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रब ने फिर बना दी जोड़ी, शाहरुख के साथ दिखेंगी अनुष्‍का

शाहरुख खान का साथ देने को लेकर एक बार फिर अनुष्‍का शर्मा चर्चा में आ गई हैं. दरअसल खबर ये है कि अनुष्‍का जल्‍द ही एक बार फिर किंग खान के साथ काम करती नजर आ सकती हैं. गौरतलब है कि अनुष्‍का की गिनती इन दिनों उन एक्‍ट्रेसेस में होने लगी है, जो यहां के तीनों खानों के साथ काम कर चुकी हैं.

सूत्रों से मिली जानकारी पर गौर करें तो निर्देशक इम्‍तियाज अली की अगली फिल्‍म में यक जोड़ी एक बार फिर साथ में स्‍क्रीन शेयर करेगी. गौरतलब है बीते साल इनकी रणबीर कपूर और दीपिका पादुकोण स्‍टारर फिल्‍म 'तमाशा' को अच्‍छा रिस्‍पॉन्‍स न मिलने के बाद अब इम्‍तियाज को एक हिट का इंतजार है. ऐसे में उनका सो

चना है कि अनुष्‍का और शाहरुख की जोड़ी उनके लिए हिट साबित हो सकती है.वै से इस समय अनुष्‍का व्‍यस्‍त हैं सलमान खान के साथ फिल्‍म की शूटिंग में. फिल्‍म 'सुल्‍तान' में काम करने के बाद अनुष्‍का रणबीर कपूर के साथ करण जौहर की फिल्‍म 'ऐ दिल है मुश्‍किल' में काम करेंगी. इससे पहले बीते साल अनुष्‍का रणवीर सिंह के साथ 'दिल धड़कने दो' में भी नजर आ चुकी हैं.

सूत्रों ने इस बात का भी दावा किया है कि अनुष्‍का को शाहरुख के साथ अपनी फिल्‍म में लेने के लिए खुद इम्‍तियाज अली ने ही अप्रोच किया था. इसके बाद जब अनुष्‍का ने स्‍क्रिप्‍ट सुनी तो उनको भी फिल्‍म की कहानी बहुत पसंद आई और उन्‍होंने इसमें काम करने के लिए हां कर दी.

जीत के नशे में चूर सैमुअल्स की हरकत से क्रिकेट शर्मसार

टी20 विश्‍व विजेता बनने के बाद जीत के जश्‍न में चूर टीम वेस्‍टइंडीज के धाकड़ खिलाड़ी मारलोन सैमुअल्‍स ने बदतमीजी की सारी हदें पार कर दीं. सैमुअल्‍स इस कदर होश खो बैठे कि उन्‍होंने मीडिया से बदसलूकी कर दी. प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सैमुअल्‍स ने मेज पर दोनो पैर रख दिया और फिर संबोधन शुरु किया.

सैमुअल्‍स के इस आपत्तिजनक व्‍यवहार पर दुनिया भर की मीडिया ने प्रतिक्रिया दी है और इसे क्रिकेट का अपमान बताया है. जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक इस व्‍यवहार के लिए आईसीसी उनपर कार्रवाई कर सकता है.

उल्‍लेखनीय है कि सैमुअल्‍स ने इस मैच में 66 गेद पर नाबाद 85 रनों की पारी खेली थी और जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. सैमुअल्‍स को इस पारी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया. आपको बताते चलें कि इससे पहले मैदान में गलत व्यवहार के लिए मारलोन सैमुअल्स पर जुर्माना लग चुका है.

वेस्ट इंडीज: तीन महीने में जीते तीन वर्ल्ड कप, जानिए कैसे

वेस्‍ट इंडीज की टीम ने रविवार को इतिहास रचते हुए फाइनल में इंग्‍लैंड को हराकर वर्ल्‍ड टी20 का खिताब दूसरी बार अपने नाम कर लिया. इंडीज टीम ने इंग्‍लैंड को 4 विकेट से मात देकर खिताब पर कब्‍जा जमाया. पहले खेलते हुए इंग्‍लैंड ने जोए रूट (54) की पारी के बूते 9 विकेट पर 155 रन का स्‍कोर खड़ा किया. इसके जवाब में मार्लोन सेम्‍युअल्‍स (85 नाबाद) टीम को लक्ष्‍य के करीब ले गए. आखिरी ओवर में कार्लोस ब्रेथवेट ने लगातार चार छक्‍के उड़ाकर टीम को दूसरी बार टी20 क्रिकेट का शहंशाह बना दिया.

यह साल अभी तक पूरी तरह से वेस्‍ट इंडीज क्रिकेट के नाम रहा है. इस साल के अभी तक तीन महीने बीते हैं और इंडीज की टीम तीन वर्ल्‍ड कप जीत चुकी है. शुरुआत अंडर-19 वर्ल्‍ड कप के साथ हुई. अंडर-19 इंडीज टीम ने भारत को बांग्‍लादेश में खेले गए फाइनल में हराकर वर्ल्‍ड कप जीता. इसके बाद महिला टीम ने वर्ल्‍ड टी20 जीता. महिलाओं ने रविवार को ही ऑस्‍ट्रेलिया को हराकर वर्ल्‍ड टी20 जीता. वेस्‍ट इंडीज महिला टीम पहली बार टी20 वर्ल्‍ड कप जीती हैं. उन्‍होंने ऑस्‍ट्रेलिया के विजयी रथ को रोका, जो तीन बार यह ट्रॉफी जीत चुका है.

वहीं वेस्‍ट इंडीज पुरुष टीम ने भी फाइनल जीतकर आईसीसी टूर्नामेंट जीतने की हैट्रिक पूरी कर दी. वेस्‍ट इंडीज दूसरी बार टी20 वर्ल्‍ड चैंपियन बना है. इससे पहले उसने 2012 में श्रीलंका को उसी की जमीन पर हराकर पहली बार टी20 वर्ल्‍ड कप जीता था. रोचक बात है कि दोनों फाइनल में मार्लोन सेम्‍युअल्‍स ही हीरो रहे.

पाकिस्तानी मॉडल बोली, ‘मेरे लिए अनुष्का को छोड़ो विराट..’

पाकिस्तानी मॉडल कंदील बलोच ने इशारों-इशारों में एक बार फिर टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली से अपने प्यार का इजहार किया है. बलोच ने फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट कर उनसे एक अपील की है. बलोच ने कोहली से कहा है कि वह इस पाकिस्तानी महिला (बलोच) के लिए अनुष्का को छोड़ दें…!

वीडियो में बलोच ने कहा, 'ओह माय गॉड, विराट कोहली बेहद मोहक हैं. प्लीज कोहली मेरे लिए अनुष्का को छोड़ दो…' कुछ महीने पहले ऐसी खबरें आई थी जिसमें कहा गया था कि विराट और अनुष्का के बीच ब्रेकअप हो गया है. लेकिन इस मसले पर दोनों में से (विराट और अनुष्का) किसी ने भी ना तो कोई टिप्पणी की और ना ही किसी प्रकार का कोई बयान दिया.

गौर हो कि टी20 वर्ल्ड कप के दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ धुआंधार पारी के बाद जब विराट के फैंस ने अनुष्का पर जोक्स शेयर करने शुरू किए, तब विराट ने इसे शर्मनाक कहा था और अनुष्का को प्रेरणा बताया था. विराट ने ये भी कहा था कि जोक्स शेयर करने वाले भी अपनी गर्लफ्रेंड, पत्नी के बारे में भी सोचें.

सैल्फी स्टिक हुआ पुराना, आया सैल्फी ड्रोन

सैल्फी का क्रेज दिन प्रति दिन बढ़ता ही जा रहा है. मौका कोई सा भी हो लोग सैल्फी क्लिक करना नहीं भूलते, खासकर युवा पीढ़ी. वे तो उठते बैठते सोते जागते सैल्फी क्लिक करना पसंद करते हैं. 

सैल्फी के बढ़ते क्रेज को देख कर इस के कई उपकरण भी ईजात हो चुके हैं ताकि  बेहतर तरीके से सैल्फी ली जा सके. अब तक आप ने लोगों को सैल्फी स्टिक से सैल्फी क्लिक करते हुए देखा होगा, लेकिन जल्द ही आप लोगों को सैल्फी ड्रोन का प्रयोग करते हुए भी देखेंगे.

जी हां. औस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने सैल्फी ड्रोन बनाया है, जो आसपास उड़ कर आप की फोटो खींचेगा. इस आरओएएम ड्रोन में चेहरे की पहचान तकनीक का इस्तेमाल किया गया है जो चेहरे को औटोमैटिकली पहचान कर सैल्फी क्लिक करता है. इस से 25 मीटर की दूरी से फोटो क्लिक की जा सकती है और 20 मिनट का वीडियो भी बनाया जा सकता है.

वेबसाइट मासाबले की रिपोर्ट के अनुसार इस सैल्फी ड्रोन को औस्ट्रेलिया की कंपनी आईओटी ग्रुप ने तैयार किया है, इसे अंतराष्ट्रीय स्तर पर जून में बेचा जाएगा.  267 डौलर (करीब 17 हजार 7 सो रूपये) के कीमत पर आने वाले इस डिवाइस में 5 मेगापिक्सल का सैंसर कैमरा लगा हुआ है. 

MRI बताएगी बच्चे के दुनिया में आने का सही समय

हर गर्भवती माँ जानना चाहती है की उसके गर्भ में पल रहा बच्चा दुनिया में कब आएगा. ऐसे में वह  अल्ट्रासाउंड तकनीक का सहारा लेती है, लेकिन यह तकनीक भी सही समय बताने में असफल रहती है .ऐसे में एमआरआई द्वारा बच्चे के आने का सही समय पता लगाया जा सकता है, क्योंकि समय से पहले डिलिवरी के बारे में जानकारी के लिए गर्भाशय क्षेत्र का एमआरआई अल्ट्रासाउंड की तुलना में ज़्यादा बेहतर परिणाम देता है .

स्पींजा विश्वविद्यालय द्वारा हाल में ही हुए एक शोध के अनुसार गर्भाशय ग्रीवा (यूटरिन सर्विक्स) का टाइम से पहले फैल जाने के कारण समय से पहले डिलीवरी होने का खतरा हो सकता है. गर्भावस्था की दूसरी तिमाही के दौरान अल्ट्रासाउंड में अगर गर्भाशय ग्रीवा का फैलाव 15 मिलीमीटर या उससे कम दिखता है तो उसे समयपूर्व प्रसव के उच्च खतरे की श्रेणी में रखा जाता है.समयपूर्व प्रसव का पहले अनुमान लगाने में अल्ट्रासाउंड की सीमाएं हैं, क्योंकि यह गर्भाशय के टीशूज़ में प्रसव से ठीक पहले के समय में बदलाव की महत्वपूर्ण जानकारी नहीं दे पाता .ऐसे में गर्भावस्था में समयपूर्व प्रसव को समझने के लिए गर्भाशय में  हो रहे बदलाव की सटीक जानकारी एमआरआई से मिल सकती है.

तो इस खेल का नाम है कौन बनेगा ‘होशियार’ पति

एक शादी का ब्रेनवार्मिंग नजारा-

लोकेशन- उत्तर प्रदेश, मैनपुरी

सीन- शादी का मंडप – आउटडोर

मुख्य कलाकार- खुशबू, ओमवीर सिंह और अन्य तमाशबीन बाराती

खुशबू सक्सेना की ओमवीर सिंह से शादी है. पंडितपुरोहित हवनकुंड की आग में घी डालते हुए हर वो मंतर पढ़ रहे हैं जो शायद ही किसी को आजतक समझ में आये हों. कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब दुल्हन सरेआम शादी से पहले दूल्हे मियाँ का आईक्यू जांचने की जिद करने लगती है. लड़के वाले भौचक्के है. सोच रहे हैं कि दहेज़ या खाने में कमी या कार के मनमुताबिक मॉडल न मिलने पर पर नाराज होकर बारात वापस ले जाने का लोकतांत्रिक हक़ तो सिर्फ उनका था.

बहरहाल, लडकी इस सस्पेंस को तोड़ते हुए बताती है कि लड़का बुडबक टाइप का है. बातबात पर तुतलाता है. वह इस बीएपास लड़के का आईक्यू टेस्ट लेना चाहती है. खुशबू की यह बात सुनकर सब दंग. ये कैसी दुल्हन है जो बीच मंडप अपनी ही शादी खतरे में डाल रही है. खैर, बीच बरात अपनी जगहंसाई होते देख लड़के के भाई और दोस्त इस केबीसी की तर्ज पर होने वाली केबीएच यानी कौन बनेगा ‘होशियार’ पति खेलने को राजी हो जाते हैं.

पहले और आसान सवाल के तौर पर खुशबू ने ओमवीर से मोबाइल में अपना मोबाइल नंबर डायल करने को कहा, लेकिन वो अपना नंबर भूल गया. पहले ही पड़ाव पर औन्धे मुंह गिरने के बाद ओमवीर से अगले सवाल में दुल्हन ने 69 और 79 में फर्क पूछा तो ओमवीर की वीरता फिर फुस्स हो गई. इसके बाद खुशबू ने ओमवीर को कुछ सिक्के दिए और उससे उन्हें जोडऩे को कहा लेकिन वो उसे नहीं कर पाया.

कौन बनेगा ‘होशियार’ पति के आखिरी पड़ाव तक आते आते ओमवीर की सारी लाइफ लाइनें पानी मांग रही थी. कोई कमर्शियल ब्रेक भी नहीं मिल रहा था. लिहाजा मंडप की हौटसीट जो अब उबल रही थी, पर बैठे ओमवीर से आखिर आसान सवाल पर खुशबू ने उसे एक टच स्क्रीन फोन दिया और इसे यूज करने को कहा, लेकिन वो फोन को यूज नहीं कर पाया. फोन के एप्स को देखकर उलझ गया. कार्यक्रम के समाप्त होने की घोषणा करते हुए खुशबू ने ओमवीर को पवेलियन का रास्ता दिखाते हुए अपनी शादी तोड़ दी. लड़केवाले गिड़गिड़ाए लेकिन ख़ुशबू ने बारात लौटा दी.

अब ओमवीर फ़्लैशबैक में है.जब वह खुशबू को देखने आया था. उस दिन तो सवालों की बौछार कर दी थी. लडकी कितना पढी है, खाना क्या क्या बना लेती है, गानाबजाना जानती है, चलकर दिखाओ कहीं लंगडी तो नहीं है,  लेकिन अब फ्लैश बैक से क्या होगा. अब तो कहानी के क्लाइमैक्स तक आतेआते ओमवीर पिटे हुए विलेन की तरह बिन दुल्हन  के घर लौटा है.

– उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में बीते दिनों हुई इस अनोखी और अधूरी शादी में जो अदम्य साहस का परिचय खुशबू ने दिया है, वो सबक है हर उस लड़की के लिए जो ऐसे ही न जाने कितने अनपढ़, गंवार ओमवीरों से शादी कर उनके घरों में मांबाप की आज्ञा मानकर सर झुकाए चली जाती हैं. अपनी काबिलियत के हिसाब से वर की चाह लड़का और लडकी दोनों का हक़ होता है और अगर कोई रीतिरिवाज और संस्कारों के नाम पर लड़की से उसका यह हक़ छीने तो उसे भी खुशबू की तरह कौन बनेगा ‘होशियार’ पति खेलकर सरेआम ऐसा ही तमाचा मारना चाहिए. शर्म, संकोच और धर्म आदि नियमों से अगर खुशबू भी घबराती तो सारी ज़िंदगी नरक भरा जीवन जीने पर मजबूर होती.

बिटिया ने बढ़ाया पिता का मान

सम्मान और सफलता समाज में व्यक्ति की हैसियत की मोहताज नहीं होती. मेहनत और लगन ही उस की जिंदगी की सच्ची तस्वीर बनाते हैं. रांची के साधारण से औटोचालक शिवनारायण ने कहां सोचा था कि वो कभी अपनी बिटिया को पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित होते हुए देखेंगे. सिर्फ पद्मश्री ही नहीं, उन्हें 2012 में खेल से जुड़ा दूसरा सब से बड़ा अवार्ड, अर्जुन अवार्ड समेत और भी कई सम्मान मिल चुके हैं.

रांची से 15 किमी दूर, एक छोटे से गांव में रहने वाली दीपिका कुमारी ने तीरंदाजी के क्षेत्र में महिलाओं का परचम लहराया है. औटोचालक पिता और नर्स मां की बेटी दीपिका कुमारी बचपन में पेड़ से आम तोड़ती और लकड़ी के बने तीर धनुष से निशाने लगाती थीं. आज वह छोटी सी उम्र में ही इतनी बड़ी तीरंदाज बन गईं कि उन का नाम फोर्ब्स पत्रिका के ‘30 अंडर 30’ की फेहरिश्त में शामिल हो चुका है.

वर्ष 2013 में उन्होंने मेडिलिन के आर्चरी वर्ल्ड कप में देश के लिए गोल्ड मैडल जीता था और नवंबर 2015 में सिल्वर मैडल हासिल किया. हाल ही में उन्हें पद्मश्री अवार्ड हेतु दिल्ली बुलाया गया. बेटी की सफलता से गदगद मांबाप के लिए यह सब एक सपने जैसा था. अपनी बेटी का अवार्ड थामे मातापिता गत 30 मार्च को गरीब रथ एक्सप्रेस ट्रेन से रांची स्टेशन पर उतरे तो उन की सादगी देखते ही बनती थी. पिता स्वयं औटो चला कर घर की तरफ रवाना हुए और पीछे बेटी के मैडल को संभाले मां बैठी थीं. दीपिका कुमारी दिल्ली से ही तुर्की जा चुकी थी.

दिग्विजय सिंह के ‘मन की बात’

अपने राजनैतिक जीवन के कठिन दिन जैसे तैसे काट रहे कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह इन दिनो वाकई ज्यादा परेशान हैं, इसकी वजहें कई हैं पर इनमें सबसे बड़ी यह है कि वे अपनी धार और पैनापन खोते जा रहे हैं. हालांकि बढ़ती उम्र के चलते यह स्वभाविक भी है. लेकिन उन्हे नज़दीक से जानने वाले इस बात पर भी हैरान हैं, कि आरएसएस के प्रति उनके तेवर पहले से सख्त और तार्किक नहीं रह गये हैं. अब दिग्विजय ने  ट्वीट कर प्रधानमंत्री पर ताना यह कसा है कि पार्टनर न हो तो मन की वात सार्वजनिक रूप से करना पड़ती है.

इस ताने के अपने मायने हैं कि नरेंद्र मोदी ने अपनी पत्नी जसोदा बेन को घोषित तौर पर छोड़ रखा है, लेकिन इस बात पर उम्मीद के मुताबिक बवाल नहीं मचता. पत्नी को छोड़ना कोई संगीन गुनाह भी नहीं है, बशर्ते पत्नी कोई गंभीर आरोप पति पर न लगाये. जसोदा बेन ने अभी तक तो पति की शान के खिलाफ कोई वात नहीं कही है, लेकिन दिग्विजय की मंशा यह है कि यह मामला तूल पकड़े, क्योंकि लाख कोशिशों के बाद भी कांग्रेस मोदी को घेर नहीं पा रही है.

भाजपा खेमे ने दिग्विजय के इस तंज़ को नज़रंदाज़ कर देना ही बेहतर समझा, वजह इस पर दी गई कोई भी प्रतिक्रिया दिग्विजय की मंशा को पूरा करने वाली बात होती. यही वात दिग्विजय की घटती साख की वजह है कि अब लोग उनका अभिप्राय समझने लगे हैं, जबकि कामयाब राजनेता होने की पहली शर्त यह भी होती है कि आप के मन की वात पत्नी भी न समझ पाये, रही वात पत्नियों से मन की बात साझा करने कि तो हर समझदार पति पत्नी को मन की बताता कम है छुपाता ज्यादा है.

उधर भाजपा खेमे से आई तत्कालिक प्रतिक्रिया भी कम दिलचस्प नहीं थी कि पार्ट्नर इतने भी नहीं होने चहिये कि मन की बात सुनने में आपस मे झगडा करने लगें. जाहिर है इशारा दिग्विजय की नई पत्नी अमृता राय की तरफ़ था, यानि एक गम्भीर मसले को भाजपा फाग के हँसी मजाक मे समेटने मे कामयाब रही, लेकिन जोश जोश मे अगर कोई भाजपाई इस पर बोला, जिसकी उम्मीद कम ही है तो वह अपने नेता को ही परेशानी मे डालने वाली बात होगी. राजनीति मे व्यक्तिगत मामलों पर कटाक्ष करना नई वात नहीं, पर दिग्विजय के ट्वीट से यह बात तो उजागर हुई कि नरेंद्र मोदी को भगवान साबित करना आसान काम नहीं है. एक कमजोरी उनकी जिंदगी मे भी है जिसे दिग्विजय सरीखे धुर विरोधी जब तब उठाकर फ़साद खड़ा करने की कोशिशों से बाज नहीं आयेंगे.

ऐसे काम करेगा मध्य प्रदेश में हैप्पीनेस मंत्रालय

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नया ऐलान यह किया है कि जल्द ही प्रदेश मे हैप्पीनेस मंत्रालय खोला जायेगा, जिसका काम लोगों को खुश करने के तौर तरीकों को बढ़ावा देना होगा. भाजपा की एक मीटिंग को सम्बोधित करते करते वे राजनीति की ज़मीन से छलाँग लगाते दर्शन शास्त्र के छज्जे पर चढ़े तो मानव दुखों पर व्याख्यान देने लगे कि हर कोई दुखी है. यहां तक कि मंत्री ओर मुख्य मंत्री भी सुखी और खुश नहीं हैं. फ़िर आम आदमी के दुखों की वजहों का तो अंत ही नहीं. इसलिये मध्य प्रदेश मे खुशी मंत्रालय खोला जायेगा, जो लोगों को खुश करने के तरीकों पर अमल करेगा.

मसलन जो लोग नॄत्य संगीत से खुश होते हैं उनके लिये नाच गाने के समारोह आयोजित किये जायेंगे, जिन्हे खेल से खुशी मिलती है उन्हे खिलाया जयेगा और मुद्दे की बात जिन्हे धर्म से खुशी मिलती है उनके लिये धार्मिक आयोजन किये जायेंगे, यानि किसी भी कीमत पर किसी को दुखी नहीं रहने दिया जयेगा. कभी बुद्ध भी मानव मात्र के दुख दूर करने आधी रात को पत्नी बच्चों को सोता छोड़ राज़ पाट त्याग कर खिसक लिये थे, पर शिवराज कुर्सी पर बैठे बैठे लोगों के दुख दूर करना चाहते हैं, तो कहा जा सकता है आइडिया बुरा नहीं, बशर्ते इसकी आड़ मे धर्म गुरुओं को रोजगार देने की उनकी मंशा न हो, नहीं तो खुश और सुखी रहने का एक मात्र उपाय इन्ही के पास है कि दक्षिणा चढ़ाओ और दुख भूल जाओ.

हैप्पीनेस मिनिस्ट्री शुरू करने का दूसरा पहलू यह स्वीकरोक्ति भी है कि लोग शिवराज के कार्यकाल से खुश नहीं हैं, इसलिये खुशी का उत्पादन वितरण और संचार सरकार खुद करे और सार रुप मे यह कहे कि दरअसल मे तुम जिसे दुख समझ रहे हो, वह दुख नहीं एक मानसिक अवस्था है, जिसका व्यवस्था से कोई लेना देना नहीं. इसलिये तुम इसी मे खुशी ढूँढ़ लो. पटवारी या कोई इंसपेक्टर घूस मांगे तो किल्पौ मत, खुशी खुशी दे दो, खाना नहीं है तो एक थाली की कल्पना करो, जो छप्पन व्यंजनों से सजी है, बच्चों को नौकरी नहीं मिल रही है तो परेशान मत हो, उल्टे खुश हो कि वे हम्माली करने से बचे हैं. मकान का तनाव ती बिल्कुल मत पालो क्योंकि पूरी दुनिया तुम्हारा घर है. लोकतंत्र मे प्रजा की इस हद तक चिंता आज कल कोई नेता नहीं करता सब के सब ज़मीन जायदाद बनाने और भाईयो व सालों को पैसा कमाने की खुली छूट दिये हुये भ्रष्टाचार मे लिप्त हैं. ऐसे मे शिवराज की यह पहल वाकई स्वागत योग्य है.

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