस्व नुकसान की स्थिति में उसकी भरपाई से जुड़ा मुआवजा विधेयक, केन्द्र में जीएसटी व्यवस्था को लागू करने के लिये केन्द्रीय जीएसटी (सी-जीएसटी), अंतर राज्यीय व्यापार के लिये एकीकृत जीएसटी (आई-जीएसटी) और केन्द्र शासित प्रदेश के लिये यूटी-जीएसटी विधेयकों को अब संसद में पेश किया जायेगा. 

जीवन बीमा लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

जीवन बीमा आपके और आपके परिवार की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है. इससे आपका आज और कल दोनों सुरक्षित होते हैं. पर जीवन बीमा लेने से पहले बहुत कुछ भ्रम और भ्रान्तियां दूर करना बहुत जरूरी है. ज्यादा से ज्यादा जानकारी इकट्ठा कर और अलग अलग कंपनियों के बीच तुलना करने के बाद ही जीवन बीमा का चुनाव करना सही है.

इन टिप्स को ध्यान में रख कर ही जीवन बीमा का चुनाव करें-

1. बजट के अनुसार लें बीमा कवर

आपको अपनी आय को ध्यान में रखकर ही बीमा पॉलिसी का चुनाव करना चाहिए. आपके लिए कितनी बीमा कवर सही रहेगा इसके लिए आप अलग अलग वेबसाइटों पर दिए गए फाइनेंस कैलक्युलेटर की सहायता से इसका आंकलन कर सकते हैं. पर ये सब अपनी आए और बजट के हिसाब से ही करें.

2. ध्यान से चुनें कंपनी

अच्छे से जानकारी हासिल कर के ही इंश्योरेंस कंपनी का चुनाव करें. आप सरकारी या प्राइवेट कंपनियों से बीमा ले सकते हैं. बहुत सी कंपनियां ऑनलाइन इंश्योरेंस खरीदने का भी ऑप्शन देती है.

3. कितने समय के लिए पॉलिसी?

अगर आपके पास अच्छी खासी पैतृक संपत्ति है तो आपको बीमा की जरूरत कम पड़ेगी. पर रिटायरमेंट के बाद अपनी जिन्दगी आराम से बीताने के लिए अच्छा रिटायरमेंट प्लैन ले लें. अगर आपके पास उतनी पैतृक संपत्ति नहीं है तो आपको मेडिकल से लेकर रिटायरमेंट तक हर तरह की पॉलिसी के बारे में जानकारी हासिल करें और बीमा का चुनाव करें.

4. खुद दें सारी जानकारियां

बीमा पॉलिसी का फॉर्म आपको खुद भरना चाहिए. सच्चाई का कोई विकल्प नहीं होता, इसलिए जो भी जानकारी दें, शत प्रतिशत सच्ची जानकारी दें. अगर आपको कोई लंबी बिमारी है, तो उसके बारे में बताएं, कोई भी जानकारी छिपाना आपके लिए अच्छा नहीं है. कुछ भी छिपाने पर आगे चलकर आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

5. एडवाइजर की सहायता लें पर जरा ध्यान से

आप किसी एडवाइजर की सहायता भी ले सकते हैं, पर इसमें सावधानी बरतना बहुत जरूरी है. क्योंकि एडवाइजर भी आपको ठग सकता है. आप उससे अलग-अलग पॉलिसियों के बारे में जानकारी ले सकते हैं. बीमाधारक की मृत्यु के बाद उसके परिवार को वाजिब क्लेम दिलाने में भी मदद कर सकता है. 

6. बीमा लें या निवेश करें

जब दोनों चीजें अलग हैं तो दोनों को मिलाने का तुक नहीं है. निवेश से भी आपका फायदा है और इंश्योरेंस से भी, पर दोनों को मिलाना आपके लिए महंगा पड़ सकता है.

 

 

क्या इस बार अक्षय व जैकलीन की जोड़ी सफल होगी?

2015 में प्रदर्शित अक्षय कुमार और जैकलीन फर्नांडिस की जोड़ी वाली फिल्म ‘‘ब्रदर्स’’ को बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी. उसके बाद अक्षय कुमार ने दूसरी अभिनेत्रियों के साथ कई फिल्में की. 2016 में अक्षय कुमार की ‘एअर लिफ्ट’, ‘रूस्तम’ और ‘हाउसफुल 3’ जैसी तीन फिल्में सौ करोड़ क्लब की सदस्य बनी थी. इस वर्ष प्रदर्शित उनकी फिल्म‘ ‘जॉली एलएलबी 2’’ भी सौ करोड़ क्लब का सदस्य बन चुकी है. इस तरह अक्षय कुमार लगातार सफलता की ओर अग्रसर हैं. सफलता के इस यात्रा के चलते आत्मविश्वास से भरे हुए अक्षय कुमार एक बार फिर सिनेमा के परदे पर जैकलीन फर्नांडिस के संग रोमांस करते नजर आने वाले हैं.

जी हां ! अक्षय कुमार स्वयं एक फिल्म ‘‘रूतबा’’ का सहनिर्माण करने जा रहे हैं, जिसमें वह जैकलीन फर्नांडिस के साथ रोमांस करते हुए नजर आएंगे. बॉलीवुड में चर्चा है कि इन दिनों अक्षय कुमार के सितारे बुलंदी पर है, वह जिसे हाथ लगाते हैं, वही सोना बनता जाता है. तभी तो इन दिनों वह एक साथ कई फिल्मों के निर्माण से जुड़े हुए हैं. फिलहाल वह अपनी पत्नी ट्विंकल खन्ना की पोडक्शन कंपनी ‘मिसेस फनीबेान्स मूवीज’ के बैनर तले बनायी जा रही, “आर बालकी” निर्देशित फिल्म ‘‘पैड मैन’’ की शूटिंग मध्यप्रदेश के महेश्वर में कर रहे हैं.

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