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मैं नायाब बन गई

तू ने प्यारभरी नजरों से जो देखा

तेरी ये ‘मैं’ नायाब बन गई

तराशे पत्थर मेरे बदन पर

आते ही शृंगार बन गए

मेरे शबनमी नूर की गिरफ्त में

आ कर वे माहताब बन गए

तेरे दिए हीरे जो मैं ने पहने

मेरी तपिश से आफताब बन गए

सजधज कर मैं ने कदम रखे

तेरे दिल की महफिल में

‘हमारी’ पाक दोस्ती

खूबसूरत किताब बन गई

तू ने प्यारभरी नजरों से जो देखा

तेरी ये ‘मैं’ नायाब बन गई.

       – मीनाक्षी सिंह

अदालत में भैंस

भैंस हैरान थी, लेकिन सही बात तो यह है कि उस के मन में लड्डू भी फूट रहे थे. हैरानी की बात यह थी कि उसे साक्ष्य के लिए अदालत ने बुलाया था और लड्डू इसलिए फूट रहे थे कि बरसों बाद उसे ऐसी जगह जाने का मौका मिला था, जहां जाना उस के लिए अभी तक वर्जित माना जाता था. भैंसों की तो पता नहीं, लेकिन इंसानों में जब किसी को ऐसा मौका मिलता है, तो उस के अपने करीबी लोग ही टांगखिंचाई करने लगते हैं. ‘शुक्र है कि भैंसियत को अब तक इंसानियत का रोग नहीं लगा,’ भैंस ने मन ही मन सोचा.

लेकिन यह स्वाभाविक इच्छा तो सभी प्राणियों के मन में होती है कि उन की अभूतपूर्व उपलब्धि को दूसरे प्राणी भी जानें. आदमी तो अपनीअपनी छोटीछोटी उपलब्धियों को जताने या बताने के लिए बड़ेबड़े होर्डिंग्स लगवा लेता है, अपने ही खर्चे पर अपना ही सम्मान समारोह आयोजित करवा लेता है, 100-150 पिछलग्गुओं को इकट्ठा कर के जुलूस निकलवा लेता है, जिस में बेसुरे गानों पर बेहूदा लोग बेढंगा नाच नाचते चलते हैं. जिंदाबादमुर्दाबाद होता रहता है. मगर बेचारी भैंस के पास ये सब विकल्प कहां? हिंदी के कुछ मुहावरों ने उसे इतना बदनाम कर दिया है कि अब कोई उस के आगे बीन तक नहीं बजाना चाहता. ‘भैंस के आगे बीन बाजे भैंस पड़े पगुराए.’

भैंस को अचानक लगने लगा कि उस का स्टेटस सचमुच बहुत बढ़ गया है. इस देश में जब कोई आदमी अपनेआप को आम आदमी से अलग समझने लगता है, तो सब से पहले उस के मन में हिंदी भाषा के प्रति चिढ़ का भाव पैदा होता है और अभीअभी एक मुहावरे के बारे में सोचते हुए भैंस ने हिंदी के व्याकरण को कोसा है. भैंस अपनेआप पर ही इतराई. जाती रहे किसी दूसरे की भैंस पानी में, जाए तो उस की बला से, उस ने कौन सा सारे जमाने का ठेका ले रखा है? इस विचार के साथ ही भैंस के मन में आभिजात्य होने का एक और लक्षण प्रकट हुआ.

भैंस ने तय कर लिया कि लोकतंत्र में अपनी सतत उपेक्षा के विरुद्ध अब एक नई क्रांति का सूत्रपात करने का समय आ गया है. भला यह भी कोई बात हुई कि जिस आदमी के हाथ में लाठी हो, वही भैंस पर कब्जा करने चला आए? आखिर एक खामोश प्राणी होने का अर्थ यह तो नहीं कि वह जीवनभर दूसरों की लाठी के जोर पर ही पगुराता रहे.

भैंस के मन में यह बात बहुत गहरे तक पैठ गई कि हो न हो, इस में गायों की भी साजिश हो. जो समाज दूध देने वाले एक प्राणी में सारे देवताओं का अस्तित्व देखता हो, वही समाज दूध देने वाले किसी दूसरे प्राणी के प्रति सिर्फ इसीलिए सतत उपेक्षा भाव रखे कि उस का रंग काला है? यह रंगभेद की मानसिकता से ग्रस्त आदमी का ओछापन है, भैंस ने सोचा. उस ने तय कर लिया कि अब आदमी की भाषा और व्याकरण को गलत साबित करने के लिए वह किसी दिन अपने आगे बीन बजवाएगी और उस बीन की धुन पर नाच कर भी दिखाएगी. जो समाज ‘मुन्नी के बदनाम होने के ठुमकों’ पर तालियां और सीटी बजाबजा कर मजे लेता है और फिर भी नैतिकता की बातें करता है, उस समाज को भी पता तो चलना ही चाहिए कि एक भैंस यदि ठान ले तो चमेली से ज्यादा चिकनी हो सकती है.

भैंस के पास घड़ी नहीं थी. उस ने उचक कर पास खड़े आदमी की कलाई की तरफ देखा. अभी अदालत जाने में देर थी. भैंस का मन फिर वितृष्णा से भर उठा. ‘मेरे दूध का कारोबार करकर के यह आदमी बनठन के घूम रहा है. कलाई में महंगी घड़ी बांध कर इतराता डोल रहा है और मेरे तबेले में एक अदद दीवारघड़ी का इंतजाम भी नहीं? आने दो बच्चू को अगली बार मेरे पास, अब बताऊंगी कि काला अक्षर मेरे लिए भैंस बराबर होता है कि उस के लिए.’ भैंस ने मन ही मन सोचा. मगर यह सोच कर एक बार फिर विद्रोह की भावना उस के मन में घर कर गई कि आदमी की भाषा के व्याकरण के सारे मुहावरे केवल उसी का मखौल उड़ाते हैं.

लोकतंत्र में अवसरवादिता की हद तो यह है कि हम भैंसें लगातार उपेक्षा की शिकार हुई हैं लेकिन उपेक्षितों की बात कर के अपना खजाना भरने वालों ने भी वक्त आने पर हाथी की ही मूर्तियां लगवाईं. कोई यदि किसी चौराहे पर एकाध भैंस की भी मूर्ति लगवा देता तो लोकतंत्र का क्या बिगड़ जाता? भैंस ने मन में सोचा और फिर यह सोच कर उसे प्रसन्नता हुई कि भैंसों में सामाजिक क्रांति का शंख फूंकने के लिए उस के पास क्रांतिकारी भाषण का एक महत्त्वपूर्ण मसौदा तैयार हो गया है.

 

भैंस ने फिर घड़ी की तरफ देखा. घड़ी की सूइयां तेजी से सरक रही थीं. भैंस पर आरोप था कि उस ने एक आदमी की पानी की बालटी में मुंह डाल दिया है. भैंस को आदमी की ओछी मानसिकता पर आश्चर्य हुआ. प्यासी भैंस पानी में मुंह मार दे तो होहल्ला और भ्रष्ट अधिकारी अपनी हवस को शांत करने के लिए इधरउधर मुंह मारता फिरे तो भी लोकतंत्र खामोश? यह जनता के लिए, जनता के द्वारा, जनता का कैसा शासन है भई? कई गांवों में तो केवल इसीलिए लोगों को मार गिराया गया है कि एक समुदाय के कुएं से किसी दूसरे समुदाय के आदमी ने पानी कैसे भर लिया? भैंस ने किसी आदमी को तो नहीं मारा, केवल बालटी में मुंह मारा है. भैंस के दूध को पीपी कर मुटियाओ और फिर भैंस पर ही लाठी का जोर आजमाओ, यह तो सरासर अन्याय है.

पंडे तो पवित्र नदियों के किनारे भी अपनेअपने डेरे कायम कर के ऐसे बैठ गए, गोया नदी, नदी नहीं हुई, उन की बपौती हो गई और भैंस यदि एक अदद बालटी से पानी पी ले तो हंगामा. जानता है न आदमी कि वह भैंस के पानी पीने पर कितना ही हंगामा कर ले, पर फिर भी भैंस बेचारी किसी भी हाल में चिल्ला कर यह नहीं कहेगी कि हंगामा है क्यों बरपा, थोड़ी सी जो पी ली है, डाका तो नहीं डाला, चोरी तो नहीं की है.

भैंस के मन में गुस्सा बढ़ता जा रहा था. उसे लगने लगा था कि अब क्रांति के अलावा कोई उपाय नहीं है. सदियों से आदमी ने उसे बेवकूफ बनाया है. उस का दूध पिया है. वक्त पड़ने पर उस की सवारी भी की है. लेकिन उस ने पानी से भरी हुई उस की छोटी सी बालटी मे मुंह क्या मार दिया, आदमी ने उस के सारे एहसानों को भुला दिया है. भैंस ने पास खड़े आदमी को अपने सींग पर उठा कर दूर फेंकने के लिए जोर से आवाज की, तभी किसी ने उसे धीरे से पुकारा, ‘‘अरी भैंस, तू भी किस आदमी से शिकायत करती है, जो आदमी अपना उल्लू सीधा होते ही रिश्तों की पवित्रता में तेजाब डालने से नहीं चूकता उस आदमी से यह उम्मीद कैसे की जाए कि वह भैंस के प्रति ईमानदार रह सकेगा. जो आदमी धर्म के नाम पर खून की नदियां बहाने से नहीं हिचकिचाता, उस आदमी को एक बालटी पानी के लिए हंगामा करने में क्या शर्म आएगी? जो आदमी सत्ता की चौसर पर पासे फेंकते हुए पड़ोसियों और सगे भाइयों तक को लड़वा देता है, उस आदमी के नक्कारखाने में तूती की आवाज कौन सुनेगा? फिर तू तो यों भी अपनी आदत से मजबूर है. अभी आदमी लाठी उठाएगा, तू उस के साथ चल निकलेगी.

भैंस ने चौंक कर इधरउधर देखा. लेकिन उसे कहीं कोई नजर नहीं आया. भैंस चाहती थी कि वह अपने मन की बात किसी के साथ साझा करे लेकिन उस ने देखा कि अदालत का समय हो चुका था. आदमी ने लाठी दिखाई तो भैंस के मन में एक बार विद्रोह की भावना जागी. मगर उस ने सोचा कि अभी लोकतंत्र को जिंदा रखना है. अभी लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति आस्था रखनी जरूरी है. आदमी ने भले ही यह सोचा कि भैंस उस की लाठी के डर के कारण आगे बढ़ रही है, लेकिन भैंस को आदमी से क्या लेनादेना था? आदमी जो चाहे वह सोचे, उस की बला से.

सब ने देखा, उस दिन एक अदालत में बहस की नहीं, भैंस की चर्चा थी.

अब वायरल हो रहा है केजरीवाल का ये VIDEO

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल परेशान हैं. कारण हैं दिल्ली के समाज कल्याण, महिला और बाल विकास मंत्री संदीप कुमार. बुधवार को मीडिया में एक सीडी सामने आई, जिसमें कथित तौर पर संदीप कुमार दो महिलाओं के साथ आपत्तिजनक हालात में नज़र आ रहे थे. संदीप कुमार पिछले साल भी सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि वो प्रतिदिन सुबह उठकर अपनी पत्नी के पैर छूते हैं.

खैर, संदीप की तथाकथित सीडी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने प्रतिक्रियाएं देनी शुरू कर दीं. लेकिन सबसे खास बना हुआ है अरविंद केजरीवाल एक वीडियो, जिसमें वो गाना गाते हुए नजर आ रहे हैं. यह वीडियो कुछ समय पहले आम आदमी पार्टी के फेसबुक पेज पर पोस्ट किया गया था.

ट्विटर और फेसबुक पर इस वीडियो का लिंक कल से आज तक हजारों लोगों ने शेयर किया है. लोगों ने लिखा है केजरीवाल जी आप क्या गा रहे हैं और हो क्या रहा है. आप भी देखिए ये वीडियो.

वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें  

पेट्रोल 3.38 और डीजल 2.67 रुपए प्रति लीटर महंगा

जहां एक तरफ केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के तहत बढ़ी हुई सैलरी का असली तोहफा दिया है वहीं दूसरी तरफ से लोगों को एक बड़ा झटका लगा है. झटका इसलिए क्योंकि पेट्रोल-डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी हुई है. जहां पेट्रोल के दाम में 3 रुपये 38 पैसे की बढ़ोतरी की गई है वहीं डीजल के दामों में 2 रुपये 67 पैसे का इजाफा कर दिया गया है. बढ़ी हुई कीमतें आज आधी रात से लागू हो जाएंगी.

कीमतें बढ़ने के बाद दिल्ली में पेट्रोल के दाम 60.09 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 63.47 रुपये हो गए हैं और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में 65.04 रुपये से बढ़कर 68.40 रुपये हो गए हैं. कोलकाता में पेट्रोल के दाम 64.18 रुपये से बढ़कर 66.84 रुपये हो गए हैं वहीं दक्षिण भारत के शहर चेन्नई में पेट्रोल के दाम 59.65 रुपये से बढ़कर 63.02 रुपये हो गए हैं.

आपको बता दें कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर 15 दिन में ईंधन कीमतों में बदलाव का ऐलान करती हैं और ऐसा अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में उतार-चढ़ाव के चलते किया जाता है. सरकार ने जबसे पेट्रोल-डीजल कीमतों को डीकंट्रोल किया है तबसे ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को तेल कीमतों में बदलाव करने का अधिकार मिला है. वर्ना पहले सरकार इनकी कीमतों को नियंत्रण में रखती थी और बाद में ओएमसीज (ऑयल मार्केटिंग कंपनियां) को सब्सिडी का पेमेंट करती थीं.

जानें क्या हैं डीजल के बढ़े हुए दाम

कीमतें बढ़ने के बाद दिल्ली में डीजल के दाम 50.27 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 52.94 रुपये हो गए हैं और मुंबई में डीजल 52.48 रुपये से महंगा होकर 55.15 रुपये जा पहुंचा है. कोलकाता में पेट्रोल के दाम 55.81 रुपये से बढ़कर 58.48 रुपये हो गए हैं वहीं दक्षिण भारत के शहर चेन्नई में पेट्रोल के दाम 51.76 रुपये से बढ़कर 54.43 रुपये हो गए हैं.

कितनी कटौती हुई अब तक

जुलाई से अब तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 4 बार कटौती की गई थी, लेकिन एक साथ पेट्रोल 3.38 रुपये महंगा कर दिया गया जिससे 3-4 बार की कटौती का फायदा आज एक झटके में वापस ले लिया गया. इससे पहले 15 अगस्‍त को तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत में 1 रुपये और डीजल की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी.

तेल कंपनियों ने 31 जुलाई को पेट्रोल के दाम में 1.42 रुपये लीटर और डीजल में 2.01 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी. इससे पहले 16 जुलाई को पेट्रोल की कीमत में 2.25 रुपये लीटर की कटौती की गई वहीं डीजल के दाम में 0.42 रुपये लीटर की कमी की गई थी.

तेल कंपनियों के मुताबिक रुपये-डॉलर की वर्तमान एक्सचेंज रेट के चलते पेट्रोल-डीजल की कीमत में इजाफा करना जरूरी हो गया था. डीजल की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी से मान सकते हैं कि ढुलाई महंगी हो जाएगी जिसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा. सब्जियों, फलों से लेकर रसोई की कई चीजों और रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाली चीजों की ढुलाई महंगी होगी जिससे इनकी कीमतें बढ़ने का भी खतरा है.

भारतीय फेसबुक यूजर्स के लिए भी आया ये फीचर

अमेरिकी आईओएस यूजर्स फेसबुक के लाइव वीडियो फीचर से बखूबी वाकिफ हैं, इस फीचर को शुरुआत में अमेरिकी यूजर्स के लिए फेसबुक ने लॉन्च किया था. अब यह फीचर भारत के सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध करा दिया गया है.

फेसबुक लाइव वीडियो फीचर आईओएस और एंड्रॉयड ऐप के लेटेस्ट वर्जन पर उपलब्ध है. लाइव वीडियो फीचर पहले सभी फेसबुक पेज और चुनिंदा देशों के यूजर के लिए उपलब्ध था. "व्हाट्स ऑन माइंड" बॉक्स पर क्लिक करते ही आपको फोटो अपलोड फीचर के बगल में लाइव फीचर मिलेगा.

एंड्रॉयड यूजर इस फीचर को फेसबुक ऐप के लेटेस्ट वर्जन को खोलते ही देख पाएंगे. स्टेटस बॉक्स के ठीक नीचे इसका आइकन बना हुआ है, फोटो और चेक इन ऑप्शन के पास.

अब फेसबुक पर यूजर को 4 घंटे तक का लाइव वीडियो पोस्ट करने की इजाजत मिल चुकी है. गौरतलब है कि पहले तक यह समय सीमा 2 घंटे की थी. यूजर अब ब्रॉडकास्ट के दौरान कमेंट को भी छिपा सकते हैं.

अगर इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़िया नहीं है तो ब्रॉडकास्ट में कभी-कभी दिक्कत आ सकती है. लेकिन जैसे ही लोग वीडियो देखना शुरू करेंगे, लोग उस पर कमेंट करना शुरू कर सकते हैं.

‘मिर्जिया’ के कलाकारों पर क्यों लगी है बंदिश?

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्मकार राकेश ओम प्रकाश मेहरा पहली बार एक प्रेम कहानी वाली फिल्म ‘‘मिर्जिया’’ लेकर आ रहे हैं. इस फिल्म की कहानी एक नहीं तीन स्तर पर चलती है. इस फिल्म में राकेश ओम प्रकाश मेहरा ने अनिल कपूर के बेटे हर्षवर्धन कपूर के साथ ही उषा कुलकर्णी की पोती सैयामी खेर को ब्रेक दिया है. फिल्म सात अक्टूबर को प्रदर्शित होने वाली है. मगर यह दोनों कलाकार अपने करियर की पहली फिल्म को लेकर मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं.

बौलीवुड में चर्चाएं गर्म है कि फिल्म के निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने इन दोनों कलाकारों पर मीडिया से बात करने पर पाबंदी लगा रखी है. कहा जा रहा है कि राकेश ओमप्रकाश मेहरा नहीं चाहते हैं कि यह कलाकार फिल्म के अपने चरित्र या अपनी जिंदगी के बारे में मीडिया से बात करें. वह चाहते हैं कि दर्शक इन कलाकारों से सीधे सिनेमा के परदे पर सात अक्टूबर को रूबरू हों.

इन चर्चाओं का सच जानने के लिए जब हमने राकेश ओम प्रकाश मेहरा से बात की, तो राकेश ओम प्रकाश मेहरा ने कहा-‘‘यह सच है कि मैने अपने कलाकारों पर पाबंदी लगा रखी है. आज हर कोई सोशल मीडिया पर ही प्रचार कर रहा है. पैसा देकर कलाकार या कुछ निर्माता निर्देशक हर दिन अपने बारे में, खबरें छपवा रहा है. कुछ लोग सोशल मीडिया पर अपनी फिल्म को लेकर सब कुछ बक रहे हैं. यह लोग भूल गए कि सिनेमा, सिनेमा के लिए बना है. उपन्यास पढ़कर ही मजा आएगा. इसलिए सस्पेंस खत्म न करें, पर लोग अपने सिनेमा का सस्पेंस खत्म करने पर आमादा हैं. सोशल मीडिया पर कभी भी कुछ भी कमेंट कर देते हैं. मैंने अपने कलाकारों पर पाबंदी लगा दी है. मैंने अपनी फिल्म के किरदारों के अनुरूप अपने कलाकारों को तैयार करने में पूरे अठारह माह लगाए हैं. उसके बाद हमने शूटिंग की. मैं नहीं चाहता कि हमारे कलाकारों ने जो 18 माह मेहनत की है, उसे दर्शकों तक पहुंचने से पहले ही खोलकर रख दें. मैं चाहता हूं कि हमारे किरदार परदे पर दर्शकों के सामने आएं, तो बेहतर होगा.’’

रेमो डिसूजा व सूरज पंचोली के करियर पर लगा ग्रहण..!

काफी लंबा संघर्ष करने के बाद रेमो डिसूजा ने बौलीवुड में अपना एक अलग मुकाम बनाया था. मगर उनके निर्देशन में बनी फिल्म ‘‘ए फ्लाइंग जट्ट’’ की बाक्स आफिस पर ऐसी दुर्गति हुई, कि एक बार फिर रेमो डिसूजा के अस्तित्व पर ही प्रश्न चिन्ह लग गया है. जी हां! ‘ए फ्लाइंग जट्ट’ की अफसलता के चलते रेमो डिूसजा के हाथ से एक बड़ी फिल्म निकल गयी. इस फिल्म में अजय देवगन और सूरज पंचोली अभिनय करने वाले थे. लेकिन अब सूत्रों से मिली खबरों के अनुसार इस फिल्म को इसके निर्माता ने हमेशा के लिए ठंडे बस्ते में डाल दिया है.

सूत्र बताते हैं कि ‘ए फ्लाइंग जट्ट’ देखने के बाद अजय देवगन ने भी रेमो के साथ फिल्म करने में अपनी असमर्थता जाहिर की है, इसके बाद निर्माता के सामने इस फिल्म को बंद करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नही था. इससे रेमो के करियर पर ब्रेक लगने के साथ ही सूरज पंचोली का करियर एक बार फिर आगे बढ़ने की बजाय रूक गया.

अश्विन को पछाड़ डेल स्टेन बने बॉलर नंबर-1

दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज डेल स्टेन ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सेंचुरियन में समाप्त हुए दूसरे टेस्ट मैच में शानदार प्रदर्शन के दम पर फिर से आईसीसी टेस्ट गेंदबाजी रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है जिससे भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन तीसरे स्थान पर खिसक गए.

डेल स्टेन ने दक्षिण अफ्रीका की 204 रन की जीत में दूसरी पारी में 33 रन देकर पांच विकेट और मैच में 99 रन देकर आठ विकेट हासिल किए. वह इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन और अश्विन को पीछे छोड़कर चोटी पर पहुंचे.

इस दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाज ने फरवरी 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेंचुरियन में नंबर एक स्थान हासिल किया था लेकिन दिसंबर 2015 में कंधे की चोट के कारण इंग्लैंड के खिलाफ डरबन टेस्ट से बाहर रहने की वजह से वह शीर्ष से बाहर हो गए और साल के आखिर में अश्विन चोटी पर पहुंच गए थे.

डेल स्टेन के साथ नई गेंद संभालने वाले वर्नोन फिलैंडर दो पायदान ऊपर 11वें और कैगिसो रबादा तीन पायदान ऊपर 27वें स्थान पर पहुंच गए हैं. न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज नील वैगनर एक पायदान ऊपर नौवें स्थान पर पहुंच गए हैं. भारत से अश्विन के अलावा रविंद्र जडेजा शीर्ष दस में शामिल हैं. जडेजा पहले की तरह आठवें नंबर पर बने हुए हैं.

बल्लेबाजों की रैंकिंग में शीर्ष 20 में भारत के तीन बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे (आठवें), कप्तान विराट कोहली (16वें) और चेतेश्वर पुजारा (20वें) शामिल हैं. मुरली विजय 21वें स्थान पर हैं.

दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज 1-0 से जीती थी जिससे वह दो पायदान ऊपर पांचवें नंबर पर पहुंच गया जबकि न्यूजीलैंड दो स्थान नीचे सातवें नंबर पर खिसक गया. दक्षिण अफ्रीका के अब 96 अंक हैं जबकि श्रीलंका और न्यूजीलैंड दोनों के समान 95 अंक हैं.

दशमलव में गणना करने पर हालांकि श्रीलंका ऊपर है. पाकिस्तान 111 अंक के साथ शीर्ष पर बना हुआ है. उसके बाद भारत (110), ऑस्ट्रेलिया (108) और इंग्लैंड (108) का नंबर आता है.

गैलेक्सी नोट 7 में शिपमेंट से पहले गड़बड़ी

सैमसंग के मोस्ट प्रीमियम डिवाइस गैलेक्सी नोट 7 को रिकॉर्ड ऑर्डर मिले हैं लेकिन लग रहा है कि इसके लिए कस्टमर्स को लंबा इंतजार करना होगा. खबर है कि सैमसंग ने दक्षिण कोरिया में नए स्मार्टफोन की शिपमेंट को डिले कर दिया है जिसकी वजह है नोट 7 का क्वालिटी टेस्ट. कंपनी नए फ्लैगशिप का क्वालिटी टेस्ट कर रही है.

हालांकि कंपनी फोन में किस तरह का क्वालिटी चेक कर रही है इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है.

कोरियन हेराल्ड की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नोट7 की बैटरी की गड़बड़ी को लेकर दक्षिण कोरिया में मामला सामने आया. जिसे लेकर कंपनी सतर्क हो गई है.

जाहिर तौर पर सैमसंग नहीं चाहती कि उसके प्रीमियम डिवाइस को किसी तरह की आलोचनाओं का सामने करना पड़ेगा. कंपनी इस लिहाज से एक बार फिर क्वालिटी टेस्टिंग कर रही है.

क्यों है ये कंपनी का प्रीमियम डिवाइस?

गैलेक्सी नोट 7 में 5.7 इंच का डिस्प्ले दिया गया है जिसकी 1440×2560 पिक्सल है. सैमसंग के इस डिवाइस की फ्रंट और बैक पैनल को गोरिल्ला ग्लास 5 प्रोटेक्शन दिया है.

इसमें Exynos 8890 चिप प्रोसेसर दिया गया है साथ ही 4 जीबी की रैम दी गई है. इस बार कंपनी ने इंटरनल स्टोरेज में बड़ा बदलाव किया है. बेस इंटरनल मैमोरी 64 जीबी है जिसे बढ़ा कर 256 जीबी तक कर सकेंगे. आपको बता दें नोट5 में कंपनी ने एसडी कार्ड की सुविधा नहीं दी थी जिसके बाद कंपनी को काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था.

नोट 7 में f/1.7 लेंस वाला 12 मेगापिक्सल का रियर कैमरा और 5 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दिया गया है. इस स्मार्टफोन की सबसके खास बात है इसका आइरिस स्कैनर. कंपनी का दावा है कि ऐसा आइईरिस स्कैनर बनाने में कंपनी को 5 साल का वक्त लगा. ये आइरिस स्कैनर आपको आंखों से फोन अनकॉल करने में मदद करेंगे. इसके साथ ही आप प्राइवेट फोल्डर को भी आंखों से अनलॉक कर सकेंगे.

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