Download App

शशिकला नहीं बन पाएंगी तमिलनाडु की मुख्यमंत्री

19 साल पुराने आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला को दोषी ठहरा दिया है और उन्हें 4 साल की सजा सुनाई है. शशिकला से जुड़े इस मामले पर फैसला आ चुका है, इसका असर राज्य की राजनीति और पार्टी के भविष्य पर पड़ना तय है. कयास लगाए जा रहे हैं कि शशिकला पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्य में पिछले कुछ दिनों से जारी राजनीतिक उठापटक काफी हद तक शांत हो जाएगी.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उन्हें तुरंत अदालत  जाकर सरेंडर करना होगा. अब उनके  पास सिर्फ पुर्नविचार याचिका दायर करने का विकल्प है लेकिन उसमें भी समय लगेगा. अब शशिकला 10 साल तक सीएम नहीं बन पाएंगी और 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगी. आय से अधिक संपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला को चार साल की सजा सुनाई है. अब शशिकला को जेल जाना होगा. अब शशिकला के पास सरेंडर करने के अलावा कोई चारा नहीं है. अब शशिकला मुख्यमंत्री भी नहीं बन पाएंगी.

शशिकला के खिलाफ केस क्या है?

ये मामला करीब 21 साल पुराना साल 1996 का है, जब जयललिता के खिलाफ आय से 66 करोड़ रुपये की ज्यादा की संपत्ति का केस दर्ज हुआ था. इस केस में जयललिता के साथ शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों को भी आरोपी बनाया गया था. शशिकला के खिलाफ ये केस निचली अदालतों से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है.

सुप्रीम कोर्ट से पहले इस केस में क्या क्या फैसले आए थे

27 सितंबर 2014 को बेंगलूरु की विशेष अदालत ने जयललिता को 4 साल की सजा सुनाई थी. इसके अलावा जयललिता पर 100 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था. इस केस में ही शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों को भी चार साल की सजा सुनाई गई थी और 10-10 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया था. फैसले के बाद चारों को जेल भी भेजा गया था. जिसके बाद विशेष अदालत के बाद मामला कर्नाटक हाईकोर्ट पहुंचा था.

11 मई 2015 को हाईकोर्ट ने कर दिया था बरी

11 मई 2015 को हाईकोर्ट ने सबूतों के अभाव में चारों को बरी कर दिया था. हाईकोर्ट से जयललिता और शशिकला को बड़ी राहत तो मिली थी, लेकिन इसके बाद कर्नाटक की सरकार जयललिता की विरोधी पार्टी डीएमके और बीजेपी के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने चुनौती दे दी. कर्नाटक सरकार इस मामले में इसलिए पड़ी, क्योंकि 2002 में सुप्रीम कोर्ट ने केस को कर्नाटक हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर दिया था.

वीडियो शॉप चलाती थीं शशिकला

शशिकला का जन्म तंजौर जिले के मनारगुड़ी में हुआ था. शशिकला ने स्कूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी. शशिकला की शादी तमिलनाडु सरकार में पब्लिक रिलेशंस ऑफिसर रहे नटराजन से हुई. फिल्मों की शौकीन शशिकला पैसे कमाने के लिए एक वीडियो शॉप चलाया करतीं थीं. इतना ही नहीं वह आसपास के इलाकों में होने वाली शादियों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी किया करती थीं.

पति ने करवाई शशिकला-जया की मुलाकात

शशिकला के पति नटराजन कडलोर जिले की कलेक्टर वीएस चंद्रलेखा के साथ काम करते थे. चंद्रलेखा तमिलनाडु के तत्कालीन सीएम एम. जी रामचंद्रन (एमजीआर) की करीबी थीं. एमजीआर फिल्म में अपनी को-स्टार जयललिता के भी करीबी थे. भीड़ को अपनी तरफ आकर्षित करने की जया की कला से एमजीआर बेहद प्रभावित थे. इसलिए उन्होंने अपनी पार्टी AIADMK में जया को जगह दी. कलेक्टर चंद्रलेखा ने नटराजन के कहने पर एमजीआर से शशिकला और जयललिता को मिलवाने का आग्रह किया. वहीं से दोनों की दोस्ती की शुरुआत मानी जाती है.

तीन दशकों से रहते थे साथ

दोनों की दोस्ती इतनी पक्की हो गई कि साल 1988 से शशिकला जयललिता के घर पर साथ ही रहने लगीं. शशिकला के साथ उनका परिवार भी जया के घर पर ही शिफ्ट हो गया. इसके बाद शशिकला ही तय करतीं थीं कि कौन जया से मिलेगा. पार्टी से जुड़े बड़े फैसलों में शशिकला की भूमिका होती थी. इतना ही नहीं कई लोगों को पार्टी से निकालना और नियुक्त करना भी शशिकला का काम था.

दोस्ती में दो बार आई दरार

जया और शशिकला की दोस्ती में पहली बार साल 1996 में दरार आई थी, जब AIADMK को चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा था. जयललिता ने इसके लिए शशिकला के परिवारवालों की बिगड़ी छवि को जिम्मेदार बताया था. उसके बाद साल 2012 में जया ने शशिकला को पार्टी से बाहर कर दिया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शशिकला के परिवारवाले उन्हें तमिलनाडु की सीएम बनाने की योजना बना रहे थे. नाराज जया ने शशिकला के परिवारवालों को अपने घर से बाहर तक कर दिया था. हालांकि बाद में शशिकला ने माफी मांगी और उन्हें पार्टी में दोबारा जगह मिली.

100 करोड़ क्लब में शामिल हुई कैदी नं 150

हम बात कर रहे हैं बीते महीने पोंगल के अवसर पर रिलीज की गई टॉलीवुड फिल्म ‘कैदी नं 150’ की. फिल्म की रिलीज के बाद, पूरे 33 दिनों का फिल्म द्वारा किया गया 100 करोड़ का संग्रह टॉलीवुड के लिए वाकई अद्भुत है. टॉलीवुड के मेगास्टार चिरंजीवी अभिनीत फिल्म 'कैदी नं 150’ यूं तो विभिन्न कई कारणों से सुर्खियों में रही है. इस फिल्म से चिरंजीवी ने एक अच्छी वापसी की है और अब तो फिल्म 100 करोड़ रुपये भी पार कर चुकी है. सिर्फ तेलुगु भाषी स्थानों जैसे तेलंगाना आदि राज्यों में फिल्म ने 81.26 करोड़ रुपए जमा किए हैं और हर गुजरते दिन के साथ यह संग्रह बढ़ते जा रहा है.

चिरंजीवी के अलावा फिल्म में काजल अग्रवाल और तरुण अरोरा भी मुख्य भूमिकाओं में हैं. इस फिल्म से टॉलीवुड के सितारे चिरंजीवी ने एक बड़ी वापसी की है और इस फिल्म से बहुत सफलता भी हासिल की है.

सूत्रों का कहना है कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बेहद सफल रही है, बावजूद इसके कि कई फिल्में इस फिल्म के साथ प्रतिस्पर्धा कर रही हैं. निर्देशक वी वी विनायक द्वारा निर्देशित और राम चरण द्वारा निर्मित है यह फिल्म तीन सप्ताह से भी कम समय में वर्ल्ड वाइड 100 करोड़ जमा करने वाली फिल्मों की सूची में अपना नाम दर्ज करा चुकी है.

गुरदास मान के गाने ‘पंजाब’ में दिखाई इन 20 बातों पर ध्यान गया आपका?

पंजाबी गायक गुरदास मान का गाना ‘पंजाब’ धूम मचा रहा है. यूं तो इस गाने में बालक भगत सिंह को आज के पंजाब के हालात दिखाए जा रहे हैं, मगर हकीकत में पूरे देश की हालत ऐसी ही है.

लॉन्च होने के कुछ ही घंटों बाद यूट्यूब पर लाखों लोगों द्वारा देखा जा चुका यह गाना इसलिए भी हिट हुआ है, क्योंकि इसमें बहुत सारी बातों की तरफ इशारा किया गया है.

जिन लोगों को पंजाबी नहीं आती, अगर वे नहीं समझ पाए कि इस गाने में क्या संदेश है, तो यह लेख उनकी मदद करेगा. बाकी लोग भी देख सकते हैं कि इस गाने में किन 20 बातों की तरफ इशारा किया गया है. शायद आपका ध्यान इस तरफ न गया हो.

1. फुकरापंथी. बाइक का क्रेज और हेलमेट तक न लगाना.

 2. सेलफोन अडिक्शन. ग्रुप में बैठे होकर भी फोन में डूबे है सब.

3. जंक फूड

4. शो ऑफ में हथियारों का शौक (हाल में पंजाब में डांसर को गोली मारने वाली घटना)

5. लड़कियों से छेड़खानी करते युवक

6. मारपीट और गुंडागर्दी

7. इंजेक्शन (स्डेरॉयड) से बॉडी बिल्डिंग.

8. सिरफिरे शख्स का लड़कियों पर ऐसिड अटैक

9. बैड पैरंटिंग. बच्चों के सामने शराब पीना.

10. युवाओं, खासकर महिलाओं में भी स्मोकिंग और ड्रिंकिंग का चलन, जिससे गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा अशर होता है. इसमें बच्चे को दवाओं पर निर्भर दिखाया गया है.

11. खेतों में पेस्टीसाइड और खाद का प्रयोग जो सीधा खाने में असर डालता है. खेतों से सीधे पेस्टीसाइड कैसे खाने की थाली मे पहुंचते हैं, खूबसूरती से दिखाया है.

12. दूध बढ़ाने के लिए गायों-भैंसों को इंजेक्शन लगाए जाते हैं

13. प्रदूषण इतना है कि प्राकृतिक कुओं का पानी भी पाने लायक नहीं रहा

14. चिट्टा यानी स्मैक, हेराइन आदि की गिरफ्त में पंजाबी युवा

 15. खेल और खिलाड़ी भी अब नहीं रहे. बुजुर्ग आज के युवाओं से ज्यादा ताकतवर हैं.

16. युवक नशे की गिरफ्त में बेकार हो गए हैं, जिम्मेदारियां बेटियां निभा रही हैं.

17. लोगों मे बढ़ती संवेदनहीनता, पार्टीबाजी और प्रदर्शन के बीच रोगी वाहनों को भी रास्ता नहीं दिया.

18. धर्म में सिखाई अच्छी बातों का मान-सम्मान करना भूल गए हैं लोग.

 19. शहीदों तक को भुला दिया गया है. साथ ही गंदगी फैलाने की आदत लोगों की.

20. बच्चों में स्मार्टफोन वगैरह का अडिक्शन, जो पैरंट्स ही लगाते हैं. बच्चे तंग न करें तो फोन पकड़ा देते हैं.

इतना सार्थक और गंभीर संदेश वाला गाना शायद ही पहले बना हो. जहां आज के पंजाबी स्टार नशा करने और फुकरापंथी को अपनी शान दिखाने वाले गाने निकालते हैं, उनके बीच मान साहब का यह गाना वाकई एक मिसाल है. 

बुलबुल अब आती नहीं हैं

दरख्तों पे बुलबुल अब आती नहीं हैं

नगमे मुहब्बत के गाती नहीं हैं

सहमती हैं किरणें उतरते सुबह की

कलियों को अब गुदगुदाती नहीं हैं

भौंरे भी अब गुनगुनाते नहीं हैं

तितलियां भी ठुमके लगाती नहीं हैं

रूठे से हैं काहे शबनम के मोती

क्यों सजाने जमीं को अब आते नहीं हैं

महलों में हैं दफ्न दरवाजों की जड़ें

पंछी तभी आतेजाते नहीं हैं

करते हुए मां से हाथापाई हम

जाने क्यों लजाते नहीं हैं.

– पूनम रानी

दरवाजा

घर बहुत बड़ा था

लेकिन दरवाजा

बहुत छोटा

धूप, हवा, बारिश

सब का आना था मना

घर में रहते थे

बस चंद लोग

एकदम अपरिचित

जैसे रेलगाड़ी के

किसी डब्बे में

बैठे हों अजनबी

खटखटाया बहुत

दरवाजा उस ने

भूखीप्यासी थी

प्यार की वह

खुला न फिर भी

वह बंद दरवाजा

तंग दिल और तंग दरवाजे

ऐसे ही तटस्थ रहते हैं

धड़ाक से बंद हो जाते हैं इन के कपाट

मात्र चाहने वालों के

दुखों की गंध से.

 

– डा. कुसुम नैपसिक

बच्चों के मुख से

मैं अपने 6 वर्षीय बेटे को हिंदी का एक पाठ ‘जीवित कौन है’ पढ़ा रही थी. उस में कुछ इस तरह लिखा था कि मरते सब हैं. जो पैदा हुआ है उसे मरना भी होगा पर मरनेमरने में फर्क भी होता है. जब महात्मा गांधी मरे तो सारी दुनिया रो पड़ी क्योंकि जो सच्चे और दयालु आदमी होते हैं वे दूसरों के लिए भी जीते हैं. दूसरों के लिए जीना ही सच्चा जीना है और दूसरों के लिए मरना ही सच्चा मरना है.

पूरा पाठ पढ़ने के बाद मेरे बेटे ने तपाक से कहा, ‘‘मम्मी, मैं भी दूसरों के लिए जीऊंगा.’’ भले ही उसे इन सब बातों की समझ न हो, लेकिन फिर भी मुझे उस के कहे शब्द सुन कर उस की बालसुलभ सोच पर गर्व महसूस हुआ.       

सुनीता डबास

*

हमारे बड़े भाई की 2 लड़कियां हैं. बड़ी लड़की की शादी गाजियाबाद में जा कर की. जिस समय बड़े भाई की लड़की की शादी थी, उसी समय चाचाजी के सब से छोटे लड़के की पत्नी की, औपरेशन द्वारा, लड़की पैदा हुई, जिस के कारण उन का परिवार गाजियाबाद नहीं जा सका.

हम लोग जब शादी से लौटे तो चाचा के बड़े लड़के का 7 वर्षीय पुत्र, जिस का नाम सोभित है, से कहा कि तुम शादी में नहीं गए. वहां खूब मिठाइयां व आइस्क्रीम थीं. खैर, कोई बात नहीं, अगले साल शादी में चलना. बात सुन कर उस ने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया कि अगले साल फिर बच्चा पैदा हुआ तो? यह बात सुन सभी लोग हंसने लगे.

राजेंद्र कुमार

*

मैं अपने भतीजे के यहां एक विवाह में गई थी. जब गांव के लोग भोज के लिए आने लगे तो मेरा 4 वर्षीय पुत्र दौड़ कर एक पत्तल ले कर बैठ गया. जब खाना परोसना शुरू हुआ तो वह हर चीज को पहले अपने पत्तल पर डालने के लिए आवाज लगाता. वह इस तरह का भोज पहली बार देख रहा था. उस की हर हरकत पर गौर कर रहे मेरे भैया ने पूछा, ‘‘क्यों आदर्श, बहुत जोर की भूख लगी है क्या?’’ वह बोला, ‘‘नहीं मामाजी, भूख तो ज्यादा नहीं लगी है, लेकिन इतने सारे लोग खाना खाने आए हैं, अगर खाना खत्म हो गया तो मैं क्या खाऊंगा?’’

उस के इस मासूमियतभरे जवाब को सुन कर लोगों को हंसी आ गई.    

मीनाक्षी अरविंद कुमार

तो घट गई आईफोन की बिक्री

नोटबंदी के कारण जहां एक तरफ देश की कई कंपनियों को भारी नुकसान हुआ है, तो वहीं विदेशी कंपनियां भी नोटबंदी के प्रभाव से अछूते नहीं हैं. नोटबंदी के कारण ऐपल के आईफोन के रेवेन्यु और सेल दोनों में ही भारी गिरावट हुई है.

अक्टूबर-नवंबर धमाकेदार सेल होने से तिमाही की अच्छी शुरुआत हुई थी. एक अंग्रेजी बिजनेस अखबार के मुताबिक, नोटबंदी से पहले जहां बड़ी संख्या में आईफोन खरीदे जा रहे थे, वहीं नोटबंदी के बाद कैश की किल्लत के कारण आईफोन की बिक्री में भारी गिरावट आई है.

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कैलिफॉर्निया स्थित ऐप्पल ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 8 से 9 लाख आईफोन भारत भेजे थे. रिटेलर्स के मुताबिक, नोटबंदी के बाद से स्मार्टफोन की सेल में 30-35 फीसदी की गिरावट हुई है, वहीं ऐप्पल की विकास दर में 50 फीसदी की गिरावट हुई.

ये 5 ऐप बना देंगे आपके वैलेंटाइन डे को खास

वैलेंटाइन डे हर प्यार करने वाले के लिए खास होता है. इस बार अपने वैलेंटाइन डे को और खास बनाने के लिए आप अपने फोन में कुछ खास ऐप्स डाउनलोड कर सकते हैं. ये सभी ऐप्स खासतौर से वैलेंटाइन डे के लिए डिजाइन किए गए हैं. आईओएस और एंड्रॉयड के लिए मौजूद ये ऐप्स आपके वैलेंटाइन डे को यादगार बना देंगे.

वैलेंटाइन डे फोटो फ्रेम्स (Valentine Day Photo Frames)

इस ऐप की मदद से आप अपने पार्टनर के लिए लव फ्रेम्स के साथ एक एक्सक्लूसिव फोटो तैयार कर सकते हैं. इस ऐप में बहुत से रोमांटिक और खूबसूरत फ्रेम्स के ऑप्शन मौजूद हैं. आपको करना सिर्फ इतना होगा कि अपनी और अपने पार्टनर की एक-एक फोटो सिलेक्ट कर फ्रेम में फिट करनी होगी. इस फ्रेम में आप अपने पार्टनर के लिए प्यार भरा कोई कलरफुल मैसेज भी ऐड कर सकते हैं. इस ऐप की मदद से बनाए गए इस प्यारे से फोटो फ्रेम को फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर आदि पर भी शेयर करने का ऑप्शन है.

वैलेंटाइन डे स्पेशल (Valentines Day Special)

इस ऐप में आपको वैलेंटाइन डे से जुड़ी बहुत सी चीजें एक साथ मिलेंगी. यानी बहुत सारे ऐप्स डाउनलोड करने का झंझट ही नहीं रहेगा. इस ऐप पर आपको लव टेस्टर, रोमांटिक एसएमएस मेसेज, प्यार पर खूबसूरत कविताएं, राशिफल आदि के अलावा और भी बहुत कुछ मिलेगा. इतना ही नहीं इस ऐप में उन सिंगल लोगों के लिए भी टिप्स हैं, जिन्हें इस साल कोई पार्टनर नहीं मिल पाया है.

लव क्विज (Love Quiz)

इस ऐप को खासतौर से वैलेंटाइन डे को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. आप दोनों इस ऐप में दी गई क्विज को एक साथ बैठकर सॉल्व कर सकते हैं. यह बहुत ही मजेदार है. यह ऐप आप दोनों को एक-दूसरे के बारे में और बेहतर तरीके से जानने में मदद करेगी. वैसे तो यह ऐप भी फ्री है, लेकिन इस ऐप में कुछ क्विज ऐसी हैं, जिन्हें खरीदना पड़ता है.

टच मी लव यू (Touch Me Love You)

ग्रीटिंग कार्ड्स एक्सचेंज करने का जमाना गुजरा नहीं है. आप चाहें तो इस फ्री ऐप की मदद से अपने पार्टनर के लिए खुद एक प्यारा सा ग्रीटिंग कार्ड तैयार कर सकते हैं. इस ऐप में वैलंटाइन थीम वाले बहुत से टेम्पलेट्स और डिजाइन मौजूद हैं, जिनकी मदद से आप ग्रीटिंग कार्ड को बेहतरीन बना सकते हैं.

आई हर्ट रेडियो फ्री म्यूडिक ऐंड रेडियो (iHeartRadio Free Music & Radio)

म्यूजिक से बेहतर आपके इमोशंस को शायद ही कोई और बयान कर पाए. तो इस वैलेंटाइन डे पर आप यह ऐप डाउनलोड कर सकते हैं. इस ऐप में आपको हर तरह के गाने मिलेंग. रोमांटिक, स्लो, नए-पुराने जिन्हें आप अपनी पसंद के हिसाब से चुन सकते हैं. यह ऐप बहुत सारे डिवाइसेज को सपोर्ट भी करता है. इसकी मदद से आप इस ऐप को टीवी पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं. थोड़ा और रोमांटिक फील कराने के लिए इस ऐप में बड़ा सा दिल का आइकन गानों के साथ धड़कता रहता है.

जब पूरी टीम को मिला था ‘मैन ऑफ द मैच’

क्रिकेट एक ऐसा खेल है, जिसमें कभी भी कुछ भी हो सकता है. इसलिए इस खेल को अनिश्चितताओं का खेल कहा जाता है. इस खेल में अंत तक कुछ भी कह पाना नामुमकिन हो जाता है. आखिरी गेंद में क्या हो जाए, ये कोई भी नहीं जानता. और इसी क्रिकेट के इतिहास में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिसे देखने के बाद आप इस बात से पूरी तरह सहमत हो जाएंगे.

जिन लोगों को क्रिकेट के इतिहास को लेकर जानकारी है, उन्हें ये पता होगा कि एक ही टीम के या विपक्षी टीम के दो खिलाडिय़ों को मैन ऑफ द मैच मिलना कई मैचों में हुआ है. लेकिन क्या आपको पता है कि क्रिकेट के इतिहास में ऐसे भी मैच हुए हैं, जिसमें एक या दो नहीं, बल्कि पूरी टीम को मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया है.

दरअसल 15 से 18 जनवरी 1999 में दक्षिण अफ्रीका और वेस्‍टइंडीज के बीच पांचवां और आखिरी टेस्‍ट मैच खेला गया था. जिसमें दक्षिण अफ्रीका ने वेस्‍टइंडीज को 351 रनों से हराया था और श्रृंखला 5-0 से जीत लिया था. इस मैच में सभी दक्षिण अफ्रीकी खिलाडियों को मैन ऑफ द मैच चुना गया था और मैन ऑफ द सीरीज कैलिस को चुना गया था. उस समय के दक्षिण अफ्रीकी कप्‍तान हैंसी क्रोनिये ने कहा था कि ये पूरी टीम के योगदान से जीत मिली है. इसलिए सभी को ये अवॉर्ड मिलना चाहिए.

 मैन ऑफ द मैच

गैरी कर्स्टन, हर्शल गिब्स, जैक्स कैलिस, जॉन कलिनन, जोहानिस क्रोन्ये, जोनाथन नील रोड्स,शॉन पोलक, मार्क बाउचर, लांस क्लूजनर, एलन डोनाल्ड, पॉल एडम्स.

मेरे चेहरे पर बहुत पिंपल्स हो गए हैं और चेहरे की रंगत भी काली पड़ गई है. कोई उपाय बताएं.

सवाल

मैं 15 वर्षीय छात्रा हूं. मेरी समस्या यह है कि मेरे चेहरे पर बहुत पिंपल्स हो गए हैं और चेहरे की रंगत भी काली पड़ गई है. आप ऐसा कोई उपाय बताएं, जिस से चेहरा साफ हो जाए और चेहरे पर ग्लो आ जाए?

जवाब

चेहरे पर पिंपल्स होने का कारण धूलमिट्टी व प्रदूषण के संपर्क में आने के अलावा खानपान में बदपरहेजी व हारमोनल बदलाव होता है. चेहरे से पिंपल्स हटाने के लिए चेहरे पर मेथी के पत्तों का फेसपैक लगाएं. अगर मेथी के पत्ते उपलब्ध न हों तो मेथी के बीजों को भिगो कर पीस कर भी उस का फेस पैक बना कर चेहरे पर लगा सकती हैं. पैक को 15-20 मिनट चेहरे पर लगा रहने दें व सूखने पर ठंडे पानी से धो लें. इस के अतिरिक्त पिंपल्स वाले स्थान पर नीबू का रस लगाएं.

चेहरे की रंगत निखारने के लिए कच्चा दूध चेहरे पर लगाएं. इस के अलावा दूध में हलदी मिला कर चेहरे पर लगाने से भी चेहरे पर निखार आता है. नारियल पानी भी चेहरे की रंगत निखारने में मदद करता है. नारियल पानी को चेहरे पर लगाएं व सूखने पर ठंडे पानी से धो लें. इस के अलावा चेहरे की रंगत निखारने के लिए धूप में निकलने से पहले चेहरे पर एसपीएफ युक्त सनस्क्रीन लगाना न भूलें.

 

अगर आप भी इस समस्या पर अपने सुझाव देना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में जाकर कमेंट करें और अपनी राय हमारे पाठकों तक पहुंचाएं.

अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिएसब्सक्राइब करें