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ऐसे बढ़ाएं स्मार्टफोन, टैबलेट और लैपटौप की बैटरी लाइफ

आज की तारीख में ज्यादातर लोग स्मार्टफोन का प्रयोग करते हैं. ये फोन हाई-रिजौल्यूशन वाले बड़े डिस्प्ले, पावरफुल प्रोसेसर और ज्यादा मैमोरी के साथ आते हैं. इनका मकसद मल्टी-टास्किंग और मुश्किल काम को भी आसानी से पूरा करने का होता है. लेकिन कई तरह की नई नई तकनीक आने के बाद भी इनमें बैटरी की समस्या बनी रहती है. आप चाहें स्मार्टफोन, टैबलेट या फिर लैपटौप इस्तेमाल करते हों. ये टिप्स आपके डिवाइस की बैटरी लाइफ बढ़ाने में मदद करेंगे.

तापमान का रखें ध्यान

ज्यादा तापमान और बढ़ती उम्र धीरे-धीरे बैटरी की परफौर्मेंस को कम कर देते हैं. कम तापमान (30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर के तापमान को ज्यादा माना जाता है) में डिवाइस का इस्तेमाल करने से उसकी लाइफ साइकल बेहतर होगी. टेस्टिंग में पाया गया है कि तीन महीने के लिए बैटरी को 60 डिग्री तापमान में इस्तेमाल करने पर परफौर्मेंस 60 फीसदी तक पहुंच जाती है और 40 डिग्री तापमान में 65 फीसदी पर.

स्मार्टफोन के ज्यादा गर्म होने की समस्या से परेशान होना वाजिब है, क्योंकि बीतते समय के साथ बैटरी लाइफ बहुत ज्यादा कमजोर हो जाती है. लैपटौप में इस बात का ध्यान रखें कि आप कूलिंग पैड का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि सीपीयू वेंट से गर्म हवा आसानी से निकल जाए.

मुफ्त ऐप से बचें

विज्ञापन के साथ आने वाले ऐप्स आपके डिवाइस की बैटरी लाइफ औसतन 2.5 से 2.1 घंटे तक कम कर सकते हैं. ऐसा नहीं है कि सभी फ्री ऐप्स आपकी बैटरी पर असर डाल रहे हैं, लेकिन अगर आपको उस पर कोई विज्ञापन नजर आए तो समझ लीजिए कि यह बैंडविथ और प्रोसेसर पर असर डालेगा ही.

लोकेशन ट्रैकिंग बंद कर दें

हाल ही में आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फेसबुक ऐप आईफोन की बैटरी को जल्दी खत्म कर देता है क्योंकि यह बार-बार जीपीएस मौड्यूल का इस्तेमाल करके यूजर की लोकेशन जानता रहता है. ऐसे में जिन ऐप को आपके लोकेशन की जरूरत नहीं है, उनके लोकेशन ट्रैकिंग को औफ कर दें.

ज्यादातर एंड्रौयड डिवाइस पर आप सेटिंग्स के बाद लोकेशन में जाकर लोकेशन ट्रैकिंग को पूरी तरह से औफ कर सकते हैं.

पूरी तरह से चार्ज करने से बेहतर है थोड़ा-थोड़ा चार्ज

बैटरी को 100 फीसदी से सीधे ले जाकर शून्य पर खत्म करने से बेहतर है कि आप इसे 50 फीसदी तक ही डिस्चार्ज होने दें. 30 से 80 फीसदी के बीच का क्रम बनाए रखें. ऐसा करने से आपके बैटरी की डिस्चार्ज साइकिल तीन गुना बढ़ जाएगी.

डिस्प्ले की ब्राइटनेस कम करें

अपने फोन की ब्राइटनेस को हमेशा कम करके रखें, क्योंकि यह भी आपके फोन की बैटरी पर काफी असर डालता है. डिस्प्ले की ब्राइटनेस कम करके आप 30 फिसदी तक अपने फोन की बैटरी बचा सकते हैं.

डिवाइस के इनएक्टिव रहने पर आपका डिस्प्ले कितनी देर तक औन रहे, यह कम करके भी आप थोड़ी बैटरी बचा सकते हैं. एंड्रौयड पर आप सेटिंग्स के बाद डिस्प्ले में जाकर यह तय कर सकते हैं. आईओएस में सेंटिग्स के बाद जनरल के बाद औटो-लौक में जाकर आप सेटिंग को अपनी सुविधा के हिसाब से बदल सकते हैं.

लो पावर मोड को औन करें

सभी एंड्रौयड फोन में बैटरी सेवर मोड मौजूद नहीं है. अगर आप एंड्रौयड 5.0 या उसके बाद के वर्जन को इस्तेमाल कर रहें तो आपके डिवाइस पर इस मोड के मौजूद रहने की संभावना ज्यादा है. जैसे ही आपके फोन की बैटरी 15 फीसदी पर पहुंचती है, यह अपने आप एक्टिव हो जाता है. यह बैकग्राउंड ऐप रिफ्रेश, लोकेशन ट्रैकिंग और सिंक एक्टिविटी को बंद कर देता है, ताकि बैटरी लाइफ बचाई जा सके. इस फ़ीचर के कारण स्टैंडबाय टाइम दोगुना हो जाता है.

फ्लाइट मोड का इस्तेमाल करें

अगर आप ऐसी जगह पर हैं जहां कोई नेटवर्क नहीं है तो बेहतर होगा कि फोन में एयरप्लेन मोड (फ्लाइट मोड) एक्टिव कर लें. आपका फोन ऐसी जगहों पर बार-बार नेटवर्क तलाश करेगा जिसका असर बैटरी लाइफ पर पड़ता है.

इन सुझावों का पालन करने पर आप पाएंगे कि आपका फोन पहले की तुलना में ज्यादा बेहतर बैटरी लाइफ दे रहा है.

99 रुपये में हवाई सफर का मौका, सिर्फ 7 शहरों के लिये है औफर

सस्ते हवाई सफर का औफर पेश करने की दौड़ में एयर एशिया भी शामिल हो चुकी है. इंडिगो और विस्तारा के बाद एयर एशिया ने भी सस्ते में हवाई सफर का औफर जारी किया है. हालांकि, यह औफर बाकी कंपनियों से काफी सस्ता है, लेकिन सिर्फ 7 शहरों में ही सफर किया जा सकता है.

कंपनी ने रविवार रात इस औफर का एलान किया है. कंपनी भारत के सात बड़े शहरों में बेहद कम किराए में सफर करवाएगी. इस औफर के मुताबिक, बेस फेयर 99 रुपए के आसपास या उससे थोड़ा बहुत ज्यादा होगा. कंपनी के जारी बयान के मुताबिक, 99 रुपए से शुरू इस सफर में बंग्लुरु, हैदराबाद, कोच्चि, कोलकाता, नई दिल्ली, पुणे और रांची का सफर किया जा सकता है.

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विदेश में भी सस्ते सफर का मौका

एयर एशिया ने विदेश सफर के लिए भी कुछ औफर पेश किए हैं. इंटरनेशल फ्लाइट की टिकट 1499 रुपए (बेस फेयर) से शुरू हैं. इसमें एशिया-पसेफिक रीजन के 10 देशों में से कहीं की भी टिकट बुक की जा सकती है. औफर के तहत औकलैंड, बाली, बैंकौक, कुआलालंपुर, मेलबर्न, सिंगापुर और सिडनी का सफर किया जा सकता है.

21 जनवरी है बुकिंग की लास्ट डेट

एयर एशिया का यह औफर आज से शुरू हो चुका है. यात्री 21 जनवरी तक टिकट बुक कर सकते हैं. ऑफर के तहत 15 जनवरी से 31 जुलाई के बीच सफर का मौका मिलेगा. आपको बता दें, एयर एशिया इंडिया में टाटा संस की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है, बाकी 49 प्रतिशत शेयर्स एयर एशिया इन्वेस्टमेंट लिमिटिड औफ मलेशिया के पास है.

16 शहरों में उड़ानें

एयर एशिया को देश में सुविधाएं देते हुए तीन साल हो चुके हैं, कंपनी के फ्लाइट औपरेशन फिलहाल 16 शहरों में हैं. इसमें भुवनेश्वर, चंडीगढ़, हैदराबाद, गुवाहाटी, पणजी, इंफाल, जयपुर, कोच्ची और विशाखापट्टनप आदि शामिल हैं.

क्या आपने देखी बिना ब्रेक-गियर और स्टीयरिंग वाली कार..!

आपने बिना गियर की कार देखी होगी. हवा में उड़ने वाली कार भी काफी चर्चा में रही है, लेकिन क्या कभी ऐसी गाड़ी देखी है जिसमें स्टीयरिंग व्हील, गियर शिफ्टर और कोई पेडल न हो. तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब जल्द ही ऐसा मुमकिन होने वाला है. 110 साल पुरानी अमेरिकी कंपनी जनरल मोटर्स (जीएम) ऐसी कार ला रही है. इस कार में कोई स्टीयरिंग व्हील नहीं है और न ही कोई गियर शिफ्टर दिया गया है. खास बात ये है कि इसमें कोई पेडल भी नहीं है. इसका मतलब साफ है कि यह कार बिना मैन्युअली कंट्रोल के चलेगी.

कंपनी ने ट्विटर पर इसकी तस्वीरें जारी किया है और यह काफी वायरल भी हो रहा है.

ट्विटर पर जारी तस्वीर में साफ दिख रहा है कि कंपनी ने इस कार को लाने की पूरी तैयारी कर ली है. कंपनी के एक बयान के मुताबिक उसकी कोशिश है कि एक ऐसी दुनिया बनाई जाए जहां जीरो एमिशन, क्रैश और कंजेशन हो.

ऐसे होंगे फीचर्स

Cruise AV नाम की इस कार में 4 लोगों की बैठने की जगह होगी. इसमें कैमरा, लेजर सेंसर्स कार की रूफ पर मौजूद होंगे जो सड़क पर नेविगेशन के तौर पर काम करेंगे और रास्ता बताएंगे. इतना ही नहीं ये फुटपाथ को भी पहचान सकेंगे. इसमें आगे की ओर दो सीट दी जाएंगी जिसके सामने डिस्प्ले स्क्रीन के साथ कुछ बटन दिए होंगे. ये बटन औडियो और क्लाइमेट कंट्रोल रखेंगे.

2019 में होगा कार का रोड टेस्ट

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने इसके प्रोडक्शन मौडल को तैयार कर लिया है. कंपनी के मुताबिक, अब उसने इस गाड़ी को रोड पर टेस्ट करने के लिए अमेरिका के ट्रांसपौर्टेशन डिपार्टमेंट से इजाजत मांगी है. बताया जा रहा है कि जनरल मोटर्स 2019 की शुरुआत में इस कार को सड़क पर टेस्ट करना शुरू कर सकती है. फिलहाल कंपनी ने इस कार के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी है

इंटीरियर में नहीं कोई बदलाव

कार के स्टीयरिंग व्हील, गियर शिफ्टर और पेडल्स को छोड़ दिया जाए तो इसका इंटीरियर बाकी कारों के जैसा ही है. इसके सेंटर कंसोल पर बड़ी टचस्क्रीन दी गई है जिसके पास कई तरह के बटन भी मौजूद हैं. इसका डैशबोर्ड ड्यूल टोन है और सेंटर कंसोल के टौप पर ही एसी वेंट्स दी गई है. इस औटोनौमस व्हीकल्स को जनरल मोटर्स क्रूज डिविजन ने तैयार किया है.

पद्मावत : मुश्किलों से भरा सफर

संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावत’ 25 जनवरी को रिलीज होगी. फिल्म के मेकर्स भंसाली प्रोडक्शन और वायाकौम 18 मोशन पिक्चर्स ने बताया कि फिल्म को दुनियाभर में एक साथ IMAX 3D में रिलीज की जाएगी. फिल्म का निर्माण करने वाली कंपनी वायाकौम 18 मोशन पिक्चर्स की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक यह पहली भारतीय फिल्म है जो ग्लोबल IMAX 3D में रिलीज होगी. केवल पांच बदलावों के बाद यूए प्रमाणन के साथ सीबीएफसी ने रिलीज को मंजूरी दे दी. फिल्म हिंदी, तमिल और तेलुगु इन तीन भाषाओं में रिलीज होगी.

रिलीज को लेकर अभी कहां-क्या हालात?

इस फिल्म को लेकर अभी भी विरोध जारी है. पहले राजस्थान, फिर मध्यप्रदेश में बैन लगने के बाद गुजरात सरकार ने भी एक अधिसूचना जारी कर संजय लीला भंसाली की बहु-चर्चित फिल्म ‘पद्मावत’ की रिलीज पर प्रतिबंध लगा दिया. हालांकि, हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर ने फिल्म पर रोक लगाने से मना कर दिया है.

राजस्थान में शुरू से था विरोध, रिलीज भी नहीं होगी

फिल्म जब से बननी शुरू हुई तभी से राजस्थान में इस फिल्म के रिलीज होने पर संशय था. राजपूत करणी सेना के विरोधी सुरों के साथ राज्य सरकार ने भी उनके सुर में सुर मिला लिया. अब सेंसर बोर्ड से पास होने, कई कट लगने और नाम बदलने के बाद भी राजस्थान सरकार इस फिल्म की रिलीज को तैयार नहीं है.

इससे पहले मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी को लेटर लिखकर कहा था कि वह पद्मावती विवाद में हस्तक्षेप करें. इसमें मुख्यमंत्री ने लिखा था कि फिल्म को रिलीज करने से पहले उसके विवादित अंश हटा दिए जाएं.

गुजरात में भी बैन

राजस्थान के बाद गुजरात सरकार ने भी इस फिल्म को रिलीज न करने का फैसला लिया है. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि संजय लीला भंसाली की पद्मावत गुजरात में रिलीज नहीं की जाएगी. राज्य सरकार का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह निर्णय किया गया है.

मध्य प्रदेश में भी नहीं दिखेगी

शिवराज सिंह ने एलान किया कि मध्‍यप्रदेश में ‘पद्मावत’ नहीं दिखाई जाएगी. शिवराज ने भी इसे कानून-व्यवस्था के साथ जोड़ा.

गोवा में सरकार राजी, पुलिस तैयार नहीं

गोवा पुलिस ने राज्य में ‘पद्मावत’ रिलीज न करने की बात कही. इसको लेकर पुलिस ने राज्य सरकार को लेटर लिखा. इस पर सीएम मनोहर पर्रिकर ने कहा कि कानून-व्यवस्था ठीक रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे.

पार्रिकर ने कहा कि अगर फिल्म को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिल गया है तो उसकी रिलीज रोकी नहीं जाएगी. गोवा पुलिस ने सरकार को लेटर लिखा कि राज्य में टूरिस्ट सीजन चल रहा है. अगर फिल्म रिलीज की जाती है तो पुलिस पर सुरक्षा को लेकर दबाव बढ़ जाएगा.

यूपी में सस्पेंस बरकरार

फिल्म का विवाद अपने चरम पर था तब यूपी सरकार ने कहा था कि यह फिल्म ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करने वाली है, लिहाजा इसे न रिलीज करना ही सही फैसला होगा. सेंसर बोर्ड से पास होने के बाद जब यह फिल्म बदले नाम के साथ रिलीज को तैयार है, तब यूपी सरकार की तरफ से इसे दिखाने या न दिखाने से जुड़ा कोई बयान अब तक नहीं आया है. यूपी सरकार की ये चुप्पी फिल्म की रिलीज को लेकर सस्पेंस बनाए हुए है.

क्या होगा नुकसान?

मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान बड़े राज्य हैं. यहां पर फिल्म के रिलीज न होने का सीधा असर फिल्म के कलेक्शन पर पड़ेगा. ये तीनों हिंदी भाषी राज्य हैं जहां मल्टीप्लेक्स और सिंगल थिएटर में बड़ी संख्या में यह फिल्म दिखाई जानी थी.

फिल्म पद्मावती को लेकर क्या है आपत्ति?

पद्मावत पर पिछले काफी समय से विवाद हो रहा है. राजस्थान में राजपूत समुदाय से जुड़े संगठन करणी सेना, बीजेपी लीडर्स और हिंदूवादी संगठनों ने फिल्म की विषयवस्तु पर आपत्ति प्रकट की थी, जिससे यह फिल्म विवादों में घिर गई. उन्होंने इस फिल्म पर इतिहास से छेड़छाड़ किये जाने का आरोप लगाया. राजपूत करणी सेना का मानना है कि ​इस फिल्म में पद्मिनी और खिलजी के बीच सीन फिल्माए जाने से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची. फिल्म में रानी पद्मावती को घूमर नृत्य करते दिखाया गया है. जबकि राजपूत राजघरानों में रानियां घूमर नहीं करती थीं.

सीएम हाउस भेजेंगी बाल : सर मुड़ाने से अब ओले सरकार पर गिरेंगे

आम तौर पर महिलाएं दो हालातों में ही सर मुड़वातीं हैं, पहला जब वे विधवा होतीं हैं तब और दूसरे तब जब सन्यासिन बनतीं हैं. पहली स्थिति अब हालांकि पहले की तरह बाध्यता नहीं रही है, लेकिन मध्यप्रदेश की अध्यापिकाओं की यह मजबूरी हो गई थी कि सरकार का ध्यान खींचने उन्होंने अपने सौन्दर्य के पर्याय लंबे घने केशों पर उस्तरा चलवा कर सूबे में हाहाकार मचा डाला. 13 जनवरी को भोपाल की सड़कों पर रथ ही रथ दौड़ रहे थे, एक सरकारी एकात्म यात्रा के और दूसरे अध्यापकों के जो प्रदेश के कोने कोने से आए थे.

भोपाल के जंबूरी मैदान पर हजारों की तादाद में अध्यापक इकट्ठा हुये थे. इनकी प्रमुख मांगे थीं कि अध्यापकों का संविलियन शिक्षा विभाग में किया जाये, अध्यापकों को सातवां वेतनमान दिया जाये, बंधनमुक्त तबादला नीति बनाई जाए और चाइल्ड केयर लीव सहित अध्यापकों को अनुकम्पा नियुक्ति दी जाये. सरकार अध्यापकों की इन मांगो पर ध्यान नहीं दे रही थी, लिहाजा इस दफा उन्होंने सर मुड़वा कर संकेत दे दिया कि अगर मांगे नहीं मानी गईं तो वे सर कटवा भी सकती हैं.

किसी को उम्मीद नहीं थी कि अध्यापिकाएं भी सामूहिक मुंडन करवा सकती हैं. जैसे ही आजाद अध्यापक संघ की प्रांताध्यक्ष शिल्पी सीवान ने मंच पर आकर मुंडन कराया, तो फिर देखते ही देखते सर मुंडाने वालों की लाइन सी लग गई, शिल्पी के बाद अलीराजपुर की सीमा क्षीरसागर, रायसेन की रेणु सागर और जबलपुर की अर्चना शर्मा ने भी निर्विकार भाव से बाल उतरवा दिये. आजाद अध्यापक संघ के कार्यवाहक प्रांताध्यक्ष शिवराज वर्मा सहित सौ से भी ज्यादा शिक्षकों ने बारी बारी से मुंडन कराया, तो माहौल तिरुपति बालाजी के मंदिर सरीखा हो गया जहां मन्नत मांगने आए श्रद्धालुओं में सर घुटवाने गजब का जोश रहता है.

teachers protest in bhopal

सामूहिक सर मुड़ाई का यह नजारा देख कुछ अध्यापक तो मैदान पर ही गश खाकर गिर पड़े और एक को हार्ट अटैक आ गया, जिसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. विरोध के इस अनूठे तरीके का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि अब कुछ भी हो जाये इस सरकार से कुछ नहीं मांगेंगे और विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट नहीं देंगे. कटवाए हुये बाल सीएम हाउस भेजने की बात भी जोर देकर कही गई.

इन अध्यापकों की मांगे कितनी जायज हैं और कितनी नाजायज हैं, यह एक अलग बहस का मुद्दा है, लेकिन अध्यापिकाओं के सर मुड़ाने की घटना से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की नींद उडी हुई है जो इन दिनों धार्मिक कार्यक्रमों में व्यस्त हैं और राज्य के तमाम कर्मचारियों का गुस्सा आए दिन तरह तरह से फूट रहा है, हर किसी को सातवां वेतनमान चाहिए. इन मुलाजिमों को बेहतर मालूम है कि चुनावी साल में सरकार पर दबाब बनाकर ज्यादा से ज्यादा पगार और दूसरी सहूलियतें झटकने का यह अच्छा मौका है. अब तो भाजपा को वोट न देने की खुली धमकी भी वे देने लगें हैं तो साफ दिख रहा है कि शिवराज सिंह ज्यादा देर तक इन्हें हल्के में लेने की गलती या चूक नहीं कर सकते.

teachers protest in bhopal

लेकिन सरकार की बड़ी दिक्कत खाली खजाना है और एक बड़ी गलती वह सरकारी पैसे को भव्य और खर्चीले धार्मिक आयोजनों में फूंकने की कर रही है, इससे भी कर्मचारी नाराज हैं कि धरम करम के कामों में उड़ाने तो पैसा है लेकिन हमें देने के नाम पर तरह तरह के बहाने सरकार बनाने लगती है.  रही बात अध्यापिकाओं के सर मुड़ाने की तो साफ नजर आ रहा है कि अब ओले सरकार के सर पर गिरेंगे.

इस ट्रिक से पता चलेगी हर फोन की कौल डिटेल

यदि कोई आपसे किसी मोबाइल की पुरानी कौल डिटेल निकालने के बारे में पूछे तो शायद आप इसके लिए मना कर दें. लेकिन यह मुमकिन है. जी हां, यहां हम आपको ऐसी ट्रिक बता रहे हैं जिससे आप किसी भी मोबाइल की पुरानी कौल डिटेल का आसानी से पता लगा सकते हैं. अब यदि आपसे कोई मोबाइल की पुरानी से पुरानी कौल डिटेल का पता लगाने के लिए कहे तो आप आसानी से पता लगा सकते हैं. इसके लिए लिए आपको सिर्फ मोबाइल में एक ऐप डाउनलोड करना होगा. जिस भी मोबाइल की कौल डिटेल आप चाहते हैं उसमें यह ऐप आपको डाउनलोड करना होगा.

ये है ऐप

mubble app नाम का यह फ्री एंड्रायड ऐप है. 4.49MB वाले इस ऐप को Recharge Plans & Prepaid Bill भी कहा जाता है. यह 4.2 या इससे ऊपर के एंड्रायड औपरेटिंग सिस्टम पर काम करता है. ऐप डेवलपर का दावा है कि इससे Airtel, Vodafone, Idea, JIO, BSNL, Aircel, Reliance, Docomo के अलावा अन्य टेलिकौम औपरेटर्स के नंबर्स की डिटेल निकाली जा सकती है.

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फ्री में डाउनलोड होगा ऐप

जिस ऐप के बारे में हम बात कर रहे हैं उसके जरिए आप 7 से लेकर 30 दिन तक की कौल डिटेल पता लगा सकते हैं. डिटेल बाकायदा पीडीएफ फाइल में ईमेल के जरिए आपको मिलेगी. जिस ईमेल का एड्रेस आप ऐप में देंगे, वहीं पर कौल डिटेल आएगी. गूगल प्ले स्टोर से यह ऐप फ्री में डाउनलोड किया जा सकता है. डाउनलोड करने के बाद आपको कुछ परमीशन इसे देना होंगी. परमीशन देते ही मिनटों में आपको कौल डिटेल मिल जाएगी.

ऐप ऐसे करेगा काम

अपने फोन में ऐप इंस्टौल करने के बाद आप जिस भी नंबर की कौल डिटेल प्राप्त करना चाहते हैं, वो नंबर आपको डालना पड़ता है. प्राइवेसी को लेकर यूजर कुछ परमिशन लेने के बाद ऐप काम करना शुरू कर देता है. बिल का मेल उसी आईडी पर आता है जो लौगइन के दौरान दी गई होती है. इसमें डेट, टाइम, नंबर और कौल ड्यूरेशन जैसी पूरी डिटेल होती है. इसके जरिए यूजर 7 दिन से 30 तक का कॉल डिटेल निकाल सकते हैं.

बैलेंस और डाटा चेक कर सकेंगे

इस ऐप से यूजर्स अपना बैलेंस और डाटा चेक कर सकते हैं. लो डाटा बैलेंस होने पर ये रिमाइंडर भी देता है. यहां से आप किसी भी मोबाइल नंबर पर रिचार्ज करा सकते हैं.

वीडियो : बिग बौस विनर शिल्पा शिंदे ने अपने फैन्स को दिया संदेश

बिग बौस 11 की विनर शिल्पा शिंदे अपनी जीत पर बेहद खुश हैं. सलमान खान द्वारा बिग बौस 11 के विनर की अनाउंसमेंट के बाद शिल्पा के फैन्स भी काफी खुश हैं और शिल्पा को इस सीजन का विजेता घोषित करते वक्त सलमान खुद भी काफी खुश नजर आए. शिल्पा के लिए बिग बौस का यह सफर काफी अहम रहा. इतना ही नहीं अब शिल्पा केवल ‘भाभी जी घर पर हैं’ कि भाभी बन कर ही नहीं बल्कि ‘बिग बौस 11’ की विनर के तौर पर जानी जाएंगी.

शिल्पा ने फैन्स को कहा थैंक्स

घर से बाहर आने के बाद जैसे ही शिल्पा को पता चला कि उन्हें देश की जनता का सपोर्ट मिला है तो उन्होंने अपने फैन्स के लिए एक वीडियो शेयर किया. वीडियो में उन्होंने अपने सभी फैन्स को शुक्रिया कहा. गौरतलब है कि शिल्पा के फैन्स ने उन्हें जिताने के लिए एक नया रिकौर्ड बना दिया. ट्विटर पर शिल्पा बिग बौस की पहली ऐसी कंटेस्टेंट हैं जिनके लिए इतने ज्यादा ट्वीट किए गए हैं. यहां देखें शिल्पा द्वारा शेयर किया गया वीडियो

कई टीवी सीरियल में कर चुकी हैं काम

बता दें, शिल्पा शिंदे पिछले काफी सालों से टीवी की दुनिया से जुड़ी हुई हैं और उन्होंने भाभी जी घर पर हैं से पहले भी कई सीरीयल्स में काम किया है. उन्होंने सब टीवी के कार्यक्रम चिड़िया घर और उससे पहले टीवी सीरीयल मायका में भी काम किया है. हालांकि, बिग बौस में आने से पहले वह लगभग 2 सालों से छोटे पर्दे से दूर थीं. घर के अंदर शिल्पा और विकास का रिश्ता काफी सुर्खियों में रहा था.

सौरभ गांगुली ने बीसीसीआई से कहा इनपर नजर रखो

राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में खेल रही भारत की अंडर-19 क्रिकेट टीम ने रविवार को औस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत के साथ आईसीसी अंडर-19 विश्व कप में अपने अभियान की सधी शुरुआत की है. बे ओवल मैदान पर रविवार को खेले गए मैच में भारत ने औस्ट्रेलिया को 100 रनों से हरा दिया. इस जीत के साथ भारतीय टीम के खाते में दो अंक आ गए हैं. टौस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने सात विकेट के नुकसान पर औस्ट्रेलिया को 329 रनों का लक्ष्य दिया. इस लक्ष्य को औस्ट्रेलिया हासिल नहीं कर पाई और 228 रनों पर ही ढेर हो गई.

कप्तान पृथ्वी शौ (94) और मनोज कालरा (86) ने 180 रनों की शानदार शतकीय साझेदारी कर भारत को मजबूत शुरुआत दी तो वहीं भारतीय टीम के ते गेंदबाज कमलेश नागकोटी और शिवम मावी ने अपनी गेंदबाजी से औस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया.

भारत ने शानदार बल्लेबाजी के दम पर औस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 329 रनों का लक्ष्य रखा. लक्ष्य का पीछा करने उतरी आस्ट्रेलिया टीम के लिए कमलेश नागरकोटी और शिवम मावी परेशानी का सबब बने रहे. आस्ट्रेलिया के लिए चार विकेट लेने वाले एडवर्ड्स ने ही अच्छी बल्लेबाजी भी की. उन्होंने सबसे अधिक 73 रन बनाए, लेकिन टीम के अन्य बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन करने में असफल रहे.  नागरकोटी और शिवम ने तीन-तीन विकेट लिए, वहीं अभिषेक शर्मा और अनुकूल रौय को एक-एक सफलता मिली. औस्ट्रेलिया के दो बल्लेबाज उप्पल और राल्स्टन रन आउट हुए. इस मैच में कप्तान पृथ्वी को ‘प्लेयर औफ द मैच’ का पुरस्कार मिला.

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भले ही कप्तान पृथ्वी शौ को ‘प्लेयर औफ द मैच’ चुना गया हो, लेकिन टीम इंडिया के इन दोनों तेज गेंदबाजों ने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा है.

कमलेश नागरकोटी की धारदार रफ्तार

राजस्थान के बाडमेर के रहने वाले कमलेश नागरकोटी ने अंडर-19 विश्वकप के पहले ही मैच में अपनी गेंदबाजी की एक अलग छाप छोड़ी है. औस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड कप के अपने पहले ही मैच में कमलेश ने 149-150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकी और दिग्गजों को हैरान करके रखा दिया. रविवार को न्यूजीलैंड माउंट मोंगानुई में खेले गए अंडर-19 विश्व कप के मैच में औस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय तेज गेंदबाजों ने जमकर कहर बरपाया. कमलेश नागरकोटी की अगुवाई में भारतीय गेंदबाजों का दबदबा बना रहा. कमलेश ने कई गेंदें 145 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ऊपर की फेंकी. मैच के दौरान नागरकोटी ने सबसे तेज गेंद 149 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी.

शिवम मावी ने ढाया कहर

कमलेश नागरकोटी के साथ ही उत्तर प्रदेश के नोएडा के रहने वाले शिवम मावी ने भी अपनी तेज गेंदबाजी से सभी को आकर्षित किया. शिवम मावी ने भी लगभग 145 किलोमीटर की रफ्तार से गेंद फेंककर औस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के पसीने छुड़ा दिए. मावी ने सबसे तेज गेंद 146 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी.

सौरव गांगुली हुए नागरकोटी-मावी के मुरीद

न्यूजीलैंड में हो रहे अंडर 19 वर्ल्ड कप में राहुल द्रविड़ के इन दोनों ‘रणबांकुरों’ की रफ्तार देखकर सौरव गांगुली भी हैरान रह गए. गांगुली ने इन दोनों युवा तेज गेंदबाजों का जिक्र अपने टि्वटर औफिशियल अकाउंट पर भी किया. गांगुली ने इस ट्वीट में टीम इंडिया के कप्तान सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण और बीसीसीआई को टैग किया और कहा कि इन दोनों पेसरों पर नजर रखी जाए. सौरव ने अंडर-19 टीम में खेल रहे तीन युवा पेसरों को सबसे तेज और जूनियर टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज करार दिया.

ऐसा रहा मैच में भारतीय पारी का रोमांच

कप्तान पृथ्वी शौ (94) और मनोज कालरा (86) ने 180 रनों की शानदार शतकीय साझेदारी कर भारत को मजबूत शुरुआत दी. इसी स्कोर पर पृथ्वी विल सदरलैंड की गेंद पर विकेट के पीछे खड़े बेक्सटर जे होल्ट के हाथों लपके गए.

शतक से चूके पृथ्वी शौ

पृथ्वी अपना शतक पूरा करने से केवल छह रन दूर रह गए. उन्होंने 100 गेंदों पर आठ चौके और दो छक्के लगाए. उनके आउट होने के बाद कालरा भी मैदान पर ज्यादा देर तक नहीं टिक पाए. उन्हें परम उप्पल ने कप्तान जेसन सांघा के हाथों कैच आउट कर भारत का दूसरा विकेट गिराया.

शुभम ने जड़ा अर्धशतक

इसके बाद टीम की पारी संभालने आए शुभम गिल (63) और हिमांशु राणा (14) ने 49 अंक ही जोड़े थे कि जैक एडवर्ड्स ने औस्टीन वौ के हाथों राणा को कैच आउट कर पवेलियन का रास्ता दिखाया. एडवर्ड्स ने इसके बाद गिल को भी मैदान पर टिकने नहीं दिया और 272 के स्कोर पर कैच आउट कर भारत का चौथा विकेट भी गिरा दिया.

अभिषेक ने कराया 300 का आंकड़ा पार

गिल के आउट होने के बाद भारतीय टीम के बाकी बल्लेबाज कुछ खास कमाल नहीं कर पाए और टीम के विकेट लगातार गिरते रहे. अभिषेक शर्मा ने 23 रनों की पारी खेली और इसके बाद कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया. इस प्रकार भारतीय टीम की पारी 328 रनों पर समाप्त हो गई.

औस्ट्रेलिया के लिए एडवर्ड्स ने सबसे अधिक चार विकेट लिए. इसके अलावा, सदरलैंड, उप्पल और वौ को एक-एक सफलता हासिल हुई.

न्याय के लिए न्यायमूर्तियों की गुहार

दिल्ली प्रैस की अंगरेजी पत्रिका ‘दी कैरेवान’ द्वारा औनलाइन प्रकाशित रिपोर्ट 4 जजों की प्रैस कांफ्रैंस के लिए मुख्यतया उत्तरदायी रही. यह जस्टिस रंजन गोगोई ने स्पष्ट कर दिया है. दी कैरेवान की उक्त रिपोर्ट के अनुसार, सीबीआई की विशेष अदालत के जज बृजगोपाल हरकिशन लोया की नागपुर में मृत्यु संदेहास्पद स्थिति में हुई थी. जज लोया गुजरात में सोहराबुद्दीन की मुठभेड़ में हुई मौत के मामले में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर लगे आरोपों की जांच कर रहे थे.

दी कैरेवान की उस रिपोर्ट के तथ्यों को झूठा या गलत साबित करने के लिए पहले कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा रिपोर्टें भी प्रकाशित/प्रसारित की गई थीं पर उन से कोई संतुष्ट नहीं हुआ था. मुंबई हाईकोर्ट में मुंबई लौयर्स एसोसिएशन ने एक रिट याचिका प्रस्तुत की थी और उस पर 23 जनवरी से सुनवाई शुरू होनी है. इसी बीच, किसी ने सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर कर दी और मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने इसे स्वीकार करते हुए अपनी मरजी की एक बैंच को मामला सौंप दिया.

दी कैरेवान की रिपोर्ट के तथ्य सही प्रश्न ही उठा रहे हैं, इसीलिए मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा के बाद के 4 वरिष्ठ न्यायमूर्तियों ने गहरी आपत्ति की और शुक्रवार 12 जनवरी को 12.15 बजे एक प्रैस कांफ्रैंस कर वह मतभेद जनता के बीच जाहिर कर डाला जो आमतौर पर जजों के चैंबरों तक सीमित रहता है.

दी कैरेवान की रिपोर्ट सनसनी फैलाने के लिए नहीं थी और उस में तथ्यों को तोड़ामरोड़ा नहीं गया था. हमेशा की तरह दिल्ली प्रैस की पत्रिकाएं तथ्यों पर आधारित सामग्री प्रकाशित करती हैं चाहे हमारा तथ्यों को देखने का नजरिया अलग हो. दिल्ली प्रैस की पत्रिकाएं सरिता, मुक्ता, सरस सलिल इस तरह के तथ्यपरक लेखों के लिए 1945 से ही प्रसिद्ध रही हैं और सरिता में प्रकाशित गौपूजा, कितना महंगा धर्म, राम का अंतर्द्वंद्व, न्यायालयों में भ्रष्टाचार, संसद सदस्य चादरवाला जैसे मामलों में लंबे मुकदमे चले, पर हर मामले में न निष्ठा को चुनौती दी जा सकी न तथ्य गलत साबित किऐ जा सके. आखिरकार, हर मामले में जीत दिल्ली प्रैस की पत्रिकाओं की ही हुई.

जज बृजमोहन हरकिशन लोया का मामला भी ऐसा ही है. दी कैरेवान की रिपोर्ट में केवल मृत्यु के बाद हुई घटनाओं से पैदा संशय पर प्रकाश डाला गया है. अपने न्यायिक दायित्व को ईमानदारी से निभाते हुए जज लोया ने अमित शाह को न्यायालय में प्रस्तुत होने से छूट देने से भी इनकार कर दिया था जबकि उन के बाद आने वाले जज ने कुछ ही दिनों में अमित शाह को निर्दोष घोषित कर दिया.

इस मामले की सुनवाई मुंबई उच्च न्यायालय में ही चलनी चाहिए थी पर मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने इसे सुनवाई के लिए स्वीकार कर और अपनी इच्छा द्वारा बनाई एक बैंच को सौंप कर 4 वरिष्ठ जजों को चौंका दिया और उन्हें मामला चैंबरों से निकाल कर पूरे देश की जनता के सामने लाने को मजबूर कर दिया.

कुछ की आपत्ति है कि इन 4 जजों ने आंतरिक मामले और मतभेद को सामने ला कर न्यायपालिका को कमजोर किया है पर सच यह है कि जनता के समर्थन से ही न्यायपालिका मजबूत रह सकती है. यदि इंदिरा गांधी के समय जनसमर्थन होता तो न्यायपालिका उस समय अनावश्यक आपातकाल को गैरकानूनी घोषित कर सकती थी. एक प्रधानमंत्री का न्यायिक फैसले के कारण हटना किसी भी सूरत में आपातस्थिति नहीं हो सकती. आज वही माहौल बन रहा है जहां मंत्रिमंडल, संसद, सांसद, राज्य सरकारें असहाय सी हैं और जज तक सरकारी हां में हां मिला रहे हैं.

न्यायपालिका स्वतंत्र होती तो नोटबंदी जैसे कदम को आम व्यक्ति की संपत्ति छीनना कहा जा सकता था. न्यायपालिका इस मामले पर सरकारी दबाव से टालमटोल कर रही है. जब वह ट्रिपल तलाक कर क्रांतिकारी निर्णय दे सकती हैं तो संपत्ति जब्त करने के मूर्खतापूर्ण सरकारी फैसले पर क्यों नहीं दे सकती.

देश की स्वतंत्रता जनता के हाथ में है. वोट अगर धर्म और जाति के नाम पर दिए जाने को स्वतंत्रता कहा जाए तो उत्तर कोरिया भी स्वतंत्र है जहां 99.7 प्रतिशत लोग अपने वोट तानाशाह को देते हैं. स्वतंत्रता न्याय व अभिव्यक्ति के पैमानों पर तय होती है. हम इस स्वतंत्रता की रक्षा खुद करें. 4 जजों ने जनता के सामने स्पष्ट किया है कि यह खतरे में है. क्या जनता न्यायपालिका के साथ खड़ी है?

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खून में डूबी ‘हिना’ : प्यार और नफरत की अनूठी दास्तान

5 जुलाई, 2017 को इलाहाबाद और कानपुर के बीच स्थित जिला कौशांबी के थाना कोखराज के गांव पन्नोई के पास सड़क किनारे एक युवती की लाश पड़ी होने की खबर फैलते ही वहां अच्छीखासी भीड़ लग गई. लाश औंधे मुंह पड़ी थी. उस के आसपास खून भी फैला था, जो सूख कर काला पड़ चुका था. किसी ने इस बात की सूचना पुलिस कंट्रोलरूम को दी तो थोड़ी ही देर में पुलिस कंट्रोलरूम की सूचना पर थाना कोखराज पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई.

पुलिस ने लाश सीधी कराई तो पता चला कि युवती के माथे के बीचोबीच सटा कर गोली मारी गई थी. वहां बड़ा सा छेद स्पष्ट दिखाई दे रहा था. मृतका ने नीले रंग की जींस और गुलाबीसफेद रंग की डौटेड कुर्ती पहन रखी थी. शक्लसूरत और पहनावे से वह बड़े घर की लग रही थी.

थानाप्रभारी की सूचना पर एसपी अशोक कुमार पांडेय भी घटनास्थल पर आ गए थे. उन्होंने भी थानाप्रभारी बृजेश द्विवेदी के साथ घटनास्थल और लाश का निरीक्षण किया. लाश के पास से कोई खोखा नहीं मिला था. वहां जितना खून फैला होना चाहिए था, वह भी नहीं था. इस से अंदाजा लगाया गया कि हत्या कहीं और कर के लाश यहां ला कर फेंकी गई थी.

पुलिस ने वहां जमा लोगों से लाश की शिनाख्त कराने की कोशिश की, लेकिन शिनाख्त हो नहीं सकी. इस के बाद पुलिस ने घटनास्थल की काररवाई कर के लाश को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया. इस के बाद थाने आ कर पन्नोई गांव के चौकीदार की ओर से अज्ञात हत्यारों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया.

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लाश की शिनाख्त के चक्कर में ही उस का पोस्टमार्टम 9 जुलाई को किया गया. 2 डाक्टरों अनुभव शुक्ला और रेखा सिंह के पैनल ने लाश का पोस्टमार्टम किया. इस की वीडियोग्राफी भी कराई गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मृतका के साथ दुष्कर्म हुआ था. वह प्रेग्नेंट भी थी. डाक्टरों ने दुष्कर्म और प्रेग्नेंसी टेस्ट के लिए स्वाब और स्मीयर प्रिजर्व कर लिए थे.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार,युवती की मौत करीब 115 से 120 घंटे पहले हुई थी. इस का मतलब लाश मिलने से करीब 40 घंटे पहले ही उस की हत्या हो चुकी थी यानी उस की हत्या 4/5 जुलाई की रात 12 से 1 बजे के बीच हुई थी. युवती के माथे से जिस तरह सटा कर गोली मारी गई थी, उस से साफ लगता था कि गोली मारने वाला उस का कोई करीबी था.

लाश की शिनाख्त नहीं हो सकी तो पोस्टमार्टम के बाद 10 जुलाई को पुलिस ने उस का अंतिम संस्कार करा दिया. कौशांबी पुलिस के लिए यह मामला एक चुनौती बन गया था, क्योंकि 7 दिनों बाद भी मृतका की पहचान नहीं हो सकी थी.

एसपी अशोक कुमार पांडेय ने लाश की शिनाख्त और मामले के खुलासे के लिए थाना पुलिस को तो लगाया ही, क्राइम ब्रांच की भी एक टीम को लगा दिया. घटना के 8 दिनों बाद यानी 12 जुलाई को लाश के फोटो वाट्सऐप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए तो किसी व्यक्ति ने फोन कर के क्राइम ब्रांच को बताया कि कौशांबी में मिली लाश हिना तलरेजा की है. फेसबुक पर इस का एकाउंट है.

पुलिस के लिए यह सूचना काफी महत्त्वपूर्ण थी. पुलिस ने हिना तलरेजा का एकाउंट खंगाला तो उस का पता और मोबाइल नंबर मिल गया. पुलिस ने उस नंबर पर फोन किया तो वह बंद था. उस की लोकेशन पता की गई तो उस की अंतिम लोकेशन इलाहाबाद के मीरापुर से सटे मोहल्ला दरियाबाद की मिली. उसी के आधार पर पुलिस ने अनुमान लगाया कि मृतका इलाहाबाद की रहने वाली हो सकती है.

इस के बाद क्राइम ब्रांच की टीम मृतका के घर वालों की तलाश में इलाहाबाद पहुंची. आखिर 4 दिनों की कड़ी मेहनत के बाद 18 जुलाई को पुलिस उस की मां नीलिमा तलरेजा तक पहुंच गई. 18 जुलाई को थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम इलाहाबाद के मीरापुर पहुंची तो पता चला कि हिना वहां किराए पर रहती थी.

हिना की लाश का फोटो दिखाने पर मकान मालिक ने बताया कि यह फोटो हिना तलरेजा की है, महीने भर पहले यह अपनी मां के साथ उन के यहां किराए पर रहती थी, लेकिन उन्होंने उन से अपना मकान खाली करा लिया था. उस के पिता की मौत हो चुकी थी. उन के मकान से जाने के बाद मांबेटी कहां रह रही हैं, यह वह नहीं बता सके. उन्होंने यह जरूर बताया था कि हिना सिविल लाइंस स्थित किसी हुक्का बार में काम करती थी.

पुलिस खोजतेखोजते सिविल लाइंस स्थित उस हुक्का बार तक पहुंच गई, जहां हिना काम करती थी. हुक्का बार की मालकिन दामिनी चावला (बदला हुआ नाम) ने भी फोटो देख कर उस की शिनाख्त हिना तलरेजा के रूप में कर दी. उन के बताए अनुसार, खुद को पर्सनैलिटी मेकर बताने वाली हिना का इलाहाबाद के कई बारों में आनाजाना था. उसे शराब की लत लग चुकी थी. शराब का निमंत्रण मिलने पर वह किसी भी समय, किसी के भी साथ, कहीं भी चली जाती थी. कुछ दिनों पहले वह शराब पी कर एक बार में बेहोश हो गई थी, तब 2 लड़कों ने उसे अपनी कार से उस के घर पहुंचाया था.

दामिनी चावला के माध्यम से पुलिस हिना की मां तक पहुंची. वह मीरापुर में ही दूसरी जगह पर किराए पर रह रही थीं. पुलिस ने उन्हें फोटो दिखाई तो बेटी की लाश की फोटो देखते ही वह रो पड़ीं. पुलिस ने उन्हें शांत कराया तो उन्होंने बताया कि 4 जुलाई, 2017 की शाम 7 बजे वह दिल्ली जाने की बात कह कर घर से निकली थी. उसी दिन रात को उस ने 10:44 और 10:45 बजे अपनी 2 फोटो फेसबुक पर शेयर किए थे. उस के बाद से उस के एकाउंट पर कोई अपडेट नहीं था. उस ने मां से भी संपर्क नहीं किया था. वह तो यही समझ रही थीं कि हिना दिल्ली में है.

जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने हिना के मोबाइल नंबर की काल डिटेल्स निकलवाई तो उस के नंबर पर अंतिम बार जिन 2 लोगों से बात हुई थी, उन के नाम अदनान खान और खालिद थे. दोनों थाना शाहगंज के रहने वाले थे. पुलिस उन के घर पहुंची तो दोनों ही अपनेअपने घरों से गायब मिले. इस से पुलिस को उन पर शक हुआ.

पुलिस ने अदनान खान और खालिद के बारे में पता किया तो पता चला कि हिना ने फरवरी, 2015 में अदनान खान से लवमैरिज की थी. सबूत के तौर पर मैरिज सर्टिफिकेट भी पुलिस को मिल गया था. दोनों ने न सिर्फ शादी की थी, बल्कि रजिस्टर्ड भी कराया था. इस शादी से न हिना की मां खुश थीं और न अदनान के घर वाले. खालिद अदनान का दोस्त था.

पुलिस ने अदनान और खालिद के बारे में मुखबिरों से पता कराया तो पता चला कि वे मुंबई में हैं. पुलिस की एक टीम उन्हें पकड़ने के लिए मुंबई गई तो वे दोनों वहां नहीं मिले. पुलिस के पहुंचने से पहले ही वे वहां से भाग चुके थे. इसलिए पुलिस की टीम को खाली वापस आना पड़ा.

29 जुलाई, 2017 की सुबह थानाप्रभारी बृजेश द्विवेदी को अपने किसी मुखबिर से पता चला कि अदनान और खालिद रंगीलेछबीले मजार के पास घूमते देखे गए हैं. थानाप्रभारी पुलिस बल के साथ मजार पर पहुंच गए और उसे घेर लिया.

पुलिस से घिरा देख कर 3 युवक इधरउधर भागने लगे. उन में से 2 तो भाग गए, लेकिन एक पकड़ा गया. पता चला कि हट्टेकट्टे बदन वाला वह युवक अदनान खान है. उसे थाना कोखराज लाया गया, जहां पूछताछ में बड़ी आसानी से उस ने हिना की हत्या का अपना अपराध स्वीकार कर लिया.

अदनान के बताए अनुसार, उसी ने अपने 2 दोस्तों खालिद और विक्की के साथ मिल कर हिना की हत्या की थी. उस का कहना था कि उस के पास उस की हत्या के अलावा कोई दूसरा उपाय नहीं बचा था. ब्लैकमेल करकर के उस ने उस का जीना हराम कर दिया था. तंग आ कर उस ने गोली मार कर उस की हत्या कर दी थी. उस ने हिना तलरेजा की हत्या की जो कहानी सुनाई थी, वह इस प्रकार थी—

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23 साल की हिना तलरेजा इलाहाबाद के मोहल्ला मीरापुर की रहने वाली थी. रतन कुमार तलरेजा और नीलिमा तलरेजा की एकलौती संतान होने की वजह से वह लाड़प्यार में पलीबढ़ी थी. मांबाप के लाड़प्यार ने उसे काफी जिद्दी बना दिया था. वह जो मांगती थी, उसे मिल जाता था. वह जो चाहती थी, वही करती थी. मांबाप ने उसे कभी रोकाटोका नहीं.

हिना खूबसूरत भी थी और महत्त्वाकांक्षी भी. वह इतनी दौलत कमाना चाहती थी कि दुनिया की हर चीज उस के कदमों में हो. इस के लिए वह कुछ भी करने को तैयार थी. पढ़ाईलिखाई के साथसाथ उसे अच्छे फैशनेबल कपड़े पहनने और बनठन कर रहने का भी शौक था.

उस ने फैशन डिजाइनिंग का कोर्स भी किया था. उसी बीच उस की दोस्ती कुछ अमीर लड़कों से हो गई तो वह उन्हीं के बीच ज्यादा समय बिताने लगी. धीरेधीरे यह उस का शौक बन गया. अमीरजादों के साथ रह कर उसे बीयर की ऐसी लत लगी कि बीयर के बिना वह रह ही नहीं सकती थी.

हिना पूरी तरह स्वच्छंद हो चुकी थी. वह किसी भी तरह की शर्म भी नहीं करती थी. खुलापन उसे अच्छा लगता था. विचार भी उस के वैसे ही थे. वह कुछ कर पाती, उस के पहले ही अचानक उस के पिता की मौत हो गई. पिता की मौत के बाद उसे रोकनेटोकने वाला कोई नहीं रहा. मां थी सीधीसादी, उस के कहने का उस पर कोई असर नहीं पड़ता था. वह वही करती थी, जो उस का मन करता था.

पिता की मौत के बाद हिना ने अपना खर्चा चलाने के लिए सिविल लाइंस स्थित एक हुक्का बार में नौकरी कर ली. पुलिस के अनुसार, हिना जिस हुक्का बार में नौकरी करती थी, वह वहां अन्य काम करने वालों की तरह नहीं रहती थी. कहते हैं, हुक्का बार में उस का जलवा मालिक से भी बढ़ कर था.

उस का फैशन, बातचीत का लहजा वहां आने वाले बड़े से बड़े रईसजादों को भी मात देता था. उस की अदाएं और ग्लैमर लोगों को न सिर्फ लुभाता था, बल्कि उस की ओर आकर्षित कर के उस का नजदीकी भी बना देता था. यही वजह थी कि हिना की फ्रैंड सर्किल में शहर के बड़े से बड़े रईसजादे शामिल थे.

31 साल का अदनान खान रईस मांबाप की बिगड़ी औलाद था. पुलिस के अनुसार, अदनान के पिता अहमद खान शहर के बड़े कारोबारियों में हैं. अदनान पिता की कमाई दोस्तों पर उड़ाता था. खालिद और विक्की उस के खास दोस्त थे. दोनों परछाई की तरह उस के साथ लगे रहते थे. उस के अच्छेबुरे हर काम में उस का साथ देते थे.

अदनान फेसबुक पर काफी सक्रिय रहता था. फेसबुक पर उस ने हिना का फोटो देखा तो वह उसे भा गई. फेसबुक पर हिना का परिचय देखा तो उसे यह जान कर बड़ी खुशी हुई कि वह इलाहाबाद की ही रहने वाली है. उस में हिना का मोबाइल नंबर भी था. उस ने हिना से बात की तो उस ने बता दिया कि वह सिविल लाइंस स्थित हुक्का बार में काम करती है. फिर क्या था, अदनान उस से मिलने वहां पहुंच गया.

वह अपने दोस्तों के साथ सिविल लाइंस स्थित हुक्का बार में हिना से मिला तो उसे देख कर उस पर मर मिटा. इस के बाद वह हर दिन वहां जाने लगा. उस ने पहले हिना से जानपहचान बनाई, उस के बाद दोस्ती कर ली. अदनान आकर्षक पर्सनैलिटी वाला युवक तो था ही, पैसे वाले बाप की बिगड़ी औलाद भी था. इसलिए हिना को भी उस में रुचि पैदा हो गई. दोनों ने एकदूसरे में रुचि दिखाई तो उन्हें प्यार हो गया. फिर तो हिना अकसर अदनान के साथ दिखाई देने लगी. यह सन 2015 की बात है.

अदनान और हिना का प्यार गहराया तो दोनों ने शादी का फैसला कर लिया. हिना हिंदू थी, जबकि अदनान मुसलिम. हिना की मां नीलिमा ने इस शादी से मना कर दिया. अदनान के घर वाले भी इस शादी के लिए राजी नहीं थे. ऐसे में हिना और अदनान ने घर वालों से बगावत कर के मसजिद में निकाह कर लिया.

बेटी की इस हरकत से नाराज हो कर नीलिमा ने उस से बात करना बंद कर दिया. हिना पहले से ही आजाद थी, अब और आजाद हो गई. क्योंकि अब कोई रोकनेटोकने वाला नहीं रहा. एक साल तक तो अदनान और हिना में खूब पटी, लेकिन उस के बाद संबंध बिगड़ने लगे. इस की वजह यह थी कि हिना खुले हाथों खर्च करने वालों में थी. अब अदनान को उस का खर्चा उठाना भारी पड़ने लगा था.

हिना अदनान से शादी के बाद भी हुक्का बार की नौकरी कर रही थी. अदनान को यह पसंद नहीं था. इस के अलावा हिना की आदतों को बदलने के लिए वह उसे कहीं भी आनेजाने से रोकने लगा. वह उसे एक अच्छी बीवी की तरह देखना चाहता था, पर हिना तो पूरी तरह बिगड़ चुकी थी. वह मनमानी कर रही थी, जबकि अदनान रोक रहा था. बस, दोनों में विवाद होने लगा, जिस से रिश्तों में खटास आने लगी.

आखिर एक दिन दोनों में काफी तकरार हो गई. परिणामस्वरूप दोनों अलग रहने लगे. पति से अलग होने के बाद हिना शराब भी पीने लगी. जल्दी ही उसे शराब की ऐसी लत लग गई कि वह शराब पीने के लिए दोस्तों के साथ कभी भी, कहीं भी जाने लगी. इस तरह दोस्तों के साथ रात बिताना उस के लिए आम बात हो गई.

हिना के जाने के बाद अदनान ने हिना को बताए बगैर दूसरी शादी कर ली. लेकिन इस तरह की बातें छिपी कहां रहती हैं, हिना को भी उस की शादी की जानकारी हो गई. चूंकि उस का हिना से तलाक नहीं हुआ था, इसलिए जानकारी होते ही उस ने अदनान के खिलाफ कोहना पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज करा दी. शिकायत दर्ज कराने की जानकारी अदनान को हुई तो उस ने माफी मांग कर किसी तरह उसे मना लिया.

अदनान ने माफी मांग कर किसी तरह हिना को मना तो लिया था, लेकिन वह जानता था कि हिना इतनी आसानी से उस का पीछा छोड़ने वाली नहीं है. वह उस की दूसरी शादी को कभी स्वीकार नहीं करेगी. हुआ भी यही, हिना ने साफसाफ कह दिया कि वह उसी के साथ जीना और मरना चाहती है. अगर उस ने ऐसा नहीं किया तो वह उस का जीवन नरक बना देगी. हिना की इस धमकी से अदनान डर गया और परेशान रहने लगा.

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दूसरी शादी कर के अदनान ने अपनी परेशानी बढ़ा ली थी. हिना लगातार उस से पैसों की डिमांड करती रहती थी, नईनई जगह घुमाने को कहती थी.

दूसरी तरफ अदनान की पत्नी को भी शक होने लगा था. उसे लगता था कि हिना के अभी भी उस के पति से संबंध हैं. दूसरी बीवी को किसी कीमत पर अदनान खोना नहीं चाहता था. ऐसा ही उस की बीवी के साथ भी था. यही वजह थी कि अदनान हिना को रास्ते से हटाने के बारे में सोचने लगा.

काफी सोचविचार कर आखिर अदनान ने हिना को खत्म करने का निर्णय ले लिया. यह काम वह अकेला नहीं कर सकता था. इसलिए अपने दोस्तों खालिद और विक्की से बात की तो वे इस काम में उस का साथ देने को तैयार हो गए. फिर तीनों ने बैठ कर हिना को खत्म करने की योजना बना डाली. उसी  के तहत उस ने एक पिस्टल खरीदी.

योजना के मुताबिक, 4 जुलाई की शाम अदनान ने हिना को फोन किया और होटल में खाना खाने के लिए दरियाबाद बुलाया. उस के बुलाने पर हिना टैंपो से दरियाबाद पहुंच गई. घर से निकलते समय उस ने मां नीलिमा तलरेजा से कहा था कि वह दिल्ली जा रही है.

‘‘क्यों, दिल्ली क्यों जा रही है?’’ नीलिमा ने पूछा.

‘‘मम्मी, वहां थोड़ा काम है, मैं जल्दी ही आ जाऊंगी.’’

‘‘बेटी, तुम अपने काम के तरीके बदल लो, जमाना बहुत खराब है. देखो न, अखबारों में रोज तरहतरह की खबरें छपती रहती हैं. जिस तरह काम चल रहा है, चलने दो. हमें पैसे से ज्यादा तुम्हारी जरूरत है बेटी.’’ नीलिमा ने हिना को समझाते हुए कहा.

‘‘कहा न, मैं जल्दी ही लौट आऊंगी. मम्मी, आप बेकार ही परेशान हो रही हैं. 2-4 दिनों की ही तो बात है. अपना खयाल रखना. खानेपीने का भी ध्यान रखना.’’ हिना ने कहा.

‘‘वैसे भी तू मेरी कहां सुनने वाली है. कभी सुना है कि आज ही सुनेगी. हमेशा से अपनी मरजी की करती आई है और आज भी करेगी. तू भी अपने खानेपीने का खयाल रखना और जल्दी से जल्दी वापस आ जाना.’’ नीलिमा ने हिना को समझाया.

नीलिमा हिना को समझा ही रही थीं कि वह घर से निकल गई. वह दरियाबाद पहुंची तो चौराहे पर अदनान कार लिए खड़ा था. उस के साथ खालिद और विक्की भी थे. हिना के आते ही अदनान ने कहा, ‘‘आज मौसम बड़ा सुहाना है, इसलिए चलो किसी ढाबे पर खाना खाते हैं.’’

अदनान के मन में क्या है, हिना को क्या पता था. इसलिए वह उन के साथ जाने को तैयार हो गई. सभी कार में बैठ गए. कार खालिद चला रहा था. कार कानपुर जाने वाली रोड पर चल पड़ी. रास्ते में चारों ने बीयर पी. रात 10 बजे के करीब कौशांबी के मूरतगंज स्थित एक ढाबे पर सब ने खाना खाया. खाना खाने के बाद चारों फिर चल पड़े. कार में बैठेबैठे ही हिना ने 2 सेल्फी ली और उन्हें फेसबुक पर पोस्ट कर दी. हलके नशे में हिना काफी खुश थी.

खालिद ही अभी भी कार चला रहा था. विक्की उस की बगल वाली सीट पर बैठा था. हिना और अदनान पिछली सीट पर बैठे थे. ढाबे से कुछ दूर जाने के बाद अदनान की वासना जाग उठी. उस ने हिना से शारीरिक संबंध बनाने की बात की तो उस ने मना कर दिया. इस के बाद उस ने चलती गाड़ी में ही उस के साथ जबरदस्ती की. इस के बाद विक्की और खालिद ने भी बारीबारी से जबरदस्ती की.

उन लोगों की इस हरकत से हिना बुरी तरह बौखला उठी और जोरजोर से चीखनेचिल्लाने लगी. हिना के चिल्लाने से अदनान और उस के साथी डर गए. कोई बवाल हो, उस के पहले ही अदनान ने झट से पिस्टल निकाली और हिना के माथे पर बीचोबीच रख कर गोली चला दी. उसी एक गोली में हिना ढेर हो गई.

इस के बावजूद अदनान को डर था कि कहीं हिना बच न जाए. आश्वस्त होने के लिए उस ने उस के गोली वाले घाव में चाकू डाल कर घुमा दिया. इस के बाद उस के दोनों मोबाइल फोन और पर्स ले लिया, ताकि उस की शिनाख्त न हो सके. लाश को उन्होंने वहां से थोड़ी दूर स्थित पन्नोई गांव के पास सड़क के किनारे फेंक दिया और इलाहाबाद लौट आए.

अदनान ने खालिद और विक्की को उस रात अपने घर पर ही रोक लिया था. रात तीनों ने एक साथ सोए थे. अगले दिन से तीनों रोजाना अखबारों में देखने लगे कि हिना की पहचान हुई या नहीं?

13 जुलाई को अखबारों में छपा कि लाश की शिनाख्त हो गई है तो तीनों के हाथपांव फूल गए. 14 जुलाई को तीनों अपनाअपना घर छोड़ कर मुंबई भाग गए. लाश की शिनाख्त होने के बाद कौशांबी पुलिस इलाहाबाद के मीरापुर पहुंची तो हिना की जिंदगी की सच्चाई सामने आ गई.

खुलासा होने के बाद पुलिस ने अज्ञात की जगह अदनान खान, खालिद और विक्की को नामजद आरोपी बना दिया. अदनान के दोनों साथियों खालिद और विक्की को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस उन के ठिकानों पर छापा मारने लगी, लेकिन वे नहीं मिले. कथा लिखे जाने तक उन की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी.

अदनान खान को पुलिस ने अदालत में पेश कर के जेल भेज दिया था. उस की वह कार भी पुलिस ने बरामद कर लिया था, जिस में हिना की हत्या हुई थी. अदनान ने जो किया, शायद उसे उस के गुनाहों की सजा मिल जाए, लेकिन हिना ने समाज की वर्जनाओं को तोड़ कर खुद ही अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी. हर रात आंखों में नए सपने सजाने वाली बिंदास हिना ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि उस की जिंदगी इस तरह छिन जाएगी.

– कथा पुलिस सूत्रों पर आधारित. कथा में दामिनी चावला परिवर्तित नाम है.

– साथ में राजीव वर्मा

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