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“कोहली नौसिखिए और अपरिपक्व कप्तान”

भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान टेस्ट क्रिकेट में एक से बढ़कर एक मुकाम हासिल कर रहे हैं बावजूद इसके इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने उनके बारे में ऐसी राय रखी जिसे जानकर कोई भी क्रिकेट फैन खुश नहीं होगा.

नासिर हुसैन ने कहा कि विराट अभी नौसिखिए हैं और उनकी कप्तानी में परिपक्वता की कमी झलकती है. विराट अभी किसी टीम के खिलाफ सटीक रणनीति बनाने के मामले में कमजोर हैं. दूसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन विराट की रणनीति समझ से परे थी. उनकी फील्ड सेटिंग काफी अजीबो गरीब थी. एक समय तो ऐसा लग रहा था कि वो टेस्ट जीत के लिए नहीं बल्कि ड्रॉ के लिए खेल रहे हैं.

हुसैन ने कहा, “मुझे लगता है कि भारत पर मैच जीतने का दबाव था. कोहली को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह कितने दबाव में हैं. कप्तान के तौर पर उनके रिकॉर्ड बहुत अच्छे हैं. भारत चौथे दिन ही मैच जीत सकता था लेकिन कोहली को और बेहतर कप्तानी करनी होगी.”

सावधान साइबर लुटेरों से

औनलाइन बैंकिंग के इस दौर में हर लेनदेन नैटवर्किंग पर टिका है. ऐसे में साइबर लुटेरे बैंकों की लेनदेन प्रक्रिया को हैक कर लाखोंकरोड़ों का चूना लगा रहे हैं. जरूरत है इन से सावधान रहने की.

अगर आप बैंक से जुड़े ज्यादातर काम मोबाइल या इंटरनैट बैंकिंग से करते हैं तो सावधान हो जाइए, क्योंकि दुनिया में ऐसे साइबर लुटेरे (हैकर्स) सक्रिय हैं जो कब और किसे कितनी बड़ी चपत लगा दें, कहा नहीं जा सकता. एक आम उपभोक्ता के लिए खतरा उतना बड़ा तो नहीं है, लेकिन बड़ी कंपनियों और खुद बैंकों की नींद इन साइबर लुटेरों की वजह से उड़ गई है.

पिछले कुछ महीनों में ऐसी कुछ घटनाएं हुई हैं, जिन्होंने भारत समेत पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है. साल की शुरुआत में दिल्ली स्थित एक फार्मा कंपनी और 3 बैंकों के कंप्यूटर्स साइबर लुटेरों ने हैकिंग के जरिए कब्जे में ले लिए. इन सारे मामलों में हैकिंग के लिए फिरौती मांगने के लिए मशहूर सौफ्टवेयर (रैंसमवेयर) लेचिफर का इस्तेमाल किया गया. कब्जा छोड़ने के बदले में साइबर लुटेरों ने प्रत्येक कंप्यूटर के बदले एक बिटकौइन यानी लगभग 30 हजार रुपए की मांग की, जो कुल मिला कर लाखों डौलर के बराबर थी. दावा किया गया कि इन बैंकों और फार्मा कंपनियों ने अपने उच्च अधिकारियों के कंप्यूटर्स को डीफ्रीज करने के लिए कुछ भुगतान भी किया, पर साथ में उन्होंने एथिकल साइबर हैकिंग में विशेषज्ञ निजी साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों और फर्मों की मदद भी ली.

दुनिया की सब से बड़ी साइबर लूट

भारत से बाहर अब तक की सब से बड़ी साइबर लूट की घटना बंगलादेश के सैंट्रल बैंक में हुई. इस में 81 मिलियन डौलर यानी करीब 550 करोड़ रुपए की रकम पर साइबर लुटेरों ने हाथ साफ कर दिया. लूट की घटना सिर्फ रकम के मामले में बड़ी नहीं थी बल्कि इतनी दूर तक फैली थी कि इस का खुलासा होने में ही एक महीने से ज्यादा का वक्त लग गया.

यह घटना इस साल 4 फरवरी की है, पर बंगलादेश के सैंट्रल बैंक के मुखिया अतिउर्र रहमान ने इस घटना को सही माना और इस मामले में बरती गई लापरवाही की जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया.

धांधली की शुरुआत

बंगलादेश के सैंट्रल बैंक में 5 फरवरी को इस धांधली के कुछ संकेत तब मिले थे, जब यह पता चला था कि पिछले दिन यानी 4 फरवरी को बैंक में हुए किसी भी लेनदेन (ट्रांजैक्शन) को प्रिंटर की खराबी के कारण प्रिंट नहीं किया जा सका है, जबकि यह काम कंप्यूटर अपनेआप करता रहता है. इस पर कर्मचारियों ने जब मैनुअल लेनदेन प्रिंट करने की कोशिश की, तो भी लेनदेन के डिटेल प्रिंट नहीं हुए. अगले दिन अधिकारियों ने जब उस कंप्यूटर को खंगाला, जिस से बाहर लेनदेन के मैसेज भेजे जाते हैं, तो उन्हें एक संदेश मिला कि एक फाइल मिसिंग है या फिर बदली गई है. मैसेजिंग सिस्टम के जरिए 8 फरवरी को बाहर से आए संदेशों को प्रिंट करने पर पता लगा कि इस दौरान न्यूयौर्क फैडरल रिजर्व बैंक को 3 निवेदन मिले थे, जिन में कुछ संदिग्ध लेनदेन के बारे में सूचना मांगी गई थी. मगर यह डिटेल तुरंत बैंक तक न पहुंच कर हैकरों के पास चली गई. पता चला कि बंगलादेश का सैंट्रल बैंक लेनदेन से जुड़े संदेश जिस कंप्यूटर सौफ्टवेयर से बाहर भेजता था, हैकरों ने उसी को हैक कर लिया था.

इस तरह साइबर लुटेरों ने बैंक में डकैती डाल कर 550 करोड़ रुपए के बराबर रकम गायब कर दी. इसी दौरान हैकरों ने और भी बड़ा हाथ मारने की कोशिश में न्यूयौर्क स्थित फैडरल रिजर्व बैंक के बंगलादेश सैंट्रल बैंक के खाते से 1 अरब डौलर ट्रांसफर कराने के प्रयास भी किए. हैकरों ने बैंक अधिकारी बन कर यह पैसा श्रीलंका और फिलीपींस स्थित एनजीओ ‘शालिका फाउंडेशन’ के खाते में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया था, मगर शालिका नाम की स्पैलिंग गलत टाइप होने के कारण श्रीलंकाई अधिकारी चौकस हो गए कि इतना ज्यादा सरकारी पैसा एक प्राइवेट बैंक खाते (एनजीओ) में कैसे ट्रांसफर हो सकता है. उन्होंने यह लेनदेन रोक दिया. मगर इस से पहले 81 मिलियन डौलर फिलीपींस ट्रांसफर करने की हैकरों की कोशिश सफल रही.

बैंक से उड़ाई गई भारीभरकम रकम में से 30 मिलियन डौलर नकद का भुगतान मनीला के एक चाइनीज कैसीनो औपरेटर को किया गया. इस कैसीनो के मालिक को वर्ष 2015 में फिलीपींस का 5वां सब से बड़ा रईस चुना गया था. इस शख्स की पहचान वीकांग शू के रूप में हुई है. बाकी बची 50 मिलियन डौलर की रकम फिलीपींस के एक कैसीनो रिजौर्ट और एक गेमिंग फर्म के खाते में डाल दी गई.

योजना बना कर दिया अंजाम

साइबर लूट की इस सब से बड़ी घटना को एक सोची समझी साजिश के तहत योजना बना कर अंजाम दिया गया. मिसाल के तौर पर जिन बैंक खातों में लूट का पैसा सब से पहले ट्रांसफर हुआ था, फिलीपींस में वे खाते पिछले साल यानी 2015 में ही खोले गए थे. इन साइबर हैकरों को बंगलादेश के सैंट्रल बैंक के आंतरिक कामकाज की पूरी जानकारी थी, जिस का मतलब यह है कि उन्होंने महीनों तक बैंक के कामकाज की जासूसी कर के ये जानकारियां जुटाई होंगी.

मुश्किल है पैसे की वापसी

इतनी बड़ी लूट की रकम वापस बैंक को मिल पाएगी, इस की उम्मीद कम ही है, क्योंकि यह सारा पैसा कई माध्यमों से अलगअलग देशों में भेज दिया गया है. इन सारे देशों के कानून किसी बाहरी बैंक को अपने अंदरूनी सिस्टम की जांच की इजाजत कानूनी तौर पर नहीं दे सकते. बंगलादेश सैंट्रल बैंक के मुताबिक यह सारा पैसा सब से पहले फिलीपींस के रिजाल कमर्शियल बैंकिंग कोर्प में पहुंचा. इस बैंक की एक ब्रांच में पैसा 4 हिस्सों में भेजा गया. यहां पर कुछ पैसा स्थानीय मुद्रा में बदला गया. इसी बैंक में एक शख्स ने लूट के पैसे की बड़ी रकम नकद भी ली थी, मगर जिस दौरान पैसा लिया जा रहा था, बैंक के सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे थे. इस से बैंक के पास नकद लेनदेन का कोई प्रमाण नहीं है. इस के बाद पैसा कैसीनो के बीच में बांट दिया गया. चूंकि फिलीपींस के कैसीनो सैक्टर में कोई पारदर्शिता नहीं है और न ही ये ऐंटी मनी लौंड्रिंग नियमों के तहत आते हैं, इसलिए इन्हें पैसा वापस करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता.

भारत के लिए खतरा

वैसे तो देश को आईटी के विशेषज्ञों के मुल्क के रूप में ख्याति प्राप्त है, लेकिन इस का मतलब यह नहीं है कि भारत साइबर हैकिंग के खतरों से महफूज है. इस बारे में अध्ययन करने वाले एक संगठन पीडब्लूसी इंडिया ने शेयर बाजार में अधिसूचित देश की 50 बड़ी कंपनियों की आईटी सुरक्षा संबंधी तैयारियों का हाल में अध्ययन किया था. इस अध्ययन से पता चला कि इन ज्यादातर कंपनियों में आईटी सुरक्षा में काफी लूपहोल हैं, जिन का फायदा साइबर लुटेरे उठा सकते हैं.

उल्लेखनीय है कि इन कंपनियों के आईपी ऐड्रैस और ईमेल तक हैक हो चुके हैं. इस बारे में पीडब्लूसी इंडिया का कहना था कि हैकर बड़ी कंपनियों के आईटी से जुड़े सूचना तंत्र की लगातार निगरानी करते रहते हैं. वे उन के कर्मचारियों के ईमेल या सोशल नैटवर्किंग प्लेटफौर्म जैसे कि व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए कंपनी के सिस्टम में सेंध लगाने की कोशिश करते हैं. अगर कंपनियों ने अच्छे प्रबंध नहीं किए हों, तो हैकर उन के सिस्टम में सेंध लगाने में कामयाब हो जाते हैं. चूंकि अब भारतीय कंपनियों का पूरी दुनिया में व्यापार और लेनदेन बढ़ रहा है, इसलिए उन पर साइबर हमलों की आशंका भी काफी ज्यादा बढ़ गई है.

हैकिंग के कई सुबूत

माना जाता है कि वर्ष 2015 में पूरी दुनिया में कुल 56 लाख साइबर हमले हुए, जिन से 2 करोड़ से ज्यादा लोग प्रभावित हुए. एक साइबर हमले में तो 2 करोड़ लोगों के नाम, घर के पते और सोशल सिक्योरिटी नंबर तक हैकरों ने उड़ा लिए. साल 2015 में हैकरों ने जो उत्पात मचाए, उन में कुछ घटनाओं को बेहद उल्लेखनीय माना जाता है. जैसे, ऐंड्रौयड फोनों में गड़बड़ी पैदा कर देने वाला मालवेयर (एक तरह का वायरस) ‘स्टेजफ्राइट.’ जुलाई, 2015 में दुनिया में स्टेजफ्राइट के जरिए हैकरों ने ऐंड्रौयड के औपरेटिंग सिस्टम पर हमला बोल दिया था. इस में ऐंड्रौयड फोन उपभोक्ताओं को पता ही नहीं चला कि उन के फोन में स्टेजफ्राइट के कारण कई समस्याएं पैदा हो गई हैं. इस से दुनिया के करीब 1 अरब लोगों के ऐंड्रौयड फोन में समस्याएं आईं. शोधकर्ताओं का कहना है कि ऐंड्रौयड फोन की सुरक्षा को चुनौती देने वाली यह अब तक की सब से बड़ी हैकिंग की घटना थी.

अगस्त, 2015 में कंप्यूटर सौफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी मोजिला ने अपने उपभोक्ताओं को चेताया कि वे एक रूसी वैबसाइट पर फायरफौक्स से जुड़े विज्ञापनों के झांसे में न आएं, क्योंकि उस के माध्यम से हैकर कंप्यूटरों में घुसपैठ कर के फाइलें चुरा सकते हैं. मोजिला ने बाद में बयान जारी किया कि हैकिंग की इस कोशिश से डैस्कटौप रखने वाले उस के उपभोक्ताओं को कुछ समस्याएं हुई थीं.

एप्पल को मिली चुनौती

वैसे तो कंप्यूटर कंपनी एप्पल अपने उत्पादों को हैकिंग और कंप्यूटर वायरस के हमलों से बचाने का दावा करती है, लेकिन 2015 में कुछ हैकरों ने डीवाईएलडी नामक प्रोग्राम के माध्यम से एप्पल के कंप्यूटरों व फोनों में समस्याएं पैदा कर दीं.

जनरल मोटर्स को भी झटका

कार बनाने वाली मशहूर कंपनी ‘जनरल मोटर्स’ को भी हैकरों ने 2015 में एक बड़ा झटका दिया. 29 वर्ष के एक हैकर सैमी कैमकर ने इस कंपनी की कारों के ‘औनस्टार सिस्टम’ को हैक करने वाली एक डिवाइस बना कर दिखा दिया कि कैसे 100 डौलर की इस डिवाइस की मदद से वह इस कंपनी की किसी भी कार को बिना चाबी अनलौक कर सकता है.

हैकिंग का जवाब हैकिंग

अब दुनिया के कई देश हैकिंग का मुकाबला करने के लिए हैकिंग का ही सहारा लेने लगे हैं. इस किस्म के जवाबी प्रहार या बचाव को ‘एथिकल हैकिंग’ कहा जाता है. भारत के सरकारी और रक्षा प्रतिष्ठानों पर भी चूंकि साइबर हमले बढ़े हैं, इसलिए जवाबी हैकिंग से इन का सामना करने की रणनीति अपनाई गई है. जैसे, हैकरों के 2 भारतीय समूहों ने पिछले अरसे में पड़ोसी देश पाकिस्तान और खाड़ी के कुछ देशों के सरकारी प्रतिष्ठानों पर साइबर हमले किए हैं.

इस बारे में इकनौमिक टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, हैकरों के 2 समूहों ‘शक्ति कैंपेन’ और ‘वीवीवी’ ने स्पीयर फिशिंग नामक साइबर हमलों में पाकिस्तान और सऊदी अरब के सरकारी प्रतिष्ठानों की वैबसाइट को निशाना बनाया. ईंट का जवाब पत्थर से देने की नीति के तहत इन समूहों ने संबंधित देशों के लक्षित किए गए व्यक्तियों को अटैचमैंट वाली फाइलें भेजीं. इन फाइलों को खोलने पर उन के कंप्यूटर हैकरों के कब्जे में आ जाते हैं.

इस बारे में कहा जाता है कि पाकिस्तान से लगातार साइबर हमले होने की वजह से उन का मुकाबला करने के लिए ये हैकर समूह खड़े किए गए. जैसे पिछले साल (2015 में) छत्तीसगढ़ सरकार की वैबसाइट विदेशी हैकरों ने हैक कर ली, तो उस के जवाब में दुश्मन विदेशी सरकार की 4 वैबसाइटों को निशाना बनाया गया.           

सस्ता हो गया ऑनलाइन टिकट बुकिंग

आईआरसीटीसी वेबसाइट के जरिये ट्रेन टिकट की ऑनलाइन बुकिंग सस्ती हो गई है. सरकार ने नोटबंदी के मद्देनजर नकद रहित लेन-देन को प्रोत्साहित करने के लिए सेवा कर से छूट देने का फैसला किया है. यह छूट दिसंबर तक रहेगी.

रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 23 नवंबर से 31 दिसंबर तक आईआरसीटीसी की वेबसाइट के जरिये टिकट बुकिंग पर सेवा कर नहीं लगेगा. आईआरसीटीसी के जरिये टिकटों की बुकिंग पर स्लीपर क्लास के लिए 20 रुपये और एसी क्लास के लिए 40 रुपये चार्ज लगता है. ऑनलाइन बुकिंग के जरिये नकद रहित लेन-देन को प्रोत्साहित करने के इरादे से सेवा कर से छूट दी गई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 8 नवंबर को काले धन पर लगाम लगाने के उद्देश्य से 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को अवैध घोषित करने के बाद से यात्रियों को बुकिंग खिड़की से टिकट खरीदने में नकदी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. सरकार ने हालांकि यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे बुकिंग खिड़की से टिकट खरीदने और रेलवे द्वारा मान्यता प्राप्त रेस्तरां से खाद्य सामग्री खरीदने पर 24 नवंबर तक पुराने अमान्य नोट स्वीकार किए जाने की छूट भी दी है.

काला धन रखने वालों पर कसा शिकंजा

कालेधन के खिलाफ जंग में सरकार को एक और सफलता मिली है. विदेशों में काला धन जमा करने वालों की खबर सरकार तक अब आसानी से पहुंच सकेगी. भारत और स्विट्जरलैंड ने ऑटोमैटिक एक्‍सचेंज ऑफ इंफोर्मेशन के लिए समझौते पर हस्‍ताक्षर किए हैं. इस समझौते के तहत सितंबर 2019 के बाद भारत को स्विस बैंक में भारतीय खाताधारकों की जानकारी मिलना शुरू हो जाएगा.

वित्‍त मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि सितंबर 2019 से भारत के लिए यह संभव होगा कि उसे भारतीय नागरिकों द्वारा 2018 में स्विस बैंकों के साथ किए गए प्रत्‍येक लेन-देन की जानकारी ऑटोमैटिक आधार पर मिलने लगेगी.

मोदी सरकार की प्राथमिकता विदेशों में जमा कालेधन को वापस लोना है और दोनों देशों के बीच इस समझौते से इस लक्ष्‍य को हासिल करने में काफी मदद मिलेगी.

इस साल की शुरुआत में वित्‍त मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि उसके पास भारतीयों द्वारा स्विस बैंक में जमा किए गए कालेधन के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है.

हाल ही के वर्षों में सरकार ने कालेधन से निपटने के लिए कई प्रभावकारी कदम उठाए हैं. जिसमें नया कानून ब्‍लैकमनी (अनडिसक्‍लॉज्‍ड फॉरेन इनकम एंड असेट) एंड इम्‍पोजिशन ऑफ टैक्‍स एक्‍ट 2015 को भी लागू किया गया है.

सरकार ने इस नए कानून के लिए एक बारगी तीन माह के लिए सिंगल विंडो की सुविधा दी थी, जिसमें 648 लोगों ने स्‍वघोषणा के जरिये 4,164 करोड़ रुपए के कालेधन का खुलासा किया था.

बॉल टेम्परिंग में फस सकते हैं कोहली!

इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में खेला गया पहला टेस्ट मैच ड्रॉ रहा था लेकिन इस मैच को लेकर टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान विराट कोहली के लिए एक बुरी खबर आ रही है. एक ब्रिटिश टैबल्वॉयड में छपी खबर के मुताबिक कोहली पहले टेस्ट में बॉल टेम्परिंग कर रहे थे.

इतना ही नहीं एक वीडियो भी जारी किया गया है जिसमें कोहली को गेंद चमकाते हुए देखा जा रहा है. इस विडियो के जरिये यह दावा किया जा रहा है कि कोहली ने साउथ अफ्रीकी कप्तान फॉफ डु प्लेसिस की तरह ICC के नियमों की उलंघन किया है.

वीडियो में विराट अपने मुंह में रखे च्यूंगम को गेंद पर रगड़ रहे हैं और गेंद को चमकाने की कोशिश कर रहे हैं. ठीक इसी तरह से साउथ अफ्रीका के कप्तान फॉफ डु प्लेसिस भी करते पाए थे और उन्हें आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.2.9 के तहत दोषी करार दिया गया.

कोहली और डु प्लेसिस का बॉल को शाइन करने का तरीका एक ही है. ऐसे में विराट कोहली पर भी आर्टिकल 2.2.9 जैसे चार्ज लग सकता है. हांलाकि आईसीसी ने इस मामले को लेकर किसी तरह की कोई टिप्पणी नहीं की है.

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट सीरीज के दूसरे मैच में डु प्लेसिस को बॉल टेम्परिंग का दोषी पाया गया है. एक विडियो के जरिए यह बात सामने आई थी कि डु प्लेसिस के मुंह में कोई मीठी चीज है और वह उसे गेंद पर लगा कर उसे चमका रहे हैं. हालांकि डु प्लेसिस को तीसरा टेस्ट खेलने की इजाजत तो मिल गई है, लेकिन मैच फीस का कुछ हिस्सा दंड के रूप में काटा जाएगा.

इन एंड्रॉयड फोन में नहीं चलेगा गूगल प्ले स्टोर

अगले साल की शुरुआत कई एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए निराशा भरी हो सकती है. गूगल ने एंड्रॉयड के पुराने वर्जन से गूगल प्ले स्टोर का सपोर्ट खत्म करने का ऐलान किया है. ऐसा इसलिए क्योंकि पुराने होने की वजह से उन वर्जनों पर प्ले सर्विस का फ्रेमवर्क काम करना बंद कर देगा. जाहिर है अगर एंड्रॉयड में गूगल प्ले स्टोर नहीं होगा तो ऐप डाउनलोड नहीं कर सकते.

अगले साल गूगल प्ले स्टोर का नया वर्जन 10.2.0 का अपडेट आएगा और इसके बाद एंड्रॉयड के पुराने वर्जन जिंजरब्रेड और हनीकॉम्ब पर चलने वाले स्मार्टफोन से गूगल प्ले स्टोर बंद हो जाएगा.

2017 से गूगल प्ले स्टोर सिर्फ उन्हीं एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में चलेगा जिनमें आइसक्रीम सैंडविच 4.0.1 या उनसे ऊपर के वर्जन होंगे. गौरतलब है कि इन दुनिया में इन एंड्रॉयड वर्जन यूज करने वाले स्मार्टफोन अब 1.5 फीसदी से भी कम हैं. एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि दुनिया भर में 1.3 फीसदी एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में जिंजरब्रेड वर्जन है जबकि सिर्फ 0.3 फीसदी एंड्रॉयड डिवाइस में ही नया वर्जन नूगट 7.0 चल रहा है. यानी पुराने एंड्रॉयड पर चलने वाले स्मार्टफोन की तादाद 7.0 से काफी ज्यादा है.

गूगल ने अपने डेवलपर ब्लॉग पोस्ट में कहा है, 'जिंजरब्रेड लगभग छह साल पुराना एंड्रॉयड वर्जन है . कई एंड्रॉयड डेवेलपर्स ने पहले से ही जिंजरब्रेड से अपने ऐप का सपोर्ट बंद कर दिया है. ऐसा बेहतर और और नई क्षमताओं वाले एंड्रॉयड ऐप बनाने के मकसद से किया गया है. डेवेलपर्स की तरह हमारे साथ भी वही परिस्थिति है. ये बदलाव करके हम एंड्रॉयड डेवेलपर्स को तेज स्पीड और बेहतर टूल्स प्रदान करना चाहते हैं'.

अब बिग बाजार से मिलेगा कैश

'बिग बाजार' ने SBI के साथ मिलकर देशभर में अपने 260 स्टोर्स पर मिनी एटीएम से कैश निकालने की सुविधा शुरू की है. यह कदम तब उठाया गया जब 500 और 1,000 के नोटों के बंद होने के बाद व्यवसायों में मंदी आ गई. फ्यूचर ग्रुप के संस्थापक किशोर बियानी ने ट्वीट किया, 'गुरुवार से कोई भी बिग बाजार में डिबिट कार्ड का प्रयोग करके 2000 रुपये निकाल सकता है.'

यह कदम मार्केट और अन्य जगहों पर सेल बढ़ाने के लिए सार्थक साबित होगा. उनका कहना है कि नोटबंदी के बाद ऑनलाइन पेमेंट को बढ़ावा मिल रहा है और इससे कैश की आदत कम हो जाएगी. इससे डिजिटल पेमेंट बढ़ जायेंगे.

नोटबंदी के बाद बैंकों और एटीएम के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं. हालांकि बैंकों का दावा है कि धीरे- धारे ये कतारें छोटी हो रही हैं. कैश की किल्लत को दूर करने के लिए पहले पेट्रोल पंप पर कैश देने का फैसला किया गया और इसके बाद बिग बाजार में भी यह कदम उठाया जा रहा है.

iPhone यूजर हो जाएं सतर्क, क्रैश हो सकता है फोन

इस समय ऑनलाइन एक ऐसा प्रैंक वीडियो वायरल हो रहा है जिसे iPhone पर चलाते ही वह फोन को स्‍लो कर देता है, जब तक कि फोन क्रैश ना हो जाए.

बताया जा रहा है कि यह तीन सेकेंड की MP4 क्लिप है. इसमें कोई बेड के पास खड़ा दिखता है और स्‍क्रीन पर 'हनी' लिखा दिखाई देता है.

एक बार यह क्लिप चलाने पर iPhone कुछ सेकेंड्स के लिए तो यूज किया जा सकता है लेकिन फिर वह धीमा होने लगता है और अंत में शट डाउन हो जाता है. यह iPhone 4 से लेकर iPhone7 तक को क्रैश कर सकता है.

हालांकि कई मामलों में शटडाउन के बाद फिर से फोन को चलाए जाने में सफलता हासिल हुई है लेकिन कई हमेशा के लिए शटडाउन हो गए हैं.

विशेषज्ञ यह पता नहीं लगा पा रहे हैं कि आखिर इस वीडियो के कारण क्‍यों फोन शटडाउन हो रहा है पर कयास लगाए जा रहे हैं कि इस वीडियो में कोई बग है जिस वजह से iPhone क्रैश हो रहा है.

गौरतलब है कि इस तरह का प्रैंक पिछले साल भी टेक्‍स्‍ट मैसेज के तौर पर आया था. फिर इस साल जनवरी में एक वेबसाइट, crashsafari.com के जरिए प्रैंक आने की बात कही गई थी.

अगर आप गलती से इस लिंक पर चले जाएं तो एक बार फोन को रीबूट जरूर करें क्‍योंकि इससे आपका फोन फिर से ऑन हो सकता है.

8 साल बाद पार्थिव की टीम में वापसी, गंभीर बाहर

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही 5 टेस्ट मैचों की सीरीज के दूसरे टेस्ट मुकाबले में 246 रनों से शानदार जीत दर्ज करने के बाद तीसरे टेस्ट से पहले टीम इंडिया को एक और बड़ा झटका लगा है.

टीम इंडिया के विकेटकीपर बल्लेबाज रिद्धीमन साहा चोटिल होने की वजह से तीसरे टेस्ट मुकाबले से बाहर हो गए हैं. रिद्धीमन साहा को थाई स्ट्रेन की वजह से टीम से बाहर होना पड़ा है. साहा की जगह विकेटकीपर पार्थिव पटेल को टीम इंडिया के साथ जोड़ा गया है.

इससे पहले बीते दिन ही बीसीसीआई ने अगले तीन टेस्ट मुकाबलों के लिए 16 सदस्यीय टीम का ऐलान किया था जिसमें साहा को जगह दी गई थी. पीठ की चोट से उबरने वाले तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की इंग्लैंड के खिलाफ अंतिम तीन टेस्ट के लिए भारत की 16 सदस्यीय टीम में वापसी हुई थी जबकि अनुभवी सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.

न्यूजीलैंड के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में पांच विकेट चटकाने वाले भुवनेश्वर पीठ की चोट के कारण छह हफ्ते से भी अधिक समय से क्रिकेट से दूर थे. उबरने के बाद वह मुंबई के खिलाफ रणजी ट्राफी मैच खेले. उन्होंने मैच में 36 ओवर (पहली पारी में 13 और दूसरी पारी में 23) फेंके और विकेट चटकाए.

भारतीय टीम में अब चार विशेषज्ञ तेज गेंदबाज हो गए हैं जिससे कप्तान विराट कोहली को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा. भारत के लिए 58 टेस्ट खेलने वाले 35 साल के गंभीर के अंतरराष्ट्रीय करियर को अब खत्म माना जा रहा है.

लोकेश राहुल विशाखापत्तनम में नाकाम रहे लेकिन चोट से पहले उनकी फॉर्म ने टीम प्रबंधन को उन पर निवेश करने के लिए उत्साहित किया है. टेस्ट में शीर्ष क्रम में मुरली विजय का स्थान पक्का है जबकि शिखर धवन भी फिट हो चुके हैं. धवन इसके अलावा सीमित ओवरों के प्रारूप के अहम सदस्य हैं जहां उनका रिकार्ड शानदार है.

32 वर्षीय पार्थिव पटेल पूरे 8 साल भारतीय टीम के लिए वापसी करेंगे. उन्होंने 20 टेस्ट मुकाबलों में 30 के औसत से 683 रन बनाए हैं. तीसरा टेस्ट 26 नवंबर से मोहाली में खेला जाएगा.

टीम इस प्रकार है

विराट कोहली (कप्तान), अजिंक्य रहाणे, लोकेश राहुल, मुरली विजय, चेतेश्वर पुजारा, करूण नायर, पार्थिव पटेल, रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा, जयंत यादव, अमित मिश्रा, मोहम्मद शमी, उमेश यादव, इशांत शर्मा, भुवनेश्वर कुमार और हार्दिक पंड्या.

100 साल की हुई बेगम

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का नवाबी संस्कृति के साथ बहुत पुराना रिश्ता है. यहां का हबीबुल्ला एस्टेट आज भी नवाबी संस्कृति का अदभुत उदाहरण है. हबीबुल्लाह एस्टेट की बेगम हामिदा हबीबुल्लाह के 100 साल होने पर पूरे लखनऊ ने उनको हैप्पी बर्थडे बोला. कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और कर्ण सिंह ने बेगम को जन्मदिन पर बधाई देने के लिये खत लिखे.

बेगम हामिदा हबीबुल्लाह इस उम्र में भी पूरी तरह से सक्रिय हैं. वह शहर के तमाम बड़े आयोजनों में पूरी तरह से दिखती हैं. उनके बेटे वजाहत हबीबुल्लाह ने बताया कि बेगम साहिबा की पैदाइश भले ही बहुत रवायती घराने में हुई थी पर वह जनता के लिये हर तरह के सहुलियत वाले काम करती थीं.

जब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी लखनऊ आती थी तो यहां रूकती थी. बेगम हामिदा हबीबुल्लाह उनके लिये व्यंजनो को तैयार कराती थीं. बेगम हामिदा हबीबुल्लाह ने लखनऊ के लिये बहुत सारे सामाजिक काम किये. यहां कई संस्थाओं का गठन किया. बेगम के 100 सालगिरह की पार्टी का आयोजन सूर्या आडिटोरियम में किया गया, जिसमें शहर की बड़ी हस्तियों ने हिस्सा लिया.

अवध गर्ल्स डिग्री कालेज ने बेगम के सम्मान में एक दिन का अवकाश घोषित किया. इस अवसर पर खुद बेगम हामिदा हबीबुल्लाह ने पूरे शहर का धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि मैंने जो काम किये उन सबको आगे ले जाना है. इस विरासत को संभालना ही सही मायनों में सबसे बड़ा उपहार है. इस मौके पर जार्ज बर्नाडशाह की नाटक हाउ टू लाइड टू हर हसबैंडका मंचन भी किया गया. इसके साथ ही साथ बेगम अख्तर की गजलों पर कत्थक डांस भी किया गया.

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