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नई क्रिकेट लीग भारत को कई सचिन और युवराज दे सकती है

आईपीएल के आने के बाद से क्रिकेटरों को एक ऐसा मंच मिला है जिससे न केवल भारतीय क्रिकेट को प्रतिभाओं की तलाश करने की जरूरत नहीं रहती, बल्कि युवा एवं प्रतिभाशाली क्रिकेटर भी सामने आकर केवल प्रदर्शन के आधार पर ही टीम इंडिया में जगह पा सकते हैं. ऐसी ही कुछ संभावनाएं पैदा करने की एक और सार्थक कोशिश हो रह ही है. अब स्कूल गेम्स फेडरेशन औफ इंडिया (एसजीएफआई) की ओर से पहली बार नेशनल स्कूल क्रिकेट लीग (एनएससीएल) आयोजित किया जा रहा है. यह आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट को सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह, सुरेश रैना, दिलीप वेंगसरकर और विनोद काम्बली जैसे कई स्टार दे सकता है.

स्कूली प्रतिभाओं के लिए खासतौर पर तैयार किए गए इस विश्वस्तरीय प्लेटफार्म की संरचना कुछ इस तरह से की गई है कि इसके माध्यम से आने वाले समय में कई स्टार भारतीय क्रिकेट की पटल पर निकलेंगे और दुनिया भर में छा जाएंगे. एसजीएफआई ने इसे सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारी कर ली है और इस अहम मुहिम की शुरूआत जुलाई में चंडीगढ़ और जयपुर में होने वाले ट्रॉयल्स के साथ हो रही है.

एनएससीएल का आयोजन इस साल होना है और इसमें देश भर की 16 शहरी टीमों के बीच वर्चस्व की लड़ाई होगी. इनमें से 24 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा, जो एसजीएफआई द्वारा आयोजित कैम्प में हिस्सा लेंगे. इस कैम्प से 16 खिलाड़ियों का चयन होगा, संयुक्त अरब अमीरात में होने वाले एशियाई स्कूल क्रिकेट चैम्पियनशिप में एसजीएफआई के बैनर तले भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे.

यह कहने की बात नहीं कि स्कूलों से हमेशा ही क्रिकेट में बेहतरीन प्रतिभाएं सामने आई हैं. सचिन से लेकर काम्बली तक और युवराज, रैना, मोहम्मद कैफ से लेकर लालचंद राजपूत तक, सबने स्कूल क्रिकेट से निकलकर वैश्विक प्लेटफार्म पर देश का प्रतिनिधित्व किया और नाम कमाया. अब भारत के स्कूलों की प्रतिभाओं के सामने एनएससीएल नाम का एक ऐसा प्लेटफार्म है, जो उन्हें गुमनामी की दुनिया से निकलकर अपनी चमक बिखेरने का मौका देगा.

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वेंगसरकर होंगे मेंटौर

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व मुख्य चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर भी इन्हीं में से एक हैं. वेंगसरकर को एनएससीएल के लिए मेंटौर बनाया गया है. वह एनएससीएल के माध्यम से प्रतिभा की खोज में प्रमुख भूमिका अदा करेंगे. वेंगसरकर की प्रमुख रोल यह तय करना होगा कि कोई भी अच्छी प्रतिभा छूट न जाए. वह अंतिम रूप से चुने गए खिलाड़ियों के साथ 15 दिनों का कैम्प लगाएंगे और उन्हें स्टार बनने के गुण सिखाएंगे.

एनएससीएल एक ऐसा प्लेटफौर्म है, जो स्कूली छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का भरपूर मौका देगा. ऐसा नहीं है कि अंतिम रूप से 24 खिलाड़ियों का चयन नौकआउट, सेमीफाइनल या फिर फाइनल में पहुंचने वाली टीमों से ही होगा. अगर कोई खिलाड़ी ग्रुप स्तर पर चमकदार प्रदर्शन करता है और उसकी टीम हार भी जाती है तो भी चयनकर्ता उसका चयन कर सकते हैं.

वेंगसरकर उन दिनों को याद करते हुए कहते हैं जब राजपूत और अन्य दूसरे भारतीय खिलाड़ी स्कूली प्रतियोगिता के तहत लार्डस स्टेडियम में खेले. वेंगसरकर ने कहा, “मुझे अब भी याद है कि राजपूत व दूसरे कई खिलाड़ी स्कूली प्रतियोगिता में ऐतिहासिक लार्डस में खेले थे. एनएससीएल आज की तारीख में स्कूली छात्रों को इसी तरह का प्लेटफार्म उपलब्ध कराने को लेकर कृतसंकल्प है. एनएससीएल भारतीय क्रिकेट को भविष्य का सचिन और युवराज दे सकता है. इसी परिकल्पना के साथ इसे गढ़ा गया है.”

भारत ने स्कूली क्रिकेट प्रतियोगिताओं में अनके खिताब जीते हैं. साल 2005 में भारतीय स्कूली टीम ने आस्ट्रेलिया में आयोजित राष्ट्रमंडल स्कूल क्रिकेट प्रतियोगिता जीती थी.

इसे पहले और इसके बाद भी स्कूली क्रिकेट का वर्चस्व जारी रहा. युवराज, रतिंदर सिंह सोढ़ी, कैफ, रैना कहीं न कहीं स्कूली क्रिकेट से जुड़े रहे हैं और फिर सचिन और काम्बली की उस 664 (नाबाद) रनों की रिकार्ड साझेदारी को कौन भूल सकता है, जो उन्होंने 1988 में आजाद मैदान पर अपने स्कूल शारदाश्रम विद्यामंदिर के लिए सेंट जेवियर हाई स्कूल के खिलाफ बनाई थी.

सचिन कांबली भी स्कूल स्तर पर बने थे रातों रात स्टार

इस साझेदारी ने सचिन और काम्बली को रातों-रात स्टार बना दिया. इसी के दम पर सचिन ने अगले ही साल भारतीय टीम में प्रवेश किया और फिर कुछ समय बाद काम्बली ने भी भारतीय टीम में जगह बनाई. एनएससीएल आज के स्कूली छात्रों को कुछ इसी तरह का प्लेटफार्म मुहैया कराने को लेकर कृतसंकल्प है, जिसके माध्यम से वे शीर्ष स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने के अपने सपने को पूरा कर सकते हैं.

एसजीएफआई ने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है. देश भर से 16 टीमों के चयन के लिए जुलाई में 20 शहरों में तीन दिवसीय क्रिकेट ट्रायल आयोजित होगा. हर शहर से 16 खिलाड़ियों के अलावा एसजीएफआई पैनल चार स्टैंडबाई खिलाड़ियों का भी चयन करेगा. इसमें 12 से 18 साल के खिलाड़ी शिरकत कर सकते हैं.

कौन है मयंती लैंगर जिनकी तारीफों के पुल बांध रहे हैं सभी क्रिकेटर

आईपीएल 2018 का अंत हो चुका है. रविवार (27 मई) को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मैच में चेन्नई ने हैदराबाद को 8 विकेट से मात देकर खिताब पर अपना कब्जा जमाया. दो साल बाद लीग में वापसी करने वाली महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई की यह तीसरी खिताबी जीत है. इससे पहले वो 2010 और 2011 में खिताब अपने नाम कर चुकी है.

इसी के साथ वह सबसे ज्यादा आईपीएल खिताब जीतने के मामले में मुंबई के बराबर पहुंच गई है. दोनों टीमों के नाम सबसे ज्यादा तीन-तीन खिताब हैं. यह चेन्नई का सातवां आईपीएल फाइनल था और उसके कप्तान धोनी का आठवां. चेन्नई का नाम आईपीएल इतिहास की सबसे सफल टीमों में गिना जाता है क्योंकि उसने नौ सीजन खेले हैं और सभी बार प्लेऔफ में जगह बनाई.

आईपीएल 2018 का फाइनल खत्म होने के बाद हर तरफ महेंद्र सिंह धोनी, शेन वौटसन, चेन्नई टीम का नाम सुनाई पड़ रहा है. इन सभी के बीच एक और शख्स के नाम की चर्चा हो रही हैं. यह हैं आईपीएल की होस्ट मयंती लैंगर. आईपीएल खत्म होने के बाद अब क्रिकेट के बड़े-बड़े दिग्गज मयंती लैंगर की तारीफों के पुल बांध रहे है.

डीन जोन्स, अनिल कुंबले और कुमार संगाकारा जैसे दिग्गज मयंती लैंगर की सोशल मीडिया पर तारीफ कर रहे हैं. मंयती लैंगर सोशल मीडिया पर अपने Witty (मजाकिया) अंदाज के लिए भी जानी जाती हैं. उन्होंने कई बार सोशल मीडिया पर फैन्स को मजेदार जवाब देकर दिल जीता है.

मयंती आईपीएल 2018 में होस्ट की भूमिका नजर आई. उन्होंने बेहतरीन तरीके से आईपीएल को होस्ट किया. क्रिकेट दिग्गज मयंती लैंगर के प्रेजेंटेशन की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ कर रहे हैं.

बता दें कि मयंती लैंगर भारतीय क्रिकेटर स्टुअर्ट बिन्नी की पत्नी हैं. स्टुअर्ट बिन्नी आईपीएल 2018 में राजस्थान की तरफ से खेले थे. 2015 की वर्ल्ड कप भारतीय टीम का हिस्सा रहे स्टुअर्ट बिन्नी को बहुत ज्यादा मैच खेलने को नहीं मिले, लेकिन जितने मैच मिले उनमें भी वह बल्ले और गेंद से बुरी तरह असफल रहे हैं. राजस्थान ने आईपीएल ऑक्शन में 50 लाख रुपए खर्च कर स्टुअर्ट बिन्नी को खरीदा था.

इस आईपीएल सीजन में 7 मुकाबलों में सिर्फ 44 रन बनाए और उन्हें गेंदबाजी में कोई विकेट नहीं मिला. बिन्नी के खराब प्रदर्शन के बाद उनकी जमकर आलोचना की गई.

20 साल चली शादी के बाद अलग हुए अर्जुन रामपाल ओर मेहर

बौलीवुड अभिनेता अर्जुन रामपाल और उनकी पत्नी मेहर ने अपने 20 साल के रिश्ते को खत्म करने का फैसला कर लिया है. पिछले केफी समय से अफवाह थी कि दोनों के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है और दोनों एक दूसरे से अलग रह रहे हैं. ऋतिक और एक्स वाइफ सुजैन के तलाक के बाद से ही दोनों के बीच अनबन की खबरें सामने आने लगी थीं. हालांकि अब अर्जुन और मेहर ने एक ज्वाइंट स्टेटमेंट में एक दूसरे से अलग होने की बात कही है.

एक हिन्दी चैनल से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, ”हमें लगता है कि एक-दूसरे से अलग होने का यही सही समय है. 20 साल के इस खूबसूरत सफर में हमनें प्यार और खूबसूरत यादों को साझा किया है. हमने अपनी इस जर्नी को अलग तरीके के जिया है. हालांकि अब हमें लगता है कि एक दूसरे से अलग हो जाना चाहिए और अपने-अपने रास्तों को चुन लेना चाहिए. हालांकि हम दोनों एक दूसरे के हमेशा दोस्त रहेंगे और एक-दूसरे के लिए हमेशा खड़े रहेंगे. हम दोनों ही एक प्राइवेट इंसान हैं इस तरह के बात को बताने में अजीब लग रहा है, लेकिन यही परिस्थिति जिसमें हम रहते हैं. जहां सच एक दूसरे से अलग हो जाता है.”

कपल ने आगे कहा, ”हम एक परिवार हैं, एक दूसरे के लिए हमारा प्यार हमेशा के लिए बरकरार है और हम हमेशा एक दूसरे के लिए रहेंगे और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमारे बच्चों माहिका और मायरा के लिए हमेशा खड़े रहेंगे.” अर्जुन रामपाल और मेहर की दो बेटियां माहिका (16 साल) और मायरा (13 साल) हैं. बता दें कि कुछ समय पहले अर्जुन रामपाल और सुजैन के अफेयर की खबरें भी सामने आई थीं. दरअसल अर्जुन और ऋतिक एक समय पर फैमिली फ्रेंड थे.

नीरव मोदी के खिलाफ अब विदेश में गिरफ्तारी की होगी मांग

प्रवर्तन निदेशालय (ED) पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के हजारों करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी की 7,000 करोड़ की संपत्तियों को तत्काल जब्त करने की कवायद में है. ईडी ने हाल में लाए गए भगोड़ा आर्थिक अपराध अध्यादेश के तहत नीरव की संपत्तियों को तत्काल जब्त करने की अनुमति पाने के लिए मुंबई में विशेष अदालत में जाएगा. प्रवर्तन निदेशालय मुंबई में पिछले सप्ताह प्रिवेन्शन औफ मनी लौन्ड्रिंग ऐक्ट (PMLA) के तहत दायर आरोपपत्र के आधार पर नीरव मोदी को भगोड़े के रूप में वगीकृत करने को आधिकारिक घोषणा की अपील करेगा.

कुल 24 आरोपियों के नाम

ईडी ने 24 मई को पीएनबी के 2 अरब डौलर से अधिक के घोटाले में आरोपपत्र दायर किया था. आरोपपत्र में नीरव मोदी और उसके सहयोगियों पर आरोप है कि उन्होंने 6,400 करोड़ रुपए के बैंक कोष को कथित रूप से विदेशों में दिखावटी कंपनियों में इधर-उधर किया. PMLA की धारा 45 के तहत दायर आरोपपत्र में कुल 24 आरोपियों के नाम हैं. इसमें नीरव मोदी, उसके पिता, भाई नीशल मोदी, बहन पूर्वी मोदी, रिश्तेदार मयंक मेहता और डिजाइनर आभूषण कंपनियां सोलर एक्सपोर्ट्स, स्टेलर डायमंड्स और डायमंड्स आर यू शामिल हैं.

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देश-विदेश की संपत्तियां होंगी जब्त

एक वरिष्ठ अधिकारी ने अनुसार, ‘अदालत द्वारा 12,000 पृष्ठ के आरोपपत्र पर सोमवार को संज्ञान लिए जाने की उम्मीद है. एजेंसी के वकील उसी समय नीरव मोदी के खिलाफ भगोड़ा आर्थिक अपराध अध्यादेश के प्रावधानों को लागू करने की अपील करेंगे. उसके बाद मोदी की भारत और देश से बाहर की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी. मोदी के खिलाफ पहले ही एक अदालत गैर-जमानती वारंट जारी कर चुकी है.

वैश्विक गिरफ्तार वारंट की अपील

ईडी ने कुछ समय पहले इंटरपोल से उसके खिलाफ वैश्विक गिरफ्तारी वारंट जारी करने की अपील की है. एजेंसी इसी तरह की कार्रवाई शराब कारोबारी विजय माल्या के खिलाफ भी शुरू करेगी. अधिकारी ने बताया कि पीएनबी घोटाले और मनी लौन्ड्रिंग मामले में मोदी की 7,000 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की जा सकती है.

कोई आपका फोन ट्रैक तो नहीं कर रहा, ऐसे लगाएं फ्री में पता

अगर आपका नंबर अक्सर बिजी आता है, कई बार कौल ही नहीं लगता या फिर आपके नंबर पर कोई कौल करता है और फोन पहुंच से बाहर बताता है तो हो सकता है कि कोई आपका मोबाइल नंबर ट्रैक कर रहा हो. आज हम आपको 4 USSD कोड बता रहे हैं जिनकी मदद से आप यह पता कर सकते हैं कि कहीं आपका फोन ट्रैक तो नहीं हो रहा है?

कोड *#62#

कई बार आपका नंबर no-service या no-answer बोलता है. ऐसे में कोड *#62# को आप अपने फोन में डायल कर पता लगा सकते हैं कि आपका फोन किसी दूसरे नंबर पर री-डायरेक्ट किया गया है या नहीं. कई बार आपका नंबर आपरेटर के नंबर पर री-डायरेक्ट हो जाता है.

कोड *#21#

अपने एंड्रायड फोन में कोड *#21# को डायल करके आप यह जान सकते हैं कि आपके मैसेज, कौल या कोई और डाटा को कहीं दूसरी जगह डायवर्ट तो नहीं किया जा रहा है. अगर आपका कौल कहीं डायवर्ट किया जा रहा होगा तो इस कोड की मदद से नंबर सहित पूरा डिटेल आपको मिल जाएगा.

कोड *#*#4636#*#

कोड *#*#4636#*# की मदद से आप अपने फोन के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. जैसे- फोन में कौन सी बैटरी है, वाई-फाई कनेक्शन टेस्ट, फोन का मौडल, रैम इत्यादि. बता दें कि इन कोड को डायल करने पर आपके पैसे नहीं कटेंगे.

कोड ##002#

कोड ##002# की मदद से आप किसी भी फोन के सभी फौरवर्डिंग को डी-एक्टिव कर सकते हैं.

तेल के दाम सस्ते करने के लिये सरकार को करना होगा यह काम

पेट्रोल-डीजल अपने रिकौर्ड स्तर पर हैं, आम जनता त्रस्त है. लेकिन, सरकार किसी भी तरीके से इसे सस्ता करने की कोशिश नहीं कर रही है. पेट्रोलियम मंत्री कई बार बयान दे चुके हैं कि जल्द ही इस पर राहत मिलेगी. लेकिन, अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल कम है. लेकिन, अगर सरकार चाहे तो पेट्रोल-डीजल 32 फीसदी तक सस्ता हो सकता है. लेकिन, इसका सिर्फ एक ही तरीका है कि मौजूदा सभी टैक्सों को खत्म करते हुए पेट्रोल-डीजल व अन्य पेट्रोलियम पदार्थों को गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी GST के दायरे में लाया जाए.

क्या है पेट्रोल का मौजूदा रेट

  • रिफाइनिंग के बाद डीलर को बेचे गए पेट्रोल की कीमत: 38.17 रुपए प्रति लीटर
  • एक्साइज ड्यूटी: 19.48 रुपए प्रति लीटर
  • वैट: 16.55 रुपए प्रति लीटर
  • डीलर कमीशन: 3.63 रुपए प्रति लीटर
  • कुल कीमत: 77.83 रुपए प्रति लीटर

GST लगने पर क्या होगा भाव

  • रिफाइनिंग के बाद डीलर को बेचे गए पेट्रोल की कीमत: 38.17 रुपए प्रति लीटर
  • 28% का अधिकतम GST लगने पर: 10.68 रुपए प्रति लीटर
  • डीलर कमीशन: 3.63 रुपए प्रति लीटर
  • कुल कीमत: 52.48 रुपए प्रति लीटर

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कितनी बढ़ गई एक्साइज ड्यूटी

एक्साइज ड्यूटी की वजह से भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा इजाफा हुआ है. हालांकि, सरकार इसे घटाने को तैयार नहीं हैं. क्योंकि, इससे सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ेगा. लेकिन, पिछले चार साल की बात करें तो अप्रैल 2014 में पेट्रोल पर कुल एक्साइज ड्यूटी 9.48 रुपए प्रति लीटर थी. वहीं, मई 2018 में यह 19.48 रुपए प्रति लीटर है. देखा जाए तो 4 साल में पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में 105% की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, डीजल की बात करें तो इस पर अप्रैल 2014 में एक्साइज ड्यूटी 3.56 रुपए प्रति लीटर थी. मई 2018 में यह 330 फीसदी बढ़कर 15.33 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है. अगर इसे खत्म किया जाए तो पेट्रोल-डीजल पर बड़ी राहत मिल सकती है.

एक्साइज ड्यूटी घटाने से नहीं बनेगी बात

पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में कटौती की मांग हो रही है. लेकिन, एक्साइज घटाने से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत नहीं मिलेगी. क्योंकि, तेल कंपनियां रोजाना दाम तय करती हैं. 2 रुपए तक एक्साइज ड्यूटी में कटौती हो भी जाए तो एक हफ्ते में रिवाइज्ड कीमतों से यह फिर वहीं पहुंच जाएंगी. ऐसे में सिर्फ एक्साइज ड्यूटी घटाने से बात नहीं बनेगी.

कंपनियों पर लगे टैक्स

सरकार तेल उत्पादक कंपनियों पर विंडफौल टैक्स लगा सकती है. सरकार तेल उत्पादक कंपनी ओएनजीसी पर विंडफौल टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है. इससे पेट्रोल-डीजल के दाम में दो रुपए तक की कटौती संभव है. भारतीय तेल उत्पादक कंपनियों के लिए कच्चे तेल की कीमत 70 डौलर प्रति बैरल तक सीमित की जा सकती है. अगर ऐसा होता है तो भारतीय औयल फील्ड से तेल निकाल कर उसे अंतरराष्ट्रीय दरों पर बेचने वाली तेल उत्पादक कंपनियां अगर 70 डौलर प्रति बैरेल की दर से ज्यादा पर पेट्रोल बेचती हैं, तो उन्हें आमदनी का कुछ हिस्सा सरकार को देना होगा.

क्या है विंडफौल टैक्स

विंडफौल टैक्‍स एक तरह का विशेष तेल टैक्‍स है. इससे मिलने वाले रेवेन्‍यू का फायदा फ्यूल रिटेलर्स को दिया जाएगा, जिससे वह कीमतों में बढ़ोत्‍तरी को अब्‍जौर्ब कर सके. कंज्‍यूमर को तत्‍काल राहत देने के लिए सरकार विंडफौल टैक्‍स लगा सकती है. विंडफौल टैक्‍स दुनिया के कुछ विकसित देशों में प्रभावी है. यूके में 2011 में तेल की कीमतें 75 डौलर प्रति बैरल से ऊपर जाने पर टैक्‍स रेट बढ़ा दिया गया, जो नौर्थ सी औयल और गैस से मिलने वाले प्रौफिट पर लागू हुआ था. इसी तरह चीन ने 2006 में घरेलू तेल प्रोड्यूसर्स पर स्‍पेशन अपस्‍ट्रीम प्रौफिट टैक्‍स लगाया.

चार्जिंग के दौरान स्मार्टफोन हो जाता है गर्म? आजमाएं ये उपाय

आजकल स्मार्टफोन के बिना शायद ही किसी का दिन गुजरता. आज के समय में हर कोई अपना ज्यादातर काम स्मार्टफोन पर ही कर लेता है. लेकिन स्मार्टफोन के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि इनकी बैटरी लाइफ काफी कम रहती है और फिर इन्हें चार्ज करो तो ये गर्म होने लगते हैं. चार्जिंग के दौरान स्मार्टफोन अगर गर्म हो रहा है, तो इससे कई तरह के खतरे होने की आशंका भी बढ़ जाती है. इसलिए हम आपके लिए कुछ ऐसे टिप्स लेकर आए हैं, जिनका इस्तेमाल करके स्मार्टफोन को चार्जिंग के दौरान गर्म होने से रोका जा सकता है.

– स्मार्टफोन को चार्जिंग के दौरान गर्म होने से बचाने के लिए बैटरी सेवर औन कर दें. इससे न सिर्फ बैटरी लाइफ बढ़ती है, बल्कि स्मार्टफोन भी जल्दी चार्ज होता है.

– स्मार्टफोन को हमेशा ओरिजनल चार्जर से ही चार्ज करें. अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि स्मार्टफोन नया होता है तो ओरिजनल चार्जर से ही चार्ज करते हैं, लेकिन थोड़ा समय हो जाने के बाद कई यूजर अपने स्मार्टफोन को किसी भी चार्जर से चार्ज करने लगते हैं. इसके अलावा चार्जर खराब होने पर भी कई यूजर डुप्लीकेट चार्जर से अपने फोन को चार्ज करते हैं, जिससे स्मार्टफोन चार्जिंग के दौरान गर्म होने लगते हैं.

– कई बार देखने को मिलता है कि जिन यूजर के स्मार्टफोन में बैक कवर लगा होता है, उनके फोन चार्जिंग के दौरान ज्यादा हीट होते हैं. इसलिए टेक एक्सपर्ट का मानना है कि स्मार्टफोन की चार्जिंग के दौरान उसका बैक कवर निकाल दिया जाए.

– स्मार्टफोन में यूजर अपना इंटरनेट हमेशा औन रखते हैं, जिससे कई ऐप्स और ब्राउजिंग कंटेंट बैकग्राउंड में चलते रहते हैं और जब चार्जिंग के दौरान भी इंटरनेट औन रहता है, तो इससे फोन गर्म होने लगता है. इसलिए चार्जिंग के दौरान इंटरनेट को औफ कर दें और हो सके तो फोन को फ्लाइट मोड पर डाल दें.

– इन सबके अलावा कुछ यूजर्स अपने स्मार्टफोन को चार्ज करने के लिए यूएसबी पोर्ट का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इससे न सिर्फ स्मार्टफोन की बैटरी खराब होती है, बल्कि फोन भी हीट होता है. इसलिए स्मार्टफोन को यूएसबी के जरिए चार्ज करने की बजाय ओरिजनल चार्जर से ही चार्ज करें.

ट्रौफी के साथ पोज दे रहे थे खिलाड़ी, पर धोनी कहीं और ही थे बिजी

शेन वौटसन की धुआंधार पारी के दम पर चेन्नई ने आईपीएल 2018 का खिताब अपने नाम कर लिया है. शेन वौटसन ने 57 गेंदों में 8 छक्के और 7 चौके लगाकर नाबाद 117 रनों की शतकीय पारी खेली. रविवार (27 मई) को आईपीएल सीजन के 11वें मुकाबले में हैदराबाद को हराकर तीसरा खिताब अपने नाम किया. मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस फाइनल मुकाबले में चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और उनकी टीम ने एक बार फिर साबित किया कि उम्र मायने नहीं रखती. आपके पास अनुभव और फिटनेस हैं तो आप कोई भी जंग जीत सकते हैं.

आईपीएल 2018 फाइनल मुकाबले में हैदराबाद ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में छह विकेट के नुकसान पर 178 रनों का मजबूत स्कोर बनाया था. हैदराबाद के गेंदबाजों ने इस सीजन में जिस तरह का प्रदर्शन किया था उसे देखकर लग रहा था कि चेन्नई के लिए यह जीत बेहद मुश्किल होगी, लेकिन 36 साल के शेन वौटसन ने एक छोर पर अकेले खड़े होकर हैदराबाद के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और चेन्नई को 18.3 ओवरों में ही लक्ष्य तक पहुंचा दिया. चेन्नई ने सिर्फ दो विकेट खोए.

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मैच जीतने के बाद चेन्नई के खिलाड़ियों ने मैदान पर जीत का जश्न जमकर मनाया. मैदान पर सभी खिलाड़ियों ने आईपीएल 2018 की ट्रौफी के साथ अलग-अलग पोज दिए. फाइनल जीतने के बाद बहुत से खिलाड़ी मैदान पर अपने बच्चों के साथ भी नजर आए. मुरली विजय, सुरेश रैना, इमरान ताहिर, महेंद्र सिंह धोनी और हरभजन सिंह के बच्चे भी खिलाड़ियों के साथ जीत के जश्न में शामिल हुए.

इन सबके बीच चेन्नई कप्तान ‘थाला’ महेंद्र सिंह धोनी एक बार फिर से अपने अलग अंदाज की वजह से सुर्खियों में छा गए. दरअसल, जिस वक्त सभी खिलाड़ी ट्रौफी के साथ पोज देने में बिजी थे. धोनी अपनी बेटी जीवा के साथ मस्ती करते नजर आए.

सोशल मीडिया पर लोगों ने धोनी के इस अंदाज की जमकर तारीफ की. सोशल मीडिया पर फैन्स ने लिखा- जब टीम ट्रौफी उठा रही थी. धोनी ने जीवा को उठाया. कोई शक नहीं क्यों हम धोनी को इतना प्यार करते हैं.

धोनी का यह अंदाज देखकर कमेंटेटरर्स ने भी कहा, धोनी ने कई ट्रौफियां उठाई हैं इसलिए उनके लिए ज्यादा एक्साइटमेंट नहीं हैं. जीवा ही उनकी असली ट्रौफी है और वह उसके साथ मस्ती कर रहे हैं.

महेंद्र सिंह धोनी ने भी जीवा और साक्षी के साथ अपनी एक तस्वीर शेयर की. इस तस्वीर को शेयर करते हुए धोनी ने लिखा- सपोर्ट और मुंबई का ‘पीले सागर’ में बदलने के लिए शुक्रिया. शेन वौटसन की हैरान कर देने वाली पारी. एक अच्छे सीजन का अंत. आखिर में धोनी ने लिखा- जीवा को ट्रौफी की कोई फिक्र नहीं है, वो तो बस मैदान में दौड़ना चाहती है. ऐसा जीवा का कहना है.

बता दें कि दो साल के बैन के बाद आईपीएल 2018 में वापसी करने वाली चेन्नई की यह तीसरी खिताबी जीत है. इससे पहले वो 2010 और 2011 में खिताब अपने नाम कर चुकी है. इसी के साथ वह सबसे ज्यादा आईपीएल खिताब जीतने के मामले में मुंबई के बराबर पहुंच गई है. दोनों टीमों के नाम सबसे ज्यादा तीन-तीन खिताब हैं.

यह चेन्नई का 7वां आईपीएल फाइनल था और उसके कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का 8वां. चेन्नई का नाम आईपीएल इतिहास की सबसे सफल टीमों में गिना जाता है क्योंकि उसने नौ सीजन खेले हैं और सभी बार प्लेऔफ में जगह बनाई.

गलतफहमियां जब रिश्तों में जगह बनाने लगें

राधा और अनुज की शादी को 2 वर्ष हो चुके हैं. राधा को अपनी नौकरी की वजह से अकसर बाहर जाना पड़ता है. वीकैंड पर जब वह घर पर होती है, तो कुछ वक्त अकेले, पढ़ते हुए या आराम करते हुए गुजारना चाहती है या फिर घर के छोटेमोटे काम करते हुए समय बीत जाता है.

अनुज जो हफ्ते में 5 दिन उसे मिस करता है, चाहता है कि वह उन 2 दिनों में अधिकतम समय उस के साथ बिताए, दोनों साथ आउटिंग पर जाएं, मगर राधा जो ट्रैवलिंग करतेकरते थक गई होती है, बाहर जाने के नाम से ही भड़क उठती है. यहां तक कि फिल्म देखने या रेस्तरां में खाना खाने जाना भी उसे नागवार गुजरता है.

अनुज को राधा का यह व्यवहार धीरेधीरे चुभने लगा. उसे लगने लगा कि राधा उसे अवौइड कर रही है. वह शायद उस का साथ पसंद नहीं करती है जबकि राधा महसूस करने लगी थी कि अनुज को न तो उस की परवाह है और न ही उस की इच्छाओं की. वह बस अपनी नीड्स को उस पर थोपना चाहता है. इस तरह अपनीअपनी तरह से साथी के बारे में अनुमान लगाने से दोनों के बीच गलतफहमी की दीवार खड़ी होती गई.

अनेक विवाह छोटीछोटी गलतफहमियों को न सुलझाए जाने के कारण टूट जाते हैं. छोटी सी गलतफहमी को बड़ा रूप लेते देर नहीं लगती, इसलिए उसे नजरअंदाज न करें. गलतफहमी जहाज में हुए एक छोटे से छेद की तरह होती है. अगर उसे भरा न जाए तो रिश्ते के डूबने में देर नहीं लगती.

भावनाओं को समझ न पाना

गलतफहमी किसी कांटे की तरह होती है और जब वह आप के रिश्ते में चुभन पैदा करने लगती है तो कभी फूल लगने वाला रिश्ता आप को खरोंचें देने लगता है. जो युगल कभी एकदूसरे पर जान छिड़कता था, एकदूसरे की बांहों में जिसे सुकून मिलता था और जो साथी की खुशी के लिए कुछ भी करने को तैयार रहता था, उसे जब गलतफहमी का नाग डसता है तो रिश्ते की मधुरता और प्यार को नफरत में बदलते देर नहीं लगती. फिर राहें अलगअलग चुनने के सिवा उन के पास कोई विकल्प नहीं बचता.

आमतौर पर गलतफहमी का अर्थ होता है ऐसी स्थिति जब कोई व्यक्ति दूसरे की बात या भावनाओं को समझने में असमर्थ होता है और जब गलतफहमियां बढ़ने लगती हैं, तो वे झगड़े का आकार ले लेती हैं, जिस का अंत कभीकभी बहुत भयावह होता है.

रिलेशनशिप ऐक्सपर्ट अंजना गौड़ के अनुसार, ‘‘साथी को मेरी परवाह नहीं है या वह सिर्फ अपने बारे में सोचता है, इस तरह की गलतफहमी होना युगल के बीच एक आम बात है. अपने पार्टनर की प्राथमिकताओं और सोच को गलत समझना बहुत आसान है, विशेषकर जब बहुत जल्दी वे नाराज या उदास हो जाते हों और कम्यूनिकेट करने के बारे में केवल सोचते ही रह जाते हों.

‘‘असली दिक्कत यह है कि अपनी तरह से साथी की बात का मतलब निकालना या अपनी बात कहने में ईगो का आड़े आना, धीरेधीरे फूलताफलता रहता है और फिर इतना बड़ा हो जाता है कि गलतफहमी झगड़े का रूप ले लेती है.’’

वजहें क्या हैं

स्वार्थी होना: पतिपत्नी के रिश्ते को मजबूत बनाने और एकदूसरे पर विश्वास करने के लिए जरूरी होता है कि वे एकदूसरे से कुछ न छिपाएं और हर तरह से एकदूसरे की मदद करें. जब आप के साथी को आप की जरूरत हो तो आप वहां मौजूद हों. गलतफहमी तब बीच में आ खड़ी होती है जब आप सैल्फ सैंटर्ड होते हैं. केवल अपने बारे में सोचते हैं. जाहिर है, तब आप का साथी कैसे आप पर विश्वास करेगा कि जरूरत के समय आप उस का साथ देंगे या उस की भावनाओं का मान रखेंगे.

मेरी परवाह नहीं: पति या पत्नी किसी को भी ऐसा महसूस हो सकता है कि उस के साथी को न तो उस की परवाह है और न ही वह उसे प्यार करता है. वास्तविकता तो यह है कि विवाह लविंग और केयरिंग के आधार पर टिका होता है. जब साथी के अंदर इग्नोर किए जाने या गैरजरूरी होने की फीलिंग आने लगती है तो गलतफहमियों की ऊंचीऊंची दीवारें खड़ी होने लगती हैं.

जिम्मेदारियों को निभाने में त्रुटि होना: जब साथी अपनी जिम्मेदारियों को निभाने या उठाने से कतराता है, तो गलतफहमी पैदा होने लगती है. ऐसे में तब मन में सवाल उठने स्वाभाविक होते हैं कि क्या वह मुझे प्यार नहीं करता? क्या उसे मेरा खयाल नहीं है? क्या वह मजबूरन मेरे साथ रह रहा है? गलतफहमी बीच में न आए इस के लिए युगल को अपनीअपनी जिम्मेदारियां खुशीखुशी उठानी चाहिए.

वैवाहिक सलाहकार मानते हैं कि रिश्ता जिंदगी भर कायम रहे, इस के लिए 3 मुख्य जिम्मेदारियां अवश्य निभाएं-अपने साथी से प्यार करना, अपने पार्टनर पर गर्व करना और अपने रिश्ते को बचाना.

काम और कमिटमैंट: आजकल जब औरतों का कार्यक्षेत्र घर तक न रह कर विस्तृत हो गया है और वे हाउसवाइफ की परिधि से निकल आई हैं, तो ऐसे में पति के लिए आवश्यक है कि वह उस के काम और कमिटमैंट को समझे और कद्र करे. बदली हुई परिस्थितियों में पत्नी को पूरा सहयोग दे. रिश्ते में आए इस बदलाव को हैंडल करना पति के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है, क्योंकि यह बात आज के समय में गलतफहमी की सब से बड़ी वजह बनती जा रही है. इस के लिए दोनों को ही एकदूसरे के काम की कमिटमैंट के बारे में डिस्कस कर उस के अनुसार खुद को ढालना होगा.

धोखा: यह सब से आम वजह है. यह तब पैदा होती है जब एक साथी यह मानने लगता है कि उस के साथी का किसी और से संबंध है. ऐसा वह बिना किसी ठोस आधार के भी मान लेता है. हो सकता है कि यह सच भी हो, लेकिन अगर इसे ठीक से संभाला न जाए तो निश्चित तौर पर यह विवाह के टूटने का कारण बन सकता है. अत: आप को जब भी महसूस हो कि आप का साथी किसी उलझन में है और आप को शक भरी नजरों से देख रहा है तो तुरंत सतर्क हो जाएं.

दूसरों का हस्तक्षेप: जब दूसरे लोग चाहे वे आप के ही परिवार के सदस्य हों या मित्र अथवा रिश्तेदार आप की जिंदगी में हस्तक्षेप करने लगते हैं तो गलतफहमियां खड़ी हो जाती हैं. ऐसे लोगों को युगल के बीत झगड़ा करा कर संतोष मिलता है और उन का मतलब पूरा होता है. यह तो सर्वविदित है कि आपसी फूट का फायदा तीसरा व्यक्ति उठाता है. पतिपत्नी का रिश्ता चाहे कितना ही मधुर क्यों न हो, उस में कितना ही प्यार क्यों न हो, पर असहमति या झगड़े तो फिर भी होते हैं और यह अस्वाभाविक भी नहीं है. जब ऐसा हो तो किसी तीसरे को बीच में डालने के बजाय स्वयं उन मुद्दों को सुलझाएं जो आप को परेशान कर रहे हों.

सैक्स को प्राथमिकता दें: सैक्स संबंध शादीशुदा जिंदगी में गलतफहमी की सब से अहम वजह है. पतिपत्नी दोनों ही चाहते हैं कि सैक्स संबंधों को ऐंजौय करें. जब आप दूरियां बनाने लगते हैं, तो शक और गलतफहमी दोनों ही रिश्ते को खोखला करने लगती हैं. आप का साथी आप से खुश नहीं है या आप से दूर रहना पसंद करता है, तो यह रिश्ते में आई सब से बड़ी गलतफहमी बन सकती है.

स्पाइसी ट्रीट : दहीमिर्ची करी

दहीमिर्ची करी

सामग्री

– 1 बड़ा चम्मच औयल

– 1/2 छोटा चम्मच जीरा

– चुटकीभर हींग

– 1/2 छोटा चम्मच हलदी

– 2 मोटी हरीमिर्चें कटी हुई

– 200 ग्राम दही

– नमक स्वादानुसार

विधि

एक पैन में औयल गरम कर के हींग और जीरा डाल कर चटकाएं. फिर मोटी वाली हरीमिर्चें डाल कर थोड़ा चलाएं. अब हलदी, नमक और दही डाल कर अच्छी तरह मिक्स कर आंच से उतार लें, ठंडा होने पर सर्व करें.

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