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कहीं इन्टरनेट और होमवर्क गैप में तो नहीं फंसा आपका लाडला ?

27 अक्टूबर को राजधानी में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस 5G नेटवर्क का डंका पीट रहे एक डाक्टर बता रहे थे कि किस तरह एक रिमोट लोकेशन पर बैठकर हम किसी मरीज का लाइव अल्ट्रासाउंड कर सकेंगे. साथ में दूसरे टेक्निकल एक्सपर्ट 5G नेटवर्क के जरिए वर्चुअली एक आदमी को एक जगह से दूसरी जगह होलोग्राम फार्म में भेजने की तकनीकी क्रान्ति का हवाला दे रहे थे. हालांकि भारत में यह तकनीक आने में साल 2020 तक का इन्तेजार करना पड़ेगा तब तक 2 या 3G से ही काम चलाना पड़ेगा.

वर्चुअल दीवार के उस पार

फिलहाल देश में इंटरनेट सस्ता है और लोग इफरात से इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. लेकिन क्या अप जानते हैं इस फ्री इंटरनेट ने देशदुनिया में एक डिजिटल डिवाइडर को जन्म दे दिया है. यानी एक तरफ वे लोग हैं जो इंटरनेट और गैजेट के इस्तेमाल से दूर हैं और सामान्य जिन्दगी जी रहे हैं, दूसरी तरफ वे हैं जो दिनरात स्मार्टफोन, कम्प्यूटर, लैपटॉप, टैब, आइपैड पर नजरें गड़ाए आभासी डिजिटल दुनिया में खोये रहते हैं. इस सिनारियो ने घर और बाहर एक डिजिटल डिवाइडर पैदा कर दिया है और इसका खामियाजा बच्चे भुगत रहे हैं. अमेरिका की नयी प्यू रिसर्च एनालिसिस रिपोर्ट 2018 बताती है कि इंटरनेट के इस डिजिटल डिवाइडर के चलते हर 5 में से 1 बच्चा होमवर्क गैप का शिकार हो रहा है. यानी लाखों बच्चे अपना होमवर्क सिर्फ इसलिए पूरा नहीं कर पाते क्योंकि उनके हाथ में स्मार्टफोन और इंटरनेट की बेलगाम डोर थमा दी है पेरेंट्स ने.

होमवर्क गैप के शिकार

होमवर्क गैप की चोट 13 से 17 साल के बच्चों को लग रही है. ये वही बच्चे हैं जो इंटरनेट की असुरक्षित गलियों में आवारा होकर घूमते रहते हैं और अपना क्लास का होमवर्क पूरा नहीं करते. फिर यह होमवर्क गैप उनके एकेडेमिक करियर को घुन की तरह धीरे धीरे खाने लगता है. इसी साल हुए इस शोध में करीब 17 प्रतिशत टीनेजर्स मानते हैं कि उन्होंने डिजिटल एक्सेस की वजह से कई दफा अपने क्लास असाइंमेंट पूरे नहीं किया जबकि 13 प्रतिशत टीन्स ऐसे भी थे जो यह कहते हैं कि इंटरनेट की वजह से वे अक्सर अपना होमवर्क कम्प्लीट करना भूल जाते हैं.यह हाल सिर्फ अमेरिकी बच्चों का नहीं है बल्कि समूची दुनिया में इंटरनेट की चपेट में आये बच्चे अपनी अपनी असल जिन्दगी से कनेक्शन तोड़कर कर वर्चुअल दुनिया में जी रहे हैं.

भारत में तो हाल और भी बदतर हैं. नितिन अरोड़ा कहते हैं, “एक साल पहले मैंने बेटे को यह सोचकर स्मार्टफ़ोन दिलाया कि वह इस पर अपने होमवर्क और क्लास असाइंमेंट से जुडी जानकारियां हासिल कर लेगा. क्योंकि वह अक्सर मुझसे क्लास असाइंमेंट पूरे करने के लिए मोबाइल मांगता था, लिहाजा मैंने उसे नया स्मार्टफोन और इंटरनेट कनेक्शन दिलवा दिया. लेकिन उसके बाद से ही वह हम लोगों से कटता चला गया. न समय पर डिनर और लंच करता और न ही घर आये किसी मेहमान से मिलता. जब देखो तब उसके हाथ में मोबाइल चिपका रहता. यहाँ तक कि बाथरूम में भी वह उसे अपने साथ ले जाता. मना करने पर चिड़चिड़ा हो जाता. एक दिन उसके स्कूल से शिकायत आई कि आपका बच्चा कोई भी असाइंमेंट पूरा नहीं करता..”

पीछा न छुड़ाएं बच्चों से

नितिन अकेले नहीं है, उनके जैसे कई मातापिता हैं जिनके बच्चे अनजाने में वर्चुअल दुनिया में जीने के आदी हो जाते हैं. पढ़ाई करियर से उनका मन उचाट जाता है और इन्स्टा, ट्विटर और पोर्नबाजी में उनके दी गुजरते रहते हैं. दरसाल ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आजकल बच्चों के साथ उनके असाइमेंट कम्प्लीट करने का समय नहीं होता पेरेंट्स के पास. जब बच्चे उनसे बार बार स्कूल और होमवर्क पूरा कराने का दबाव डालते हैं तो वे पीछा छुडाने के लिए उन्हें यह कहकर इंटरनेट की दुनिया में धकेल देते है कि यहाँ से देखकर ओना होमवर्क कम्प्लीट कर लो. लेकिन होता इसके उलट है. बच्चा होमवर्क का काम तो दूर वहां कुछ और ही खोजने लगता है. इसी तरह बच्चा जब अपने साथ पेरेंट्स को बैठाकर शतरंज, कैरम जैसे इंडोर गेम्स या पार्क में क्रिकेट खेलने के लिए कहता है तो पेरेंट्स मोबाइल में गेम्स खेल लो, कहकर पीछा छुड़ा लेते हैं. जब तक उन्हें इसके साइडइफेक्ट्स समझ आते हैं तब तक काफी देर हो चुकी होती है.

पढ़ने के लिए प्रेरित करें

यह बात सही है कि आजकल बच्चों के स्कूल के होमवर्क से लेकर प्रोजेक्ट तक अब ऑनलाइन ही जमा किए जाते हैं. लेकिन यह सब पैरेंट्स और टीचर्स की निगरानी में होना तो ही ठीक है. बच्चों को किताब, पत्रिकाओं को पढ़ने के लिए कहिये, जिनमें असल जिदगी की व्यावहारिक जानकारियों से वे रूबरू होते हैं. इंटरनेट का अधकचरा ज्ञान उन्हें बीच राह में भटकने के लिए छोड़ देगा.

दुनिया भर के देशों में इंटरनेट की लत से लोगों को निकालने के लिए स्पेशलिस्ट सेंटर्स होते हैं, भारत में ऐसे सेंटर्स अब खुलने शुरू हुए हैं. क्या आप भी अपे बच्चों को ऐसे स्कूल की जगह ऐसे सेंटर्स में भेजना चाहते हैं?

व्हाट्सऐप ने किया नया फीचर अपडेट, अब मिलेगा 12 स्टीकर्स का एक पैक

व्हाट्सऐप ने अब एक नया फीचर अपडेट किया है, जिससे आपकी चैटिंग और भी ज्यादा इंट्रेस्टिंग होगी. इस अपडेट के साथ अब आप अपने फ्रैंड्स और फैमिली को फेसबुक की तरह ही इस पर भी स्टीकर्स भेज सकते हैं. व्हाट्सऐप के इस नए स्टीकर्स फीचर में आपको 12 स्टीकर्स का एक पैक मिलेगा.

एंड्रौयड और आईओएस यूजर्स व्हाट्सऐप के इस नए स्टीकर्स फीचर का इस्तेमाल आसानी से कर सकते हैं. इसके लिए आपको उस चैट में जाना होगा, जिसे आप स्टीकर भेजना चाहते हैं. इसके बाद चैट बार पर क्लिक कर इमोजी आइकन पर क्लिक करें. इसके बाद आपको इमोजी, जीआईएफ और नए स्टीकर का औप्शन दिखने लगेंगे. स्टीकर्स आईकन पर क्लिक कर आप अपना मनपसंद स्टीकर्स आसानी से भेज सकते  हैं. अगर, आपके व्हाट्सऐप में स्टीकर्स का औप्शन नहीं दिख रहा है, तो आपको अपना व्हाट्सऐप अपडेट करना होगा.

व्हाट्सऐप ने इस फीचर को यूज करने के लिए एक अलग स्टीकर्स स्टोर दिया है. आप अपने हिसाब से बहुत सारे पैक में से अपना पसंदीदा पैक डाउनलोड कर सकते हैं. ये स्टीकर्स आईओएस और एंड्रौयड दोनों यूजर्स के लिए ओपन हैं. एक बार इसे डाउनलोड कर लेने पर आप इसे औफलाइन भी यूज कर सकते हैं.

व्हाट्सऐप ने एक ब्लौग पोस्ट पर बताया कि ये स्टीकर्स एंड्रौयड बीटा के वर्जन 2.18.329 पर और आईफोन वर्जन 2.18.100 पर उपलब्ध होंगे.

जानिए कम पैसों मे बिजनस करने के नायाब तरकीब

कई बार हम देखते हैं की नौजवानों को बिजनस करने की चाहत रहती है, उनके पास कई सारी नए युग की टेक्नोलौजी तथा विज्ञान से जुडी नई तरकीबे होती है, उनके जरिये वो लोग अपना खुदका बिजनस शुरू करना चाहते हैं. लेकिन कई बार वह पैसे की कमी के चलते अपना ये बिजनस शुरू नहीं कर पाते. इसीलिए हमने यह लेख लिखा है खास आपके लिए. यह लेख कोई भी अपना सकता है और अपना खुदका बिजनस शुरू कर सकता है.

रिक्रूटमेंट फर्म

कई युवा आज बहुत अच्छी पढाई करने के बावजूद भी नौकरी से वंचित है, उनके पास टैलेंट तो जरूर है लेकिन अच्छी नौकरी प्राप्त करने के लिए उनके पास मौका नहीं है, तो यह मौका आप उन्हें दे सकते हैं, एक अच्छी रिक्रूटमेंट फर्म स्थापित करके.

इसके लिए आवश्यक चीजें : अच्छी संभाषण क्षमता, अच्छे कौन्टेक्ट्स तथा थोडा बहुत घुमने की तैयारी, इस बिजनस में अच्छी कंपनी की HR मेनेजर के साथ आपके अच्छे कौन्टेक्ट्स बनने चाहिए जिनके जरिये आप अपने क्लाइंट्स मतलब स्टूडेंट लोगों को अच्छी नौकरी दिलवा सके, इसके बदले आप उनसे थोडा बहुत फीस प्राप्त कर सकते हैं.

रियल एस्टेट कंसल्टेंसी

आज हमारे देश में कई सारे लोग नया मकान एक तो खरीदना चाहते है या फिर रेंट पे लेना चाहते हैं, आप एक रियल एस्टेट एजेंट बनकर इन लोगों की सहायता कर सकते हैं उनको अच्छा सा मकान ढूंढने में सहायता करके. इसके लिए आपको लगेंगे मकान मालिक से अच्छे सम्बन्ध तथा नए लोगों के साथ बात-बर्ताव करने का हुनर. आप इन नए लोगों को उनके मनपसंद मकान दिलवा के इसके बदले में छोटा कमीशन प्राप्त कर सकते हो. आज कल मकान मिलना इतना कठिन हो गया है की ये नए लोग आपको मुह मांगी कमीशन (ब्रोकरेज) देने के लिए तैयार हो जाते है, आप इस संधि का फायदा ले सकते हैं, जिससे आपको पैसा भी मिलेगा और लोगों की मदद भी हो जाएगी.

औनलाइन मार्केटिंग पोर्टल

आज कल कई नए स्टार्टअप अपने हुनरसे कई नयी चीजें बना रहे है जिसकी इलेक्ट्रानिक वस्तुए, खेल, कपड़े. तो आप इन बिजनस तथा स्टार्टअप की मदद कर सकते हैं उनकी चीजें बेचकर. तो इसके लिए आपको लगेगा एक अच्छा वेबसाइट और थोडा मार्केटिंग का जादू. अगर आपके पास यह दो चीजें है तो आप आराम से इस बिजनस में अच्छा पैसा कमा सकते हो.

औनलाइन ब्लौग्गिंग

यह चीज थोड़ी नयी है तथा इस चीज की आज मार्किट में बहुत डिमांड है, अगर आपके पास अंग्रेजी भाषाकी अच्छी खासी नौलेज हो, तो आप खुदका ब्लौग शुरू करके पैसा कमा सकते है, इस बिजनस के लिए आपको लगेगा एक छोटा वेबसाइट जिसको ब्लौग कहते है, जिसपे आप विभिन्न विषय पर आपके विचार लिख सकते हो, यह ब्लोग्स आप सोशल मीडिया साइट्स जेसेकी फेसबुक, ट्विटर के माध्यम से फैला सकते हो, एक बार आपके इस ब्लौग पर लोग विजिट करेंगे तो आप एफिलिएट मार्केटिंग करके बहुत पैसा कमा सकते हो. आजके दिन, भारत वर्ष में ऐसे कई सारे व्यक्ति है, जो सिर्फ लिख कर कमसे कम १,००,००० से लेकर प्रति माह ५,००,००० कमा रहे हैं.

इवेंट मैनेजमेंट फर्म

अगर आपको पार्टी के लिए माहौल बनाना पसंद है तो आप यह बिजनस शुरू कर सकते हो. आज भारत देशमे सबसे ज्यादा शादिया तथा पार्टीज मनाई जाती है, ईन पार्टी तथा शादियोंकेलिये लगता है एक अच्छा खासा प्लानिंग, और यह प्लानिंग करनेका काम करते है इवेंट प्लान्नेर्स. आप यह बिजनस बहुत कम खर्चे में शुरू कर सकते हो, और इस बिजनस से कमाई भी अच्छी होती है.

ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट

आपमें अगर बच्चो को पढाने की खूबी है तो यह बिजनस आपके लिए बेहत फायदेमंद रहेगा. ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट शुरू कर, आप कई कक्षाओं की बच्चो को ज्ञान दिला सकते हो, कमसे कम ५वि कक्षा से लेकर दसवी कक्षा तक आज बच्चे टूशन क्लासेज में एडमिशन लेते है, अगर आपको उन्हें समझने तथा समझाने की कला हो, तो आप यह बिजनस शुरू कर प्रति माह बहुत पैसा कमा सकते हो.

महिलाओं के लिए जिम

आजकल हम देखते है की महिलाये भी अपनी फिटनेस तथा स्वास्थ्य की तरफ ध्यान देने लगी है, ख़ास करके मेट्रो सिटीज में. उन्हें जरुरत होती है एक ऐसे जगह की जो की साफ़ हो , स्वच्छ हो तथा उसमे जरुरतमंद  सारी चीजें हो जिसके जरिये वे एक अच्छा एक्सरसाइज कर सके. अगर आप एक अच्छे एक्सरसाइज ट्रेनिंग प्रदान करनेका कोर्स करले और अगर आपके पास थोडा बहुत पैसा हो तो आप कोई अच्छी जगह रेंटपे लेकर उसमे अपना खुदका जिम शुरू कर सकते है और इसमें आप ख़ास महिलाओंके लिए एक सुरक्षित, साफ़ परिवेश प्रदान कर सकते है.

वेडिंग प्लानर

आजकल इंडिया में शादी और फिल्मे यह दो चीजें बेहत खूब चलती है, एक शादी को सफलता पूर्वक मनाने के लिए लगता है एक अच्छा खासा प्लानिंग. इनविटेशन से लेकर बिदाई तक सब कुछ चिजों में प्लानिंग की आवश्यकता है, आपमें अगर ढेर सारे लोगों का मैनेजमेंट करने का अनुभव हो, अगर आप भिड़ मे बड़ी आसानी से काम कर पाते हो, तो यह प्रोफेशन आपके लिए एकदम सही है, इसमें आपको बस शादी में जरूरत सभी चीजों की जान पहचान होनी चाहिए तथा आपको लोगों के साथ अच्छा बर्ताव करने की कला आनी चाहिए.

मैट्रीमोनी साइट

लोगोंको जोड़कर उनको अपने पसंदीदा साथी को मिलवाने का पवित्र कार्य कर सकते हो आप इस बिजनस को चलाकर. इसमें आपको बस चाहिए लोगोंके साथ अछे कौन्टेक्ट्स तथा एक मस्त वेबसाइट. जिसमे आप यह कार्य आसानी से पूर्ण कर सकते हो. इस वेबसाइट को यूज करने के लिए आप उन लोगोंसे फीस ले सकते हो.

औनलाइन ग्रोसरी शौपिंग

आजकल लोगोंको सबकुछ घर बेठे चाहिए जैसे की कपड़े, इलेक्ट्रानिक्स, प्रसाधने, सब्जी वगैरा, तो आप भी इसी जरुरत का फायदा उठा सकते हो एक ऐसेही सिमिलर सर्विस प्रदान करके. आपको चाहिए एक वेबसाइट जिसके माध्यम से आप लोगिनसे और्डर्स पा सकते हो और लोकल किसान या फिर बागवान लोगोंके साथ अच्छे सम्बन्ध, जिनसे आप कम दामोमे सब्जी खरीद्के लोगोंतक पहुंचा सकते हो, आप लोकल किराना स्टोर्स से भी घरेलु चीजें पा सकते हो और वे भी औनलाइन बेच सकते हो, इस बिजनस में मार्जिन बहुत ज्यादा है और लोग पैसे खर्च करनेके लिए भी तैयार है क्योंकि उन्हें सब चीजें अगर घर बैठे मिल रही हो तो वो बहुत खुश हो जायेंगे आपके ये बिजनस से.

कौफी शौप

कौलेज जाने वाले युवा तथा बिजनसमन को एक शांत तथा स्वच्छ जगह चाहए होती है जिनमें वे अपने दोस्तोंके साथ वक्त बिता सकें तथा मीटिंग या फिर महत्वपूर्ण डील्स पर काम कर सकते हैं. कौफी शौप में आप कौफी, सैंडविच, तथा अन्य खानेकी चीजें बेच सकते हो जिससे आपको अच्छी आमदनी प्राप्त हो सकती है और लोगोंको भी अच्छा परिवेश मिल सकता है अपने बिजनस के कार्य पूर्ण करने के लिए.

फाइनेंस कंसलटेंट

आजकल लोगोंको अपने पैसेका अच्छी तरहसे निवेश करना जरुरी लगता है, वह अपनी कमाई हुई राशिको अच्छी रिटर्न्स के लिए इन्वेस्ट करना चाहते है जिससे टैक्स भी बच सकता है और उस इन्वेस्टमेंट पर अच्छा रिटर्न भी मिल सकता है. आप इन चीजोंका थोडा नौलेज लेकर लोगोंको अपना पैसा इन्वेस्ट करने सम्बन्धी जानकारी दे सकते है, बदले में आपको मिल सकता है कमीशन या फिर फीस. यह एक बहुत प्रचलित व्यवसाय है.

कार ड्राइविंग स्कूल

एक अच्छा कारचालक बनता है एक अच्छी ट्रेनिंग से, अगर सिखने वख्त ही अगर अच्छी ट्रेनिंग ना मिलें तो भविष्य में कार चालक कुछ उल्टा-सीधा कर बैठते है जैसेकी ट्रैफिक की नियमोंका उल्लंघन, तथा अपघात इत्यादि. अगर आप कार ड्राइव करनेमे माहिर हो और आप दुसरों को भी यह ज्ञान देना चाहते हो तो आपके पास चाहिए बस एक अच्छी कंडीशन वाली कार और आरटीओ से एक सर्टिफिकेट, जिसके जरिये आप शुरू कर सकते हो आपना खुदका कार ड्राइविंग स्कूल. इस बिजनस के साथ ही आप इन कार सिखने वाले लोगोंको दे सकते हो लाइसेंस तैयार करनेमे मदद, जिससे वे लोग अच्छी खासी फीस दे सकते है और उन्हें कार सीखनेके बाद तुरंत लाइसेंस भी मिल सकता है.

ऐसे लें बिना इंटरनेट के लाइव टीवी का मजा

स्मार्टफोन पर लाइव टीवी देखने के लिए आपको लाइव टीवी से संबंधित कई सारे ऐप को इंस्टाल करना होता है. इसके लिए आपको ज्यादा डाटा खर्च करना होता है. हालांकि अब 4जी डाटा पैक्स काफी कम कीमत में मिलने लगे हैं.

मूवी-म्यूजिक ट्रांसफर करना हो या फिर औनलाइन वीडियो देखना हो 4जी स्पीड से हर काम काफी आसान हो जाता है. यही नहीं, इंटरनेट की मदद से लाइव टीवी भी देखा जा सकता है. लेकिन 4जी पैक खत्म होने के बाद इंटरनेट की स्पीड काफी कम हो जाती है फिर क्या. फिर तो लाइव टीवी बफरिंग के साथ चलता है. इससे पिक्चर क्वालिटी भी काफी लो हो जाती है. इस परेशानी से निपटने के लिए हम आपके लिए एक ऐसी डिवाइस की जानकारी लाएं हैं जिसके जरिए बिना इंटरनेट के भी लाइव टीवी देखा जा सकता है. अगर आप मोबाइल पर लाइव टीवी देखना चाहते हैं तो यूजर को TV ट्यूनर डोंगल लेने की जरुरत होगी. इसे किसी भी ई-कौमर्स वेबसाइट से खरीदा जा सकता है.

कैसे काम करता है TV ट्यूनर डोंगल?

यह DVB-T सिग्नल पर काम करता है. इसे फोन में सीधा कनेक्ट किया जा सकता है. इसके जरिए यूजर्स लाइव टीवी देख सकते हैं. साथ ही इसमें माइक्रो यूएसबी पोर्ट दिया जाता है जिसे फोन के चार्जर पोर्ट में कनेक्ट किया जा सकता है. अब बात आती है चैनल सर्च करने की, तो इसके लिए इसमें बिल्ट-इन TV साफ्टवेयर दिया होता है जो कंट्री रीजन के हिसाब से चैनल ढूंढता है. यहां से यूजर्स बिना इंटरनेट के भी फ्री चैनल का लुत्फ उठा सकते हैं. आपको बता दें कि यह केवल एंड्राइड स्मार्टफोन पर ही काम करता है. इसकी कीमत 1,638 रुपये है. इस डिवाइस में माइक्रो यूएसबी पोर्ट लगा होता है जिसे आप अपने स्मार्टफोन में लगा सकते हैं.

#MeToo : जौहरी के खिलाफ सबूत पेश करेंगे मुंबई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान

#MeToo अभियान के तहत बीसीसीआई के सीईओ राहुल जौहरी के खिलाफ भी यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था, जिसके बाद बीसीसीआई की सात राज्य इकाइयों ने आरोपों की जांच लंबित रहने तक उन्हें निलंबित करने की मांग की. मुंबई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शिशिर हट्टनगढी ने कहा कि वह राहुल जौहरी के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में प्रमाण देने को तैयार हैं.

शिशिर ने ट्वीट किया, ‘यदि बीसीसीआई मीटू के तहत यौन उत्पीड़न मामले में राहुल जौहरी के बारे में कोई जानकारी चाहता है, तो मैं मदद को तैयार हूं. मैं मुंबई का पूर्व कप्तान ऐसा करने को तैयार हूं.’ एक समाचार पत्र से बात करते हुए शिशिर ने दावा किया कि जौहरी के खिलाफ जो शिकायत है, वह उनके बीसीसीआई सीईओ रहते हुए है.

इसके बाद शिशिर ने एक और ट्वीट किया जिसमें लिखा- यह सिर्फ राहुल जौहरी और उनसे जुड़ी बात नहीं है. यह बीसीसीआई के माध्यम से देश को वैश्विक स्तर पर किसी खेल में प्रतिनिधित्व करने को लेकर है. कोई भी इंसान खेल से ऊपर नहीं हो सकता.

इससे पहले गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित प्रशासकों की समिति (सीओए) ने विनोद राय की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एक कमिटी का गठन किया, जो पूरी घटना की जांच करेगी. इस कमिटी में इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व जज राकेश शर्मा, दिल्ली महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन बरखा सिंह और सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर पीसी शर्मा शामिल हैं.

जस्टिस शर्मा इस कमिटी के चेयरमैन होंगे. तीन सदस्यीय इस कमिटी को पैनल ने अपनी रिपोर्ट 15 दिनों के अंदर सौंपने को कहा है. एक महिला द्वारा राहुल जौहरी पर लगाए गए सनसनीखेज आरोपों के बाद कमिटी ने उनसे इस मामले में जवाब मांगा था. इस पर जौहरी ने 20 अक्टूबर को अपना जवाब सौंपते हुए सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था.

सोनाली बेंद्रे ले रही हैं म्यूजिक थैरिपी का सहारा

संगीत में एक ऐसी ताकत होती है, जो हमारे किसी भी दुख-दर्द को भूलाने में काफी हद तक कारगर है. जैसा कि हम सब जानते हैं,  संगीत हमारे खुशी और गम का साथी है. इसके साथ ही संगीत बीमारी की भी दवा बन चुकी है. बता दें, आजकल कई जगह बड़ी-बड़ी बीमारियों का ईलाज संगीत से किया जाता है. ऐसा लगता है कि इस बात पर बौलीवुड एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे को भी यकीन हो चुका है, इसलिए वह इन दिनों संगीत सुनने में दिलचस्पी दिखा रही हैं. जी हां सही सुना आपने, न्यूयौर्क में कैंसर का इलाज करा रहीं सोनाली हाल ही में सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान का कौन्सर्ट अटेंड करने पहुंची.

सोनाली लगातार अपने चाहने वालों से जुड़ी रहती है. वे अपने हेल्थ से जुड़ी जानकारियां ही नहीं बल्कि अपनी सारी सोशल एक्टिविटीज को भी सोशल मीडिया पर शेयर करती हैं. शुक्रवार को सोनाली ने एक लाइव म्यूजिक कौन्सर्ट में बैठे हुए एक तस्वीर शेयर की जिसमें उन्होंने लिखा, ‘अपनी आत्मा को तृप्त और उसे महसूस करने लिए, संगीत जैसा कुछ नहीं है.’ इसके साथ ही एक और भी तस्वीर उनकी वाल पर नजर आ रही है जिसमें इंडियन क्लासिकल म्यूजिक के उस्ताद अमजद अली खान और उनके बेटे अमान अली और अयान अली भी साथ हैं.

आपको बता दें कि सोनाली हाल ही में प्रियंका चोपड़ा के साथ न्यूयौर्क सिटी में सैर करती दिखी थीं, वही उनका हाल जानने पहुंचे अनुपम खेर के साथ भी सोनाली ने अपनी तस्वीर शेयर की थी. कुछ ही दिनों पहले सोनाली ने अपने दर्द को बयां करने वाला एक नोट सोशल मीडिया पर लिखा था, जिसके पढ़कर अंदाजा लगाया जा सकता है कि सोनाली इन दिनों कैंसर से लड़ते हुए कितने दर्द से जूझ रही हैं. इसके साथ ही कुछ समय पहले सोनाली ने ‘इंडियाज बेस्ट ड्रामेबाज’ के लिए एक इमोशनल वीडियो भी भेजा था.

 

जानिए धोनी को क्यों नहीं मिली औस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज सीरीज में जगह

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को वेस्ट इंडीज और औस्ट्रेलिया के साथ होने वाले टी20 सीरीज में जगह नहीं मिली है. इस पर मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने धोनी को टीम से बाहर करने का कारण बताई. प्रसाद ने कहा कि सिलेक्टर्स को दूसरे विकेटकीपर की तलाश है. बीसीसीआई ने शुक्रवार को वेस्ट इंडीज और औस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए टीम का ऐलान किया. पर इस लिस्ट में धोनी का नाम कहीं नहीं था. आपको बता दें कि अंर्तराष्ट्रीय क्रिकेट में करियर बनाने के बाद धोनी के साथ ये पहला मौका है जब उन्हें टीम में जगह नहीं दी गई है.

शुक्रवार को प्रसाद ने कहा कि ‘भारत और औस्ट्रेलिया में होने वाली टी20 सीरीज में धोनी नहीं खेलेंगे, क्योंकि हम दूसरे विकेटकीपर की तलाश कर रहे हैं. टीम के साथ ऋषभ पंत और दिनेश कार्तिक हैं. इसलिए उन्हें विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी का मौका मिलेगा. आपको बता दें कि अपने करियर में 37 वर्षीय धोनी ने सर्वाधिक टी20 मैच खेले हैं.

दिसंबर 2006 में धोनी ने अपना पहला टी20 मैच खेला. तब से अब तक बाद अब तक धोनी कुल 104 टी20 इंटरनैशनल मैचों का हिस्सा रहें, जिसमें से 93 मैचों में धोनी टीम के साथ रहे. उनकी कप्तानी में ही भारत ने 2007 में खेला गया पहला वर्ल्ड टी20 जीता था. इस दौरान उन्होंने 1487 रन बनाए. उनका स्ट्राइक रेट रहा 127. धोनी ने अंर्तराष्ट्रीय टी20 में 54 कैच पकड़े और 33 स्टंपिंग्स भी कीं. धोनी इंग्लैंड दौरे पर अंर्तराष्ट्रीय टी20 में भारतीय टीम के साथ थे लेकिन उन्हें तीन में से सिर्फ एक में ही बल्लेबाजी करने का मौका मिला था.

#MeToo : राखी सावंत के रेप के आरोप के बाद तनुश्री ने दिया जवाब

अमेरीका से वापस आने के बाद जब से तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर यौन शेषण का आरोप लगाया है तब से उनके खिलाफ उंगलियां उठ रही हैं. इस मामले में राखी सावंत और तनुश्री दत्ता एक दूसरे के आमने सामने आकर खड़ी हो गई हैं और दोनों के बीच भयंकर तनातनी जारी है. गौरतलब है कि पहले राखी सावंत ने नाना के खिलाफ तनुश्री के आरोपों को झूठा बताते हुए उन्हें सरेआम खरी-खोटी सुनाई थी. इसके लिए तनुश्री ने उनपर मानहानि का मुकदमा कर दिया था जिसके बाद हाल ही में राखी ने प्रेस कान्फ्रेंस करके तनुश्री पर उनका रेप करने का संगीन आरोप लगाया था.

राखी ने कहा, 12 साल पहले तनुश्री ने उनका रेप किया था. तनुश्री ड्रग्स लेती थीं और उनके प्राइवेट पार्ट्स को छुआ था.राखी ने यहां तक कहा कि तनुश्री अंदर से लड़का हैं इसलिए उन्होंने अपने बाल मुंडवाए थे. राखी ने कहा था कि  वह 12 साल तक चुप रहीं लेकिन अब वह बोल रही हैं.

राखी के इन आरोपों पर तनुश्री दत्ता ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. एक बयान में तनुश्री ने कहा है, ‘जो गुरिल्ला युद्ध में माहिर हैं उनको बता दूं कि दूसरों को कलंकित करने का अभियान कभी भी अच्छा नहीं होता है. मैं ड्रग अडिक्ट नहीं हूं. मैं शराब नहीं पीती हूं. मैं लेस्बियन नहीं हूं बल्कि मैं इस पितृसत्तात्मक और महिला विरोधी समाज को ढोने वाली एक औरत हूं. इसलिए मेरे चरित्र पर लांछन लगाकर मुझे चुप करने की कोशिश काम नहीं करने वाली है. हमें समाज में बदलाव लाने वाले इस तरह के गंभीर अभियान को मजाक नहीं बनाना चाहिए.’

अलर्ट: भारतीय स्टेट बैंक बंद कर रही है अपनी ये सुविधा

अगर आप भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक हैं और उसके मोबाईल वौलेट का इस्तेमाल करते हैं तो ये खबर आपके लिए जरूरी है. आपको बता दें कि स्टेट बैंक ने अपने मोबाईल वौलेट SBI Buddy को बंद करने का फैसला कर लिया है. इसपर काम भी शुरू हो चुका है. बैंक ने उन वौलेट खातों को बंद कर दिया है जिनमें कोई बैलेंस नहीं था. इस बात को बैंक ने अभी तक स्पष्ट नहीं किया कि जिन खातों में पैसा है उन्हें वो कब तक बंद करेंगे. इस बात की जानकारी बैंक ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दी. वेबसाइट की सूचना में कहा गया है कि मोबाइल वौलेट SBI Buddy को 30 नवंबर को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा.

2015 में शुरू हुआ था SBI Buddy

sbi is shutting down sbi buddy

आपको बता दें कि SBI ने 2015 में इस सर्विस की शुरुआत की थी. मोबाइल वौलेट के बढते चलन को देखते हुए इसकी शुरुआत की गई थी. SBI मोबाइल वौलेट से पहले HDFC पेजैप और ICICI पौकेट नाम से अपना मोबाइल वौलेट लौन्च कर चुके थे. पर इसकी खास बात ये है कि यह मोबाइल वौलेट केवल SBI ग्राहकों के लिए नहीं था, बल्कि ये सभी अन्य बैंकों के ग्राहकों के लिए भी उपलब्ध था.

रिलायंस और SBI की है डील

बैंक ने इस वौलेट को बंद करने के साथ ही इंटीग्रेटेड डिजिटल बैंकिंग प्लेटफौर्म SBI YONO को लॉन्च किया है. देश में तेजी से बढ़ते टेक इंट्रेस्ट के तहत इस ऐप की शुरुआत की गई है. इसके  साथ ही बैंक ने अपने कस्टमर्स इंगेजमेंट बढ़ाने के लिए रिलायंस के साथ एक डील की है. इस डील के चलते माई जियो ऐप अब आपको SBI और जियो पेमेंट बैंक की मदद से वित्तीय सेवाएं देगी.

पूरा जोर लगा रहा जोगी परिवार

ऋचा जोगी इतनी सुंदर और आकर्षक महिला हैं कि उनकी तुलना सिने तारिकाओं से न करना उनके साथ ज्यादती होगी. ऋचा को छत्तीसगढ़ के लोग किस्मत का धनी भी कहते हैं.उनकी शादी 6 दिसंबर 2011 को छतीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के इकलौते बेटे अमित जोगी के साथ दिल्ली के कान्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में हुई थी. इस प्रीतिभोज में देश की सियासी दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की थी इनमें सोनिया गांधी और लालकृष्ण आडवाणी के नाम उल्लेखनीय हैं. इस दिन अमित और ऋचा दोनों ने सोनिया गांधी का स्वागत बस्तर का पारम्परिक गौर सींग पहन कर किया था.

तब गांधी नेहरू परिवार और अजीत जोगी के रिश्ते बहुत मधुर थे इसी मधुरता के चलते सोनिया गांधी ने अजीत जोगी को छत्तीसगढ़ का पहला मुख्यमंत्री बनाने तत्कालीन दिग्गजों विध्याचरण शुक्ल और मोतीलाल वोरा की नाराजी की भी परवाह नहीं की थी. इसके बाद बहुत कुछ ऐसा हुआ जिसकी उम्मीद अजीत जोगी को भी नहीं थी. वे राज्यसभा का टिकिट चाहते थे लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने मना कर दिया तो वे इतने गुस्सा उठे कि पार्टी ही छोड़ दी और अब अपनी अलग पार्टी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस बनाकर तीसरी ताकत बनने का सपना देख रहे हैं.

बसपा के साथ गठबंधन कर चुनावी ताल ठोक रहे अजीत जोगी की यह राह आसान नहीं है लेकिन इस राह को आसान बनाने वे जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं. एक हादसे में अपने दोनों पैर गंवा बैठे अजीत जोगी को बेहतर मालूम है कि अगर वे सम्मानजनक सीटें नहीं ले जा पाये तो कहीं के नहीं रहेंगे.

सुर्खियों में बने रहने के तमाम टोटकों के जानकार अजीत जोगी का आत्मविश्वास इन दिनों लड़खड़ाया हुआ भी है पिछले दिनों उन्होने घोषणा कर डाली के वे चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन दूसरे ही दिन अपने बयान से पलटी मारते हुये बोले कि वे अपनी परंपरागत सीट मारवाही से चुनाव लड़ेंगे जिसे जोगी लेंड भी कहा जाता है. राज्य के सियासी हल्कों में यह माना जा रहा है कि जोगी अब अपने फैसले मायावती के इशारों पर लेने मजबूर हो चले हैं क्योंकि गठबंधन के तहत उन्हें छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री घोषित किया जा चुका है.

इस न और फिर हां के माने कोई समझ पाता इससे पहले ही उन्होने अपनी बहू ऋचा को बसपा में भेज दिया और उन्हें अकलतरा सीट से बसपा का उम्मीदवार भी घोषित कर दिया. इसके पहले ऋचा कई बार कह चुकीं थीं कि राजनीति में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है लेकिन आर पार की लड़ाई लड़ रहे अपने ससुर का तनाव भी वे देख रहीं हैं जिन्होने पहले राजनांदगव सीट से मुख्यमंत्री रमन सिंह को टक्कर देने की चुनौती दी थी लेकिन अब उनकी हिम्मत नहीं पड़ रही कि वे रमन सिंह के खिलाफ मैदान में उतरें. इस सीट पर कांग्रेस करुणा शुक्ला को लड़ा रही है जो पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी हैं और भाजपा छोड़ कर कांग्रेस में आईं हैं.

अकलतरा ही क्यों – अपनी बहू के बाबत अजीत जोगी कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते इसलिए उन्होने जांजगीर – चांपा जिले की अकलतरा सीट को चुना जो बसपा के प्रभाव बाली है हालांकि 2013 में यह सीट कांग्रेस के चुन्नीलाल साहू ने जीती थी लेकिन 2008 के चुनाव में इस सीट से बसपा के सौरभ सिंह ने नीला झण्डा फहराया था. इस बार भी बसपा यहाँ से भाजपा और कांग्रेस को कड़ी टक्कर देने की गरज से एक ब्राह्मण उम्मीदवार को उतारने बाली थी लेकिन ऋचा की उम्मीदवारी से समीकरण बदले हैं.इस सीट पर मतदाताओं की संख्या लगभग 1 लाख 98 हजार है जिनमें से कोई 65 हजार दलित समुदाय के वोट हैं जो बसपा और कांग्रेस में बंट जाते थे और कुछ भाजपा को भी मिल जाते थे.

कम ही लोग जानते हैं कि ऋचा जोगी मूल रूप से दलित समुदाय की हैं इसलिए उन्हें इस सीट से उतारा जा रहा है जहां उन्हें बसपा प्रत्याशी होने का अतिरिक्त फायदा मिलेगा. आदिवासी वोटों को खुद अजीत जोगी साधेंगे. फौरी तौर पर ऋचा की जीत में कोई शक नहीं लेकिन मुक़ाबला उतना आसान होगा नहीं जितना कि अजीत जोगी मान कर चल रहे हैं.उनकी बहू को हराने कांग्रेस और भाजपा दोनों एड़ी चोटी का ज़ोर लगा देंगे. भाजपा भी इस सीट पर काबिज हो चुकी है और इस बार दलित और आदिवासी वोटों के बंटबारे में अपना फायदा देख रही है. उसे सवर्ण वोट अपने पाले में आने की पूरी उम्मीद है.

एक परिवार से चार – अब चटखारे लेकर छत्तीसगढ़ के लोग चर्चा कर रहे हैं कि पूरा जोगी खानदान ही चुनाव में कूद पड़ा है. मारवाही से अजीत जोगी खुद लड़ने की बात कह चुके हैं और उनकी डाक्टर पत्नी रेणु जोगी कोटा सीट से कांग्रेस की विधायक हैं. दिलचस्प बात यह है कि रेणु जोगी तीन बार से इस सीट से कांग्रेस से जीत रहीं हैं और इस बार भी टिकिट मांग रहीं हैं. कहा यह भी जा रहा है कि कांग्रेस अगर इस बार उन्हें टिकिट नहीं भी देती है तो वे अपने पति की पार्टी से लड़ सकतीं हैं. कोटा में रेणु जोगी की लोकप्रियता किसी सबूत की मोहताज नहीं है अब देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस के टिकिट न देने पर उनकी लोकप्रियता पर कहीं  ग्रहण न लग जाये.

अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी भी चुनाव लड़ेंगे जिनकी सीट अभी तय नहीं हुई है एक संभावना यह भी है कि पत्नी और पिता को जिताने वे न लड़ें लेकिन जब तक वे खुद घोषणा नहीं कर देते तब तक उनकी दावेदारी खारिज नहीं होगी. अमित जोगी भी अभी विधायक हैं.

प्रतिभाशाली लेकिन अभिशप्त परिवार –  अजीत जोगी ने पूरा कुनवा दांव पर लगाकर कहीं आफत तो मोल नहीं ले ली इस सवाल का जबाब तो 11 दिसंबर को मिलेगा लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि महत्वाकांक्षी जोगी परिवार के सभी सदस्य प्रतिभाशाली हैं. अजीत जोगी खुद आईएएस और आईपीएस अधिकारी रहे हैं इसके पहले वे लेक्चरार थे. बेहद गरीब परिवार में पले बढ़े अजीत जोगी को चाणक्य कहे जाने बाले अर्जुन सिंह कलेक्टरी छुड़बाकर राजनीति में लाये थे और उन्हें छत्तीसगढ़ का पहला मुख्यमंत्री बनबाने में भी उनका रोल अहम रहा था. तब उनका मकसद ब्राह्मण लाबी को ठेंगा बताना था.

साल 2003 के चुनाव में अजीत जोगी की अगुवाई में कांग्रेस विधानसभा चुनाव में कुछ ऐसी दुर्गति का शिकार हुई कि आज तक उससे उबर नहीं पाई 2008 और 2013 में भी वोटर ने कांग्रेस को नकार दिया तो अजीत जोगी पर वैसी ही उंगलियां उठीं थीं जैसी मध्यप्रदेश में दिग्विजय सिंह को लेकर उठती रहीं थीं.इस चुनाव में कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह को हाशिये पर डाल दिया है यही हश्र अजीत जोगी का भी होना तय था लेकिन बगाबत करते उन्होने खुद की पार्टी बना ली.

रेणु जोगी विधायक और डाक्टर होने के साथ साथ अच्छी लेखिका भी रहीं हैं एक वक्त में उनकी रचनाएँ देश की नामी पत्रिकाओं में छपती थीं लेकिन राजनीति में आने के बाद उन्होने लिखना बंद कर दिया.उनके भाई रत्नेश सलोमन मध्यप्रदेश में मंत्री रह चुके हैं.

अमेरिका में जन्मे अमित जोगी ने कानून की डिग्री गोल्ड मेडल के साथ हासिल की थी लेकिन उनकी छवि एक बिगड़ेल बेटे की रही है. एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी हत्या कांड में उनका फंसना भी कांग्रेस को काफी महंगा पड़ा था अलावा इसके अमित जोगी विधायकों की खरीदफ़रोख्त बाले  सीडी कांडों के लिए भी बदनाम रहे हैं. इसी के चलते कांग्रेस ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया था.

खुद अजीत जोगी उस वक्त आलोचना का शिकार हुये थे जब छत्तीसगढ़ का मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होने अपनी बेटी अनुषा जोगी की कब्र खुदबाई थी और उसकी हड्डियाँ अपने साथ ले गए थे .अनुषा ने इंदौर में आत्महत्या की थी क्योकि वह प्रेम विवाह करना चाहती थीं और जोगी दंपत्ति इसके लिए तैयार नहीं थे.ऐसे कई विवाद और परेशानियाँ जोगी परिवार के साथ जुड़े हैं जिनमें से अहम है अजीत जोगी की जाति आदिवासी न होना जबकि तमाम उपलब्धियां उन्होने आदिवासी होने की बिना पर ही ली हैं.उनकी जाति का मुकदमा अभी भी हाइ कोर्ट में चल रहा है.कई लोग उन्हें सतनामी बताते हैं जो दलित समुदाय में आते हैं.ईसाई धर्म को मानने बाले अजीत जोगी ने जबलपुर के केंट इलाके के ईसाई कब्रिस्तान में पूरे परिवार के लिए कब्रें बुक करबा रखीं हैं.

गुजरे कल की इन बातों की मौजूदा चुनाव में ख़ासी अहमियत है कि तिकड़मी अजीत जोगी अपनी ज़िंदगी में कभी स्पष्ट और ईमानदार नहीं रहे. तीन साल का उनका मुख्यमंत्रितव काल छत्तीसगढ़ का सबसे घटिया दौर था.कभी राजीव गांधी के लिए रायपुर एयर पोर्ट पर खाना और नाश्ता ले जाने बाले कलेक्टर रायपुर अजीत जोगी दिल्ली में जानबूझकर उसी चर्च में जाते थे जिसमें सोनिया गांधी जातीं थीं.खुशामद और चापलूसी कोई प्रतिभाशाली आदमी करे तो उसकी गुणवत्ता कुछ और होती है लेकिन अजीत जोगी का अहंकार रिश्तों , मित्रता और राजनीति में भी हर कभी दिखता रहा है. पारदर्शिता का अभाव भी उनमें है इसलिए आज भी छत्तीसगढ़ की जनता उनसे नाक भों सिकोड़ती है और इसीलिए सोनिया राहुल गांधी ने उनसे दूरी बना लेना बेहतर समझा था.

अब मायावती के सगे वे हो गए हैं लेकिन मायावती ने ऐसे कई जोगी अपनी ज़िंदगी में देखे हैं इसलिए वे भी किसी का भरोसा नहीं करतीं न ही कोई उन पर भरोसा करता. देखना वाकई  दिलचस्प होगा कि यह जोड़ी कोई गुल छत्तीसगढ़ में खिला पाती है या फुस्सू साबित होती है संभावना दूसरी बात की ज्यादा छत्तीसगढ़ के हालातों को देखते लगती है क्योंकि सीधा मुक़ाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच है. मध्यप्रदेश के चुनावी परिद्रष्य में दिग्विजय सिंह के न होने से कोई नुकसान कांग्रेस को होता नहीं दिख रहा है लेकिन अजीत जोगी मामूली ही सही नुकसान तो कांग्रेस का छतीसगढ़ में करेंगे.

हालांकि राजनैतिक विश्लेषक यह मान कर चल रहे हैं कि अजीत जोगी और मायावती कांग्रेस से ज्यादा भाजपा का नुकसान करेंगे जिसे पिछले तीन चुनावों में थोक में दलित और आदिवासी वोट मिलते रहे हैं. यानि कांग्रेस के पास खोने कुछ खास नहीं है इसलिए बड़ी पार्टी होने के चलते एंटी इंकम्बेंसी वोट उसके खाते में ज्यादा जाएगा. बाकी वोटर का मूड है जिसे लोकतन्त्र कोई नहीं भाँप पाता.

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