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तो इतना पैसा है भारत के अमीरों के पास

भारत में मिल्यनेर्स (बाजार में छह-सात करोड़ रुपए से अधिक की व्यक्तिगत हैसियत वाले अमीरों) की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. साल 2015 के अंत तक देश में ऐसे उच्च नेट वर्थ वाले व्यक्तियों (एचएनडब्ल्यूआई) की संख्या 2,36,000 थी और उनकी सम्मिलित संपत्ति 1,500 अरब डॉलर (लगभग 10 लाख करोड़ रुपए) थी. यह जानकारी न्यू वर्ल्ड वेल्थ की 'इंडिया 2016 वेल्थ रिपोर्ट' में दी गई है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2007 से विश्व के अधिकतर देश जहां मंदी या नगण्य वृद्धि से परेशान है वहीं भारत ने संपत्ति सृजन के हिसाब से 'बहुत अच्छा' प्रदर्शन किया है. रिपोर्ट में कहा गया है, 'हमारी समीक्षा अवधि में भारतीय एचएनडब्ल्यूआई की संख्या 55 प्रतिशत बढ़ी है, 2007 में इनकी संख्या 1,52,000 थी जो 2015 में 2,36,000 हो गई. इस दौरान ऐसे अमीरों की संपत्ति में 67 प्रतिशत का इजाफा हुआ जो 2007 की 900 अरब डॉलर से बढ़कर 2015 में 1,500 अरब डॉलर हो गई.'

गौरतलब है कि एचएनडब्ल्यूआई में उन व्यक्तियों को शामिल किया जाता है जिनकी शुद्ध संपत्ति 10 लाख डॉलर या उससे अधिक होती है. रिपोर्ट में अगले दस सालों में भारतीय एचएनडब्ल्यूआई की संख्या और संपत्ति में और वृद्धि होने का अनुमान जताया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 तक एचएनडब्ल्यूआई की संख्या 135 प्रतिशत बढ़कर 5,54,000 होने का अनुमान है.

अब इन स्मार्टफोन्स पर नहीं चलेगा व्हॉट्सऐप

फेसबुक के स्वामित्व वाली व्हॉट्सऐप एप्लिकेशन ने आखिर अपनी सर्विस कुछ स्मार्टफोन पर बंद करने की घोषणा कर दी है. 31 ‌दिसंबर, 2016 के बाद सिंबियन स्मार्टफोन यूजर्स व्हॉट्सऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. व्हॉट्सऐप ने ऐसे सभी यूजर्स को सूचित करना शूरू कर दिया है कि यह ऐप 31 दिसंबर के बाद इस प्लेटफॉर्म पर काम करना बंद कर देगा.

फरवरी में व्हॉट्सऐप ने घोषणा की थी कि वह अब नोकिया एस40, नोकिया सिंबियन एस60, एंड्रॉयड 2.1 और 2.2, ब्लैकबेरी डिवाइस के साथ विंडोज फोन 7 ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए सपोर्ट मुहैया नहीं कराएगी.

सपोर्ट खत्म करने के कारण का हवाला देते हुए, व्हॉट्सऐप ने अपने आधिकारिक ब्लॉग में कहा "ये फोन (प्लेटफॉर्म) भविष्य में व्हॉट्सऐप के नए फीचर्स सपोर्ट करने में सक्षम नहीं हैं."

व्हॉट्सऐप ने अपने ऐप में जिफ इमेज की टेस्टिंग शुरू कर दी है. कंपनी जल्द ही यूजर्स का यह नया फीचर देने वाली है. आईओएस पर व्हॉट्सऐप बीटा उपयोगकर्ताओं के लिए नई अपडेट में ऑटो प्ले इमेज  GIFs को शामिल किया गया है.

कंपनी के मुताबिक, जब 2009 में व्हॉट्सऐप लॉन्च हुआ था तब बाजार अलग था. उस समय बाजार में गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट पर चलने वाली डिवाइस सिर्फ 25 प्रतिशत थी, जबकि 70 प्रतिशत मार्केट पर ब्लैकबेरी और नोकिया का कब्जा था. आज 99.5 फीसदी ‌डिवाइस की बिक्री गूगल, एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट के खाते में जाती है.

कुंबले के तेवर तल्ख

टीम इंडिया इन दिनों चार टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने के लिए वेस्टइंडीज में है. इस सीरीज के शुरू होने से पहले टीम इंडिया के हेड कोच अनिल कुंबले पूरी कोशिश कर रहे हैं कि उनकी टीम पूरी तरह से ऊर्जावान, अनुशासन में और फिट रहे.

इसी कारण उन्होंने कुछ सख्त नियम भी बना दिये है जिसका पालन करना हर सदस्य को जरूरी होगा. कुंबले ने टीम से कहा है कि अगर वो बस के लिए लेट हुए तो उन्हें 50 डॉलर का फाइन देना होगा.

इसके अलावा वो हर चार दिन में मीटिंग करेंगे जिसमें टीम के सभी खिलाड़ी को उपस्थित होना जरूरी होगा. इन सबके अलावा अगर कोई खिलाड़ी कुंबले से मिलना चाहता है या अपनी कोई समस्या शेयर करना चाहता है तो उनसे डायरेक्टली मिल सकता है.

कुंबले की पूरी कोशिश है कि कोहली की सेना पूरी तरह खुश और टीम भावना के साथ वेस्टइंडीज में प्रदर्शन करे क्योंकि इन टेस्ट मैचों का रिजल्ट टीम के आने वाले भविष्य को तय करेगा.

आपको बता दें कि टीम इंडिया अपने 49 दिन के कैरेबियाई दौरे पर दो प्रैक्टिस मैच और चार टेस्ट मैच खेलेगी. 21 जुलाई को टीम का पहला टेस्ट मैच होगा और आखिरी टेस्ट 18 अगस्त को खेला जायेगा. टीम 23 अगस्त को इंडिया वापस आयेगी.

शुरुआर्ट: बनारस की कहानी चितेरों की जुबानी

बीएचयू के कुछ छात्रों ने स्टार्टअप के जरिए 'शुरुआर्ट' नाम से ऑनलाइन मार्केटिंग कंपनी बनाने के बाद युवा कलाकारों के हुनर को दुनिया के बाजार में पहुंचाने के साथ मुंह मांगी कीमत पर बेचने का काम प्रारंभ किया. चंद महीने पहले साइबर दुनिया में पहुंचे 'शुरुआर्ट' के जरिए अब तक सौ से ज्यादा पेटिंग्स बिक चुकी है. बीएचयू के दृश्यकला संकाय में पढ़ने वाले छात्रों के कैनवास पर बिखरे हुनर के कद्रदान देश ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में मिल रहे हैं.

आईआईटी बीएचयू के टेक्नॉलजी बिजनस इंक्यूवेटर के सहयोग से सना सबा,उदिता टिकमानी,नेहा वशिष्ठ व गौरव तिवारी ने सबसे पहले 'शुरुआर्ट' नाम से कंपनी बनाई. इसका मकसद बीएचयू के साथ महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दृश्यकला संकाय से जुड़े छात्र-छात्राओं की पेटिंग्स को ऑनलाइन बेचना था ताकि युवा कलाकारों को अपनी कला का उचित दाम मिल सके. छात्रों द्वारा मिलकर बनायी गयी इस कंपनी की सीईओ सना सबा एक महीने के भीतर दुनिया के कई देशों से मिले रिस्पॉन्स को लेकर काफी उत्साहित हैं. वह कहती है इस वेबसाइट को कला से जुड़े छात्रों के लिए बनाने का आइडिया हिट रहा. अब तक सौ से ज्यादा कलाकृतियां दुनिया के बाजार में बिक चुकी है.

छात्रों द्वारा बनाई गई इस वेबसाइट पर कलाकारों की पेटिंग्स के साथ कलाकार का नाम और दाम लिखने के साथ विषय के बारे में प्रकाश डाला गया है. छात्रों ने बताया कि किसी भी कलाकार की पेटिंग जितने में बिकती है उसका 70 प्रतिशत कलाकारों को दिया जाता है. 30 फीसदी पैसा कंपनी को चलाने के लिए खर्च के रूप में अपने पास रखा जाता है. एक हजार से डेढ़ हजार रुपए में इस साइट पर जाकर आप घर बैठे अपनी पसंद की पेटिंग्स को खरीद सकते हैं.

बनारस के घाटों की ज्यादा पेटिंग्स

काशी में कूंची से जुड़े कलाकारों के लिए पेटिंग्स के लिए विषय वस्तु के रूप में पहली पसंद गंगा घाट होते हैं. बीएचयू छात्रों के सामूहिक प्रयास से खड़े हुए 'शुरुआर्ट' में भी बनारस के घाटों की सबसे ज्यादा पेटिंग्स दिखाई पड़ रही है. बीएचयू की छात्रा उदिता टिकमानी बताती है कि गंगाघाट दुनिया के पर्यटकों को जिस तरह लुभाते है उसी तरह पेटिंग्स भी दुनियाभर में कला के कद्रदानों को भाती है,इसलिए सबसे ज्यादा वही हैं.

अब बिना इंटरनेट इस्तेमाल करें मैसेजिंग एप

वॉट्सऐप या किसी भी मैसेजिंग ऐप को इस्तेमाल करने का सबसे बड़ा नुकसान यही होता है कि जैसे ही आप इंटरनेट से दूर हुए आपकी दुनिया से कनेक्टिविटी भी खत्म हो जाती है. लेकिन अब आपको ज्यादा चिंता करने की जरुरत नहीं है क्योंकि एक ऐसा तरीका भी मौजूद है जिससे आप वॉट्सऐप या किसी भी मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल बिना इंटरनेट के भी कर सकते हैं.

बिना इंटरनेट के भी चलेगा वॉट्सऐप

बाजार में एक ऐसा सिम कार्ड मौजूद है जिसकी मदद से आप बिना इंटरनेट के भी वॉट्सऐप या दूसरे मैसेजिंग एप इस्तेमाल कर सकते हैं. इस सिम का नाम है चैट सिम. इसे फोन में लगाने से आप वॉट्सऐप और अन्य मैसेजिंग ऐप्स को बिना इंटरनेट कनेक्शन के इस्तेमाल कर पाएंगे.

कैसे खरीदें

चैटसिम खरीदने के लिए सबसे पहले कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट www.chatsim.com पर विजिट करें. इसके बाद Buy Sim पर क्लिक करें. स्टेप्स फॉलो करें और ऑर्डर प्लेस करें. ये सिम ई-कॉमर्स वेबसाइट amazon.com पर भी अवेलेबल है. चैटसिम सभी स्मार्टफोन पर काम करता है. इसे माइक्रो और नैनो कार्ड स्लॉट में इस्तेमाल किया जा सकता है. इस कार्ड की मदद से आप बिना इंटरनेट के दुनिया में कहीं भी अपने दोस्तों को मैसेज भेज सकते हैं. डाटा रोमिंग की चिंता करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी.

क्या है कीमत

भारतीयों के लिए इस सिम की कीमत 950 रुपए सालाना है. इसके अलावा फ्री में मैसेज और इमोजीस यूज करने के लिए 950 रुपए चुकाने होंगे. मल्टीमीडिया रिचार्ज के लिए 950 रुपए और 557 रुपए शिपिंग चार्ज के देने होंगे. कुल मिलाकर आपको लगभग 3407 रुपए खर्च करने पड़ेंगे.

चैटसिम से आप वॉट्सऐप, मैसेंजर, वीचैट, हाइक आदि बिना इंटरनेट कनेक्शन के इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर आप अपना ज्यादा समय ट्रैवलिंग में बिताते हैं और वॉट्सऐप जैसे मैसेंजर ऐप्स का इस्तेमाल अक्सर करते हैं तो चैटसिम आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है.

बिना सॉफ्टवेयर पेन ड्राइव में ऐसे लगाएं पासवर्ड

पेन ड्राइव में ऐसा कंटेंट सेव करके रखा जाता है जो महत्वपूर्ण होता है. साथ ही कोशिश की जाती है कि उसका डाटा किसी अनजान व्यक्ति के हाथ न लगे. अगर आप भी ऐसा ही चाहते हैं तो बिना किसी सॉफ्टेवयर की मदद लिए अपनी पेन ड्राइव पर पासवर्ड का सुरक्षा कवच लगा सकते हैं. वहीं फोन में बिना किसी सॉफ्टवेयर के फोल्डर भी छिपाया जा सकता है.

ऐसे करें लॉक

– कंप्यूटर या लैपटॉप में ‘स्टार्ट’ पर क्लिक करते हुए ‘कंप्यूटर पैनल’ में जाएं. यहां दाईं तरफ ऊपर की ओर ‘व्यू बाई’ लिखा मिलेगा, उस पर क्लिक करके ‘लार्ज आइकन’ का चुनाव करें. इसके बाद BitLocker Drive Encryption पर क्लिक करें.

– नई स्क्रीन खुलने के बाद उसमें कंप्यूटर से जुड़ी हुई ड्राइव दिखाई देंगी. इसमें ‘पेन ड्राइव’ का विकल्प भी होगा जिसके सामने bit locker लिखा मिलेगा, उस पर क्लिक करें.

– इसके बाद नई विंडो स्क्रीन खुलेगी जिसमें पेन ड्राइव के लिए पासवर्ड टाइप करना होगा. इसके बाद उस स्क्रीन पर ‘नेक्स्ट’ का विकल्प दिखाई देगा उस पर क्लिक कर दें और आगे बढ़ें.

– अब स्क्रीन पर दो विकल्प आएंगे जिसमें से ऊपर की ओर save the password लिखा मिलेगा उसे चुनें. इससे पेन ड्राइव सुरक्षित हो जाएगी.

महंगाई ने उड़ाई आम आदमी की नींद

सब्जियों के दाम में बढ़ोतरी के चलते खुदरा महंगाई जून में 22 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई. हालांकि, मई में औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि दर अप्रत्याशित तरीके से रिकवर करती हुई पॉजिटिव जोन में 1.2% पर आ गई है. महंगाई के मामूली तौर पर बढ़ने वाली खबर ने अगस्त में रेट कट की संभावना कम कर दी है, लेकिन अब तक हुई मॉनसून की बारिश ने महंगाई घटने के संकेत दे दिए हैं.

महंगाई के मोर्चे पर मुश्किलें बनी हुई हैं. मंगलवार को स्टैटिस्टिक्स ऑफिस की तरफ से डेटा जारी किए गए. डेटा के अनुसार, जून में कन्जयूमर प्राइस इंडेक्स 5.77% पर रहा, जबकि मई में यह 5.76% पर था. इसके मुताबिक रूरल इन्फ्लेशन जून में 6.2% रही, जबकि अर्बन एरिया में यह 5.26% दर्ज की गई थी. महंगाई का अनुमान लगाने वालों ने उसके मामूली कमी के साथ 5.7% रहने की बात कही थी. रघुराम राजन रिजर्व बैंक के गवर्नर का अपना कार्यकाल खत्म होने से पहले 9 अगस्त को अंतिम बार मॉनिटरी पॉलिसी रिव्यू करेंगे. उनका टर्म 4 सितंबर को खत्म हो रहा है.

राजन ने मॉनसून पर हालात स्पष्ट होने तक इंतजार करने का मन बनाते हुए जून के रिव्यू में पॉलिसी रेट को जस का तस रहने दिया था. कोटक महिंद्रा बैंक की इकॉनमिस्ट उपासना भारद्वाज ने कहा कि इस साल 25 बेसिस प्वाइंट का रेट कट हो सकता है, लेकिन यह तुरंत नहीं होगा. उन्होंने कहा, 'अगस्त की पॉलिसी में रेट कट की सीमित गुंजाइश है क्योंकि आरबीआई की नजर मॉनसून की रफ्तार के साथ सब्जियों के दाम में मौसमी उछाल पर होगी. 'आरबीआई ने मार्च 2017 तक कन्जयूमर इन्फ्लेशन के लिए 5% का टारगेट फिक्स किया है, लेकिन मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की तरफ से इंट्रेस्ट रेट पर जल्द फैसला किए जाने से इसमें बदलाव आ सकता है. कमिटी सरकार के इन्फ्लेशन टारगेट हासिल करने के लिहाज से रेट तय करेगी.

अब राजनीति में धूम मचाएंगे बूम बूम अफरीदी

क्रिकेट के मैदान पर अपने गगनचुंबी छक्कों से लोगों को एंटरटेन करने वाले पाकिस्तान क्रिकेटर शाहिद अफरीदी ने राजनीति के पिच पर उतरने की इच्छा जताई है. अफरीदी ने कहा कि वे राजनीति में आकर लोगों की सेवा करना चाहते है. उन्होंने कहा कि लोगों से जुड़े रहने का यह एक बेहतर मंच है.

36 वर्षीय पाक क्रिकेटरों ने कहा कि क्रिकेट से संन्यास के बाद राजनीति में आना चाहता हूं. हालांकि साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनके शुभचिंतक यह चाहते है कि मैं राजनीति में कदम न रखूं. उन्होंने कहा मेरी नजर में राजनेता जनता का सबसे अच्छा सेवक होता है और उसे पूरी ईमानदारी से जनता की सेवा करनी चाहिए.

आफरीदी ने कहा कि मैं लोगों की सेवा अपने चैरिटी और सोशल वर्क के द्वारा भी कर सकता हूं. उन्होंने कहा, गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए मैं शाहिद आफरीदी फाउंडेशन के जरिए एक स्कूल की स्थापना करना चाहता हूं.

आफरीदी ने अपने रिटायरमेंच की खबरों को खारिज करते हुए कहा कि वह पाकिस्तान के लिए टी-20 में खेलना जारी रखेंगे. उन्होंने कहा, मैं सीमित ओवर के क्रिकेट में खेलना जारी रखना चाहता हूं. चाहे या राष्ट्रीय स्तर पर हो या फिर घरेलू क्रिकेट या फिर लीग. मैं मानता हूं कि मैं खेलने के लिए पूरी तरह से फिट हूं.

गौर हो अफरीदी ने पिछले साल ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में हुए वर्ल्ड कप के बाद वनडे क्रिकेट से संन्यास लिया था.

वैसे आपको बता दें अफरीदी से पहले पाकिस्तान को क्रिकेट में अपनी कप्तानी में पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले इमरान खान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद राजनीति में कदम रखा और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी का गठन किया. शुरुआत में उनकी पार्टी कमजोर रही लेकिन आज उनकी पीटीआई नवाज शरीफ सरकार की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी पार्टी है.

प्रभु देवाः असफल फिल्म का असर

बॉक्स आफिस पर फिल्म का सफल होना बहुत जरुरी होता है. यदि फिल्म असफल हो जाए, तो कलाकार व निर्देशक की प्रतिभा कोई मायने नहीं रखती. इसका सबसे बड़ा उदाहरण नृत्य निर्देशक से निर्देशक बने प्रभु देवा हैं.
प्रभु देवा की 2014 में प्रदर्शित फिल्म ‘‘एक्शन जैक्शन’’ ने बॉक्स आफिस पर पानी भी नहीं मगां था.

इस फिल्म की असफलता के कारण प्रभु देवा की दूसरी फिल्म शुरू होने से पहले ही बंद हो गयी. मजेदार बात यह है कि मशहूर फिल्म निर्माता गोवर्धन तनवानी ने प्रभु देवा को अपने बैनर ‘‘बाबा फिल्म्स’’ की दो फिल्मों के निर्देशन के लिए अनुबंधित किया था. जिसमें से पहली फिल्म ‘‘एक्शन जैक्शन’’ थी, जिसमें प्रभु देवा के चहेते हीरो अजय देवगन थे. इस फिल्म के असफल होते ही गोवर्धन तनवानी, प्रभु देवा को भूल गए.

यह एक अलग बात है कि गोवर्धन तनवानी इस बात को स्वीकार नहीं करते.वह कहते हैं- ‘‘फिल्म की सफलता असफलता  से रिश्ते नहीं बदलते. हम प्रभु देवा के निर्देशन में दूसरी फिल्म जल्द शुरू करना चाहते हैं. मगर हमें अच्छी कहानी की तलाश है.’’

कानपुर में घिरे मोहन भागवत

गंगा किनारे सभाएं और सत्संग करने के पौराणिक रिवाज को निभाने का आनंद ही कुछ और है. यह आनंद आरएसएस के मुखिया मोहन भागवत कानपुर में उठा रहे हैं, मौका है संघ के प्रांत प्रचारकों की सालाना बैठक का, जो पांच दिन चलती है. यह बैठक लगभग गोपनीय है, जिसमे खास खास लोगों को ही जाने का सौभाग्य मिल रहा है. बगैर किसी अनौपचारिक /औपचारिक घोषणा के ही लगाने वालों ने अंदाजे लगा लिए कि हो न हो जरूर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के मद्देनजर रणनीति बन रही है, क्योकि वहां भाजपा अच्छी स्थिति में नहीं है और अगर कोई चेहरा पेश कर ही सपा बसपा को टक्कर दी जाना जरूरी हो गया है, तो वह नाम इस मीटिंग में तय किया जा सकता है (यह और बात है कि अभी तक कोई बलि का बकरा बनने तैयार नहीं हुआ है).

6 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर सहित सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था कि आल इंडिया सुन्नी उलेमा काउंसिल ने मोहन भागवत से मिलने समय मांग लिया. यह समय बाकायदा संघ का प्रोटोकाल निभाते एक चिट्ठी के जरिये संघ प्रतिनिधियों से मांगा गया. कहीं भागवत मिलने से इंकार न कर दें, इसलिए 6 सवाल भी इसमे नत्थी कर दिये गए, जिससे सनद रहे और संघ व भागवत को वक्त जरूरत घेरा जा सके. ये सवाल हैं…

1 – क्या आरएसएस देश को हिन्दू राष्ट्र बनाना चाहता है

2 – आरएसएस भारत को हिन्दू राष्ट्र मानता है तो क्या वह हिन्दू धर्म ग्रंथो के अनुसार देश चलाना चाहता है

3 – आप यानि संघ व भागवत हम मुसलमानो से कैसा राष्ट्र प्रेम चाहते हैं

4 – धर्म परिवर्तन पर आरएसएस के क्या विचार हैं

5 – इस्लाम से संघ क्या चाहता है

6 – आप इस्लाम के बारे में क्या जानते हैं.

ये ऐसी पहेलियां हैं जिन्हें भागवत बूझेंगे तो भी और न बूझें तो भी दिक्कत में पड़ने वाले हैं, क्योकि इनमे से कुछ सवालों के जबाब तो बड़े पैमाने पर हिन्दू भी संघ से साफ साफ सुनने की उम्मीद रखते हैं. भागवत चुप रहें या जवाब दें या हाल फिलहाल सवाल टरका दें, देखना दिलचस्प होगा, क्योकि उनके जबाब कुछ भी हों नुकसान तो भाजपा को ही पहुंचाएंगे.

यूपी में मुस्लिम वोट भाजपा को न मिलें, यह चिंता की बात संघ के लिए नहीं है. उसकी कोशिश यह है कि ये वोट सपा, बसपा और कांग्रेस में बंट जाएं तो ही 200 सीटों के बारे में सोचा जाना चाहिए. उधर मुल्ला उलेमा भी कम नहीं हैं, इसलिए उन्होने इस दफा बड़ी शराफत दिखाते मोहन भागवत से ईदी में चंद ऐसे सवालों के जबाब मांगे हैं, जिन्हें दिया गया तो दिवाली फीकी पड़ जाएगी.

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