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जब इस लड़की को देखते ही भाग खड़े हुए विराट कोहली, देखिए वीडियो

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली आज दुनिया भर की लड़कियों के चहेते बन चुके हैं. इस कूल और डैशिंग पर्सनालिटी को मोस्ट एलीजिबल बैचलर कहना गलत नहीं होगा.

विराट कोहली मौजूदा समय में क्या हैं, क्या करते हैं ये तो हम सभी जानते हैं. लेकिन शुरुआती दिनों में विराट कोहली कैसे थे यह उनका एक पुराना वीडियो बता रहा है. वीजे अनुषा के साथ विराट कोहली का यह वीडियो यू-ट्यूब पर खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो में विराट कोहली अपनी ब्लाइंड डेट के खराब अनुभव को साझा कर रहे हैं.

अनुषा इस इंटरव्यू में कुछ क्विक सवाल पूछती हैं जिनका उन्हें फटाफट जवाब देना होता है. अनुषा पूछती हैं आपने सबसे तेजी से किस फूड को खाया है? कोहली इस सवाल का जवाब देने के पहले कुछ पलों के लिए थोड़ा सोचते हैं और थोड़ा मुंह भी बनाते हैं और फिर बताते हैं, पेस्ट्री.

दूसरा सवाल अनुषा पूछती हैं, सबसे तेजी से आपने कितने समय में स्नान (शॉवर) किया. कोहली कहते हैं, डेढ़ मिनट.

अनुषा पूछती हैं, किस बॉलीवुड एक्स्ट्रेस को आप क्रिकेट खेलते हुए देखना सबसे ज्यादा पसंद करेंगे. तो कोहली कहते हैं, जेनिलिया डिसूजा. जेनिलिया को विराट क्यूट मानते हैं और इसलिए उन्हें क्रिकेट खेलते देखना चाहते हैं.

अनुषा के सबसे तेजी से डेट करने के सवाल पर विराट कहते हैं, “मैं एक ब्लाइंड डेट पर गया था जो करीब पांच मिनट में खत्म हो गई. मैंने लड़की को देखा और भाग गया.” आखिर कोहली डेट छोड़ क्यों भाग गए यह तो आपको इस वीडियो को देखकर ही पता चलेगा. तो देखिए यह वीडियो.

आप भी पहली बार घर खरीद रहे हैं?

आजकल कम ब्‍याजदरों के कारण, कई लोग अपने सपनों के घर को खरीदने की इच्‍छा रखते हैं. रियल एस्‍टेट का विकास, आमतौर देश के आर्थिक विकास पर निर्भर करता है. समझदार खरीददार, प्रापॅर्टी में तब निवेश करना चाहेंगे, जब मार्केट में रेट डाउन हों और उनके बढ़ने की संभावना और कई हों.

आज हम आपको बताएंगे कि पहली बार घर खरीदने वालों को किन-किन बातों को ध्‍यान में रखना चाहिए :

1. कीमत अदा किया जा सकने वाला घर

कभी भी विज्ञापनों पर ध्‍यान न दें. होर्डिंग्‍स और पर्चे बेहद आकर्षक होते हैं उनके झांसे में न आएं. आप अपनी आय देखें और मौटे तौर पर अंदाजा लगा लें कि आप कितनी कीमत तक का घर खरीद सकते हैं.

2. लोकेशन

आप सही लोकेशन का चयन करें. जहां से आपका कार्यस्‍थल ज्‍यादा दूर न हों, आपका परिवार आपकी अनुपस्थिति में सुरक्षित रहे और बच्‍चों आदि की परवरिश पर असर न पड़ें. साथ ही ये भी देख लें कि जब आप इसे दुबारा बेचेंगे तो ये सही कीमत में बिकेगा भी या नहीं. वरना आपको प्रॉपर्टी लेने के बाद भी घाटा ही सहन करना पड़े.

3. अग्रिम भुगतान

होम लोन के लिए आवेदन करने से पहले, अग्रिम भुगतान के लिए तैयार रहें, जो कि रजिस्‍ट्रेशन के समय जरूरी होता है. सामान्‍यत: अग्रिम भुगतान, कुल राशि का 10 से 20 प्रतिशत तक का होता है. ऐसे में आपको इसकी तैयारी रखनी जरूरी है.

4. मंजूर परियोजनाएं

क्या आप जानते हैं कि रिएल एस्‍टेट में सबसे ज्‍यादा धोखाधड़ी होती है. ऐसे में आप जिस भी स्‍थान पर घर लेने का विचार कर रहे हैं जो कि निर्माणधीन है तो उसकी जांच-परख कर लें. कई बार प्रोजेक्‍ट को मंजूरी भी नहीं मिलती है और आपका पैसा डूब जाता है.

5. क्रेडिट स्‍कोर

लोन के लिए आवेदन करने से पूर्व, व्‍यक्ति को अपने क्रेडिट स्‍कोर को चेक कर लेना चाहिए, जो कि होम लोन की मंजूरी में प्रमुख भूमिका निभाता है.

6. होम लोन की आधारभूत बातें

होम लोन लेने से पहले हर किसी को कई बैंक में जाकर बात करनी चाहिए, ऑनलाइन जानकारी प्राप्‍त करनी चाहिए. कुल मिलाकर, होम लोन लेने से पहले काफी होमवर्क करने की आवश्‍यकता है.

7. समय

होम लोन को लेने में टालमटोल न करें. यह एक लम्‍बी प्रक्रिया होता है, बैंक को भी एक पूरी प्रक्रिया को फॉलो करना पड़ता है उसके बाद ही वह ग्राहक को लोन उपलब्‍ध करवाती है.

8. सैलरी खाते से जोड़ें

अगर आपके कई खाते हैं और आपको समझ में नहीं आ रहा है कि आप होम लोन को किससे जोड़ें, तो सैलरी खाता इसके लिए सबसे अच्‍छा विकल्‍प है. इसमें ईएमआई का मैनेजमेंट भी अच्‍छी तरह हो जाता है. इसके अलावा, बैंक, कॉरपोरेट सैलरी खाते पर आकर्षक ब्‍याज दरें भी ऑफर करता है.

अब नरगिस फाखरी का अपना ऐप

बॉलीवुड से जुड़े कलाकार अपनी अभिनय क्षमता को सुधारने पर जितना ध्यान देते हैं, उससे कहीं ज्यादा ध्यान वह बेवजह के कामों व सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने पर देते रहते है. सोशल मीडिया पर ज्यादा से ज्यादा सक्रिय होने के लिए कई दूसरे बॉलीवुड कलाकारों की ही तरह अब अमरीकन मूल की अदाकारा नरगिस फाखरी भी अपना ऐप लेकर आयी हैं. वह इस ऐप को अमरीकन तकनीकी कंपनी ‘‘इस्केप एक्स’’ के सहयोग से लेकर आयी हैं. इस ऐप की वजह से अब नरगिस फाखरी के प्रशंसक नरगिस फाखरी से सोशल मीडिया के ट्वीटर, इंस्टाग्राम व फेसबुक पर संपर्क कर सकते हैं.

प्रशंसक इस ऐप के द्वारा नरगिस फाखरी से सीधे संवाद भी स्थापित कर सकते हैं. इस ऐप को शुरू करते हुए नरगिस फाखरी ने कहा-‘‘इस ऐप से मैं अपने प्रशंसकों के साथ लगातार संपर्क में रह सकती हूं. मेरे बारे में मेरे प्रशंसक ढेर सारी जानकारियां हासिल कर सकते हैं. यह ऐप मेरे व मेरे प्रशंसकों के बीच सेतु का काम करेगा.’’

कपिल शर्मा को ले डूबी बदजुबानी और अहम

अंततः कपिल शर्मा का पतन तय हो गया. अब तो बौलीवुड के सभी बिचौलिए और तथाकथित ज्योतिषी भी मानते हैं कि कपिल शर्मा का करियर खत्म हो चुका है और हर कोई इसके लिए पूर्ण रूपेण कपिल शर्मा के अहम और उनकी बदजुबानी को ही दोष दे रहा है.

कुछ लोगों का मानना है कि कपिल शर्मा को अचानक ही जो सफलता मिली, उसे वे पचा नहीं पाए. सफलता के मद में चूर कपिल शर्मा पत्रकारों के साथ भी हमेशा अहम के साथ ही पेश आए, जिसके चलते पत्रकारों से उनके संबंध अच्छे नहीं है. कपिल शर्मा बात बात पर हर किसी को कोसते रहते हैं और दूसरों के ऊपर आरोप लगाते रहते हैं कि उनकी सफलता से जलन की भावना रखते हैं. मगर कपिल शर्मा ने कभी भी अपने गिरेहबान में झांक कर नहीं देखा. परिणामतः अब कपिल शर्मा उस मुकाम पर पहुंच गए हैं, जहां वह बहुत जल्द काम मांगने वालों की कतार में नजर आ सकते हैं.

कपिल शर्मा के करियर की सबसे बड़ी हकीकत यह है कि वह अब तक दूसरों के कंधों का उपयोग कर आगे बढ़ते ही, उसे दुलत्ती मारते रहे हैं. सूत्रों का दावा है कि कपिल शर्मा ने अपने टीवी के हास्य शो के लिए कई बेहतरीन लेखकों की सेवाएं ली, पर सफलता मिलते ही धीरे-धीरे उन्हें दूध की मक्खी की भांति खुद से अलग करते रहे हैं.

इतना ही नहीं हास्य के क्षेत्र में कपिल शर्मा को जो भी सफलता मिली, उसमें उन्होने उच्चस्तरीय काम भी नहीं किया है. उनके कार्यक्रम के किसी भी एपीसोड को लंबे समय तक याद नहीं किया जा सकता. बौलीवुड व टीवी इंडस्ट्री से जुड़े एक तबके का मानना है कि वह महज सड़क छाप जोक्स व सड़क छाप जुमले एक खास अंदाज में टीवी के परदे पर पेश करते हुए अचानक स्टार बन गए, तभी तो जब उन्होने फिल्मों में बतौर हास्य अभिनेता कदम रखा, तो कुछ खास नहीं कर पाए. उनकी दूसरी कोई फिल्म शुरू नहीं हो पायीं. भेड़चाल के शिकार बौलीवुड ने कपिल शर्मा को लेकर फिल्म बनाने का जोखिम उठाने का साहस फिर नहीं दिखाया.

इसके बावजूद अहम के शिकार कपिल शर्मा ने सच को अनदेखा किया.  ‘अहम ब्रम्हास्त्र’ जपते हुए कपिल शर्मा ने जब ‘कलर्स’ चैनल के साथ पंगा लिया, तभी उनके करियर का पतन शुरू हो गया था, पर भला हो सेटेलाइट चैनलों की आपसी प्रतिस्पर्धा का, जिसके चलते कपिल शर्मा को ‘सोनी टीवी’ पर अपना शो करने का अवसर मिल गया और इसे कपिल शर्मा अपने स्टार होने का सबूत मानने की गलती कर बैठे.

सोनी टीवी पर कार्यक्रम के शुरू होते ही कपिल शर्मा अपना आपा खो बैठे और वह लोगों के साथ बदजुबानी करने लगे, दूसरों का अपमान करने लगे, जबकि यह सर्वविदित है कि कपिल शर्मा के शो को जो सफलता ‘कलर्स’ चैनल पर मिली थी, वह ‘सोनी’ टीवी पर उनके शो को नहीं मिल सकी, पर वे आसमान में उड़ते रहे.

इतना ही नहीं सफलता के मद में चूर कपिल शर्मा ने मुंबई महानगर पालिका के अफसरों पर घूस लेने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री मोदी को लेकर ट्वीटर पर व्यंग भी कसा. मामला अदालत तक पहुंचा. सूत्रों के अनुसार किसी तरह कपिल के कुछ शुभचिंतकों ने मामला रफा दफा कराया.

बहरहाल, कपिल शर्मा की हरकतों के चलते उनका करियर निरंतर तबाही की ओर अग्रसर है, पर लगभग बीस दिन पहले हवाई यात्रा के दौरान प्लेन के अंदर अपने सहकलाकार सुनील ग्रोवर के साथ मारपीट कर कपिल शर्मा ने अपने करियर की बर्बादी में अंतिम कील भी ठोक ली. इस घटनाक्रम के बाद सुनील ग्रोवर ने कपिल शर्मा के शो में जुड़ने से साफ इंकार कर दिया.

कुछ कलाकारों ने बीच बचाव करने का असफल प्रयास किया, समझौता न हो पाने की मूल वजह कपिल शर्मा का अहम का आड़े आ जाना रहा. सूत्रों के अनुसार बीच बचाव कराने वालों से कपिल शर्मा ने कहा कि सुनील ग्रोवर कहीं नहीं जाएंगे, वे मेरे पास ही आएंगे. पहले भी एक बार सुनील मुझे छोड़कर गए थे, पर वो वापस मेरे ही पास आए थे. इतना ही नहीं सूत्र दावा करते हैं कि कपिल शर्मा ने इस बार सुनील से सब कुछ भूल जाने के बदले में उनकी पारिश्रमिक राशि बढ़ाने का भी वादा किया, पर सुनील ने कह दिया है कि वह कपिल शर्मा के शो का हिस्सा नहीं बनेंगे. उधर हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि धीरे धीरे कपिल के शो से जुड़े अन्य कलाकार भी कपिल के हाथों मार खाने की बजाय उनसे दूर हो रहे हैं.

उधर सूत्रों के अनुसार अब सोनी टीवी ने भी कपिल शर्मा के शो को बंद करने का अल्टीमेटम उन्हें दे दिया है. सूत्रों के अनुसार कपिल शर्मा हमेशा अपनी वाणी की ही वजह से मुसीबतों में फंसते रहे हैं, मगर इस बार कपिल शर्मा ने जो गलती की है, वह उनके लिए तबाही का सबब बनने वाली है. जिसे अहम ग्रस्त कपिल शर्मा समझ नहीं पा रहे हैं.

आपके रेंट एग्रीमेंट से ये काम हो जायेंगे आसान

दिल्‍ली मुंबई जैसे मेट्रो शहर हों या छोटे शहर. शहरों में बड़े पैमाने पर लोग किराए पर रहते हैं. अगर आपने भी रेंट पर घर ले रखा है तो आपको कुछ अहम बातों का ध्‍यान रखना होगा. इससे न सिर्फ आपको टैक्‍स बचाने में मदद मिलेगी बल्कि गैस कनेक्‍शन लेने से लेकर पासपोर्ट बनवाने जैसे कामों में भी आपको आसानी होगी.

रेंट एग्रीमेंट

अगर आप रेंट पर घर लेकर रह रहे हैं तो आपको रेंट एग्रीमेंट जरूर करवाना चाहिए. यह डाक्‍यूमेंट प्रमाणित करता है कि आप किसी खास एड्रेस पर किराए पर रह रहे हैं और कितना किराया दे रहे हैं. यह आपके लिए रेजीडेंस प्रूफ के तौर पर भी काम करता है.

टैक्‍स छूट हासिल करने में आएगा काम

अगर आप किराए पर रहते हैं तो आप किराए पर खर्च होने वाली रकम पर टैक्‍स छूट हासिल कर सकते हैं. पिछले कुछ समय से इनकम टैक्‍स डिपॉर्टमेंट ने हाउस रेंट पर टैक्‍स छूट क्‍लेम करने वालों की स्‍क्रूटनी सख्‍त कर दी है. ऐसे में इनकम टैक्‍स विभाग का असेसिंग ऑफीसर आपसे रेंट एग्रीमेंट मांग सकता है. अगर आपके पास रेंट एग्रीमेंट नहीं है तो आप को दिक्‍कत हो सकती है.

चेक या ऑनलाइन करें रेंट का पेमेंट

इसके अलावा इनकम टैक्‍स विभाग आपसे रेंट पेमेंट का भी सबूत मांग सकता है. आपको रेंट का पेमेंट कैश में करने के बजाए चेक से या ऑनलाइन पेमेंट करना चाहिए. इससे आपके लिए इनकम टैक्‍स विभाग को पेमेंट का प्रूफ देने में आसानी होगी. अगर आप प्रूफ नहीं दे पाए तो विभाग आपके क्‍लेम को खारिज कर सकता है और आपको टैक्‍स चुकाना होगा.

पैरेंट्स के घर में रह कर ले सकते हैं टैक्‍स छूट

आप अपने पैरेंट्स के घर में रह कर भी उनको रेंट का पेमेंट कर सकते हैं और इस पर टैक्‍स छूट क्‍लेम कर सकते हैं. हालांकि इसके लिए जरूरी है कि आपके पैरेंट्स को जो किराया मिल रहा है वह रेंटम इनकम के तौर पर उनकी इनकम टैक्‍स रिटर्न में दिखना चाहिए. इसके अलावा आप रेंट पेमेंट चेक या ऑनलाइन करें जिससे आपके लिए इसे साबित करना आसान होगा.

1 लाख रुपए से अधिक रेंट पर जरूरी है मकान मालिक का पैन

अगर आप सालाना 1 लाख रुपए से अधिक रेंट देते हैं तो आपको इस पर टैक्‍स छूट हासिल करने के लिए मकान मालिक का पैन नंबर देना होगा.

गैस कनेक्‍शन या पासपोर्ट बनवाने में आएगा काम

अगर आप किराए पर रहते हैं और आपको गैस कनेक्‍शन लेना है या पासपोर्ट बनवाना है तो रेजीडेंस प्रूफ के तौर पर आप रेंट एग्रीमेंट दे सकते हैं. इससे आपका काम आसानी से हो जाएगा.

जलती धूप में कौन हैं आपकी बाइक के सच्‍चे हम’सफर’

खुले आसमान के नीचे हवा से बातें करते हुए बाइक ड्राइव करना हर किसी को पसंद होता है. लेकिन गर्मी के सीजन में तेज धूप और गर्मी के चलते आपके इस शौक पर पानी फिर जाता है. गर्मी के सितम की वजह से धूप में बाइक का सफर मजा नहीं बल्कि सजा बन जाती है. आपके साथ ऐसा न हो, इसलिए हम आपको बता रहे हैं गर्मी में सुरक्षित बाइक चलाने के जरूरी उपाय…

1. क्या आप कूलिंग वेस्‍ट के बारे में जानते हैं. ये इस समय तेजी से चलन में आया है. ये एक प्रकार का जैकेट होता है, जिसे आप अपने कपड़े के भीतर पहन सकते हैं. ये कपड़े और फैब्रिक दोनों ही टाइप में आता है. फैब्रिक मटैरियल में आपको बैट्री भी मिलती है जिसमें एक डिवाइस लगा होता है जिससे आपकी जैकेट ठंडी होती रहती है.

2. गर्मी में बाइक ड्राइव करते समय कोशिश करें कि हल्‍के रंग के कपड़े पहनकर घर ही से बाहर निकलें, क्‍योंकि डार्क कलर से उष्‍मा का उत्‍सर्जन ज्‍यादा होता है जिससे आपको गर्मी ज्‍यादा लगेगी.

3. सफेद रंग के हेल्‍मेट का इस्तेमाल करना बेहतर साबित होता है. मुख्‍य कारण ये है कि, इससे आपका सिर कम से कम गर्म होगा. यदि आपके पास सफेद रंग का हेल्‍मेट न हो तो ऐसा हेल्‍मेट लें जिसमें वेंट जरूर हो ताकि हेल्‍मेट के भीतर ज्‍यादा गर्मी ना पहुंचे.

4. जब भी आप धूप में निकलें अपने पूरे हाथों पर फुल हैंड ग्‍लव्‍स का प्रयोग करें. इससे न केवल आपका हाथ जलेगा बल्कि आपकी बाहें काली होने से भी बचेंगी.

5. जब भी आप अपनी बाइक को खड़ी करें तो उसे कॅवर करना ना भूलें. क्‍योंकि इस तेज गर्मी की सीधी धूप आपके बाइक के रंग को खराब कर सकती है.

6. बाइक के लिये थोड़ा सा इंजन ऑयल लेना ना भूलें, क्‍योंकि बाइक के गर्म होने पर, ये ऑयल उसके इंजन को ठण्डा करेगा.

7. इस भयानक गर्मी में अपने साथ पानी की एक बॉटल अवश्‍य रखें, क्‍योंकि गर्मी में पानी से बढ़कर दूसरा जीवनदाता और कोई नहीं है. इसके अलावा ये आपको डीहाईड्रेशन से भी दूर रखेगा.

8. बाइक राइडिंग से पहले यह चेक कर लें कि आपके बाइक के टायर्स की स्थिति कैसी है, ये अच्‍छी हालत में हैं या नहीं.

9. बाइक राइडिंग के दौरान बीच में एक नियमित अंतराल पर ब्रेक लेते रहें. कुछ देर बार फिर राइडिंग शुरू करें.

10. इस मौसम में आपको फुल स्‍लीव्‍स वाला समर आर्मर पहनना चाहिए, ताकि गर्मी का सीधा प्रभाव आपकी त्वचा पर न पड़े.

कुलभूषण जाधव की फांसी से बढ़ेंगी दूरियां

जब से कुलभूषण जाधव को पाकिस्तानी सेना द्वारा फांसी देने की खबर आई है तभी से पूरे देश में इसके खिलाफ आवाज उठ रही है और लोग इसका विरोध कर रहे हैं. इसके साथ ही पूरे भारत में पाकिस्तान के खिलाफ लोगों में गुस्सा है. भारत के लोगों ने पाकिस्तान की इस अमानवीय हरकत पर भारत सरकार से उसे सबक सिखाने की मांग की है. इतना ही नहीं भारत सरकार ने भी पाकिस्तान से बिलकुल साफ शब्दों में कह दिया है कि यदि कुलभूषण जाधव को फांसी दी गई तो हिंदुस्तान इसे सुनियोजित हत्या मानेगा.

इसी बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद में साफ कहा है कि जाधव के जीवन की रक्षा के लिए वो अलग हट कर भी कार्यवाही कर सकती हैं और जाधव को बचाने के लिए भारत किसी भी हद तक जा सकता है. सुषमा स्वराज ने कहा कि जाधव का परिवार लगातार उनके संपर्क में है और परिवार सहित देश को भी भरोसा रखना पड़ेगा, हम निश्चित ही सफल होंगे.

उधर पाकिस्तानी मीडिया भी भारत में उबाल से पूरी तरह परिचित है. यहां तक पाकिस्तान की सरकार भी इस बात को जानती है कि भारत अब अपनी बात मनवाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. पाकिस्तान में सरकार की कम और सेना की ज्यादा चलती है, इसीलिए सरकार और मीडिया दोनों में ही सेना का जबरदस्त खौफ है. सेना के किसी फैसले के खिलाफ बोलने की हिमाकत कोई नहीं कर सकता है. पाकिस्तान के बड़े अखबार और न्यूज चैनलों ने अपने आंकलन के आधार पर पाक सेना को कुलभूषण जाधव के खिलाफ जुटाए गए सबूत को सार्वजनिक करने  की बात कही है.

पाकिस्तान की मीडिया के अनुसार अगर कुलभूषण जाधव को फांसी दी जाती है तो इसके बहुत ही गंभीर परिणाम आ सकते हैं. मीडिया का कहना है कि पाकिस्तान के इस कदम से भारत के साथ पाकिस्तान के संबंधों पर असर पड़ेगा, साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ये अहम मुद्दा बन जायेगा.

एक पाकिस्तानी अखबार ‘द नेशन’ के राजनीतिक और रक्षा विशेषज्ञ डॉ. हसन अस्करी ने अपने लेख में लिखा है कि जाधव को फांसी देने का फैसला ‘दोनों देशों के बीच दूरियां और भी बढ़ेगी. अस्करी ने कहा, ‘सेना ने जाधव को सख्त सजा दी है जो कि पाकिस्तानी कानून के मुताबिक ही है, लेकिन हमें यह देखना होगा कि पाकिस्तान इसके राजनीतिक और कूटनीतिक दुष्प्रभावों को झेल सकता है या नहीं.

मोदी राम के कितने हनुमान

भाजपा संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सांसदों की भूमिका तय कर दी है कि वे सब हनुमान हैं और खुद नरेंद्र मोदी मर्यादा पुरुषोत्तम राम हैं. हनुमान एक शक्तिशाली बंदर था जिसने कई असंभव अभियानों को अंजाम तक पहुंचाया और कभी उफ करना तो दूर की बात है राम से कोई सवाल भी नहीं पूछा. ऐसी ही निष्ठा की उम्मीद मोदी अपने सांसदों से रखते हैं कि वे सेवक बने रहें. त्रेता की रामायण और आज की लोकतान्त्रिक रामायण में कई समानताएं और कुछ असमानताएं भी हैं. मोदी ने कभी वनवास नहीं भोगा, न ही वे किसी रघुकुल में पैदा हुये थे, पर आज वाकई वे किसी चक्रवर्ती सम्राट से कम नहीं, जिसके अश्वमेघ यज्ञ के घोड़े रोकने कोई लव कुश नहीं और तो और तो और इस रामायण में माता सीता होते हुये भी नहीं हैं, जो जाने कौन से गुनाह का वनवास भोगते राम राम जपने की अपनी आदत नहीं छोड़ पा रहीं.

भाजपाइयों का राम बन जाने का शौक नया नहीं है. मंदिर आंदोलन के दौरान राम का टाइटल और भूमिका लालकृष्ण आडवाणी के पास थे. वे तो रथ पर धनुष बाण लेकर ही निकलते थे कि रावण कहीं दिख भर जाये तो एक तीर में ही उसका काम तमाम कर दें. संसदीय दल की मीटिंग में वे थे, पर शायद ही हनुमान खुद को वह भी मोदी का कहलाना पसंद करें, अच्छा होता मोदी उन्हे विश्वामित्र टाइप का कोई किरदार थमा देते. राम ने छल से एक और बंदर बाली को मारा था पर मोदी तो रोज किसी न किसी बाली का राजनैतिक वध करते हैं. कांग्रेस को तो उन्होंने लंका की तर्ज पर उखाड़ ही फेंका है.

राम ने एक शूद्र स्त्री शबरी के झूठे बेर खाये थे, मोदी ने तो शबरी के बेर ही छीन लिए. रामायण में एक शूद्र था शंबूक, वह पठन पाठन का बड़ा शौकीन था, इसी शौक शौक में वह अपनी जाति भूल गया और वेदों का श्रवण पाठन करने लगा. अपना यह अपराध जब उसे समझ आया तब तक वह सुनने की शक्ति खो चुका था.

लोकतन्त्र की यह मजबूरी है कि मोदी ने इस रिवाज में कुछ छूट दे दी और दलितों को कुम्भ स्नान करा दिया, जिससे वे पवित्र भाव से मतदान करें. दलितों ने भी हालिया उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में शबरी को छोड़ राम को चुना. हनुमान की अपनी पूरी टीम थी जिसमे सुग्रीव, जामवंत, अंगद वगेरह प्रमुख थे, बेहतर होता कि मोदी मीटिंग में टाइटल वितरण भी कर देते कि कौन क्या है. इससे  लोगों को यह लोकतान्त्रिक रामायण समझने में आसानी रहती.

अब 372 में से असल हनुमान को पहचान पाना कठिन काम तो है क्योकि सारे बंदर एक से दिखते हैं. कुछ कुछ लोग अमित शाह को असली हनुमान मानते हैं, जबकि कुछ लोग उन्हे लक्ष्मण करार देते हैं. इस राम दरबार जिसे संसदीय दल की मीटिंग कहा गया में खुद को राम तो मोदी ने घोषित कर दिया, पर यह भूल गए कि राम हनुमान की ताकत से नहीं, बल्कि विभीषण की गद्दारी से जीता था. अब विभीषण कौन है लोग अभी तक अंदाजे ही लगा रहे हैं. मान लेने में हर्ज नहीं की यही राम राज्य है, जिसमें गरीबी भुखमरी और अपराध चरम पर हैं, पर चूंकि राम राज्य है इसलिए ये सब चीजें दिखेंगी नहीं, वे तो यज्ञ और हवन के धुएं में उड़ रही हैं.

त्रेता में भी यही होता था कि गुलाम और औरतें खुले आम बिकती थीं. लोग जानवरों की तरह लड़ते थे, इसलिए ऋषि मुनियों की दुकाने खूब चमकती थीं. आज भी चमकती हैं बस फर्क यह है कि राम तो एक ही है, हनुमान कई हो गए हैं, जिन्हें कुर्सी के सपने से दूर रखने समारोह पूर्वक यह खिताब दे दिया गया है जिससे उनमे दासत्व का भाव बना रहे. 

अब कहानी भी लिखेंगे सलमान खान

अभी ताजा सूत्रों के मुताबिक बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता सलमान खान फिल्म दबंग 3 की कहानी लिख रहे हैं. बॉलीवुड फिल्मकार और सलमान खान के भाई अरबाज खान अपनी सुपरहिट फिल्म दबंग का तीसरा संस्करण बनाने जा रहे हैं.

सूत्रों का मनना है कि ‘टाइगर जिंदा है’ की शूटिंग खत्म होते ही ‘दबंग 3’ के प्री प्रॉडक्शन का काम शुरू कर दिया जाएगा. खबर ये भी है कि फिल्म के मुख्य लेखक दिलीप शुक्ला ने ‘दबंग 3’ ने जो कहानी लिखी है उस कहानी में सलमान खान ने काफी इनपुट दिए हैं, इसलिए फिल्म की प्रोडक्शन टीम सोच रही है कि सलमान की कहानी और उनके आइडिया पर ही ‘दबंग 3’ का निर्माण किया जाए.

‘दबंग 3’ को लेकर अरबाज की टीम का कहना है कि इस फिल्म में काफी कुछ बदलाव किया जाएगा. फिल्म के निर्देशन को लेकर अभी कुछ तय नहीं है कि इसका निर्देशन कौन करेगा. सूत्रों के अनुसार फिल्म की कहानी के मुताबिक तो फिल्म में सोनाक्षी को होना चाहिए लेकिन खबर यह भी है कि इस फिल्म में दो हीरोइन होंगी जिसका चुनाव अभी किया जाना है.

‘दबंग 3’ के अन्दर 5 गाने तो जरूर होंगे क्योंकि यह एक यूजिकल फिल्म है इसके बाद 3 से 4 एक्शन सीन होने भी जरूरी है. ‘दबंग’ में दर्शक रोमांस, कॉमेडी, एक्शन और गाने देखने आते हैं और फिल्म की प्रोडक्शन टीम इन्हीं सब चीजों की तैयारी कर रही है.

स्टार पापा जैसे नहीं बन पाए उनके बेटे…

बॉलीवुड के ऐसे कई सितारें हैं जिन्होंने अपने दमदार अभिनय के जरिए खुद की पहचान बनाई. फिल्मी दुनिया में मेहनत और लगन के साथ-साथ किस्मत का भी बहुत बड़ा योगदान देखने को मिलता रहा है.

बॉलीवुड में रणबीर कपूर से लेकर सोनम कपूर और ऋतिक रोशन से लेकर सोनाक्षी सिन्‍हा तक तमाम ऐसे स्‍टार्स हैं जिन्‍होंने अपने एक्‍टर पेरेंट्स से भी ज्‍यादा पॉपुलैरिटी और सफलता हासिल कर फिल्‍मी दुनिया में नया मुकाम हासिल किया, लेकिन दूसरी तरफ जब बात हो बॉलीवुड सितारों के ऐसे बेटों की जो फिल्मों में नाम नहीं कमा पाए तो उदय चोपड़ा और लव सिन्हा का नाम जरूर आता है.

वैसे तो अब इस लिस्ट में और भी नए चेहरे जुड़ गए हैं. तो आइए, हम आपको बताते हैं ऐसे बॉलीवुड स्‍टार किड्स के बारे में जो अपने फिल्मी करियर में फ्लॉप साबित हुए हैं…

मिमोह चक्रवर्ती, पिता : मिथुन चक्रवर्ती

मिथुन चक्रवर्ती अपने वक्त के टॉप की अभिनेताओं  में शुमार रहें हैं  और तमाम अवॉर्ड्स उन्होंने जीते, लेकिन ऐसी लोकप्रियता उनके बेटे मिमोह के खाते में नहीं आ सकी. उनकी पहली फिल्म 'जिम्मी' ने बॉक्स ऑफिस पर पानी तक नहीं मांगा. फिल्मों के लिए मिमोह ने वजन घटाया, नाम बदलकर ‘महाक्षय’ रख लिया, बालों का रंग बदला, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. उनकी दूसरी फिल्म भी बुरी तरह फ्लॉप ही रही थी.

उदय चोपड़ा, पिता : यश चोपड़ा

टॉप फिल्‍म निर्माता यश चोपड़ा ने अपने बेटे उदय चोपड़ा को हीरो बनाने के लिए क्‍या कुछ नहीं किया. अपनी ब्‍लॉकबस्‍टर मूवी ‘मोहब्‍बतें’ में उदय का डेब्‍यू तो उन्‍होंने करा दिया, लेकिन दर्शकों का दिल जीतने में उदय सफल साबित नहीं हुए. साल 2000 से उदय अपनी किस्मत आजमाते आ रहे हैं, लेकिन उन्हें सफलता हासिल नहीं हो पाई. उदय का करियर 'धूम' मूवी सीरीज में दौड़ तो खूब लगाया, लेकिन उसके बाद भी उनका फिल्मी करियर स्‍पीड पकड़ने में नाकाम रहा.

लव सिन्हा, पिता : शत्रुघ्न सिन्हा

बॉलीवुड में सिर्फ ‘खामोश’ बोलकर सबको अपना दमदार परिचय देने वाले शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा की कोई फिल्म याद है आपको? शायद नहीं, लेकिन लव सिन्हा ने 2010 में एक फिल्म की थी 'सदियां', लेकिन वो फ्लॉप रही. अभी लव सिन्हा के पास कोई फिल्म नहीं है.

कुणाल गोस्वामी, पिता : मनोज कुमार

बॉलीवुड में देशभक्ति फिल्‍मों के सबसे बड़े स्‍टार मनोज कुमार ने 'उपकार', 'पूरब और पश्‍चिम' जैसी फिल्‍मों के दम पर शानदार सफलता पाई. वहीं उनके बेटे कुणाल गोस्वामी ने ‘नंबरी आदमी', 'पाप की दुनिया' और 'घुंघरू’ आदि कई फिल्‍मों में काम तो किया, लेकिन उनकी खराब एक्‍टिंग के कारण फिल्‍में बुरी तरह से पिट गईं. इसके बाद कुणाल गोस्वामी का फिल्‍मी करियर ही खत्‍म हो गया.

करण कपूर, पिता : शशि कपूर

हिंदी सिनेमा के एवरग्रीन रोमांटिक बॉय शशि कपूर को उनकी अनोखी डांसिंग स्‍टाइल और रोमांटिक फिल्‍मों के लिए आज भी जाना जाता है. लेकिन उनके बेटे करण कपूर बॉम्‍बे डाइंग के पोस्‍टर बॉय से ज्‍यादा कुछ नहीं बन सके. अपनी पहली फिल्‍म 'सुल्‍तान' के बुरी तरह से पिटने के बाद करण ने बॉलीवुड छोड़ने में ही अपनी भलाई समझी.

अध्ययन सुमन, पिता : शेखर सुमन

टीवी से लेकर बिग स्‍क्रीन तक सुपर स्‍टार रह चुके शेखर सुमन आज भी तमाम सुपरहिट टीवी शोज के होस्‍ट और जज बनकर छोटे पर्दे पर छाए हुए हैं जबकि उनके बेटे अध्ययन सुमन की झोली में मुश्किल से एक फिल्‍म आई थी. मूवी हॉल-ए-दिल में बढ़िया काम करने के बाद भी अध्ययन का फिल्‍मी करियर ठप्‍प सा हो गया.

राहुल खन्ना, पिता : विनोद खन्ना

बॉलीवुड के पूर्व सुपरस्‍टार विनोद खन्‍ना के बेटे राहुल खन्‍ना का फिल्‍मी करियर शुरू तो अच्‍छे से हुआ लेकिन वो यहां ज्‍यादा दिन तक टिक नहीं पाए. अपनी पहली फिल्‍म ‘अर्थ’ में अच्‍छी एक्‍टिंग करने के कारण राहुल को फिल्‍म फेयर ने बेस्‍ट डेब्‍यू का अवार्ड भी दिया, लेकिन उनकी गाड़ी आगे नहीं बढ़ सकी.

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