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बाइक पर विश्व यात्रा का मकसद लोगों की बातें सुनना : आदित्य राज कपूर

हर इंसान के अपने कुछ शौक होते हैं, जिन्हें वह गाहे बगाहे पूरा करते रहते हैं. इसमें बॉलीवुड कलाकार भी पीछे नहीं हैं. हमने कुछ माह पहले आपको बताया था कि किस तरह अभिनेता अमित साध साइकल व बाइक पर यात्राएं करते रहते हैं. पर उनकी यात्राएं भारत तक ही सीमित है.

मगर बॉलीवुड के अपने समय के मशहूर अभिनेता शम्मी कपूर के बेटे आदित्य राज कपूर 5 जून से बाइक पर विश्व यात्रा पर निकल रहे हैं.

कौन हैं आदित्य राज कपूर

मशहूर अभिनेता स्व. शम्मी कपूर के बेटे और स्व. राज कपूर के भतीजे आदित्य राज कपूर अभिनेता व पूर्व व्यवसायी के साथ साथ बाइकर हैं. 17 साल की उम्र में बतौर सहायक निर्देशक राज कपूर व रणधीर कपूर के साथ काम करते हुए ‘बॉबी’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ व ‘धरम करम’ में सहायक निर्देशक रहे. फिर दूसरे क्षेत्र में नौकरी की. उसके बाद खुद व्यवसायी बन गए. लोनावाला, महाराष्ट्र में अम्यूजमेटं पार्क स्थापित किया. यूएई में एक टीवी चैनल ‘चैनल सेवन टू नाइन’ शुरू किया था. कुछ अन्य व्यवसायों से जुड़े रहें. उसके बाद ‘दिल तो बच्चा है जी’, ‘से यस टू लव’, ‘दिवानगी ने हद कर दी’ जैसी फिल्मों व टीवी सीरियल ‘एवरेस्ट’ में अभिनय किया.

उन्हे यात्राएं करने का शौक रहा है. उन्होंने एक ट्रौवलॉग ‘‘बाइक ऑन ए हाइक’ नामक किताब भी लिखी है, जिसे ‘ऐमेजॉन डॉट इन’ से खरीदा जा सकता है. वह अब तक मुंबई से चेरापूंजी, मुंबई से शोजा और वापसी 5500 किलोमीटर की यात्रा बाइक पर महज 25 दिन में तथा भारत, भूटान व नेपाल की 12820 किलोमीटर की यात्रा 73 दिनों में के अलावा अपनी पत्नी प्रीती कपूर के संग मुंबई से धर्मशाला 5022 किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं.

बाइक पर विश्व की यात्रा शुरू करने से पहले आदित्य राज कपूर ने हमसे बात की, जो इस प्रकार रही.

आदित्य राज कपूर की बाइक यात्रा पांच जून को मुंबई से शुरू होगी. जो कि रूस से यूरोप होते हुए भारत वापस आएगी. खुद आदित्य राज कपूर कहते हैं, ‘‘हम 5 जून 2017 को दोपहर बारह बजे मुंबई के जुहू इलाके में स्थित पृथ्वी थिएटर से रवाना होंगे. मुंबई से दिल्ली और दिल्ली से मास्को पहुंचेंगे. मास्को से वलाडिवोस्टॉक व यूरोप होते हुए पूरा विश्व भ्रमण कर वापस भारत आउंगा. यह पूरी यात्रा 45000 किलोमीटर की है,जिसे हम आठ से दस माह के अंदर पूरी करेंगे. मुझे खुशी है कि इस यात्रा का खर्च वहन करने के लिए कुछ स्पांसर्स तैयार हो गए हैं.’’

वह बताते हैं कि ‘‘मेरे पास दो बाइक हैं. एक बाइक ‘रॉयल इन्फील्ड क्लासिक 500 सीसी’ है, जिसे मैंने ‘बेबी ब्लू’ नाम दिया है. दूसरी बाइक ‘ट्म्फि बोन्नेविल्ले टी 100’ है, जिसे ‘सनबीम’ नाम दिया है.’’

बाइक पर विश्व भ्रमण के पीछे की अपनी सोच का जिक्र करते हुए आदित्य राज कपूर ने कहा, ‘‘मेरी इस यात्रा के पीछे एकमात्र सोच पूरे विश्व को जमीनी स्तर पर जानना व समझना है. हम विश्व के कुछ देशों में हवाई यात्रा करके गए हैं. यूएई सहित कुछ देशों में कुछ समय मैं रहा हूं. अन्य देशों के बारे में हमने किताबों या टीवी से कुछ जानकारी पायी है. पर हमने सोचा कि विश्व को नजदीक से समझा जाए. बाइक से यात्रा करने के पीछे मूल मकसद यही है कि बाइक पर सवारी करते हुए हम जमीन पर ही रहते हैं. हम चीजों को नजदीक से देख व समझ सकते हैं.’’

बाइक पर यात्रा करते समय किन लोगों से मिलना चाहेंगे?

इस सवाल पर उन्होने कहा, ‘‘हमारी इस यात्रा में हमारी मुलाकात हर तबके व हर तरह के इंसानों से होने वाली है. मैं दूसरे देश में रह रहे सिर्फ भारतीयों से ही नहीं मिलूंगा, बल्कि उन देशों के मूल निवासियों के संग भी बात करुंगा. हम आम इंसानों के साथ कुछ सेलेब्रिटी से भी मिलेंगे. कुछ देशों के मंत्री व राजनीतिज्ञों से भी हमारी मुलाकात होगी. कई देश के कुछ संगठनों की तरफ से हमें निमंत्रण मिला है. विश्व के लगभग हर देश के बाइकर संगठनों से हमें निमंत्रण मिला है. कुछ बाइकर हमारे साथ कुछ दूर की यात्रा भी करना चाहते हैं.’’

वह आगे कहते हैं, ‘‘यूं तो बाइक पर विश्व भ्रमण की यात्रा में में भारत से अकेले ही निकल रहा हूं लेकिन रास्ते में हमें कुछ बाइकर मिलेंगे, जो कुछ दूर तक हमारा साथ देंगे. कुछ लोगों ने पहले से ही हमारे साथ इस यात्रा में कुछ समय के लिए हमारा साथ देने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं. इस तरह मैं अपनी इस यात्रा में कभी अकेले चलूंगा, तो कभी मेरे साथ दूसरे देश के पांच छह बाइकर भी होंगे.’’

इस यात्रा के मकसद पर रोशनी डालते हुए आदित्य राज कपूर ने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘‘मैं किसी इंसान या किसी देश के निवासी से कुछ कहने या कोई संदेश देने के मकसद से यह यात्रा नहीं कर रहा हूं, बल्कि हमारा मकसद विश्व के हर कोने के लोगों को सुनना है. हम जिस देश के अंदर प्रवेश करेंगे, उस देश की सभ्यता व संस्कृति पर उस देश के मूल निवासियों की बात सुनने के साथ ही लोगों की समस्याओं, उनकी इच्छाओं, उनके सपने, उनके शौक आदि के बारे में उनकी मुंह जबानी बातें सुनूंगा. इस बाइक यात्रा के दौरान हमें हर देश के इतिहास, भूगोल, वहां की सभ्यत संस्कृति, धर्म व स्प्रिच्युआलिटी को समझने का अवसर मिलेगा.’’

अक्टूबर में होता मैच तो रन आउट नहीं होते रोहित

चैंपियंस ट्रॉफी में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जा रहे मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी हुए 319 रन बनाए. मुकाबले में तेजी से एक रन लेने की कोशिश में रोहित शर्मा 91 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन क्या आपको पता है कि अगर ये मैच अक्टूबर में खेला जाता तो रोहित रनआउट होने से बच जाते.

दलअसल आईसीसी 1 अक्टूबर 2017 से रन आउट के लिए नए नियम लागू करने जा रही है. बस यही नए नियम रोहित को बचा देते.

क्रिकेट के नियम तय करने वाली संस्था मैरिलबोर्न क्रिकेट क्लब (एमसीसी) ने क्रिकेट के नियमों में कई बदलाव किए हैं. रन आउट को लेकर भी एक बदलाव किया गया है. बदले गए नियम एक अक्टूबर 2017 से लागू होंगे.

पहले के नियम के अनुसार जब गेंद स्टंप में लगती है तब बल्लेबाज का बैट या बॉडी, पॉपिंग क्रीज में जमीन पर होनी चाहिए. यानी अगर बल्लेबाज पहले से पॉपिंग क्रीज में अपने बैट या बॉडी को ग्रॉउंडेड कर चुका है, लेकिन जब गेंद स्टंप पर लगी तब उसका बल्ला या बॉडी हवा में है तो उसे आउट दिया जाता था.

नए नियम के तहत बल्ला और बॉडी एक बार पॉपिंग क्रीज क्रॉस कर लेता है तो बल्लेबाज को आउट नहीं दिया जायेगा चाहे गेंद स्टंप में लगते वक्त उसका बल्‍ला हवा में ही क्‍यों न हो. यदि यह नियम अभी लागू होता तो रोहित शर्मा नॉट आउट होते.

मालूम हो कि रविवार को भारत और पाकिस्‍तान के बीच का महामुकाबला एकतरफा बनकर रह गया. विराट कोहली के नेतृत्‍व वाली टीम इंडिया ने बल्‍लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों में शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्‍तान को 124 रन (डकवर्थ लुईस नियम) से हरा दिया.

इस बैंक में मिलेगा पैसे जमा करने पर कैशबैक

भारतीय डिजिटल पेमेंट फर्म यानि कि पेटीएम ने पेमेंट बैंक लॉन्च कर दिया है. इसका सीधा मतलब कि आपका पेटीएम वॉलेट अब पेमेंट बैंक में भी बदल सकता है. पेटीएम ने कहा है कि अगले 3 सालों में कंपनी का लक्ष्य 500 मिलियन उपभोक्ताओं को अपने साथ जोड़ना है. पेटीएम ने बताया कि पेमेंट बैंक पहले साल में 31 ब्रांच और 3000 सर्विस प्वाइंट्स खोलने की तैयारी में है.

क्या होगा आपके पेमेंट बैंक का?

हमने आपको बताया कि अगर कोई आप अपना वॉलेट पेमेंट बैंक में ट्रांसफर नहीं करना चाहता है तो उसे पेटीएम बैंक को सूचित करना होगा. इसके लिए help@paytm.com पर मेल किया जा सकता है. ऐसे में अगर आपने कंपनी को सूचित कर दिया है तो आपका वॉलेट पेमेंट बैंक में ट्रांसफर नहीं होगा. इसके अलावा अगर आप के अकाउंट में पिछले 6 महीने में कोई ट्रांजैक्शन नहीं हुआ है तो आप की अनुमति के बाद ही PPBL में ट्रांसफर किया जाएगा.

कैसे करें पेटीएम पेमेंट बैंक अकाउंट के लिए आवेदन?

पेटीएम ने बताया है कि, मौजूद सभी वॉलेट अकाउंट को पेमेंट बैंक में तब्दील किया जाएगा. जिससे आप अपने बिलों का भुगतान करना जारी रख सकते हैं. इसके अलावा आप पेटीएम वॉलेट से जितना खर्च करते हैं, उतना खर्च कर सकते हैं. इसके लिए आप को सभी बैंकिंग सुविधाओ को पाने के लिए पेटीएम पेमेंट्स बैंक में साइन अप करना होगा. जिसके बाद आपको अपने KYC डिटेल्स की जाँच करानी होगी. साथ ही पेटीएम आप www.PaytmPaymentsBank.com या iOS में पेटीएम ऐप पर जाकर Request an invite पर क्लिक करना होगा.

इस पूरी प्रक्रिया के बाद आपको आपके रजिस्टर मोबाइल नंबर पर पर एक OTP (वन-टाइम-पासवर्ड) भेजा जाएगा. अब यबां आपको एक बॉक्स नजर आएगा, जिसमें OTP सबमिट करना होगा. वेरिफिकेशन होने के बाद, अब आप पेटीएम पेमेंट बैंक invite करने के लिए रजिस्टर्ड होंगे.

इस प्रक्रिया के खत्म होने के बाद, आपको पेटीएम की ओर से इंवाइट की सूचना दी जाती है. जिसके बाद आप पेटीएम पेमेंट्स बैंक के साथ एक बैंक अकाउंट सेटअप करने के लिए योग्य हो जाते हैं. पेटीएम भी बाकि सभी बैंकों की तरह ही आप को एक चेक बुक, डिमांड ड्राफ्ट और डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं देता है. इसके लिए आप को एक न्यूनतम चार्ज देना होगा, जो इंडस्ट्री स्टैण्डर्ड के अनुसार निर्धारित है. आप पेटीएम पेमेंट्स बैंक में जीरो मिनिमम बैलेंस से अकाउंट खोल सकते हैं.

पेटीएम ने आपको जमाराशि पर कैशबैक देने की घोषणा भी की है और यह ऐसा पहला मोबाइल प्रोडक्ट होगा. कंपनी 10 लाख यूजर्स को पेमेंट बैंक में अकाउंट खोलने पर 25,000 रुपये की जमाराशि पर तुरंत 250 रुपये कैशबैक देगी. इस अकाउंट में IMPS, NEFT और RTGS के द्वारा ऑनलाइन ट्रांजेक्शजन पर शून्य शुल्क होगा. आपके द्वारा सेविंग अकाउंट में पैसा जमा कराने पर कंपनी आपको हर साल 4 प्रतिशत ब्याज भी देगी.

चैंपियंस ट्रॉफी : भारत-पाक मैच में लगी रिकॉर्ड्स की झड़ियां

चैंपियंस ट्रॉफी में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए महामुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 124 रनों से शिकस्त दी है. ग्रुप बी के दूसरे मुकाबले में भारत ने पहले बैटिंग करते हुए तीन विकेट पर 319 रन बनाए. पाकिस्तान को 324 रनों का लक्ष्य मिला, हालांकि बारिश की वजह से बार-बार पाकिस्तान का लक्ष्य बदला. हालांकि पाकिस्तान की टीम लक्ष्य तक पहुंचने में असफल रही और 164 रनों के स्कोर पर ऑल आउट हो गई.

भारत पाकिस्तान के बीच बर्मिंघम में खेला गया मुकाबला मैदान पर जितना रोचक था उससे ज्यादा वह रोचक आंकड़ों की जंग में साबित हुआ. आईए इस महामुकाबले के दौरान हुए कुछ रोचक कारनामों पर नजर डालते हैं.

सबसे महंगे गेंदबाज बने वहाब

पाकिस्तान के वहाब रियाज चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए हैं. उन्होंने 8.4 ओवर्स में 87 रन दिए. इससे पहले यह रिकॉर्ड जिम्बॉब्वे के टी पन्यनगारा के नाम था, उन्होंने 2004 में इंग्लैंड को एक मुकाबले में 86 रन दिए थे.

चैंपियंस ट्रॉफी की दूसरी सबसे सफल जोड़ी

रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी रविवार को पहले विकेट के लिए 136 रन जोड़ने के दौरान चैंपियंस ट्रॉफी इतिहास की दूसरी सबसे सफल जोड़ी बन गई. इस जोड़ी से ज्यादा रन वेस्टइंडीज के शिवनरायण चंद्रपॉल और क्रिस गेल की जोड़ी ने बनाए हैं.

भारत-पाक मुकाबले में तीसरा सबसे तेज अर्धशतक

युवराज सिंह ने पाकिस्तान के खिलाफ 29 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया. यह युवराज का वनडे में दूसरा सबसे तेज अर्धशतक है. इसके साथ ही भारत-पाकिस्तान के बीच खेले गए मुकाबलों में तीसरा सबसे तेज अर्धशतक है. युवराज से ज्यादा तेजी से पाक के खिलाफ वीरेंद्र सहवाग ने 26 और संदीप पाटिल ने 27 गेंदों में अर्धशतक जड़ा है.

चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की सबसे बड़ी जीत

भारत की पाकिस्तान के खिलाफ 124 रन की जीत भारत की चैंपियंस ट्रॉफी में सबसे बड़ी जीत है. यह पाकिस्तान की इस प्रतियोगिता में साझा सबसे बड़ी हार भी है.

आईसीसी इवेंट में पाक के खिलाफ लगातार 7वीं जीत

भारत ने पाकिस्तान को आईसीसी इवेंट में लगातार सातवीं बार मात दी. पाकिस्तान को भारत के खिलाफ आईसीसी टूर्नामेंट में आखिरी जीत साल 2009 की चैंपियंस ट्रॉफी में हासिल हुई थी. इसके बाद 8 साल से पाकिस्तान भारत के खिलाफ जीत के लिए तरस रही है.

आईसीसी इवेंट में किसी टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा जीत

भारत ने आईसीसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान को 13वीं बार मात दी. दोनों टीमों के बीच आईसीसी इवेंट में 15 बार भिड़ंत हुई है जिसमें 13 बार भारत और 2 बार पाकिस्तान विजयी रहा है. यह किन्हीं दो टीमों के बीच आईसीसी इवेंट में हासिल की गई सबसे ज्यादा जीत हैं.

पाकिस्तान के खिलाफ सबसे बड़ी ओपनिंग पार्टनरशिप

शिखर धवन और रोहित शर्मा की पाकिस्तान के खिलाफ 136 रन की साझेदारी चैंपियंस ट्रॉफी में पाक के खिलाफ सबसे बड़ी ओपनिंग पार्टनरशिप है. इससे पहले यह रिकॉर्ड श्रीलंका के सनथ जयासूर्या और उपुल थरंगा के नाम दर्ज था. दोनों ने पाकिस्तान के खिलाफ 63 रन की साझेदारी की थी.

तीसरी बार हुआ यह कारनामा

भारत की तरफ से पाकिस्तान के खिलाफ चार बल्लेबाज शिखर धवन (68), रोहित शर्मा (91), युवराज सिंह (53) और विराट कोहली (81) ने अर्धशतक बनाए. यह टीम इंडिया के लिए तीसरा मौका है जब ऊपर के चारों बल्लेबाजों ने अर्धशतक पूरा किया. इससे पहले टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने इंग्लैंड के खिलाफ साल 2006 में इंदौर और साल 2007 में लीड्स में यह कारनामा किया था. सबसे रोचक बात यह है कि युवराज सिंह इन तीनों मैचों में खेले हैं.

रोहित की चैंपियंस ट्रॉफी में सबसे बड़ी पारी

पाक के खिलाफ 91 रन की पारी रोहित शर्मा की उनके खिलाफ सबसे बड़ी पारी है. इससे पहले रोहित का पाकिस्तान के खिलाफ उच्चतम स्कोर 68 रन था. यह रोहित का चैंपियंस ट्रॉफी में भी सबसे बड़ा स्कोर है. रोहित ने चैंपियंस ट्रॉफी में 12 पारियों में पांच अर्धशतक जड़े हैं. चैंपियंस ट्रॉफी में इस पारी से पहले रोहित का उच्चतम स्कोर 65 रन था. जो उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ साल 2013 में बनाया था.

सबसे ज्यादा दर्शक

भारत पाकिस्तान के बीच बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर हुए मुकाबले को देखने 24,156 लोग पहुंचे. यह इस मैदान पर किसी भी मैच को देखने आए दर्शकों की सबसे बड़ी संख्या है.

कुछ ऐसे आपका स्मार्टफोन बन सकता है सीसीटीवी कैमरा

क्या आप जानते हैं कि आप अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल सिक्योरिटी के लिए भी कर सकते हैं? अभी तक आप अपने स्मार्टफोन का उपयोग इसके बहुउपयोगी उद्देश्य और सबसे जरुरी काम कॉल करने के लिए करते हैं. इसके अलावा आप स्मार्टफोन से अपने ऑफिशियल काम भी निपटाते होंगे या फिर फोन को फोटोज और वीडियोज बनाने के लिए इस्तेमाल में लेते होंगे.

लेकिन क्या आप इस बारे में जानते हैं कि आप अपने स्मार्टफोन के जरिए दुनिया के किसी भी कोने से अपने घर या ऑफिस की रखवाली भी कर सकते हैं. जी हां, आज हम आपको बता रहे हैं कि कैसे कुछ आसान से ट्रिक्स आजमाकर मिनटों में आपका स्मार्टफोन CCTV में बदल जाएगा. जानिए कैसे…

इसके लिए आपके स्मार्टफोन का एंड्रायड होना जरुरी है. अपने एंड्रायड फोन में, आपको गूगल प्ले स्टोर से IP Webcam ऐप को डाउनलोड करना है, जो आपके फोन के कैमरे को और भी पावरफुल बनाता है. यह एक फ्री ऐप है.

IP Webcam ऐप कैसे करता है काम?

1. पहले IP Webcam ऐप को अपने एंड्रायड स्मार्टफोन में डाउनलोड करें. अब ऐप को ओपन करने से पहले, फोन की सेटिंग में जाकर ऐप के अंदर जाएं. इसके बाद आपके फोन में मौजूद जितने भी कैमरे ऐप हैं उन्हें फोर्स स्टॉप कर दें. आखिर में IP Webcam ऐप को ओपन करें.

2. अब प्लग-इन के ऑप्शन को सेलेक्ट कर उस पर टैप करें. यहां दिए गए सभी फीचर्स को इन्स्टॉल कर लें. फीचर्स को इन्स्टॉल करने के बाद सभी को ऑन कर दें. अगर इसमें किसी फीचर को ऑन नहीं करेंगे तो वो फीचर काम नहीं करेगा.

3. अब ऐप में बैक जाकर सबसे नीचे दिए start server ऑप्शन पर टैप करें. उसमें आने वाले विंडो में yes पर टिक कर दें.

4. विंडो में Webcam का IP एड्रेस आएगा. इसे कॉपी कर उस फोन या PC पर डालें जिसमें से लाइव वीडियो देखना है.

5. उस ब्राउजर पर IP एड्रेस डालकर एंटर करें. जिसके बाद एक विंडो ओपन होगी. यहां ब्राउजर पर टैप करें और लाइव वीडियो दिखने लगेगा.

क्या है खास है इस ऐप में?

इस ऐप के जरिए यूजर यानि कि आप किसी भी स्मार्टफोन या PC पर लाइव वीडियो देख सकते हैं. यदि स्मार्टफोन में रियर और फ्रंट दोनों कैमरा हैं, तब आप दोनों कैमरे से लाइव वीडियो देख सकते हैं. यहां आप लाइव वीडियो को रिकॉर्ड भी कर सकते हैं. साथ ही, फोटो भी कैप्चर कर सकते हैं. नाइट में वीडियो की क्वालिटी बेहतर आए इसके लिए इसमें नाइट विजन मोड भी दिया गया होता है. यदि स्मार्टफोन में LED फ्लैश दिया है तब आप दूर बैठकर भी ऑपरेट कर सकते हैं.

क्या है IP Webcam ऐप?

इस ऐप का साइज करीब 33MB है. हालांकि, अलग डिवाइस पर इसका साइज भी अलग होगा. इस ऐप को सभी एंड्रायड स्मार्टफोन पर इस्तेमाल किया जा सकता है. ऐप को अब तक 5 करोड़ से ज्यादा यूजर्स ने इन्स्टॉल किया है. इस ऐप को Pavel Khlebovich नाम के डेवलपर ने डिजाइन किया है.

फ्रांस में मैक्रोन का उदय

फ्रांस ने 18वीं सदी की क्रांति को इस बार वोट क्रांति से दोहराया है. नए राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रोन ने सामंतवादी शक्ल की मेरीन ली पेन की पार्टी के मुकाबले दोगुने वोट ले कर फ्रांस का राष्ट्रपति पद ही नहीं पाया, धर्म आधारित व कौर्पोरेटों को संरक्षण देने वाली सरकारों की आ रही बाढ़ पर शायद एक ब्रेक लगाया भी है.

कैथोलिक चर्च द्वारा समर्थित मेरीन ली पेन की नैशनल पार्टी के सपने औन मार्च पार्टी ने चकनाचूर कर दिए. ली पेन को अपनी पार्टी को नए सिरे से खड़ा करने में कुछ साल तो लगेंगे ही. ली पेन की पार्टी का एजेंडा उलझा हुआ है.

भारतीय जनता पार्टी की दोमुंही बातों की तरह ली पेन की पार्टी भी धर्मनिरपेक्ष, तर्क और स्वतंत्रता के अधिकारों के जनक कैथोलिक धर्म को मानती है जिस का काला इतिहास आम व्यक्ति को चर्च का गुलाम बना कर रखने का है और जो सेवा के बहाने घरघर में घुस कर औरतों, गरीबों के अधिकारों को कुचल कर उन्हें चर्च के हाथों में पकड़ाता रहा है.

39 वर्षीय युवा इमैनुअल मैक्रोन फ्रांस की राजनीति में एक नया युवा खून ला रहे हैं. वे फ्रांस के यहूदियों, मुसलिमों और उदार प्रोटेस्टैंटों के लिए राहत हैं. फ्रांस का अब यूरोपीय यूनियन को छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता और फ्रांस के शरणार्थी अब राहत की सांस ले सकते हैं. फ्रांस पर जिहादी हमलों ने इमैनुअल मैक्रोन के वोटों को घटाया नहीं, बल्कि बढ़ाया क्योंकि कुछ जिहादी पूरे देश की मानसिकता को ब्लैकमेल नहीं कर सकते.

जिओ और जिए देने दो, लोकतंत्र की मूल भावना है. धर्म और कौर्पोरेट (आज के सामंत, जमींदार, नवाब) आजकल फिर सत्ता में आने के लिए वोटतंत्र का इस्तेमाल कर रहे हैं और अमेरिका, भारत, ब्रिटेन में वे सफल होते दिख भी रहे हैं क्योंकि आम कमजोर लोग हांके जाने में एक सुरक्षा महसूस करते हैं. स्वतंत्रता उन्हें भयभीत करती है.

फ्रांस का 39 वर्षीय नेता नया संदेश लाया है कि आज का युवा नेता गंभीर पद के लिए लड़ सकता है और जीत सकता है.

 

 

सफलता का शौर्टकट

मेरे एक दोस्त हैं जो हमेशा अमीर बनने के सपने देखते रहते हैं. जब भी उन के पास जाओ, बस, रुपयों की बातें करते रहते हैं- ‘काश, मैं धनवान होता तो यह करता, वो करता, फिल्में बनाता, पुस्तकें छापता, अवार्ड देता, गीतसंध्या करवाता.’ ऐसे अनर्गलप्रलाप करते रहते थे. उन की बकबक से मैं बहुत परेशान था. लेकिन इस के पहले मैं आगे कुछ कहूं, पहले एक कंजूस बुढि़या की कहानी बताना चाहता हूं- एक गांव में एक कंजूस बुढि़या रहती थी. वह पूरे गांव में अपनी कंजूसी को ले कर प्रसिद्घ थी. एक सर्दरात में एक भटका हुआ मुसाफिर उस रास्ते से निकला. उसे आश्रय चाहिए था. उस ने बुढि़या का दरवाजा खटखटाया. बुढि़या ने दरवाजा खोला तो उस मुसाफिर ने रात में घर पर रुकने की अपील की. बुढि़या ने कहा, ‘रुकने को तुम रुक जाओ लेकिन खाने को कुछ भी नहीं दूंगी, मेरे पास कुछ भी नहीं है.’

मुसाफिर चालाक था और भूखा भी. उस ने घर में प्रवेश किया और आराम से बैठने के बाद कहा, ‘अम्माजी, आप ने कभी कुल्हाड़ी की खीर खाई है?’ ‘कुल्हाड़ी की खीर?’ बुढि़या ने आश्चर्य से पूछा और फिर कहा, ‘लेकिन मेरे पास खीर बनाने का कोई सामान नहीं है.’

‘कुल्हाड़ी की खीर में केवल कुल्हाड़ी की जरूरत होती है और वह भी खीर पक जाने के बाद कुल्हाड़ी वैसी ही बची रह जाती है,’ उस मुसाफिर ने कहा.

‘उस के लिए क्या चाहिए?’

‘एक कुल्हाड़ी.’

‘वह तो मेरे पास है.’

‘जरा ले आइए,’ मुसाफिर ने कहा. तुरंत ही बुढि़या ने कुल्हाड़ी ला कर दे दी. मुसाफिर ने उस में से हत्था (लकड़ी) निकाल दिया और उस कुल्हाड़ी को पानी से धो दिया और एक बरतन में डाल कर उस में पानी डाल दिया और चूल्हे पर उसे रख दिया. बुढि़या बहुत आश्चर्य से देखने लगी. पानी चूल्हे पर खौलने लगा तो उस मुसाफिर ने उसे फिर हिलाया और बुढि़या से कहा, ‘अगर इस कुल्हाड़ी की खीर में थोड़ी शक्कर डाल दें तो बहुत ही स्वादिष्ठ खीर बनती है.’

बुढि़या उठी, उस ने शक्कर दे दी. मुसाफिर खौलते पानी में शक्कर डाल कर फिर हिलाने लगा. फिर उस ने कुछ देर बाद कहा, ‘अगर इस में थोड़े से चावल डल जाएं तो फिर देखो, इस कुल्हाड़ी की खीर का स्वाद.’

‘चावल है मेरे पास,’ उस बुढि़या ने कहा और चावल ला कर दे दिए. मुसाफिर ने उसे भी पानी में डाल कर घोंटना शुरू कर दिया. बुढि़या बहुत आश्चर्य से देख रही थी. थोड़ी देर बाद मुसाफिर ने कहा, ‘हमारी खीर लगभग तैयार होने को है, अगर इसे और भी स्वादिष्ठ बनाना हो तो इस में जरा सा दूध डाल दो, फिर देखो, इस का स्वाद.’

‘दूध है ना,’ बुढि़या ने खुशीखुशी कहा और तुरंत ढेर सा दूध ला कर मुसाफिर को दे दिया. उसे भी उस ने बरतन में डाल दिया और लगा हिलाने. बुढि़या ने प्रश्न किया, ‘कब तक पक जाएगी?’

‘बस, पकने ही वाली है,’ मुसाफिर ने कहा. बुढि़या अंदर गई और 2 खाली प्लेट ले कर आ गई. मुसाफिर ने बरतन में से वह लोहे की कुल्हाड़ी निकाल कर बाहर रखी और बुढि़या से कहा, ‘देखो, पूरी तरह से कुल्हाड़ी सुरक्षित है.’

बुढि़या ने कुल्हाड़ी देखी और संतोष किया. मुसाफिर ने प्लेट में खीर डाली, खुद खाई और बुढि़या को भी खिलाई. बुढि़या बहुत खुश थी कि उस की लोहे की कुल्हाड़ी भी सुरक्षित थी और खीर भी खाने को मुफ्त में मिली.

मुसाफिर अपनी चालाकी से भरपेट खीर खा कर कंजूस बुढि़या को मूर्ख बना कर खुश हुआ. दोस्तो, इस कहानी को याद रखिएगा. मैं अपने दोस्त की बात कर रहा था जो अमीर बनना चाह रहा था.

एक दिन एक अनजान स्थान से उस के पास फोन आया कि उस की लौटरी लग गई है और प्रोसैसिंग में 30 हजार रुपए लग रहे हैं. वह खुशीखुशी मुझे बताने आया. मैं ने कहा, ‘अगर विश्वास हो, तो दे दो.’

‘पूरे 5 लाख रुपए मिलेंगे,’ लालच में डूबी उस की आंखें डोल रही थीं.

‘तो भेज दो,’ मैं ने कहा. उस दोस्त ने बताए नंबर पर रुपया भेज दिया. एक सप्ताह बाद उसे मेल आया और मोबाइल कौल भी कि गलती से 5 लाख रुपए लिख दिया था, वास्तव में वह संख्या 50 लाख रुपए है. इस के लिए प्रोसैसिंग फीस 4 लाख रुपए हैं. वह दौड़ादौड़ा मेरे पास आया.

मैं ने उसे समझाया, लेकिन वह नहीं माना. मुझ से उस ने 1 लाख रुपए उधार लिए और बतलाए हुए खाते में रुपए डलवा दिए. एक सप्ताह बाद वहां से थैंक्स का एक पत्र मिला और उसे बताया गया, ‘भारतीय रिजर्व बैंक में कागजी कार्यवाही हो रही है, जल्दी ही आप के अकाउंट में पूरे 50 लाख रुपए डाल दिए जाएंगे.’

वह बहुत खुश था. इस मध्य उस ने पूरे एक वर्ष की प्लानिंग तैयार कर ली कि इतने रुपयों का क्याक्या करना है? अवार्ड, गीतसंध्या, फिल्मी नाइट, एक कम बजट की फिल्म का निर्माण जैसे कई काम खोज और सोच लिए थे ताकि रुपयों का सदुपयोग हो सके. एक सप्ताह बाद फिर मैसेज मोबाइल पर आया कि यूरो के भाव बढ़ जाने से भारतीय मुद्रा में यह राशि 1 करोड़ रुपए के लगभग होगी, इस के लिए अतिरिक्त रुपए शीघ्र भेजें अन्यथा ये रुपए डूब जाएंगे.

मरता क्या न करता? बीवी के जेवर गिरवी रखे और फिर मुझ से 1 लाख रुपए की भीख मांगी. रुपया मिलते ही चुकाने का पक्का वादा किया और फिर

4 लाख रुपयों को बताए बैंक खाते में डलवा दिया. उस के बाद दोस्त प्रतीक्षा और प्रतीक्षा-इंतजार और इंतजार ही करता रहा. पूरे 2 माह बाद उसे पता चला कि वह ठगी का शिकार हो चुका है.वह बहुत दुखी हुआ, जो उधारी थी वह चुकानी तो थी ही. वह परेशानी में मेरे घर आया, बहुत रोया और भविष्य में ऐसी दोबारा गलती न करने की बात कही. अधिक लालच के चक्कर में जो पूंजी थी वह भी डूब गई और कुल्हाड़ी की खीर उसे खानी प ड़ी.

बात यहीं समाप्त नहीं हुई. वह बहुत अधिक परेशान था और कह रहा था कि अब कभी ऐसे सपने नहीं देखूंगा जिस का रास्ता शौर्टकट हो. तब हम ने उस से कहा, ‘हम कल उस के घर पर आ रहे हैं.’ अगले दिन हम उस के घर गए और उसे एक लिफाफा देते हुए कहा, ‘दोस्त, यह सबकुछ तुम्हारी आंखें खोलने को किया था.’

‘और वह बैंक अकाउंट…?’ दोस्त ने आश्चर्य से प्रश्न किया.

‘दिल्ली में हमारे एक दोस्त का था, वही तुम्हें मेल भेज रहा था, फोन कर रहा था.’ हम ने बताया तो दोस्त ने हमें गले लगाया. हम ने उस से कहा, ‘सपनों को सच करने का या सफलता का कोई शौर्टकट नहीं होता है. बड़े लालच के चलते जो छोटी पूंजी होती है वह भी खत्म हो जाती है.’

हमारे भावपूर्ण उपदेशों को सुन कर वह गदगद हो गया. तब से उस ने फालतू धनवान बनने के सपनों को देखना बंद कर दिया. हम खुश थे कि हमारी रकम लौट आई थी और हमारा दोस्त सही रास्ते पर आ गया था, जो हम चाहते थे.

दुराचार और औरत

जिन देशों में अच्छी कानून व्यवस्था है वहां भी बलात्कार की घटनाएं होती हैं पर भारत में एक बड़ा फर्क है. यहां बलात्कारी नहीं, पीड़िता कटघरे में खड़ी होती है और इसलिए बलात्कार के मामले रोशनी में कम आते हैं. पीड़िता हिम्मत दिखाती है तो उसे सालों पुलिस, वकीलों व अदालतों में गवाहियों के लिए जाना पड़ता है. ऐसे में मातापिता समझते हैं कि चुप रह जाना ही श्रेयस्कर है. पीड़िताएं चुप रह जाती हैं. उन का विवाह कठिन हो जाता है और परिवार के सभी सदस्य समाज के लिए दूषित हो जाते हैं.

औरतें खुद ही बलात्कार पीड़िताओं और विधवाओं के साधारण ढंग से रहने को समर्थन देती हैं, निपूतियों को अपने बच्चों के साए से दूर रखती हैं, शादीब्याह में कुंडली मिलाती हैं, जातिगौत्र का ध्यान रखती हैं, बेटियों से विवाहपूर्व जपतप, व्रत करवाती हैं.

अब तो हमारे यहां सामाजिक सुधारों की उलटी सूई घूम रही है. गौपूजा का ढिंढोरा पीटा जा रहा है, धर्मनिरपेक्ष सरकार खुल्लमखुल्ला धर्मप्रचार कर रही है. सरकारी भवनों पर धार्मिक प्रतीक लगाए जा रहे हैं.

हर तरह से संस्कृति और संस्कारों की दुहाई दे कर आप यह नहीं अपेक्षा कर सकते कि हर लड़की बलात्कार के बाद तुरंत ही पुलिस स्टेशन भागे. हम बात करते हैं औरतों के अधिकारों की, जबकि हर धर्म ने हर युग में औरतों पर बेहिसाब जुल्म किए हैं. अगर औरत पर किसी दिन जुल्म न हो तो उसे लगता है कि उस से कुछ गलती हो गई है.

मुसलिम औरतें मर्दों द्वारा पिटाई, ट्रिपल तलाक, 5-6 बच्चों को पैदा करने की बाध्यता को तमगा समझती हैं. ईसाई औरतें जीवनभर कुंआरी रह कर चर्च

की सेवा कर जीवन को संपूर्ण मानती हैं. हिंदू औरतें पतियों के लिए न जाने कितनी बार भूखी रहती हैं. इस सब पर, अब वोटरों के माध्यम से, सरकारी मुहरें लग रही हैं. ऐसे में बलात्कार की पीड़िता को पौराणिक संदर्भ में दोषी, पापी नहीं माना जाएगा क्या?

बलात्कार के अपराधियों को जहां भी दंड मिल रहा है, वह पीड़िता केमहान जोखिम और पहाड़ सी हिम्मत के कारण मिल रहा है. कानून बदलने से कुछ न होगा क्योंकि कानून तो आज भी अपनेआप में ठीक है. अगर समाज में बदलाव नहीं आया तो पेशेवर औरतें सख्त कानून का दुरुपयोग करेंगी.

यौनजनित बीमारियां : शरमाना मना है

यौनजनित एलर्जी एवं रोगों का पता नहीं चल पाता, क्योंकि यह थोड़ा निजी सा मामला है. इस बारे में बात करने में लोग झिझकते हैं और अकसर चिकित्सक या परिजनों को भी नहीं बताते. जहां यौन संसर्ग से होने वाले रोग (एसटीडी) कुछ खास विषाणु एवं जीवाणु के कारण होते हैं, वहीं यौनक्रिया से होने वाली एलर्जी लेटेक्स कंडोम के कारण हो सकती है. अन्य कारण भी हो सकते हैं, परंतु लेटैक्स एक प्रमुख वजह है.

यौन संसर्ग से होने वाले रोग

एसटीडीज वे संक्रमण हैं जो किसी संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संसर्ग करने पर फैलते हैं. ये रोग योनि अथवा अन्य प्रकार के सैक्स के जरिए फैलते हैं, जिन में मुख एवं गुदा मैथुन भी शामिल हैं. एसटीडी रोग एचआईवी वायरस, हेपेटाइटिस बी, हर्पीज कौंपलैक्स एवं ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) जैसे विषाणुओं या गोनोरिया, क्लेमिडिया एवं सिफलिस जैसे जीवाणु के कारण हो सकते हैं.

इस तरह के रोगों का खतरा उन लोगों को अधिक रहता है जो अनेक व्यक्तियों के साथ सैक्स करते हैं, या फिर जो सैक्स के समय बचाव के साधनों का प्रयोग नहीं करते हैं.

कैंकरौयड : यह रोग त्वचा के संपर्क से होता है और अकसर पुरुषों को प्रभावित करता है. इस के होने पर लिंग एवं अन्य यौनांगों पर दाने व दर्दकारी घाव हो जाते हैं. इन्हें एंटीबायोटिक्स से ठीक किया जा सकता है और अनदेखा करने पर इन के घातक परिणाम हो सकते हैं. कंडोम का प्रयोग करने पर इस रोग के होने की आशंका बहुत कम हो जाती है.

क्लैमाइडिया : यह अकसर और तेजी से फैलने वाला संक्रमण है. यह ज्यादातर महिलाओं को होता है और इलाज न होने पर इस के दुष्परिणाम भी हो सकते हैं. इस के लक्षण स्पष्ट नहीं होते, परंतु कुछ मामलों में योनि से असामान्य स्राव होने लगता है या मूत्र त्यागने में कष्ट होता है. यदि समय पर पता न चले तो यह रोग आगे चल कर गर्भाशय, फैलोपियन ट्यूब या पूरी प्रजनन प्रणाली को ही क्षतिग्रस्त कर सकता है, जिस से बांझपन की समस्या हो सकती है.

क्रेब्स (प्यूबिक लाइस) : प्यूबिक लाइस सूक्ष्म परजीवी होते हैं जो जननांगों के बालों और त्वचा में पाए जाते हैं. ये खुजली, जलन, हलका ज्वर पैदा कर सकते हैं और कभीकभी इन के कोई लक्षण सामने नहीं भी आते. कई बार ये जूं जैसे या इन के सफेद अंडे जैसे नजर आ जाते हैं. कंडोम का प्रयोग करने पर भी इन जुंओं को रोका नहीं जा सकता, इसलिए बेहतर यही है कि एक सुरक्षित एवं स्थायी साथी के साथ ही यौन संसर्ग किया जाए. दवाइयों से यह समस्या दूर हो जाती है.

गोनोरिया : यह एक तेजी से फैलने वाला एसटीडी रोग है और 24 वर्ष से कम आयु के युवाओं को अकसर अपनी चपेट में लेता है. पुरुषों में मूत्र त्यागते समय गोनोरिया के कारण जलन महसूस हो सकती है, लिंग से असामान्य द्रव्य का स्राव हो सकता है, या अंडकोशों में दर्द हो सकता है. जबकि महिलाओं में इस के लक्षण स्पष्ट नहीं होते. यदि इस की चिकित्सा समय से न की जाए, तो जननांगों या गले में संक्रमण हो सकता है. इस से फैलोपियन ट्यूब्स को क्षति भी पहुंच सकती है जो बांझपन का कारण बन सकती है.

हर्पीज : यह रोग यौन संसर्ग अथवा सामान्य संपर्क से भी हो सकता है. मुख हर्पीज में मुंह के अंदर या होंठों पर छाले या घाव हो सकता है. जननांगों के हेर्पेस में जलन, फुंसी हो सकती है या मूत्र त्याग के समय असुविधा हो सकती है. य-पि दवाओं से इस के लक्षण दबाए जा सकते हैं, लेकिन इस का कोई स्थायी इलाज मौजूद नहीं है.

एचआईवी या एड्स : ह्यूमन इम्यूनोडैफिशिएंसी वाइरस अथवा एचआईवी सब से खतरनाक किस्म का यौनजनित रोग है. एचआईवी से पूरा तंत्रिका तंत्र ही नष्ट हो जाता है और व्यक्ति की जान भी जा सकती है. एचआईवी रक्त, योनि व गुदा के द्रव्यों, वीर्य या स्तन से निकले दूध के माध्यम से फैल सकता है. सुरक्षित एवं स्थायी साथी के साथ यौन संबंध रख कर और सुरक्षा उपायों का प्रयोग कर के एचआईवी को फैलने से रोका जा सकता है.

पैल्विक इन्फ्लेमेटरी डिसीज : पीआईडी एक गंभीर संक्रमण है और यह गोनोरिया एवं क्लेमिडिया का ठीक से इलाज न होने पर हो जाता है. यह स्त्रियों के प्रजनन अंगों को प्रभावित करता है, जैसे फैलोपियन ट्यूब. गर्भाशय या डिंबग्रंथि में प्रारंभिक अवस्था में कोई लक्षण स्पष्ट नहीं होते. परंतु इलाज न होने पर यह बांझपन या अन्य कई समस्याओं का कारण हो सकता है.

यौनजनित एलर्जी : इस तरह की एलर्जी की अकसर लोग चर्चा नहीं करते. सैक्स करते वक्त कई बार हलकीफुलकी एलर्जी का पता भी नहीं चलता. परंतु, एलर्जी से होने वाली तीव्र प्रतिक्रियाओं की अनदेखी नहीं हो सकती, जैसे अर्टिकेरिया, एंजियोडेमा, अस्थमा के लक्षण, और एनाफाइलैक्सिस. इन में से कई एलर्जिक प्रतिक्रियाएं तो लेटैक्स से बने कंडोम के कारण होती हैं. कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं, जैसे कि वीर्य से एलर्जी, गस्टेटरी राइनाइटिस आदि.

लेटैक्स एलर्जी : यह एलर्जी कंडोम के संपर्क में आने से होती है और स्त्रियों व पुरुषों दोनों को ही प्रभावित कर सकती हैं. लेटैक्स एलर्जी के लक्षणों में प्रमुख हैं- जलन, रैशेस, खुजली या अर्टिकेरिया, एंजियोडेमा, अस्थमा के लक्षण और एनाफाइलैक्सिस आदि. ये लक्षण कंडोम के संपर्क में आते ही पैदा हो सकते हैं.

यह एलर्जी त्वचा परीक्षण या रक्त परीक्षण के बाद पता चल पाती है. यदि परीक्षण में एलजीई एंटीबौडी मिलते हैं तो इस की पुष्टि हो जाती है, क्योंकि वे लेटैक्स से प्रतिक्रिया करते हैं. लेटैक्स कंडोम का प्रयोग बंद करने से इस एलर्जी को रोका जा सकता है.

वीर्य से एलर्जी : बेहद कम मामलों में ऐसा होता है, लेकिन कुछ बार वीर्य में मौजूद प्रोटीन से स्त्री में इस तरह की प्रतिक्रिया हो सकती है. कई बार भोजन या एनसैड्स व एंटीबायोटिक्स में मौजूद प्रोटीन पुरुष के वीर्य से होते हुए स्त्री में एलर्जी करने लगते हैं. इस का लक्षण है- योनि संभोग के 30 मिनट के भीतर योनि में जलन. अधिक प्रतिक्रियाओं में एरियूटिकेरिया, एंजियोडेमा, अस्थमा और एनाफाइलैक्सिस आदि शामिल हैं. प्रभावित महिला के साथी के वीर्य की जांच कर के इस एलर्र्जी की पुष्टि की जा सकती है.

दरअसल, नियमित यौन जीवन जीने वाले महिलाओं व पुरुषों को किसी विशेषज्ञ से प्राइवेट पार्ट्स की समयसमय पर जांच कराते रहना चाहिए. इस से यौनजनित विभिन्न रोगों का पता चलेगा और उन से आप कैसे बचें, इस का भी पता चल सकेगा. यदि ऐसी कोई समस्या मौजूद हुईर्, तो आप उचित इलाज करा सकते हैं. यह अच्छी बात नहीं है कि झिझक या शर्र्म के चलते ऐसी बीमारियों का इलाज रोक कर रखा जाए. यदि आप को या आप के साथी को ऐसी कोईर् बीमारी या एलर्जी हो, तो तत्काल विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए.                

(लेखक ब्लूम आईवीएफ ग्रुप के मैडिकल डायरैक्टर हैं.)

सोना पसंद है तो नींद लेने की भी मिलेगी अच्‍छी सैलरी

नौकरी को लेकर हर कोई टेंशन में रहता है हर कोई अपनी काबिलियत के हिसाब से जॉब ढूंढ़ता है. पर ऐसी जॉब किस्‍मत वाले लोगों को ही मिलती है जिसमें काम तो बहुत कम हो और सैलरी हजारों लाखों में हो. तब यह नौकरी और खास बन जाती है जब इसमें थोड़ा-बहुत आराम करने को भी मिल जाए. यहां पर आपको ऐसी ही कुछ नौकरियों के बारे में बतायेंगे जिसमें की काम तो कुछ नहीं रहता पर सैलरी दमदार होती है. जानें:

चॉकलेट खाइये पैसे ले जाइये : जी हां यह आप अजीबो-गरीब लग रहा होगा, पर यही हकीकत है. यूके या इंग्लैण्ड की गोडिवा चॉकलेट्स नामक कंपनी अपने ग्राहकों को बेहतर चॉकलेट मुहैया कराने से पहले खुद चॉकलेट की गुणवत्‍ता की जांच करती है. इस जांच से वो यह पता लगाते हैं कि चॉकलेट की महक और स्‍वाद ग्राहकों को संतुष्‍ठ कर पायेगी या नहीं. इस काम के लिए कर्मचारियों की भर्ती की जाती है. जिसके अंतर्गत इस काम के लिए उन्‍हें 30 से 60 हजार डॉलर प्रति वर्ष यानी की 18 लाख रुपए तक उन्‍हें दिया जाता है.

पांडा के संग मस्‍ती करने की नौकरी : अगर आपसे कोई कहे कि आपको कल से पांडा के साथ खेलना है, मौज-मस्‍ती करना है और उसके लिए आपको बस कुछ घंटे काम पर रहना है तो आप क्‍या जबाब देंगे हां या ना. हरे भाई हां ही होगा हर किसी का जबाब. आपको बता दें कि चीन के यान सिचुआन में 'विशाल पांडा संरक्षण और अनुसंधान केंद्र' में इसी काम के लिए युवाओं को लिया जाता है. जिसमें उन्‍हे अपना वक्‍त पांडा के साथ उनकी देखभाल में गुजारना पड़ता है. इसके लिए उन्‍हें 32 हजार डालर यानी कि 19 लाख 51 हजार और 200 रुपए सैलरी दी जाएगी. साथ में आने जाने का खर्च अलग से.

गोता लगाने पर भी मिलती है सैलरी : अगर आपको तैराना आता है और आपको पानी में रहना अच्‍छा लगता है तो गोताखोर की जॉब सबसे अच्‍छी है. ब्रिटेन के फर्स्‍ट च्‍वॉइस हॉली-डे रिसॉर्ट्स में 'वाटर स्‍लाइड टेस्‍टर' के लिए हर साल आवेदन आमांत्रित किए जाते हैं और युवाओं का चयन किया जाता है. युवाओं को यहां पर पानी के झरनों में बस ढ़लान का परीक्ष्‍ण करना होता है. साथ ही पानी की क्‍वालिटी की भी जांच करनी होती है. इस काम के लिए उन्‍हें हर साल 30 हजार 904 डॉलर यानी 18 लाख 84 हजार रुपये तय किया गया है.

बिस्‍तर पर सोने के भी मिलेंगे पैसे : अगर आपको सोना बहुत अच्‍छा लगता है और नींद लेने के अलावा आपको कोई और काम पसंद नहीं है तो यह काम सिर्फ आपके लिए ही है. जी हां लग्‍जीरियस पलंग की कंपनी 'सिमोन हॉर्न लिमिटेड' अपने पलंग मार्केट में लाने से पहले उनकी गुणवत्‍ता की जांच करते हैं और इस जांच के लिए युवाओं को नौकरी पर रखते हैं. आपको बस काम यह करना है कि पूरे एक महीने हर रोज आपको बिस्‍तर पर लेटकर यह बताना है कि आप उस पलंग में कैसा महसूस कर रहे हैं.

सूट-बूट पहनिये और पैसे कमाइये : चीन की कई कंपनियां दूसरे देशों के लोगों को अपने यहां पर एक अलग तरह की नौकरी का विज्ञापन देती हैं. इस नौकरी का नाम है 'फेक एक्जिक्‍यूटिव' यानी की फर्जी अधिकारी. इसके खातिर जो लोग लिए जाते हैं उन्‍हें अच्‍छे शूट-बूट के साथ कपड़े पहनकर कंपनी की बिजनेस मीटिंग में बैठना होता है, ताकि बाहर से आए लोगों पर कंपनी का अच्‍छा असर पड़े. लोगों को यह संदेश जाए कि इस कंपनी का व्‍यापार कई देशों में फैला है.

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