हम भारतीय इस मामले में बड़े पाखंडी हैं कि हमें सुविधाएं तो हर किस्म की चाहिए.लेकिन वे संस्कार या नैतिकता के लबादे से ढकी भी हों. यह तथाकथित संस्कार या नैतिकता वास्तव में शोषण का एक चोर दरवाजा होता है.कमर्शियल सरोगेसी यानी किराय पर कोख पर प्रतिबंध का अनुमोदन करने वाली  संसदीय तदर्थ समिति की सिफारिशों में भी इसकी मौजूदगी देखी जा सकती है.हालांकि सरोगेसी (नियमन) विधेयक 2019 पहले के मुकाबले काफी बेहतर है.इसकी मौजूदा सिफारशें इस प्रकार हैं-

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