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आखिर शाहिद कपूर को किससे नाराजगी है…?

‘‘सेंट्ल बोर्ड आफ फिल्म सर्टीफिकेशन’’ के खिलाफ मुंबई न्यायालय से एक कट और तीन डिस्कलेमर के साथ ‘ए’ सर्टीफिकेट के साथ फिल्म ‘‘उड़ता पंजाब’’ को पास करवाने के बाद फिल्म ‘‘उड़ता पंजाब’’ की पूरी टीम जीत का जश्न मना रही है. इस फिल्म से जुड़ा हर शख्स ट्विटर व सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्म पर जीत का जश्न मनाते हुए नजर आ रहा है. शाहिद कपूर ने तो इंस्टाग्राम पर जीत का जश्न मनाते हुए एक वीडियो भी डाल दिया है. इतना ही नहीं इस जीत के अहम में चूर फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ की पूरी टीम ने मंगलवार, 14 जून की दोपहर में मुंबई के एक पांच सितारा हाटल में मीडिया को बुलाकर खुशी जाहिर की कि कैसे उन्होंने विजय हासिल की है.

सभी ने जीत के लिए अदालत, मीडिया, फिल्म इंडस्ट्री के सभी निर्माता व निर्देशकों का शुक्रिया अदा किया. मगर इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शाहिद कपूर तनाव में नजर आए. वह झल्लाए हुए थे. गुस्से में थे. अब उनका यह गुस्सा किसके प्रति और क्यों था? समझ में नहीं आ रहा था. पत्रकारों से बात करते हुए शाहिद कपूर ने कहा -‘‘मैं आज यहां निजी स्तर पर कोई बात नहीं करना चाहता. क्योंकि यह जीत हमारी पूरी टीम की है. हमने तय किया है कि हम आज जो भी कहेंगे, वह पूरी टीम की तरफ से की गयी बात मानी जाएगी.

हम अदालत का धन्यवाद अदा करते हैं कि उन्होंने हमारी अभिव्यक्ति की आजादी का ख्याल रखते हुए हमारे लिए सही निर्णय सुनाया है. पर मेरी समझ में नहीं आता कि लोग हमारी फिल्म का ट्रेलर देखकर ही तरह तरह की बातें क्यों कर रहे हैं. ट्रेलर दो ढाई मिनट का है. जबकि हमारी फिल्म दो घंटे 20 मिनट की है. लोग तरह तरह के आरोप लगा रहे हैं. लोगों का यह एटृीट्यूड गलत है. लोगों को चाहिए कि वह पहले हमारी फिल्म देखें, उसके बाद यदि उन्हें लगता है कि हमने कुछ गलत किया है, तो वह हमसे सवाल करें. हम उनके सवालों का जवाब देंगे.’’

इतना ही नहीं जब एक पत्रकार ने सवाल पूछना चाहा कि ‘सेंसर बोर्ड’में बदलाव होना चाहिए? तो उस पत्रकार का सवाल पूरा होने से पहले ही शाहिद कपूर ने रोकते हुए कहा कि आप ‘सेंसर बोर्ड’ नहीं ‘बोर्ड आफ फिल्म सर्टीफिकेशन’ कहें. पर जब उस पत्रकार ने दुबारा ‘सेंसर बोर्ड’ कहा, तो शाहिद कपूर ने अपनी बात दोहराते हुए उसे सवाल ही नहीं पूछने दिया. शाहिद कपूर यह भूल गए कि लोग जिसे ‘सेंसर बोर्ड’ कहते रहे हैं या कह रहे हैं, उसका नाम ‘सेट्रल बोर्ड आफ फिल्म सर्टीफिकेशन’ही है. पर पूरी फिल्म इंडस्ट्री सेंसर बोर्ड ही कहती है.

जब पत्रकारों ने पूछा कि वह फिल्म कब दिखाएंगे? इस पर उन्होने कहा कि, ‘हम उम्मीद करते हैं कि आप सभी 17 जून को थिएटर में इस फिल्म को देखेगें.’’ इस जश्न वाली प्रेस कांफ्रेंस में जहां सारे लोग मीडिया के सहयोग का धन्यवाद अदा कर रहे थे. वहां शाहिद कपूर के मुंह से गुस्सा निकल रहा था. पर यह गुस्सा किसके प्रति था, क्यों था, यह समझ से परे रहा.

सूत्रों का मानना है कि फिल्म ‘‘उड़ता पंजाब’’ से जुड़े किसी भी कलाकार, निर्माता या निर्देशक का कैरियर दांव पर नही लगा है. इस फिल्म से सिर्फ शाहिद कपूर का करियर दांव पर लगा है. शाहिद कपूर के करियर में ‘हैदर’ जैसी दो तीन फिल्मों को छोड़ दें, तो सिर्फ असफल फिल्मों की ही सूची है. इतना ही नहीं आलिया भट्ट के साथ उनकी पिछली फिल्म ‘‘शानदार’’ ने बाक्स आफिस पर पानी तक नहीं मांगा था. फिल्म ‘‘शानदार’’ के निर्देशक विकास बहल फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ की निर्माण कंपनी ‘‘फैंटम’’ के चार भागीदारों में से एक हैं. तो क्या शाहिद कपूर का गुस्सा फैंटम के लोगों से हैं कि इस फिल्म को इस कदर विवादित क्यों बनाया गया? या शाहिद कपूर का गुस्सा अपने आप से है कि उन्होंने इस तरह की फिल्म क्यों चुनी? अब उनके गुस्से की वजह तो वही जानते होंगे.

शाहिद कपूर की झल्लाहट या गुस्से का दूसरा नमूना यह है कि अब उन्होंने कंगना रानौट के खिलाफ भी अपनी भड़ास निकाली है. ज्ञात है कि शाहिद कपूर ने कंगना रानौट और सैफ अली के साथ विशाल भारद्वाज के निर्देशन में फिल्म ‘‘रंगून’’ में अभिनय किया है. लगभग दो माह पहले कंगना रानौट ने कहा था कि फिल्म ‘‘रंगून’’ में एक दो नहीं बल्कि तीन हीरो हैं. यानी कंगना ने भी अपने आपको फिल्म का हीरो बताते हुए यह कहने की कोशिश की थी कि उनका किरदार हीरो के बराबर है. इसी वजह से एक माह पहले इरफान खान ने कहा था कि, ‘जब वह कंगना के साथ हीरोइन बनकर आ सकेंगे, तभी वह उनके साथ काम करेंगे.’

बहरहाल,कंगना की इस बात को लेकर दो माह से चुप्पी साध रहे शाहिद कपूर को अब क्यों गुस्सा आ गया हैं? अब शाहिद कपूर ने कहा है-‘‘कंगना यह क्यों नहीं कहती कि फिल्म में तीन हीरोइन हैं. हीरोइन होना क्या कमतर है. उन्हे ऐसा कहना चाहिए कि फिल्म में तीन प्रमुख किरदार हैं. मुझे तो लगता है कि निर्माता निर्देशक हीरो हीरोइन में कोई अंतर नहीं देखते. यदि आपको लगता है कि फिल्म में हीरो, हीरोइन से बड़ा है, तो आपकी यह सोच गलत है.’’

सूत्रों की माने तो हीरो व हीरोइन की समानता व दोनों को समान रूप से पारिश्रमिक मिले, इसकी मांग कंगना पिछले कई वर्षो से करती आ रही हैं. सूत्र बताते हैं कि फिल्म ‘रंगून’ में कंगना को हीरो के बराबर ही पैसे मिले हैं. ऐसे में जब कंगना ने सरेआम ऐलान किया कि फिल्म ‘‘रंगून’’ में तीन हीरो हैं, तो पुरूषों के अहम को चोट लगनी स्वाभाविक है. पर सवाल यह है कि शाहिद कपूर को दो माह बाद उस वक्त चोट क्यों लगी, जब उनकी फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ विवादों से घिरी.

इस मसले पर बालीवुड के तमाम जानकार मानते हैं कि शाहिद कपूर अपने करियर को लेकर आशंकित हैं. मुंबई उच्च न्यायालय से जीत हासिल करने के बावजूद ‘‘उड़ता पंजाब’’ के सही ढंग से प्रदर्शित होने की उम्मीदें नजर नही आ रही हैं, भले ही निर्माता अनुराग कश्यप व एकता कपूर ने 14 जून को दावा किया है कि वह अपनी फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ को 17 जून को ही रिलीज करेंगे. इस बात को षाहिद कपूर अंदर ही अंदर बाखूबी समझ रहे हैं. फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ के खिलाफ पंजाब या हरियाणा कोर्ट में भी मामला है, जिसकी सुनवायी 16 जून को होनी है. इसके बावजूद यदि फिल्म रिलीज हो गयी, तो इस  फिल्म को लोग किस तरह से पसंद करेंगे? यह सवाल भी शाहिद कपूर को अंदर ही अंदर परेशान कर रहा है. यानी कि इस फिल्म के साथ जो कुछ भी होगा, उसका खामियाजा कही न कहीं शाहिद कपूर को ही भुगतना पड़ेगा..क्योंकि वह फिल्म के हीरो हैं..तो शाहिद कपूर का करियर ‘उड़ता पंजाब’ की वजह से दांव पर लगा हुआ हैं. शायद यही उनके गुस्से का कारण है. 

कुछ बोलेगी-द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कतई एक ऐसी शख्सियत नहीं कहा जा सकता जिस पर बन रही फिल्म को लोग भागते हुये देखने की जहमत उठाएंगे. व्यक्तिगत हो न हो, पर मौनी कहे जाने वाले मनमोहन की राजनीतिक ज़िंदगी जरूर घटना प्रधान रही है, वे एक ऐसे पीएम थे जो उतना ही गंभीर था जितना कि दिखता था. सोनिया-राहुल गांधी की कठपुतली कहे जाने पर उन्होंने कभी एतराज नहीं जताया, हालांकि इस खिताब पर पीएम रहते उन्होंने कभी प्रसन्नता भी व्यक्त नहीं की.

इस सदी के सियासी घटनाक्रम के अहम किरदार वे रहे हैं. संजय बारू नाम के गैर पेशेवर लेखक को आप शायद भूल चले हों, जिनकी लिखी किताब द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर – द मेकिंग एंड अनमेकिंग ऑफ मनमोहन सिंह ने साल 2014 मे खासा हल्ला सियासी गलियारों में मचाया था. संजय 2004 से लेकर 2008 तक मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे थे. इस किताब पर अब फिल्म बनने की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, जिसमे मनमोहन सिंह की भूमिका पंजाब का एक सुदर्शन युवक निभाएगा, वह कौन है यह अभी इस फिल्म के बाकी पहलुओं की तरह सस्पेंस ही है.

फिल्म हालांकि 2017 के आखिर तक प्रदर्शित होगी, लेकिन इसके कुछ हिस्से तय है प्रचार के लिहाज से वक्त वक्त पर दिखाये जाते रहेंगे. एक दर्जन देसी विदेशी भाषाओं मे रिलीज होने वाली यह फिल्म सिर्फ मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रित्व काल को बयां करती हुई होगी. फिल्म का मूल विषय या कथन जिसे सिनाप्सिस कहना ज्यादा सटीक रहेगा वाकई दिलचस्प है की दुनिया के सबसे बड़े लोकतान्त्रिक देश का प्रधानमंत्री बनने के लिए जिस राजनीतिक परिश्रम और योग्यता की जरूरत होनी चाहिए, वे मनमोहन में नहीं थीं. वे एक दिन पहले तक नहीं जानते थे कि कल उन्हे प्रधानमंत्री बनाने का फैसला लिया जा रहा है या लिया जा चुका है. इस सरप्राइज़ पर वे शुरू से ही खामोश रहे, पर बीते कुछ दिनो से मौजूदा सरकार के काम काज पर कटाक्ष करते हैं, तो लगता है कि 10 जनपथ आरएसएस के खिलाफ बोल रहा है और एक उजले राजनीतिक भविष्य को लेकर आश्वस्त है.

ऐसा कहा जा रहा है कि द एक्सीडेंटल …… कई कांग्रेसी दिग्गजों के लिए परेशानियां खड़ी करने वाली होगी, तो यह भी सहज समझा जा सकता है कि 2019 के आम चुनाव की तैयारियां कांग्रेस ने शुरू कर दी हैं, पुराने पापियों से छुटकारा पाना कांग्रेस के लिए दुष्कर साबित हो रहा है तो मुमकिन है यह फिल्म उसकी कुछ मदद कर पाये. सिल्वर स्क्रीन पर सरदार मनमोहन सिंह को देखना अपने आप मे एक अलग अनुभव होगा, जिसके बारे मे सोशल मीडिया पर यह मज़ाक आए दिन वायरल होना आम है एक पीएम को कुछ नहीं करना पड़ता, यह 10 साल मनमोहन सिंह ने साबित किया .   

EURO CUP से बाहर हो सकता है रुस

यूरोपियन फुटबॉल संघ (यूएफा) ने रूसी हुड़दंगियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए रूस फुटबॉल यूनियन पर निलंबित डिस्क्वालिफिकेशन और डेढ़ लाख यूरो (1,68,300 डॉलर) का जुर्माना लगाया है. रूस को चेतावनी दी गयी है कि यदि उसके प्रशंसकों ने स्टेडियम में फिर से उत्पात किया तो रूस को यूरो कप फुटबॉल टूर्नामेंट से बाहर कर दिया जाएगा.

रूसी फुटबॉल यूनियन के अध्यक्ष और खेल मंत्री विताली मुत्को ने इस सज़ा को स्वीकार किया है और कहा है कि वह फैसले का पालन करेगा. रूस इस फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं करेगा और उसका अगला मुकाबला लिली में स्लोवाकिया से होना है.

मार्सिले के स्टेड वेलोड्रोम में रूस और इंग्लैंड के बीच ग्रुप बी मुकाबले में 1-1 के ड्रॉ के बाद चेहरा ढके रूसी समर्थकों ने इंग्लिश प्रशंसकों पर हमला किया और उन पर लात और घूसों से प्रहार किये. इस घटना में 35 लोगों को चोटें आई हैं और इनमें चार गंभीर हैं. घायलों में अधिकतर इंग्लिश प्रशंसक हैं. मार्सिले में तीन दिनों के अंदर 20 लोगों को गिरफ्तारी हुई है. रूसी प्रशंसकों पर नस्लवादी व्यवहार करने के भी आरोप लगे हैं.

यूएफा ने एक बयान जारी कर कहा कि उसकी नैतिक समिति ने रूस पर निलंबित डिस्क्वालिफिकेशन और जुर्माना लगाया है. बयान में कहा गया है कि यदि रूसी टीम के शेष मैचों में उसके प्रशंसक ऐसा व्यवहार करते हैं तो निलंबन हटा लिया जाएगा और रूसी टीम को यूरो से बाहर कर दिया जाएगा. रूस 2018 के विश्वकप का मेजबान है.

मुत्को ने साथ ही कहा, रूस पर जुर्माना लगाने का फैसला पहले से ही तय था. यह उनकी कार्यकारी समिति का फैसला है और अब उसकी पुष्टि कर दी गयी है. यह सजा काफी ज्यादा है क्योंकि रूसी फुटबॉल यूनियन एक गैर व्यवसायिक संस्था है लेकिन हम इसके खिलाफ अपील नहीं करेंगे. टीम दोषी नहीं है लेकिन उस पर सजा लगाई गयी है.

यूरो कप में इस मैच के दौरान भारी हिंसा और झड़प की घटना के बाद फ्रांस के प्रधानमंत्री मैनुएल वाल्स ने कहा कि टूर्नामेंट के दौरान दंगा करने वाले रूसी प्रशंसकों को वापिस उनके देश भेजा जाएगा. रूस और इंग्लैंड के ओपिनग मैच के दौरान स्टेडियम में दोनों टीमों के फुटबॉल प्रशंसकों के बीच जमकर हंगामा हुआ था जो बाद में भारी हिंसा में तब्दील हो गया. यह हिंसा फ्रांस के बाकी शहरों में फैल गई थी. इस मामले में बड़ी संख्या में रूसी प्रशंसकों को गिरफ्तार किया गया था.

मार्सिले में हुई इस घटना के बाद नाइस, लिली और पेरिस में भी प्रशंसकों के बीच झड़प की घटनाओं की खबरें आई हैं. फ्रांस की सुरक्षा बलों को यूरो कप के दौरान हिंसा देश के अन्य क्षेत्रों में भी फैलने की आशंका है.

इस बीच रूसी समर्थक ग्रुप ने आरोप लगाते हुए कहा कि फ्रांस कम से कम 50 रूसी फुटबॉल प्रेमियों को वापिस देश भेजना चाहती है. फ्रेंच पुलिस ने फैन्स की बस को लिली जाने से रोक दिया.

वहीं फ्रांस के प्रधानमंत्री वाल्स ने कहा, जिन लोगों को जेल भेजा गया था उन सभी को वापस उनके देश भेजा जाएगा क्योंकि उनके खराब व्यवहार के बाद वे हमारी जमीन पर नहीं रह सकते हैं. हालांकि वाल्स ने यह साफ नहीं किया कि किस देश के प्रशंसकों को वापस भेजा जाएगा.

मार्सिले में मैच के दौरान रूसी, इंग्लिश और फ्रेंच प्रशंसकों के बीच पिछले तीन दिनों से तनाव बना हुआ है. दंगा विरोधी पुलिस इन प्रशंसकों को खदेड़ने में लगी हुई है और बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार भी किए गए हैं.

नेत्रहीन लोगों का मार्गदर्शन करेगा ये उपकरण

नेत्रहीन व्यक्तियों की सुविधा के लिए बाजार में एक नया सहायक उपकरण आया है जो उन्हें दिशा ढूंढने में मदद करता है. बी कॉम के 20 वर्षीय एक दिव्यांग विद्यार्थी का कहना है, ‘इससे मैं स्वतंत्र महसूस करता हूं. इससे मैं बहुत खुश हूं.’ नेत्रहीन लोग दिशा ढूंढने के लिए पारंपरिक तौर पर छड़ी का इस्तेमाल करते रहे हैं, लेकिन हाल ही में विकसित एक अंगूठी के रूप में यह उपकरण एक नेत्रहीन व्यक्ति को छूने का आभास देकर उसे दिशा दिखाने में मदद करता है.

लाइव ब्रैले के संस्थापक अभिनव वर्मा इस उत्पाद को ‘अकेला पूर्ण धारण करने योग्य ईटीए (इलेक्ट्रानिक ट्रैवेल एड)’ बताते हैं जो एक दूरी से हवा में हाथ हिलाकर माहौल को जानने की सहूलियत देता है. अंगूठी की तरह इस उपकरण में दो अल्ट्रासोनिक रेंज फाइंडर हैं जो दूरी का पता लगा सकते हैं और सामने आ रही चीज का आभास करा सकते हैं.’ उन्होंने कहा कि यही नहीं, यह उपकरण, 3.5 मीटर तक के दायरे में यह भी पता लगा सकता है कि सामने वाली चीज एक दीवार है, किताब है या कोई व्यक्ति है.

अभिनव ने इस उपकरण की तुलना अल्ट्राकेन से की जो कि दुनियाभर में उपयोग किया जाने वाला एक अन्य लोकप्रिय गैजेट है. इस उत्पाद का वजन महज 30 ग्राम है और यह दो संस्करणों- मिनी और मिनी ई में क्रमश: 299 डॉलर व 700 डॉलर में उपलब्ध है. भारत में यद्यपि मिनी 6,999 रुपये के रियायती मूल्य पर उपलब्ध है और इसे एक एनजीओ के जरिए खरीदा जा सकता है. जहां मिनी की बैटरी 45 मिनट में रीचार्ज हो जाती है, वहीं मिनी ई को रीचार्ज करने में 60 मिनट का समय लगता है.

धोनी के नाम होगा एक और रिकॉर्ड

जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अपराजेय बढ़त बना चुकी टीम इंडिया तीसरा मैच खेलने क्लीन स्वीप करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी. इस मैच में टॉस करने के लिए उतरते ही कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के नाम एक और रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा.

वन-डे मैचों में वह कप्तानी के मामले में श्रीलंका के विश्वकप विजेता कप्तान अर्जुन रणतुंगा का 193 मैचों में कप्तानी का रिकॉर्ड ध्वस्त कर देंगे. पिछले मैच में धोनी ने उनके इस रिकॉर्ड की बराबरी की थी.

धोनी अपनी कप्तानी में 106 मैच खेल चुके हैं. जीत के मामले में वह दूसरे नंबर पर मौजूद पूर्व ऑस्ट्रेलिया कप्तान एलेन बॉर्डर से एक कदम पीछे हैं. बॉर्डर ने 178 मैचों में कप्तानी की थी और 107 मैच जीते थे.

वनडे में सर्वाधिक मैचों में कप्तानी करने के मामले में धोनी अब संयुक्त रूप से तीसरे नंबर पर हैं. उनसे आगे न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग (218) और ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग (230) हैं.

जिम्बाब्वे के खिलाफ 2-0 की अपराजेय बढ़त बना चुके धोनी यदि सीरीज का तीसरा मैच भी जीत जाते हैं तो वह बॉर्डर की बराबरी कर लेंगे और सर्वाधिक वनडे जीत के मामले में पोंटिंग के 165 के रिकॉर्ड के बाद संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर आ जाएंगे. यदि धोनी इस मैच में जीत दर्ज कर लेते हैं तो उनकी कप्तानी में तीसरी बार किसी टीम का क्लीन स्वीप होगा.

आईफोन पर बोलकर भेज सकेंगे व्हाट्स ऐप मैसेज

आईफोन, आईपैड और मैक कंप्यूटरों की बिक्री में आई गिरावट को देखते हुए अमरीकी मूल की कंपनी एप्पल ने कई बदलावों की घोषणा की है.

एप्पल  ने एलान किया है वर्चुअल असिस्टेंट सिरी को अगले मैक ऑपरेटिंग सिस्टम में शामिल किया जाएगा.

कंपनी ने ये ऐलान भी किया है कि सिरी को अब आईओएस मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम में डाला जाएगा.

इससे आईफोन  और आई-पैड यूजर्स वॉइस कमांड के जरिए व्हॉट्स ऐप मैसेज भेज पाएंगे या फिर उबर टैक्सी बुक कर पाएंगे.

एप्पल  कंपनी के सॉफ्टवेयर विभाग के मुखिया क्रेग फेडेरिगी ने ये जानकारी दी.

माइक्रोसॉफ्ट का मुकाबला करने के लिए उठाया कदम

सिरी को मैक से जोड़ने के फैसले को लेकर माना जा रहा है कि एप्पल  ने माइक्रोसॉफ्ट का मुकाबला करने के लिए ये कदम उठाया है. माइक्रोसॉफ्ट विंडोज 10 में कॉर्टाना की सुविधा देता है.

टेक कंस्लटेंसी आईएचएस के इयन फॉग ने कहा, " सिरी को 2011 में खरीदकर एप्पल  ने जबसे आईओएस में शामिल किया है, तबसे इसमें बहुत कम बदलाव किए गए हैं. जबकि इस बीच एमेजॉन और गूगल ने अपने वॉइस एजेंट में जबरदस्त बदलाव किए हैं. ऐसे में सिरी काफी पीछे रह गया था."

वहीं एप्पल  के आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के सेट टॉप बॉक्स संस्करण में भी बदलाव किए गए हैं.

यू-ट्यूब पर वीडियो क्लिप देखने के लिए इसके रिमोट को बोलकर कमांड दिया जा सकेगा.

एप्पल  के इस सम्मेलन में ऑरलैंडो में हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि भी दी गई.

ये घोषणाएं अमरीका के सैन फ्रांसिस्को में हो रही एप्पल  की वर्ल्डवाइड डेवेलपर्स कांफ्रेंस में की गई.

अन्य सुविधाएं

– एप्पल  ने स्मार्ट वॉच के ऑपरेटिंग सिस्टम में भी कुछ अपडेट किया है, जिससे ऐप को लॉन्च होने में कम वक्त लगेगा.

– एप्पल  स्क्रिबल नाम की सुविधा भी देने जा रही है जिससे कैरेक्टर का चित्र बनाकर यूजर्स शब्द लिख पाएंगे.

गूगल ने भी ऐसा ही एक फीचर एंड्रॉयड वीयर ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए लॉन्च किया था.

एप्पल  ने 2013 से बिक्री में साल-दर साल घाटा दर्ज किया है.

घट रहा मुनाफा

एप्पल  ने 2013 से बिक्री में साल-दर साल घाटा दर्ज किया है.

आईफोन्स, आईपैड और मैक कंप्यूटरों की मांग में कमी आने से एप्पल  का इस वर्ष दूसरे तिमाही का मुनाफा 22 फीसदी दर्ज किया गया, जो पिछले साल के मुकाबले कम था.

हालांकि ऐप स्टोर से होने वाली आमदनी में इजाफा हुआ है.

एप्पल  म्यूजिक स्ट्रिमिंग सर्विस में भी बदलाव कर रही है. इसके इंटरफेस को लेकर यूजर्स को परेशानी थी. लेकिन अब इसके डिजाइन को बड़ी हेडिंग के साथ और आसान बनाया गया है.

माल्या के नहीं आयेंगे ‘अच्छे दिन’

मुंबई की एक विशेष पीएमएलए (धनशोधन निरोधक अधिनियम) अदालत ने मंगलवार को बैंक ऋण धोखाधड़ी के एक कथित मामले में विजय माल्या को भगोड़ा घोषित किया . प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोर्ट से माल्या को भगोड़ा घोषित करने का अनुरोध किया था.

विशेष न्यायधीश पी.आर. भावके ने अपने फैसले में कहा, ‘प्रवर्तन निदेशालय के आवेदन को अनुमति दी जाती है और विजय माल्या के खिलाफ फरमान जारी किया जाता है.’ प्रवर्तन निदेशालय ने सीआरपीसी की धारा 82 के तहत माल्या को भगोड़ा घोषित करने का अनुरोध करते हुए इस अदालत का रुख किया था. ईडी का कहना है कि माल्या के खिलाफ धन शोधन कानून (पीएमएलए) के तहत एक गैर-जमानती वारंट समेत ‘कई’ गिरफ्तारी वारंट लंबित हैं.

ईडी के मुताबिक, विभिन्न मामलों में माल्या के खिलाफ कई गिरफ्तारी वारंट लंबित हैं जिसमें से एक मामला चेक बाउंस होने का है और वह धन शोधन के एक मामले में भी वांछित है. जांच एजेन्सी ने इस अदालत को मामले में जांच की स्थिति के बारे में बताया और इस जांच में माल्या को शामिल करने की जरूरत पर बल दिया.

यदि अदालत के पास यह विश्वास करने का कारण है कि वह आरोपी जिसके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी है, फरार है या खुद को छिपा रहा है जिससे इस तरह के वारंट को क्रियान्वित नहीं किया जा सके तो उस आरोपी को आपराधिक मामले की जांच में भगोड़ा अपराधी करार दिया जा सकता है.

सीआरपीसी की धारा 82 के मुताबिक, यह अदालत एक लिखित घोषणा कर सकती है जिसके अंतर्गत ऐसे आरोपी को एक निर्धारित जगह और एक निर्धारित समय पर पेश होना पड़ेगा. अधिकारियों ने कहा कि यदि माल्या धारा 82 के तहत शुरू की गई इस कार्यवाही का अनुपालन नहीं करते हैं तो इस एजेन्सी के पास सीआरपीसी धारा 83 (भगोड़ा व्यक्ति की संपत्ति कुर्क करना) के तहत कार्रवाई करने का भी विकल्प है.

उल्लेखनीय है कि प्रवर्तन निदेशालय, आईडीबीआई बैंक के 900 करोड़ रुपये के कथित रिण धोखाधड़ी मामले में माल्या एवं अन्य के खिलाफ धन शोधन कानून के तहत जांच में माल्या को ‘व्यक्तिगत तौर पर’ शामिल करने का प्रयास करता रहा है और इंटरपोल से गिरफ्तारी का वारंट जारी कराने और माल्या का पासपोर्ट रद्द कराने जैसे सभी कानूनी उपाय के प्रयास कर चुका है.

ईडी माल्या का ब्रिटेन से प्रत्यर्पण कराने के लिए भारत-ब्रिटेन पारस्परिक कानूनी सहायता संधि का भी उपयोग करने का प्रयास कर रहा है. माल्या अपने डिप्लोमैटिक पासपोर्ट का उपयोग कर 2 मार्च को भारत छोड़ गए.

इस जांच एजेंसी ने पिछले साल सीबीआई द्वारा दर्ज कराई गयी एक एफआईआर के आधार पर माल्या एवं अन्य के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया. ईडी किंगफिशर एयरलाइन्स के वित्तीय ढांचे की भी जांच कर रहा है. ईडी ने बैंक ऋण मामले में अपनी धन शोधन जांच के संबंध में शनिवार को माल्या और उनकी एक कंपनी की 1,411 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां कुर्क की थी.

कोहली सचिन से बेहतर बैट्समैन: इमरान खान

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान इमरान खान ने कहा है कि मुश्किल हालात में विराट कोहली सचिन तेंदुलकर से बेहतर बैट्समैन हैं. इमरान खान ने विराट की जमकर तारीफ करते हुए ये भी कहा है कि विराट शानदार और कम्पलीट बैट्समैन हैं.

इमरान खान ने विराट कोहली की शान में कहीं ये खास बातें…

क्रिकेट में दौर होते हैं. 1980 के दौर में विवियन रिचर्ड्स और उसके बाद ब्रायन लारा और सचिन तेंदुलकर का दौर था. लेकिन विराट सबसे ज्यादा कम्पलीट बैट्समैन हैं. वे दोनों पैरों से बराबर मूवमेंट करते हुए फील्ड के किसी भी हिस्से में स्ट्रोक लगाते हैं.

इमरान ने कहा कि वो सिर्फ टैलेंटेड ही नहीं बल्कि बेहतरीन प्लेयर हैं. टैंपरामेंट के मामले में वो सचिन से भी ज्यादा आगे हैं. विराट ने बेहद मुश्किल हालात में भी शानदार खेल दिखाया है.

इमरान खान टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान पाकिस्तान के हारने पर अफसोस जताया और कहा कि पाकिस्तान को हारते देखना दुखद था. लेकिन कोहली ने शानदार बैटिंग की थी और ये बात में एक बॉलर के तौर पर कह रहा हूं.

इमरान ने ये भी कहा कि सिर्फ ये देखना चाहिए कि जब हालात खराब होते हैं तो वो कैसा खेलते हैं. इसमें कोई दो राय नहीं कि आज की तारीख में वो सबसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं.

इमरान ने की भारत-पाक के बीच क्रिकेट टूर शुरू करने की वकालत

इमरान टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान भारत में ही थे. इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात हुई थी. इमरान ने पीएम मोदी से कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के रिश्तों को बेहतर बनाया जाना चाहिए. लेकिन इमरान की बात पर मोदी सिर्फ मुस्करा दिए थे. गौरतलब हो कि दोनों देशों के बीच 2008 से दो देशों की क्रिकेट सीरीज नहीं हो सकी है.

पाकिस्तान को बताया आतंकवाद से पीड़ित

क्रिकेट को दूसरे मसलों से अलग रखने की वकालत करते हुए पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इमरान ने कहा कि हर किसी ने मुंबई और पठानकोट हमलों की निंदा की है. हम भारत से ज्यादा आतंकी हमले झेलते हैं. ऐसे में कहीं ज्यादा आतंकी हमले झेलने वाले देश को सजा देना सही नहीं है.

राउटर के इन फीचर्स से क्या आप वाकिफ हैं?

वाई-फाई से आजकल सभी लोग परिचित हैं, आपके घर में वाई-फाई का स्‍पेशल प्‍लेस होता है और लोगों की इंटरनेट सम्‍बंधी जरूरतों को इसके द्वारा पूरा किया जाता है. जो लोग इंटरनेट के हैवी यूजर होते हैं वो वाई-फाई को जरूर लगवाते हैं. घर में वाई-फाई सिग्‍नल को हर जगह तक पहुँचाने के लिए राउटर की जरूरत होती है.

लेकिन क्‍या आप वाई-फाई राउटर के अन्‍य फीचर्स के बारे में जानते हैं. वाई-फाई राउटर एक यूजफूल डिवाइस होती है जिसके माध्‍यम से इंटरनेट सिग्‍नल को स्‍प्रेड कर दिया जाता है. आइए जानते हैं वाई-फाई राउटर के बारे में कई अन्‍य बातें

एन्क्रिप्‍शन

अगर वाई-फाई राउटर पर सिंगल फीचर को इस्‍तेमाल किया जाता है तो यह पूरी तरह सुरक्षित होगा. एन्क्रिप्‍शन, नेटवर्क के बीच डेटा को सुरक्षित करने के लिए एक तकनीक होती है जो कि आपके निजी डेटा बाइट्स को इस्‍तेमाल करने से लोगों को रोकती है और आपके कनेक्‍शन को प्रोटेक्‍ट करती है.

MAC एड्रेस के लिए एड्रेस फिल्‍टर

एक MAC एड्रेस, 12 डिजि‍ट कोड होता है जो हर कम्‍प्‍यूटर को इंटरनेट पर एसाइन किया जाता है. यह, खरीदने पर आपके पीसी पर हार्ड-कोर्ड होता है और इसे बदला नहीं जा सकता है. इसे आपकी पीसी की यूनिक डिजिट भी माना जा सकता है, आप अन्‍य किसी MAC एड्रेस को फिल्‍टर आउट नहीं सकते हैं जो कि आपके वाई-फाई नेटवर्क राउटर को एक्‍सेस करने का प्रयास कर सकता है.

पोर्ट फॉरवर्डिंग

प्रत्‍येक डेटा पैकेट, जो कि एक नेटवर्क के माध्‍यम से गुजरता है और पोर्ट के चैन के माध्‍यम से गुजरते हुए इसके गंतव्‍य के लिए रास्‍ता ढूंढता है. राउटर, इन पोर्ट का इस्‍तेमाल, विभिन्‍न प्रकार में से ट्रैफिक को फिल्‍टर आउट करने के लिए उपयोग में लाया जाता है. HTTP, सबसे कॉमन एड्रेस होता है जो आमतौर पर 80 पोर्ट का इस्‍तेमाल करता है, आउटगोइंग ई-मेल पर SMTP 25 पोर्ट का इस्‍तेमाल करता है और अन्‍य दूसरे, एसाइन पोर्ट पर काम करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि यह सही डिवाइस तक पहुँचे. कुल मिलाकर 65,536 पोर्ट्स होते हैं और सिक्‍योरिटी की वजह से इनमें से कई ब्‍लॉक भी रहते हैं. अगर इनमें से कोई भी एड्रेस आपको दिक्‍कत देता है तो पोर्ट फॉरवर्डिंग कर दिया जाता है.

सेवा की गुणवत्‍ता

Quality Of Service (QoS) इसकी मुख्‍य विशेषता होती है. इसमें यूजर्स को इंटरनेट की स्‍पीड संबंधी समस्‍या बहुत कम होती है और एक साथ लोड आ जाने पर भी दिक्‍कत नहीं होती है.

मोबाइल मैनेजमेंट एप्‍लीकेशन का इस्‍तेमाल

नेटगियर और लिंकसेस सहित कई राउटर निर्माता, iOS और एंड्रायड एप को आपके वाई-फाई राउटर को प्रभावी रूप से प्रबंधित करने के लिए मदद करते हैं. इन एप की मदद से, आप आसानी से गेस्‍ट मोड, पैरेंटल कंट्रोल और कई बेसिक टास्‍क को आसानी से पूरा कर सकते हैं.

पैरेंटल कंट्रोल

अगर आपके घर में बच्‍चे हैं और वो इंटरनेट का इस्‍तेमाल करते हैं तो आप पैरेंटल कंट्रोल का इस्‍तेमाल कर सकते हैं ताकि बच्‍चों तक किसी गलत या बेकार वेबसाइट को सर्च करने से बचाया जा सकें और उनके लिए इंटरनेट के इस्‍तेमाल का समय निर्धारित किया जा सके.

शेयर्ड फाइल एक्‍सेस

यह सरल और आसान टिप है जो कि चीजों को आसान करने में मददगार साबित होता है. सभी वाई-फाई राउटर्स में कम से कम एक यूएसबी पोर्ट होता है, कभी-कभी ये दो पोर्ट के बीच छुपा हुआ भी हो सकता है. अगर आप पूरे इंटरनेट पर डेटा को एक्‍सेस करना चाहते हैं तो हर कम्‍प्‍यूटर पर जाने की जरूरत नहीं, सिर्फ इस पोर्ट से फ्लैश ड्राईप में बस प्‍लगइन करें और वाई-फाई के जरिए इस डेटा को किसी भी पीसी में कनेक्‍ट कर सकते हैं.

5 GHz कनेक्‍शन का चयन करें

नए राउटर्स, 2.4 GHz और 5 GHz कनेक्टिीविटी के साथ आ रहे हैं. आप अगर अब लेने वाले हैं तो 5 GHz के राउटर को लें.

चैनल्‍स पर मैनअुली स्विच करें

चैनल्‍स को पूरे विभिन्‍न नेटवर्क में डेटा को ट्रांसमिट करने के लिए राउटर्स के द्वारा इस्‍तेमाल किया जाता है. कभी-कभार, भीड़-भाड़ वाले स्‍थानों में, ऐसे चैनल्‍स, बेकार हो जाते हैं और इनमें दिक्‍कत आने लगती है. इस मामले में, सबसे अच्‍छा रहता है कि चैनल्‍स को मैनुअली सेलेक्‍ट किया जाएं. वाईफाई एनालाइजर और वाईफाईइंफोव्‍यू जैसे एप, इसके लिए सबसे अच्‍छा विकल्‍प होते हैं.

गेस्‍ट एक्‍सेस

जिस प्रकार पैंरेंटल कंट्रोल हो सकता है उसी तरीके से गेस्‍ट एक्‍सेस हो जाता है. ये सुविधा कुछ प्रकार के राउटर्स में होती है. इसके लिए, गेस्‍ट को सब-नेटवर्क प्रोवाइड हो जाता है और उसे आसानी से यूज किया जा सकता है. आप चाहें तो इसमें किसी विशेष नम्‍बर को ब्‍लॉक भी किया जा सकता है.

तो ये कहा कृषि मंत्री ने किसानों से

इस साल देश में बेहतर मानसून की उम्मीद जताते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि इस बार कृषि उत्पादन अधिक होने की संभावना है. उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार द्वारा मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना ठीक से लागू न करने पर चिंता जताई. प्याज की कम कीमतों और टमाटर की अधिक कीमतों पर उन्होंने राज्य सरकारों और अन्य मंत्रालयों को जिम्मेदार ठहराया.

उन्होंने कहा कि किसान केवल खेती पर ही निर्भर न रहें बल्कि खेती बाड़ी दोनों करें. बाड़ी का मतलब उन्होंने बताया कि खेती के साथ दुग्ध उत्पादन, मछली पालन, मधुमक्खी पालन आदि पर भी ध्यान देने से किसानों की आमदनी बढ़ेगी और उनकी निर्भरता खेती पर कम होगी.

कृषि मंत्री सिंह ने कहा कि दो साल में केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों के लिये इतनी अधिक योजनायें लायी है जो इससे पहले कभी नहीं आईं. उदाहरण स्वरूप उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बहुत ही कम प्रीमियम पर पूरा बीमा दिया जा रहा है. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत सिंचाई की बेहतर सुविधायें, लंबी अवधि का सिंचाई फंड, भूजल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन और ज्यादा कुंए और तालाब इत्यादि की व्यवस्था की गई है.

उन्होंने कहा कि गन्ने के किसानों के लिये प्रभावी नीतिगत फैसले लेने के साथ ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन में चावल, गेंहू, दलहन फसलों के अलावा मोटे अनाज, गन्ना, जूस एवं कपास आदि को शामिल कर उत्पादन को बढ़ावा दिया जाना तथा किसानों को दुग्ध उत्पादन, मछली पालन और मधुमक्खी पालन के लिये प्रोत्साहित करना आदि शामिल है.

सिंह ने कहा कि किसानों को खेती से आमदनी तभी मिलेगी जब उन्हें पानी मिले और उचित संसाधन मिलें. हमारी सरकार किसानों की आमदनी अगले पांच सालों में दोगुनी करना चाहती है. उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी केवल फसलों का समर्थन मूल्य बढ़ाने से नही बढ़ेंगी बल्कि इसके लिये किसानों को भी चाहिये कि वह केवल खेती में गेंहू-धान उगाने के अलावा खेती-बाड़ी करें.

टमाटर के दाम बढ़ने और प्याज के दाम घटने के सवाल पर सिंह ने कहा कि इन मामलों को राज्य सरकारों और खाद्य आपूर्ति मंत्रालय को ध्यान से देखना चाहिये क्योंकि किसान को उसकी फसल का मूल्य जरूर मिलना चाहिये. जब उन्हें बताया गया कि कानपुर के पास फर्रूखाबाद जिले में आलू का उत्पादन अधिक है लेकिन किसानों को आलू का सही मूल्य नहीं मिल पाता. इस पर कृषि मंत्री ने जवाब दिया कि राज्य सरकार को चाहिये कि वह किसानों को आलू के सही दाम दिलाने के लिये वहां आलू से बनने वाले पदाथरे की प्रोसेसिंग यूनिट डाले और ऐसे उद्योग डाले जिससे किसानों के आलू की खपत हो सके और उन्हें उसके सही दाम मिल सकें.

 

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