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मुलायम का ‘अयोध्या प्रलाप’

राजनीति मुद्दों को सफलता की सीढ़ी बनाकर कुर्सी हासिल करती है और फिर मुद्दों को वहीं छोड़ देती है. उत्तर प्रदेश की अयोध्या इसकी सबसे बड़ी मिसाल है.

पिछले 30 सालों में उत्तर प्रदेश का कोई भी चुनाव अयोध्या पर बयान के बिना पूरा नहीं हुआ. केवल भाजपा ही नहीं सपा और दूसरे दल भी अयोध्या के वोटबैंक का लाभ लेने में चूकते नहीं.

अब सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने अपनी सरकार के समय अयोध्या गोलीकांड को सही ठहराकर मुद्दे को हवा देने की शुरूआत की है. आज मुलायम सिंह को इस बात का भी मलाल है कि अयोध्या के नायक कल्याण सिंह को सपा में शामिल करने की गलती की थी.

मुलायम ने अयोध्या का जिक्र यूंही नहीं किया है. उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में वोटो के धार्मिक ध्रुवीकरण के लिये यह कवायद की है. मुलायम सिंह यह भूल गये हैं कि वोटो का धार्मिक ध्रुवीकरण कई बार बैक फायर कर जाता है.

लोकसभा चुनाव के परिणाम सामने हैं. मुलायम का ‘अयोध्या प्रलाप’ अखिलेश यादव के विकास के मुददे को प्रभावित कर सकता है.   

अयोध्या में राममंदिर के समर्थन और विरोध की राजनीति करने वाले सभी दलों ने उसे वोट बैंक बनाकर सत्ता की कुर्सी हासिल की, पर अयोध्या की सुध लेने वाला कोई नहीं हुआ.

अयोध्या के राममंदिर विवाद के बाद वहां के हालात दिन-ब-दिन लगातार खराब ही होते गये हैं. पहले जहां अयोध्या के हर मंदिर में रौनक रहती थी इनमें अब ज्यादातर मंदिर सूने दिखते है. ज्यादातर मंदिरों में संपत्ति और जायदाद को लेकर झगड़े हो रहे हैं. कई मंदिरों में यह झगड़े हत्या तक पहुंच गये हैं. राम मंदिर आन्दोलन के बाद हुये विवाद के चलते अयोध्या की रौनक खो गई है.

अब यहां घुसते ही सुरक्षा कर्मी दिखते हैं. राम मंदिर के आसपास वीरानी सी छाई रहती है. यह मंदिर न दिखकर किसी जंगल में बना टीला सा दिखता है.

यह हालत केवल राममंदिर की ही नहीं है. यहां के दूसरे छोटे बड़े मंदिर भी इसी तरह बेहाली का शिकार हो गये हैं. लखनऊ गोरखपुर हाईवे से नीचे उतरते ही अयोध्या की बदहाली दिखने लगती है. अयोध्या को खूबसूरत बनाने और पर्यटन का बढ़ावा देने के लिये सरकार ने काम तो बहुत किये पर सब बेमानी दिखते है.

हरिद्वार में हरी की पैडी की तरह ही अयोध्या में राम की पैडी सरयू नदी के किनारे बनाया गया था. यहां के घाट दुर्दशा का शिकार हो गये है. सरयू का पानी गंदगी से भरा दिखता है. अयोध्या के अंदर बनी गलियां पक्की नजर आती है पर इसके चारो तरफ अव्यवस्था साफ नजर आती है.

यही वह अयोध्या है जिसकी राजनीति करके भारतीय जनता पार्टी से 2 सांसदो से संसद में अपना सफर तय करके बहुमत की सरकार बना ली.

समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव ने अपनी पार्टी बनाकर सत्ता हासिल कर ली. इसके पहले मुलायम सिंह यादव लोकदल और दूसरी पार्टी में सामान्य नेता की तरह राजनीति करते थे.

अयोध्या आंदोलन के समय ही समाजवादी पार्टी का गठन हुआ और प्रदेश की सत्ता हासिल की. आज भी अयोध्या में समाजवादी पार्टी के विधायक पवन पांडेय है. अखिलेश सरकार में वह मंत्री भी बने. अयोध्या में राम मंदिर के आसपास रहने वाले अब अपने पैत्रक आवास छोड़ने को मजबूर है. यह लोग न अपने घर में नया निर्माण करा सकते है और न ही गिर रहे मकानों को सही करा सकते हैं.

कुछ भी निर्माण करने से पहले जिला प्रशासन की अनुमति लेनी पड़ती है. इनके घर आने वाले लोगों की निगरानी होती है और हर आने वाले को अपनी तलाशी भी देनी पड़ती है. 

एक करोड़ घरों में आज दिवाली

सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक 31 अगस्त को 50 लाख के करीब केंद्रीय कर्मचारियों के खाते में बढ़ा हुआ वेतन और सात महीने का बकाया आएगा. सरकार ये भी कोशिश में है कि 50 लाख के करीब पेंशनर्स को भी नई व्यवस्था के हिसाब से बढ़ा हुआ पेंशन और बकाया पहली सितम्बर तक मिल जाए.

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें पहली जनवरी से लागू मानी गई है. हर दस साल के बाद लागू होने वाली नयी वेतन व्यवस्था में केंद्रीय कर्मियों के मूल वेतनमान में 14.2 फीसदी से 23.4 फीसदी के बीच बढ़ोतरी है. हालांकि अभी तमाम भत्ते पुरानी व्यवस्था के हिसाब से ही मिलते रहेंगे, क्योंकि इनमें फेरबदल पर सुझाव देने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है जिनकी सिफारिशें आने के बाद ही इस बारे में कोई फैसला होगा.

नए मूल वेतन में महंगाई भत्ते को मिला दिया गया है. दूसरे शब्दों में कहें तो नए वेतनमान में महंगाई भत्ता शून्य हो गया है. महंगाई भत्ते में हर साल दो बार फेरबदल होता है, एक, पहली जनवरी से और दूसरा पहली जुलाई से. पहली जनवरी से लागू होने वाले महंगाई भत्ते में फेरबदल का ऐलान आम तौर पर होली के समय और जुलाई वाले का दुर्गापूजा के ऐन पहले होता है. अब उम्मीद है कि अगले महीने नए महंगाई भत्ते का ऐलान कर दिया जाए जिससे त्यौहारों के समय कर्मचारियों को अतिरिक्त पैसा मिल सके.

वैसे तो केंद्रीय कर्मियों को सात महीने का एकमुश्त बकाया दिया जा रहा है, लेकिन छठे वेतन आयोग से तुलना करे तो बकाया काफी कम बनता है. चूंकि छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट आने और सिफारिशों पर अमल आने में दो साल से भी ज्यादा का वक्त लग गया था, इसीलिए केंद्रीय कर्मियो को लाखों रुपये बकाया मिले थे.

इस बार शुरुआती स्तर के केंद्रीय कर्मचारियों का बकाया 15750 रुपये और सचिव स्तर का बकाया 31500 रुपये बनता है. बहरहाल, जो-जो कर्मचारी इनकम टैक्स के दायरे में आते हैं, उन्हें बकाये का भुगतान 10 से लेकर 30 फीसदी की दर पर इनकम टैक्स काटने के बाद ही बकाया मिलेगा.

जो केंद्रीय कर्मी जनरल प्रॉविडेंट फंड यानी जीपीएफ में योगदान करते हैं, उनके लिए ये देखा जाएगा कि हर महीने नए मूल वेतन का कम से कम छह फीसदी जरुर जमा हो. नियमों के मुताबिक केद्रीय कर्मी 100 फीसदी तक मूल वेतन जीपीएफ में जमा करा सकते हैं और सरकार का अनुमान है कि ज्यादातर केंद्रीय कर्मी स्वेच्छा से छह फीसदी से कहीं ज्यादा जीपीएफ में जमा करते रहे हैं, लिहाजा ऐसे कर्मचारियों के बकाये से कोई पैसा जीपीएफ में नहीं जाएगा. वहीं दूसरी ओर 1 जनवरी 2004 से केंद्र सरकार की नौकरी में शामिल होने वालों को मूल वेतन का कम से कम 10 फीसदी न्यू पेंशन फंड यानी एनपीएस में जमा कराना जरुरी होता है. ऐसे लोगों के लिए बकाये का कुच हिस्सा एनपीएस में जमा होगा.

बाजार की नजर

इस बीच, टी वी, फ्रिज और एसी जैसे उपभोक्ता सामान के बाजार की नजर केंद्रीय कर्मियों पर है. बकाये की रकम को देखते हुए उम्मीद यही है कि केंद्रीय कर्मी ऐसे ही नए सामान खरीदने की कोशिश करेंगे. वेतन आयोग की सिफारिशों पर अमल के बाद कार की बिक्री में तेजी आने के ज्यादा आसार नहीं. गौरतलब है कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों पर अमल के बाद कार की बिक्री काफी तेजी से बढ़ी थी, क्योंकि 2008 में लाखों रुपये बकाया के तौर पर मिले थे.

वेतन आयोग की सिफारिशों पर अमल से केद्र सरकार का सालाना खर्च 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा बढ़ जाएगा. दूसरी ओर केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकारें और दूसरी संस्था अपने अपने कर्मचारियों का वेतन बढ़ाती हैं. इसीलिए अनुमान है कि बाजार में कुल मांग चार लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो सकती है, वहीं सरकार को इनकम टैक्स के तौर पर 30 हजार करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त कमाई हो सकती है.

अब इन ऐप्स की मदद से ढूढ़ें साइलेंट फोन

फोन साइलेंट रखकर कहीं भूल जाना कई लोगों की आदत है. काफी समय तक फोन ढूढते रहते हैं. अगर आप भी फोन साइलेंट रखकर परेशान होते रहते हैं तो परेशान बिल्कुल मत होइए आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे ऐप्स जो आपके साइलेंट फोन को ढूढने में आपकी मदद करेंगे.

क्लैप टू फाइंड ऐप

इस ऐप की मदद से आप अपने साइलेंट फोन को ताली बजाकर ढूढ सकते हैं. ये ऐप ऑफलाइन काम करता है. इस ऐप को आप गूगल प्ले स्टोर से आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं.

व्हिसल फोन फाइंडर प्रो ऐप

अगर ये ऐप आप डाउनलोड करते हैं तो सीटी बजाकर आप अपना साइलेंट फोन ढूढ सकते हैं. जैसे ही आप ताली बजाएंगे अपना फोन बजने लगेगा. इसे भी आप गूगल प्ले स्टोर से आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं.

रिंग माइ ड्रॉयड

अगर आपको आप साइलेंट फोन रखकर भूल जाने की आदत है तो ये ऐप आपकी बहुत मदद कर सकता है. इसके लिए आपको अपने फोन पर मैसेज करना होगा. आपका फोन बजने लगेगा.

क्लैप फोन फाइंडर

इस ऐप को आप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं. साइलेंट फोन ढूढने के लिए बस आपको क्लैपिंग करनी होगी.

मेसी के विश्व कप क्वालीफायर में खेलने पर संशय

अर्जेंटीना फुटबॉल टीम के करिश्माई स्ट्राइकर लियोनल मेस्सी के स्पेनिश क्लब बार्सिलोना ने इस बात की पुष्टि की है मेस्सी मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या से जूझ रहे हैं.

मेस्सी को चोटिल होने की पुष्टि के साथ उनके विश्व कप क्वालिफायर मुकाबले में अर्जेंटीना के लिए खेलने की संभावना क्षीण हो गई है.

हाल ही में अपने संन्यास के फैसले को पलटते हुए मेस्सी ने अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम में वापसी की पुष्टि तो कर दी है, लेकिन चोटिल होने के कारण वह अगले कुछ मुकाबले नहीं खेल पाएंगे.

बार्सिलोना क्लब ने ट्वीट किया, ‘‘मेस्सी मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या से गुजर रहे हैं, लेकिन वह अर्जेंटीना जाएंगे और अपनी राष्ट्रीय टीम के साथ जुड़ेंगे, जहां वह अपनी चोट की जांच भी करवाएंगे.’’

अर्जेंटीना को उरुग्वे और वेनेजुएला के खिलाफ विश्व कप क्वालिफायर मुकाबले खेलने हैं. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि वह उरुग्वे के खिलाफ होने वाले मुकाबले में टीम के साथ शामिल हो सकते हैं.

फेसबुक पता कर सकता है आपका बैंक बैलेंस

फेसबुक और व्हाट्सऐप अब एक दूसरे से अपना डेटा शेयर करेंगे. इस खबर से दुनिया भर की मीडिया में खलबली मच गई है.

फेसबुक की दलील है कि इससे आपको जो दोस्त बनाने के सुझाव मिलते हैं उन्हें और बेहतर बनाया जा सकेगा.

इससे विज्ञापन दिखाने में भी उसे आसानी होगी और हो सकता है आपके मतलब के विज्ञापन वो दिखा पाएगा.

इस बदलाव के बाद व्हाट्सऐप अब लोगों की जगह कंपनियों से पैसे लेकर पैसे बनाने की कोशिश कर रहा है.

फेसबुक ने व्हाट्सऐप को 2014 में 19 बिलियन डॉलर यानि करीब सवा लाख करोड़ रुपये से कुछ ज़्यादा में खरीदा था.

फेसबुक के खरीदने के बाद व्हाट्सऐप के प्रमुख यान कूम ने अपने ब्लॉग में लिखा था कि कुछ डेटा फेसबुक के साथ शेयर किया जाएगा.

फेसबुक के पास आपकी बैंक डिटेल

फेसबुक अब चाहता है कि वो ऐसे तरीके ढूंढें जिससे कंपनियां व्हाट्सऐप इस्तेमाल करके अपने ग्राहकों तक पहुंच सकती हैं.

हो सकता है बैंक अपने ग्राहकों को किसी फ्रॉड ट्रांसेक्शन के बारे में पहले से ही बताएं या फिर कोई एयरलाइन अपनी लेट हो रही फ्लाइट के बारे में बताए. ऐसा करने के लिए व्हाट्सऐप को अपनी प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव करना पड़ेगा.

लेकिन अगर बैंक आपके मैसेज व्हॉट्सऐप के जरिये भेजेगा तो ये बात साफ है कि फेसबुक को आपके बैंक के बैलेंस और बैंक बैलेंस के अलावा दूसरी जानकारी भी मिल जाएगी.

आम लोगों के बारे में जिस तरह की जानकारी फेसबुक इकठ्ठा कर रहा है उसे देखते हुए इसके लिए शायद सभी लोग तैयार नहीं होंगे.

दुनिया के पांच सबसे सुरक्षित स्मॉर्टफोन

कंपटीशन के चलते कंपनियां एक से बढ़कर एक फीचर से लैस स्मॉर्टफोन मार्केट में लॉन्च करने में जुटी हैं. हार्डवेयर हो या सॉफ्टवेयर दोनों को सुरक्षा के लिहाज से काफी सुरक्षित बनाया जा रहा है.

फिंगरप्रिंट सेंसर, आईरिस स्कैनर, एन्क्रिप्शन जैसे कारगर सिक्योरिटी फीचर स्मॉर्टफोन की सुरक्षा को और पुख्ता कर रहे हैं. एक से बढ़कर एक सिक्योरिटी फीचर के बावजूद लोगों को अपनी प्राइवेसी की चिंता सताती रहती है लेकिन कुछ स्मॉर्टफोन ऐसे भी हैं जो लोगों की इस चिंता को दूर कर सकते हैं.

जानिए पांच ऐसे स्मॉर्टफोन्स के बारे में जो हैं सबसे ज्यादा सिक्योर….

Solarin

दुनिया के सबसे महंगे स्मॉर्टफोन्स में से एक 'सोलारिन' को इजराइल स्टॉर्टअप 'सिरिन' ने बनाया है. कंपनी के मुताबिक सोलरिन दुनिया की सबसे एडवांस प्रइवेसी टेक्नोलॉजी से बना हुआ है. यह फोन अभी तक एजेंसी के अलावा दुनिया में कहीं भी उपलब्ध नही है.

जिस सिक्योरिटी का इस्तेमाल सेना अपने संचार को सुरक्षित करने के लिए करती है लगभग उसी तरह की सिक्योरिटी सर्विस इस फोन में है. फोन में सिक्योरिटी ऑप्शन अलग से भी है जिसे आप इसके बैक से ऑन कर सकते हैं.

इस स्मार्टफोन में 256 बिट एईएस एन्क्रिप्शन की सुविधा है. अगर फोन के अन्य फीचर्स के बारे में बात करें तो लाजबाव हैं. 23.8 मेगा पिक्सल कैमरे के साथ इसमें 5.5 इंच की आईपीएस एलसीडी स्क्रीन होती है. स्नैपड्रैगन 810 प्रोसेसर है.

BlackBerry DTEK50

कनाडा की स्मार्टफोन कंपनी ब्लैकबेरी ने हाल ही में अपना DTEK50 स्मॉर्टफोन लॉन्च किया है. कंपनी के मुताबिक यह दुनिया का सबसे सिक्योर एंड्रॉयड स्मॉर्टफोन है.

DTEK50 ऐसे फीचर से लैस जो एप्लीकेशन्स को ऑटोमैटिक ट्रैक कर सकता है और साथ ही ऑपरेटिंग सिस्टम को भी मॉनीटर करता है. यह नहीं जब भी आपकी प्राइवेसी रिस्क पर होगी तो यह फोन आपको उसके बारे में सूचना देगा साथ ही आपको गाइड करेगी कि आपको क्या एक्शन लेना चाहिए जिससे आपकी प्राइवेसी सुरक्षित बनी रहे.

DTEK50 की एक खासियत है इसका 'पॉसवर्ड कीपर' नाम से एक ऐप जो आपको सभी पासवर्ड एक जगह पर स्टोर करने की सुविधा देता है. यह बेहद सिक्योर होता है. 5.2 इंच की फुल हाई डेफीनेशन स्क्रीन है. 13 मेगा पिक्सल कैमरा है.

Blackphone 2

'साइलेंट सर्किल' का ब्लैकफोन-2 दुनिया के सबसे सिक्योर स्मॉर्टफोन्स में से एक है. यह खुद का 'साइलेंट ऑपरेटिंग सिस्टम' देता है जोकि एंड्रॉयड पर ही आधारित है. कंपनी का दावा है कि यह स्मॉर्टफोन सुरक्षा के लिहाज से दुनिया का सबसे तेज स्मॉर्टफोन है.

72 घंटों के अंदर किसी आपको वह सारी सूचना देगा जो आपकी प्राइवेसी को खतरा पहुंचा सकती है. साइलेंट सर्किल ब्लैकफोन 2 मोबाइल में 5.50 इंच का 1080×1920 पिक्सल डिस्प्ले, 1.7 गीगाहर्ट्ज़ प्रोसेसर और 13 मेगापिक्सल का रियर कैमरा है.

Boeing Black​

बोइंग ब्लैक, एयरोस्पेस, डिफेंस जिएंट बोइंग और स्मार्टफोन निर्माता ब्लैकबेरी के बीच सहयोग का परिणाम है. यह फोन आपकी कॉल को भी सुरक्षित रखता है.

एंड्रॉयड आधारित यह स्मार्टफोन सरकारी एजेंसियों व उन कारोबार में इस्तेमाल किया जाता है जहां डाटा सुरक्षा बहुत ही गंभीर मुद्दा रहता है. यह फोन साभी कमियां खुद जान लेता है और आपको भी उसके बारे में सूचित करता है.

कोई भी व्यक्ति इस स्मॉर्टफोन में मौजूद आपके डेटा में सेंध नहीं लगा सकता. बोइंग ब्लैक स्मॉर्टफोन में 5.2 इंच की डिस्प्ले के साथ डुअल कोर 1.2 गीगा हार्ड्ज प्रोसेसर व 1,590 एमएएच बैंटरी है.

Turing Phone

इस स्मार्टफोन को बनाने वाली कंपनी का दावा है कि इसे हैक नहीं किया जा सकता. स्मॉर्टफोन को ऐसे मेटल से बनाया गया है जो टाइटेनियम और स्टील से भी ज्यादा मजबूत है. यह स्मॉर्टफोन टूट नहीं सकता. 5.5 इंच के इस फोन में ना ही कोई यूएसबी पोर्ट है और ना ही कोई हेडफोन जैक. इसको बनाने के लिए

लिक्विडमॉरफियम मेटेरियल का इस्तेमाल किया गया है, जो स्टील या एल्यूमिनियम से भी ज्यादा मजबूत है. ऐसा माना जा रहा है कि यह फोन मेन्यूफैक्चरिंग की दुनिया को पूरी तरह से बदल डालेगा. इसमें 2.5गीगाहर्ट्ज़ क्वाड-कोर स्नैपड्रैगन 801 प्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया है और साथ में है 3जीबी का रैम.

अब मॉर्गन ने सहवाग के सामने रखी 10 लाख की शर्त

ओलंपिक में सिर्फ दो मेडल जीतने पर भारत में मनाए जा रहे जश्न का मजाक उड़ाने वाले ब्रिटिश पत्रकार पियर्स मॉर्गन को दिग्गज क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने करारा जवाब देते हुए इंग्लैंड के क्रिकेट वर्ल्ड कप न जीत पाने की याद दिलाई थी. लेकिन, इस बीच इंग्लैंड की ओर से पाक के खिलाफ वनडे में 444 रन का ताबड़तोड़ स्कोर खड़ा किए जाने के बाद पियर्स ने वीरेंद्र सहवाग के खिलाफ फिर से ट्विटर वार शुरू कर दी है.

इंग्लैंड के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद मॉर्गन ने ट्वीट कर वीरेंद्र सहवाग को चुनौती देते हुए कहा, 'वीरेंद्र सहवाग, मैं आपसे 10 लाख रुपये की शर्त लगाता हूं कि भारत के एक और ओलंपिक गोल्ड जीतने से पहले इंग्लैंड वनडे विश्व कप जीत लेगा.'

हालांकि मॉर्गन ने इससे पहले एक और ट्वीट करते हुए लिखा था, 'वीरेंद्र सहवाग मैं आपसे 10 लाख रुपये चैरिटी की शर्त लगाता हूं कि भारत के एक ओलंपिक गोल्ड जीतने से पहले इंग्लैंड वर्ल्ड कप जीत लेगा. क्या आप इस शर्त को स्वीकार करते हैं?'

इसके बाद मॉर्गन ने अपनी गलती सुधारते हुए पहले ट्वीट को डिलीट किया और उसके बाद दूसरा ट्वीट किया. गौरतलब है कि भारत अब तक ओलंपिक खेलों में 9 गोल्ड मेडल जीत चुका है. भारत ने 8 गोल्ड हॉकी में जीते हैं, जबकि एक गोल्ड मेडल ने शूटर अभिनव बिंद्रा ने पेइचिंग ओलंपिक में जीता था.

वीरेंद्र सहवाग ने अब तक मॉर्गन के इस ट्वीट का जवाब नहीं दिया है. लेकिन, उम्मीद की जा रही है कि अपनी बेबाकी के लिए मशहूर वीरेंद्र सहवाग एक बार फिर उन्हें करारा जवाब दे सकते हैं.

कभी भी बंद हो सकता है रिलायंस जियो!

हर फेमस हो रही चीज के साथ कुछ न कुछ चलता ही रहता है. काफी कम समय में लोगों को अपनी ओर आकर्षक करने वाली रिलायंस जियो के लिए कुछ मुसीबतें हो सकती हैं. अब खबर है कि जियो 4जी प्रीव्यू ऑफर में कुछ कानूनी परेशानी झेलने को मिल सकती है. जिसका कारण है कि कंपनी ने अभी इसे आधिकारिक तौर पर लॉन्च नहीं किया है.

एयरटेल, वोडाफोन और आईडिया ने ट्राई से अपील की है कि वह रिलायंस जियो पर फाइन लगाए. ऐसा इसलिए क्योंकि रिलायंस सरकार को बिना स्पेक्ट्रम व अन्य फीस देकर प्रीव्यू ऑफर पेश कर रही है. इस सब में अन्य टेलिकॉम कंपनियों की अगुवाई सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सीओएआई) कर रही है.

सीओएआई के अनुसार नए टेलिकॉम कंपनियों के आने से पुरानी कंपनियों को अपना मार्केट शेयर बचाने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे. वहीं रिलायंस जियो का कहना है कि अन्य कंपनियां उनके प्रवेश में रूकावटे डाल रही हैं.

मोबाइल कंपनियों का पक्ष रखने वाली इस संस्‍था का कहना है कि रिलांयस जियो प्रतिद्वंदी कंपनियों भारती एयरटेल, आइडिया सेल्‍युलर, वोडाफोन के नेटवर्क को चोक कर रही है. वह ट्रायल के नाम पर पूरी सेवाएं दे रही हैं. दूरसंचार विभाग को खत लिखकर कहा गया है कि इसके कनेक्‍शन रोके जाने चाहिए.

इंग्लैंड के रिकॉर्ड तोड़ स्कोर के सामने पाकिस्तान पस्त

पाकिस्तान के खिलाफ तीसरे वनडे में इंग्लैंड ने वनडे क्रिकेट का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा कर नया इतिहास रच दिया. टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मजेबान टीम ने तीन विकेट खोकर निर्धारित 50 ओवर में 444 रन बनाए. जिसके जवाब में पाकिस्तान की पूरी टीम मात्र 275 रन ही बना सकी. इस मैच में पाक को 169 रनों से हार का सामना करना पड़ा.

पाकिस्तान की खराब शुरूआत

445 रनों का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरूआत अच्छी नहीं रही. सलामी बल्लेबाज समी असलम 13 गेंदों में 8 रन बनाकर आउट हो गए. तब पाक का स्कोर 21 रन था. इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरे अजहर अली भी कुछ खास नहीं कर पाए और 14 गेंदों में दो चौको की मदद से मात्र 13 रन बना पाए.

हालांकि सलामी बल्लेबाज शरजील खान ने कुछ दम दिखाया और तेज खेलते हुए अपनी हॉफ सैंचुरी पूरी की लेकिन शरजील भी 12 चौके और दो छक्के लगाकर 58 रन बनाकर आउट हो गए.

नहीं टिक पाया कोई बल्लेबाज

पाकिस्तान की तरफ से कोई बल्लेबाज खास टिक्कर नहीं खेल पाया. पाक की तरफ से सरफराज अहमद ने 38, मोहम्मद नवाज ने 34 रन बनाए. हालांकि बल्लेबाजी में पुछल्लों ने भी कुछ दम दिखाया. वाहब रियाज ने 14 और यासिर शाह ने नाबाद 26 रनों की पारी खेली.

आखिर में आमिर ने बांधा समा

पाकिस्तान के 199 के स्कोर पर ही 9 विकेट गिर गए थे. लेकिन इसके बाद गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने बल्लेबाजी में दम दिखाया. आमिर ने 28 गेंदों पर 5 चौको और 4 छक्कों की मदद से 58 रन बनाएं. आमिर ने अपनी इस पारी से पाक को एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचा दिया. इसके बाद पाकिस्तान की पूरी टीम 275 रनों पर ऑल आउट हो गई.

इंग्लैंड ने बनाए रिकॉर्ड 444 रन

इंग्लैंड के लिए सलामी बल्लेबाज एलेक्स हेल्स ने 122 गेंद पर 4 चौके और 22 छक्के के साथ 171 रन की पारी खेली जो वनडे इतिहास में इंग्लैंड के लिए सबसे बड़ी पारी है. इससे पहले रॉबिन स्मिथ ने 1993 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 167 रन की पारी खेली थी.

हेल्स के अलावा जो रूट ने 86 गेंद पर 85, जोल बटलर ने सात चौके और सात छक्के की मदद से 51 गेंद पर 90 रन की तूफानी पारी खेली. बटलर ने अपने देश के लिये सबसे तेज अर्धशतक लगाने का नया रिकॉर्ड बनाया. उनके साथ कप्तान इयान मोर्गन 27 गेंद पर 53 रन बनाकर नाबाद रहे. दोनों ने चौथे विकेट के लिए नाबाद 161 रन की साझेदारी कर टीम को सबसे बड़े स्कोर तक पहुंचाया.

इससे पहले वनडे में सबसे बड़ा स्कोर श्रीलंका के नाम था श्रीलंका ने 2006 में नादरलैंड के खिलाफ 9 विकेट पर 443 रन बनाए थे.

इंग्लैंड का इससे पहले सर्वाधिक स्कोर नौ विकेट पर 408 रन था जो उसने पिछले साल बर्मिंघम में न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाया था. इंग्लैंड ने आखिरी दस ओवरों में 135 रन जोड़े और यह भी नया रिकॉर्ड है.

धर्म का धंधा

आजकल रोज नए धंधे निकल रहे हैं. सभी में तेजी व मंदी का जोखिम बना रहता है. साथ ही, तारीख निकल जाने का भी खतरा बना रहता है. इन सब से हट कर एक धंधा ऐसा है, जो इन जोखिमों से दूर बिना पूंजी के अपनी धरती पर सदियों से धड़ल्ले से चलता आ रहा है. वह है, धर्म का धंधा. हाथ कंगन को आरसी क्या… अपने शहर के एक नामी पंडितजी के घर पिछले दिनों मेरा जाना हुआ. दूर के रिश्ते में वे मेरे ताऊजी लगते थे, सो अच्छीबुरी हर बात खुल कर हम लोग आपस में कर लिया करते थे. सारा शहर उन्हें पंडितजी के नाम से जानता है. इसलिए मेरी भी यही कहने की आदत पड़ गई है.

जब मैं उन के घर गया, तो वे एक आरामदेह सोफे पर बैठे थे. जैसे ही उन की आंखों ने मेरी सूरत देखी, तो उन्होंने एक आह भरी. वे अपनी उभरी तोंद पर हाथ फिराते हुए बोले, ‘‘आओ बेटा, बैठो. कहो, कैसे आना हुआ आज?’’

मैं ने हाथ जोड़ कर कहा, ‘‘बस पंडितजी, आप के दर्शन करने के लिए ही आया हूं.’’

यह सुनते ही पंडितजी के चेहरे पर एक चमक उभर आई. वे बोले, ‘‘कुछ अपनी सुनाओ, अभी तक कोई नौकरी मिली या नहीं?’’

पास ही पड़ी एक कुरसी पर बैठते हुए मैं ने कहा, ‘‘कहां मिली है नौकरी? अब तो सोच रहा हूं कि पढ़ाईलिखाई में इतने साल बरबाद किए, इस से तो अच्छा था कि मैं भी आप के साथ पंडिताई में लग जाता. अब तक काफीकुछ खाकमा लेता.’’

यह सुनते ही पंडितजी खिलखिला कर हंसने लगे. वे बोले, ‘‘अभी भी क्या बिगड़ा है, बेटे? छोड़ दो यह पैंटशर्ट पहनना और धोतीकुरता अपना लो, फिर देखो कि कैसा मस्त चलता है तुम्हारा धंधा.’’ मैं यह बात सुनने के लिए पहले से ही तैयार बैठा था. मैं तपाक से बोला, ‘‘पंडितजी, केवल धोतीकुरता पहनने से क्या होगा? मंत्रों की जानकारी भी तो होनी जरूरी है.’’

पंडितजी मुसकराते हुए बोले, ‘‘तुम भी औरों की तरह बड़े भोले हो बेटे. अरे, पंडिताई में मंत्रों की तो कम और ऊंटपटांग चीखनेचिल्लाने की जरूरत ज्यादा पड़ती है. आज वही विद्वान है, जो यजमान के सामने ऊंची आवाज में पूजा करवाए.’’

मैं बड़ी दुविधा में पड़ गया. मैं ने पूछा, ‘‘पर पंडितजी, पूजा करवाने का कोई तरीका तो होता ही है. वह भी तो मुझे नहीं आता.’’

‘‘पूजा में केवल दोचार बातों का ध्यान रखना पड़ता है. बाकी अपनी जरूरत के मुताबिक पूजा करवाते जाओ और दक्षिणा चढ़वाते जाओ,’’ पंडितजी अपने पेट पर हाथ फिराते हुए बोले.

मैं और ज्यादा उलझ गया. बोला, ‘‘उलटीसीधी पूजा करवाई गई, तो वह फलदायी होगी क्या?’’ ‘‘तुम फिर बेवकूफों जैसे सवाल पूछ रहे हो. अरे, आज तक अपने द्वारा करवाई गई पूजा से किसी यजमान का न तो भला हुआ है और न ही बुरा. यह तो अपने बड़ेबुजुर्ग समझदार आदमी थे, जो ऐसी परंपरा चला गए, जिस से कि उन का और उन की आने वाली पीढ़ी का गुजारा होता रहे.’’

‘‘धन्य हो पंडितजी, धन्य हो. अब आप की गूढ़ बातें मेरी समझ में आ रही हैं,’’ मैं खुशी से झूम उठा. पंडितजी ने अपनी एक आंख बंद करते हुए धीमी आवाज में कहा, ‘‘साल 2 साल हमारी सेवा में रह कर गुरु विद्या में होशियार हो जाओगे. बोलो, क्या इरादा है?’’

मैं सिर झुकाता हुआ बोला, ‘‘मुझे मंजूर है पंडितजी. पूजापाठ की बात अब मेरी समझ में आ रही है. आप जन्मकुंडली भी बनाते हैं, उस में क्या करना है?’’ पंडितजी को जैसे मालूम था कि मैं क्या पूछूंगा. मेरे कहने से पहले ही वे कागजकलम निकाल कर उलटीसीधी रेखाएं खींचने लगे. कुछ आड़ीतिरछी रेखाएं खींचने के बाद वे मुझे कागज दिखाते हुए बोले, ‘‘यह जन्मांग चक्रम ध्यान से देख लो. इस में मैं तुम्हें 9 ग्रह भरना सिखाऊंगा. इस में एक बात का तुम्हें हमेशा ध्यान रखना है कि प्रत्येक यजमान को 8 ग्रहों के सही जगह पर बैठे रहने की सूचना देनी है और जिंदगी में मिलने वाले सारे सुखवैभव गिनाने हैं, जो कि उस को मिलेंगे. ‘‘इस के बाद 9वें ग्रह को देखते हुए अपने चेहरे पर चिंता का भाव लाना है. इस महान बलशाली 9वें ग्रह के उलट जगह में बैठे रहने से सारी दशा बदलनी है. पहले गिनाए सुखों को दुखों में बदलना है,’’ कह कर पंडितजी चुप हो गए.

मैं उन की बात बड़े ध्यान से सुन रहा था. एकाएक पंडितजी की बात अधूरी हो जाने से मैं बेचैन हो उठा और पूछा, ‘‘इस से क्या होगा पंडितजी?’’

मेरी उत्सुकता का मजा लेते हुए वे बोले, ‘‘इस से यजमान तुम्हारे सामने हाथ जोड़ कर गिड़गिड़ाएगा और पूछेगा कि इस ग्रह की शांति का कोई उपाय कीजिए. तब तुम्हें आसामी देख कर उस हिसाब से ही ग्रह शांति का उपाय करवाना है और उस से मनचाहा चढ़ावा लेना है.’’ मैं ने बिना देर किए हां में अपना सिर हिलाया. पंडितजी मुसकराते हुए बोले, ‘‘ये तो आम बातें हैं, जो मैं ने तुम्हें बताई हैं. धंधे की बारीकियां जैसेजैसे काम करोगे, वैसेवैसे सीखते चले जाओगे.’’

‘‘पंडितजी, यदि देखा जाए, तो यह एक तरह से धर्म के नाम पर लूट ही तो हुई न?’’

‘‘तो इस में बुराई ही क्या है?’’ पंडितजी तनिक ऊंची आवाज में बोले, ‘‘आखिर जब क्रिकेटरों को मैच फिक्सिंग का, नेताओं को घोटालों का, सरकारी अफसरों को रिश्वत लेने का जन्मसिद्ध अधिकार मिला हुआ है, तो क्या हम पंडों को धर्म के नाम पर लूटने का भी हक नहीं बनता?’’

मैं उन के तेवर देख कर कुरसी से खड़ा हो गया और बोला, ‘‘अच्छा पंडितजी, अब मैं चलता हूं. कल जब आऊंगा, तो आप के कपड़ों में ही आऊंगा और आप के नक्शेकदम पर चलते हुए इस शहर में आप ने जो इज्जत बनाई है, उस तक पहुंचने की कोशिश करूंगा.’’

पंडितजी ने भी आशीर्वाद के रूप में हाथ जोड़ दिए. जाते समय मेरे कान में उन की गुनगुनाहट सुनाई दी, ‘‘रामनाम जपना, पराया माल अपना…’’

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