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पहलाज निहलानी की इंडो इरानियन फिल्म ‘सलाम मुंबई’

हर कलाकार व सिनेकर्मी दोहराता रहता है कि कला को देश की सीमाओं में कैद नहीं किया जा सकता. अब यह कथन सच साबित होने लगा है. इन दिनों कई देशों के फिल्मकार एक साथ मिलकर फिल्मों का निर्माण कर रहे हैं. एक तरफ ‘जील’ के ‘‘जील फार युनिटी’ के मंच के तहत भारतीय व पाकिस्तानी फिल्मकार 12 फिल्में बना चुके हैं. तो दूसरी तरफ इरफान खान, बांगलादेशी फिल्मकार मुस्तफा सरवर फारूकी के संग मिलकर द्विभाषी फिल्में ‘‘नो बेड आफ रोजेस’ व ‘देबू’ का निर्माण करने वाले हैं. तो तीसरी तरफ भारत के ‘‘केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड’’ के चेयरमैन व फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी, इरानियन फिल्मकार जावेद नोरौजबेगी के संग मिलकर एक इंडो इरानियन फिल्म ‘सलाम मुंबई’ लेकर आ रहे हैं. भारतीय और इरानियन सभ्यता व संस्कृतिक के मिश्रण वाली फिल्म ‘सलाम मुंबई’ का फिल्मांकन पूरा हो चुका है. यह फिल्म भारतीय व ईरानी फिल्म तकनीशियनों का पहला संयुक्त प्रयास है.

फिल्म ‘‘सलाम मुंबई’’ के हीरो ईरानी कलाकार मोहम्मद रजा गुलजार तथा हीरोईन भारतीय अभिनेत्री दिया मिर्जा हैं. फिल्म के अन्य कलाकार हैं-पूनम ढिल्लों, बेनामिन बहडोरी, गुलशन ग्रोवर, दलीप ताहिल, शैली महमोदीव बेहरुज चैहल.

इस फिल्म की चर्चा करते हुए पहलाज निहलानी कहते हैं-‘‘मनोरंजन दो देशों की सभ्यता व संस्कृति को एक साथ ला सकता है, इस बात को साबित करने वाला भारतीय व ईरानी फिल्म तकनीशियनों के पहले संयुक्त प्रयास के रूप में फिल्म ‘‘सलाम मुंबई’’ बहुत जल्द दर्शकों के सामने पहुंचने वाली है. यह फिल्म भारत व ईरान दोनो देशों के कल्चर को चित्रित करती है.’’

फिल्म ‘‘सलाम मुंबई’’ का निर्माण जावेद नोरोजबेगी व पहलाज निहलानी ने मिलकर किया है. पटकथा लेखक व निर्देशक घोरबन मोहम्मद पौर तथा संगीतकार दिलशाद शेख हैं. जावेद नोरौजबेगी मशहूर ईरानियन फिल्मकार हैं. वह माजिद मजीदी के साथ मिलकर फिल्म ‘‘द सी आफ स्पैरोज’’ का निर्माण कर चुके हैं.

फिल्म ‘‘सलाम मुंबई’’ दो मुख्य प्रोटोगानिस्ट की प्रेम कहानी है, जिसमें दो देशों के आपसी टकराव के साथ भारतीय व ईरान के कल्चर का भी चित्रण है. यह कहानी मेडिकल की पढ़ाई कर रहे विश्व के दो अलग अलग देशों के विद्यार्थियों की है, जो कि आपस में प्रेम करते हैं और देश की सीमाओं से परे एक होना चाहते हैं.

भावना लेकर अा रही हैं ‘हेइदी-क्वीन आफ द माउंटेंन’

करियर की पहली फिल्म ‘‘धर्म’’ से ही राष्ट्रीय पुरस्कार पा जाने वाली फिल्मकार भावना तलवार अब बच्चों की क्लासिक ‘‘हेइदी’’ पर आधारित अंग्रेजी भाषा की अंतरराष्ट्रीय फिल्म ‘‘हेइदी-क्वीन आफ द माउंटेन्स’’ का निर्देशन कर रही हैं. इस फिल्म का पहला शिड्यूल लंदन में संपन्न हुआ था. इन दिनों भावना तलवार अपनी इस फिल्म की शूटिंग स्पेन में कर रही हैं.

कैमरामैन बिनोद प्रधान और एक्शन मास्टर शाम कौशल जैसे उत्कृष्ट भारतीय तकनीशियनों के अलावा फिल्म ‘‘हेइदी -क्वीन आफ द मांउटंन्स’’ के साथ स्पैनिश और ब्रिटिश तकनीशियन भी जुड़े हुए हैं. जबकि इस फिल्म में ‘लव एक्च्युअली’, ‘द बेस्ट इक्साटिक मैरी गोल्ड होटल’, ‘पाइरेट्स आफ द  कारीबियन’’ और ‘प्राइड’ जैसी फिल्मों में अभिनय कर ‘बाफ्टा’ सहित कई पुरस्कार जीत चुके हालीवुड अभिनेता बिल निघी, हैरी पोटर सीरीज में आर्थर वीसली का किरदार निभा चुके मार्क विलियम्स, ‘‘द पियानिस्ट’, ‘कैशबैक’ और ‘साइलेंट विटनेस’ में अभिनय कर अपनी एक अलग पहचान बनाने वाली इमीलिया फाक्स, ‘‘फ्रेंड्स’’ और ‘द इंवेस्टीगेटर’ फिल्मों की अभिनेत्री हेलेन बाक्सेंडाले अभिनय कर रही हैं.

अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय फिल्म ‘‘हेइदी-क्वीन आफ द माउंटेन्स’’ का जिक्र करते हुए भावना तलवार कहती हैं-‘‘यह सही मायनों में बहुदेशीय तकनीशियनों के संयुक्त प्रयास वाली फिल्म है. भारतीयों के अलावा स्पेन व ब्रिटिश तकनीशियन भी अपने स्किल का उपयोग कर इसे बेहतरीन फिल्म का रूप देने में लगे हुए हैं.

‘‘हेइदी’’ त्रियोलाजी की इस पहली फिल्म का लेखन पाल वाट्सन ने किया है, जिसका फिल्मांकन इग्लैंड में किया जा रहा है. फिल्म के निर्माता साइमन राइट हैं.

मलयालम फिल्म ‘व्हाइट’ में ममूटी संग हुमा का रोमांस

बौलीवुड की चर्चित अदाकारा हुमा कुरैषी इन दिनों हवा में उड़ रही हैं. इसकी मूल वजह यह है कि वह मलयालम सिनेमा के स्टार कलाकार ममूटी के संग फिल्मकार  उदय अनंथन के निर्देशन में मलयालम फिल्म ‘‘व्हाइट’’ की शूटिंग लंदन में करके दक्षिण भारतीय फिल्मों से जुड़ चुकी हैं.

कोचीन, मुंबई और लंदन में फिल्मायी गयी मलयालम फिल्म ‘‘व्हाइट’’ में हुमा कुरेषी ने साफ्टवेअर इंजीनियर रोशनी मेनन का किरदार निभाया है, जो कि एक खास प्रोजेक्ट के सिलसिले में लंदन जाती है. जहां रोशनी मेनन की मुलाकात करोड़पति उद्योगपति प्रकाश राय (ममूटी) से होती है. उसके बाद इनके बीच बदलते रिश्ते और उस वजह से रोशनी मेनन की जिंदगी में आने वाले बदलाव की दास्तान है फिल्म ‘‘व्हाइट’’.

मदाना करीमी करेंगी ‘विवाह पूर्व सेक्स’ मुद्दे पर बात

सोशल मीडिया और इंटरनेट अभिव्यक्ति का बड़ा माध्यम बनता जा रहा है. कई कलाकार अब इंटरनेट के यूट्यूब पर विभिन्न लघु फिल्मों या वेब सीरीज की फिल्मों का हिस्सा बनने को आतुर नजर आ रहे हैं. ऐसी ही कलाकारों में से एक हैं मूलतः ईरानी अभिनेत्री, जो कि ‘बिग बास’ के बाद बौलीवुड से भी जुड़ चुकी हैं. मदाना करीमी ने बौलीवुड की कुछ बोल्ड फिल्मों में बोल्ड किरदार निभाने के बाद अब मदाना करीमी वेब चैट शो ‘‘शादी से पहले सेक्स’’ के विभिन्न पहलुओ पर लंबी बात करने जा रही है.

जी हां! बहुत जल्द एक इंटरनेट आधारित चैनल ‘‘वूट’’ शुरू होने जा रहा है. इस पर एमी पुरस्कार से सम्मानित अंग्रेजी के शो ‘‘फर्न’’ पर आधारित एक बोल्ड चैट शो ‘‘सिंस्कारी’’ प्रसारित होगा, जिसका संचालन आलोकनाथ करने वाले हैं. इस चैट शो में ही मदाना करीमी पहले मेहमान के तौर पर बोल्ड विचार रखने वाली हैं.

खुद मदाना करीमी कहती हैं-‘‘यह एडल्ट शो है. इसमें कई बोल्ड संवाद हैं. पर हो सकता है कि कुछ संवादों पर कैंची चल जाए या उन्हे ‘बीप’ कर दिया जाए. लेकिन इस चैट शो को सेंसरशिप नहीं किया गया है. इसलिए काफी रोचक और प्रयोगात्मक होगा. कुछ लोगों को यह घिनौना भी लग सकता है. मै इस शो का हिस्सा बनने के लिए तैयार हुई, क्योंकि इंटरनेट चैनल ‘वूट’ पर टीवी व फिल्म की तरह सेंसरशिप के नियम लागू नहीं होते हैं. मैने कई आनलाइन शो देखे हैं. ‘सिंस्कारी’ में बैडरूम की हर बात की जाएगी. इस शो में विवाह पूर्व सेक्स को लेकर भी बात होगी.’’

हीबा के माता पिता से पर्ल वी पुरी की मुलाकात

एक ही सीरियल या फिल्म में एक साथ काम करते हुए दो कलाकारों के बीच दोस्ती हो जाना लाजमी है. मगर इनके बीच क्या ऐसी दोस्ती भी हो सकती है कि एक कलाकार अपने माता पिता से अपने दोस्त को मिलवाए. फिर वह दोस्त अपने दोस्त के माता पिता से अकेले में बात करे, वह भी, तब जब इनमें से एक लड़की और दूसरा लड़का हो, पर टीवी इंडस्ट्री  में पिछले दिनों ऐसा ही वाकया हुआ. सूत्रों की माने तो सीरियल ‘‘मेरी सासू मां’’ में हीबा नवाब और पर्ल वी पुरी एक साथ अभिनय कर रहे हैं. सीरियल से जुड़े कलाकारो की माने तो इनके बीच कुछ ज्यादा ही अच्छे संबंध हैं.

मगर पिछले दिनों सीरियल से जुड़ा हर शख्स आश्चर्यचकित रह गया, जब सेट पर हीबा नवाब के माता पिता पहुंच गए. उस वक्त पर्ल वी पुरी पत्रकारों से बातें कर रहे थे. जबकि हीबा नवाब अपने माता पिता से पर्ल को मिलवाने के लिए बुला रही थीं. पर्ल जितना देर कर रहे थे, उतना ही हीबा को गुस्सा भी आ रहा था. अंततः पर्ल ने पत्रकारों से माफी मांगी और हीबा के पास चले गए. हीबा ने पर्ल का परिचय अपने माता पिता से कराया. बात यहीं तक सीमित होती, तो आश्चर्यवाली बात न होती. मगर सूत्र बताते हैं कि हीबा ने पर्ल को अपने माता पिता के साथ बैठाया और खुद शूटिंग करने में व्यस्त हो गयी.

पर्ल वी पुरी करीबन एक घंटे तक मेकअप रूम के अंदर हीबा नवाब के माता पिता के साथ बैठे रहे. अब इनके बीच क्या गुफ्तगूं हुई, किसी को पता नहीं. जब हीबा के  माता पिता वापस जा रहे थे, तो पर्ल वी पुरी उन्हे सेट से बाहर तक छोड़ने भी गए. सीरियल ‘‘मेरी सासू मां’’ के मन मे यह जानने की उत्सुकता है कि पर्ल वी पुरी से हीबा नवाब के माता पिता ने क्या बात की. पर इस मुलाकात व गुफ्तगू को लेकर कुछ कहने की बजाए हीबा व पर्ल ने चुप्पी साध रखी है.

इस मुलाकात के दौरान हुई बातचीत को लेकर ज्यादा कुरेदने पर पर्ल वी पुरी ने कहा-‘‘मसला सिर्फ इतना है कि में व हीबा दोनो एक ही सीरियल में एक साथ अभिनय कर रहे हैं. हमारे बीच अच्छी बांडिंग हो गयी. उस दिन उसने सुबह बताया था कि उसके माता पिता सेट पर आने वाले हैं. तो मैंने यूं ही कह दिया कि मुझे उनसे मिलकर खुशी होगी. इसलिए हीबा ने उनसे मुझे मिलवाया. अब सीरियल की शूटिंगग कितनी हैट्कि होती है, आपको भी पता है. उस वक्त मेरे सीन नहीं थे, जबकि हीबा के सीन थे और शूटिंग में देर हो रही थी, इसलिए उसने मुझे जल्दी बुलाया. मैंने उसके माता पिता के साथ समय बिताया, जिससे वह बोर न हो. आखिर सेट पर हम परिवार की तरह होते हैं. इसके अलावा कोई मसला नही है.’’ अब पर्ल वी पुरी कितना सच बोल रहे हैं,यह तो वही जाने या हो सकता है कि इस मुलाकात का राज आनें वाले समय में उजागर हो

सोशल मीडिया में वायरल हुआ ‘मौका-मौका’ का नया वीडियो

टी-20 विश्वकप का खुमार अपने चरम पर है. टीवी से लेकर सोशल मीडिया के विज्ञापनों में इसकी धूम है. पिछली बार की तरह इस बार भी मौका-मौका सीरीज खूब लोकप्रिय हो रहा है.

वेस्टइंडीज के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले से पहले टीम इंडिया अपनी तैयारियों में जुटी है. तो दूसरी तरफ मौका मौका का एक और वीडियो काफी लोकप्रिय हो रहा है. वीडियो में एक भेलपुरी वाले और गेल के समर्थक को दिखाया गया है. गेल समर्थक उनकी जमकर तारीफ करता है. लेकिन भेलपुरी वाला यह सब सुनता रहता है.

भेलपुरी वाला तीखी भेलपुरी बनाकर उसे देता है, लेकिन जैसे ही गेल समर्थक उसे खाता है तो काफी तीखा लगता है. तभी भेलपुरी वाला कहता है मुंबई में नो गेल सिर्फ भेल. गौरतलब है कि भारत वेस्टइंडीज के बीच सेमीफाइनल मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होना है. भारत को टी-20 विश्वकप का प्रबल दावेदार माना जा रहा है.

टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर हुए युवराज, मनीष पांडे लेंगे जगह

युवराज सिंह के टखने में खिंचाव के चलते उन्हें टीम से बाहर होना पड़ा है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहम मुकाबले में युवराज सिंह के टखने में खिंचाव आ गया था जिसके चलते उन्हें काफी मुश्किल उठानी पड़ी थी. युवराज सिंह की जगह पर टीम में मनीष पांडे को जगह दी गयी है. युवराज सिंह के टखने में चोट की वजह साफ नहीं हो सकी है.

टीम इंडिया को 31 मार्च को मुंबई के वानखेड़े के मैदान में वेस्टइंडीज से भिड़ना है. युवराज की जगह टीम में शामिल होने वाले मनीष पांडे आईपीएल में बेहतर खेल के लिए जाने जाते हैं. वह लंबे शॉट खेलने में माहिर हैं. टीम इंडिया के लिए भी मनीष पांडे ने अहम विजयी पारी खेली है.

औडी S6 से भी महंगा कोरियन डोसा

चीन से 1 करोड़ रुपए का कोरियन डोसा भारत लाया गया. सुन कर आप को लग रहा होगा कि भला ऐसा भी क्या खास है इस कोरियन डोसा में जो 1 करोड़ का है. तो आप को बता दें कि यह खाने वाला डोसा नहीं, बल्कि कोरियन डोसा मस्टिफ नस्ल का कुत्ता है, जिस की कीमत औडी S6 और अच्छे खासे स्पेस वाले विला से भी ज्यादा है.

इस नस्ल के कुत्ते की खासियत इस की लटकी हुई बौडी और बड़ीबड़ी आंखें हैं. सूंघने की क्षमता भी बहुत जबरदस्त होती है. उम्र भले ही 7 से 12 वर्ष के बीच हो, लेकिन यह इतना वफादार व स्वभाव से इतना शांत होता है कि हर किसी को इस से प्यार हो जाए. इस के चेहरे की मासूमियत पर हर कोई फिदा हो जाता है. अगर आप को वोडाफोन के ऐड में आने वाला कुत्ता देखा होगा तो आप को यह कोरियन डोसा बिलकुल उस से मिलताजुलता लगेगा.

सतीश एस इस नस्ल के कुत्ते को भारत लाने वाले पहले व्यक्ति हैं. वे बेंगलुरु  में इंडियन डौग ब्रीडर एसोसिएशन के प्रधान हैं. इस समय उन के पास 150 से अधिक एक से बढ़ कर एक नस्ल के कुत्ते हैं. जिन्हें वे कुमबलगोदु स्थित अपने फार्म हाउस पर रखते हैं. उन्हें इस नस्ल के कुत्ते की पिछले 20 वर्षों से तलाश थी जो आज उन के कठिन प्रयासों के कारण पूरी हुई. उन की खुशी का ठिकाना उन के चेहरे को देख कर साफ लगाया जा सकता है.

खेल खेल में करें पढ़ाई

माना की आधुनिक युग इंटरनेट युग है लेकिन जरूरी नहीं की हर काम के लिए इंटरनेट पर निर्भर रहा जाए. खासतौर पर बच्चों की पढ़ाई के लिए. बेशक इंटरनेट के बहुत से फायदे हैं लेकिन नुकसान भी कम नहीं है. आजकल स्कूलों में ऐसेऐसे प्रोजेक्ट वर्क और होमवर्क दिए जाते हैं जिन्हें पूरा करने के लिए बच्चों को इंटरनेट की सहायता लेनी पड़ती है.

कई बार मातापिता जानकारी के अभाव में बच्चों को ही इंटरनेट से प्रोजेक्ट और होमवर्क के लिए सामग्री इकट्ठा करने के लिए छोड़ देते हैं. लेकिन इंटरनेट पर जरूरी सामग्री के अतिरिक्त कई बार बच्चों को अनावश्यक और खराब सामग्री भी मिल जाती है. यह उन पर गलत प्रभाव डालती है. लेकिन सवाल यही उठता है कि क्या, इंटरनेट के अलावा बच्चों की पढ़ाई की सामग्री इकट्ठा करने और उन्हें कोर्स बुक के अतिरक्त नई जानकारियां देने व पढ़ाई को रोचक बनाने का कोईर् विकल्प है  तो जवाब है, हां. टाटा स्काई अभिभावकों की इस परेशानी को अपनी एक्टिव इंग्लिश, एक्टिव वेदिक मैथ्स और एक्टिव फन लर्निंग सर्विसेज से हल कर देता है.

टाटा स्काई की इंटरैक्टिव सर्विसेज में बच्चों को क्लासरूम में दिए जाने वाले सैशन की तरह पढ़ाया जाता है. दूसरे विकल्पों की तरह इसमें सिर्फ कंटेंट उपलब्ध ही नहीं कराया जाता है बल्कि ई टीचर्स की मदद से बच्चों को इंटरैक्टिव एजुकेशन दी जाती है. इन एक्टिव सर्विसेज के कई फायदे हैं. आइए जानते हैं कौन सी एक्टिव सर्विस से आपको और आपके बच्चे को क्या लाभ मिलेगा:

एक्टिव वैदिक मैथ्स सर्विस

अकसर देखा जाता है कि गणित का विषय बच्चों के लिए बोझ बन जाता है. लेकिन यह एक स्कोरिंग सबजेक्ट है. सबसे बड़ी बात तो यह है कि यह एक ऐसा विषय है जो आईआईटी, कैट, मैट, सीए इंट्रैंस, आईएस, पीसीएस, एसएससी जैसे सभी कौंपेटेटिव एग्जाम्स में मैथ्स के बिना काम नहीं चलता और यदि वैदिक मैथ्स में बच्चा माहिर है तो इन एग्जाम्स को पास करना आसान हो जाता है. टाटा स्काई की एक्टिव वैदिक मैथ्स सर्विस बच्चों की इन सभी इंट्रैंस एग्जाम्स को क्लीयर करने में मदद करती हैं. इसलिए गणित सीखने का यह पुराना तरीका बेहद ही फायदेमंद है. बस इसे सही तरीके से कोई सिखाने वाला होना चाहिए और इसलिए एक्टिव वैदिक मैथ्स से अच्छा विकल्प और कोई नहीं हो सकता.

– वैदिक मैथ्स की सबसे बड़ी खासियत है कि यह जल्दी काउंटिंग करना सिखा देती है और अंकगणित और बीजगणित के बड़ेबड़े अंकों को चुटकियों में हल करना भी.

– वैदिक मैथ्स के आने से बच्चों में एकाग्रता और आत्मविश्वास भी बढ़ता है.

– यह मानसिक गणना को प्रोत्साहित करती है.

– इससे बच्चों में गणित एक कठिन विषय है जैसा जो भ्रम होता है, वह भी दूर हो जाता है.

एक्टिव इंग्लिश सर्विस

अंग्रेजी एक इंटरनैशनल लैंग्वेज है. इसलिए आज के समय में इस भाषा का ज्ञान सभी के लिए आवश्यक है. फिर चाहे बच्चे हों या बूड़े. खासतौर पर जो माताएं अपने बच्चों को स्वयं पढ़ाती हैं उनके लिए इस भाषा की जानकारी अतिआवश्यक है. और इसमें उनकी मदद करती है एक्टिव इंग्लिश सर्विस. इस सर्विस द्वारा अंग्रेजी की बेसिक जानकारी और जरूरी पाठ पढ़ाए जाते हैं.

यह पाठ बच्चों के साथ उनकी माताओं को भी लाभ पहुंचाते हैं. दरअसल कई माताएं अंग्रेजी न आने की वजह से अपने बच्चों के स्कूल पीटीए मीटिंग्स, कोचिंग यहां तक की सोसाइटी में अंग्रेजी बोलने वाले लोगों से बात करने में हिचकती हैं. लेकिन यह एक्टिव सर्विस महिलाओं को अंग्रेजी समझने और बोलने दोनों में मदद करती है और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाती है. इस का एक फायदा यह भी है कि यदि आप बच्चों के साथ बैठ कर इस एक्टिव सर्विस का हिस्सा बनेंगे तो वे और भी एकाग्रता के साथ इंटरैक्टिव क्लास का लुत्फ उठा सकेंगे. इस सर्विस में बताए गए पाठ से बच्चों को उनके कोर्स के अतिरिक्त भी बहुत कुछ सीखने को मिलेगा.

एक्टिव फन लर्निंग सर्विस

एक्टिव फन लर्निंग सर्विस टाटा स्काई की सबसे पुरानी सर्विस है. मगर वक्त के साथ इसमें काफी बदलाव किए गए हैं. 1 से 10 साल के बच्चों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने का सबसे अच्छा विकल्प है  टाटा स्काई की एक्टिव फन लर्निंग सर्विस. सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस सर्विस की मदद से बच्चे खेलखेल में ही बहुत कुछ सीख जाएंगे और इससे उनके कोर्स को पूरा करने में भी मदद मिलेगी. इस सर्विस में एंट्री करने के भी 2 विकल्प हैं. एक छोटे बच्चों के लिए और दूसरा बड़े बच्चों के लिए. इस सर्विस द्वारा बच्चों को आर्ट एंड क्राफ्ट की जानकारी दी जाएगी और छोटी छोटी वस्तुओं को बनाना सिखाया जाएगा जो उनकी रोजाना की जिंदगी में फायदेमंद साबित होगा. साथ ही इसमें कई तरह की हिंदी और अंग्रेजी राइम्स भी मौजूद हैं.

क्या आपने देखी धोनी की बेटी के साथ कोहली की ये तस्वीर

टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का मुकाबला वेस्टइंडीज के साथ होना है. सेमीफाइनल से पहले टीम इंडिया ने खूब मस्ती की. मुंबई में सेलिब्रेट की गई इस पार्टी में जीवा ने भी पापा धोनी के साथ खूब वक्त बिताया और जमकर मस्ती की.

ऐसा नहीं है कि सिर्फ धोनी ने बेटी जीवा के साथ मस्ती की. क्यूट जीवा के साथ मस्ती करने में स्टार बल्लेबाज विराट कोहली भी पीछे नहीं रहे. विराट ने अपने फेसबुक पेज पर बेबी धोनी के साथ अपनी सेल्फी पोस्ट की है और लिखा विद बेबी धोनी. कोहली ने लिखा है वह भी सुंदर और मनमोहक है.

वहीं वेस्टइंडीज के ऑल राउंडर क्रिकेटर ब्रावो ने भी जीवा की तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट किया है. आपको बता दें कि टीम इंडिया का मुकाबला सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज के साथ होना है. ऑस्ट्रेलिया के साथ शानदार तरीके से मैच जीतने के बाद टीम इंडिया का मनोबल काफी ऊंचा है. ऐसे में कल की रुकावट पार करने के बाद टीम इंडिया फाइनल तक पहुंच जाएगी.

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