राममंदिर निर्माण को ले कर कुछ सवर्णों को छोड़ बाकी लोगों में 30 वर्षों पहले सा उत्साह नहीं है. कुछ लोग ही दीये जला रहे हैं. ऐसा इसलिए कि देश और समाज न केवल बंट रहे हैं बल्कि आर्थिक दौड़ में पिछड़ भी रहे हैं. पेश है बदहाली और कोरोना संक्रमण के इस दौर में राममंदिर की प्रासंगिकता पर उठते कुछ सवाल बताती यह विशेष रिपोर्ट.

Tags:
COMMENT