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फोर्ब्स की लिस्ट में पांच भारतीय महिलाएं शामिल

आईसीआईसीआई बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक चंदा कोचर तथा बौलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा सहित पांच भारतीय महिलाएं फोर्ब्स की सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची में जगह बनाने में कामयाब रही हैं. इस सूची में जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल पहले स्थान पर हैं.

इस सूची में चंदा 32वें तथा एचसीएल कौरपोरेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रोशनी नादर मल्होत्रा 57वें स्थान तथा बायोकौन की संस्थापक चेयरमैन किरण मजूमदार शौ 71वें स्थान पर हैं. सूची में हिंदुस्तान टाइम्स मीडिया लिमिटेड की चेयरपर्सन शोभना भरतिया 92वें और अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा 97वें स्थान पर हैं.

सूची में जो अन्य भारतीय मूल की महिलाएं शामिल हैं उनमें पेप्सिको की सीईओ इंदिरा नूयी 11वें स्थान पर तथा भारतीय अमेरिकी निक्की हैली 43वें स्थान पर हैं. मर्केल लगातार सातवीं बार इस सूची में पहले स्थान पर कायम हैं और कुल मिलाकर 12 बार वह इस सूची में पहले स्थान पर रही हैं. मर्केल के बाद ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरिजा मे दूसरे स्थान पर हैं.

मेलिंडा और उनके पति बिल ने अभी तक 40 अरब डौलर का अनुदान दिया है और दोनों दुनिया के 100 देशों के संगठनों को मदद उपलब्ध करा रहे हैं. फेसबुक की मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) शर्लिन सैंडबर्ग चौथे और जीएम की सीईओ मैरी बारा पांचवें स्थान पर हैं.

इस बार सूची में 23 महिलाएं पहली बार शामिल हुई हैं. सूची में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पुत्री इवांका ट्रंप 19वें स्थान पर हैं. यह सूची इन महिलाओं के पास धन, मीडिया में उपस्थिति, प्रभाव आदि के आधार पर तैयार की गई है.

फेसबुक और व्हाट्सऐप पर खर्च हो रहा है ज्यादा डाटा? आजमाएं ये टिप्स

व्हाट्सऐप और फेसबुक का इस्तेमाल आजकल लगभग सभी करते हैं, जब आप लोगों ले जुड़ने या अपने विचार लोगों तक पहुंचाने के लिए अपने स्मार्टफोन पर इनका इस्तेमाल करते हैं तो इसमें आपका काफी डाटा खर्च होता है. अगर आपका फोन ज्यादा डाटा खा रहा है तो हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिससे आपके फोन पर इन ऐप्स का प्रयोग करने पर ज्यादा डाटा न लगे. इस उपाय को अपनाने पर आपका कोई चार्ज भी नहीं लगेगा.  इसके लिए आपको बस अपने फोन की सेटिंग्स में कुछ बदलाव करने हैं. तो आइये इनके सेटिंग्स के बारे में जानते हैं कि कैसे फोन कम डेटा खर्च करेगा.

व्हाट्सऐप की सेटिंग्स

व्हाट्सऐप की सेटिंग्स को खोलिये इसके बाद डेटा यूज के विकल्प पर आइये. जब आप डेटा यूज पर टेप करेंगे तो इसमें कई विकल्प दिखाई देंगे. इनमें से सबसे पहले विकल्प पर क्लिक करना है. यह यह आटो मीडिया डाउनलोड का है. इसमें देख लें कि कहीं मीडिया डाउनलोड अपने आप तो नहीं हो रहे हैं. अगर ऐसा है तो इसे बंद कर दें. क्योंकि इसके खुले होने पर जैसे ही आपके व्हाट्सऐप नंबर पर कोई वीडियो या फोटो आादि आता है तो वह अपने आप ही डाउनलोड हो जाता है. जिसे खुद ब खुद डाटा खर्च होने लगता है.

अपने व्हाट्सऐप की सेटिंग्स में जाकर डेटा यूज पर आएंगे. डेटा यूज पर जब टेप करेंगे तो इसमें कई विकल्प दिखाई देंगे. इसमें सबसे नीचे आ रहे लो डेटा यूज पर क्लिक करें. अब आपका फोन व्हाट्सऐप काल के दौरान कम डेटा यूज करेगा. इसके अलावा अपने चैट बैकअप को भी बंद कर दें. इससे भी फोन में काफी डेटा खर्च होता है.

फेसबुक की सेटिंग्स

यदि आप अपने फोन पर फेसबुक का इस्तेमाल करते हैं और वीडियो सामने आते ही आपने आप प्ले हो जाता है तो इसे अपने फेसबुक ऐप की सेटिंग्स में जाकर बंद कर दें. इससे आपके फोन पर डेटा की बचत होगी.

ऐसा करने के लिए आप पहले अपने फेसबुक ऐप में जाएंगे. यहां आपको सबसे ऊपर की तरफ तीन लाइन दिखाई दे रही होगी. इस पर क्लिक करें. इसके बाद सेटिंग्स में थोड़ा नीचे जाएं. यहां वीडियो आटो प्ले का विकल्प दिखाई देगा. इसे वाई फाई ओनली (Wi-Fi Only) या आफ (Off) कर दें. इससे आपके फोन में फेसबुक के वीडियो अपने आप प्ले नहीं होंगे और आपके डेटा भी ज्यादी खर्च पोने से बच जाएंगे.

जब आशीष नेहरा ने जीता सौरभ गांगुली का दिल

जैसा की आप सभी जानते हैं कि भारतीय क्रिकेटर आशीष नेहरा अपने 18 साल पुराने करियर को अलविदा कह चुके हैं. बुधवार को भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया टी20 मैच आशीष नेहरा का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच था.

दिल्ली स्थित फिरोज शाह कोटला स्टेडियम में बहुत ही सम्मान के साथ आशीष नेहरा को विदाई दी गई. आशीष को सम्मान देते हुए उनके एक पूर्व साथी क्रिकेटर हेमंग बदानी ने अपने फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने नेहरा के साथ क्रिकेट खेलते हुए कुछ यादगरों को पलो को साझा किया है. बदानी ने अपने वीडियो में कहा कि मुझे एक घटना याद है जब सौरव गांगुली की कप्तानी में नेहरा ने उनके न डरने की नसीहत दी थी.

इस घटना का जिक्र करते हुए बदानी ने कहा कि यह साल 2004 की बात है जब भारत और पाकिस्तान के बीच कराची में महत्वपूर्ण सीरीज खेली गई थी. हमने पाकिस्तान के सामने 350 रनों का लक्ष्य रखा था. वहीं पाकिस्तान बहुत अच्छा खेली और आखिरी ओवर में उन्हें 9 या 10 रन मैच को जीतने के लिए चाहिए थे.

उस समय भारतीय टीम दुविधा में थी, किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिरी ओवर किससे कराएं. उस समय आशीष नेहरा फाइन लेग पर खड़े थे और वे दौड़ते हुए सौरव गांगुली के पास आए. गांगुली के पास आकर नेहरा ने उनसे कहा “दादा मैं डालता हूं आप डरो मत, मैं आपको मैच जीताकर दूंगा.”

नेहरा ने जो कहा वह करके दिखाया. नेहरा ने ओवर में तीन रन और एक विकेट लेकर पाकिस्तान को करारी मात दी. आपको बता दें कि बदानी ने अपनी इस वीडियो का कैप्शन लिखा है जिस व्यक्ति ने कहा था दादा डरो मत वह खुद दादा निकला. लड़ने की क्षमता और बड़ा दिल है. आपको रिटायर लाइफ के लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं. आपने भारतीय ध्वज को देश के लिए खेलकर हमेशा उच्च स्थान पर रखा है.

शाहरुख खान की कुछ प्रेरित करने वाली बातें, जो सभी को जाननी चाहिए

शाहरुख खान एक ऐसे अभिनेता हैं जिन्होंने बिना किसी गौडफादर के ना केवल इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई बल्कि एक कामयाब एक्टर बने हैं. आज उनका नाम किसी ब्रांड से कम नहीं है. अपने 25 साल के फिल्म करियर के दौरान शाहरुख ने एंटी-हिरो से लेकर एक हीरो तक के किरदार को निभाया है.

इसके अलावा उन्होंने खून करने वाले से लेकर एक रोमांटिक एक्टर तक के किरदारों में जान डाल दी. अलग-अलग तरह के किरदार निभाते हुए किंग खान फैंस के दिल में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे हैं.

शाहरुख ने डर, अंजाम, दिल से, स्वदेश, माई नेम इज खान और चक दे इंडिया के जरिए अपनी एक्टिंग स्किल को साबित किया है. शाहरुख उन लोगों के लिए प्रेरणा हैं जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष नहीं करना चाहते. उनकी फिल्में और बातों ने बहुत से लोगों को अपने सपनों के पीछे भागने के लिए प्रेरित किया है. आज हम आपको बताते हैं किंग खान की प्रेरित करने वाली वो लाइनें जिन्हें पढ़कर आप निश्चित तौर पर प्रोत्साहित होंगे.

  • मैं रेस में भाग रहा हूं और लोग दूसरे ट्रैक पर, मेरी रेस खुद से है.
  • सफलता कभी अच्छी टीचर नहीं होती, असफलता आपको विनम्र बनाती है.
  • मैं अपने सपनों की दिशा में चलता और दौड़ता हूं. इस दौरान चीजें बदलती हैं, लोग बदलते हैं, मैं बदलता हूं, ये दुनिया बदलती है, यहां तक कि मेरे सपने भी बदलते हैं.
  • जिंदगी का मेरा सबसे बड़ा अफसोस यही है कि मैं अपनी जिंदगी में जितना बड़ा होता हूं उतना ज्यादा अपनी मां को याद करता हूं.
  • कमाने से कभी शर्माओ मत लेकिन अपनी आत्मा मत बेचो.
  • मेरा मानना है कि मेरे अंदर एक छोटा सा नेपोलियन और हिटलर है. अगर मैं कोशिश भी करुं तो भी मैं महात्मा गांधी और मदर टेरेसा की तरह निहस्वार्थ नहीं बन सकता.
  • जिन सपनों का मैंने पीछा किया, वो मुझे यात्रा पर ले गए. एक यात्रा लक्ष्य से ज्यादा फल देती है.
  • अगर लोग मुझे पहचानेंगे नहीं तो मैं मर जाउंगा. अगर लोगों की भीड़ इकट्ठा नहीं होगी तो मैं सड़क पर चल नहीं पाउंगा. इसी वजह से मैं काम करता हूं.

  • आप कभी चांदी नहीं जीतते, आप केवल सोने को खो देते हैं.
  • बहुत कम लोग अपने पैशन को प्रोफेशन में बदल पाते हैं. मैं उन कुछ सौभाग्यशाली लोगों में से एक हूं.

अक्षय ऊर्जा उत्पादन में यूरोपीय संघ को पछाड़ देगा भारत

मौजूदा केंद्र सरकार सौर ऊर्जा को विशेष महत्त्व दे रही है और शुरू से ही वह इस दिशा में निरंतर काम भी कर रही है. सौर ऊर्जा पार्क विकसित करने तथा सौर ऊर्जा के वैश्विक चैंपियन जरमनी से इस दिशा में विशेषज्ञता हासिल करने जैसे कदम उठा कर सरकार ने 2022 तक सौर ऊर्जा क्षमता दोगुना करने का लक्ष्य आसान बना दिया है.

अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने भारत सरकार के सौर ऊर्जा कार्यक्रम में आ रही आक्रामकता का जायजा लेते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारत अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है और 2022 तक उस की अक्षय ऊर्जा क्षमता दोगुनी हो जाएगी. एजेंसी का कहना है कि सौर ऊर्जा तथा पवन ऊर्जा दोनों क्षेत्रों में भारत तेजी से वृद्धि कर रहा है.

सरकारी आंकड़े के अनुसार, देश की मौजूदा अक्षय ऊर्जा क्षमता 58,300 मेगावाट है और उसे दोगुना करने की योजना है. इस में एक लाख मेगावाट ऊर्जा क्षमता सिर्फ सौर ऊर्जा की होगी. इस क्षमता को हासिल करने के बाद भारत नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में पहली बार यूरोपीय संघ को पीछे छोड़ देगा और 2022 तक भारत-चीन-अमेरिका की वैश्विक स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा हिस्सेदारी दोतिहाई हो जाएगी.

अच्छी बात यह है कि भारत में पवन ऊर्जा की दर 2.44 रुपए प्रति यूनिट और सौर ऊर्जा की दर 3.46 रुपए प्रति यूनिट हो गई. यह दर रिकौर्ड निचले स्तर पर है और अगले 5 वर्षों में इस में और गिरावट आने की उम्मीद है.

नवीकरणीय ऊर्जा भविष्य की ऊर्जा है, यह सस्ती है और प्राकृतिकरूप से उपलब्ध स्वच्छ ऊर्जा है. इसलिए सरकार इसे ज्यादा महत्त्व दे रही है. लोग घरों की छतों पर पवन ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर उसे बेच रहे हैं और घर में पर्याप्त बिजली जला रहे हैं.

यहां जानें ‘सुपर 30’ आनंद कुमार के बायोपिक की रिलीज डेट

बौलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन जल्द ही ‘सुपर-30’ के आनंद कुमार बने नजर आएंगे. जी हां, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) की प्रवेश परीक्षा की तैयारी कराने के लिए चर्चित संस्थान ‘सुपर 30’ के संस्थापक आनंद कुमार के जीवन पर एक बायोपिक बनाई जा रही है. आखिरी बार फिल्म ‘काबिल’ में नजर आए ऋतिक इस बायोपिक में लीड रोल निभाएंगे, जो अगले साल 23 नवंबर को रिलीज होगी.

ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने अपने एक ट्विटर हैंडल पर बायोपिक की रिलीज डेट को साझा करते हुए लिखा, “ब्रेकिंग न्यूज, ऋतिक रोशन के अभिनय से सजी ‘सुपर 30’ आनंद कुमार की फिल्म 23 नवंबर 2018 को रिलीज होगी.”

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में आगे लिखा, “विकास बहल के निर्देशन में बन रही फिल्म को फैंटम और रिलाइंस इंटरटेनमेंट प्रोड्यूस कर रहे हैं.”

तरण का यह ट्वीट देखते ही देखते सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा. इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए कई लोग आगामी बायोपिक को अभी से ‘ब्लौकबस्टर’ बता रहे हैं. वहीं ज्ञानेंद्र झा ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “ये बिहार और बिहारी अस्मिता के लिए गर्व की बात है.”

सूत्रों की माने तो आनंद कुमार की इस बायोपिक में करीब 20 बिहारी कलाकारों को मौका दिया जाएगा. फिल्म के निर्माण के सिलसिले में कुछ दिन पहले ही निर्देशक विकास बहल पटना आए थे. बायोपिक में आनंद के जीवन संघर्ष से लेकर छात्रों के परिवेश को भी प्रदर्शित किया जाएगा.

मालूम हो कि सुपर 30 के अभी तक 450 में से 390 स्‍टूडेंट आईआईटी में चुने जा चुके हैं.

बता दें कि कुछ दिन पहले आनंद कुमार ‘कौन बनेगा करोड़पति’ की हाट सीट पर अमिताभ बच्चन के साथ नजर आएं थे और कई सवालों का सही जवाब देकर उन्होंने 25 लाख रुपये जीते थे.

‘कौन बनेगा करोड़पति’ को दौरान उन्होंने बताया था कि उनके पिताजी चाहते थे कि मैं और मेरा भाई हम दोनों और पढ़े लिखें, लेकिन उनका अचानक देहांत हो गया. जिसके बाद घर के हालात धीरे धीरे बिगड़ने लगे तब घर चलाने और हमें पढ़ाने के लिए मां ने पापड़ बनाने का काम शुरू किया. मैं और मेरा भाई पापड़ बेचने जाते थे.

वाटर प्रूफ, वाटर रिपेलेंट, वाटर रेसिस्टेंट क्या है इन तीनो में अंतर

स्मार्टफोन आजकल सिर्फ रैम, प्रोसेसर और कैमरा के अच्छे होने से ही स्मार्ट नहीं बन जाते हैं. स्मार्टफोन में कई अलग फीचर्स भी आने लगे हैं, जो इसे स्मार्ट बनाते हैं. अब फोन वाटर और डस्ट रेसिस्टेंट आते हैं. इन फोन्स पर पानी और धूल का भी कोई असर नहीं होता.

ऐसे फोन यूजर्स के लाइफस्टाइल को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं. बाजार में ऐसे कई फोन हैं जिनमे कुछ वाटर प्रूफ, वाटर रिपेलेंट और ज्यादातर फोन वाटर रेसिस्टेंट सर्टिफिकेट के साथ आते हैं.

यूजर्स को इन तीनों तरह के फीचर्स में आमतौर पर कन्फ्यूजन होता है. इस तरह का फोन लेने से पहले तीनों में अंतर जान लेना जरूरी है.

वाटर प्रूफ

वाटरप्रूफ फीचर के साथ आने वाले फोन को पानी में नुकसान नहीं होता. अक्सर कई स्मार्टफोन IP68 और IP67 सर्टिफिकेशन के साथ आते हैं, जिसका मतलब होता है कि फोन को 30 मीटर तक पानी में रखने के बाद भी कुछ नहीं होगा. इसी के साथ इस तरह के फोन्स को पानी के अंदर पिक्चर लेने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है. सैमसंग, सोनी और एप्पल के डिवाइस मुख्यत: इस फीचर के साथ आते हैं.

वाटर रिपेलेंट

यह वाटर प्रूफ फीचर से एक स्तर कम है. इस फीचर का मतलब है कि आपके फोन पर एक थिन-फिल्म चढ़ाई गई है जो फोन में पानी नहीं जाने देगी. इसे फोन के अंदर और बाहर दोनों तरफ लगाया जाता है। पानी से बचाने के लिए इस तरह के फोन पर हाइड्रोफोबिक सतह तैयार की जाती है, जिससे फोन पर पानी का असर नहीं होता और वह गंदगी को जमने भी नहीं देता. एक आम डिवाइस की तुलना में इस तकनीक से लैस फोन ज्यादा समय पानी में बिना खराब हुए रह सकते हैं.

वाटर रेसिस्टेंट

वाटर रेसिस्टेंट इस श्रेणी में सबसे छोटे स्तर का फीचर है. अगर आपका फोन वाटर रेसिस्टेंट है तो पानी में जाने पर वो ठीक नहीं रहेगा. इसका मतलब यह है की आपके फोन पर पानी की कुछ छीटें पड़ने के बाद भी नुकसान नहीं होगा. लेकिन, अगर आपका फोन वाटर रेसिस्टेंट है तो आप अपने फोन को पानी में डालने की भूल ना करें.

इन तीनों में अंतर जानने के बाद आपके लिए इन फीचर्स से लैस फोन लेने में आसानी होगी. इसी के साथ आपको पता भी चल जाएगा की आपको कौन-से फीचर से लैस फोन लेना है.

साइबर क्राइम से बचना है तो खरीदें ये बीमा पालिसी

भारत में पहली बार जीवन बीमा और वाहन बीमा के तर्ज पर अब साइबर क्राइम से बचने के लिए भी बीमा खरीदा जा सकता है. साइबर बीमा के अंतर्गत आपको औनलाइन धोखाधड़ी से होने वाला आर्थिक नुकसान, पहचान की चोरी, साइबर स्टौकिंग और वसूली, फिशिंग और मालवेयर अटैक से होने वाले नुकसान को शामिल किया जाएगा.

यह साइबर सेफ पालिसी बजाज एलियांस जनरल इंशोरेंस ने पेश की है. इसके जरिये कंपनी का मकसद निजी तौर पर इंटरनेट और ई-कामर्स का इस्तेमाल करने वाले लोगों को मदद पहुंचाना है. बताते चलें कि बिजनेस के लिए साइबर लाएबिलिटी कवर कई वर्षों से बाजार में है.

मगर, अभी तक निजी रूप से अपने लिए कोई व्यक्ति इसे नहीं खरीद सकता था. बजाज एलियांस के मैनेजिंग डायरेक्काटर और सीईओ तपन सिंहल ने बताया कि यह अपनी तरह का पहला कवर है, जो ग्राहकों के लिए बढ़ते और बदलते खतरों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

कुछ दशक पहले तक जेब कट जाना सबसे बड़ा खतरा हुआ करता था. इस दौर में जेबकतरों के खिलाफ कवर देने वाली पालिसी कारगर नहीं होगी क्योंकि बड़ा खतरा साइबर क्राइम है. तपन ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में काफी संख्या में डेटा स्टोर करने के साथ ही उसका आदान-प्रदान भी हो रहा है. इसके चलते साइबर खतरे भी बढ़ गए हैं.

पालिसी एक लाख से एक करोड़ रुपए तक का बीमा देगी, लेकिन इसके प्रीमियम के बारे में अभी तक कंपनी ने कोई जानकारी नहीं दी है. अधिकारियों ने बताया कि प्रीमियम इस आधार पर तय किया जाएगा कि कोई व्यक्ति कितना समय औनलाइन बिताता है.

क्या आपके भी स्मार्टफोन में है वायरस..? ऐसे लगाएं पता

दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला औपरेटिंग सिस्टम है ऐंड्रायड. आज इसके दुनियाभर में 100 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं. कई बार कुछ ऐप डाउनलोड करते वक्त आपके स्मार्टफोन में वायरस आ जाते हैं जिससे आप अंजान रहते हैं. और इन्हीं वयरस की मदद से हैकर्स आपसे जुड़ी जानकारी हासिल कर लेते हैं. फोन में एक बार वायरस का आना आपकी निजता के लिए खतरनाक हो सकता है. आप कुछ टिप्स अपनाकर अपने फोन में वायरस का पता लगा सकते हैं. तो आइए आपको बताते हैं फोन में वायरस पता लगाने के तरीके.

ज्यादा डाटा खर्च

अगर अचानक से आपके मोबाइल का डाटा पहले के मुकाबले ज्यादा तेजी से खर्च होने लगे, तो इसकी एक वजह आपके मोबाइल में घुसपैठ करने वाले वायरस भी हो सकते हैं. यदि पिछले महीने की तुलना में बगैर ज्यादा इस्तेमाल किए आपका डाटा ज्यादा खर्च हुआ है, तो समझ जाएं कि आपका मोबाइल या टैब वायरस की चपेट में है.

ज्यादा बैटरी खर्च होना

वायरस से न सिर्फ आपके मोबाइल का डाटा खर्च होता है बल्कि आपके मोबाइल की बैटरी पर भी यह काफी प्रभाव डालता है. एक बार वायरस वाले ऐप को डाउनलोड करने के बाद आपके फोन की बैट्री काफी जल्दी खत्न होने लगती है.

फोन में अनचाहे ऐप

कुछ ऐसे भी ऐप होते हैं जो बिना आपकी जानकारी के ही आपके मोबाइल में इंस्टाल हो जाते हैं. ट्रोजन मैलवेयर के जरिए आपके मोबाइल फोन को नुकसान पहुंचाने वाले ऐप औटोमैटिक डाउनलोड हो जाते हैं. यदि फोन में आपको ऐसे ऐप दिखें जो आपने इंस्टाल न किए हों तो उन्हें तुरंत हटा दें.

पौप-अप्स

अगर आप पौप अप्स, नोटिफिकेशन्स, अनचाहे रिमाइंडर और सिस्टम वार्निंग जैसे नोटिफिकेशन्स पर क्लिक करते हैं तो इससे भी आपके डिवाइस में वायरस बढ़ता जाता है. इसलिए ऐसे रिमाइंडर्स और सिस्टम वार्निंग्स पर क्लिक करने से बचें और ऐसी साइटों पर जाएं ही मत जहां यह ज्यादा दिखते हों.

मोबाइल बिल में SMS का एक्स्ट्रा चार्ज

अगर आपके मोबाइल बिल में अनावश्यक SMS चार्ज लिया जा रहा है तो आपके फोन में वायरस हो सकता है. आप इस बात का आसानी से पता लगा सकते हैं कि कहीं आपके फोन से प्रीमियम रेट नंबर पर SMS तो नहीं भेजे जा रहे और वह भी बिना आपकी जानकारी के. प्रीमियम रेट नंबर एक स्पेशल नंबर होता है जिसपर मेसेज भेजने का चार्ज सामान्य के मुकाबले कहीं ज्यादा होता है.

इन भारतीय खिलाड़ियों के नाम है टेस्ट में सर्वाधिक छक्के जड़ने का रिकार्ड

वनडे और टी20 क्रिकेट के आने के बाद से क्रिकेट में छक्कों की अहमियत बढ़ गई है. वनडे में सबसे ज्यादा छक्के जड़ने का रिकार्ड जहां शाहिद अफरीदी के नाम है वहीं अंतरराष्ट्रीय टी20 में यह रिकार्ड क्रिस गेल के नाम है.

टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो ब्रेंडन मैकलम 107 छक्कों के साथ शीर्ष पर हैं. लेकिन इस बीच सवाल उठता है कि टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम की ओर से सर्वाधिक छक्के जड़ने का रिकार्ड किन बल्लेबाजों के नाम है. तो आइए जानते हैं किन दिग्गज भारतीय बल्लेबाजों के नाम टेस्ट में सर्वाधिक छक्के जड़ने का रिकार्ड है.

वीरेंद्र सहवाग

भारतीय टीम के विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग टेस्ट में भारत की ओर से छक्के जड़ने के मामले में पहले नंबर पर हैं. सहवाग ने साल 2001 से 2013 के बीच अपने टेस्ट करियर में कुल 104 मैच खेले और 180 पारियों में बल्लेबाजी की और इस दौरान उन्होंने कुल 91 छक्के जड़े. सहवाग के नाम टेस्ट में 49.34 की औसत से 8,586 रन बनाने का रिकार्ड दर्ज है.

सहवाग के नाम दो तिहरे शतक हैं. उनका सर्वोच्च स्कोर 319 है जो उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ साल 2008 में बनाया था. इसके अलावा सहवाग ने 1,233 चौके भी जड़े.

एमएस धोनी

एमएस धोनी वनडे में भारत की ओर से सर्वाधिक 197 छक्के जड़ने वाले बल्लेबाज हैं. वहीं टेस्ट में वह भारत की ओर से सर्वाधिक छक्के जड़ने के मामले में दूसरे नंबर पर हैं. धोनी ने साल 2005 से 2014 तक टेस्ट क्रिकेट खेली और इस दौरान कुल 90 टेस्ट मैचों में उन्होंने 38.09 की औसत से 4,876 रन बनाए और 78 छक्के जड़े. इसके अलावा उन्होंने 544 चौके भी जड़े. धोनी के नाम टेस्ट में 6 शतक हैं. इसके अलावा उनका सर्वोच्च स्कोर 224 रहा है.

सचिन तेंदुलकर

भारतीय टीम के शिखर पुरुष सचिन तेंदुलकर ने साल 1989 से 2013 तक टीम इंडिया के लिए क्रिकेट खेली. इस दौरान उन्होंने 200 टेस्ट मैच खेले. इतने मैचों की 329 पारियों में उन्होंने बल्लेबाजी करते हुए कुल 70 छक्के जड़े. इसके अलावा उन्होंने 2,058 चौके जड़े.

कपिल देव

भारत के सफलतम औलराउंडर व पूर्व कप्तान कपिल देव ने साल 1978 से 1994 तक क्रिकेट खेली. इस दौरान उन्होंने 131 टेस्ट मैच खेले और 61 छक्के जड़े. कपिल ने इस दौरान 184 पारियों में बल्लेबाजी की. कपिल के नाम टेस्ट में 5,284 रन दर्ज हैं जो उन्होंने 31.05 की औसत से बनाए हैं. इसके अलावा उन्होंने 557 चौके भी जड़े. कपिल के नाम टेस्ट में कुल 8 शतक दर्ज हैं और उनका सर्वोच्च स्कोर 163 रन है.

सौरव गांगुली

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान व दिग्गज बल्लेबाज सौरव गांगुली टेस्ट क्रिकेट में भारत की ओर से सर्वाधिक छक्के जड़ने के मामले में पांचवें नंबर पर हैं. गांगुली ने साल 1996 से 2008 के बीच कुल 113 मैचों की 188 पारियों में कुल 57 छक्के जड़े. इसके अलावा उन्होंने 900 चौके भी जड़े. आपको बता दें कि गांगुली ने अपने टेस्ट करियर में कुल 7,212 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 16 शतक जड़े. वहीं उन्होंने 239 रनों की पारी खेली. सौरव गांगुली को टीम इंडिया के बेहतरीन कप्तानों में एक माना जाता है.

हरभजन सिंह

भारत की ओर से छठवें नंबर पर सर्वाधिक छक्के जड़ने का रिकार्ड हरभजन सिंह के नाम है. हरभजन सिंह टेस्ट में 42 छक्के जड़ चुके हैं.

नवजोत सिंह सिद्धू

सातवें नंबर पर नवजोत सिंह सिद्धू हैं. सिद्धू के नाम टेस्ट में 38 छक्के हैं.

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