दाद देनी होगी न्यूज चैनल्स और विभिन्न एजेंसियों की जिन्होंने इतनी शिद्दत से नमक हलाली निभाईं कि नमक हलाल फिल्म के अमिताभ बच्चन और सुरेश ओबराय भी शर्मा जाएं. जो सर्वे दिखाये गए वें भाजपा और एनडीए समर्थकों के कलेजे को ठंडक पहुंचाने वाले हैं, पौराणिक भाषा में कहें तो हृदय और मस्तिष्क को शीतलता देने वाले हैं जिन्होंने जोड़-तोड़ और तोड़-मरोड़ कर साबित कर दिया हैं कि ऐसे मानो, चाहे वैसे मानो आएंगे तो मोदी ही. अच्छा तो यह रहा कि किसी ने यह नहीं कहा कि उसके आंकड़े वोटरों से की गई बातचीत पर आधारित न होकर सीधे वैकुंठ से आए हैं इसलिए इन पर शक शुबहा नहीं किया जाना चाहिए यह अधर्म और पाप होगा.

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