जैसे ही मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को कांग्रेस ने भोपाल से उम्मीदवार बनाया तो भगवा खेमे में हड़कंप मच गया. जब कोई बड़ा नेता उन के मुकाबले मैदान में उतरने को तैयार नहीं हुआ तो आरएसएस की तरफ से मालेगांव बम ब्लास्ट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा भारती को अवतरित कर दिया गया. प्रज्ञा कुछ भी अनापशनाप बोलने के लिए कुख्यात हैं और उन का पहला बयान ही बड़ा बकवास भरा था कि आईपीएस अधिकारी शहीद हेमंत करकरे उन के श्राप के चलते आतंकियों की गोलियों का शिकार हुए थे.

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