स्कूल में टीचर द्वारा बच्चे की पिटाई, बात सिर्फ एक थप्पड़ की नहीं क्योंकि बेशक उस एक थप्पड़ या एक बेंत से बच्चे के शरीर को ज्यादा चोट न लगे लेकिन यह थप्पड़ उसे मानसिक रूप से गहरा सदमा पहुंचाता है.

बहुत सारे कानूनों और जागरूकता के प्रयासों के बाद भी स्कूलों में बच्चों की पिटाई की घटनाएं खत्म नहीं हो रही हैं. कई बार यह पिटाई खतरनाक भी साबित हो जाती है. बच्चों की पिटाई का सब से बड़ा कारण टीचर और बच्चे के बीच बढ़ती दूरी है. इस तरह की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने प्रयास करने शुरू कर दिए हैं.

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