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YouTube हुआ बंद, लोगों के बीच मचा हाहाकार, 1 घंटे के बाद करने लगा काम

 दुनिया का सबसे मशहूर वीडियो प्लेटफौर्म यूट्यूब के डाउन होने की खबर से सोशल मीडिया पर #YouTubeDown टौप ट्रेंड बन गया. कंपनी ने इसे लेकर यूजर्स के लिए ट्वीट भी किया जिसमें लिखा था कि यूट्यूब, यूट्यूब टीवी और म्यूजिक के डाउन होने के बाद इसे ठीक करने के लिए काम जारी है. हम जल्द ही आपको इसकी सूचना देंगे. हालांकि, भारतीय समयानुसार सुबह 8 बजे के बाद यूट्यूब ने काम करना शुरू कर दिया था.

आपको बता दें, वीडियो शेयरिंग ऐप यूट्यूब बुधवार की सुबह पूरी दूनिया में अचानक डाउन हो गया. इसके बाद तो लोगों के बीच हाहाकार मच गया. सोशल मीडिया पर लोगों ने यूट्यूब के बंद होने की सूचना दी और इस तरह ट्विटर पर ट्वीट की बाढ़ आ गई. लगभग 1 घंटा बंद रहने के बाद आखिरकार इस वीडियो प्लेटफौर्म ने फिर से काम करना शुरू किया तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली.

खबरों के अनुसार यूट्यूब के डाउन होते ही लोगों ने इसकी सूचना तस्वीरों के साथ ट्विटर पर डालना शुरू कर दिया. डाउन होने पर जब लोग यूट्यूब ओपन कर रहे थे तो उन्हें वीडियोज की जगह बंदर दिख रहा था.

वीडियो : फैन ने बीच मैदान पर रोहित शर्मा को किया किस, रितिका हुईं नाराज

गौरतलब है कि रोहित शर्मा ने विजय हजारे ट्राफी में मुंबई के लिए नाकआउट मुकाबले में खेलने का फैसला किया है और इसी फैसले के मुताबिक वो मुंबई और हरियाणा के बीच खेले गए क्वार्टरफाइनल मैच में टीम का हिस्सा रहे. मुंबई के लिए खेल रहे रोहित शर्मा ने क्वार्टर फाइनल में अच्छा प्रदर्शन किया और 33 रन बनाए. मुंबई की टीम ने ये मैच 9 विकेट से जीता. इस मैच में मुंबई की पारी के दौरान एक अजीबो गरीब घटना देखने को मिली, जिसने सभी को हैरान कर दिया.

मैच खत्म होने के बाद एक फैन मैदान पर घुस आया. रोहित शर्मा जब मैदान से बाहर जा रहे थे तो उस फैन ने उनके पैर छुए. इसके बाद वो उठा और रोहित शर्मा को गले लगाकर उन्हें जबरदस्ती किस किया. फैन दूसरे गाल पर भी किस करने वाला था लेकिन रोहित हट गए. इसके बाद ये फैन घूमता हुआ वापस स्टैंड्स में चला गया. हैरानी की बात ये है कि सुरक्षाकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी.

 

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रोहित शर्मा को किस करने का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. ये खबर अखबार में भी छपी. इस खबर को रोहित शर्मा की पत्नी रितिका सजदेह ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए युजवेंद्र चहल को टैग किया. इसमें उन्होंने लिखा, ‘अब हम दोनों के लिए चुनौती खड़ी हो गई है.’

रितिका के इस पोस्ट पर जवाब आया और उन्होंने लिखा, ‘भाभी ये क्या हो रहा है, ये क्या हो रहा है.’

हाल के दिनों में मैदान में फैंस की घुसपैठ की ये तीसरी घटना है. वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान दो बार विराट कोहली के साथ ऐसा हो चुका है और अब रोहित शर्मा के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. ये खिलाड़ियों की सुरक्षा में चूक का मामला है. सवाल ये है कि मैदान में तैनात सुरक्षाकर्मी क्या कर रहे हैं ?

बधाई हो : पारिवारिक रिश्तों व जीवन मूल्यों पर एक खूबसूरत फिल्म

क्या युवा व टीनएजर बेटे के माता पिता को रोमांस करने, प्यार करने व तीसरी बार माता पिता बनने का हक नहीं होता, क्या उनका यह कृत्य उन्हें शर्मिंदा करने वाला कृत्य है? क्या अधेड़ उम्र के दंपति को यौन संबंध नहीं बनाने चाहिए? इन मूलभूत सवालों के साथ परिवारिक रिश्तों पर बनी एक खूबसूरत फिल्म है – ‘‘बधाई हो’’.

फिल्म ‘‘बधाई हो’’ की कहानी मेरठ से दिल्ली आकर बसे एक मध्यमवर्गीय कौशिक परिवार के इर्द गिर्द घूमती है. इस परिवार के मुखिया जीतेंद्र कौशिक (गजराज राव) अपनी वृद्ध मां (सुरेखा सीकरी), पत्नी प्रियंवदा उर्फ बबली (नीना गुप्ता), पच्चीस वर्ष के युवा बेटे नकुल (आयुष्मान खराना) व बारहवीं कक्षा में पढ़ रहे छोटे बेटे गूलर के साथ रह रहे हैं. जितेंद्र कौशिक रेलवे में टीसी हैं. जबकि नकुल एक कारपोरेट कंपनी में नौकरी करने के साथ ही अपनी सहकर्मी रेनी (सान्या मल्होत्रा) के साथ रोमांस कर रहा है.

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नकुल व रेनी जल्द शादी करने की योजना बना रहे हैं. सब बहुत खुश हैं. अचानक एक दिन पता चलता है कि नकुल की मां प्रियंवदा तीसरी बार मां बनने वाली हैं. इस खबर से सबसे ज्यादा शर्मिंदगी नकुल को महसूस होती है. उसे लगता है कि जब उसे शादी कर पिता बनने के बारे में सोचना चाहिए, तब उसके माता पिता पुनः बच्चा पैदा कर रहे हैं. गूलर भी नाखुश है. नकुल की दादी (सुरखा सीकरी) तो अपने हिसाब से बहू को काफी ताने देती हैं कि अब परिवार व रिशतेदारों का किस तरह से सामना करेंगे? कल तक नकुल अपने जिन दोस्तों का मजाक बनाया करता था, उनसे दूर हो जाता है. वह रेनी से भी मिलना बंद कर देता है. आफिस भी नही जाता. घर का माहौल बहुत तनावपूर्ण हो जाता है. मगर रेनी, नकुल से मिलती है और वह कहती है कि इसमें कुछ भी बुरा नहीं है.

मेरठ में नकुल की बुआ की बेटी शानू की शादी है. पर शर्मिंदगी के चलते नकुल व गूलर मेरठ नहीं जाते हैं. मेरठ में शादी संपन्न होने के बाद जब जीतेंद्र कौशिक की पत्नी प्रियंवदा से कहती है कि वह संस्कारी नहीं है, तो यह सुनकर दादी फट पड़ती है. फिर दादी कहती है कि उनकी बहू प्रियंवदा संस्कारी व सुशील है. उसी ने उनकी बीमारी के वक्त सेवा की और वह उसके तीसरी बार मां बनने से खुश हैं.

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इधर दिल्ली में जब रेनी अपनी मां को बताती है कि नकुल की मां इस उम्र में मां बनने वाली हैं, तो रेनी की मां नकुल को अच्छा लड़का बताते हुए नकुल के परिवार को जाहिल बताकर कई अपशब्द कह देती है. यह सुनकर नकुल बर्दाश्त नहीं कर पाता. नकुल, रेनी की मां को जवाब देते हुए अपने परिवार को एक प्यारा संस्कारी मध्यमवर्गीय परिवार बताता है. इसी बात पर रेनी व नकुल के बीच रिश्ता खत्म हो जाता है. अब नकुल घर आकर अपनी मां व पिता से माफी मांगता है. उसे अहसास होता है कि उसके माता पिता ने कुछ भी गलत नहीं किया है.

फिर कहानी आगे बढ़ती है. अंत में प्रियंवदा एक बेटी को जन्म देती है. रेनी व नकुल का भी रिश्ता जुड़ जाता है. जहां तक अभिनय का सवाल है तो इंटरवल से पहले पूरी फिल्म परिवार की दादी यानीकि सुरेखा सीकरी की है. तो इंटरवल के बाद पूरी फिल्म आयुष्मान खुराना की है. सुरेखा सीकरी ने हर भारतीय परिवार में पाई जाने वाली दबंग दादी को जिस तरह अपने अभिनय से जीवंत किया, उसके चलते बच्चे से बूढे सभी उनके अभिनय के दीवाने हो जाएंगे.

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यदि इस फिल्म के लिए सुरेखा सीकरी को पुरस्कार मिल जाए, तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी. वह एक ऐसी दबंग सास व मां हैं जो कि बहू, बेटी व बेटे सहित पूरे परिवार को धमकाने का दम रखती हैं.
‘विकी डोनर’, ‘दम लगा के हाईसा’, ‘शुभ मंगल सावधान’ जैसी सामजिक टैबू के विषयों पर बनी फिल्मों में अभिनय कर चुके आयुष्मान खुराना इस फिल्म में नकुल के किरदार के लिए सर्वाधिक सही रहे.

उनहोंने साबित कर दिखाया कि वह अभिनय में इतना सक्षम हैं कि दर्शक पंद्रह दिन के अंतराल में उन्हें दो दो फिल्मों में देखना चाहेगा. बड़ी उम्र के युवा बेटे की मौजूदगी में तीसरी बार मां बनने की शर्मिंदगी के भाव चेहरे पर लाकर नीना गुप्ता ने खुद को पुनः बेहतरीन अदाकारा साबित कर दिखाया. गजराज राव भी अपने किरदार में बेहतर लगे हैं. सान्या मल्होत्रा ने भी जानदार अभिनय किया है. बाकी कलाकार भी ठीक हैं. फिल्म ‘‘बधाई हो’’ के पटकथा व संवाद लेखक बधाई के पात्र हैं.

इन्होंने एक अति संजीदा विषय पर बहुत ही खूबसूरत पटकथा लिखी है. फिल्म के संवाद हंसाते हैं. उन्होंने दिल्ली और मेरठ की बोली, रहन सहन व पारिवारिक माहौल को बेहतर तरीके से गढ़ा है. मगर इंटरवल से पहले फिल्म को कसा जाना चाहिए था. इंटरवल के बाद फिल्म ज्यादा बेहतर हो गयी.

बतौर निर्देशक अमित रवींद्रनाथ शर्मा की यह बेहतरीन फिल्म है. ‘‘बधाई हो’’ में मध्यमवर्गीय परिवार के जीवन मूल्यों, पारिवारिक रिश्तों व रोजमर्रा की जिंदगी की बारीकियों को बड़ी खूबी से पिरोया गया है. निर्देशक के तौर पर पूरी फिल्म पर उनकी पकड़ बनी रहती है. फिल्म में संयुक्त परिवार, परिवार का सम्मान व मूल्यों को लेकर मनोरंजन के साथ संदेश भी है.

दो घंटे पांच मिनट की अवधि वाली फिल्म का निर्माण ‘‘जंगली पिक्चर्स’’ और ‘‘क्रोम पिक्चर्स’’ ने मिलकर किया है. फिल्म के निर्देशक अमित रवींद्रनाथ शर्मा, लेखक शांतनु श्रीवास्तव, अक्षत घिलडियाल व ज्योति कपूर, पटकथा लेखक अक्षत घिलडियाल, संगीतकार तनिष्क बागची, रोचक कोहली, कैमरामैन सानू वर्गीस तथा फिल्म को अभिनय से संवारने वाले कलाकार हैं – सुरेखा सीकरी, नीना गुप्ता, गजराज राव, आयुष्मान खुराना, राहुल तिवारी, सान्या मल्होत्रा, शीबा व अन्य.

नमस्ते इंग्लैंड : परिणीति चोपड़ा और अर्जुन कपूर के करियर पर लगा प्रश्नचिन्ह

2007 की सफलतम फिल्म ‘नमस्ते लंदन’ की सिक्वअल फिल्म ‘नमस्ते इंग्लैंड’ देखकर अहसास होता है कि फिल्मकार ने बेमन से फिल्म बनायी है. शुरू से अंत तक फिल्म में ऐसा कुछ नही है, जिसके लिए दर्शक अपनी गाढ़ी कमाई के पैसे व अपना बहुमूल्य समय बर्बाद कर इस फिल्म को देखना चाहेगा.

फिल्म की कहानी के केंद्र में पजांब में रहने वाले परम (अर्जुन कपूर) और ज्वेलरी डिजायनर/आभूषण डिजायनर बनने का सपना देख रही जसमीत (परिणीति चोपड़ा) है.

दशहरे के दिन जसमीत को देखकर परम उस पर लट्टू हो जाता है. फिर वह दिवाली व होली के दिन उसका पीछा करता है. पर बात नहीं जमती. तब अपने दोस्तों की मदद से वो ऐसे हालात पैदा करवाता है कि उनकी मुलाकात हो जाती है और दोनों अपने प्यार को कबूल कर लेते हैं. पर जसमीत के रूढ़िवादी दादाजी (विनोद नागपाल) व भाई बहुत कड़क स्वभाव के हैं.

इसलिए परम व जसमीत को छिपकर मिलने के लिए परम के दोस्त हर दिन नई कहानी गढ़ते रहते हैं. खैर, परम व जसमीत की शादी, जसमीत के दादा की इस शर्त पर होती है कि शादी के बाद भी उनकी बेटी घर से बाहर कदम रखकर नौकरी या व्यापार नहीं करेगी.

जबकि जसमीत की महत्वाकांक्षा बहुत बड़ी ज्वेलरी डिजायनर बनना है. मगर प्यार के लिए जसमीत शादी कर लेती है. शादी के बाद हनीमून के लिए स्विट्ज़रलैंड जाना है. पर शादी वाले दिन परम का अपने दोस्त से झगड़ा हो जाता है. दोस्त गुस्से में उनका वीजा ही नही होने देता.

तब गैर कानूनी तरीके से लोगों को विदेश भेजने का काम कर रहे ट्रैवेल एजेंट गुरनाम (सतीष कौशिक), परम के सामने प्रस्ताव रखता है कि वह किसी इंग्लैंड की लड़की से शादी कर मैरिज वीजा पर इंग्लैंड चला जाए.

कुछ दिन बाद उसे इंग्लैंड की नागरिकता मिल जाए, तो वह उस लड़की को तलाक देकर अपनी पत्नी जसमीत को भारत से ले जाए. परम इस प्रस्ताव को ठुकरा देता है. मगर जसमीत को तो हर हाल में इग्लैंड जाना है तो वह गुरनाम के प्रस्ताव के पंजाबी, मगर इंग्लैंडवासी समीर उर्फ सैम (आदित्य सील) के साथ शादी कर इंग्लैंड चली जाती है और परम से कहती है कि नागरिकता मिलते ही वह समीर को तलाक देकर उसे इंग्लैंड ले जाएगी. जसमीत का विछोह परम से बर्दाश्त नहीं होता.

परम को इस बात का गुस्सा है कि उसकी पत्नी जसमीत एक पुरूष यानी कि उसकी बजाय एक शहर लंदन से प्यार करती है. इसलिए क्रोध में परम गैरकानूनी रास्ते से इग्लैंड पहुंचता है. वहां पर आलिषा (अलंकृता सहाय) की मदद से जसमीत को सच्चे प्यार का अहसास करा जसमीत के साथ भारत वापस आ जाता है.

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फिल्म ‘‘नमस्ते इंग्लैंड’’ बेसिर पैर की कहानी व अविश्वसनीय घटनाक्रमों से सजी फिल्म है. फिल्म का एक भी द्रश्य या पल तार्किक नही लगता. लेखक ने पुरूषों की ही तरह औरत को भी घर से बाहर निकलकर काम करने की आजादी का मुद्दा उठाया, पर फिर वह खुद भटक गए. फिल्म के शुरू होने के पांच मिनट बाद ही दर्शक कहने लगता है- ‘‘कहां फंसायो नाथ.’’ बेवकूफी से भरे द्रश्यों वाली इस फिल्म के संवाद भी बहुत घटिया हैं. शादी वाले दिन परम का अपने जिगरी दोस्त से झगड़े वाला द्रश्य लेखक व निर्देशक के दिमागी दिवालिएपन को ही उजागर करता है. इसके बाद फिल्म को पूरी तरह से डुबाने में फिल्म के कलाकारों ने अपना योगदान देने में कोई कसर बाकी नहीं रखी.

जहां तक अभीनय का सवाल है तो किसी भी कलाकार का अभिनय प्रभावित नहीं करता. अति कमजोर व ठीक से न लिखे गए किरदारों की वजह से परम के किरदार के साथ अर्जुन कपूर व जसमीत के किरदार के साथ परिणीति चोपड़ा न्याय करने में पूरी तरह से विफल हैं. ‘‘नमस्ते इंग्लैंड’’ से अर्जुन कपूर व परिणीति चोपड़ा के अभिनय करियर पर कई गंभीर सवाल उठते हैं.

‘‘तेवर’’, ‘‘की एंड का’’, ‘‘हाफ गर्ल फ्रेंड’, ‘‘मुबारकां’’ जैसी असफल फिल्में दे चुके अर्जुन कपूर ने अब तक अपने अभिनय में कोई सुधार नहीं किया है. अर्जुन कपूर के चेहरे पर कहीं कोई भाव नहीं आते. अर्जुन कपूर भी अपनी तरफ से अपने अभिनय को संवारने के लिए मेहनत करते नजर नही आते. अर्जुन कपूर ने अपने अभिनय से हर द्रश्य को तबाह ही किया है.

परिणीत चोपड़ा ने एक बार फिर साबित कर दिखाया है कि उनसे उत्कृष्ट अभिनय की उम्मीद रखना बेकार है. ‘शुद्ध देशी रोमांस’, ‘दावत ए इश्क’, ‘हंसी तो फंसी’, ‘किल दिल’ व ‘मेरी प्यारी बिंदू’ जैसी असफल फिल्मों के बाद परिणीति चोपड़ा ने फिल्म ‘‘नमस्ते इंग्लैंड’’ से अपने करियर पर खुद ही कुल्हाड़ी मारने का काम किया है.

अति घटिया कहानी, अति घटिया पटकथा, अति घटिया संवादों और कलाकारों के अति घटिया अभिनय के साथ ही इस फिल्म का प्रचार भी बहुत घटिया किया गया. यदि फिल्म का प्रचार ठीक से किया गया होता, तो शायद पहले दिन फिल्म कुछ कमा लेती.

पूरी फिल्म देखने के बाद यह समझना मुश्किल हो जाता है कि निर्माता निर्देशक विपुल अमृतलाल शाह के सामने फिल्म ‘‘नमस्ते इंग्लैड’’ बनाने की क्या मजबूरी रही. निर्देशक ने पितृसत्तात्मक से प्रेरित साजिश के मुद्दे को उठाया, पर कुछ देर में ही वह इसे भूल गए. उनके निर्देशन में भी कोई चमक नही है. इस तरह की फिल्में ही भारतीय सिनेमा को बदनाम करने का काम करती हैं.

फिल्म का गीत संगीत भी भुला देने योग्य है.  दो घंटे आठ मिनट की अवधि वाली फिल्म ‘‘नमस्ते इंग्लैंड’’ का निर्माण विपुल अमृतलाल शाह, समीर चोपड़ा, फिरोजी खान, जयंतीलाल गाड़ा आदि ने किया है. फिल्म के निर्देशक विपुल अमृत लाल शाह, पटकथा लेखक सुरेष नायर,संगीतकार हिमेष रेषमिया व पार्श्वसंगीतकार सलीम सुलेमान, कैमरामेन जोनाथन ब्लूम तथा फिल्म को अभिनय से संवारने वाले कलाकार हैं – अर्जुन कपूर, परिणीति चोपड़ा, सतीश कौशिक, आदित्य सील, अनिल मांगे, अलंकृता सहाय, विनोद नागपाल व अन्य.

लौन्च हुआ क्रेडिट कार्ड जितना स्मार्टफोन, यह है खास

अमेरिका की एक स्मार्टफोन निर्माता कंपनी ने एक छोटा-सा Palm स्मार्टफोन लौन्च किया है. इस फोन की स्क्रीन मात्र 3.3 इंच की है. आपको बता दें कि इसका साइज एक क्रेडिट कार्ड जितना है. इसे फिलहाल अमेरिका में लौन्च किया गया है. बाकि के बाजारों में यह कब तक लौन्च किया जाएगा इसकी फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी गई है.

जानें Palm स्मार्टफोन के बारे में

इस फोन में 3.3 इंच का एलसीडी डिस्प्ले दिया गया है. यह वाटर और डस्ट रेजिस्टेंट है. इसके लिए फोन को IP68 की रेटिंग दी गई है. वहीं, इसमें एक लाइफ मोड फीचर भी मौजूद है. इसे औन करने के बाद फोन साइलेंट मोड में चला जाएगा. साथ ही फोन या नोटीफिकेशन आने पर स्क्रीन की लाइट औन हो जाएगी. इस फोन में सिंगल सिम स्लाट दिया गया है. इस फोन के फ्रंट और बैक पैनल पर गोरिल्ला ग्लास की प्रोटेक्शन दी गई है. यह फोन क्वालकौम स्नेपड्रैगन 450 औक्टा-कोर प्रोसेसर और 3 जीबी रैम से लैस है. इसमें 32 जीबी की इंटरनल स्टोरेज दी गई है.

फोन में 12 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 8 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है. इसके रियर कैमरे पर फ्लैश लाइट दी गई है. फोन को पावर देने के लिए 800 एमएएच की बैटरी दी गई है. कनेक्टिविटी के लिए फोन में 4G LTE, ब्लूटूथ v4.2, वाई-फाई, जीपीएस, 3.5 mm का हेडफोन जैक और यूएसबी टाइप सी चार्जिंग पोर्ट जैसे फीचर्स दिए गए हैं. इस फोन में फेस अनलौक फीचर भी मौजूद है. इसकी कीमत 349 यूएस डालर यानि करीब 25,000 रुपये है. यह फोन एंड्राइड औरियो 8.1 पर काम करता है.

कैश निकालने के अलावा भी एटीएम देता है कई सुविधाएं

अधिकतर लोग एटीएम का इस्तेमाल कैश निकालने, मिनी स्टेटमेंट निकालने या बैलेंस चेक करने के लिए करते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि यह एटीएम से मिलने वाली सुविधाओं का एक बेहद ही छोटा सा भाग है. एटीएम इनके अलावा भी और कई सुविधाएं देता है. आइये जानते हैं इनके बारे में.

चेक बुक रिक्‍वेस्‍ट

अगर आपको चेक बुक की जरूरत है तो इसके लिए आप एटीएम से आवेदन कर सकते हैं. एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम यह सुविधा दे रहे हैं.

कार्ड टू कार्ड ट्रान्‍सफर

आप एटीएम की मदद से दूसरे अकाउंट में फंड ट्रांसफर कर सकते हैं. एसबीआई एटीएम में एक कार्ड से दूसरे कार्ड में रोजाना 40 हजार रुपये तक के कार्ड टू कार्ड फंड ट्रांसफर की सुविधा मिलती है. एसबीआई के अलावा बैंक औफ इंडिया, कैनरा बैंक, आंध्रा बैंक समेत दूसरे बैंक यह सुविधा देते हैं.

डिपाजिट की सुविधा

आईसीआईसीआई और एसबीआई जैसे बैंकों के कई एटीएम में डिपाजिट की सुविधा मिलती है. इन बैंकों के कई एटीएम में कैश निकालने के साथ-साथ पैसे जमा कराने की सहूलियत भी मिलती है.

मोबाइल बैंकिंग रजिस्‍ट्रेशन

मोबाइल बैंकिंग रजिस्ट्रेशन भी आप एटीएम के जरिए कर सकते हैं. मोबाइल बैंकिंग रजिस्ट्रेशन के लिए आपको बैंक की ब्रांच जाने की जरूरत नहीं है. एटीएम के जरिए आप मोबाइल बैंकिंग के लिए रजिस्ट्रेशन और डिरजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.

लोन के लिए एटीएम से करें अप्लाई

एटीएम से आप लोन के लिए के लिए भी अप्लाई कर सकते हैं. आईसीआईसीआई और एचडीएफसी बैंक एटीएम से आप लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं.

एटीएम से कर सकते हैं मोबाइल रिचार्ज

आप एटीएम से मोबाइल रिचार्ज भी कर सकते हैं. जी हां, बहुत कम लोग इस बारे में जानते हैं कि एटीएम से मोबाइल रिचार्ज हो सकता है. एसबीआई समेत दूसरे कई बैंक प्रीपेड नंबर रिचार्ज करने की सुविधा देते हैं.

एटीएम से भरें इंश्‍योरेंस प्रीमियम

इंश्‍योरेंस प्रीमियम भरने के लिए एटीएम का इस्तेमाल किया जा सकता है. एटीएम में सर्विसेज औप्शन में यह सुविधा दी जाती है. एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम में यह सुविधा मिलती है.

एटीएम से भरें टैक्स

एटीएम से ऊपर लिखी सुविधा के अलावा टैक्स पेमेंट भी की जा सकती है. एचडीएफसी और यूनियन बैंक औफ इंडिया यह सुविधा देते हैं. इसके लिए बैंक की वेबसाइट पर जाकर एटीएम से टैक्स पेमेंट के लिए रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद आपको एटीएम से SIN नंबर वाली स्लिप मिलेगी. इस नंबर को 24 घंटे की समयसीमा के अंदर वेबसाइट पर सबमिट करना होगा.

फिक्स्ड डिपाजिट (एफडी) खोलने के लिए

आईसीआईसीआई बैंक एटीएम में एफडी खोलने की सुविधा देता है. इसके लिए बैंक में रेजिडेंट्स सेविंग्स या सैलरी अकाउंट होना चाहिए. इसके अलावा आपको डेबिट कार्ड और पिन होना जरूरी है.

उत्पीड़न के वक्त ही महिलाओं को करनी चाहिए थी शिकायत : बप्पी लहरी

बौलीवुड के दिग्गज सिंगर बप्पी लहरी ने कहा है कि वें #metoo कैंपेन के बारे में पूरी तरह से नहीं जानते लेकिन उन्हें लगता है कि महिलाओं को अपनी यौन शोषण की शिकायत तुरंत उसी समय करनी चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि, ‘‘मैंने यहां कुछ मामलों के बारे में पढ़ा और सुना. जो मामले अब सामने आ रहे है. इसमे मेरी राय यह है कि, आपने तब क्यों नहीं बोला जब आपके साथ उत्पीड़न हुआ था या आपने कोई प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं कराई.’’ आपको बता दें, उनका ये भी कहना है कि वह किसी को भी बदनाम करने की कोशिश नहीं कर रहे.

बप्पी ने ये भी कहा कि अगर आज हम फिल्म का म्यूजिक लॉन्च कर रहे हैं तो 10 साल बाद इसके बारे में बात करने का कोई मतलब नहीं है.वें ‘‘मौसम इकरार के दो पल प्यार के’’ म्युजिक लॉन्च के मौके पर बोल रहे थे. गायक ने कहा कि मैं तब से #metoo कैंपेन के बारे में पढ़ रहा हूं जब यह कैंपेन हॉलीवुड को हिला दिया था और मेरा मानना है कि किसी को भी सबूत के साथ बोलना चाहिए.

उन्होंने कहा, हमारे देश में महिलाओं, बहनें, बेटियां, मां और पत्नियों का सबसे ज्यादा सम्मान किया जाता है. मैं अमेरिका में भी रहता हूं और मैं कह सकता हूं कि हमारी संस्कृति वाकई अच्छी है. मैं बहुत ज्यादा नहीं बोल रहा क्योंकि मुझे सभी जानकारियों के बारे में नहीं पता. अगर आपके पास सबूत नहीं है तो यह गलत है. ये सभी इंडस्ट्री के बड़े लोग हैं.

बता दें कि #MeToo कैंपेन के तहत फिल्म इंडस्ट्री, मीडिया, राजनीति से जुड़ी महिलाएं अपने यौन शोषण का दर्द बयां कर रही हैं.

#MeToo का खौफ, रेप सीन से पहले अभिनेता ने महिला से लिखवाया पत्र

#MeToo अभियान ने पूरे बौलीवुड जगत को हिला कर रख दिया है. हर दिन यौन शोषण के नए-नए खुलासे हो रहे हैं. लगातार बाहर आ रही शिकायतों के बाद बौलीवुड के तमाम कलाकार ना सिर्फ डरे हुए हैं, बल्कि वह किसी भी तरह के बोल्ड, रेप या छेड़-छाड़ के सीन करने से कतरा रहे हैं. वह फिल्म के निर्देशक से ऐसे सीन को हटाने की मांग कर रहे हैं, यदि सीन हटाना संभव नहीं हो तो शूटिंग के ठीक पहले और बाद में पूरी टीम की मौजूदगी में महिला कलाकार से लिखित रूप से सीन और शूटिंग से संबधित नो अब्जेक्शन का लेटर लिखवा रहे हैं.

हाल ही में एक नया मामला सामने आया है, जिसमें अभिनेता ने रेप सीन से पहले महिला कलाकार से उनकी सहमति का एक पत्र लिखवाया. बता दें कि यह अभिनेता कोई और नहीं बल्कि बौलीवुड के जाने-माने कलाकार दलीप ताहिल हैं. जी हां, दलीप ताहिल इन दिनों निर्देशक सुधीर मिश्रा के एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं. इस प्रोजेक्ट में एक रेप सीन भी था. सोमवार यानी 15 अक्टूबर को जब दलीप ताहिल को पता चला की आज सेट पर कोई रेप सीन शूट करना है तो सबसे पहले उन्होंने सीन करने से इंकार कर दिया, लेकिन जब टीम ने बताया कि यह रेप सीन बहुत जरूरी है, तब बड़े मुश्किल से दलीप राजी हुए, लेकिन उन्होंने एक शर्त रखी कि शूटिंग के पहले और शूटिंग के बाद आप इस सीन को करने वाली कलाकार से एक लेटर लिखवा लो कि उसे रेप सीन करते समय किसी भी तरह की कोई तकलीफ नहीं हुई.

शूटिंग के तुरंत बाद दलीप ताहिल के कहने पर उस रेप सीन को करने वाली महिला कलाकार का वीडियो इंटरव्यू भी किया गया. इस इंटरव्यू में महिला ने साफ कहा कि उसने बिना किसी भी परेशानी के यह सीन किया और सीन की शूटिंग के दौरान वह अपनी सुरक्षा और सम्मान को लेकर पूरी तरह संतुष्ट थी.

वैसे इस सीन की शूटिंग के दौरान सुधीर मिश्रा मौजूद नहीं थे. खबर के अनुसार उनकी किसी भी फिल्म में जब भी कोई बोल्ड या इंटिमेट सीन फिल्माया जाता है, तब सुधीर मिश्रा उस सीन को खुद शूट नहीं करते.

#MeToo : यौन शोषण के आरोप में फंसे BCCI के CEO राहुल जोहरी

एक अज्ञात महिला लेखक द्वारा यौन शोषण के आरोप में फंसे भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के  सीईओ राहुल जोहरी की मुश्किले आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं. इस मामले में सफाई देने के लिए प्रशासकों की समिति (सीओए) ने उन्हें सप्ताह भर का समय दिया है. बता दें कि एक ट्विटर हैंडल से एक महिला द्वारा लिखे गए पत्र के स्क्रीनशॉट्स जारी किए गए थे, जिसमें जोहरी पर उस अज्ञात महिला लेखक ने यौन शोषण के आरोप लगाए थे.

इस पर संज्ञान लेते हुए सीओए ने जौहरी से आरोपों की सफाई देने के लिए सात दिन का समय दिया था. एक अंग्रेजी वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, जोहरी इस समय छुट्टी पर जा रहे हैं और इसी बीच वह अपने जवाब पेश करेंगे.

वेबसाइट के मुताबिक, जब से जोहरी पर आरोप लगे हैं उसके बाद एक भी बार वो काम पर नहीं आए. इसके अलावा जोहरी ने सीओए से अपील की है कि वो सिंगापुर में इसी सप्ताह के अंत में होने वाली ICC की बैठक में हिस्सा नहीं ले पाएंगे.

अपनी बातचीत में सीओए के चैयरमेन विनोद राय ने वेबसाइट से कहा, ‘हम इस मुद्दे को धीरे-धीरे बढ़ने देना नहीं चाहते इसलिए हमने जोहरी को सात दिन का समय दिया है ताकि वह अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई दे सकें. उन आरोपों के पीछे कोई अज्ञात है. वह शिकायत एक अनजान ट्वीटर हैंडल पर उस वक्त की है जब जौहरी बीसीसीआई में थे भी नहीं. सीओए को लगा कि हमारे लिए और उनके लिए यह सही होगा कि हम उन्हें सफाई देने का मौका दें.’

जोहरी पर फैसला बीसीसीआई की कानूनी टीम भी लेगी . इसके अलावा जरूरत पड़ने पर महिलाओं के खिलाफ कामकाजी जगह पर यौन उत्पीड़न एक्ट 2013 के तहत बनाई गई समिति भी इसमें दखल दे सकती है.

शेयर में निवेश करना चाहते हैं तो इन दो बातों का रखें ख्याल, नहीं होगी परेशानी

शेयर खरीदते वक्त निवेशकों को कई बातों का ध्यान रखना चाहिए. निवेशक को किसी भी तरह के नुकसान के लिए हमेशा तैयार रहना चहिए. और कोशिश करनी चहिए कि निवेश से पहले जितने भी जोखिम हों उनको कवर कर लिया जाए. निवेशकों के पास रोजमर्रा खर्चा चलाने के लिए पर्याप्त राशि होनी चाहिए. हम बताएंगे आपको वो दो जरूरी बातें जिनको ध्यान में रखने से आपका शेयर में निवेश और ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा.

तैयार रखें इमरजेंसी कैश रिजर्व

जीवन में हमेशा अनिश्चितता बनी रहती है. इस लिए जरूरी है कि आप सेविंग्स जरूर रखें. अगर आपके सेविंग नहीं है तो विपरित समय पर असेट बेचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. इससे कई बार बड़ा नुकसान हो जाता है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि शेयर में निवेश करने से पहले इतना कैश जरूर रिजर्व कर लें कि पांच छ: महीने तक रोजमर्रा का खर्च चल सके.

लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस जरूर लें

लाइफ इंश्योरेंस आम लोगों के वित्तीय योजना का जरूरी हिस्सा होता है. यह परिवार के कमाऊ सदस्य के साथ कुछ अनहोनी होने पर उसके आश्रितों के लिए सहारा बनता है. माना जाता है कि अपनी वार्षिक आय का कम से कम 7 10 गुना का लाइफ इंश्योरेंस कवर ले लेना चाहिए. यह मुश्किल वक्त में परिवार के काम आ सकता है. इसके अलावा मेडिकल इंश्योरेंस भी बहुत जरूरी है. मार्केट में रेगुलर मेडिकल इंश्योरेंस के साथ-साथ गंभीर बीमारियों के लिए भी मेडिकल इंश्योरेंस है.

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