कहते हैं जवानी में अक्‍सर भूल हो जाती हैं. ज्‍यादातर लोग यंग एज में गलतियां करते हैं. ये गलतियां उस वक्‍त तो छोटी लगती हैं और अक्सर उन्‍हें अनदेखा भी कर दिया जाता है. उम्र बीतने के साथ समझ में आता है कि वे छोटी सी नादानियां आखिर हमारी जेब के लिए कितनी भारी साबित हो रही हैं. कई बार हम परेशान भी होते हैं, लेकिन तब तक हाथ से सबकुछ निकल चुका होता है. कुछ ऐसी ही 6 गलतियां, जो समय बीतने के साथ आपकी जेब पर भारी पड़ती हैं. अगर आप यंग एज में इनसे बच गए तो बाद में आपको पछताना नहीं पड़ेगा. 

देर से न कराएं टर्म इंश्‍योरेंस

टर्म इंश्‍योरेंस, ऐसा जीवन बीमा है, जिसकी किश्‍त कम होती है, लेकिन रिटर्न नहीं मिलता. पिछले कुछ सालों में इसका ट्रेंड बढ़ा है, लेकिन जवानी के दिनों में टर्म इंश्‍योरेंस कराने से चूकने पर यह आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. जैसे कि यदि आप एक करोड़ रुपए का टर्म इंश्‍योरेंस 25 से 30 साल की उम्र में कराते हैं तो आपको 4 से 6 हजार रुपए सालाना किश्‍त देनी होती है, लेकिन यदि 30 से 35 साल की उम्र में आप टर्म इंश्‍योरेंस कराते हैं तो यह आपको 10 से 12 हजार रुपए सालाना किश्त देनी पड़ सकती है.

एजुकेशन लोन का डिफॉल्‍ट न करें

यंग-एज में आप अपनी एजुकेशन के लिए लोन लेते हैं, लेकिन बाद में उसकी ईएमआई नहीं भर पाते हैं. चूंकि एजुकेशन के वक्‍त आपका एड्रेस कुछ और होता है और जॉब के दौरान आप किसी ओर एड्रेस पर रहने लगते हैं. इससे बैंक आपसे कम्‍युनिकेशन नहीं कर पाता, ऐसे में आप लापरवाही बरतते हुए आगे ईएमआई भरने से बचते हैं. लेकिन कुछ साल बाद जब आपको होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन की जरूरत होती है तो आपको पता चलता है कि एजुकेशन लोन का डिफॉल्‍ट होने के कारण उनका क्रेडिट स्‍कोर खराब हो चुका है, इसलिए आप अपनी जरूरतों को पूरा नहीं कर पाते.

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