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अब इन कामों को करते वक्त रखें कैश लिमिट का ध्यान

मोदी सरकार ने ब्‍लैकमनी रखने वालों को पकड़ने के लिए नया दांव खेला है. अब 2 लाख रुपए से अधिक कैश लेन-देन पर 100 फीसदी पेनल्‍टी देनी होगी. यह पेनल्‍टी कैश लेने वाले को देनी होगी. कुछ ऐसे 5 काम बता रहे हैं जहां पर आपको लिमिट से ज्‍यादा कैश लेन-देन से बचना होगा. आपकी जरा सी चूक आपको कानूनी शिकंजे में फंसा सकती है.

1 अप्रैल से लागू हुआ नया नियम

केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल से कैश लेन देन की लिमिट को 3 लाख रुपए से घटा कर 2 लाख रुपए कर दिया है. इसके जरिए सरकार डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना चाहती है.

ज्‍वैलरी खरीदना

आम तौर पर लोग ज्‍वैलरी खरीदने में कैश का यूज करते हैं. ऐसा वे टैक्‍स के दायरे में आने से बचने के लिए करते हैं. ऐसे में अगर आप 2 लाख रुपए से अधिक के कैश से ज्‍वैलरी खरीदते हैं तो आप सरकार के निशाने पर आ सकते हैं. ऐसे में सरकार आप से इस रकम के स्रोत और टैक्‍स लायबिलिटी के बारे में पूछताछ कर सकती है.

शादी में खर्च

नए नियमों के मुताबिक आपको शादी में भी 2 लाख रुपए से अधिक कैश खर्च करने से बचना होगा. अगर आप 2 लाख रुपए से अधिक खर्च करते हैं तो सरकार इस ट्रांजैक्‍शन को ट्रैक कर सकती है और आप कानूनी शिकंजे में फंस सकते हैं.

पार्टी में खर्च

आजकल बड़ी पार्टियों का चलन बढ़ गया है. इन पार्टियों में लोग लाखों रुपए खर्च करते हैं. ऐसे में इन पार्टियों पर भी सरकार की नजर है. ऐसे में पार्टी के आयोजन पर 2 लाख रुपए से अधिक कैश में खर्च करने पर आप सरकार की नजर में आ सकते हैं.

जमीन खरीदना

आपको जमीन और घर खरीदने में लिमिट से ज्‍यादा कैश देने से बचना चहिए. आम तौर पर लोग कैश से जमीन और घर खरीदने में ब्‍लैक मनी का यूज करते हैं. लेकिन अवैध ट्रांजैक्‍शन सरकार की नजर में आने पर आप भी सरकार के शिकंजे में आ सकते हैं.

वाहन की खरीद

सेकेंड हैंड कार या दूसरे वाहनों की खरीद आम तौर पर कैश में होती है. लेकिन नए नियमों के लागू होने के बाद आपके लिए ऐसा करना आपके लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है. अगर आप किसी से सेकेंड हैंड कार खरीदते हैं तो उसे 2 लाख रुपए से अधिक कैश पेमेंट न करें.

इन बॉलीवुड सितारों की दादागिरी देखी आपने?

जहां एक आम नागरिक के लिए वर्कप्लेस मतलब आप जहां काम करते हैं, वहां अपनी मर्जी और डिमांड्स केवल सपने मात्र हैं, वहीं कई बॉलीवुड सितारे अपनी लोकप्रियता भुनाते हुए, अपने मनमर्जी से अपनी ख्वाहिशों को फिल्म निर्माता के सामने रख देते हैं.

जितना लोकप्रिय स्टार, उतना ही उनकी डिमांड्स का वजन और उस पर भी इनको पूरा करने का दबाव. शायद तभी कहा गया है कि बॉलीवुड के प्रोफेशन की दुनिया में सब कुछ जायज है.

तो आप भी जानिए बॉलीवुड के इन लोकप्रिय सितारों की क्या-क्या हैं खास डिमांड्स :

1. करीना कपूर

करीना ने एक्टर सैफ अली खान से शादी होने के बाद से अपने कॉन्ट्रैक्ट में ये बात शामिल कर ली है कि वे अब किसी भी फिल्म में रोमांटिक या किसिंग सीन नहीं करेंगी.

2. रितिक रोशन

रितिक रोशन ने फिल्म मोहनजोदारो के लिए अपने कॉन्ट्रैक्ट में एक नया उसूल शामिल किया है, जिसके मुताबिक वे तय दिनों से ज्यादा दिन शूटिंग करने पर एकस्ट्रा चार्ज कर सकते हैं.

3. प्रियंका चोपड़ा

प्रियंका चोपड़ा हॉलीवुड में काफी मशहूर हो रही हैं, जिसके बाद भी वहां के पारंपरिक कल्चर से हटकर अपने हिसाब से काम कर रही हैं. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने हॉलीवुड के लोकप्रिय शो क्वांटिको में उनके कॉन्ट्रैक्ट में ‘नो न्यूडिटी’ का क्लाज शामिल किया है.

4. आमिर खान

बॉलीवुड के मि. परफेक्शनिस्ट, आमिर खान की डिमांड भी उन्हीं की तरह अलग है. खबरों के अनुसार उन्होंने यशराज बैनर के लिए धूम3 इस शर्त पर साइन की थी कि फिल्म के निर्माता इस फ्रैंचाइजी को धूम-3 के बाद आगे नहीं बढ़ाएंगे. यानि अगर इस बात पर विश्वास किया जाए, तो धूम-4 आमिर खान की वजह से दर्शकों को देखने को नहीं मिलेगी. ये क्लाज तो वाकई क्लासी है.

5. सलमान खान

टॉक शो ‘कॉफी विद करण’ में अपने आपको वर्जिन ठहरा चुके सलमान को ऑन स्क्रीन किस करना बिल्कुल पसंद नहीं है. इसलिए उनकी हर फिल्म के कॉन्ट्रैक्ट में ये बात मौजूद होती है. सलमान के अनुसार चूंकि उनकी मां भी उनकी फिल्में देखती हैं, ऐसे में सलमान बेहद अजीब और असहज महसूस करते हैं.

कैसे अर्जुन और अनिल कपूर बनें दोस्त

मशहूर फिल्मकार बोनी कपूर के बेटे व मशहूर अभिनेता अनिल कपूर के भतीजे अर्जुन कपूर ने ‘यशराज फिल्म’ की फिल्म ‘इश्कजादे’ से अभिनय करियर की शुरूआत की थी. तब से ‘औरंगजेब’, ‘टू स्टेट्स’, ‘गुंडे’, ‘तेवर’, ‘की एंड का’ जैसी लगभग आठ नौ फिल्में कर चुके हैं. हर बार उनके अभिनय की तारीफ होती रही है. इन दिनों वह चेतन भगत के उपन्यास ‘‘हाफ गर्लफ्रेंड’’ पर बनी इसी नाम की फिल्म को लेकर उत्साहित हैं. तो दूसरी तरफ वह अपने चाचा अनिल कपूर के संग हास्य फिल्म ‘‘मुबारकां’’ में अभिनय कर काफी उत्साहित हैं.

हाल ही में जब अर्जुन कपूर से मुलाकात हुई, तो ‘‘सरिता’’ पत्रिका से खास बातचीत करते हुए अर्जुन कपूर ने अपने चाचा व अभिनेता अनिल कपूर के साथ फिल्म ‘मुबारकां’ में अभिनय करने के अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा ‘‘ हकीकत यह है कि सबसे पहले ‘मुबारकां’ की पटकथा उन्होंने पढ़ी. उन्हें पसंद आ गयी, तो उन्होंने फिल्म साइन की. फिर मेरे पास भेजा और मुझसे फोन करके कहा कि उन्हें लगता है कि मैं यह किरदार निभा सकता हूं. मैं पटकथा पढ़ लूं. इससे मुझे लगा कि उनको मेरी प्रतिभा पर भरोसा है. उनके साथ मेरा रिश्ता हमेशा से इज्जत वाला था. वह मेरे लिए प्रेरणा के स्त्रोत भी हैं. मैं उनका बहुत बड़ा प्रशंसक हूं. लेकिन इस फिल्म में काम करते करते इज्जत के साथ साथ उनसे दोस्ती भी हो गयी.”

आगे अर्जुन ने कहा “चाचू के साथ प्रोफेशनली काम करके मेरी निजी जिंदगी के रिश्ते और बेहतर हो गए हैं. वह तो कॉमेडी जॉनर के राजा हैं. अनीस बजमी के साथ उनकी कमाल की ट्यूनिंग है. मेरे लिए तो कॉमेडी नया मामला था. तो जब उन्होंने गले लगाकर कहा कि मेरे साथ चल और इंज्वॉय कर. मेरे लिए कॉमेडी का जॉनर बहुत कठिन जॉनर रहा. पर अंदर से आत्मविश्वास था.”

एक स्मार्टफोन में करें एक से ज्यादा फेसबुक अकाउंट का इस्तेमाल

क्या है फ्रैंडली फॉर फेसबुक ऐप?

आपको बता दें कि इस ऐप को Friendly App Studio ने डेवलप किया है. इसने अब तक फेसबुक के लिए तीन ऐप बनाए हैं. ऐप को एंड्रायड के वर्जन 4.4 किटकैट और उससे ऊपर के सारे वर्जन्स पर इन्स्टॉल किया जा सकता है. इसमें इंटरनेट डाटा सेविंग, बैटरी सेविंग के साथ स्टोरेज सेविंग के फीचर्स भी दिए गए हैं. इस ऐप पर कई कलर्स थीम दी गई हैं. इस ऐप को यूजर गूगल प्ले स्टोर से फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं.

क्या आपके फोन में आपके खास व्हाट्सऐप, फेसबुक, मेसेंजर जैसे एप्स ज्यादा स्पेस लेती हैं, जिससे आपके फोन की स्टोरेज कम हो जाती है? इससे आपका फोन हैंग भी करने लगता होगा, तो हम आज आपके लिए इस समस्या का समाधान लेकर आए हैं.

गूगल प्ले स्टोर पर ‘Friendly for Facebook’ नाम से एक ऐसी ऐप है, जो खासतौर पर फेसबुक यूजर्स के लिए बनाई गई है. आपको बता दें कि यह फेसबुक ऐप से कई गुना कम स्पेस लेती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस ऐप पर यूजर एक साथ कई फेसबुक अकाउंट खोल सकते हैं. तो आइये जानते है इसके बारे में…

इस ऐप में क्या है खास?

इस ऐप में खास बात यह है कि आप इस पर एक से ज्यादा फेसबुक अकाउंट बना सकता है. साथ ही, यूजर को इसके लिए अलग से मेसेंजर ऐप को इन्स्टॉल करने की भी जरूरत नहीं है. फ्रेंडली फॉर फेसबुक ऐप से यूजर डायरेक्ट चैट कर सकता है. इस ऐप में वे सभी फीचर्स मौजूद हैं जो फेसबुक ऐप पर दिए हैं.

वहीं, कुछ फीचर्स इससे ज्यादा एडवांस हैं. फेसबुक ऐप स्मार्टफोन और ऑपरेटिंग सिस्टम के वर्जन के हिसाब से स्पेस लेता है. यानि कि इस ऐप की साइज हर फोन में अलग-अलग हो सकती है. वहीं इस ऐप की साइज सिर्फ 45MB का है. जो कि Facebook App के मुकाबले काफी कम है.

Friendly for Facebook ऐप को ऐसे करें ऑपरेट :

1- सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर में जाकर इस ऐप को डाउनलोड करें. यह एक फ्री ऐप है. इसके बाद इस ऐप में लॉग इन करें जिसके बाद इसका इंटरफेस कुछ इस तरह नजर आएगा.

2- लॉग इन करने के बाद ऐप में दिए गए लोगो पर टैप करें, जिसके बाद यूजर को स्विच अकाउंट का ऑप्शन आएगा. जिससे यूजर एक से ज्यादा FB अकाउंट इस ऐप के जरिये बना सकता है –

3- अब सेटिंग में जाकर यूजर अपने मैसेज और नोटिफिकेशन को ऑफ कर सकता है.

4- इसके अलावा इस ऐप में पासवर्ड की भी सुविधा दी गई है जिससे यूजर अपने अकाउंट को पासवर्ड से सुरक्षित रख सकता है.

5- इसकी सेटिंग में ही नेविगेशन एडजेस्टमेंट फीचर दिया गया है.

स्नैपचैट से भी ज्यादा मजेदार हैं ये ऐप

हाल ही में स्नैपचैट के सीईओ द्वारा कथित तौर पर भारत को गरीब देश कहने के बाद काफी बवाल हुआ था. कई लोगों ने स्नैपचैट के साथ-साथ स्नैपडील को भी खराब रेटिंग दी और अनइंस्टॉल कर दिया. यदि आपको लगता है कि स्नैपचैट मजेदार नहीं है या इसे यूज करने में दिक्कत हो रही है प्ले-स्टोर पर कुछ खास ऐप हैं जिन्हें आप यूज कर सकते हैं.

MSQRD

यह सोशल ऐप भी स्नैपचैट की तरह ही है. यह काफी पुराना और लोकप्रिय भी है लेकिन भारत में इसके यूजर ना के बराबर हैं. इसमें कई सारे मजेदार एनिमेटेड फ्रेम दिए गए हैं. इस ऐफ के जरिए आप फोटो और वीडियो दोनों बना सकते हैं. इसके अलावा इस ऐप से आप फेसबुक पर लाइव भी कर सकते हैं. इस ऐप को भी फेसबुक ने 2016 में खरीद लिया है.

BOO!

MSQRD और स्नैपचैट के अलावा “बू” भी एक ऐप है जिसे आप ट्राई कर सकते हैं. इसके जरिए आप म्यूजिक के साथ वीडियो बना सकते हैं और ऐप पर लाइव भी कर सकते हैं. यह ऐप वीडियो और फोटो पर गूगल डूडल की तरह कैप्शन लिखने की भी सुविधा देता है.

Camera360

कैमरा 360 भी एक बहुत ही मजेदार ऐप है. इसमें 100 से ज्यादा शानदार फिल्टर दिए गए हैं. इस ऐप में कई सारे सेल्फी एडिटिंग फिल्टर दिए गए हैं. इस ऐप की मदद से आप कोलाज भी बना सकते हैं.

Face Swap Live

यह ऐप स्नैपचैट से पहले लॉन्च हुआ था. इस ऐप में रियल टाइम में चेहरा बदलने वाला फीचर है. चेहरा बदलते हुए आप वीडियो भी बना सकते हैं और लाइव भी कर सकते हैं. इसके अलावा आप मोबाइल की गैलरी से भी फोटो लेकर फेस स्वैप कर सकते हैं.

बदल रहा लखनऊ

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ बदल रहा है. अच्छी बात यह है कि शहर के इस बदलाव में भी अवध का पुराना अतीत, नवाबी वास्तुशिल्प, रहन सहन, बातचीत और खानपान का लहजा पुराना ही है. लखनऊ शहर पर्यटन का बहुत बड़ा केन्द्र नहीं है. इसके बाद भी यहां बिजनेस करने वाले लोगों का आवागमन बढ़ रहा है. होटल उद्योग यहां पर तेजी से विस्तार लेता जा रहा है. होटल नोवाटेल इस क्रम में नई आमद है.

मेहराब लाजिस्टिक्स एंड एविएशन के डायरेक्टर अब्दुल हाइ खान ने बताया कि नोवाटेल विदेशी ब्रांड का होटल है. भारत में यह 14वां होटल है जो विदेशी ब्रांड का है. लखनऊ की कला और संस्कृति को ध्यान में रखकर इसे बनाया गया है. लखनऊ खाने में मशहूर कबाब, मुगलई डिश, कुल्फी सभी कुछ यहां नये अंदाज में दी जायेगी.

होटल के मैनेजर जय सिंह ने बताया कि होटल के अंदर आते ही आपको एक अलग तरह के लखनऊ से रूबरू होने का मौका मिलेगा. यहां आकर लगेगा कि हम फाइव स्टार कल्चर में होते हुये भी लखनऊ की नजाकत और नफासत के साथ हैं. होटल के कमरों से लेकर फर्नीचर और इंटीरियर को तैयार करते समय लखनवी अंदाज को सामने रखा गया है.

देखा जाये तो पर्यटकों के लिये लखनऊ का अपना अलग महत्व है. उत्तर प्रदेश घूमने आने वाले लोग लखनऊ आये बिना अपनी यात्रा को पूरा नहीं मानते. ऐसे में वह यहां जरूर आते हैं. लखनऊ भी विकास के नये दौर में सबके साथ चलते हुये अपने मेहमानों के स्वागत के लिये बदल रहा है. अब यहां पर चौड़ी सड़कें, अचछे होटल, परिवहन के अचछे साधन हैं. यहां के लोगों में स्वाभाविक रूप से मेहमान नवाजी है. जिसे पर्यटक बहुत पंसद करते हैं.

‘लालबत्ती’ नहीं तो ‘लाल गमछा’ सही

केन्द्र सरकार ने लालबत्ती को खत्म कर वीवीआईपी कल्चर खत्म करने की बात कही है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 31वीं बार लोगों से अपनी मन की बातमें कहा कि अब वीआईपी नहीं ईपीआई यानि एवरी पर्सन इज इंपॉर्टेंट का जोर होगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में वीआईपी संस्कृति के खिलाफ लोगों में नफरत है. प्रधानमंत्री की बात अपनी जगह सही है. देखने वाली बात यह है कि वीआईपी कल्चर केवल लाल और नीली बत्ती में ही नहीं है. हर सरकार के समय में उसके कार्यकर्ताओं में भी वीआईपी कल्चर आ जाता है. उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के समय में लाल गमछासंस्कृति वीवीआईपी कल्चर बन गया है.

इसका सबसे बड़ा प्रभाव दो पहिया वाहनों से लेकर लक्जरी गाडियों तक में देखा जाता है. मोटर बाइक की सवारी करने वाला तो धूप से बचने के लिये हेलमेट की जगह पर लाल गमछे का प्रयोग करने लगा है. लक्जरी एसी गाडियों में बैठे लोग इसका प्रयोग क्यों करते हैं यह बात समझ से परे नहीं है. पुलिस ही नहीं सरकारी विभागों में बिचैलियों का काम करने वाले यह लोग सत्ता के पसंद के रंग को अपने से जोड लेते हैं. बसपा और सपा सरकार के समय भी यह चलन खूब चल रहा था. योगी सरकार के आने के बाद लाल गमछा वीआईपी कल्चर को दिखाने का एक जरीया बन गया है.

यह बात अपनी जगह पूरी तरह से सही है कि ऐसे लोग किसी पार्टी के नहीं होते. यह सरकार बदलते ही अपनी पार्टी बदल लेते हैं. ऐसे में अब योगी सरकार में लाल गमछे और केसरियां रंग के कपड़ो का चलन बढ गया है. लाल गमछा तो दुकानों पर आते ही बिक जाता है. इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि पुलिस चेकिंग के दौरान इनको रोकने से पुलिस परहेज करने लगी है. ऐसे कपडों को देखकर सरकारी विभागों में उसकी बात को सुना जाने लगा है. ऐसे कपड़े पहन कर लोग दंबगई करने लगते हैं.

लखनऊ में प्रदेश की विधानसभा से मात्र 1 किलोमीटर दूर वर्लिगटन चौराहे पर लडकियां का मसाज पार्लर चल रहा था. जो सेक्स की गतिविधियों में लिप्त था. इसका संचालन एक ऐसा ही नेता था तो हिन्दूवादी संगठन से विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुका था. पुलिस ने सूचना के आधार पर छापा मारकर पार्लर बंद कराया. आरोपियों को जेल भेज दिया. अगले ही दिन वह जमानत पर बाहर आ गये. टोल टैक्स न देना पड़े इसलिये सत्ता के मद में रंगे लोग दंबगई करते हैं.

लाल और नीली बत्ती तो केवल ऐसे लोगों के ही पास थी जिनको सरकार देती थी. सत्ता के रंग की दबगई तो वह लोग करते हैं जिनका सरकार से कोई लेना देना नहीं होता. इसके बाद भी वह वीआईपी कल्चर को पूरी तरह से मजा लेते हैं. प्रधानमंत्री को अगर सच में वीआईपी कल्चर खत्म करना है तो लाल नीली बत्ती के साथ लाल गमछा संस्कृति को भी रोकना होगा. यह लाल नीली बत्ती से अधिक घातक है. दो पहिया चलाने वाले जिस तरह से सड़को पर बाइक चलाते हैं उससे दुर्घटना का खतरा बढ़ रहा है. पुलिस को हेलमेट की जगह लाल गमछा पहन कर गाडी चलाने वालों को रोकना चाहिये.

एक नए अंदाज में नजर आईं मनीषा कोइराला

90 के दशक में मनीषा कोइराला का खूब बोलबाला था. उस वक्त के टॉप स्टार्स के साथ मनीषा कोइराला ने खूब काम किया और कई हिट फिल्में भी दीं, लेकिन अचानक ही कुछ सालों बाद वो फिल्मों से गायब हो गईं थीं. इसका धक्का उनके फैंस को भी लगा था.

लेकिन अब मनीषा कोइराला फिल्मों में फिर से वापसी कर रही हैं. जल्द ही वो संजय दत्त पर बन रही बायोपिक में नजर आएंगी, लेकिन उससे पहले ही उनकी एक फिल्म 'डियर माया' का टीजर आया है.

इस फिल्म में मनीषा कोइराला का एक उम्रदराज महिला के किरदार में नजर आएंगी. टीजर में मनीषा कोइराला का हुलिया देख उन्हें पहचान पाना काफी मुश्किल है. काले रंग की चुनरी ओढ़े वो एकटक खिड़की से झांक रही हैं मानो वो किसी का इंतजार कर रही हों.

चेहरे पर झुर्रियां और चिंता की लकीरें साफ दिख रही हैं. ऐसे रूप में मनीषा कोइराला को उनके फैंस ने आज तक नहीं देखा होगा.

बता दें कि एक समय के बाद मनीषा कोइराला को फिल्मों में काम मिलना बंद हो गया था जिसकी वजह से मनीषा कोइराला और फिल्म इंडस्ट्री के बीच दूरियां आ गईं. धीरे-धीरे मनीषा ने खुद को शराब की तरफ झुका लिया जिसका उनके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा.

निजी जिंदगी भी कुछ ठीक नहीं चल रही थी. उनकी शादी भी टूट गई. नतीजा ये हुआ मनीषा कोइराला काफी परेशान रहने लगीं.

कहा जाता है कि ज्यादा शराब पीने की वजह से ही मनीषा कोइराला को कैंसर हुआ था. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और कैंसर से जंग जीतने के बाद वापसी की. हालांकि उन्हें बॉलीवुड में पहले जैसा काम नहीं मिला और अब वो अपनी कमबैक फिल्म में उम्रदराज किरदारों में ही नजर आएंगी.

जहां संजय दत्त की बायोपिक में वो नर्गिस दत्त का किरदार निभाएंगी वहीं 'डियर माया' में भी उनका किरदार एक अधेड़ उम्र की महिला का है.

IPL 10 : अपने डुप्लीकेट को देख चौंक गएं मलिंगा

बात दरअसल गुजरात लायंस और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए आईपाएल के 35वें मैच की है. राजकोट में गुजरात लायंस के खिलाफ मुंबई इंडियंस के गेंदबाज लसिथ मलिंगा पारी का 15वां ओवर डाल रहे थे. तभी स्क्रीन पर कैमरामैन ने एक शख्स को दर्शकों के बीच बैठा दिखाया.

इस शख्स की शक्ल मलिंगा से हू-ब-हू मिल रही थी. मलिंगा अपना रनर-अप ले रहे थें लेकिन स्क्रीन पर अपने हमशक्ल को देख ठहर गए. पहले तो वह हैरत में पड़ गए, फिर मुस्कुरा दिए.

मलिंगा के इस फैन ने ठीक मलिंगा की ही तरह अपने बालों को कलर तक कर रखा था. इस फैंन की ये मलिंगा के प्रति दीवानगी ही थी. हालांकि इससे पहले भी सचिन, वीरेंद्र सहवाग, ईशांत शर्मा समेत शिखर धवन के भी हमशक्ल देखे जा चुके हैं. यहां तक कि बात अगर विराट कोहली की करें तो पाकिस्तान के बल्लेबाज अहमद शहजाद उनसे काफी हद तक मिलते-जुलते हैं.

इससे पहले भी स्टेडियम में कोहली के एक हमशक्‍ल को देखा जा चुका है, जिसका नाम प्रिंस है. हालांकि प्रिंस का कहना है कि पहले तो उन्हें इस बात का एहसास तक नहीं था कि उनकी शक्ल विराट कोहली से मिलती है लेकिन जब उन्होंने दाढ़ी बढ़ानी शुरू की तो दोस्‍तों ने बताया कि उनकी शक्ल कोहली से काफी मिल रही है.

रोचक बात तो ये हुई कि 2016 में भारत और न्यूजीलैंड के बीच इंदौर टेस्‍ट के दौरान लोगों ने प्रिंस को कोहली समझ कर घेर लिया था. इस पर पुलिस ने उन्‍हें मैदान से ही बाहर निकाल दिया था.

यह मैच बेहद रोमांचक मोड़ पर खत्म हुआ और इसका फैसला सुपरओवर से हुआ, जिसमें मुंबई ने जसप्रीत बुमराह की करिश्माई गेंदबाजी से बाजी मार ली. इससे पहले मुंबई की टीम गुजरात के 154 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 20 ओवर में 153 रन पर ही आउट हो गई, जिससे मैच सुपर ओवर तक पहुंच गया.

गुजरात के कप्तान सुरेश रैना ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट पर 153 रन बनाए थे. सुपर ओवर में मुंबई ने पहले बैटिंग करते हुए 11 रन बनाए, जिसके जवाब में गुजरात की टीम 6 रन ही बना पाई और पांच रन से मैच हार गई.

भविष्य सुरक्षित करने के लिए जरूरी हैं ये काम

कहते हैं जवानी में अक्‍सर भूल हो जाती हैं. ज्‍यादातर लोग यंग एज में गलतियां करते हैं. ये गलतियां उस वक्‍त तो छोटी लगती हैं और अक्सर उन्‍हें अनदेखा भी कर दिया जाता है. उम्र बीतने के साथ समझ में आता है कि वे छोटी सी नादानियां आखिर हमारी जेब के लिए कितनी भारी साबित हो रही हैं. कई बार हम परेशान भी होते हैं, लेकिन तब तक हाथ से सबकुछ निकल चुका होता है. कुछ ऐसी ही 6 गलतियां, जो समय बीतने के साथ आपकी जेब पर भारी पड़ती हैं. अगर आप यंग एज में इनसे बच गए तो बाद में आपको पछताना नहीं पड़ेगा. 

देर से न कराएं टर्म इंश्‍योरेंस

टर्म इंश्‍योरेंस, ऐसा जीवन बीमा है, जिसकी किश्‍त कम होती है, लेकिन रिटर्न नहीं मिलता. पिछले कुछ सालों में इसका ट्रेंड बढ़ा है, लेकिन जवानी के दिनों में टर्म इंश्‍योरेंस कराने से चूकने पर यह आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. जैसे कि यदि आप एक करोड़ रुपए का टर्म इंश्‍योरेंस 25 से 30 साल की उम्र में कराते हैं तो आपको 4 से 6 हजार रुपए सालाना किश्‍त देनी होती है, लेकिन यदि 30 से 35 साल की उम्र में आप टर्म इंश्‍योरेंस कराते हैं तो यह आपको 10 से 12 हजार रुपए सालाना किश्त देनी पड़ सकती है.

एजुकेशन लोन का डिफॉल्‍ट न करें

यंग-एज में आप अपनी एजुकेशन के लिए लोन लेते हैं, लेकिन बाद में उसकी ईएमआई नहीं भर पाते हैं. चूंकि एजुकेशन के वक्‍त आपका एड्रेस कुछ और होता है और जॉब के दौरान आप किसी ओर एड्रेस पर रहने लगते हैं. इससे बैंक आपसे कम्‍युनिकेशन नहीं कर पाता, ऐसे में आप लापरवाही बरतते हुए आगे ईएमआई भरने से बचते हैं. लेकिन कुछ साल बाद जब आपको होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की जरूरत होती है तो आपको पता चलता है कि एजुकेशन लोन का डिफॉल्‍ट होने के कारण उनका क्रेडिट स्‍कोर खराब हो चुका है, इसलिए आप अपनी जरूरतों को पूरा नहीं कर पाते.

कम उम्र में करें सेविंग्‍स

एजुकेशन पूरी होने के बाद जब आपको जॉब मिल जाती है तो जेब खर्च की बजाय सैलरी मिलने पर आप का खर्च बढ़ जाता है. आप फालतू खर्च भी करने लगते हैं और सेविंग्‍स की ओर ध्‍यान नहीं देते. बाद में, जब आपकी शादी हो जाती है, बच्‍चे हो जाते हैं तो आपके खर्च बढ़ जाते हैं और आपके लिए बचत करना बहुत मुश्किल हो जाता है, जो बाद में आपकी परेशानी का कारण बन जाता है. बच्‍चों की पढ़ाई और शादी के वक्‍त आपको पैसे की सख्‍त जरूरत होती है, ऐसे में आपके पास लोन लेने के अलावा कोई ऑप्‍शन नहीं बचता.

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