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जब करानी हो बौडी पियर्सिंग

आजकल का समय फैशन का है और आज का यूथ फैशन का दिवाना है. बौडी पियर्सिंग भी फैशन का एक अहम हिस्सा बन गया है. यानी की फैशन के पीछे खुद को खूबसूरत और आकर्षक दिखाने के लिए लोग शरीर में किसी भी भाग पर छेद करवाने से पीछे नही हटते. आज कल बौडी पियर्सिंग कराना बेहद आम हो गया है. जिस तरह लोग अपने कपड़ो और हेयरस्‍टाइल पर ध्‍यान देने लगे हैं उसी तरह से बौडी पियर्सिंग के लिये भी टीनेजर्स पागल हो रहे हैं. लेकिन इसे आंख बंद कर के नहीं बल्कि बहुत ही सोंच समझ कर करवाना चाहिये, क्‍योंकि इससे आपके शरीर को कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

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पियर्सिंग हमेशा एक प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा तथा एक स्वच्छ सुविधा वाली जगह पर ही करवाएं. इसके लिए इस्तेमाल किया जाने वाला उपकरण भी साफ होना चाहिये. पियर्सिंग करवाने के बाद अपने शरीर के उस भाग की देखभाल करें वरना संक्रमण होने के चांस बहुत ज्‍यादा बढ़ जाते हैं. यहां पर कुछ टिप्‍स दिये हुए हैं जो कि पियर्सिंग करवाने के बाद काम आएंगे. तो जरा ध्‍यान दीजियेगा.

– अपनी पियर्सिंग वाली जगह को हमेशा छूने से बचे और जब भी छुएं तो अपने हाथों को उससे पहले साबुन से धुल लें. नाभि पर की गई पियर्सिंग को कुछ दिन कपड़े से ढंक कर ही रखना चाहिये नहीं तो संक्रमण का खतरा रहता है.

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– आपको बौडी पियर्सिंग को सूखा रखना चाहिये और ढीले कपड़े पहनने चाहिये.

– मुंह या कान पर पियर्सिंग करवाने पर कुछ ऐसे तरल पदार्थ मिलते हैं जो उस जगह पर जल्‍द से जल्‍द ठीक कर देते हैं. इसके अलावा आप सेंधा नमक और पानी को घोल कर भी प्रयोग कर सकते हैं. इससे महीने भर साफ करने से त्‍वचा जल्‍द सही हो जाएगी.

– आम तौर पर पियर्सिंग करवाने के बाद शरीर से तरल पदार्थ निकलता है, जो कि कुछ देर के बाद सूख जाता है और आभूषण के पास जम जाता है. यह आवश्‍यक है कि पियर्सिंग को स्‍वच्‍छ और गंदगी से मुक्‍त रखा जाए.

– होठो पर पियर्सिंग करवाने पर जब भी कुछ खाएं, पियें या स्‍मोकिंग करें तो, बाद में अपने मुंह को एंटीसेप्‍टिक माउथवाश से जरुर धोएं.

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– पियर्सिंग करवाने के बाद नहाना चाहिये. इससे शरीर से निकला तरल पदार्थ मुलायम हो जाता है जिससे इससे कौटन बड से निकालना आसान हो जाता है.

– पियर्सिंग पर किसी तरह का कोई तेल या साबुन न प्रयोग करें. शैंपू और डियोड्रंट भी न प्रयोग करें और पहले हफ्ते में स्‍विमिंग भी न करें नहीं तो अन चाहे बैक्‍टीरिया पनपना शुरु हो जाएंगे.

– आप चाहे तो टी ट्री औयल या इमू औयल का प्रयोग कर सकते हैं. इससे छेद जल्‍द सही होगा.

मैं कभी भूखी भी रही हूं : श्रेया धन्वन्तरी

मौडलिंग से अपने कैरियर की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री श्रेया धन्वन्तरी मिडिल ईस्ट में पली बढ़ी हैं और अब दिल्ली में रहती हैं. इन्होंने हिंदी फिल्म ‘व्हाय चीट इंडिया’ से फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू किया है. हिंदी के अलावा तेलगू फिल्मों में भी अभिनय कर चुकी हैं.

साल 2008 में मिस इंडिया रनर अप बनने के बाद इन्होंने पहले मौडलिंग शुरू की और बाद में फिल्मों में आई. स्वभाव से विनम्र और हंसमुख श्रेया को इतनी बड़ी फिल्म मिलने के बाद काफी खुशी हुई और उन्होंने इस फिल्म में काफी मेहनत किया है. इनसे मिलकर बात करना रोचक था, पेश है कुछ अंश.

ये फिल्म आपको कैसे मिली?

ये साधारण औडिशन के द्वारा मुझे मिली. मैं पिछले 3 महीने से लगातार औडिशन दे रही थी. मेरे साथ ऐसा बहुत बार हुआ है कि मैंने औडिशन दिया, लुक टेस्ट हुआ, फिल्म साईन किया, दो दिन तक शूट भी हुआ, लेकिन फिल्म नहीं मिली. इस बार भी मैंने अपना अच्छा औडिशन दिया और आशा नहीं की थी, पर फिल्म मिल गयी.

इस फिल्म में शिक्षा प्रणाली की कमियों को दिखाने की कोशिश की गयी है, आपने अपनी पढ़ाई के दौरान शिक्षा में किसी प्रकार की कमी को महसूस किया?

बहुत कमी महसूस किया है, क्योंकि हमारा एजुकेशन सिस्टम ही ख़राब है. जब मैं इंजिनियरिंग की पढ़ाई कर रही थी, तो वहां पर जो पढ़ाया जाता है, उसका प्रैक्टिकल कुछ काम का  नहीं था. वे पढ़ाते कुछ है और रियल में कुछ अलग व्यवहार होता है. इसे इम्प्रूव करने की जरुरत है. पढ़ाई को अपडेट करने और प्रैक्टिकल ज्ञान देने पर यूथ को काम मिलना आसान हो जाएगा.

आजकल के बच्चे पढ़ाई के बोझ तले अपना जीवन बिताते हैं, क्योंकि हर बच्चा डौक्टर और इंजिनियर बनना चाहता है, सोसाइटी में ऐसी कई घटनाएं हर साल होती है, ऐसे में माता-पिता को अपने बच्चे की शिक्षा को किस तरह से लेनी चाहिए? आपको अपने बारें में अनुभव क्या है?

ये सही है कि हर माता-पिता चाहते है कि उनका बच्चा डौक्टर और इंजिनियर बने पर उनकी काबिलियत को भी उन्हें देखने की जरूरत है. हर बच्चे की इंटेलीजेंसी अलग-अलग होती है और माता-पिता को उसे धैर्य के साथ उभारने की जरुरत होती है. अगर बच्चा अच्छा करें,तो पैसे की परिवार ने मुझपर पढाई को लेकर किसी प्रकार का दबाव नहीं दिया. कमी उसके पास नहीं होगी और किसी को आत्महत्या करने की नौबत भी नहीं आयेगी.

यहां तक पहुंचने में कितना संघर्ष था?

जब मैं 4 साल की थी, तब से अभिनय कर रही हूं. असल में मैं जब मिडिल ईस्ट में ब्रिटिश स्कूल औफ़ एजुकेशन में पढ़ रही थी, तो वहां पर बच्चों को उनके इच्छा के हिसाब से हर तरह की शिक्षा दी जाती है, जिसमें मैंने डांस, ड्रामा और म्यूजिक को अपना विषय में चुना था .वहां मैंने थिएटर में काम किया. इससे मेरे अंदर अभिनय की इच्छा जगी.

यहां तक पहुंचने में परिवार का सहयोग था?

जब मैं आज से 6 साल पहले अपना बैग पैक कर मुंबई आई थी, यह एक फ़िल्म की कहानी तरह है. ये काम आसान नहीं था. मुंबई एक आसान शहर भी नहीं है. यहां रहना, आजीविका चलाना, अच्छा दिखने के लिए खर्च करना, एक जगह से दूसरे जगह जाकर लोगों से मिलना आदि बहुत मुश्किल होता है, पर मैंने अपने माता-पिता से वित्तीय रूप से कभी सहायता न ली. यही वजह थी कि मेरे पास आर्थिक तंगी थी, मैं कभी भूखी भी रही हूं, पर मेरी हाइट अधिक होने की वजह से मुझे मौडलिंग का काम आसानी से मिला और धीरे-धीरे मैं सरवाईव करती रही. मौडलिंग के बावजूद मेरी रूचि एक्टिंग की तरफ थी, क्योंकि मैंने उसमें ट्रेनिंग ले रखी थी. उस दौरान मैं काफी लोगों से मिली और फिल्मों के लिये औडिशन देती रही, ऐसे ही मुझे ये फिल्म मिली. जब मुझे फ़ोन आया कि मुझे चुना गया है, तो मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था.

परिवार का सहयोग बहुत था, क्योंकि वित्तीय समस्या के अलावा व्यक्ति को कई बार मानसिक सहयोग की जरुरत होती है. मुझे याद आता है जब मेरे पिता ने मेरी पहली विज्ञापन टीवी पर देखा तो बहुत खुश हुए थे. इससे पहले उन्हें लगता था कि मेरे अभिनय का शौक थोड़े दिनों बाद ख़त्म हो जायेगा और मैं घर लौट आउंगी, लेकिन मेरे काम को देखकर उन्होंने मेरा हौसला बढ़ाया.

क्या कभी आपको कास्टिंग काउच का सामना करना पड़ा?

नहीं करना पड़ा, क्योंकि मेरे फ्रेंड्स ने इस विषय पर मुझे काफी जानकारी दी और मैं ऐसे जगहों पर जाती भी नहीं थी.

फिल्मों में अन्तरंग दृश्यों को करने में आप कितनी सहज है?

अभी तक मैंने नहीं बनाया, क्योंकि ये मेरी पहली हिंदी फिल्म है. अधिक काम करने के बाद ये पता चल पाता है. ऐसे में मैं हमेशा अच्छी कहानियों पर काम करना पसंद करती हूं.

इमरान हाश्मी किसिंग सीन्स के लिए जाने जाते है, ऐसे में उनके साथ काम करने में आप पहली बार कितनी सहज थी?

मुझे ऐसी कोई चिंता नहीं थी,क्योंकि मेरे लिए इतनी बड़ी फिल्म का मिलना ही बहुत था. मैं इसे करने में बहुत उत्साहित थी.

आप कितनी फैशनेबल है?

मैं बहुत साधारण लड़की हूं और ग्लैमर को बनाये रखने के लिए फैशन करना पड़ता है, पर वह भी सही है. मुझे इंडियन और वेस्टर्न दोनों तरह के परिधान पसंद है.

आप कितनी फूडी है?

मुझे हर तरह के भोजन को एक्स्प्लोर करना पसंद है. मेरी मां बहुत प्रकार के दाल बनाती है, जो मुझे पसंद है.

अपको किस तरह की फिल्में करना पसंद करती है?

मुझे हर तरह की फिल्में पसंद है, मैं एक से एक अच्छी फिल्में करना चाहती हूं.

आपको किस बात से गुस्सा आता है?

रास्ते पर हौर्न की आवाज और बिना जरुरत के स्पीड ब्रेकर मुझे बहुत इरिटेट करती है.

खाली समय में क्या करना पसंद करती है?

मैं किताबे पढ़ती हूं और ये मुझे बहुत पसंद है. इसके अलावा ट्रेवलिंग बहुत पसंद है.

कोई सोशल वर्क जिसे आप करना चाहे?

मैं महिलाओं और बच्चों के लिए कुछ करना चाहती हूं. मेरी छोटी बहन श्रुति धन्वन्तरी अभी से कुछ गरीब बच्चों को पढ़ाती है और मैं उससे बहुत प्रेरित हूं.

राजकुमार हिरानी पर किसने और क्यों लगाया यौन उत्पीडन का आरोप

“राजकुमार हिरानी ने पहले मुझ पर भद्दी टिप्पणी की फिर अपने घर और औफिस में मेरा यौन उत्पीडन किया,” यह आरोप एक महिला ने बौलीवुड में कई बड़े सुपरडुपर हिट फिल्में देने वाले राजकुमार हिरानी पर लगाए हैं.

मालूम हो कि हिरानी ने ‘मुन्ना भाई सीरीज’, ‘थ्री इडियट्स’, ‘पीके’ जैसी कई मशहूर फिल्में बनाई हैं.

मीडिया में ही क्यों गई पीड़ित महिला

आरोप लगाने वाली महिला राजकुमारी हिरानी की 2017 की फिल्म ‘संजू’ में उन के साथ काम कर चुकी है. हालांकि इस महिला ने जब आरोप लगाए तब उसे समिति अथवा कानूनी निकाय में भेजे जाने का सुझाव दिया गया था पर पीड़ित महिला ने मीडिया में जाने का मन बना लिया.

कई बार हुई यौन उत्पीड़न की शिकार

एक मीडिया प्रकाशन में प्रकाशित लेख में महिला ने खुद को हिरानी की सहायिका बताया है और यह आरोप लगाया है कि पिछले साल मार्च से सितंबर के बीच वह हिरानी द्वारा कई बार यौन उत्पीडन की शिकार हुई है.

लेख में महिला ने कहा है कि फिल्म ‘संजू’ के को-प्रोड्यूसर विधू विनोद चोपड़ा को 3 नवंबर, 2018 को ईमेल से इस घटना की जानकारी दी थी.

फैल गई सनसनी

लेख छपने के बाद एक बार फिर बौलीवुड जगत में सनसनी फैल गई. इसे भी हाल की ‘मीटू’ आंदोलन के रूप में देखा जा रहा है. आरोप भी उस शख्सियत पर लगा, जो न सिर्फ बौलीवुड को कई नामी और हिट फिल्में दे चुका है, एक नामी फिल्म निर्माता निर्देशक भी है.

इंडस्ट्री ने बनाई दूरी

आरोपों से इंडस्ट्री में चल रहे राजकुमार हिरानी के प्रोजेक्ट्स भी प्रभावित हुए हैं. खबरों की माने तो हिरानी ‘लगे रहो मुन्नाभाई’ सीरीज की तीसरी फिल्म ले कर आने वाले थे जिसपर अब रोक लगा दी गई है. खबर आ रही है कि जब तक उनपर से ये आरोप हट नहीं जाते प्रोजेक्ट शुरू नहीं होगा. इसके अलावा ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ के प्रमोशन से भी उन्हें दूर कर दिया गया है. आपको बता दें कि राजकुमार हिरानी इस फिल्म के प्रड्यूसर हैं. ये फिल्म 1 फरवरी को रिलीज होने वाली है.

हिरानी ने बताया झूठा, बेबुनियाद

अपने ऊपर लगाए आरोप के बाद हिराणी ने मीडिया में बयान जारी कर कहा, ”आरोप बेबुनियाद हैं. मैं मजबूती से कहना चाहूंगा कि यह झूठी, बेहद दुर्भावनापूर्ण और शरारतपूर्ण कहानी गढ़ी गई है, जिस का एकमात्र लक्ष्य मेरी प्रतिष्ठा को धूमिल करना है.”

हालांकि शिकायत मिलने के बाद वीसीएफ यानी विनोद चोपड़ा फिल्म्स द्वारा उत्पीडन की शिकायत का हल निकालने के लिए समिति गठित कर दी गई है और पीड़ित महिला को कानूनी स्तर या फिर निष्पक्ष पार्टी से मदद मांगने के लिए कहा है.

आलोक नाथ मामले पर क्या कहा कोर्ट ने

बहरहाल, इस नए आरोप को भी ‘मीटू’ आंदोलन से जोड़ कर देखा तो जा रहा है पर हाल ही में अभिनेता आलोक नाथ पर लगा आरोप तब दम तोड़ता दिखा जब मुंबई सत्र न्यायालय ने आलोकनाथ को जमानत देते हुए कहा, ”हो सकता है कि आरोपी आलोक नाथ के प्रति अपने एकतरफा प्यार और लगाव के चलते शिकायतकर्ता ने आरोप लगाए हों.”

कोर्ट ने यह भी कहा, ”हो सकता है कि आलोक नाथ पर केस झूठे और बेबुनियाद आरोपों के आधार पर हुआ हो. अभिनेता के खिलाफ साफतौर पर शिकायतकर्ता ने झूठे, दुर्भाग्यपूर्ण और काल्पनिक आरोपों के आधार पर केस दर्ज किया हो.”

कहीं दम न तोड़ दे आंदोलन

राजकुमार हिरानी पर लगे आरोप में कितनी सचाई है यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा पर ‘मीटू’ आंदोलन को अगर महिलाएं सिर्फ दुर्भावना और बदला लेने के उद्देश्य से करने लगीं तो फिर जल्दी ही यह आंदोलन पूरी तरह दम तोड़ देगा.

बेहतर हो कि अपने साथ हुए हादसे को कोई महिला इतना लंबा न खींच कर तुरंत आरोप लगाए और मामला दर्ज कराए. लंबा खींचने पर अदालत में जुर्म को साबित करना आसान नहीं रहता. ऐसे में उलटे पीड़ित महिला की ही परेशानी बढ़ सकती है.

दांतों की परेशानी का इलाज है ये फल

आज कल लोगों में दांतों की समस्या बेहद आम हो गई है. असंतुलित आहार और  अनियमित सफाई से दांतों में कई तरह की परेशानियां पैदा हो जाती हैं. इस खबर में हम आपको  एक ऐसे फल के बारे में बताएंगे जिसके सेवन से आप दांतों में होने वाली परेशानियों से नीजात पा सकेंगे.

एक ओरल केयर संस्था का मानना है कि  अगर मैन्यूफैक्चरर टूथपेस्ट और माउथवौश में ब्लूबेरी का इस्तेमाल करें तो दांतों की सेहत बनी रहेगी.

आपको बता दें कि इस दावे से पहले ही कई वैज्ञानिकों ने माना था कि मुंह में बैक्टीरिया की गतिविधि कम करके दांत खराब होने का खतरा कम किया जा सकता है. आपको बता दें कि ब्लूबेरी जैसे फल पौलीफिनौल्स का अच्छा स्रोत होते हैं. पौलिफिनौल्स एंटीऔक्सिडेंट होते हैं जो शरीर को बैक्टीरिया के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करते हैं.

आपको बता दें कि कई जानकार डेंटल प्रोडक्ट के इन्ग्रेडिएंट्स में ब्लू बेरी को भी शामिल करने की मांग कर रहे हैं. विशेषज्ञों की माने तो पौलिफिनौल्स हमारे सलाइवा में चिपके रह जाते हैं और लंबे समय तक मुंह में बैक्टीरिया से लड़ने में मदद करते हैं. इसके अलावा ये शुगर फ्री होते हैं जिससे इन्हें ओरल केयर प्रोडक्ट्स में कई तरीकों से शामिल किया जा सकता है.

शोधकर्ताओं ने मुंह के बैक्टीरिया पर क्रैनबेरी, ब्लूबेरी और स्ट्राबेरी के असर का परीक्षण किया. नतीजों में पाया गया कि ब्लूबेरी के सेवन से बैक्टीरिया की संख्या में काफी कमी देखी गई.

शोधकर्ताओं का मानना है कि इन्हें कैविटीज से लड़ने में प्राकृतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है.

पौलिफिनौल्स हार्ट डिसीज और कैंसर से भी लड़ने में मदद करता है. इसके अलावा इसमें एंटीऔक्सिडडेंट होते हैं जो हाइड्रेशन में मदद करते हैं.

 

तो दिखें अपनी शादी पर खूबसूरत और आकर्षक

हर लड़की की चाहत होती है कि वह अपनी शादी में सबसे ज्यादा खूबसूरत दिखे. वह चाहती है कि उस दिन सबकी नजरे सिर्फ उस पर ही टिकी हो. अपनी शादी के दिन खूबसूरत दिखने के लिए वह अपनी त्वचा और कपड़ों पर बहुत ध्यान देती है पर फिर भी कुछ न कुछ कमी रह ही जाती है. लेकिन आज हम आपके लिए कुछ खास टिप्स लेकर आए हैं जिसे अपनाकर आप अपनी शादी पर बहुत सुंदर और आकर्षक लगेंगी.

रुखी त्वचा

शादी के कुछ दिन पहले अगर आपकी त्वचा रुखी और बेजान हो जाए तो एक्स्फोलीएशन से मृत कोशिकाओं को निकाल दें. अल्फा हैडोक्सी एसिड वाले कोज्मेटिक्स रुखी त्वचा पर काफी असरदार साबित होंगे और आपके चेहरे को बहुत साफ, मुलायम और चमकदार बना देंगे. लेकिन रुखी त्वचा से निजात पाने के लिए हर रोज अपने चहरे पर मौइस्चराइजर लगाना ना भूलें. विटामिन ‘ए’ और ‘ई’ पदार्थ वाले मौइस्चराइजर का इस्तेमाल करें क्योंकि यह मुंहासों को होने से रोकता है.

मुंहासे

मुंहासों से छुटकारा पाने के लिए हमेशा बिना तेल वाला मौइस्चराइजर खरीदें ताकि आप हर रोज इसे अपने चहरे पर लगा सकें. अगर आपके चेहरे पर, बहुत ज्यादा मुंहासे हो गए हैं तो कोई भी घरेलू उपाय अपनाने के बजाय किसी त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना आपके लिए फायदेमंद है.

आंखों के आसपास काले घेरे

तनाव, कम सोना, एलर्जी, पोषण की कमी और धूप के कारण आंखों के आसपास काले घेरे हो जाते हैं. अगर यह क्रिम अपना असर ना दिखाएं, तो घबराएं ना. अपनी आंखों के नीचे थोडा कोन्कोलर लगा कर इन घेरों को छिपा लें. अगर आपकी शादी होने में 1 महिने का समय है तो आप यहां दिए कुछ उपाय अपना कर काले घेरो से छुटकारा पा सकती हैं.

  • 1 टमाटर, 1 चम्‍मच नींबू का रस, चुटकी भर बेसन और हल्‍दी लेकर पेस्‍ट तैयार कर लें. अब इस गाढे पेस्‍ट को अपनी आंखों के चारों ओर लगाएं और 15 मिनट के बाद चेहरे को धो लें. ऐसा हफ्ते में 3 बार करें.
  • चंदन का तेल और जैतून का तेल मिलाकर आंखों के काले घेरों पर लगाने से कुछ ही दिनों में धीरे-धीरे डार्क सर्कल्स गायब होने लगते हैं.
  • 50 ग्राम तुलसी के पत्ते, 50 ग्राम नीम और 50 ग्राम पुदीने को बारीक पीसकर उसमें थोड़ा हल्दी पावडर और गुलाब जल मिलाएं. अब इस लेप को डार्क सर्कल्स पर लगाएं.
  • खीरे या आलू के रस से भी काले घेरे दूर होते हैं. इसके लिए खीरे या आलू में से किसी को भी लेकर क्रश करके आंखो के ऊपर रखें. कुछ देर तक आंखें बंद रखने के बाद डार्क एरिया पर इसे हल्के-हल्के से घुमाएं. इससे आंखों के आसपास का थुलथुलापन कम होगा साथ ही कालापन भी घटेगा.
  • संतरे का रस और ग्‍लीसरीन को एक साथ मिला कर रोजाना आंखों और आस पास की जगह पर लगाएं. यह बहुत ही प्रभावशाली है और डार्क सर्कल से मुक्ती भी दिलाता है.

आंखों के नीचे सूजन

काले घेरों की तरह कभी कभी अपकी आंखों के नीचे सुजन भी हो जाती है. यह सुजन – तनाव, द्रव प्रतिधारण, एलर्जी और नींद की कमी के कारण हो सकती है. एलर्जी से हुई सुजन औषधियों से ठीक की जा सकती है. अगर इस सुजन की वजह एलर्जी नहीं है, तो आप किसी क्रिम या फेस पैक से इसे कम कर सकती हैं.

  • इस सुजन से राहत पाने के लिए अपनी आंखों को ठण्डे पानी से धोए. कच्चे दूध में चुटकी भर नमक मिलाकर रूई की सहायता से आंखों के नीचे लगाएं.
  • इस्तेमाल किये गए ठंडे टी-बैग्स का उपयोग भी किया जा सकता है. टी-बैग्स में मौजूद तत्व टैनिन आंखों के आसपास की सूजन और डार्कनेस को कम करता है.

आलू पनीर की सब्जी बनाने की आसान रेसिपी

आवश्यक सामग्री :

– पनीर (300 ग्राम)

– आलू ( 04 उबले हुए)

– दही (1/2 कप)

– मेथी पत्ती (1/2 कप सुखाई हुई)

– घी (01 बड़ा चम्मच)

– प्याज ( 2 कटी हुई)

– अदरक  (1/2 इंच टुकड़ा)

– हरी मिर्च ( बारीक कटी हुई)

– टमाटर (04 बारीक कटे हुए)

– लहसुन पेस्ट ( 02 छोटे चम्मच)

–  धनिया पाउडर ( 1/2 छोटा चम्मच)

– लाल मिर्च पाउडर (1/2 छोटा चम्मच)

– काली मिर्च पाउडर ( 01 चुटकी)

– बादाम (10 कटे हुए)

– किशमिश  (15-16)

– पिस्ता (10-15 कटे हुए)

– केसर (01 चुटकी भीगी हुई)

– हरी धनिया (01 बड़ा चम्मच कटी हुई)

– नमक (स्वादानुसार)

आलू पनीर बनाने की विधि :

– सबसे पहले उबले हुए आलुओं को काट लें.

– इसके बाद पनीर को भी मनचाहे साइज़ में काट लें.

– अब एक बड़े बाउल में दही, सूखी मेथी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, कटे हुए   आलू और पनीर डालें और मिक्स कर लें.

– एक फ्राई पैन में घी डाल कर गर्म करें.

– घी गर्म होने पर उसमें प्याज डालें और भून लें.

– प्याज भुन जाने पर पैन में कटी हुई हरी मिर्च, अदरक लहसुन पेस्ट डालें और थोड़ा सा    भून लें.

– फिर उसमें कटे हुए टमाटर और नमक डालें और उसे चला कर 2 मिनट के लिये ढ़क दें.

– 2 मिनट के बाद पैन में दही का मिश्रण डाल दें और चलाते हुए तब तक पकायें, जब       तक पैन चिकनाई न छोड़ने लगे.

– अब पैन में काली मिर्च पाउडर, सूखे मेवे, केसर और एक कप पानी मिलायें.

– और उबाल आने तक चलाते हुए पका लें, उसके बाद गैस बंद कर दें.

– लीजिये अब आपका  आलू पनीर की सब्‍जी  तैयार है.

– अब इसे हरी धनिया से गार्निश करें और फिर पराठे या रोटी के साथ गर्मा-गर्म सर्व करें.

इस तरह करें अपनी मूछों को मेंटेन

कई लड़के क्लीन शेव पसंद करते हैं तो वहीं कई लोगो को मूछे रखना बेहद ही पसंद होता है. अगर आपकी मूछें हैं और वो भी घनी, तो जरुरी है कि आप उनका ख्‍याल अपने बालों की ही तरह से रखें. आइये जानते हैं कि मूछों को किस प्रकार से मेंटेन करना चाहिये.

मूछ को ठीक से काटे

अगर आप इस दौरान बिल्‍कुल क्‍लीन शेव हैं, तो खुद को दो हफ्तों का टाइम दें, जिससे आपकी मूछ बढ़ कर शेप में आ जाए. मूछ को शेप देने के लिये कैंची तथा कंघी का प्रयोग करें. इससे कर्ली बाल जहां भी छुपे होंगे वह सीधे हो जाएंगे और आपकी मूछों को सुंदर लुक मिलेगा.

कितनी मूछ पर्याप्‍त हैं?

अगर आप अपनी मूछो पर ध्‍यान नहीं देगे तो वह बढ़ती ही चली जाएगी. इस बात का ध्‍यान रखें कि आपके उपरी होंठ की लिप लाइन एक बार्डर के समान है. अब इस बात की कोशिश करें कि आपकी मूछ उस बार्डर लाइन से बाहर ना निकले और अगर ऐसा होता है तो उसे उसी समय काट लें. नही तो वो देखने में काफी भद्दी लगती है और आपके लुक को बरबाद कर देती है.

ट्रिमिंग

मूछे हमेशा मेंटेन रहें इसके लिये उसकी ट्रिमिंग करनी बहुत जरुरत है. पुराने बालों को हटा कर नए बालों को जगह देना ही ट्रिमिंग का कार्य होता है. ट्रिमिंग या तो महीने में एक बार की जाती है, या फिर जब जरुरत हो.

जहां जरुरी हो वहां प्रोडक्‍ट का इस्‍तमाल करें

हर किसी के बाल अलग किसम के होते हैं. कभी ऐसा भी हो सकता है कि आपकी मूछें बहुत घनी हो. घनी मूछें ज्‍यादा लोगो का ध्‍यान अपनी ओर ना खीचे इसके लिये मूछों को कैंची से सेट कर के उसके ऊपर हलका सा जेल लगा कर उसे दबा दें.

बेड पर जाने से पहले

रात को जब भी सोने जाएं तो एक नियम बना लें कि आपको अपनी मूछें साफ करनी है. मूछों को ठंडे पानी से धोएं जिससे उसके अंदर से दिन-भर की जमी गंदगी निकल जाए.

शैंपू

मूछों को मुलायम और साफ रखने के लिये शैंपू का प्रयोग करें. मूछो को साफ करने के लिये हमेशा एंटी डैंड्रफ शैंपू का प्रयोग करें क्‍योंकि उस पर गंदगी जमा हो जाती है.

चेहरे पर बड़े दिखने वाले रोम छिद्रों से परेशान हैं? पाएं छुटकारा

कई बार चेहरे के रोम छिद्र दिखने में बड़े लगते हैं. ये बढ़े हुए रोमछिद्र चेहरे की खूबसूरती को छिन लेते हैं. आपको पता होगा कि उम्र के साथ ही साथ चेहरे के रोम छिद्र बड़े होते जाते हैं क्योंकि त्वचा की तन्यता कम होती जाती है. ये रोमछिद्र सामान्यत: नाक, माथे और ठोडी पर होते हैं. चेहरे के रोम छिद्र बहुत परेशान करते हैं. इससे चेहरा खराब तो दिखता ही है साथ ही साथ इससे त्वचा चमकहीन और कठोर भी दिखाई देने लगती है. रोमछिद्रों के आकार को स्थाई तौर पर कम करने का कोई समाधान नहीं है. हालांकि आप इनकी उपस्थिति कम कर सकते हैं. आइए जानें उपाय.

आइस क्यूब

यह उपचार बहुत आसान है, बर्फ के टुकड़े को सूती कपड़े में लपेटकर उसे चेहरे पर रगड़ें. बर्फ के टुकड़े रोम छिद्रों को कस देते हैं. त्वचा के पोषण के लिए प्रत्येक सुबह यह प्रक्रिया दोहरायें. यह सीबम (तेल ग्रंथि) के उत्पादन को भी सामान्य रखता है.

शहद

शहद आपके रोमछिद्रों को छोटा कर देता है और तेलीय त्वचा की समस्या भी दूर हो जाती है. दो से तीन चम्मच शहद, नींबू का रस और जड़ी बूटी मिलाकर मास्क बनाएं और चेहरे पर इसका उपयोग करें. कुछ मिनट मालिश करें, इसे पांच मिनट सूखने दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें.

टमाटर का रस

जब टमाटर के रस का उपयोग चेहरे के लिए किया जाता है तो इससे रोमछिद्र छोटे हो जाते हैं. टमाटर के रस को चेहरे पर लगायें और बीस मिनट बैठें, गुनगुने पानी से धो लें. सुन्दर त्वचा प्राप्त करने के लिए इसे सप्ताह में तीन बार करें.

खीरे का रस

त्वचा की समस्याओं से निपटने के लिए खीरा बेशक बहुत उपयोगी है. खीरे के रस में थोड़ा नमक मिलाकर चेहरे पर लगायें और कुछ देर बैठें. हफ्ते में 2 सो 3 बार ऐसा करें. काफी लाभ मिलेगा.

ओटमील

पांच बड़े चम्मच शहद और दो बड़े चम्मच ओटमील को दूध पाउडर में मिलाएं और चेहरे पर लगायें और गोलाकार दिशा में मालिश करें. 10 मिनट बाद अच्छी तरह से धो लें. सप्ताह में कम से कम दो बार इसे चेहरे पर लगायें.

अन्य उपाय

  1. प्रतिदिन रात को सावधानीपूर्वक मेकअप साफ करें.
  2. अपने चेहरे को ऐसे साबुन से धोएं जिसमें सैलिसिलिक एसिड हो. इससे रोम छिद्रों को बंद करने वाली धूल और तेल साफ हो जाते हैं और सतह अच्छी होती है.
  3. ऐसा माश्चराइजर लगायें जिसमें तेल न हो और जिससे कोई एलर्जी न हो.
  4. प्रतिदिन सनस्क्रीन क्रीम लगाएं.

बस इस तरह ही भुलाया जा सकता है पुराना प्यार

ब्रेक-अप के बाद लोग बहुत दुख और तनाव की स्थिति में चले जाते हैं. कुछ इस दुख और तनाव से नहीं निकल पाने की वजह से गलत आदतों का शिकार भी हो जाते हैं. तो कुछ तरह-तरह के क्लब या तरीके अपनाकर पुराने साथी की यादों और दुख से निकलने के लिए प्रयास करते रहते हैं. लेकिन इससे बाहर निकलने के लिए एक्स के साथ पुराने साथ से सारे संपर्क खत्म करना ही सबसे कारगर तरीका है.

  1. एक्स को नहीं देखने या नहीं मिलने से: साथी को बार-बार देखने या मिलने से हमें सारी बातें फिर से याद आने लगती हैं और हम दुखी हो जाते हैं. तो इस दुख से बचने का सबसे पहला तरीका है कि आप ऐसी जगह जाने से बचें जहां आपका पुराना साथी दिख या मिल सकता है.
  2. खामोशी ज्यादा असरदार होती है: अगर अपने साथी के छोड़ देने या धोखा देने पर आप उस पर गुस्सा या लड़ाई करते हैं. तो वह आपको गलत साबित करके अपने कदम को सही साबित कर सकता/सकती है. इसलिए चुपचाप रहकर उसे खुद अपनी गलती का एहसास होने दें.
  3. खाली समय का इस्तेमाल करें: साथी से अलग होने के बाद अक्सर उसको दिया जाने वाला समय खाली हो जाता है और इस वक्त में आपको सबसे ज्यादा याद आती है. इस समय को अपने आत्मविश्वास और विशेषताओं को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करें. यह आपके भविष्य में सफलताओं की नयी तस्वीर और समाज में मान-सम्मान बनाने में मदद करेगा.
  4. वास्तविकता में जियें: रिलेशनशिप में रहते हुए हम सपनों की दुनिया में जीने लगते हैं. सारे संपर्क खत्म करने से आप वास्तविकता की बाकी जरुरी चीजों पर ध्यान दे पाएंगे. मतलब आपको भविष्य को मजबूत बनाने के लिए क्या करना चाहिए या समाज के लिए भी आप क्या योगदान दे सकते हैं.
  5. आपका साथी वापस आ सकता है: अपने साथी से मिलना या बात करना बंद करने से आप उसको अपनी कमी का एहसास दिला सकते हैं. हो सकता है ये कमी उसे ये जानने में मदद करे कि उसको आपसे ज्यादा कोई प्यार या देखभाल नहीं कर सकता. इससे उसके आपकी जिंदगी में वापस आने की कुछ संभावनाएं भी बन सकती है.

इन 5 तरीकों से पहचानिए कौन है आप का परफेक्ट मैच

हम अपने आसपास अपने जैसे लोगों को ढूंढने की कोशिश करते रहते हैं, जो हमारे जैसा महसूस करता हो या व्यवहार करता हो. ये तलाश रिलेशनशिप के लिए बहुत अहम बन जाती है.

एक परफेक्ट मैच हमे जिंदगी में बेहतर काम करने और खुश रहने का मौका देता है. लेकिन अक्सर हम किसी इंसान के हमारे परफेक्ट मैच बनने को लेकर दुविधा में रहते हैं. कुछ बातों का ध्यान रखते हुए आप अपने लिए एक परफेक्ट मैच का पता लगा सकते हैं.

  1. जब भी आप किसी को परफेक्ट मैच समझने की कोशिश करते हैं तो इस बात का ध्यान जरुर रखें कि उस इंसान के लाइफ गोल्स(जिंदगी के लक्ष्य) क्या हैं. आप उन लक्ष्यों को पूरा करने में उसका साथ दे सकते हैं या नहीं. यदि उसके लाइफ गोल्स आपकी पसंद के उलट हैं, तो वह इंसान आपका परफेक्ट मैच नहीं बन सकता. कभी ना कभी लाइफ गोल्स को लेकर आपके बीच मतभेद आ सकते हैं.
  1. अगर आप सामने वाले व्यक्ति और खुद में बहुत सी समानताएं देखते हैं. तो ऐसा व्यक्ति आपका परफेक्ट मैच बन सकता है. आपके बीच मिलने वाली समानताएं आपके रिश्ते को मजबूती से आगे बढ़ने में काफी मदद करेंगी.
  2. इस बात का खासतौर से ध्यान रखें कि रिश्ते के भविष्य को लेकर आपका साथी गोलमोल बातें या इस विषय को टालने की कोशिश तो नहीं करता. अगर यह बात आप सामने वाले व्यक्ति में पाते हैं तो यह सतर्क होने का समय है.
  3. किसी इंसान के परफेक्ट मैच बनने में आपके परिवार और दोस्तों की पसंद भी बहुत मायने रखती है. यदि आपके साथी को आपके परिवार वाले और दोस्त भी आपके साथ पसंद करते हैं, तो मान लीजिए यह आपका परफेक्ट मैच बनने की पूरी काबिलियत रखता है.
  4. अगर आपका साथी बार-बार आपसे अपने चले जाने के बाद की स्थिति को सोचने पर मजबूर करता है, तो भी वह आपका परफेक्ट मैच नहीं हो सकता. ऐसे वह आपको अकेले जिंदगी बिताने के लिए तैयार रहने को कहता है. अक्सर यह बात उसका आपकी जिंदगी से बहुत जल्द चले जाने की ओर इशारा करती है.
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