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अभिषेक बच्चन का करियर संवारेंगे मिलाप झवेरी

एक बहुत पुरानी कहावत है- ‘‘भगवान ने मिलायी जोड़ी, एक अंधा और एक कोढ़ी’’.’’ बौलीवुड में लोग इस कहावत को तब से गुनगुना रहे हैं, जब से खबर मिली है कि अब अभिषेक बच्चन के करियर को मिलाप झवेरी संवारेंगे.      

अभिषेक बच्चन का अभिनय करियर लगभग डूबा हुआ है. उनकी पिछली कई फिल्में लगातार असफल होती रही हैं. आज की तारीख में उनके पास कोई काम नहीं है. तो दूसरी तरफ मिलाप झवेरी द्वारा लिखित तथा निर्देशिसत ‘‘मस्तीजादे’’ और उनके द्वारा लिखित ‘‘द ग्रेट ग्रैंड मस्ती’’ जैसी घटिया एडल्ट सेक्स कामेडी वाली फिल्में बाक्स आफिस पर बुरी तरह से मात खा चुकी हैं. और अब यह दोनों एक दूसरे का सहारा बनने जा रहे हैं. इसी के चलते लोग ‘‘भगवान ने मिलायी जोड़ी, एक अंधा एक कोढ़ी..’’ गुनगुना रहे हैं. मगर इसे गुनगुनाने वाले लोगों को कुछ लोग जवाब भी दे रहे हैं कि फिल्में असफल होती है, कलाकार या निर्देशक असफल नहीं होता.

सूत्रों की माने तो अभिषेक बच्चन के डूबते करियर को फिर से उभारने का बीड़ा अभिषेक बच्चन के खास दोस्त बंटी वालिया ने उठाया है. बंटी वालिया, अभिषेक के लिए फिल्म का निर्माण करने जा रहे हैं. सूत्रों का दावा है कि अभिषेक बच्चन के अभिनय वाली इस फिल्म की पटकथा तैयार नहीं है. इस फिल्म के लिए पटकथा लेखक व निर्देशक की बंटी वालिया को लंबे समय से तलाश थी. पर बालीवुड में उन्हें कोई निर्देशक मिला नहीं, जो अभिषेक की फिल्म को निर्देशित करने के लिए तैयार हो सके. बड़ी मुश्किल से मिलाप झवेरी तैयार हुए हैं. तो अब मिलाप अभिषेक बच्चन को ध्यान में रखकर फिल्म की पटकथा लिखने जा रहे हैं, जिसका निर्देशन वही करेंगे. फिल्म के निर्माता होंगे बंटी वालिया. पटकथा पूरी होने के बाद फिल्म की नायिका का चयन किया जाएगा.

यह फिल्म पूरी तरह से एक्शन ड्रामा वाली फिल्म होगी, जो कि अभिषेक बच्चन और मिलाप झवेरी दोनों के लिए एक नया अनुभव होगा. अब तक अभिषेक बच्चन व मिलाप झवेरी ने इस तरह की कोई फिल्म नहीं की है.

बच्चन परिवार की यह बेरुखी

अमिताभ बच्चन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अमूमन वह हर कलाकार की फिल्म के प्रदर्शन से पहले अपने ट्विटर, ब्लाग व फेसबुक पर उस कलाकार की तारीफों के पुल बांधते रहते हैं. हर फिल्म के प्रदर्शन से पहले आयोजित होने वाले शो व फिल्म के प्रीमियर पर सपरिवार पहुंचते हैं. फिल्म देखकर उस फिल्म की तारीफ में जो कुछ भी कह सकते हैं, वह कहते रहते हैं. मगर उनका अपनी बहू ऐश्वर्या राय बच्चन की फिल्म ‘‘ऐ दिल है मुश्किल’’ को लेकर चुप रहना हर किसी के लिए आश्चर्य का विषय बना हुआ है. अब तक उन्होंने इस फिल्म के किसी गाने, ट्रेलर या ऐश्वर्या राय बच्चन के अभिनय को लेकर भी अपने ट्विटर, ब्लाग या फेसबुक पर कुछ भी नहीं लिखा.

इतना ही नहीं करण जोहर ने सोमवार को अपनी फिल्म ‘‘ऐ दिल है मुश्किल’ का एक खास शो आयोजित किया, जिसमें रणबीर कपूर के पिता ऋषि कपूर सहित पूरे कपूर परिवार के साथ साथ अनुष्का शर्मा का पूरा परिवार मौजूद था. लेकिन इस शो में अमिताभ बच्चन के परिवार से कोई नहीं पहुंचा. यहां तक कि इस फिल्म में अभिनय करने वाली ऐश्वर्या राय बच्चन भी नहीं पहुंची. हर कलाकार की फिल्म देखने पहुंचने वाला बच्चन परिवार अपने ही परिवार की सदस्य की फिल्म के समय नामौजूद रहा. इससे बौलीवुड से जुड़े लोग आश्चर्यचकित हैं तथा बौलीवुड में अटकलों का बाजार गर्म हो चुका है.

बौलीवुड में अटकलें गर्म हैं कि  क्या अमितभ बच्चन और करण जोहर के संबंध बिगड़ चुके हैं? क्या करण जोहर और ऐश्वर्या राय के बीच तलवारे खिंच गयी हैं? बौलीवुड के बिचौलियों का मानना है कि अमिताभ बच्चन अब तक करण जोहर को अपना पारिवारिक सदस्य मानते रहे  हैं. लेकिन जिस तरह से करण जोहर ने फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ में उनकी बहू ऐश्वर्या राय बच्चन और रणबीर कपूर के उपर अति बोल्ड व गर्मागर्म अंतरंग दृश्यों को फिल्माया है, उससे अमिताभ बच्चन नाराज हैं. सूत्रों का मानना है कि अमिताभ बच्चन को करण जोहर से ऐसी उम्मीद नहीं थी. इसी के चलते बच्चन परिवार ने ‘ऐ दिल है मुश्किल’ से किनारा कर लिया है. वैसे जिन दृश्यों को लेकर अमिताभ बच्चन को आपत्ति थी, उन चार दृश्यों पर सेंसर बोर्ड ने कैंची चलवाकर छोटा कर दिया है.

तो दूसरी तरफ बौलीवुड में यह चर्चा भी गर्म है कि जब से ऐश्वर्या को इस बात की जानकारी हुई है कि फिल्म ‘‘ऐ दिल है मुश्किल’’ में उनका किरदार अनुष्का शर्मा के मुकाबले काफी छोटा है, तब से वह करण जोहर से नाराज हैं. इसी नाराजगी के परिणाम स्वरूप बच्चन परिवार ने फिल्म के खास शो का बहिष्कार किया.

जबकि बौलीवुड का एक तबका अमिताभ बच्चन के इस रवैए को फिल्म ‘‘ऐ दिल है मुश्किल’’ में पाकिस्तानी कलाकार फवाद खान की मौजूदगी से जोड़कर देख रहा है. इन लोगों का मानना है कि अमिताभ बच्चन अपने आपको सबसे बड़ा देशभक्त मानते हैं. वह ऐसा कोई कदम उठाना पसंद नहीं करते, जो देश या देश के लोगों की भावनाओं उनके अपने प्रशंसकों की भावनाओं से मेल ना खाएं. लोगों का मानना है कि अमिताभ बच्चन को इस बात का अहसास है कि देश के लोगों में और उनके प्रशंसकों में पाकिस्तान के प्रति काफी गुस्सा है. इसी के चलते उन्होंने अपने पूरे परिवार के साथ ‘ऐ दिल है मुश्किल’ के खास शो से दूरी बनाकर संकेत दे दिया है. इस तरह की सोच रखने वालों से बौलीवुड के कुछ लोग सवाल पूछ रहे हैं कि, यदि यही सच है, तो  क्या अमिताभ बच्चन के प्रशंसक भी फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ से दूरी बनाकर रखेंगे?

करण जोहर की फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ के खास शो से अमिातभ बच्चन परिवार की दूरी ने बौलीवुड में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है. पर पूरा बच्चन परिवार इस मसले पर कुछ भी कहने को तैयार नही हैं. कहीं यह भी फिल्म के प्रचार का एक हिस्सा तो नहीं है.

सिर मुंड़ाते ही ओले पड़े

बेचारे राम गोपाल वर्मा..अपने असफल करियर को सही ढंग से पटरी पर लाने के लिए फिल्मकार राम गोपाल वर्मा ने इस बार काफी सोच समझकर फिल्म ‘‘सरकार 3’’ बनाने का निर्णय लिया था. इस फिल्म से जुड़े हर मसले पर निर्णय लेते समय उन्होंने काफी फूंक फूंक कर कदम रखा. वह पिछले एक सप्ताह से अपनी इस फिल्म की शूटिंग लगातार कर रहे हैं. फिल्म ‘‘सरकार 3’’ में सुभाष नागरे का किरदार निभा रहे अभिनेता अमिताभ बच्चन भी कठिन मेहनत कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार अमिताभ बच्चन ने  सुबह तीन बजे तक फिल्म ‘सरकार 3’ के लिए शूटिंग की और फिर दस बजे गाने की रिकार्डिंग के लिए भी पहुंच गए.

मगर फिल्म ‘‘सरकार 3’’ भी  अदालती पचड़े में फंस गयी है. ज्ञातब्य है कि ‘सरकार 3’ राम गोपाल वर्मा निर्देशित फिल्म ‘सरकार’ की तीसरी फ्रेंचाइजी है. बहरहाल, इसी सप्ताह फिल्म ट्रेड पत्रिकाओं में नरेंद्र हिरावत एंड कंपनी के वकीलों ने नोटिस छापकर फिल्म ‘‘सरकार 3’’ पर कापीराइट का दावा किया है. इस नोटिस में लिखा है-‘‘हमारे ग्राहक /क्लाइंट व फिल्म वितरक नरेंद्र हिरावत के पास ही इस फिल्म के मूल फिल्म के नगेटिव हैं. इस फिल्म का कापीराइट, नगेटिव्स का राइट आदि का पूर्ण स्वामित्व उन्हीं के पास है. इस फिल्म का सिक्वअल, प्रीक्वल, रीमेक सहित जो भी अधिकार हो सकते हैं, वह सारे अधिकार उन्ही के पास हैं. इसलिए इस पर ‘सरकार 3’ बनाने का हक राम गोपाल वर्मा को नहीं है.’’ इस नोटिस में लिखा है कि इस नोटिस को राम गोपाल वर्मा के अलावा फिल्म से जुड़े सभी कलाकारों को भेजी गयी है.

इतना ही नहीं नरेंद्र हीरावत ने भी कहा है-‘‘मैने सुना है कि राम गोपाल वर्मा ने ‘सरकार 3’ की शूटिंग शुरू कर दी है. यदि उन्होंने हमारी नोटिस को तवज्जो नहीं दिया, तो हम अदालत जाकर शूटिंग रोकने का आदेश लेकर आएंगे. फिल्म शुरू करने से पहले राम गोपाल वर्मा ने हमसे कोई बात भी नहीं की.’’

इस साल अमिताभ बच्चन जिन दो सिक्वअल फिल्मों में अभिनय कर रहे हैं, उनमें से ‘आंखे 2’ के बाद ‘सरकार 3’ दूसरी फिल्म होगी, जो  कि अदालती पचड़े में फंसेगी.  फिल्म ‘‘सरकार 3’’ में अमिताभ बच्चन, मनोज बाजपेयी, जैकी श्राफ, यामी गौतम, अमित साध, रोनित राय व अन्य कलाकार अभिनय कर रहे हैं.

5 करोड़ रुपये वसूलने की करण जोहर की योजना

बौलीवुड और इससे जुड़े लोग निराले ही कहे जाएंगे. बौलीवुड के फिल्मकारों के आगे सारे व्यवसायी असफल ही कहे जाएंगे. जी हां! करण जोहर ने अपनी फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ को प्रदर्शित करने के एवज में ‘आर्मी वेलफेअर फंड’ में पांच करोड़ देने का वादा किया है, मगर करण जोहर अपनी जेब से यह धनराशि नहीं देने वाले हैं, बल्कि दर्शकों से पैसे वसूल करके ही देने वाले हैं.

यह एक कटु सत्य है. अब ऐश्वर्या राय बच्चन, रणबीर कपूर, अनुष्का शर्मा और पाकिस्तानी कलाकार फवाद खान के अभिनय से सजी करण जोहर की फिल्म ‘‘ऐ दिल है मुश्किल’’ को देखने के लिए एक दर्शक को 2200 रुपए देने पड़ सकते हैं. जी हां! करण जोहर ने अपनी फिल्म के लिए टिकट दर काफी बढ़ा दी है. हमें पता चला है कि मल्टीप्लैक्स में पीवीआर ने सबसे ज्यादा टिकट के दाम बढ़ाएं हैं. दिल्ली में पीवीआर प्लेटिनम सुपीरियर सीट के लिए एक दर्शक को 2200 रुपये देने पड़ रहे हैं. जबकि प्लेटिनम सीट के लिए 2000 रुपये देने पड़ रहे हैं.

इतना ही नहीं गुड़गांव का अम्बीएंस मल्टीप्लैक्स गोल्ड क्लास के लिए एक टिकट के सोलह सौ रुपये ले रहा है. मजेदार बात यह है कि मुंबई में 800 रुपये से ज्यादा की टिकट किसी भी मल्टीप्लैक्स में नहीं है. और वह भी मुंबई के कुर्ला इलाके के पीवीआर मल्टीप्लैक्स में ही 800 रुपये की टिकट है. अब इस तरह टिकट के दाम में बढ़ोतरी करके कितने दिन में कितने करोड़़ इकट्ठे होते हैं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा.

पिछले एक दो वर्षो से यह रिवाज सा बन गया है कि जब भी कोई बड़ी फिल्म प्रदर्शित होती है, तो हर मल्टीप्लैक्स टिकट के दाम बढ़ा देता है, इसका हिस्सा निर्माता की झोली में भी जाता है. इसके बावजूद अतीत में कई बड़ी फिल्में अपनी लागत नहीं वसूल कर पायीं. जबकि सौ रूपए की टिकट के दाम के बावजूद मराठी भाषा की फिल्म ‘‘सैराट’’ ने सौ करोड़़ कमा लिए. इससे यह बात भी उभरकर आती है कि टिकट के दाम बढ़ाने से सिनेमाघर के अंदर जाने वाले दर्शकों की संख्या में कमी आती है और बढ़ी हुई टिकट दर के ही चलते दर्शक सिनेमाघर में फिल्म देखने की बजाय पायरेसी से मिली फिल्म या इंटरनेट पर या फिर डेढ़ माह का इंतजार कर टीवी पर फिल्म को देखना पसंद करता है. यदि इस पर बौलीवुड के फिल्मकार गौर करेंगे, तो पाएंगे कि उनके टिकट के दाम बढ़ाने का असली खामियाजा उन्हे ही भुगतना पड़ता है.

इस पर टिप्पणी करते हुए एक वेबसाइट से बात करते हुए फिल्म वितरक अक्षय राठी ने कहा है-‘‘इस तरह टिकट के दाम बढ़ाने के पीछे दर्शकों को दूध पिलाना मकसद नहीं होता. बल्कि फिल्म की पायरेसी हो, उससे पहले ज्यादा लाभ कमाने की मंशा होती है. पर कुछ दर्शकों के लिए एक टिकट के लिए नौ सौ रूपए के साथ ही पापकार्न और कोक का दाम चुकाना तथा घर से सिनेमा घर तक आने जाने का किराया खर्च करना बहुत महंगा सौदा होता है. पर कहते हैं कि जिन्हे फिल्म देखना है, वह तो देखेंगे ही.’’

अब इस तरह बड़ी फिल्म के नाम पर सिनेमा घरों में टिकट के दाम बढ़ाना कितना जायज है,इस पर बहस तो होनी ही चाहिए. ज्ञातब्य है कि कुछ दिन पहले तक ‘‘महाराष्ट् नवनिर्माण सेना’’, करण जोहर की फिल्म ‘‘ऐ दिल है मुश्किल’’ को प्रदर्शित होने न देने का ऐलान किया था. पर फिल्म के प्रदर्शन से एक सप्ताह पहले एक समझौते के तहत करण जोहर ने फिल्म के प्रदर्शन के एवज में ‘आर्मी वेलफेअर फंड’ में पांच करोड़ रूपए देने का वादा किया था.

उधर ‘एमएनएस’ ने जिस तरह फिल्म के निर्माता को ‘आर्मी वेलफेअर फंड’ में पांच करोड़ देने के लिए बाध्य किया है, उसका भारतीय सेना के पूर्व सैनिकों के साथ साथ रेणुका शहाणे, शबाना आजमी, अजय देवगन सहित कुछ कलाकारों ने जोरदार तरीके से विरोध किया है.

उधर सीमा पार से भी भारतीय सेना के निर्णय की तारीफ की जा रही है. जी हां! एक अखबार के मुताबिक पाकिस्तानी सिनेमाघर मालिकों ने भारतीय सेना के इस निर्णय की तारीफ की है, किसी से भी जबरन ‘आर्मी वेलफेअर फंड’ में पैसे देने के लिए नहीं कहा जाना चाहिए.’’ 

सपा में जारी है ‘घात-प्रतिघात’

72 घंटे से अधिक तक चला समाजवादी का पार्टी हाई वोल्डेज ड्रामा अब भी खत्म नहीं हो रहा है. समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव पहली बार कमजोर पड़ते दिखे हैं. उनके लिये बेटे अखिलेश यादव को दरकिनार करना सरल नहीं है, तो भाई शिवपाल को भी छोड़ना मुश्किल काम है. ऐसे में फौरीतौर पर मुलायम ने सुलह समझौते को दिखा कर अखिलेश-शिवपाल के बीच सुलह करा दी. इस सुलह के बाद भी आपस में ‘घात-प्रतिघात’ जारी है. सुलह समझौते की तय शर्ते भी पूरी नहीं हुई है. अब मुलायम खुद कुछ भी बोलने से बच रहे हैं.

एक तरफ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शिवपाल और उनके साथी मंत्रियों का निलंबन वापस नहीं किया, तो प्रदेश का पार्टी मुखिया होने के नाते शिवपाल यादव ने रामगोपाल यादव का पार्टी से निष्कासन वापस नहीं लिया. पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने अगले मुख्यमंत्री के नाम पर चुनाव के बाद तय करने को कहा है.

समाजवादी पार्टी के इस विवाद में मुलायम यह चाहते थे कि न किसी की जीत हो न किसी की हार हो. चुनाव तक सभी एक रहें, इसके बाद पार्टी अपना नेता समय देखकर तय करेगी. अपने स्तर पर मुलायम ने यह बात पूरी की. इसके बाद भी अखिलेश और शिवपाल दोनो ही अपने अपने दांव चलने से बाज नहीं आ रहे हैं.

ऐसे में अब मुलायम ने इस झगड़े से दूरी बना ली है. समाजवादी पार्टी में मचे घमासान का असर मुलायम की सेहत पर भी पड़ रहा है. इस विवाद को सुलझाने के दौरान 2 बार उनकी तबीयत खराब हुई. अखिलेश और शिवपाल दोनो ही यह कह रहे है कि नेताजी यानि मुलायम सिंह यादव की बात सभी मानेंगे. ऐसे में मुलायम चाहते हैं कि समय के साथ सब सुलझ जाये.

मुलायम के लिये एक पक्ष का चुनाव करना संभव नहीं है. ऐसे में वह बिना किसी तरह के अतिरिक्त विवाद के मसले को ठंडा करने में लगे हैं. पार्टी शिवपाल के हवाले और सरकार अखिलेश के हवाले कर मुलायम बीच का रास्ता निकाल रहे हैं. जिस तरह से पार्टी और सरकार के बीच सुलह समझौते की शर्तों को पूरा नहीं किया जा रहा. इससे साफ है कि मामला रफादफा नहीं हुआ है.

ताजा घटनाक्रम में शिवपाल यादव ने अखिलेश मंत्रिमंडल के सदस्य पवन कुमार पांडेय को 6 साल के लिये पार्टी से बाहर कर दिया है. पवन पांडेय पर समाजवादी पार्टी के एमएलसी आशू मलिक को थप्पड मारने का आरोप है. पार्टी के इस कदम का सरकार की तरफ से क्या जबाव आता है यह देखने वाली बात होगी.

कोहली से सीखूंगा रन कैसे बनाते हैः टॉम लाथम

न्यूजीलैंड टीम के इस दौरे के सबसे अच्छे बल्लेबाज साबित हुए टॉम लाथम भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली के मुरीद हो गए हैं. कीवी टीम के ओपनर लाथम ने कहा है कि उन्हें विराट कोहली से सीखने की जरूरत है.

लाथम ने कहा है कि उन्हें विराट से यह सीखने की जरूरत है कि विराट कैसे अपनी पारियों को आगे बढ़ाते हैं और उन्हें बड़े स्कोर में तब्दील करते हैं.

लाथम ने कहा है, 'अगर आपको जीतना है तो बड़े शतक बनाने होते हैं. विराट कोहली को देखिए. वह भारत के लिए जिस तरह से मैच फिनिश करते हैं. मुझे उम्मीद है कि मैं उनकी तरह मैच फिनिश कर सकूंगा.'

लाथम ने पिछले तीनों वनडे में शानदार खेल दिखाया है, बस वह अपनी पारी को आगे बढ़ा पाने में नाकाम रहे हैं. उन्होंने पहले वनडे में 79 नाबाद, दूसरे वनडे में 46 और तीसरे वनडे में 61 रन बनाए थे.

अब आप भी वॉट्सएप्प से करिए Video Call

अगर आप वॉट्सएप्प वीडियो कॉल का लाभ उठाना चाहते हैं तो बस आपको इसके लिए वॉट्सएप्प का BETA वर्जन अपडेट करना होगा.

एक लंबे इंतजार के बाद वॉट्सएप्प से भी अब आप Video calling कर सकते हैं.  वीडियो कॉल फीचर तो वॉट्सएप्प पहले ही शुरू कर चुका है लेकिन इस सुविधा का अभी तक यूजर्स लाभ नहीं उठा सके हैं. अगर आप वॉट्सएप्प वीडियो कॉल करना चाहते हैं तो बस आपको इसके लिए वॉट्सएप्प का BETA वर्जन अपडेट करना होगा. आज हम आपको बता रहे हैं कि कैसे आपके वॉट्सएप्प में आप Video calling का लाभ उठा सकते हैं.

इन स्टेप्स को फॉलो कर उठाएं इस सर्विस का मजा..

1. व्हाट्सएप अपडेट करने के लिए सबसे पहले प्ले स्टोर को ओपन करें

2. अब मेन्यु में जाकर My Apps and Games पर क्लिक करें

3. यहां जाकर आपको अपने सभी एप दिखाई देंगे. साथ ही मेन मेन्यु में Installed, All और Beta लिखा दिखाई देगा.

4. आपको यहां Beta पर क्लिक करके अपने वॉट्सएप्प को अपडेट करना होगा.

5. ये अपडेट होने के बाद आप उसके चैट बॉक्स में जाएं जिसे आपको वीडियो कॉल करनी है.

6. ये अपडेट होने के बाद जब आप कॉल के बटन पर क्लिक करेंगे तो वहां आपको Voice और Video का ऑप्शन दिखाई देगा.

7. Video पर क्लिक करते ही फ्रंट कैमरा ओं हो जाएगा और कॉल शुरू हो जाएगी.

CBDT टैक्स पेयर्स को भेज रही है ‘थैंक्यू लेटर’

आयकर विभाग ने कहा कि वह वर्ष 2015-16 के लिए अतिरिक्त 10.15 लाख टैक्‍सपेयर्स को प्रशंसा प्रमाणपत्र जारी करेगा. विभाग इससे पहले 8.43 लाख टैक्‍सपेयर्स को इस तरह के प्रमाणपत्र भेज चुका है. ये प्रमाणपत्र इन करदाताओं को 2015-16 के दौरान दिए गए टैक्‍स के आधार पर ई-मेल से भेजे गए हैं.

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) पिछले महीने से इस तरह के प्रशंसा प्रमाणपत्र विभिन्न श्रेणी के व्यक्तिगत टैक्‍सपेयर्स को आकलन वर्ष 2016-17 के दौरान उनके द्वारा भरे गए टैक्‍स के आधार पर भेज रहा है.

ये प्रमाणपत्र ऐसे मामलों में भेजे जा रहे हैं जहां पूरे इनकम टैक्‍स की अदायगी की गई है और कोई बकाया नहीं है. इसके अलावा रिटर्न निर्धारित तिथि के भीतर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भरी गई है. सीबीडीटी ने एक नोटीफिकेशन में कहा, ‘अपनी नई पहल जारी रखते हुए सीबीडीटी ने 10.15 लाख और टैक्‍सपेयर्स को प्रशंसा प्रमाणपत्र भेजने के दूसरे दौर की शुरुआत की है. टैक्‍सपेयर्स को यह प्रशंसा पत्र सरकार की तरफ से उनके योगदान की सराहना करते हुए सीधे संदेश भेजना है.’

– यह प्रशंसा पत्र चार श्रेणियों के टैक्‍सपेयर्स को भेजा जा रहा है.

– एक करोड़ रुपए से अधिक का टैक्‍स देने वालों को.

– 50 लाख रुपए से लेकर एक करोड़ रुपए तक का टैक्‍स देने वाले.

– 10 लाख से 50 लाख रुपए तक का टैक्‍स देने वाले.

– एक लाख से दस लाख रुपए तक टैक्‍स का भुगतान करने वाले.

– विभाग ने कहा है कि वह टैक्‍सपेयर्स के लिए विभिन्न सेवाओं में सुधार को लेकर प्रतिबद्ध है.

– विभाग सभी टैक्‍सपेयर्स से स्वेच्छा से उनके हिस्से के टैक्‍स योगदान में सहयोग की अपेक्षा रखता है.

मेस्सी, रोनाल्डो को पछाड़ ग्रिएजमैन ने जीता ला लिगा पुरस्कार

एटलेटिको मैड्रिड के फॉरवर्ड अंतोइन ग्रिएजमैन ने लियोनेल मेस्सी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो को पछाड़कर 2015-16 के सीजन के लिए ला लिगा बेस्ट फुटबॉलर का पुरस्कार जीता.

एटलेटिको के डिएगो सिमेओन को सीजन के बेस्ट कोच का पुरस्कार मिला जबकि बार्सीलोना के स्ट्राइकर लुईस सुआरेज को बेस्ट गैर यूरोपीय संघ खिलाड़ी का पुरस्कार मिला. मेस्सी को बेस्ट फॉरवर्ड का पुरस्कार मिला.

एटलेटिको के जॉन ओबलाक को बेस्ट गोलकीपर और डिएगो गोडिन को बेस्ट डिफेंडर का पुरस्कार मिला. रीयाल मैड्रिड के लुका मोडरिच बेस्ट मिडफील्डर चुने गए.

महंगी हो सकती है ऐप बेस्ड कैब सर्विस

आने वाले समय में ओला और उबर जैसी ऐप-बेस्ड टैक्सी सर्विस महंगी हो सकती हैं. केंद्र सरकार ने ऐसी सर्विस के लिए एक पॉलिसी ड्राफ्ट तैयार किया है जिसमें न्यूनतम किराए पर 2-3 गुना सर्ज प्राइसिंग को मंजूरी दी गई है. हालांकि इस ड्राफ्ट में केंद्र ने ऐप बेस्ड टैक्सी सर्विस का न्यूनतम और अधिकतम किराया निर्धारित करने का अधिकार राज्य सरकारों को दिया है. राज्य सरकारें टैक्सी सर्विस को शहर से बाहर चलाए जाने की अनुमति भी दे सकती हैं.

सूत्रों के मुताबिक, राज्यों के परिवहन विभाग, परिवहन मंत्रालय, नीति आयोग और इलैक्ट्रॉनिक व आईटी विभाग के बीच मंगलवार को हुई एक मीटिंग में इस बात पर सहमति बनी है कि इस नीति से यात्रियों को टैक्सी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी. एक अधिकारी ने बताया, 'सर्ज प्राइसिंग पर सहमति देने से टैक्सी सर्विस कॉम्पिटिशन में कम से कम किराया रखने की कोशिश करेंगी. सभी ने माना कि मनमाने किराए से बचाने के लिए लोगों को कुछ ज्यादा किराया देना पड़ेगा इसलिए इसे सीमित किया जाना जरूरी है.'

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि इस नीति का मुख्य ध्यान टैक्सी की उपलब्धता को बढ़ाना है. हालांकि दिल्ली हाईकोर्ट के ऑर्डर को देखते हुए इस पॉलिसी ड्राफ्ट को अगले महीने पहले कोर्ट के समक्ष मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा. सरकार का ऐसा मानना है कि ऐप बेस्ड टैक्सी सर्विस से लोगों को परिवहन की बेहतर सुविधा मिली है और इसके जरिए गाड़ियों की बढ़ती संख्या को सीमित किया जा सकता है. इसीलिए सड़क और परिवहन मंत्रालय ने टैक्सी के रजिस्ट्रेशन को आसान बनाए जाने का समर्थन किया है. हालांकि, ट्रैक्सी सर्विस राज्य सरकारों के नियमों को मानने के लिए बाध्य होंगी.

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