Download App

आपका लोन भी देता है आपको कई टैक्स बेनिफिट्स

आमतौर पर लोन तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए लिया जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि लोन कई तरह से फायदेमंद भी होता है. एक तो आप लोन लेकर अपनी मौजूदा जरूरतों को पूरा कर सकते हैं वहीं दूसरी ओर आप सजग रहकर इससे टैक्स बेनिफिट भी प्राप्त कर सकते हैं. यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप लोन के जरिए कैसे टैक्स बेनिफिट पा सकते हैं.

किसी बैंक से लोन लेने पर आपको तय ब्याज दर के साथ इसे चुकाना भी होता है. लेकिन बैंक की ओर से दिए गए इस लोन पर आप टैक्स डिडक्शन का दावा भी कर सकते हैं. हालांकि ये बात, लोन की रकम किस उद्देश्य से खर्च की गई है पूरी तरह से इस पर निर्भर करता है.

ये बात आपको जाननी चाहिए कि "आप होम लोन लेने पर इनकम टैक्स एक्ट 1961 के तहत अपने प्रिंसिपल रिपेमेंट पर और ब्याज रिपेमेंट राशि पर टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं."

होम लोन पर मिलेगा फायदा :

होम लोन पर आप टैक्स बेनिफिट प्राप्त कर सकते हैं. ये बात आप जानते ही हैं कि लोन की ईएमआई (इक्वेटिड मंथली इंस्टॉलमेंट) के दो हिस्से होते हैं

– मूलधन (प्रिंसिपल) और

– ब्याज (इंटरेस्ट).

आप प्रिंसिपल रिपेमेंट और लोन के ब्याज के भुगतान पर टैक्स कटौती की मांग कर सकते हैं. इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 80 सी के तहत प्रिंसिपल रिपेमेंट पर टैक्स डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं और सेक्शन 24 बी के तहत ब्याज रिपेमेंट राशि पर.

अगर आपने होम लोन घर खरीदने के उदेश्य से लिया है तो ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा घर का पजेशन मिलने पर निर्भर करता है. हालांकि टैक्स बेनेफिट प्रॉपर्टी के पूरा होने पर ही क्लेम किया जा सकता है. इस पर शर्त यह होती है कि यह लोन किसी बैंक या फिनांशियल इंस्टीट्यूशंस (एनबीएफसी) से लिया गया हो. निर्माणाधीन प्रॉपर्टी खरीदने पर तब तक डिडक्शन की मांग नहीं की जा सकती जब तक प्रॉपर्टी पूर्ण रूप से निर्मित नहीं होती और आपको उसका पजेशन नहीं मिलता.

एजुकेशन लोन भी देगा फायदा :

उच्च शिक्षा के लिए अगर लोन लिया गया है तो ब्याज के रिपेमेंट पर टैक्स कटौती की मांग की जा सकती है. ये लोन, स्वयं के लिए या पत्नी और बच्चों के लिए लिया जा सकता है. यह बैंक, वित्तीय संस्थान या किसी मान्यता प्राप्त चैरिटेबल संस्थान से लिया जा सकता है.

ध्यान रहे कि होम लोन या पर्सनल लोन घर खरीदने के लिए लिया है तो इस पर टैक्स कटौती की मांग की जा सकती है, लेकिन एजुकेशन लोन की स्थिति में प्रिंसिपल रिपेमेंट पर कोई टैक्स बेनिफिट नहीं मिलता.

दोनों हाथों से बल्लेबाजी करता है आईपीएल का यह खिलाड़ी

इंडियन प्रीमियर लीग 10 में डेविड वॉर्नर शानदार बल्लेबाजी कर रहे हैं. वॉर्नर के बल्ले ने सभी गेंदबाजों की नींद उड़ा रखी है. वॉर्नर आईपीएल में ना सिर्फ क्रिकेट के क्लासिक शॉट्स अच्छे खेलते हैं बल्कि इसके साथ-साथ वो स्विच हिट, रिवर्स स्वीप जैसे शॉट भी इतने बेहतरीन अंदाज से खेलते हैं कि विरोधी गेंदबाज परेशान हो जाता है और उसे समझ नहीं आता कि वॉर्नर के लिए फील्डिंग कैसी लगाई जाए.

आईपीएल के शुरुआती मैचों में डेविड वॉर्नर ने काफी संभलकर बल्लेबाजी की, उनका स्ट्राइक रेट इतना ज्यादा नहीं रहा लेकिन जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ा सनराइजर्स हैदराबाद का ये कप्तान आक्रामक होता चला गया.

वैसे तो क्रिकेट की दुनिया में कई ऐसे बल्लेबाज हैं जो रिवर्स स्वीप और स्विच हिट लगा लेते हैं लेकिन वॉर्नर से अच्छा इन शॉटों को और कोई बल्लेबाज नहीं खेलता. इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने वाले वॉर्नर दाएं हाथ से भी बल्लेबाजी कर लेते हैं.

जी हां जब वॉर्नर ने 13 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था तो उस दौरान उनके कोच ने उन्हें दाएं हाथ से बल्लेबाजी करने की सलाह दी थी क्योंकि वो बाएं हाथ से बल्लेबाजी करते हुए ज्यादातर शॉट्स हवा में खेलते थें. वॉर्नर ने कोच की सलाह पर एक सीजन तक दाएं हाथ से ही बल्लेबाजी की लेकिन इसके बाद वॉर्नर की मां ने उन्हें दोबारा बाएं हाथ से बल्लेबाजी करने को कहा जिसके बाद वॉर्नर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

वॉर्नर के अंदर इतनी गजब की प्रतिभा थी कि वो बिना कोई फर्स्ट क्लास मैच खेले सीधे ऑस्ट्रेलियाई टीम में सेलेक्ट हुए जो अब तक ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट इतिहास का रिकॉर्ड है. वॉर्नर आज दुनिया के सबसे खतरनाकर टेस्ट वनडे और टी-20 बल्लेबाज हैं. ऐसी कोई जगह नहीं, ऐसा कोई टूर्नामेंट नहीं जहां उनके बल्ले से रन नहीं निकलते. अब आईपीएल में भी वॉर्नर ऐसा ही कर रहे हैं. सनराइजर्स हैदराबाद के लिए वो ताबड़तोड़ रन बनाकर उसे मैच जिता रहे हैं.

क्या हैं गोल्ड बॉण्ड में निवेश के फायदे

इस फेस्टिव सीजन गोल्ड में निवेश करना चाहते है तो गोल्ड बॉण्ड एक बेहतर विकल्प है. निवेश के लिए सोने के सिक्के, गोल्ड फंड, गोल्ड ईटीएफ, गहने आदि तमाम लोकप्रिय विकल्प हैं, लेकिन इस सब के बीच गोल्ड बॉन्ड सोने में निवेश करने का एक अच्छा ऑप्शन है. गोल्ड बॉण्ड में निवेश करने के हैं 10 बड़े फायदें.

गोल्ड बॉण्ड में निवेश के फायदे

बेहतर रिटर्न

गोल्ड बॉण्ड में निवेश करने पर अच्छा ब्याज मिलता है. इसमें ब्याज सहित सोने की कीमतों में आई तेजी के अनुसार रिटर्न भी मिलता है. साथ ही आपको बता दें इसमें निवेश करने से डीमैट और ईटीएफ जैसे कोई शुल्क नहीं लगाए जाते हैं. गोल्ड बॉण्ड की ब्याज दर 2.75 फीसदी है. इस पर मिलने वाला ब्याज सोने के मौजूदा भाव के हिसाब से तय होता है.

निवेश के साथ बचत भी

सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए आप गोल्ड बॉण्ड को डिजिटल फॉर्म में सुरक्षित रख सकते हैं. दूसरी ओर आप इसे अपने घर या डीमेट एकाउंट में भी रख सकते हैं. इससे आपका लॉकर पर होने वाला खर्च भी बच जाएगा.

धोखाधड़ी की कोई चिंता नहीं

गोल्ड बॉण्ड में किसी तरह की धोखाधड़ी और अशुद्धता की संभावना नहीं होती है. गोल्ड बॉण्ड में मिलने वाला सोना शत प्रतिशत शुद्ध सोने की ही वैल्यु देता है.

कैपिटल गेन टैक्स की बचत

गोल्ड बॉण्ड की कीमतें सोने की कीमतों में अस्थिरता पर निर्भर करती है. सोने की कीमतों में गिरावट गोल्ड बॉण्ड पर नकारात्मक रिटर्न देता है. इस अस्थिरता को कम करने के लिए सरकार लंबी अवधि वाले गोल्ड बॉण्ड जारी कर रही है. इसमें निवेश की अवधि 8 वर्ष होती है, लेकिन आप 5 वर्ष के बाद भी अपने पैसे निकाल सकते हैं. पांच वर्ष के बाद पैसे निकालने पर कैपिटल गेन टैक्स भी नहीं लगाया जाता है.

गोल्ड बॉण्ड यानी सरकारी गारंटी

गोल्ड बॉण्ड भारत सरकार की ओर से दी गई सॉवरन गारंटी होती है. लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि यह हमेशा सकारात्मक रिटर्न्स ही देगा.

बढ़वा सकते हैं गोल्ड बॉण्ड की मैच्योरिटी

गोल्ड बॉण्ड की अवधि मैच्योरिटी पीरियड के बाद तीन वर्ष के लिए और बढ़वाई जा सकती है. इसकी मदद से मैच्योरिटी के समय बाजार के नकारात्मक संकेतों से बचा जा सकता है.

गोल्ड बॉण्ड के गुणांक

गोल्ड बॉण्ड सोने के एक निश्चित वजन के आधार पर जारी किए जाते हैं. इसकी एक यूनिट एक ग्राम गोल्ड होती है. इसे एक ग्राम के गुणांक में ही लिया जा सकता है. आपको बता दें कि आप 500 ग्राम के अधिक गोल्ड बॉण्ड नहीं ले सकते हैं. यह कई गुणांक में उपलब्ध है, लेकिन इसको खरीदने के लिए एक तय सीमा है. आप न्यूनतम दो ग्राम और अधिकतम 500 ग्राम के गुणांक में खरीदारी कर सकते हैं. इसमें निवेश करने के लिए कम से कम 5000 से 6000 रुपए इंवेस्ट करना अनिवार्य है. इसकी न्यूनतम और अधिकतम सीमा एक साल हैं.

गोल्ड बॉण्ड को खरीदना बेहद आसान

गोल्ड बॉण्ड को किसी भी एसबीआई ब्रांच, पोस्ट ऑफिस, स्टॉकहोल्डिंग कॉरपोरेशन और एनएसई व बीएसई आदि के माध्यम से खरीदा जा सकता है.

सेकेण्डरी मार्केट में गोल्ड बॉण्ड की ट्रेडिंग

गोल्ड बॉण्ड में न्यूनतम 5 वर्षों का लॉक इन पीरियड होता है. यदि आपको 5 वर्षों से पहले पैसों की जरूरत होती है तो आपको बता दें कि यह सेकेण्डरी मार्केट में लिस्टिड है. यानि कि आप जब चाहें किसी भी अन्य व्यक्ति को गोल्ड बॉण्ड सेकेण्डरी मार्केट के जरिए बेच सकते हैं. एनएसई और बीएसई बॉण्ड में ट्रेड करने की सुविधा देता है. आप अपना डीमेट गोल्ड बॉण्ड एनएसई के रजिस्टर्ड ब्रोकर्स के जरिए भी बेच सकते हैं. बॉण्ड की कीमतें बाजार पर निर्भर करती हैं. सेकेण्डरी मार्केट (एनएसई और बीएसई) के जरिए गोल्ड बॉण्ड खरीदा भी जा सकता है.

गोल्ड बॉण्ड के एवज में लोन

जरूरत पड़ने पर गोल्ड बॉण्ड के एवज में बैंक से लोन भी लिया जा सकता है. गोल्ड बॉण्ड पेपर को लोन के लिए कोलैटर्ल के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. यह पोस्ट ऑफिस की नैश्नल सेविंग सर्टिफिकेट के जैसा होता है.

घर बैठे-बैठे रैम बढ़ाकर अपने लैपटॉप को बनाएं सुपरफास्ट

लैपटॉप में रैम काफी अहम होती है. कई बार लोग अपने लैपटॉप की धीमी स्पीड को लेकर परेशान रहते हैं. इसके लिए वो कई अलग-अलग तरीके भी अपनाते हैं, जिससे उनके लैपटॉप की स्पीड ठीक हो जाए.

क्या आप जानते हैं कि इसका एक बड़ा कारण रैम हो सकती है? इस परेशानी से निपटने के लिए हम आपके लिए एक ऐसा तरीका लाएं हैं, जिससे आप अपने लैपटॉप की रैम यानि कि मेमोरी को खुद बढ़ा सकते हैं. यह तरीका बेहद आसान है. इसके लिए आपको नीचे लिखे कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे.

1. इसके लिए सबसे पहले आप अपने लैपटॉप को ऑफ कर दें और ध्यान रहे कि लैपटॉप चार्जिंग पर न हो. अब लैपटॉप के पैनल को जो कि लैपटॉप के बैक में है, उसे खोलें.

2. ये काम आपको थोड़ी सावधानी से करना होगा. यहां आप देखेंगे की आप के लैपटॉप में दो मेमोरी स्लॉट दिए गए हैं. आमतौर पर लैपटॉप की मेमोरी ऊपर के स्लॉट में ही लगी होती है. अब आपको ऊपर के स्लॉट में दी गई मेमोरी को हटाकर नीचे वाले स्लॉट में इंस्टॉल करनी होगी. इसे निकालने के लिए आपको स्लॉट्स के साइड में दी गई क्लिप्स को पुश करना होगा. ध्यान रहे की इस चिप को इसके एजेस (edges) से पकड़ कर ही निकालें.

3. नीचे वाले स्लॉट में इसे आराम से प्रेस कर इंसर्ट करें. जब आपको क्लिक की आवाज मिले, तब समझ जाएं की मेमोरी फिट हो चुकी है.

4. इसके बाद नई रैम (मेमोरी) को ऊपर के स्लॉट में इंस्टॉल कर दें. अब क्लिप्स को वापस पुश कर सेट कर दें और पैनल को बंद कर दें.

5. अब लैपटॉप ऑन करके सिस्टम इनफार्मेशन विंडो और टस्क मैनेजर में जाकर नई मेमोरी को वेरीफाई कर दें.

ममता को हिजड़ा कहते दिखाई मर्दानगी

इधर महिलाओं की चिंता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुबले हुये जा रहे हैं, तो उधर पश्चिम बंगाल में एक भाजपा नेता श्यामपदा मण्डल ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सरेआम हिजड़ा कहकर अपनी विकृत मानसिकता उजागर करने के साथ साथ यह भी जता दिया है कि दरअसल में पौराणिकवादी स्त्री अस्मिता का स्वांग भर करते हैं नहीं तो उनकी नजर में आज भी औरत दोयम दर्जे की होकर ढ़ोल, गंवार, शूद्र ,पशु वाली श्रेणी में होकर ताड़ना की ही अधिकारी है. मण्डल ने मिदनापुर में भाजपा कार्यकर्ताओं की एक मीटिंग में साफ साफ कहा कि समझ में नहीं आता कि ममता बनर्जी आदमी हैं या औरत, वो तो हिजड़ा बन चुकी हैं, जैसा कि आप ट्रेनों और बसों में देखते हैं.

इस बयान को महज राजनैतिक खीज या भड़ास कहना या समझना श्यामपदा मण्डल जैसे पुरुषवादी नेता पर मेहरबानी ही होगी, नहीं तो वही बेहतर जानते और मानते हैं कि औरत को जुए की फड़ पर दांव पर लगाना और भरी सभा में उसका चीरहरण करना ही असल मर्दानगी है. मर्यादा की आड़ में उसके चरित्र पर शक करते उसकी अग्नि परीक्षा लेने से बड़ा पुरुषत्व कुछ और नहीं वह भी तब जब वह गर्भवती हो. हैरानी और तरस खाने वाली बात भाजपा आलाकमान, अमित शाह और नरेंद्र मोदी की चुप्पी है मानों उन्होंने कुछ सुना ही नहीं और अगर ऐसा कह भी दिया तो कहां का पहाड़ टूट पड़ा.

यह वही भाजपा है जिसने कभी सपा मुखिया मुलायम सिंह के बलात्कार संबंधी बयान पर आसमान सर पर उठा लिया था कि यह तो औरतों की बेइज्जती है. ममता बनर्जी को उनकी ही पार्टी के नेता ने जो इज्जत बख्शी उस पर ध्रतराष्ट्र की तरह आंखे बंद किए भाजपा बैठी है तो तय है वह बंगाल की शेरनी कही जाने वाली ममता बनर्जी का जादू और दबदबा तोड़ नहीं पा रही है, इसलिए इस तरह के घटिया और अश्लील बयानों से उनका मनोबल तोड़ने की तो कोशिश कर ही रही है साथ ही ममता समर्थकों को हिंसा के बाबत उकसा भी रही है.

मैं अपनी बहन के साथ फिल्म करना चाहती हूं : परिणीति चोपड़ा

हिंदी फिल्मों में चुलबुला अभिनय करने वाली अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा स्वभाव से भी विंदास है. ‘लेडी वर्सेज रिकी बहल’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाली परिणीति को पहली फिल्म में ही काफी सफलता मिली. इसके बाद उन्होंने ‘इशकजादे’, ’शुद्ध देसी रोमांस’, ‘हंसी तो फंसी’ आदि फिल्मों में काम किया. फिल्मों से अधिक परिणीति ने विज्ञापनों में काम किया. कुछ समय तक वे फिल्मों से दूर रहीं और अपना वजन घटाने में व्यस्त रहीं. जल्द ही उनकी फिल्म ‘मेरी प्यारी बिंदु’ रिलीज होने जा रही है. इस फिल्म के संबंध में उनसे मिलना रोचक था. पेश है परिणीति से हुई बातचीत के कुछ अंश…

प्र. ये फिल्म आपकी दूसरी फिल्मों से कितनी अलग है?

ये फिल्म मेरे लिए एक बहुत अलग फिल्म है. मैंने जब इसकी स्क्रिप्ट पढ़ी तो मुझे लगा कि इस तरह की फिल्में अभी तक दर्शकों ने देखी नहीं है. इस फिल्म में जैसे जीवन के हर एक भाग से एक गाना जुड़ा हुआ है, जो एक कहानी कहता है. ऐसी फिल्म बॉलीवुड में अब तक नहीं कभी बनी है. इस फिल्म की लव स्टोरी एक ऐसी कहानी है, जैसी जर्नी हमने फिल्मों में कभी देखी नहीं है, इसलिए मुझे ये फिल्म करना रोचक लगा.

प्र. किसी फिल्म को चुनते वक्त किस बात का ध्यान रखती हैं?

किसी भी फिल्म में, उसकी स्क्रिप्ट और भूमिका मुख्य होती है. इसके अलावा फिल्म का निर्देशक कौन है, ये बात भी मैं अवश्य देखती हूं. किसी फिल्म को ना करना मुश्किल होता है, क्योंकि हर निर्देशक के लिए उसकी फिल्म उसके दिल का टुकड़ा होता है, पर जिस फिल्म की कहानी मैं पसंद नहीं करती या जिसे करने में मुझे दिल से खुशी नहीं होती, उस फिल्म को करने के लिए प्रेशर में हां कहकर मैं उस फिल्म के साथ न्याय नहीं कर पाउंगी.

प्र. आप हमेशा विंदास गर्ल की भूमिका निभाती है, क्या आपको लगता है कि आज की जेनरेशन भी ऐसी ही है?

नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं है. हां बिंदु एक विंदास लड़की है, जो अपना हर काम आधा करके छोड़ देती है. उसकी कोई प्लानिंग नहीं है. मेरे हिसाब से आज की जेनरेशन ऐसी नहीं है. वे लोग अपने उद्देश्य पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. वे जानते कि उन्हें करना क्या है और उसी को पाने के लिए वे मेहनत भी करते हैं. इस फिल्म में मेरा चरित्र भी वैसा ही है कि मैं अपने ‘गोल’ को पाना चाहती हूं, पर कभी-कभी केयरलेस हो जाती हूं. पर रियल लाइफ में, मैं ऐसी बिल्कुल नहीं हूं.

प्र. इस फिल्म में आपने आशा भोसले के गाने गाये है. ये आपके लिए कितना मुश्किल था?

मैंने उस तरह से नहीं सोचा कि ये आशा जी का गाना है. बस मुझे उनका ये गीत पसंद है. मुझे गाना आता है और मुझे मौका मिला तो मैंने गा लिया, हां लेकिन इतना मैं चाहती थी कि मेरा गीत भी सब उतना ही पसंद करें, जितना आशा जी के गीतों को पसंद करते हैं. ये गीत गाते वक्त किसी प्रकार का प्रेशर नहीं था, क्योंकि उनके गीत तो हमेशा उनके ही रहेंगे.

प्रफिल्म का कौन सा पार्ट मुश्किल था?

कोलकाता की गर्मी में, फिल्म के लिए शूटिंग करना बहुत मुश्किल था.

प्र. आप किसी कंट्रोवर्सी को कैसे लेती है? क्या कभी ऐसा हुआ कि आपने बोला कुछ और लिखा कुछ और गया हो, और ऐसा होने पर आप क्या करती हैं?

पहले तो देखना पड़ता है कि किस बात को लेकर आलोचना की जा रही है. अगर मैंने कुछ गलत किया है, जो मुझे करना नहीं चाहिए था, तो ऐसे में मुझे पता होता है कि मुझे सुनना पड़ेगा और मैं उसके लिए तैयार रहती हूं. मैं ऐसी परिस्थितियों से निकलना जानती हूं. कई बार जो कहती हूं, उसे मीडिया तोड़ मरोड़ कर लिखती है. तब मुझे बहुत बुरा लगता है और मैं कुछ भी बोलने से डरती हूं, क्योंकि मीडिया कई बार ऐसे प्रश्न पूछती है जिसका ज्ञान मुझे नहीं होता.  मुझे जो पसंद है, जिसके बारे में मैं जानती हूं, उसे अगर आप पूछते हैं, तो मैं बता सकती हूं, पर बिना जाने अगर मैंने मुंह खोला, तो उसे गलत बना दिया जाता है. इस बात का का बहुत दुःख होता है. मैं एक पढ़ी-लिखी लड़की हूं और जितना समय मिलता है, मैं हमेशा अपना ज्ञान बढ़ाने की कोशिश करती हूं.

प्र. फिल्मों में आने के बाद आपने अपने आप को पूरी तरह से बदला है, ये किसी दबाव में किया है या फिर आप खुद ही फिट रहना पसंद करती हैं?

ये बात सही है कि इंडस्ट्री में आने के बाद, मुझे फिटनेस पर ध्यान देना पड़ा. इसके अलावा मेरा शरीर भी वजन की वजह से बहुत सफर कर रहा था. पिछले 12 सालों से मेरा वजन कम करने का प्रयास चल रहा था. और जो आप देख रहे हैं, मेरी ये काया 12 साल की मेहनत का ही फल है. ये मेरे लिए बहुत बड़ा संघर्ष था. इंडस्ट्री का प्रेशर यही था की मुझे पर्दे पर और अधिक सुंदर लगना है.

हर महिला को अपने वजन का ध्यान रखना चाहिए. वजन घटने से बहुत अधिक फायदा मुझे मिला है. मैं काफी देर तक काम करने के बाद भी थकती नहीं हूं. पहले, मैं 4 घंटे की शिफ्ट में ही थक जाती थी पर अब ऐसा नहीं होता. अब तो मैं अपने पुराने सारे कपड़े भी पहन सकती हूं.

प्र. क्या रोमांटिक फिल्म के अलावा कुछ और फिल्में करने की इच्छा रखती हैं?

क्यों नहीं, मैंने केवल 6 फिल्में ही की हैं. मुझे और भी फिल्में करनी है. मुझे अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है. लव स्टोरीज मेरी ‘फेवोरिट’ हैं, लेकिन इसके अलावा मैं कॉमेडी, एक्शन, ड्रामा, वेस्टर्न फिल्म और किसी भी भाषा में फिल्में करना पसंद करूंगी.

प्र. फिल्मों में आने के बाद लाइफ कितनी बदली है?

मैं बहुत बदली हूं. मुझे अपना काम पसंद है. मैं मेहनत भी कर सकती हूं, लेकिन मैं पूरे साल काम नहीं कर सकती. मुझे काम के साथ-साथ परिवार और दोस्तों के साथ रहना पसंद है. उसे मैं ‘मिस’ नहीं कर सकती इसलिए बीच-बीच में ब्रेक लेकर उसे पूरा करती हूं. मुझे काम और परिवार के बीच सामंजस्य बैठाना आता है. मैं ‘स्कूबा डाइविंग’ के लिए जाती हूं, छुट्टियाँ अपने परिवार के साथ मनाती हूं. काम के साथ-साथ मैं अपने शौक भी पूरे करती हूं, लेकिन बहुत ख्याल भी रखना पड़ता है कि मैं कुछ ऐसा पहन न लूं, जिसे फोटोग्राफर को पिक्चर खीचने का मौका मिल जाए. हां ये सब थोड़ा खराब लगता है, जो पहले नहीं था.

प्र. अधिकतर यूथ इंडस्ट्री की चकाचौंध को देखकर मुंबई एक्टिंग के लिए आ जाते है. उनके लिए क्या मेसेज देना चाहती है?

मैं अपने लाइफ से उन्हें बताना चाहती हूं कि जितना ग्लैमर फिल्मों दिखाया जाता है, उतना होता नहीं है. न तो सबकुछ आसान है और न ही मुमकिन. असल जिंदगी में अभिनय करने के लिए बहुत मेहनत लगती है. मैं अगर तीन दिन तक सोई भी नहीं हूं, तब भी मेरा चेहरा सुंदर दिखना चाहिए. लॉन्ग शिफ्ट, लॉन्ग ट्रेवलिंग आदि सब कुछ करना पड़ता है. यूथ को इसके लिए तैयार रहना चाहिए, ताकि वे किसी भी चुनौती को स्वीकार कर सकें.

प्र. क्या आपका कोई ड्रीम प्रोजेक्ट है?

मैं अपनी बहन प्रियंका चोपड़ा के साथ एक फिल्म करना चाहती हूं.

पावर बैंक खरीदने से पहले इन बातों का रखे ध्यान

कई बार ऐसा होता है कि आप कही घूमने गए हैं और आपके फोन की बैटरी खत्म हो गई. ऐसे में आपके दिमाग में ख्याल आएगा कि काश मेरे पास भी पावर बैंक होता. यदि अब पावरबैंक खरीदने का सोच रहे हैं, लेकिन बाजार में बिक रहे तमाम पावर बैंक को देखकर कन्फ्यूज हैं. तो आपको बताते हैं कि पावर बैंक खरीदते समय किन-किन बातों का ख्याल रखना चाहिए.

पावर बैंक की कैपेसिटी

पावर बैंक खरीदते समय सबसे पहले आपको ये देखना होता है कि उसकी कैपेसिटी कितनी है. यहां कैपेसिटी का मतलब पावर बैंक के mAh से है. यह भी चेक करें कि पावर बैंक से निकलने वाला आउटपुट वोल्टेज आपके फोन के लिए उचित है या नहीं. यदि आउटपुट वोल्टेज फोन के चार्जिंग से कम है तो फोन चार्ज नहीं होगा. जैसे- यदि आपके फोन की बैटरी 1,500mAh की है तो आपको 3,000mAh या इससे ज्यादा पावर का पावर बैंक खरीदना चाहिए.

क्वालिटी और सेफ्टी

पावर बैंक खरीदते समय उसकी क्वालिटी का पूरा ख्याल रखें. जैसे- वह कितनी जल्दी फोन को चार्ज करता है और चार्चिंग कितनी देर चलती है, क्योंकि खराब क्वालिटी के पावर बैंक आपके फोन को भी खराब कर सकते हैं.

USB चार्जिंग ऑप्शन

पावर बैंक की सबसे बड़ी खासियत ये होती है उसमें चार्जिंग के लिए कई सारे पोर्ट हों. यानी कई सारे फोन चार्ज हो सकें. पावर बैंक में कई टाइप के कनेक्टर पोर्ट होने चाहिए जिससे मोबाइल और टैबलेट भी चार्ज हो सकें.

LED इंडिकेटर

पावर बैंक में LED इंडिकेटर का होना बहुत जरूरी है. इससे पता चलता है कि बैटरी लेवल कितनी है और पावर बैंक कितना चार्ज हो चुका है. इसलिए एलईडी इंडीकेटर वाला ही पावर बैंक खरीदें.

ब्रांड

पावर बैंक जब भी खरीदें तो ब्रांडेड ही खरीदें. इसका फायदा आपको ये होगा कि आपको पावर बैंक में बैटरी और चार्जिंग सर्किट बेहतर मिलेंगे, क्योंकि आपके फोन की कीमत पावर बैंक से कहीं ज्यादा है.

सेफ्टी

चाहे दुनिया का कोई भी काम हो. सेफ्टी का ख्याल रखना ही होता है. कई यूजर्स रात के सोते समय मोबाइल को पावर बैंक के साथ चार्ज में लगा देते हैं. ऐसे में खराब बैटरी वाले पावर बैंक ब्लास्ट भी कर सकते हैं. बेहतर होगा कि लिथियम-पॉलीमर बैटरी वाले पावर बैंक ही खरीदें. सेप्टी के मामले में लिथियम बैटरी बेहतर है.

जानें क्रिकेटर्स के आदर्श खिलाड़ियों के बारे में

हर व्यक्ति किसी ना किसी से प्रभावित होता है. और जब बात क्रिकेटर्स के फैन की हो तब ये फैन्स अपने पसंदीदा खिलाड़ी के हर स्टाइल, हर अंदाज के दीवाने होते हैं, उनको फॉलो करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये क्रिकेट खिलाड़ी भी किसी ना किसी को अपना आदर्श मानते हैं, जिनको देख कर वो बड़े हुए जिनसे खेल की बारिकियों को सीखा. ये जरूरी नहीं कि खिलाड़ी जिसको अपना आदर्श मानते हो वो एक ही देश का हो या एक ही खेल से संबंध रखता हो. आइए कुछ ऐसे ही खिलाड़ियों और उनके आदर्श खिलाड़ियों के बारे में जानते हैं.

सचिन तेंदुलकर

क्रिकेट के इतिहास की मिसाल बन चुके सचिन तेंदुलकर को आदर्श मानने वाले खिलाड़ी और उनके प्रशंसक पूरी दुनिया में मिल जाएंगे. आज के दौर का लगभग हर खिलाड़ी सचिन को खेलता देखकर बड़ा हुआ है. लेकिन क्या आपको पता है कि सचिन किसको अपना आदर्श मानते हैं, कौन है वो महान खिलाड़ी जिसे देखकर सचिन प्रेरणा ली, ये कोई और नहीं बल्कि वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज विवियन रिचर्ड्स और भारत के महान सलामी बल्लेबाज सुनील गावस्कर हैं.

सचिन सर विवियन रिचर्ड्स को अपना रोल मॉडल मानते है और उनके साथ ना खेल पाने का उनको मलाल है. विवियन रिचर्ड्स भी सचिन की तारीफ करते हुए अक्सर कहते हैं कि उन्होंने जितने भी खिलाड़ियों को खेलते देखा है सचिन उनमें बेस्ट हैं. सचिन ने अपने शुरूआती दिनों से ही सुनील गावस्कर को अपना मेंटर माना है सचिन को जब भी अपने खेल के बारे में किसी सलाह की जरूरत पड़ी उन्होंने गावस्कर की सलाह ली. सचिन के ट्रेडमार्क स्ट्रेट डाइव में गावस्कर की झलक देखी जा सकती है.

स्टुअर्ट ब्रॉड

इंग्लैंड टीम की तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड क्रिकेट के इस खेल में अपने चीर प्रतिद्वंदी टीम ऑस्ट्रेलिया के महान तेज गेंदबाज ग्लेन मैक्ग्रा को अपना आदर्श खिलाड़ी मानते हैं. ब्रॉड बचपन से ही ऑस्ट्रेलियाई पेस लेजेंड को फॉलो करते हैं और उनके जैसा बनना चाहते थे. आज विश्व क्रिकेट में ब्रॉड की एक अलग पहचान है लेकिन आज भी उनके हीरो मैक्ग्रा ही हैं.

विराट कोहली

मौजूदा समय के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में शामिल भारतीय कप्तान विराट कोहली भारत के ही महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानते हैं. वैसे तो सचिन को चाहने वाले दुनिया के हर कोने में मिल जाएंगे, लेकिन विराट जैसा फैन मिलना सचिन के लिए बड़ी बात है. विराट कहते है कि उन्होंने सचिन को देखकर ही क्रिकेट खेलना शुरू किया उन्हीं से प्रेरित होकर उनके अंदर भारत के लिए खेलने का जज्बा आया. विराट भी उन लकी खिलाड़ियों में से एक हैं जिनको क्रिकेट के मैदान पर अपने आदर्श खिलाड़ी के साथ खेलने का मौका मिला उनसे खेल की बारिकियां सीखी.

सचिन भी विराट की प्रतिभा के कायल हैं, सचिन ने विराट की तारीफ करते हुए कहा था कि उनके 100 शतकों के रिकॉर्ड को अगर कोई तोड़ सकता है तो वो विराट और रोहित शर्मा हैं. विराट कोहली भी अपने आदर्श खिलाड़ी की बातों को पूरा करने में जुटे हुए हैं और तेजी से सचिन के बहुत सारे रिकॉर्ड अपने नाम करते जा रहे हैं.

मुस्तफिजुर रहमान

बांग्लादेशी क्रिकेट की नई पेस सनसनी मुस्तफिजुर रहमान पाकिस्तान के युवा तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर को अपना आदर्श मानते हैं. भारत के खिलाफ अपनी पहली ही सीरीज में कमाल की गेंदबाजी से सबके चहेते बने मुस्तफिजुर रहमान अपने आदर्श गेंदबाज मोहम्मद आमिर से लगभग 4 साल छोटे हैं.  

माइकल क्लार्क

अपने शानदार खेल के लिए जानें जाने वाले वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज ब्रायन लारा के पूरी दुनिया में करोड़ों दीवाने होगें, क्रिकेट खेलने वाले लाखों क्रिकेटर उनके खेल को देखकर बहुत कुछ सीखते होंगे लेकिन उनको अपना आदर्श मानने वालों में एक नाम और भी है जो बहुत खास है, ये नाम कोई और नहीं बल्कि ऑस्ट्रेलिया के माइकल क्लार्क का है. माइकल क्लार्क बचपन से ही लारा के खेल के दीवाने रहे हैं, उन्होंने क्रिकेट के खेल में लारा से बहुत कुछ सीखा. लारा की बड़ी पारियां खेलने की कला और उनके शानदार फुटवर्क के क्लार्क कायल क्लार्क उन भाग्यशाली खिलाड़ियों में से एक हैं जिनको अपने आदर्श के खिलाफ खेलने का मौका मिला.

मोहल्ले की लव स्टोरी के साथ दिखेंगे राजकुमार और श्रुति

एक्टर राजकुमार राव की अपकमिंग फिल्म “बहन होगी तेरी” का ट्रेलर रिलीज कर दिया है. ट्रेलर देखने के बाद एक बात तो साफ है कि यह फिल्म इस साल की एक मजेदार कॉमेडी फिल्म साबित होगी. 2 मिनट और 46 सैकेंड के इस ट्रेलर में आस-पड़ोस और मोहल्ला वाला रोमांस दिखाया गया है. इस फिल्म में राजकुमार राव और श्रुति हसन की एक फ्रेश जोड़ी दर्शकों को देखने को मिलेगी. इन दोनों के अलावा बिग बॉस-8 के विनर गौतम गुलाटी भी इस फिल्म में नजर आएंगे. दर्शक उन्हें फिल्म अजहर में भी देख चुके हैं.

ट्रेलर में दिखाया गया है ​कि राजकुमार (गट्टू) जो अपने पड़ोस में रहने वाली लड़की श्रुति हसन (बिन्नी) से बचपन से प्यार करता है लेकिन उस मोहल्ले में रहने वाले सभी लोगों का मानना है कि पड़ोस में रहने वाली हर लड़की आपकी बहन होती है. बिन्नी के भाई उसकी शादी गौतम गुलाटी से करवाना चाहते हैं. बस यहीं से बिन्नी और गट्टू की लव स्टोरी में अलग मोड़ आता हैं. मोहल्ले पड़ोस की लव स्टोरी में कॉमेडी का अच्छा तड़का लगाने की कोशिश की गई है.

इसके कुछ दिनों पहले फिल्म “बहन होगी तेरी” का पोस्टर रिलीज किया गया था जिसमें राजकुमार भगवान शिव के अवतार में नजर आए. अलावा फिल्म के मेकर्स ने ट्रेलर से पहले फिल्म का ए​क गाना रिलीज किया था, जोकि भक्तिमय सॉन्ग है. इस गाने को काले चश्मे की धुन पर बनाया गया है. मतलब धुन काले चश्मे वाली है जिसमें कि शेरावाली को मनाने वाले लिरिक्स डाले गए हैं. अजय पन्ना लाल द्वारा निर्देशित “बहन होगी तेरी” 2 जून को रिलीज होगी.

श्रुति को आखिरी बार अक्षय कुमार के साथ 2015 में आई फिल्म गब्बर इज बैक में देखा गया था. वहीं इस साल राजकुमार की कई फिल्में रिलीज होंगी. राजकुमार की बात करें तो हाल ही में उनकी फिल्म “ट्रैप्ड” रिलीज हुई थी जिसमें उनकी एक्टिंग को काफी पसंद किया गया. इसके अलावा इस साल उनकी “ओमेर्टा”, “न्यूटन”, “बरेली की बर्फी” और “शिमला मिर्च” देखने को मिलेंगी.

आपने कराया ट्रैवल इंश्योरेंस?

गर्मियों की छुट्टियां आते ही हर कोई घूमने की प्लानिंग करने लग जाता है. प्लानिंग देश के भीतर घूमने की हो या फिर देश के बाहर आपको तमाम छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखने की जरूरत होती है.

अक्सर देखा जाता है कि ट्रेन छूट जाना, फ्लाइट मिस हो जाना या कैंसिल हो जाना और सामान कहीं खो जाना ऐसी परेशानियां हैं जिनसे लोगों को दो-चार होना पड़ जाता है. ये हमारे सफर का सारा मजा किरकिरा कर देती हैं. हालांकि अगर इस दौरान थोड़ी सावधानी बरतें तो आपका सफर खुशनुमा हो सकता है. ट्रैवल इंश्योरेंस इसका बेहतर उपाय है. यह आपका विशेष ख्याल रखता है.

आज हम आपको ट्रैवल इंश्योरेंस के बारे में बताने जा रहे हैं.

क्या होता है ट्रैवल इंश्योरेंस :

ट्रैवल इंश्योरेंस एक विशेष प्रकार का इंश्योरेंस होता है, जो कि यात्रा के दौरान (देश के भीतर या बाहर), मेडिकल खर्चों, ट्रिप कैंसिल होने, सामान खोने, फ्लाइट के दुर्घटनाग्रस्त होने या अन्य नुकसान की सूरत में आपको सुरक्षा प्रदान करता है.

ऐसे में यात्रा के दौरान आने वाली तमाम परेशानियों से बचने के लिए ट्रैवल इंश्योरेंस एक बेहतर विकल्प है. यह न सिर्फ आपको सफर में आने वाली तमाम मुसीबतों से बचाता है, बल्कि यह रास्ते में होने वाली समस्या से हुए नुकसान की भरपाई भी करता है.

आपको ट्रैवल इंश्योरेंस की जरूरत क्यों है?

अगर आप यूरोपीय देशों या अन्य किसी खास देश में छुट्टियां बिताने जा रहे हैं, तो आपके लिए ट्रैवल इंश्योरेंस लेना जरूरी है. शॉर्ट डोमेस्टिक ट्रिप में इस तरह के कवर की जरूरत नहीं होती है, लेकिन अगर आप लंबे टूर पर जा रहे हैं, तो चोरी और ट्रिप कैंसलेशन का कवर ले सकते हैं.

अगर आपके मौजूदा मेडिकल इंश्योरेंस में विदेश में भी इलाज का कवर है, होम इंश्योरेंस में ट्रैवलिंग के दौरान आपके सामान का बीमा है और आपके पास पर्सनल एक्सिडेंटल कवर है, तो आपको ट्रैवल इंश्योरेंस लेने की जरूरत नहीं है. लेकिन अगर आपके पास ये सभी इंश्योरेंस नहीं हैं, तो ट्रैवल इंश्योरेंस लें.

कितना लेना चाहिए कवर?

जानकारों की मानें तो यह आपकी ट्रैवल कॉस्ट का 4-8 फीसद होना चाहिए. इंश्योरेंस कंपनियां आमतौर पर कई कैटेगरी के तहत फिक्स्ड ऑप्शन देती हैं. इसकी रेंज 15,000-5,0000 डॉलर तक होती है, जो यात्रा की अवधि, बेनेफिट्स और ट्रैवल से जुड़े एरिया पर निर्भर करती है.

कब करना चाहिए आवेदन

ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी की अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन मौजूदा ट्रैवल पॉलिसी की कवरेज समाप्त होने से पहले किया जाना चाहिए. मौजूदा पॉलिसी की अवधि समाप्त होने से 7-10 दिन पहले एक्सटेंशन करवाना बेहतर रहता है. इतना ही नहीं पॉलिसीहोल्डर इसे यात्रा के दौरान भी एक्सटेंड करा सकता है. इसके लिए उसे केवल इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत होगी, बस.

क्या हैं फायदे…

• फ्लाइट डिले होने या कैंसिल होने से अगर आपकी यात्रा में देरी होती है तो ट्रैवल इंश्योरेंस आपके लिए मददगार साबित होता है. इस देरी के कारण इस दौरान होने वाले खर्च जैसे की खाना-पीना या होटल में रुकने का खर्चा भी कवर होता है.

• यात्रा के दौरान अगर आपका सामान खो जाता है या चोरी हो जाता है, तब भी इंश्योरेंस इसे कवर करने में मददगार होगा है. बैग खोना भी इसमें शामिल होता है.

• यात्रा के दौरान अगर किसी की आकस्मिक मृत्यु हो जाती है तो उस स्थिति में भी ट्रैवल इंश्योरेंस के पालिसी में तय कवरेज के हिसाब से आपके परिजनों को मदद मिलेगी.

• यात्रा के दौरान कोई सदस्य अगर बीमार हो जाता है, या किसी का एक्सीडेंट हो जाता है तब हास्पिटल का सारा खर्चा ट्रैवल इंश्योरेंस के कवर में आता है.

ट्रैवल इंश्योरेंस के प्रकार

डोमेस्टिक ट्रेवल इंश्योरेंस : डोमेस्टिक ट्रेवल इंश्योरेंस अपने कस्टमर को यात्रा के दौरान किसी भी तरह की इमरजेंसी जैसे दुर्घटना, सामान खो जाना या फिर मृत्यु हो जाने पर आर्थिक सहायता प्रदान करता है.

अंतरराष्ट्रीय यात्रा बीमा : यह बीमा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुविधा प्रदान करता है जैसे विदेश यात्रा के समय आपका पासपोर्ट या अन्य डॉक्यूमेंट खो जाए, आपका प्लेन हाइजेक हो जाए, या ट्रेवल के समय किसी अन्य तरह की परेशानी पेश आए या फिर यात्रा के समय दुर्घटना होने पर विदेश में चिकित्सा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करता है.

कॉर्पोरेट ट्रेवल इंश्योरेंस : इसके अंतर्गत उन कर्मचारियों को कवरेज मिलता है जो कर्मचारी घरेलू यात्रा या फिर विदेश यात्रा पर जाते है.

छात्र यात्रा बीमा : इस बीमा के अंतर्गत उन छात्रों को लाभ मिलता है जो उच्च शिक्षा पाने के लिए विदेश जाते है ये पालिसी उन छात्रों को कवरेज देती है जो विदेश में प्रॉफेशनल कोर्स करते है. इसके साथ ही यह छात्रों को मेडिकल कवरेज,पासपोर्ट खो जाने पर भी मदद करता है.

वरिष्ठ नागरिक यात्रा बीमा : वरिष्ठ नागरिक यात्रा बीमा के अंतर्गत 61 साल से लेकर 70 साल तक के लोग आते है जो इस यात्रा बीमा का लाभ प्राप्त करते है. इस यात्रा बीमा का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ लोगों की यात्रा को खुशनुमा बनाना होता है, जिसमे मेडिकल ट्रीटमेंट और कैशलेस हॉस्पिटल की सुविधा होती है.

परिवार यात्रा बीमा : परिवार यात्रा बीमा में पूरे परिवार का बीमा होता है इसमें यात्रा के समय किसी भी तरह की इमरजेंसी पड़ने पर सुविधा मिलती है पूरे परिवार को यात्रा के समय किसी भी परेशानी में आर्थिक मदद मिलती है.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें